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                <title> government - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> government RSS Feed</description>
                
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                <title>अस्पताल हादसे में न्यायिक आयोग का गठन कर पीड़ितों को न्याय दिलाए सरकार : गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को एसएमएस अस्पताल पहुंचकर ट्रॉमा सेंटर आईसीयू में हुए अग्निकांड की जानकारी ली]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-gehlot-should-give-justice-to-the-victims-by-forming/article-128878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/ashok-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को एसएमएस अस्पताल पहुंचकर ट्रॉमा सेंटर आईसीयू में हुए अग्निकांड की जानकारी ली। इस हादसे में जान गंवाने वाले मरीजों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हिम्मत बंधाई। </p>
<p>इसके बाद मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि यह बेहद अफसोसजनक है कि इन परिजनों में राज्य सरकार द्वारा इनके साथ किए गए व्यवहार के प्रति रोष है क्योंकि सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई है। परिजनों ने बताया कि उनसे अभी तक सरकार के किसी प्रतिनिधि ने बात नहीं की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संवेदनशीलता दिखाते हुए अविलंब परिजनों से बात करते हुए इन्हें संतुष्ट करना चाहिए एवं पीड़ितों को न्याय के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 15:45:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विपक्ष वर्क फ्रॉम होम की तरह वर्क फ्रॉम जेल चाहता है : 130वां संशोधन विधेयक, भ्रष्टाचार से लड़ने का एक बड़ा हथियार, पूनावाला ने कहा- कोविड के दौरान सभी वर्क फ्रॉम होम करते थे</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भ्रष्टाचार से निबटने और 'राजनीति का अपराधीकरण' समाप्त करने के लिए संसद में 130वां संशोधन विधेयक पेश किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-wants-work-from-jail-like-opposition-work-from-home/article-124730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(2)17.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भ्रष्टाचार से निबटने और 'राजनीति का अपराधीकरण' समाप्त करने के लिए संसद में 130वां संशोधन विधेयक पेश किया है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए वर्क फ्रॉम होम की तर्ज पर वर्क फ्रॉम जेल की मंशा रखते हैं।</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता ने यहां पार्टी मुख्यालय में सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संसद में मोदी सरकार द्वारा सदन में पेश 130वां संशोधन विधेयक, भ्रष्टाचार से लड़ने का एक बड़ा हथियार है। पूनावाला ने कहा कि इस विधेयक के लागू होने पर अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री किसी गंभीर अपराध में जेल जाते हैं और 30 दिनों के भीतर उन्हें जमानत नहीं मिलती है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा देना होगा। यह कानून नैतिकता और सुशासन के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि सुशासन में जो सबसे बड़ा विघ्न है वह है 'राजनीति का अपराधीकरण', जिसको समाप्त करने में यह विधेयक सबसे बड़ा वरदान साबित होगा।</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दुख की बात यह है कि आज जब पूरा देश इस नैतिकता और सुशासन के हथियार का स्वागत कर रहा है, तो विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। पूनावाला ने कहा कि कोविड के दौरान सभी वर्क फ्रॉम होम करते थे। अब वे (विपक्ष) इस देश में पहली बार वर्क फ्रॉम जेल की आजादी चाहते हैं। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या एक मुख्यमंत्री के लिए जेल के अंदर से बैठकें करना व्यावहारिक है, जन सुनवाई कहां होगी? हालांकि ये लोग जनता से कटे हुए हैं, लेकिन जन सुनवाई के लिए, क्या आपके पास जेल में एक अलग कमरा होगा, ये किस प्रकार की व्यवस्था चाहते हैं?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 16:59:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title> सोनिया गांधी की रणनीति बैठक : मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी, महंगाई-बेरोजगारी से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक उठेंगे कई मुद्दे</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने संसद के मानसून सत्र के लिए पार्टी की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-gandhis-strategy-meeting-preparations-to-surround-the-government-in/article-120346"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने संसद के मानसून सत्र के लिए पार्टी की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई है। पार्टी सुत्रों के अनुसार, गांधी के सरकारी आवास 10 जनपथ पर बुलाई गई इस बैठक में संसदीय दल के रणनीति समूह के सदस्य भाग लेंगे। बैठक में मानसून सत्र के दौरान पार्टी द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति और इसमें उठाए जाने वाले मुद्दों पर विचार किया जाएगा।</p>
<p>कांग्रेस पिछले कुछ समय से पहलगाम में आतंकवादी हमले तथा ऑपरेशन सिंदूर तथा उसके बाद इसकी जानकारी देने के लिए विभिन्न देशों में भेजे गए प्रतिनिधिमंडलों को लेकर सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करती रही है।</p>
<p>इसके अलावा, वह बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सरकार को घेर रही है। सुत्रों का कहना है कि इन सब मुद्दों को मानसून सत्र में जोर-शोर से उठाए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा पार्टी मंहगाई, बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों पर भी सरकार को घेरेगी। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा और 21 अगस्त तक चलेगा। सत्र के दौरान सरकार की ओर से कई अहम बिल पेश किए जाने की उम्मीद है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Jul 2025 15:06:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आएपीएससी पर कोर्ट की टिप्पणी के बाद सवालों के घेरे में सरकार : आरपीएससी से तय होता है प्रदेश के नौजवानों का भविष्य, हाईकोर्ट कह रहा कि आरपीएससी  गूंगी बहरी बैठी; पायलट बोले- यह एक बहानेबाज सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[ कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने बुधवार को आरपीएससी, मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, ईआरसीपी, अपराध, बेरोजगारी जैसे कई मुद्दों पर भजनलाल सरकार को घेरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-pilot-under-question-after-court-comment-on-iipsc/article-104059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(3)25.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने बुधवार को आरपीएससी, मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, ईआरसीपी, अपराध, बेरोजगारी जैसे कई मुद्दों पर भजनलाल सरकार को घेरा। अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा कि राजस्थान में हाई कोर्ट का जो टिप्पणी आई है, आरपीएससी को लेकर वह अपने आप में बहुत कहानी बयां करती है। आरपीएससी वह संस्थान है, जहां से प्रदेश का नौजवानों का भविष्य तय होता है। लंबे समय से मैं कहता आया हूं और लोग भी कहते हैं आरपीएससी का गठन चयन प्रक्रिया कार्य प्रणाली जवाब देही पूरी तरह कंप्रोमाइज हो चुकी है। अब जब हाई कोर्ट खुद यह कह रहा है की आरपीएससी गूंगी बहरी बैठी है, तो सरकार के पास कोई कारण नहीं बचा है, कोई एक्सक्यूज नहीं बचा है उसमें आमूल परिवर्तन हो मैंने पहले भी कहा कि लोगों का नौजवानों का अगर भरोसा टूटेगा परीक्षा कंडक्ट करने से अगर नौजवान उन पर भरोसा नहीं करेंगे तो हमारे देश और प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण घटना होगी। आरपीएससी में जो हुआ वह एक्सपोज हो चुका है। बिना समय जाया किए उसमें यह परिवर्तन करना होगा। बार-बार यह कहना कि वह संवैधानिक संस्था है, उसमें तब्दीली करना पॉसिबल नहीं है। यह एक बहाने बाजी है, सरकार को 1 साल हो गया है। अगर वह चाहती तो बहुत कुछ कर सकती थी सत्ता में बैठने के बाद आंख बंद कर लेना यह दिखाता है कि अनावश्यक दबाव सरकार के ऊपर होगा पुनर्गठन करने बदलाव लाने और उनकी वर्किंग को बदलने में सरकार बिना समय गवाए काम कर सकती थी, लेकिन जानबूझकर इसे लटकाया गया। लेकिन अब जब हाईकोर्ट बोल रहा है तो बिना समय जाया किए सरकार को आमूल चूल परिवर्तन करना चाहिए।<br /> </p>
<p>मेंबर सिलेक्ट कैसे होता है? कौन होता है? उसकी एक प्रक्रिया होनी चाहिए। केवल अलग-अलग तबके के लोगों को समाज को साधने के लिए सब हो रहा है। पुलिस कार्रवाई कर रही है, आरपीएससी के मेंबर पकड़े जा रहे हैं, उसके बावजूद भी कोई बदलाव नहीं हुआ सरकार कुछ नहीं कर रही है कल के हाई कोर्ट के स्टेटमेंट के बाद कोई कारण नहीं रहा सरकार को बताना चाहिए की 14 महीने क्यों कुछ नहीं किया। सरकार के एक मंत्री है जिन्होंने पब्लिक प्लेटफॉर्म पर आरोप लगाया कि उनका फोन टेप हो रहा है। किसी भी नागरिक के अधिकार का हनन नहीं कर सकती सरकार भले ही कोई जवाब ना दे रही हो। सरकार का मंत्री सरकार का अनुमंडल है यानी सरकार खुद बोल रही है, अगर वह खुद कह रहे हैं कि फोन टेप हो रहा है और उनका दल उस पर कार्रवाई करता है यह एक भाजपा का अंदरूनी मामला है। यह उनका निजी मामला है लेकिन पब्लिक लाइफ में सरकार के एक मंत्री जो आज भी मंत्री हैं और जो कह रहे हैं कि मेरे पास प्रमाण है। उस पर सदन में सरकार को जवाब देना चाहिए पूरा प्रदेश और देश जानना चाहता है कि जो एक जिम्मेदार व्यक्ति जो अपनी सरकार पर फोन टेप करने के आरोप लगा रहा है। कोई आम नागरिक बोलता तो मैं समझ सकता था, लेकिन सरकार का एक मंत्री यह बोल रहा है। यह मजाक बना रखा है। वह इस्तीफा दिए बैठे हैं, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं होता। वह मंत्री होकर यह कहते हैं कि फोन टेप हो रहा है, तो उस पर कुछ होता नहीं है यह मजाक बना रखा है।</p>
<p>कलेक्टिव लीडरशिप में हर मंत्री सरकार की तरफ से बोलता है, उनका स्टेटमेंट सरकार का स्टेटमेंट है, उनके मंत्री खुद कह रहा है कि उनका फोन टेप हो रहा है। दुर्भाग्य है कि सत्र जारी है और हमारी पार्टी ने सदन में इस मामले को उठाया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। सच्चाई सामने आनी चाहिए। अगर उनको किसी सूत्र ने बताया है, तो किरोड़ी लाल को भी यह बात सामने लानी चाहिए। फोन टैपिंग का मामला गंभीर मामला है।</p>
<p>सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए और व्हाइट पेपर जारी करना चाहिए पार्टी के लेवल पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। भाजपा दल के विधायक ने गंभीर बात बोली और दुर्भाग्य वश स्वर्गीय माथुर साहब की जब सरकार थी, राजस्थान में उस समय के आरोपों पर वह अपना वर्णन कर रहे थे की दुर्भाग्यपूर्ण है की दोनों पूर्व मुख्यमंत्री इस दुनिया में नहीं है, लेकिन दशकों पुरानी बात को एक जिम्मेदार विधायक सत्तादारी दल का विधायक मीडिया में बोलता है, उसे पर चर्चा होती है, तो यह ठीक नहीं है इतिहास में किसी बात को कहानी सुनी होगी उन्होंने जो कहा उसका मैं खंडन करता हूं और उम्मीद करता हूं कि ऐसी बातें ना बोले इस प्रकार से दोषी बनाना बिना तथ्य प्रमाण के किसी पूर्व मुख्यमंत्री को यह बताता है कि किरोड़ी लाल मीणा के आरोप ऑन से ध्यान डाइवर्ट करने के लिए इस तरीके की हवाई बातें हो रही है।</p>
<p>भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि विधायक ने जो कहा है क्या उसे भाजपा सहमत है। उनको माफी मांगनी चाहिए। अब किरोड़ी लाल मीणा क्राइसिस में है, जान बचाने के लिए इधर-उधर की बात कर रहे हैं ना भैरू सिंह जी जिंदा है ना माथुर साहब जिंदा है मुरारी लाल केवल बचाव के लिए कहा है। ईआरसीपी का एमओयू सामने आया है जितना मध्य प्रदेश रिचार्ज करेगा वह 47 एमसीएम है और राजस्थान में 522 एमसीएम हम रिचार्ज करेंगे। यह तुलनात्मक तरीके से और प्रैक्टिकल लग रहा है। सरकार को सदन में स्पष्ट करना चाहिए की जो आंकड़े अपने दिए हैं। उसकी पूर्ति कैसे होगी इसमें जो गुणा भाग हुआ है वह काल्पनिक है। पहले राजस्थान का जो हिस्सा था वह काम आता है और जो आता है तो वह तुलनात्मक तरीके से गले नहीं उतर रहा है। उसका जवाब सरकार को देना चाहिए। घड़साना में सिंचाई के पानी को लेकर आंदोलन चल रहा है। वह क्षेत्र के लोगों की पुरानी मांग है कि हमें और पानी चाहिए सिंचाई के लिए लेकिन सरकार ने अभी तक गंभीरता से नहीं लिया। घड़साना वह इलाका है जहां बहुत पहले पानी को लेकर उग्र आंदोलन भी हुआ और घटना भी हुई थी। इसका ध्यान रखते हुए सरकार को तुरंत प्रभाव से हमारे कि ध्यान रखते हुए किसने की बाजीब मांग को पूरा करना चाहिए किसान कई दिनों से आंदोलन है उसे पर कार्रवाई करनी चाहिए।</p>
<p>मणिपुर के मुख्यमंत्री का अचानक इस्तीफा लिया गया, जब वहां हिंसा का दौर चल रहा था, जब हजारों लोगों को पीड़ित किया हत्या बलात्कार शोषण हुए उस समय स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री का इस्तीफा लिया जाता तो शायद वहां के लोगों को इतना नुकसान नहीं होता। लेकिन हम जब सरकार जाने का खतरा था नो कॉन्फिडेंस मोशन आने वाला था। तो कुर्सी बचाने के लिए ईस्तीफा लिया गया। हिंसा बलात्कार और शोषण से बचने के लिए यह इस्तीफा नही लिया गया। यह इस्तीफा लेना था तो उस समय लेते जब वहां हिंसा चल रही थी। लेकिन जब उनको पता लगा कि विश्वास खो चुके हैं, तो उनका इस्तीफा ले लिया। यह दिखाता है कि भाजपा केवल सत्ता में रहने के लिए कुछ भी कर सकती है। यह बात हर राज्य में लागू होती है।</p>
<p>भाजपा को मणिपुर जाने का समय नहीं है सरकार बचाने के लिए हर हर हथकंडा अपनाने को तैयार है, यह भी भाजपा का दूसरा चेहरा है। दिल्ली में चुनाव हुए हमारी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा हम लोग वहां चुनाव लड़े थे। हम हमारी पुरानी स्थिति को तलाशने के लिए चुनाव लड़े थे। हमारी तीन बार सरकार रही वहां दशकों तक वहां बड़ा जन आधार रहा। पिछले कुछ चुनाव हम नहीं जीत पाए लेकिन यह हमारी पार्टी का अधिकार है कि हम अपनी मजबूती जो हमारी जड़ी थी। उन्हें और मजबूत करें उसका परिणाम यह रहा कि राज्य सरकार में तब्दीली हुई है और आम आदमी पार्टी चुनाव हार गई। क्योंकि हम लोग चुनाव लड़े थे चुनाव जीतने के लिए जो हमारी पुरानी स्थिति थी, वहां तक पहुंचाने के लिए भविष्य में भी हमारा वोट जो 30% बड़ा है। उसे पर और काम करेंगे और आने वाले हर चुनाव में हम यह स्थिति करेंगे जहां तक इंडिया गठबंधन की बात है, वह गठबंधन लोकसभा चुनाव में एनडीए के विरोध में किया था। जो संकट देश के सामने था उसमें कांग्रेस ने तमाम दलों के सामने मिलकर लड़ना चाहते थे। जिन मुद्दों के साथ थे वह मुद्दों को लेकर मामला गठबंधन अभी भी है। </p>
<p>कांग्रेस पार्टी और इंडिया एलियांज का इकट्ठा आने का जो मुद्दे थे वह मुद्दे अभी भी काम कर रहे है। समरावता मामले में सरकार ने कहा था न्यायिक जांच होनी चाहिए। वहां घरों में घुसे हैं लोगों को मारा है। सामान जलाए हैं। जब जांच नहीं हो रही है, तो न्याय कैसे मिलेगा सरकार की मंशा न्याय देने की नहीं है। अगर होती तो बहुत पहले न्यायिक जांच का आर्डर हो जाता है। फोन टैपिंग कोई छोटा-मोटा मुद्दा नहीं है कांग्रेस के लोग बोले तो पॉलिटिकली मोटिवेटेड हो सकता है, लेकिन यह आरोप उनके मंत्री का है। हमारी सरकार के समय जो हुई मामले में जांच चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 15:43:04 +0530</pubDate>
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                <title>लिव-इन को लेकर कानून बनाए सरकार, पंजीकरण के लिए हर जिले में बने प्राधिकरण : हाईकोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों के लिए कानून बनने की मंशा जताते हुए केन्द्र और राज्य सरकार को इस पर कार्रवाई करने को कहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/laws-on-live-in-should-enroll-government-authority-high-court-for/article-102494"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों के लिए कानून बनने की मंशा जताते हुए केन्द्र और राज्य सरकार को इस पर कार्रवाई करने को कहा है। अदालत ने कहा कि जब तक कानून नहीं बन जाता तब तक लिव इन के रजिस्ट्रेशन के लिए हर जिले में सक्षम प्राधिकरण बनाया जाए। यह प्राधिकरण लिव इन में रह रहे जोडो की समस्याओं का निवारण करें। अदालत ने इस संबंध में एक वेबसाइट शुरु करने को कहा है, ताकि ऐसे रिश्ते से उत्पन्न होने वाले मुद्दों का समाधान किया जा सके। अदालत ने विवाहित व्यक्ति के किसी अन्य के साथ रखने पर उसे संरक्षण देने को लेकर कानूनी बिंदु तय करने के लिए वृहदपीठ में भेजा है। जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश लिव इन में रह रहे जोडों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p><strong>सामाजिक मान्यता नहीं, लेकिन अवैध भी नहीं :</strong> अदालत ने कहा कि देश में अभी भी लिव इन को सामाजिक मान्यता नहीं है, लेकिन कानून की नजर में यह अवैध भी नहीं है। देश में लिव इन पर कानून नहीं होने से अदालतों के अलग-अलग फैसलों के चलते बहुत से लोग भ्रमित हो जाते हैं। ऐसे में समय की मांग है कि संसद और राज्य विधानमंडल को इस मुद्दे पर कानून बनाने के लिए विचार करना चाहिए। ऐसे रिश्ते से हुए बच्चों और महिला को सहायता के लिए अलग से कानून बनाए जाना चाहिए तथा ऐसे बच्चों की शिक्षा और पालन पोषण की जिम्मेदारी वहन करने के लिए लिव इन के साझेदारों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि अदालतों में ऐसे कई मामले आ रहे हैं, जिनमें लिव इन में रहने वाला एक पक्ष विवाहित है और बिना तलाक तीसरे के साथ रह रहा है।</p>
<p>कई मामलों में दोनों विवाहित हैं, लेकिन अलग महिला या पुरुष के साथ रह रहे हैं। इन जोड़ों ने परिवार और अन्य लोगों से जान का खतरा बताते हुए अदालत से सुरक्षा की मांग की है। अदालत ने पूर्व में कुछ मामलों में सुरक्षा दी है, जबकि कुछ मामलों में सुरक्षा देने से मना किया है। ऐसे में इस कानूनी बिंदु को तय करने के लिए वृहदपीठ में भेजना उचित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 15:15:59 +0530</pubDate>
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                <title>सरकार कब तक सच्चाई छिपाएगी, जनता को जबाव देना पडेगा : डोटासरा</title>
                                    <description><![CDATA[ईआरसीपी परियोजना को लेकर लगाई गई आरटीआई की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताकर नहीं देने पर पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा सरकार को जनता को जबाव देना ही पड़ेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/how-long-will-the-government-hide-the-truth-the-public/article-101574"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/555471.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ईआरसीपी परियोजना को लेकर लगाई गई आरटीआई की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताकर नहीं देने पर पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा सरकार को जनता को जबाव देना ही पड़ेगा। डोटासरा ने कहा है कि भाजपा सरकार ईआरसीपी परियोजना की जानकारी देने एवं समझौते को सार्वजनिक करने से क्यों घबरा रही है? राजस्थान की जनता पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना की कुल लागत, राज्य की हिस्सेदारी, कार्य की समयसीमा एवं क्रियान्वयन का विवरण जानना चाहती है। लेकिन भाजपा सरकार इसे 'राष्ट्रीय सुरक्षा' से जोड़कर जानकारी देने से बच रही है। ईआरसीपी के समझौते का सच बताने में 'राष्ट्रीय सुरक्षा का ख़तरा' एवं 'आर्थिक हितों का जोखिम' कैसे हो सकता है? सच ये है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पीकेसी-ईआरसीपी के समझौते में मध्य प्रदेश के सामने समर्पण करके राजस्थान के हितों के साथ खिलवाड़ किया है।</p>
<p>लोकसभा चुनाव में राजस्थान की जनता का वोट हासिल करने के लिए समझौते का स्वांग रचा गया, मुख्यमंत्री ने स्वयंभू 'भागीरथ' बनकर आभार सभाएं की और जल संकट ख़त्म करने का झूठ बोलकर जनता को धोखा दिया। सरकार कब तक समझौते की सच्चाई छिपाएगी? राजस्थान को भ्रमित करने वाले स्वयंभू 'भागीरथ' को जनता के सामने जवाब देना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 18:22:58 +0530</pubDate>
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                <title>जीएसटी के आतंक का देश भर में करेंगे आज खुलासा : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने सरकार के वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी को आतंक करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और पार्टी के नेता देश के 12 शहरों में जीएसटी के आतंक के विभिन्न विन्दुओं का खुलासा करेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-will-expose-the-terror-of-gst-across-the-country/article-100143"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/congress-logo-(3).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार के वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी को आतंक करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और पार्टी के नेता देश के 12 शहरों में जीएसटी के आतंक के विभिन्न विन्दुओं का खुलासा करेंगे। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने गुरुवार को ट्वीट कर यह जानकारी देते हुए कहा कि आज दोपहर 12 बजे देश के 12 शहरों में पार्टी के 12 नेता जीएसटी के आतंक का प्रेस (एजेंसी)ओं के माध्यम से खुलासा करेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई जोरहाट असम, प्रवीण चक्रवर्ती विजयवाडा आंध्र प्रदेश, शक्ति ङ्क्षसह गोहिल दिल्ली, मोहन कुमार मंगलम अहमदाबाद गुजरात, जय नारायण व्यास सूरत गुजरात, डॉ अजय कुमार चंडीगढ़ हरियाणा, राजीव गोड़ा तिरुवनंतपुरम  केरल, सचिन पायलट मुंबई, टी एस ङ्क्षसहदेव भोपाल मध्य प्रदेश, पवन खेड़ा जयपुर राजस्थान, सुप्रिया श्रीनेत लखनऊ तथा एमएम पल्लम राजू कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 13:28:15 +0530</pubDate>
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