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                <title>affected - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>affected RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्थानीय निकायों में प्रशासक व्यवस्था से प्रभावित हुए आमजन के कार्य, फ्री होल्ड पट्टे के प्रकरण अटके</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर परिषद और नगर पालिकाओं में निर्वाचित बोर्ड न होने के कारण निर्णय प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिसका सीधा असर नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/works-of-common-people-affected-by-administrative-system-in-local/article-139667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/swayat-shasan-vibhag-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के ढाई सौ से अधिक स्थानीय निकायों में निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाने से आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने लगे हैं। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में निर्वाचित बोर्ड न होने के कारण निर्णय प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिसका सीधा असर नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या फ्री होल्ड पट्टों के आवेदनों को लेकर सामने आई है। अब तक इन आवेदनों पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों—महापौर, सभापति और पालिका अध्यक्ष—के हस्ताक्षर से आदेश जारी होते थे, लेकिन प्रशासक व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया बाधित हो गई और सैकड़ों फ्री होल्ड आवेदन लंबित हो गए।</p>
<p>इससे नागरिकों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि संपत्ति से जुड़े कानूनी कार्य भी अटक गए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वायत्त शासन विभाग ने हस्तक्षेप करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। विभाग ने आदेश जारी कर फ्री होल्ड पट्टों के आवेदनों पर हस्ताक्षर करने की जिम्मेदारी प्रशासकों के बजाय नगरीय निकायों के आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को सौंप दी है। विभाग का मानना है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को यह दायित्व देने से निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और लंबे समय से लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। सरकार का तर्क है कि आयुक्त और अधिशासी अधिकारी तकनीकी व प्रशासनिक रूप से सक्षम होते हैं, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता बनी रहेगी। इस निर्णय से आमजन को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 14:45:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कपड़ों, झींगा और रत्न एवं आभूषण जैसे सामानों का निर्यात प्रभावित : निर्यात 11.8% गिरा, व्यापार घाटा 41.68 अरब डॉलर</title>
                                    <description><![CDATA[अक्टूबर में भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर पहुंचा। निर्यात 11.8% गिरकर 34.38 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 16.63% बढ़कर 76.06 अरब डॉलर हो गया। सोने का आयात बढ़कर 14.7 अरब डॉलर पहुंचा। अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क 50% करने से निर्यात प्रभावित हुआ। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पाद, मांस और काजू के निर्यात में वृद्धि दर्ज हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/exports-of-goods-like-clothes-shrimp-and-gems-and-jewelery/article-132783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिका को निर्यात में गिरावट और सोने के आयात में उछाल के बीच अक्टूबर में देश का व्यापार घाटा  41.68 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो एक रिकार्ड है। सितंबर में व्यापार घाटा बढ़कर  32.15 अरब डॉलर पर पहुँच गया था जो 13 महीने का उच्चतम स्तर था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में वाणिज्यक वस्तुओं का निर्यात 11.8% की गिरावट के साथ 34.38 अरब डॉलर रह गया, जबकि आयात 16.63% की वृद्धि के साथ  76.06 अरब डॉलर के स्तर पर रहा। पिछले वर्ष निर्यात 38.98 अरब डालर और आयात 65.21 अरब डालर था।</p>
<p><strong>सोने के आयात में इजाफा :</strong></p>
<p>आंकड़ों  के अनुसार सोने का आयात सितंबर महीने के 9.6 अरब डॉलर की तुलना में अक्टूबर में 14.7 अरब डॉलर रहा।</p>
<p><strong>निर्यात में गिरावट :</strong></p>
<p>अक्टूबर में अमेरिका को निर्यात वार्षिक आधार पर लगभग 9% घटकर 6.31 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 6.91 अरब डॉलर था। वैसे अक्टूबर में निर्यात मासिक आधार पर थोड़ा सुधरा है। सितंबर में अमेरिका को निर्यात गिर कर 5.47 अरब डॉलर पहुंच गया था।  </p>
<p><strong>ट्रम्प शुल्क 50% का असर :</strong></p>
<p>अमेरिका में भारतीय माल पर अगस्त के शुरू में 25% और माह के अंत में इसे बढ़ा कर 50% कर दिये जाने से विश्व के सबसे बड़े बाजार में देश का निर्यात प्रभावित हो रहा है। अमेरिका में ऊंचा शुल्क लगने से भारतीय कपड़ों, झींगा और रत्न एवं आभूषण जैसे सामानों का निर्यात प्रभावित हुआ है।</p>
<p><strong>देश के कुल निर्यात में वृद्धि :</strong></p>
<p>वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में पहली बार अक्टूबर में गिरावट आई। इस गिरावट का एक कारण अमेरिका को निर्यात में कमी है। व्यापार जगत में वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद सात महीनों में देश के कुल निर्यात (वस्तु और सेवा सहित) में 4.84% की वृद्धि देखी गई है। चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि 0.63% पर सीमित है।</p>
<p><strong>पेट्रोलियम निर्यात बढ़ा :</strong></p>
<p>अप्रैल-अक्टूबर 2025 में संचयी गैर-पेट्रोलियम निर्यात, जिसका मूल्य 219.90 अरब अमेरिकी डॉलर था, अप्रैल-अक्टूबर 2024 के 211.60 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 3.92% की वृद्धि दर्शाता है।</p>
<p><strong>इनका निर्यात बढ़ा :</strong></p>
<p>वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर में इलेक्ट्रॉनिक सामान, मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद, समुद्री उत्पाद, काजू और कॉफी जैसे माल के निर्यात में सालाना वृद्धि हुई।</p>
<ul>
<li>इलेक्ट्रॉनिक सामानों का निर्यात सालाना आधार पर 19.05% बढ़कर 4.08 अरब अमेरिकी डॉलर।</li>
<li>मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों का  निर्यात 30.87% की वृद्धि के साथ 0.58 अरब डॉलर।</li>
<li>समुद्री उत्पादों का निर्यात 11.08% बढ़कर 0.90 अरब डॉलर रहा। </li>
<li>काजू के निर्यात 126.85 की वृद्धि के साथ छह करोड़ डालर के बराबर रहा।  </li>
<li>कॉफी का निर्यात 10.91% बढ़कर 13 करोड़ डॉलर हो गया।  </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Nov 2025 11:30:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिवानी स्टेशन पर वॉशिंग लाइन पर गाड़ियों की अधिकता के कारण रेल यातायात प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी स्टेशन पर वॉशिंग लाइन पर गाड़ियों की अधिकता/लिक रेक की विलंबता के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rail-traffic-affected-due-to-excess-of-trains-on-washing/article-100831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/train_03.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भिवानी स्टेशन पर वॉशिंग लाइन पर गाड़ियों की अधिकता/लिक रेक की विलंबता के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार भिवानी स्टेशन पर वॉशिंग लाइन पर गाड़ियों की अधिकता-लिक रेक की विलंबता के कारण भिवानी-प्रयागराज रेलसेवा अपने निर्धारित समय शाम 7.35 बजे से 7 घंटे 55 मिनट देरी से, भिवानी-कालका रेलसेवा अपने निर्धारित समय सुबह 4.20 बजे से 2 घंटे 40 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी।</p>
<p>इसी प्रकार रेवाड़ी-बठिंडा रेलसेवा 16 जनवरी को रेवाड़ी से प्रस्थान करेगी वह रेलसेवा रेवाड़ी-भिवानी स्टेशनों के मध्य आंशिक रद्द रहेगी। भिवानी- रेवाड़ी रेलसेवा 16 जनवरी को रद्द रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jan 2025 17:22:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट तैयार, 485 हेक्टेयर भूमि की अवाप्ति से कोई रिहायशी क्षेत्र प्रभावित नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[नानोर एनिकट एवं सोलर बेस्ड माइको सिंचाई परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। नानोर एनिकट एवं सोलर बेस्ड माइको सिंचाई परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जल संसाधन विभाग के अनुसार इस परियोजना के अंतर्गत, नानोर एनिकट और सोलर पैनल सिस्टम के निर्माण के लिए 0.60 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य बकानी तहसील के चार गांवों की 485 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करना है, जिससे गांववासियों को सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, निर्माण कार्य में वन संवर्धन का भी लाभ मिलेगा।</p>
<p>रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस निर्माण कार्य से कोई रिहायशी क्षेत्र प्रभावित नहीं होगा और ना ही किसी व्यक्ति को विस्थापित किया जाएगा। भूमि का अधिग्रहण न्यूनतम आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा और पुनर्वासन की कोई आवश्यकता नहीं है। इस परियोजना को पर्यावरण की दृष्टि से अत्यधिक लाभकारी माना गया है, और इसके संभावित सामाजिक फायदे, खर्च और समाघातों की तुलना में परियोजना का लाभ काफी अधिक है। यह जनसाधारण के लिए महत्वपूर्ण और उपयोगी साबित होगी।</p>
<p>सभी प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण कार्य वर्तमान में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन कानून 2013 के तहत उचित प्रतिकर और पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/social-impact-assessment-report-prepared-no-residential-area-affected-due/article-99390</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 16:56:34 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनुरक्षण कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[शशि ने बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे पर अनुरक्षण कार्य किया जा रहा है। इसके कारण रेलवे यातायात को परिवर्तित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे पर अनुरक्षण कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। अनुरक्षण कार्य के कारण ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।<br />उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने इसे लेकर जानकारी दी है। शशि ने बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे पर अनुरक्षण कार्य किया जा रहा है।</p>
<p>इसके कारण रेलवे यातायात को परिवर्तित किया गया है। इस कार्य के कारण न्यू जलपाईगुड़ी-उदयपुर रेल सेवा 29 जुलाई को परिवर्तित मार्ग मुकरिया- कुमेदपुर- कटिहार होकर, उदयपुर- कामाख्या रेलसेवा 29 जुलाई को परिवर्तित मार्ग कटिहार- कुमेदपुर- मुकेरिया होकर संचालित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rail-traffic-affected-due-to-maintenance-work/article-86118</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jul 2024 16:35:12 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनुरक्षण कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में राजसमंद जिले में चारभुजा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर गुरुवार कार और ट्रेलर की आमने-सामने की भिड़ंत में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rail-traffic-affected-due-to-maintenance-work/article-84412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/train_03.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में राजसमंद जिले में चारभुजा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर गुरुवार कार और ट्रेलर की आमने-सामने की भिड़ंत में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र में धानिन मानसिंह जी का गुड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार और ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में कार सवार दो पुरुष और दो महिलाओं की मौत हो गई जो सभी एक ही परिवार के है।</p>
<p>मृतकों की शिनाख्त दीनबंधु उपाध्याय (32), पुरुषोत्तम उपाध्याय (40) उनकी पत्नी रेणु उपाध्याय (34) और मनसुख देवी उपाध्याय (68) निवासी केलवाड़ा राजसमंद के रूप में हुई है।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही चारभुजा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं, जिला कलेक्टर डॉक्टर भंवरलाल और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने भी घटना स्थल का मौका मुआयना किया। सभी शवों को सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rail-traffic-affected-due-to-maintenance-work/article-84412</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 19:59:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटरी से उतरे ट्रेन के डिब्बे, रेल यातायात प्रभावित </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के लालगढ़ यार्ड में रेल अवपथन ( पटरी से उतरने) के कारण रेल सेवाएं प्रभावित रहेगी।   ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/derailed-train-coaches-affect-rail-traffic/article-63183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/derail.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के लालगढ़ यार्ड में रेल अवपथन ( पटरी से उतरने) के कारण रेल सेवाएं प्रभावित रहेगी।   </p>
<p>उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार लालगढ़-अबोहर शुक्रवार को रद्द रहेगी। इसी प्रकार अबोहर-जोधपुर रेल सेवा अबोहर से लालगढ़ के मध्य आंशिक रद्द रहेगी।लालगढ़-जैसलमेर अपने निर्धारित समय 7:40  के स्थान पर सुबह 10:30 बजे, बीकानेर-दादर रेलसेवा अपने निर्धारित समय सुबह 8:30 बजे के स्थान पर सुबह 9 :30 बजे रवाना होगी। वहीं जैसलमेर-जयपुर रेल सेवा परिवर्तित मार्ग वाया नाल, लालगढ़ बाईपास,कानासर व लालगढ  होकर संचालित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Dec 2023 10:51:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कों पर लावारिस जानवरों के जमावड़े से यातायात हो रहा बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे में क्षेत्र के आसपास के गांवों के किसान व अन्य लोग अपने गांव व खेतों से आवारा जानवरों को निकाल कर रात्रि के समय में कस्बे की सड़कों पर छोड़ जाते हैं। जिससे अधिक समस्याएं पैदा हो रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-is-being-disrupted-due-to-the-gathering-of-unclaimed-animals-on-the-roads/article-32142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/sadko-par-lavaris-janwaro-ke-jamawade-se-yatayaat-ho-raha-baadhit...sultanpur-news-kota...12.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। नगर से गुजर रहे स्टेट हाइवे 70 पर जगह-जगह आवारा जानवरों के जमावड़े के चलते यातायात प्रभावित होने के साथ ही आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार जानवर चोटिल हो जाते हैं तो कभी बाइक सवारों को भी चोट लगती है। सड़कों पर जानवर बैठे रहने से जब बड़े वाहन सड़कों से गुजरते हैं तो जानवरों को भी आए दिन दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। जानकारी के अनुसार नगर सहित क्षेत्र में गौवंश की स्थिति दयनीय होती जा रही है। क्षेत्र की सड़कों व बाजारों में सर्वाधिक स्थानों पर गौवंश का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है। कई बार वाहनों की टक्कर से गौवंश की मृत्यु तक हो जाती है। व्यापार महासंघ अध्यक्ष विष्णु गोस्वामी ने कहा कि गौवंश की इस दुर्दशा को सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। गौवंश पर दिया जाने वाले अनुदान का लाभ गौवंश को पूर्णतया नहीं मिल पा रहा है। जिससे दिनों दिन गौवंश की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। बेसहारा गौवंश के स्थानीय स्तर पर भी कोई देखभाल व रखरखाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है। </p>
<p><strong>गांव से लावारिस जानवरों को छोड़ने से हो रही समस्या</strong><br />कस्बे में क्षेत्र के आसपास के गांवों के किसान व अन्य लोग अपने गांव व खेतों से आवारा जानवरों को निकाल कर रात्रि के समय में कस्बे की सड़कों पर छोड़ जाते हैं। जिससे अधिक समस्याएं पैदा हो रही हैं। गायों के लिए जो चारागाह की जमीन है, उन पर किसानों ने अतिक्रमण करके कब्जे कर लिए हैं। जानवरों के चरने के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी है।</p>
<p><strong>रात भर मचान पर बैठकर फसलों की रक्षा कर रहे किसान</strong><br />सुल्तानपुर क्षेत्र के खेतों में इन दिनों सरसों, गेहूं, चने आदि की फसलों की बुवाई हो चुकी है। खेतों में फसल उग चुकी है।  किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए मेहनत करनी पड़ रही है। सुरक्षा के लिए किसानों को रात भर खेतों में रहना पड़ रहा है। किसानों को आवारा जानवर से बोई हुई फसलों को बचाने में मशक्कत भी करनी पड़ रही है। क्षेत्र में आवारा जानवरों की अधिकता को देखते हुए किसानों को खेतों में रहना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>दिन-रात खेतों में डटे रहते हैं किसान </strong><br />किसानों का कहना है कि जब तक फसल पूर्ण रूप से तैयार होकर घर पर नहीं आ जाती है, तब तक वह उसे अपने बच्चों की तरह पालते हैं। किसान इन दिनों दिन-रात अपने खेतों में डटे हुए हैं। फसलों की बुवाई हो गई है। आवारा जानवर से बचाने के लिए रात्रि में भी खेतों पर ही मचान बनाकर रहना पड़ता है। जानवरों से बचने के लिए साथ में डंडा व बैटरी लेकर रात भर खेतों की रखवाली में लगे रहना पड़ता है। कई किसान आतिशबाजी का प्रयोग कर आवारा जानवरों को खेतों से दूर भगाने का कार्य भी करते हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर पालिका द्वारा नगर की गौशाला में सुल्तानपुर कस्बे में बैठने वाली 200 लावारिस गायों को भिजवा दिया गया है। जिसके चलते गौशाला में क्षमता से अधिक गायें हो गई हैं। गौशाला में 500 गाय रखने की क्षमता है। जबकि वर्तमान में करीब 800 गाय गौशाला में हो गई हैं। अधिक गौवंश होने से गौशाला में रखरखाव की व्यवस्थाओं के साथ ही चारे की भी कमी होने की आशंका है।<br /><strong>-रमेश खंडेलवाल, महामंत्री, श्रीगोपाल गौशाला</strong></p>
<p>नगर के बाजार में जितनी भी गाय थी उन्हें गौशाला में भिजवा दिया गया था। लेकिन आसपास के गांव से रात्रि में लोग नगर में गाय छोड़ जाते हैं। जिससे समस्याएं अधिक बढ़ गई हैं। सड़कों से गाय हटाने के लिए शीघ्र ही कोई उपाय किया जाएगा। <br /><strong>-हेमलता शर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2022 15:08:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कृषि पर्यवेक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और पटवारी के पद खाली पड़े, जनता भटक रही</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि पर्यवेक्षक के लम्बे समय से पद रिक्त होने से किसानों कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पटवारी के रिक्त पद से आमजन को सीमाज्ञान,जमीनी नकलें, प्रमाण पत्र हस्ताक्षर, क्षतिपूर्ति सहायता आदि के काम में चक्कर लगाने को मजबूर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-posts-of-agriculture-supervisor--village-development-officer-and-patwari-are-lying-vacant--people-are-wandering/article-31522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/krishi-paryvekshak,-gram-vikas-adhikari,-aur-patwari-ke-pad-khali-pade,-janta-bhatak-rahi...arnetha-news-bundi..5.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। कस्बे के कृषि पर्यवेक्षक, विकास अधिकारी और पटवारी के पद खाली पड़े है। जिससे आम जनता के काम प्रभावित हो रहे है। पंचायत समिति केशवराय पाटन में वर्तमान में 46 ग्राम पंचायत एवं 4 नगर पालिकाएं मिलाकर 50 कृषि पर्यवेक्षक होने चाहिए जबकि वर्तमान में 40 कृषि पर्यवेक्षक के पद रिक्त पड़े है। 4 सहायक कृषि अधिकारी के पद खाली पड़े है। इसी प्रकार  46 ग्राम पंचायत में 46 ग्राम विकास अधिकारी होने चाहिए जबकि वर्तमान में  27 ग्राम विकास अधिकारी ही मौजूद हैं । 19 ग्राम विकास अधिकारी के पद रिक्त पड़े है। कृषि पर्यवेक्षक के लम्बे समय से पद रिक्त होने से किसानों कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पटवारी के रिक्त पद से आमजन को सीमाज्ञान,जमीनी नकलें, प्रमाण पत्र हस्ताक्षर, क्षतिपूर्ति सहायता आदि के काम में चक्कर लगाने को मजबूर है। </p>
<p>पारी बाई माली उर्फ पार्वती बाई माली निवासी वार्ड 5 अंजना माता चौक क्षेत्र ने बताया पंचायत समिति केशवराय पाटन एवम पाटन तहसील में पिछले कई सालों जमीनी लेवल के कर्मचारियों में  कमी हैं । पंचायत समिति केशवराय पाटन में वर्तमान में 46 ग्राम पंचायत एवं 4 नगर पालिकाएं मिलाकर 50 कृषि पर्वेक्षक होने चाहिए जबकि वर्तमान में 10 कृषि पर्यवेक्षक मौजूद हैं जिनके पास करीब 80 हजार हैक्टेयर जमीन की देखरेख की जिम्मेदारी हैं। 5 सहायक कृषि अधिकारी होने चाहिए जबकि 1 ही मौजूद हैं। 1 कृषि अधिकारी होना चाहिए जबकि 1 भी नही हैं । इसी प्रकार  46 ग्राम पंचायत में 46 ग्राम विकास अधिकारी होने चाहिए जबकि वर्तमान में  27 ग्राम विकास अधिकारी ही मौजूद हैं । 19 ग्राम विकास अधिकारी के पद रिक्त पड़े है।  इसी प्रकार केशवराय पाटन तहसील के 38 हलको पर 38 पटवारी होने चाहिए जबकि 33 पटवारी ही मौजूद हैं ।  ग्राम, ब्लॉक, जिला एवम राज्य लेवल के जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों , उच्च अधिकारियों से विशेष आग्रह हैं जमीनी लेवल से जुड़ा हुआ मुद्दा समझकर आम जन के लिए कल्याण कारी योजनाएं पहुंचाने वाले कार्मिकों के रिक्त पदों को अतिशीघ्र भरकर राहत प्रदान करने की जरूरत है। </p>
<p><strong>सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है जनता</strong><br />कृषि पर्यवेक्षक के लम्बे समय से पद रिक्त हैं । इनके रिक्त पद से किसानों कार्य प्रभावित हो रहे हैं।  वर्तमान समय में खाद वितरण में भी इनकी कमी खल रही हैं। साथ ही एक सहायक कृषि अधिकारी को पूरी पंचायत समिति देखनी पड़ रही हैं। <br /><strong>- नरेंद्र गौतम, किसान अरनेठा </strong></p>
<p>ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के अंतर्गत गांव के विकास के अनेक कार्य आते हैं। ऐसे में उनकी रिक्त पद से होने से स्वच्छता, आवास, अतिक्रमण, जन हित मुद्दे प्रभावित होते हैं। <br /><strong>- चंद्र प्रकाश गुर्जर, सारसला </strong></p>
<p>पटवारी के रिक्त पद से आमजन को सीमाज्ञान,जमीनी नकलें, प्रमाण पत्र हस्ताक्षर, क्षतिपूर्ति सहायता आदि के काम में चक्कर लगाने को मजबूर है। ऐसे में ग्रामीणों को समस्या खड़ी हो जाती हैं । रिक्त पदों की कमी दूरी होना आवश्यक हैं।<br /><strong>-  सत्यनारायण सैनी,अरनेठा</strong></p>
<p>कृषि पर्वेक्षक की नई भर्ती हो रही हैं। उसमें आ रहे हैं इन पदों को भर देंगे । अभी हमने पाटन को खूब पटवारी दे दिए हैं। 4- 5 पद रिक्त हैं नई वेकेंसी में उनको भी भर देंगे । ग्राम विकास अधिकारियों को लेकर हमने सरकार तक बात पहुंचा रखी हैं । हम कोशिश भी कर रहे हैं रिक्त पदों को भरने की।<br /> <strong> -डॉक्टर रविंद्र गोस्वामी ,जिला कलक्टर, बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-posts-of-agriculture-supervisor--village-development-officer-and-patwari-are-lying-vacant--people-are-wandering/article-31522</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Dec 2022 17:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर जगह लावारिस मवेशियों का जमावड़ा, यातायात हो रहा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे में हाइवे 70 से लेकर गली मोहल्लों और मुख्य बाजारों व सड़कों पर आवारा मवेशियों के जमावड़े से एक तरफ तो आए दिन यातायात प्रभावित होता रहता है वहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/unclaimed-cattle-gathering-everywhere--traffic-getting-affected/article-18345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/har-jagah-laavaris-maveshiyo-ka-jamawada-sultanpur-news-kota-8.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। कस्बे में हाइवे 70 से लेकर गली मोहल्लों और मुख्य बाजारों व सड़कों पर आवारा मवेशियों के जमावड़े से एक तरफ तो आए दिन यातायात प्रभावित होता रहता है वहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। जानकारी के अनुसार पिछले दिनों मुख्य सचिव द्वारा आयोजित वीडियो कांफ्रेंस में हुई चर्चा के बाद हाइवे, मेगा हाईवे एवं अन्य सार्वजनिक मार्गों पर पशुओं के बैठने को गंभीरता से लिया गया था। रात्रि के समय रोड पर बैठे हुए पशु नजर न आने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस संबंध में एनएचएआई संबंधित एजेंसी एवं रोड के आसपास के क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगर पालिका को पाबंद करते हुए राजमार्ग पर एवं अन्य सार्वजनिक मार्गों पर पशुओं को बैठने से रोकने की कार्यवाही की चर्चा की गई थी। जिसके तहत संभागीय आयुक्त दीपक नंदी द्वारा 5 अगस्त को कोटा, बूंदी, बारां एवं झालावाड़ जिले में आदेश निकाला गया था कि हाइवे व मेगा हाइवे एवं अन्य सार्वजनिक मार्गों पर बैठने वाले पशुओं को हटाने की व्यवस्था की जाए।</p>
<p>लेकिन लेटर जारी होने के 2 दिन बाद तक इस मामले में कोई भी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। कस्बे से गुजर रहे स्टेट हाइवे 70 पर जगह-जगह आवारा जानवरों के जमावड़े के चलते यातायात प्रभावित होने के साथ ही आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जिसमें कभी तो जानवरों को चोटिल होना पड़ता है तो कभी बाइक सवारों को भी चोट लगती है। सड़कों पर जानवर बैठे रहने से जब बड़े वाहन सड़कों से गुजरते हैं तो जानवरों को भी आए दिन चोटें लग जाती हैं। जिससे जानवरों के पैरों से खून निकलता रहता है। इसके लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं और ना ही प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कस्बे सहित क्षेत्र में गोवंश की स्थिति दयनीय होती जा रही है। क्षेत्र की सड़कों पर बाजारों में सर्वाधिक स्थानों पर गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। कई बार वाहनों की टक्कर से गोवंश की मृत्यु तक हो जाती है। अनेक बार गोवंश घायल हो जाते हैं। ग्रामीण छोड़ जाते हैं गोवंश कस्बे में क्षेत्र के आसपास के गांवों के किसान व अन्य लोग अपने गांव व खेतों से आवारा जानवरों को रात्रि के समय कस्बे की सड़कों पर छोड़ जाते हैं। जिससे अधिक समस्याएं बन रही हैं। क्योंकि वर्तमान में गायों के लिए जो चारागाह की जमीन हैं उन पर किसानों ने अतिक्रमण कर कब्जे कर लिए हैं। जानवरों के लिए चरने के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी है। जिससे जानवरों को भी समस्याएं आ रही हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है......</strong></p>
<p>नगर पालिका द्वारा पूर्व में सुल्तानपुर कस्बे में बैठने वाली 200 आवारा गायों को कस्बे की गौशाला में भिजवा दिया गया है। जिसके चलते गौशाला में क्षमता से अधिक गाय हो गई हैं। गौशाला में 500 गाय रखने की क्षमता है। जबकि वर्तमान में करीब 800 गाय गौशाला में हो गई हैं। अधिक गाय होने से गौशाला में रखरखाव की व्यवस्थाओं के साथ ही चार की भी कमी होने की आशंका है। -रमेश खंडेलवाल, महामंत्री, श्रीगोपाल गौशाला</p>
<p>गोवंश की इस दुर्दशा को सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। गोवंश ऊपर दिया जाने वाला अनुदान जिसका लाभ गोवंश को पूर्णतया नहीं मिल पा रहा है। जिससे दिनों दिन गोवंश की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यहां घूमते बेसहारा गोवंश की स्थानीय स्तर पर भी कोई देखभाल व रखरखाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इस संदर्भ में कई बार अवगत करा दिया गया है। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो युवाओं को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। -विष्णु गोस्वामी, अध्यक्ष, व्यापार महासंघ</p>
<p>कस्बे में बाजार में जितनी भी गाय थीं, उन्हें गौशाला में भिजवा दिया गया था। लेकिन आसपास के गांव से रात्रि में लोग कस्बे में गाय छोड़ जाते हैं। जिससे समस्याएं अधिक बढ़ गई हैं। सड़कों से गाय हटाने के लिए शीघ्र ही कोई उपाय किया जाएगा। -हेमलता शर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Aug 2022 18:35:34 +0530</pubDate>
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                <title>ईआरसीपी पर दांव पर 83 विधायकों की साख </title>
                                    <description><![CDATA[ईस्टर्न राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को लेकर केन्द्र और प्रदेश सरकार भले ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हो, लेकिन इस प्रोजेक्ट के मामले पर प्रदेश के 83 विधायकों की साख दांव पर लग गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-credibility-of-83-mla-at-stake-on-ercp/article-13774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/nag-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ईस्टर्न राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को लेकर केन्द्र और प्रदेश सरकार भले ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हो, लेकिन इस प्रोजेक्ट के मामले पर प्रदेश के 83 विधायकों की साख दांव पर लग गई। इनमें सत्तारूढ़ कांग्रेस के 49 तथा प्रतिपक्ष भाजपा के 25 एमएलए शामिल है। इनमें 16 मंत्री भी है। अगले साल राजस्थान में विधानसभा के चुनाव है और उसमें ईआरसीपी का मामला भी मुद्दा बने बिना नहीं रहेगा। प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार के मंत्री और कांग्रेस तथा उसके समर्थित विधायक प्रोजेक्ट को रोकने को लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। भाजपा इस मामले पर हो रही देरी को लेकर पूरी तरह सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस को असफल साबित करने की कोशिश करेगी।</p>
<p><strong>3 करोड़ लोग प्रभावित</strong><br />ईआरसीपी में प्रदेश के 13 जिले झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर और धौलपुर शामिल है। अगर ईआरसीपी प्रोजेक्ट पूरा होता है, तो इन 13 जिलों दो लाख आठ हजार हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होगी और करीब साढ़े तीन करोड़ जनता प्रभावित होगी। यह प्रोजेक्ट इन जिलों के वरदान साबित होगा। राजनैतिक प्रेक्षकों के अनुसार ईआरसीपी प्रोजेक्ट झालावाड़ जिले के चार, बारां के चार, कोटा के छह, बूंदी के तीन, सवाईमाधोपुर के चार, अजमेर के आठ, टोंक के चार, जयपुर के 19, दौसा के पांच, करौली के चार, अलवर के 11, भरतपुर के सात और धौलपुर जिले के चार विधायकों की साख पर यह प्रोजेक्ट असर डालेगा, तभी तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा और अपने विरोधी विधायकों को घेरने के लिए इस मुद्दे को उठाया है। इस मामले पर सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा को होता नजर आ रहा है। प्रेक्षकों का, तो यह भी कहना है कि इस मुद्द् को लेकर जो जन प्रतिनिधि जनता के बीच अपनी बात रखेगा, उसको विधानसभा चुनावों में जरूर लाभ होगा।</p>
<p><strong>कांग्रेस का तर्क</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा का मानना है कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में दो राष्ट्रीय परियोजनाएं घोषित हुई। राजस्थान में आज तक किसी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया। परियोजना के लिए जमीन, पानी, कैचमेंट हम उपलब्ध करवा रहे हैं तो फिर आपत्ति क्या है। ईआरसीपी परियोजना केन्द्रीय जल आयोग की 2010 की गाइडलाइन अनुसार तैयार की गई। जल आयोग के 36 साल के आंकड़ों के अनुसार चम्बल नदी का औसतन 19 हजार मिलियन क्यूबिक मीटर और 75 प्रतिशत निर्भरता पर 11 हजार 200 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी हर साल यमुना नदी के माध्यम से समुद्र में व्यर्थ बह जाता है,जबकि इस परियोजना के माध्यम से महज 3500 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी ही उपयोग में लिया जाएगा, जिस पर केन्द्र सरकार क्यों आपत्ति जता रही है, यह समझ से परे है।</p>
<p><strong>भाजपा का तर्क</strong><br />भाजपा नेता अब तक कहते रहे हैं कि 75 फीसदी डिपेंडेबिलिटी पर ही राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित हो सकता है। पुरानी प्रोजेक्ट डीपीआर 50 फीसदी डिपेंडेबिलिटी यानी अधिक चौड़ी नहरों का बना हुआ है। ऐसे में तकनीकी रूप से इसे मंजूरी नहीं मिल रही। वहीं राजस्थान का मध्यप्रदेश से भी विवाद गहराया हुआ है। प्रोजेक्ट की 50 फीसदी डिपेंडेबिलिटी पर नई डीपीआर केन्द्र को भेजने और मध्यप्रदेश से विवाद निपटाने में प्रदेश सरकार कोई कदम नहीं बढ़ा रही है। <br /><br /><strong>किस जिले के कितने विधायक प्रभावित</strong><br />झालावाड़    4    0    4    0<br />बारा    4    3    1    0<br />कोटा    6    3    3    0<br />बूंदी    3    1    2    0<br />सवाई माधोपुर    4    3    0    1<br />अजमेर    8    2    5    1<br />टोंक    4    3    1    0<br />जयपुर    19    10    6    3<br />दौसा    5    4    0    1<br />करौली    4    4    0    0<br />अलवर    11    7    2    2<br />भरतपुर    7    6    0    1<br />धौलपुर    4    3    1    0<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Jul 2022 09:38:51 +0530</pubDate>
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                <title>नेटबंदी से 7000 करोड़ का व्यापार प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[हत्याकांड के बाद बने हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवा बंद की है। डिजिटल युग में नेटलॉक करना अब आमजन को सताने लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-bussiness-affected--of-7000-carore-to-net-ban/article-13409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/4545465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हत्याकांड के बाद बने हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवा बंद की है। डिजिटल युग में नेटलॉक करना अब आमजन को सताने लगा है। इसके साथ ही छोटे कारोबारियों का व्यापार ठप हो गया है। ऑनलाइन शॉपिंग, फूड परचेजिंग, कैब बुकिंग, बिल पेमेंट और ई-वे बिलिंग जैसे रोजमर्रा के ट्रांजेक्शन ठप हो गए है।</p>
<p><strong>ये सुविधाएं बाधित</strong><br />ऑनलाइन फूड ऑर्डर, पानी-बिजली के बिल भुगतान, ऑन लाइन शॉपिंग, फ्लाइट और ट्रैन बुकिंग और ऑन लाइन पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसी सेवाएं बाधित हो जाती है। बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स से लेकर लगभग हर क्षेत्र में इंटरनेट आधारित इन सेवाए ठप रही। पेट्रोल पंप पर भी ऑनलाइन और मोबाइल पेमेंट अटके हुए है। आॅनलाइन क्लास पर भी इंटरनेट बंदी से पढ़ाई की छुट्टी हुई है।</p>
<p><strong>सरकार कोई अन्य उपाय करे</strong><br />छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों से मोबाइल इंटरनेट बंद है। शनिवार को भी बंद रहेगा। पिछले दिनों बंद से बीस हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। सरकार को कोई अन्य उपाय करने चाहिए।</p>
<p>-<strong> सुरेश अग्रवाल, चेयरमैन फोर्टी हजारों बेरोजगार</strong></p>
<p>मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद होने से डिलीवरी फोर्स बेरोजगार हो गई है। जयपुर में प्रतिदिन 500 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। सरकार को लघु व्यापारियों को राहत देने के लिए कोई बचाव की पहल करनी चाहिए।<br /><strong>- सुभाष गोयल, अध्यक्ष, जयपुर व्यापार महासंघ</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 10:44:20 +0530</pubDate>
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