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                <title> जनता जल योजना का इंतजार, प्यासे सीमलिया के बाशिंदे </title>
                                    <description><![CDATA[आजादी के 80 साल बाद भी गांव में नहीं पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waiting-for-the-janta-jal-yojana--thirsty-residents-of-simaliya/article-146223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)10.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। कनवास उपखंड की ग्राम पंचायत बांस्याहेड़ी के सीमलिया गांव के ग्रामीण आजादी के लगभग 80 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इस बीच कई सरकारें आई और गई। हर चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों ने कई वादे और दावे किए। लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई वादा पूरा होता नहीं लग रहा। सरकार विकास और जल जीवन मिशन के तहत हर गांव में साफ पीने का पानी पहुंचाने के दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि आज तक इस गांव के लोग पेयजन की सुविधा से वंचित हैं। गांव में लंबे समय से पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमलिया गांव अब तक जनता जल योजना से नहीं जुड़ा है। पानी की किल्लत के चलते ग्रामीणों ने एक पुराने कुएं में सामूहिक रूप से अपनी मोटरें डाल रखी हैं और इन्हीं से किसी तरह पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। इस अस्थायी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को महंगी मोटर, पाइप, मिस्त्री की मजदूरी और बिजली बिल जैसे अतिरिक्त खर्च उठाने पड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है संकट</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी का संकट और गहरा जाता है। सीमित जलस्रोतों के कारण ग्रामीणों को रातभर पानी के लिए जागना पड़ता है। कई बार महिलाएं और बुजुर्ग देर रात तक पानी भरने के लिए कतार में खड़े रहते हैं। इससे गांव में रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।</p>
<p><strong>जनता जल योजना से जोड़ने की मांग</strong><br />ग्रामवासी मुकेश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सीमलिया को शीघ्र जनता जल योजना से जोड़ा जाए और स्थायी जल व्यवस्था की जाए। ताकि लोगों को पीने के पानी के लिए रातभर परेशान न होना पड़े।</p>
<p>ग्राम पंचायत बांस्याहेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम सीमलिया का टेंडर जारी हो चुका है। जल्द ही हर घर नल योजना के तहत कार्य प्रारंभ किया जाएगा।<br /><strong>- राकेश मीणा, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 15:16:57 +0530</pubDate>
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                <title>नई सड़क तो दूर एक साल में गड्ढे तक नहीं भर पाई सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे की मुख्य सड़क पर हो रहे गड्ढों और उखड़ी मुख्य सड़क से सीमलिया वासी और वाहन चालक खासे परेशान हो रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/forget-about-building-a-new-road--the-government-could-not-even-fill-the-potholes-in-one-year/article-99217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/6622-copy76.jpg" alt=""></a><br /><p>सीमलिया। मौजूदा भाजपा सरकार अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने का जश्न मना रही है। सरकार इस एक साल में किए गए विकास कार्यों के बढ़-चढ़ दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट हैं। हकीकत यह है कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और सड़कों की हालत पिछली सरकार से भी बुरी स्थिति में जा पहुंची है। जिन मतदाताओं ने विकास और जर्जर सड़कों की मरम्मत की आस लेकर भाजपा की सरकार बनवाई थी, उन मतदाताओं को तो अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। इसका जीता जागता नमूना सीमलिया कस्बा है। आसपास के दर्जनों गांव सीमलिया से जुड़े हुए हैं। हजारों लोगों का सीमलिया में रोज आवागमन होता है। मगर कस्बे की मुख्य सड़क पर हो रहे गड्ढों और उखड़ी मुख्य सड़क से सीमलिया वासी और वाहन चालक खासे परेशान हो रहे हैं। </p>
<p><strong>वाहन चालक व राहगीर होते रहते हैं चोटिल</strong><br />बारिश होने पर गड्ढों में पानी भरा रहता है। फिसलन होने से बाइक चालक गिर जाते हैं। कई बार भारी वाहनों के गुजरने पर गड्ढों की मिट्टी उछलकर राहगीरों को जख्मी कर चुकी है।  ग्रामीणों ने बताया कि रोड से ऊंची नालियां होने के कारण गड्ढों में नाली का पानी भरा रहता है। कहीं सूखा होने पर गिट्टी उछलने का खतरा रहता है। </p>
<p>कस्बे के इसी मार्ग पर राजकीय बालिका व प्राइवेट स्कूल होने की वजह से यहां होकर रोज हजारों विद्यार्थी गुजरते हैं। कीचड़ की वजह से स्कूली बच्चों की ड्रेस व जूते गंदे हो जाते हैं। कई बार तो फिसलन की वजह से बच्चे कीचड़ में गिर जाते हैं। जिससे बच्चों को रास्ते से ही वापस घर लौटना पड़ता है। <br /><strong>-कमलेश गोस्वामी, समाजसेवी, सीमलिया</strong></p>
<p>सभी मोहल्ले वासियों द्वारा विधानसभा चुनावों से पहले रोड नहीं तो वोट नहीं के होर्डिंग्स लगाकर विरोध दर्ज कराया था। लेकिन फिर चुनाव प्रचार के दौरान सांगोद से भाजपा प्रत्याशी ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के चुनाव जीतने के बाद रोड बनाने के आश्वासन पर सहमत होकर मतदान करने चले गए थे। लेकिन सरकार बने हुए एक साल का समय होने पर भी अभी तक सड़क बनवाना तो दूर गढ्ढे भी नहीं भरे गए हैं।<br /><strong>-सत्येंद्र सनाढ्य, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, सीमलिया</strong></p>
<p>ऊर्जा मंत्री के प्रयास से कस्बे में बसें अंदर होकर गुजरने लगी हैं। लेकिन खराब सड़क होने की वजह से बस चालकों को यहां से गुजरने में हो रही समस्या के कारण बसों का आवागमन कुछ दिनों में ही बंद कर दिया। वहीं राहगीरों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। कस्बे की टूटी-फूटी सड़क जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की उदासीनता की ओर इशारा कर रही है।<br /><strong>-महावीर मालव, व्यापारी, सीमलिया</strong></p>
<p>उक्त समस्या को लेकर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर पूरी तरह प्रयासरत हैं। 511 लाख के प्रस्ताव फाइनेंस में लंबित हैं। विलेज फोरसन के तहत सीमलिया, दीगोद और निमोदा हरीजी में काम होने हैं। संभवतया जल्द ही उक्त कार्य शुरू हो जाएंगे।<br /><strong>-राजेन्द्र नागर, विशेषाधिकारी, ऊर्जा मंत्री नागर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 16:45:55 +0530</pubDate>
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