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                <title>पीयूष गोयल का दावा: कभी सफल नहीं होगी इंडिया गठबंधन की साज़िश, राहुल गांधी  देश में अराजकता फैलाने की कर रहे कोशिश </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के "एक साल में मोदी सरकार गिरने" वाले बयान पर निशाना साधते हुए इसे देश में अराजकता और हिंसा भड़काने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव न जीत पाने के कारण विपक्ष 'टूलकिट गैंग' के साथ मिलकर देश को अस्थिर करना चाहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/piyush-goyals-claim-that-india-alliances-conspiracy-will-never-succeed/article-154848"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rahul.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मोदी सरकार को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को देश में अराजकता फैलाने की एक गंभीर साज़िश करार दिया है और उन पर देश में हिंसा भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में दावा किया कि अगले एक साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की की विदाई तय है और इसका कारण बढ़ती आर्थिक असंतोष होगी। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में मोदी सरकार गिर जाएगी।</p>
<p>राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी का बयान कांग्रेस, सभी विपक्षी दलों और भारत को अस्थिर करने का सपना देखने वाले 'टूलकिट गैंग' द्वारा देश के खिलाफ रची जा रही एक बड़ी साज़िश की ओर इशारा करता है। यह कोई साधारण बयान नहीं है, बल्कि देश में अराजकता फैलाने की एक गंभीर साज़िश है। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी और उनकी टीम को यह एहसास हो गया कि वे करिश्माई प्रधानमंत्री को लोगों के दिलों से नहीं निकाल सकते और सीधे लोकतांत्रिक मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को नहीं हरा सकते, तो अब वे पूरे देश में हिंसा भड़काना चाहते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मन में भारत के प्रति इतनी नफ़रत भरी है कि वे देश का कुछ भी अच्छा होते हुए देख भी नहीं सकते। देश को बदनाम करना, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना, और विदेश जाकर विदेशी ताकतों से भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की अपील करना यह सब कांग्रेस के असली इरादों को बेनकाब करता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार है। वह राहुल गांधी, विपक्ष और देश के खिलाफ काम करने वाले 'टूलकिट गैंग' को बहुत अच्छी तरह समझती है। जनता ने इन लोगों को बार-बार करारा जवाब दिया है। भारत को आग के हवाले करने की 'इंडिया गठबंधन' की साज़िश कभी कामयाब नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:12:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>तमिलनाडु में मंत्रिमंडल विस्तार : कांग्रेस की 59 साल बाद सत्ता में वापसी, जानें कितने विधायक बने मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी 10 दिन पुरानी कैबिनेट का विस्तार करते हुए 23 नए मंत्रियों को शामिल किया है। इसके साथ ही कांग्रेस के दो विधायकों के मंत्री बनने से राज्य में 59 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है और तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार गठबंधन सरकार का गठन हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tamil-nadu-gets-first-coalition-government-cm-vijay-expands-cabinet/article-154529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm-vijay.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री एवं टीवीके संस्थापक सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को अपने 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए नये सहयोगी कांग्रेस को इसमें शामिल किया। इसके साथ ही राज्य में 59 वर्ष बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई और तमिलनाडु में पहली बार गठबंधन सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे द्रविड़ राजनीति के इस गढ़ में लंबे समय से चली आ रही एकदलीय शासन व्यवस्था का अंत हो गया।</p>
<p>तमिलनाडु में गठबंधन युग की शुरुआत विजय के उस चुनावी वादे की भी पूर्ति मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने सहयोगी दलों के साथ सत्ता साझा करने की बात कही थी। इसे राज्य के राजनीतिक इतिहास में चुनाव बाद हुए पहले बड़े राजनीतिक पुनर्संयोजन के रूप में भी देखा जा रहा है। सीएम विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 10 दिन बाद अपने नौ मंत्रियों वाले मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 23 नये मंत्रियों को शामिल किया, जिनमें कांग्रेस के दो और सत्तारूढ़ टीवीके के 21 विधायक शामिल हैं। राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर ने लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।</p>
<p>शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत वंदे मातरम्, राष्ट्रगान और तमिल थाई वाझ्तु से हुई। इससे पहले राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर 23 विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने को मंजूरी दी। नये मंत्रियों में तीन महिला मंत्री भी शामिल हैं, जिससे मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़कर चार हो गयी है और कुल मंत्रियों की संख्या 33 हो गयी है। नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों की घोषणा शीघ्र किये जाने की संभावना है।</p>
<p>कांग्रेस के दो मंत्रियों में विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार तथा पी. विश्वनाथन शामिल हैं। किलियूर से निर्वाचित राजेश कुमार और मदुरै जिले की मेलूर सीट से जीते विश्वनाथन के मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ ही कांग्रेस का लगभग छह दशक लंबा इंतजार समाप्त हो गया। वर्ष 1967 में के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम सरकार की पराजय के बाद राज्य में कांग्रेस शासन समाप्त हो गया था। लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों का मंत्रिमंडल में शामिल होना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के दिन होना महज संयोग नहीं है।</p>
<p>वर्ष 1967 में द्रविड़ राजनीति के उदय के बाद अगले 59 वर्षों तक द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने बारी-बारी से राज्य पर शासन किया। वर्ष 2026 में नयी गठित टीवीके ने इस लंबे द्रविड़ वर्चस्व को समाप्त करते हुए सत्ता हासिल की और राज्य में पहली गठबंधन सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया। गठबंधन सरकार की अवधारणा द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों के लिए लंबे समय तक अस्वीकार्य रही थी। वर्ष 2006 में द्रमुक बहुमत से दूर रहकर भी कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के बाहरी समर्थन से सरकार चलाने में सफल रही थी, लेकिन कांग्रेस तब सत्ता में साझेदारी नहीं कर सकी थी। इस बार कांग्रेस ने विजय के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मंत्रिमंडल में शामिल होकर लगभग 60 वर्ष पुराना सपना पूरा कर लिया। दो मंत्री पदों के अलावा कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट मिलने की भी संभावना है, जो विद्रोही अन्नाद्रमुक विधायक सी. वे. शण्मुगम के इस्तीफे से रिक्त हुई है।</p>
<p>पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने पहले तमिलनाडु कांग्रेस मुख्यालय और श्रीपेरंबदूर स्थित उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और बाद में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, विजय सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के एक-एक विधायक को भी मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने की संभावना है। दोनों दलों ने हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। सी. वे. शण्मुगम, एस. पी. वेलुमणि और सी. विजयभास्कर के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के विद्रोही गुट को मंत्रिमंडल विस्तार में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला। वाम दलों और वीसीके ने उनके शामिल किये जाने का विरोध किया था।</p>
<p>सीएम विजय की पार्टी टीवीके ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, जिनमें से एक सीट से विजय के इस्तीफे के बाद उसकी संख्या 107 रह गयी। कांग्रेस के पांच, माकपा, भाकपा और वीसीके के दो-दो विधायकों के समर्थन से सरकार ने 118 के बहुमत का आंकड़ा हासिल कर विश्वास मत जीत लिया। मंत्रिपरिषद में शामिल किये गये 23 नये चेहरों में श्रीनाथ, कमली एस., सी. विजयलक्ष्मी, आर. वी. रंजीतकुमार, विनोत, राजीव, बी. राजकुमार, वी. गांधीराज, मधन राजा, जेगदेश्वरी, एस. राजेश कुमार, एम. विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेलवन, विजय तमिलन पार्थिबन, रमेश, पी. विश्वनाथन, आर. कुमार, के. थेन्नारसु, वी. संपत कुमार, मोहम्मद फारवस, डी. शरतकुमार, एन. मेरी विल्सन और विग्नेश के. शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 13:08:55 +0530</pubDate>
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                <title>ओबीसी आरक्षण पर बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: मौजूदा ओबीसी उप-वर्गीकरण रद्द, 66 समुदाय सूची में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने ओबीसी सूची का उप-वर्गीकरण ढांचा रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट बैठक के बाद जारी अधिसूचना के अनुसार, अब केवल 66 समुदायों को 7% आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार पिछली तृणमूल सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्रों की नए सिरे से समीक्षा करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-west-bengal-government-existing-obc-sub-categorization-canceled/article-154454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बुधवार को राज्य सरकार की नौकरियों और पदों में आरक्षण से जुड़े अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची के मौजूदा उप-वर्गीकरण ढांचे को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सरकार ने सात प्रतिशत आरक्षण के लिए ओबीसी श्रेणी के तहत केवल 66 समुदायों को बनाए रखने का फैसला किया है। यह अधिसूचना मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना (सचिवालय) में हुई दूसरी कैबिनेट बैठक के एक दिन बाद आई है। इस बैठक में राज्य सरकार ने ओबीसी सूची की दोबारा जांच करने और पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए प्रमाण पत्रों की समीक्षा करने का निर्णय लिया था।</p>
<p>मंत्रिमंडल की दूसरी बैठक में लिए गए इस फैसले को इसके कानूनी और राजनीतिक निहितार्थों के कारण नए प्रशासन का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है। सोमवार को हुई बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा था, "मंत्रिमंडल ने ओबीसी श्रेणी के भीतर मौजूदा उप-वर्गीकरण प्रणाली को समाप्त करने, पश्चिम बंगाल सरकार के तहत ओबीसी समुदायों के लिए आरक्षण के प्रतिशत की समीक्षा करने और राज्य की ओबीसी सूची की नए सिरे से जांच करने का निर्णय लिया है।"</p>
<p>पॉल ने कहा था, "इस मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी। राज्य सरकार उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के निर्देशों के अनुसार ही जातियों या समूहों को सूची में शामिल करने के बारे में फैसला करेगी।"राज्यपाल के निर्देश पर मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने घोषणा की कि 66 समुदायों को ओबीसी श्रेणी के तहत सात प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा। पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण और उप-वर्गीकरण से जुड़ा यह विवाद वाम मोर्चा सरकार के अंतिम दौर और मार्च 2010 से मई 2012 के बीच तृणमूल कांग्रेस सरकार के पहले कार्यकाल के समय का है। उस अवधि के दौरान, राज्य में 77 समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल किया गया था। इनमें से वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल के दौरान 42 मुस्लिम समुदायों को शामिल किया गया था। इसके बाद आरोप लगे कि आरक्षण का लाभ धर्म के आधार पर दिया जा रहा है, जिससे यह मामला कानूनी विवादों में फंस गया।</p>
<p>ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओबीसी सूची में 35 और समुदायों को जोड़ा, जिससे यह संख्या बढ़कर 77 हो गई, जिनमें से 75 मुस्लिम समुदाय से थे। वर्ष 2023 में, ममता सरकार ने एक नया ओबीसी आरक्षण कानून बनाया, जिसके तहत सभी 77 समुदायों को इसके दायरे में ले आया गया। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में ओबीसी समुदायों की कुल संख्या बढ़कर 179 हो गई थी। इस नए आरक्षण कानून को हालांकि अदालत में चुनौती दी गई, जहां याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि धर्म के आधार पर दिए गए आरक्षण को रद्द किया जाना चाहिए।</p>
<p>इसके बाद, 22 मई 2024 को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य की ओबीसी सूची में 113 समुदायों को शामिल करने के फैसले को रद्द कर दिया, जबकि 66 समुदायों को सूची में बने रहने की अनुमति दी। अदालत ने टिप्पणी की थी कि कई समुदायों को शामिल करने का काम मुख्य रूप से धार्मिक आधार पर किया गया था। इस फैसले के बाद वर्ष 2010 से जारी किए गए लगभग पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र अमान्य हो गए थे। तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बाद में उच्च न्यायालय के इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। मार्च 2025 में, पिछली राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया था कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग एक नया सर्वेक्षण करेगा और एक संशोधित ओबीसी सूची तैयार करेगा।</p>
<p>इसी साल जून में, ममता सरकार ने 76 नए समुदायों को शामिल करते हुए एक नई सूची जारी की, जिससे कुल ओबीसी श्रेणियों की संख्या 140 हो गई। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने संशोधित सूची के माध्यम से व्यावहारिक रूप से लगभग सभी पुराने समुदायों को वापस शामिल कर लिया है। पिछले साल 17 जून को, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उस संशोधित अधिसूचना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस रोक के आदेश को चुनौती देते हुए फिर से उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। पिछले साल जुलाई में, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी थी और वर्तमान में यह मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 18:21:16 +0530</pubDate>
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                <title>कैबिनेट बैठक : पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन समेत कई बड़े प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर, विकास कार्यों को मिलेगी गति </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में राज्य ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी मिल सकती है। इससे पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ होगा। बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नियमावली 2026 और छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने जैसे कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cabinet-meeting-approval-may-be-given-on-many-big-proposals/article-154204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm2.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। पंचायत चुनाव टलने की अटकलों के बीच राज्य ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के प्रस्ताव से सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो कैबिनेट की बैठक में राज्य ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का प्रस्ताव लाया जाएगा। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच इस आयोग के गठन को बेहद अहम माना जा रहा है। आयोग बनने के बाद ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ होगा।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक बैठक में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नियमावली 2026 को भी मंजूरी के लिए रखा जाएगा। साथ ही पशु चिकित्सा के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता चार हजार रुपये से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने का प्रस्ताव भी पेश होगा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लखनऊ के शहीद पथ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 1010 बेड का मल्टी स्पेशिएलिटी इमरजेंसी सेंटर, टीचिंग ब्लॉक और नया ओपीडी ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव आएगा।</p>
<p>इसके अलावा प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर के विस्तार के लिए भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मिर्जापुर में निजी क्षेत्र की सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में विकास कार्यों को और गति मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 14:07:36 +0530</pubDate>
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                <title>केरल में नई सरकार का आगाज़ : 6 बार विधायक रह चुके वी. डी. सतीशन ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, मंत्रीमंड़ल की टीम में 20 मंत्री शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[केरल को आखिरकार अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सीएम पद की शपथ ली। इस भव्य समारोह में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। उनके साथ एम लिजू और केएम शाजी सहित अन्य नेताओं ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kerala-gets-new-cm-6-time-mla-vd-satheesan-takes-oath/article-154202"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kerala-cm.png" alt=""></a><br /><p>केरल। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ 20 अन्य विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी।इन सभी को यहां सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गोपनीयता की शपथ दिलायी। मंत्री पद की शपथ लेने वालों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला तथा के मुरलीधरन, केपीसीसी प्रमुख सनी जोसेफ, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी शामिल हैं। इनके अलावा पीके बशीर, एन समसुद्दीन, केएम शाजी और वीई अब्दुल गफूर, एम. जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सीपी जॉन, एपी अनिल कुमार, टी सिद्दीकी, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदू कृष्णा, एम लिजू, केए थुलसी और ओ जे जनीश ने भी मंत्री पद की शपथ ली।</p>
<p>शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इनके अलावा समाराेह में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नेता पिनाराई विजयन तथा भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश राजीव चन्द्रशेखर तथा कुछ अन्य दलों के नेता भी मौजूद थे। कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) दस वर्ष के बाद सत्ता में आया है। विधानसभा चुनाव में यूडीएफ को 140 सीटों में से 102 पर विजय मिली है। इनमें से अकेले कांग्रेस ने 63 सीटें जीती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 11:45:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिहार के लाखों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: मंहगाई भत्ते में बढ़ोतरी, सम्राट मंत्रिमंडल ने दी 18 प्रस्तावों को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें पुलिस सुदृढ़ीकरण हेतु नए पदों का सृजन और वित्तीय वर्ष के लिए ऋण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान करना शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-lakhs-of-employees-of-bihar-increase-in/article-153664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/da.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के सम्राट मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि को मंजूरी देने के साथ विकास, वित्त और प्रशासन से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई यह बैठक मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार के बाद पहली बैठक थी, जिसमें सभी 34 मंत्री शामिल हुए। बिहार मंत्रिमंडल ने इस वर्ष 01 जनवरी से विभिन्न वेतन आयोगों के तहत डीए बढ़ाने को मंजूरी दी थी। इस निर्णय के तहत छठे वेतन आयोग के तहत डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया है। पांचवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए इसे 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया, जबकि सातवें वेतन आयोग के तहत डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।</p>
<p>बैठक में मंत्रिमंडल ने बाजार से 64,141.28 करोड़ रुपये उधार लेने की योजना को भी मंजूरी दी। इस मंजूरी के बाद बाजार ऋण के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल ऋण जुटाने का लक्ष्य 72,901.30 करोड़ रुपये हो गया। इस बैठक में संवेदनशील जिलों में पुलिस व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल के एक अन्य निर्णय में कैबिनेट ने ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ के माध्यम से मूल्य वर्धित कर प्रबंधन सूचना प्रणाली (वैटमिस) अनुप्रयोग के वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) के नवीनीकरण के लिए एक करोड़ इकतीस लाख अस्सी हजार चार सौर चौदह (1,31,80,414) रूपये लागत को मंजूरी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:58:31 +0530</pubDate>
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                <title>योगी सरकार कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव,  मायावती ने कहा- मंत्रिमंडल का घटाना-बढ़ाना सत्तारूढ़ दल का आंतरिक राजनीतिक विषय</title>
                                    <description><![CDATA[बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी मंत्रिमंडल विस्तार को सत्तारूढ़ दल का आंतरिक मामला बताया, लेकिन चेताया कि यदि इससे गरीबों और युवाओं का भला नहीं हुआ, तो यह केवल संसाधनों पर बोझ होगा। उन्होंने लखनऊ में भाजपा नेता पर हमले का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की असुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-major-reshuffle-is-possible-in-the-yogi-government-cabinet/article-153412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/mayawati-photo.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में रविवार को हुये मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल का घटाना-बढ़ाना और विस्तार सत्तारूढ़ दल का आंतरिक राजनीतिक विषय होता है, इसलिए इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है लेकिन इसका असर आमजन, खासकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक रूप से दिखना चाहिए।</p>
<p>बसपा प्रमुख ने सोमवार को एक्स पर लिखा, “सरकार और मंत्रियों के कामकाज में समाज के हर वर्ग, विशेषकर कमजोर तबकों की जान-माल और मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित होती दिखाई देनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो लोग इसे केवल “राजनीतिक जुगाड़” और सरकारी संसाधनों पर बढ़ा बोझ मानेंगे।” उन्होने कहा, “सरकारों और मंत्रियों की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी वर्गों को न्याय व सुरक्षा का एहसास कराना है। यह व्यवस्था सरकार के कामकाज में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होनी चाहिए।”</p>
<p>बसपा सुप्रीमो ने हाल ही में लखनऊ में ब्राह्मण समाज से जुड़े भाजपा के एक युवा नेता पर हुए जानलेवा हमले का भी जिक्र करते हुये कहा कि इस घटना के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। प्रदेश में ब्राह्मण समाज खुद को उपेक्षित और असुरक्षित महसूस कर रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने अपनी पिछली सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि बसपा की सरकारों में “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय” की नीति के तहत समाज के हर वर्ग को न्याय और सुरक्षा देने का प्रयास किया गया था। बेहतर कानून-व्यवस्था और सभी वर्गों की सुरक्षा बसपा सरकारों की पहचान रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:48:09 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: कैबिनेट की पहली बैठक में बीएसएफ भूमि हस्तांतरण, आयुष्मान भारत को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। घुसपैठ रोकने के लिए BSF को जमीन हस्तांतरण, आयुष्मान भारत योजना लागू करने और सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट का ऐलान हुआ। साथ ही, रुकी हुई जनगणना शुरू करने और पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-west-bengal-government-bsf-land-transfer-to/article-153435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। बैठक के बाद सरकार ने प्रशासनिक, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी उपायों की एक विस्तृत रुपरेखा तैयार की जिसमें भारत-बंगलादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरित करना और राज्य में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना सहित केंद्र की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को शुरू करना शामिल है।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक से बाहर निकलने के बाद कहा, "आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह हस्तांतरण प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और इसे अगले 45 दिनों के भीतर गृह मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान थोड़े समय में कर लिया जाएगा।"</p>
<p>पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान के दौरान सीमा पर बाड़ लगाना एवं घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए बीएसएफ को भारत-बंगलादेश सीमा पर भूमि आवंटित करना भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों में शामिल था। भाजपा ने राज्य में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जानबूझकर अवसंरचना निर्माण के लिए बीएसएफ को जमीन नहीं देने का आरोप लगाया था। भाजपा का आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस सक्रिय रूप से सीमा पार घुसपैठियों का समर्थन करती है जो बदले में नौ सीमावर्ती जिलों में उनके वोट बैंक बने हुए हैं। बंगलादेश के साथ राज्य की 2216.7 किमी लंबी भूमि सीमा लगती है जिसके एक बड़े हिस्से पर बाड़ नहीं लगी हुई है।</p>
<p>सीएम अधिकारी ने राज्य में बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के लिए सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने की भी घोषणा की। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने राज्य में सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी सीमा में पांच साल की छूट देने का निर्णय लिया है। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं के साथ ज्यादा निकटता से जोड़ते हुए सुशासन, सुरक्षा एवं विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p>शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव हुआ है। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को सरकार बनाने के लिए हम पर भरोसा करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।" मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाओं में राज्य में औपचारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना लागू करने का निर्णय शामिल है। शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू भी मौजूद थे। सीएम अधिकारी ने कहा कि हमने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अपने समकक्षों से संपर्क करने और जल्द से जल्द सारी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया है। श्री अधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अलावा राज्य में जन आरोग्य योजना, फसल बीमा और उजाला योजना सहित केंद्र सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी लागू किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य की प्रशासनिक संरचना में सुधारों की भी घोषणा की जिसमें आईएएस अधिकारियों को केंद्रीकृत प्रशिक्षण तंत्र से जोड़ने की योजना भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी ने जनगणना प्रक्रियाओं से संबंधित केंद्रीय गृह मंत्रालय के कुछ निर्देशों के कार्यान्वयन में कथित देरी के लिए पिछली तृणमूल सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमने आज जनगणना कार्य शुरू होने की पुष्टि करते हुए एक प्रशासनिक निर्देश जारी किया है और लंबे समय से लंबित यह अभ्यास आखिरकार 11 महीने की देरी के बाद शुरू हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "16 जून 2025 को, गृह मंत्रालय ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय के माध्यम से आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इस बात को अब लगभग एक वर्ष हो चुका है लेकिन सत्ता में बैठे लोगों ने जानबूझकर जनगणना प्रक्रिया में देरी की। उनका उद्देश्य परिसीमन करने और महिलाओं, विशेषकर हमारी माताओं एवं बहनों के लिए आरक्षण का लाभ सुरक्षित करने की प्रधानमंत्री की पहल में बाधा उत्पन्न करना था। इस पर गौर करने के लिए हमारे पास एक तथ्याें की जांच करने वाली समिति होगी।"</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने बल देकर कहा कि पारदर्शिता में सुधार लाने एवं लाभों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हम बेईमान लोगों को पिछले दरवाजे से एवं खामियों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाने देंगे और सब कुछ पारदर्शी होगा। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने प्रभावित परिवारों और भाजपा के मारे गये कार्यकर्ताओं के परिवारों एवं प्रियजनों को समर्थन देने का भी वादा किया। श्री अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छह मई को श्री अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह उत्तर 24 परगना में अपने घर लौट रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 16:15:24 +0530</pubDate>
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                <title>सीएम योगी ने दी बंगाल के नए मंत्रियों को शुभकामनाएं, बोले- जनसेवा से पुनर्स्थापित करें सोनार बांग्ला का गौरव</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंगाल के नए मंत्रिमंडल को बधाई देते हुए "सोनार बांग्ला" के गौरव को पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने मंत्रियों से जनसेवा को सर्वोपरि रखने की अपील की और माँ काली से उनके यशस्वी कार्यकाल की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने बंगाल की समृद्ध विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का विश्वास जताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-yogi-congratulated-the-new-ministers-of-bengal-and-said/article-153255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/yogi_adityanath_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री और मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी जनप्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में नए मंत्रियों से जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए “सोनार बांग्ला” के गौरव को पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में लिखा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सभी मंत्री जनसेवा को सर्वोच्च मानकर कार्य करेंगे और पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देंगे।</p>
<p>उन्होंने मां काली का स्मरण करते हुए कहा कि देवी की कृपा से सभी मंत्रियों का कार्यकाल यशस्वी, जनकल्याणकारी और लोकहित को समर्पित हो। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश का समापन “वंदे मातरम्” के साथ किया। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल के सदस्यों ने शनिवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से शुभकामनाएं दी जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 16:32:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में बड़े बदलाव की तैयारी: योगी सरकार कैबिनेट विस्तार और संगठन में जल्द होगा फेरबदल, इन दिग्गजों के नामों को लेकर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[बंगाल के बाद अब भाजपा का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश पर है। योगी सरकार में 10 से 15 मई के बीच कैबिनेट विस्तार और बड़े संगठनात्मक बदलाव संभावित हैं। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए पिछड़ा वर्ग, दलित और महिलाओं को विशेष प्रतिनिधित्व देकर 2027 की चुनावी बिसात बिछाई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/yogi-government-is-preparing-for-big-changes-in-up-before/article-153231"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/yogi-cabinet.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश पर फोकस करने जा रहा है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा में बड़े राजनीतिक और संगठनात्मक बदलावों की तैयारी तेज हो गई है। दरअसल पार्टी और सरकार स्तर पर होने वाले ये बदलाव भाजपा के लिए सामाजिक, क्षेत्रीय समीकरणों को साधने का अहम अवसर माने जा रहे हैं। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, संगठन में फेरबदल, योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट विस्तार तथा विभिन्न आयोगों, निगमों और बोर्डों में खाली पदों पर नियुक्तियां जल्द हो सकती हैं।</p>
<p>पार्टी का मानना है कि 2027 के चुनाव से पहले यह आखिरी बड़ा मौका होगा, जब विभिन्न जातीय और क्षेत्रीय समूहों को संतुलित तरीके से प्रतिनिधित्व दिया जा सके। भाजपा के एक वरिष्ठ सांसद के अनुसार, “पश्चिम बंगाल में सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होते ही केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश की ओर ध्यान देगा। संगठनात्मक बदलाव, कैबिनेट विस्तार और विभिन्न निगमों-बोर्डों में नियुक्तियों को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारी पहले ही हो चुकी है।”</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि योगी सरकार में बहुप्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल 10 से 15 मई के बीच कभी भी हो सकता है। करीब आधा दर्जन नेताओं के नाम संभावित मंत्रिमंडल विस्तार या विभागीय बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। भाजपा सांसद ने बताया कि भाजपा इस फेरबदल को केवल प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके जरिए स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी है। लोकसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों और भाजपा के सामाजिक गठबंधन में आई चुनौतियों को देखते हुए पार्टी विभिन्न जातीय समूहों, क्षेत्रों और समुदायों के प्रतिनिधित्व का नए सिरे से आकलन कर रही है।</p>
<p>सांसद ने कहा, “ पार्टी विशेष रूप से उन वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बना रही है, जहां उसे समर्थन में कमी महसूस हुई है या जहां विपक्ष अपनी सामाजिक पैठ बढ़ाने में जुटा है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक-दो महिलाओं को मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने की चर्चा है। साथ ही ब्राह्मण, जाट, गुर्जर, कुर्मी, पासी, पाल और वाल्मीकि समुदायों को साधने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।”<br />सूत्रों की मानें तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का मंत्रिमंडल में शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा मनोज पांडेय, अशोक कटारिया, कृष्णा पासवान और पूजा पाल के नाम भी चर्चा में हैं।</p>
<p>सरकार के अलावा संगठनात्मक स्तर पर भी बड़े बदलाव संभावित हैं। पार्टी संगठन में कई पद लंबे समय से लंबित हैं, जबकि अनेक आयोगों, बोर्डों और निगमों में नियुक्तियां अभी बाकी हैं। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों के नेताओं को समायोजित करने के साथ-साथ आंतरिक संतुलन साधने की कोशिश करेगी। भाजपा सांसद का मानना है कि भाजपा का पूरा फोकस पिछड़ा वर्ग, दलित और गैर-प्रभावशाली जातियों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर रहेगा। साथ ही उन क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश होगी, जहां पार्टी को पर्याप्त राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल सकी है।</p>
<p>सूत्रों की मानें तो महिला प्रतिनिधित्व को भी भाजपा विशेष महत्व दे सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं और लाभार्थी राजनीति को देखते हुए पार्टी महिला वोटरों के बीच अपना संदेश और मजबूत करना चाहती है। भाजपा सूत्रों का मानना है कि हिंदुत्व के मुद्दे पर पार्टी को कोई बड़ी चुनौती नहीं है, लेकिन 2027 के चुनाव से पहले जातीय, क्षेत्रीय और लैंगिक संतुलन साधना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार, संगठनात्मक बदलाव और निगमों-बोर्डों में नियुक्तियों को भाजपा राजनीतिक संदेश और सामाजिक संतुलन के बड़े अभियान के रूप में इस्तेमाल कर सकती है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि जहां तक पार्टी में बदलाव और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा का सवाल है तो पार्टी नेतृत्व को जो उचित लगेगा वो कदम उठाएगी । भाजपा का कार्यकर्ता 2027 चुनाव को लेकर पूरी तरह से तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 13:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिहार मंत्रीमंडल का विस्तार: अखबार और तेल बेचकर उठाते थे पढ़ाई का खर्च, आज बने सम्राट कैबिनेट के मंत्री, पहचाना कौन..?</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की सम्राट सरकार में प्रमोद चंद्रवंशी का मंत्री बनना संघर्ष की जीत है। कभी पटना की सड़कों पर अखबार और सरसों तेल बेचने वाले प्रमोद आज युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। अभावों के बीच पले-बढ़े इस साधारण किसान पुत्र की सादगी और समर्पण ने उन्हें शिखर तक पहुँचाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/expansion-of-bihar-cabinet-used-to-bear-the-expenses-of/article-153104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dr-pramod-kumar-minister-1778150879799.webp" alt=""></a><br /><p>जहानाबाद। बिहार की राजनीति में संघर्ष और सादगी की मिसाल माने जाने वाले डॉ. प्रमोद कुमार उर्फ प्रमोद चंद्रवंशी को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से जहानाबाद समेत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बेहद साधारण परिवार से निकलकर मंत्री पद तक पहुंचने वाले डॉ. प्रमोद कुमार की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जहानाबाद जिले के काको प्रखंड स्थित नेरथुआमठ गांव निवासी डॉ. प्रमोद कुमार का बचपन आर्थिक अभावों में बीता। उनके पिता अयोध्या प्रसाद खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते थे। सीमित आय होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रमोद कुमार ने शिक्षा और सामाजिक जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प नहीं छोड़ा।</p>
<p>छात्र जीवन में ही वे विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए और पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष शुरू किया। पटना के पोस्टल पार्क में रहकर उन्होंने अपना खर्च चलाने के लिए अखबार बेचने का काम किया। बाद में घर-घर जाकर सरसों तेल बेचकर भी अपनी पढ़ाई और जीवन-यापन का खर्च उठाया। स्थानीय लोगों के अनुसार संघर्ष के उन्हीं दिनों ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया। बताया जाता है कि तेल व्यवसाय से उनका जुड़ाव आज भी बना हुआ है। हालांकि अब वे स्वयं घर-घर जाकर तेल नहीं बेचते, बल्कि पोस्टल पार्क स्थित उनकी स्थायी दुकान का संचालन कर्मचारी करते हैं।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो वर्ष पहले तक उनका पैतृक घर झोपड़ीनुमा था, जहां चोरी की घटना भी हो चुकी थी। बाद में उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर गांव में छोटा पक्का मकान बनवाया। परिवार की सादगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि विधान परिषद सदस्य बनने के बाद भी उनका भाई पटना की एक निजी गैस एजेंसी में सामान्य वेतन पर नौकरी करता रहा। राजनीतिक जीवन में लगातार सक्रिय रहने और संगठन के प्रति समर्पण के कारण डॉ. प्रमोद कुमार को पहले विधान परिषद पहुंचने का अवसर मिला और बाद में मंत्रिमंडल में जगह मिली। वर्ष 2025 में गठित नीतीश सरकार में भी उन्हें वन, पर्यावरण एवं सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट में भी उन्हें मंत्री बनाए जाने से समर्थकों और आम लोगों में उत्साह है।</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. प्रमोद कुमार का मंत्री बनना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति में आज भी साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले और संघर्ष के दम पर आगे बढ़ने वाले लोगों के लिए जगह बनी हुई है। धनबल और परिवारवाद के दौर में उनका राजनीतिक सफर आम लोगों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 11:52:06 +0530</pubDate>
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                <title>बिहार में मंत्रीमंडल विस्तार: पढ़ें नीतिश कुमार के बेटे निशांत के बारे में सबकुछ!</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत हुई जब निशांत कुमार ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली। सॉफ्टवेयर इंजीनियर से राजनेता बने निशांत को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यह पारी जदयू में नई पीढ़ी के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति का संकेत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cabinet-detail-in-bihar-read-everything-about-nitish-kumars-son/article-153031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nitish.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने बिहार सरकार में पहली बार मंत्री पद की शपथ लेकर अपने सियासी सफर की शानदार शुरुआत की। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। निशांत कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल, मसूरी में अध्ययन किया तथा बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। </p>
<p><img src="https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/05/nishant-kumar-1-1778134874.webp" alt="बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, जानें कौन-कौन पहली बार  बना मंत्री - India TV Hindi"></img></p>
<p>निशांत कुमार की माता मंजू सिन्हा का वर्ष 2007 में निधन हो गया था। उस समय उन्होंने स्पष्ट कहा था कि उनकी राजनीति में कोई रुचि नहीं है और वे आध्यात्मिक जीवन जीना चाहते हैं। लंबे समय तक वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखाई दिए। हालांकि वर्ष 2024 के बाद उन्होंने अपने पिता के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया।</p>
<p><img src="https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2026/05/nishant-kumar.jpeg" alt="बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार, सम्राट की सेना में किस जाति के कितने  मंत्री? | Samrat Choudhary cabinet expansion oath ceremony Nishant kumar  mangal pandey caste equation BJP JDU HAM"></img></p>
<p>वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले भी वे कई बार मीडिया के सामने आए और लोगों से अपील की थी कि वे नीतीश कुमार को समर्थन दें। इसी वर्ष आठ मार्च को उन्होंने औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ाया और हाल ही में पश्चिमी चंपारण से ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत की।</p>
<p><img src="https://images.newsarenaindia.com/nishant-nitish-kumar-naijpg_1772531432553.jpg" alt="Bihar CM Nitish Kumar's son Nishant set for political debut"></img></p>
<p>राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि निशांत कुमार शुरुआत में सरकार में शामिल होने को लेकर इच्छुक नहीं थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद वे मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए तैयार हुए।</p>
<p><img src="https://img.etimg.com/thumb/width-1600,height-900,imgsize-2511225,resizemode-75,msid-130738867/news/politics-and-nation/jdus-nishant-kumar-embarks-on-his-first-political-yatra-in-bihar.jpg" alt="JDU's Nishant Kumar embarks on his first political yatra in Bihar - The  Economic Times"></img></p>
<p>निशांत कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने को जदयू में नई पीढ़ी की एंट्री और पार्टी के भविष्य की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:26:39 +0530</pubDate>
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