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                <title>Spreading awareness - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Spreading awareness RSS Feed</description>
                
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                <title>सैटेलाइट अस्पताल, किशनपोल पर आयोजित होगा मेगा रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से की रक्तदान की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 17 सितंबर को सैटेलाइट अस्पताल, किशनपोल में मेगा रक्तदान शिविर आयोजित। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रवि शेखावत ने आमजन से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mega-blood-donation-camp-will-be-organized-at-satellite-hospital/article-165666"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/blood.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 17 सितम्बर 2026 को सैटेलाइट अस्पताल, किशनपोल, जयपुर-प्रथम पर मेगा रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने आमजन से शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर रक्तदान करने की अपील की है। डॉ. शेखावत ने बताया कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाकर उनका जीवन बचाया जा सकता है।</p>
<p>रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में आमजन की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आमजन से आगे आकर रक्तदान करने तथा इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 16:03:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफाई अभियान चलाकर की गई सफाई  : मुरलीपुरा जोन वार्ड नंबर 10, रोड नंबर 1 से सीकेएस हॉस्पिटल कमर्शियल एरिया तक खाटू श्याम पदयात्रा मार्ग पर सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारियों और क्यूंआरटी टीमों ने मिशन मोड पर सफाई अभियान चलाया और पदयात्रा मार्ग, सार्वजनिक शौचालयों व कमर्शियल एरिया में सफाई का निरीक्षण किया। दुकानदारों को गीला-सूखा कचरा अलग रखने, सिंगल यूज़ प्लास्टिक न इस्तेमाल करने और डस्टबिन सही उपयोग की जानकारी दी गई। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cleanliness-campaign-was-carried-out-on-khatu-shyam-padayatra-route/article-144247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कर्मचारियों द्वारा मिशन मोड पर सफाई अभियान चलाकर सफाई की गई। क्यूंआरटी टीमों द्वारा भी मॉनिटरिंग की जा रही है। इस दौरान टीमों ने जन जागरूकता अभियान के दौरान पदयात्रा मार्ग पर साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही दुकानदारों को गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए। सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए समझाइश की गई।</p>
<p>पद यात्रियों को अपनी-अपने घरों पर चार डस्टबिन (नीला, हरा, पीला, काला) के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।कमर्शियल एरिया में कचरा फैलाने पर जुर्माने की चेतावनी दी गई। यात्रियों की सुविधा हेतु अस्थायी डस्टबिन लगाये गए।सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता की जांच की गई।व्यापारियों से स्वच्छता सर्वेक्षण में सहयोग की अपील की गई।“स्वच्छता ही सेवा” का संदेश देते हुए जागरूकता अभियान चलाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 15:47:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्तदान शिविर में 69 यूनिट रक्त एकत्र, मुख्य उद्देश्य रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना</title>
                                    <description><![CDATA[गोविंदगढ़ के ग्राम सीतारामपुरा में आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/69-units-of-blood-in-blood-donation-camp-the-main/article-107665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer66.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गोविंदगढ़ के ग्राम सीतारामपुरा में आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस नेक कार्य में आगे आने के लिए प्रेरित करना था।</p>
<p>विकास समिति के सदस्यों ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला और लोगों को इस नेक कार्य में आगे आने के लिए प्रेरित किया। विकास समिति के सदस्य अजय निठारवाल शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने लोगों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए उत्साह दिखाया और उन्हें रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक किया। इसके अलावा समिति के अन्य सदस्यों रामसिंह निठारवाल, महेंद्र निठारवाल, राजेंद्र निठारवाल, धर्मेंद्र निठारवाल और सुभाष निठारवाल ने शिविर में भाग लिया। इस दौरान रक्तदान शिविर में कुल 69 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:31:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हिंदी के प्रति विश्वभर में जागरूकता का प्रसार हो</title>
                                    <description><![CDATA[हिंदी इस समय विश्व के 61 करोड़ लोगों की भाषा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/awareness-about-hindi-should-spread-across-the-world/article-100247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(16)2.png" alt=""></a><br /><p>हिंदी इस समय विश्व के 61 करोड़ लोगों की भाषा है। विश्व भाषा के जारी आंकड़ों के अनुसार हिंदी भाषा तेजी से वैश्विक स्थान बनाती जा रही है। इसमें बड़ा योगदान उस तकनीक का भी है,  जिसमें हिंदी को बोलने, बरतने और उसके उपयोग को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी ने आसान किया है। विश्व हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य है, हिंदी के प्रति विश्वभर में जागरूकता का प्रसार। देश के पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी 2006 को प्रति वर्ष विश्व हिन्दी दिवस के रूप मनाए जाने की घोषणा की थी। उसके बाद से भारतीय विदेश मंत्रालय ने विदेश में 10 जनवरी 2006 को पहली बार विश्व हिन्दी दिवस मनाया था। इस अवसर पर दुनिया भर के देशों के भारतीय दूतावासों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होते है। हिंदी भाषा नहीं भारतीय संस्कृति का गौरव है। महात्मा गांधी इस बात को जानते थे कि राष्ट्र की अपनी भाषा से ही गुलामी की जंजीरों को पूरी तरह से तोड़ा जा सकता है। खुद गांधी गुजराती भाषी थे परन्तु उन्होंने राष्ट्र की एकता, राष्ट्र हित के लिए हिंदी को अपनी भाषा बनाया। स्वतंत्रता आंदोलन और आजादी के बाद हिन्दी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए संविधान निर्माताओं ने 14 सितंबर 1949 के दिन ही हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद 14 सितंबर 1953 को आधिकारिक रूप से पहली बार राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी पहली बार 1949 में हिन्दी भाषा का प्रयोग हुआ था। </p>
<p>आज हिंदी दुनिया की तीसरी और भारत की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। अंग्रेजी और चीन की मंदारिन के बाद दुनिया में इसी का सर्वाधिक बोले जाने वालों में स्थान है। यह बात समझने की है कि भाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम ही नहीं होती है, वह नैतिक, सामाजिक,  सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों की भी संवाहिका होती है। हिन्दी भाषा हिन्दुस्तान की संस्कृति है। विश्वभर की भाषाओं में तेजी से अपना स्थान बनाती जा रही हिंदी को यदि हमारे देश की धड़कन कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं, भारत की संस्कृति, संस्कार, ज्ञान और परम्परा को देश-दुनिया में पहचाने जाने में हिन्दी की अहम भूमिका है। अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान और भारतवंशियों को एकता के सूत्र में पिरोने में हिन्दी भाषा का ही योगदान महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र और जी-20 के सम्मेलनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिंदी में अपनी बात रखकर इस भाषा के वैश्विक महत्व को स्थापित किया है। नई शिक्षा नीति में हिंदी भाषा के प्रयोग पर अधिक जोर दिया गया है। इस नीति में तीन भाषाओं का फॉर्मूला दिया गया है। </p>
<p>इसमें अंग्रेजी के अलावा दो भारतीय भाषाओं को स्थान दिया गया है। अब तक गैर-हिंदी भाषी राज्यों में स्थानीय भाषा के अलावा केवल अंग्रेजी को ही महत्व मिलता रहा है। इस दृष्टि से नई शिक्षा नीति में तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी को अनिवार्य करना महती कदम है। बहुत से स्तरों पर अब हिंदी में इंजीनियरिंग और डॉक्टरी की पढ़ाई की भी व्यवस्था की गई है। इस संदर्भ में मध्य प्रदेश के सभी 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हिंदी भाषा में पढ़ाई की शुरुआत हिंदी को बढ़ावा दिए जान की दिशा में बड़ी पहल है। हिंदी भाषा को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के लिए भी केन्द्र सरकार के स्तर पर कई बड़े कदम उठाए हैं। इसी की परिणति रही है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जून 2022 में पहली बार हिंदी भाषा से जुड़े भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के सभी जरूरी कामकाज और सूचनाओं को इसकी आधिकारिक भाषाओं के अलावा दूसरी भाषाओं हिंदी में भी जारी किया जाए।</p>
<p> हिंदी भाषा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसने न केवल अपनी क्षेत्रीय बोलियों को अपने भीतर आत्मसात किया हुआ है, बल्कि विश्वभर की अन्य भाषाओं को भी अपने भीतर एक किया हुआ है। हिंदी भाषा का हृदय बहुत विशाल है। इसके भीतर संस्कृत, पाली, प्राकृत, फारसी, अरबी, तुर्की, अंग्रेजी, फ्रांसीसी इत्यादि भाषाओं के साथ भारत की ही अनेक बोलियों के शब्द समाहित हैं। हिंदी की लिपि सबसे वैज्ञानिक लिपि है। विश्वभर में इस समय 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी शिक्षण की व्यवस्था है। यह सच है, हिन्दी भाषा तेजी से वैश्विक भाषा बन रही है। जरूरत इस बात की भी है कि हिन्दी की जड़ों को हम ज्ञान-विज्ञान के नए क्षेत्रों से संपन्न करें। इसे आधुनिकता की दृष्टि से विकसित करते हुए इसमें साहित्य की विभिन्न विधाओं में ही नहीं विज्ञान,  वाणिज्य और कम्प्यूटर आदि विषयों से भी संपन्न करें। इसी से यह भविष्य की विश्व की अग्रणी भाषा बन सकेगी। विश्व हिंदी दिवस की सार्थकता भी इसी में है।</p>
<p><strong> -डॉ. अरुणा व्यास</strong><br /><strong>यह लेखक के विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 11:23:22 +0530</pubDate>
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