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                <title>लापरवाही : खानपुर के कई वार्डों में रोडलाइटें नहीं, चोरी व हादसे का खतरा, सड़क किनारे लगी रोडलाइटें बंद</title>
                                    <description><![CDATA[खानपुर नगर पालिका घोषित होने के बाद भी अभी संपूर्ण रूप से नगर पालिका नहीं बन पाई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--there-are-no-road-lights-in-many-wards-of-khanpur--there-is-a-risk-of-theft-and-accidents/article-127018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर नगर पालिका घोषित होने के बाद भी अभी संपूर्ण रूप से नगर पालिका नहीं बन पाई है। यहां पर बहुत से वार्डों में रोड लाइटें सुचारू रूप से नहीं जलती है यहां तक की कई जगहों पर तो रोड लाइटें ही नहीं लगी है। जानकारी अनुसार खानपुर क्षेत्र में सड़क किनारे लगी रोडलाइटें नहीं जल रही है और कई वार्डों में तो रोड लाइटें ही नहीं लगी है , जिस कारण रात्रि के समय में सड़कों पर अंधेरा रहता है। रात के समय में अंधेरा होने के कारण कभी भी सड़कों पर हादसा हो सकता है। यहां तक की गलियों में रोड लाइटें  नहीं होने के कारण रात के समय में चोर और स्मैकची सक्रिय रहते है जो चोरी व लूट की वारदातों को अंजाम दे सकते है । कई बार सड़कों पर रात्रि के समय में मवेशी बैठे रहते है जो रोड लाइटों के अभाव में नहीं दिखाई देते जिस कारण भी हादसा हो सकता है। कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द खानपुर क्षेत्र में जिस भी जगह रोड लाइटें लगी हुई उन्हें ठीक करवाया जाए तथा जहां पर सड़कों पर रोडलाइटेंं नहीं है वहां पर रोड लाइटें लगाई जाए। पुराना बड़ा बाजार में जैन मंदिर, गुदरी के चौराहे, पुराना स्टेट बैंक चौराहे पर भी रोड लाइटों की समस्या बनी हुई है। </p>
<p>खानपुर को नगर पालिका घोषित हुए बहुत समय हो गया है अभी भी खानपुर नगर पालिका नजर नहीं आ रही है दिन हो या रात लेकिन नगर पालिका जैसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है । <br /><strong>-पवन पंचोली, कस्बेवासी </strong></p>
<p>अभी 22 सितंबर से नवरात्र प्रारंभ हो जाएंगे और नवरात्र पर जगह-जगह पर डांडिया गरबा नृत्य होंगे तो रोड लाइटों के अभाव में परेशानी होगी। <br /><strong>- मुकेश मालव, कस्बेवासी </strong></p>
<p>रात्रि के समय में रोड लाइट नहीं जलने से राहगीरों को हादसे का भय बना रहता है।<br /><strong>-रमेश शर्मा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>सड़कों पर अंधेरा रहता है कभी भी चोरी जैसी वारदात हो सकती है। <br /><strong>-राजेंद्र मेरोठा, कस्बेवासी </strong><br /> <br />खानपुर में मुख्य मार्ग को छोड़कर गलियों में भी अंधेरा हो रहा है, वार्ड नंबर 20 वार्ड नंबर 21 पर तो लाइट व्यवस्था ही नहीं है, लाइट लगाई जाए। <br /><strong>-रामस्वरूप योगी, कस्बेवासी </strong></p>
<p> सड़कों पर रात्रि के समय मवेशी बैठ रहते है रात में रोड लाइटें नहीं जलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। <br /><strong>- राम सिंह यादव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>नवरात्रा के पहले ही रोड लाइटें जो भी खराब है उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा और जहां भी सड़कों के किनारे रोड लाइटें नहीं है वहां पर रोड लाइटें लगवा दी जाएगी।  <br /><strong>-पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:06:48 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा के 500 न्याय कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में राजस्थान न्याय कर्मचारी संघ के समर्थन में कोटा के न्याय कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर रहे । सुबह से ही अवकाश पर रहने के कारण अदालतों का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-500-justice-workers-also-on-mass-leave/article-31187"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/kota-k-500-nyaya-karmchari-bhi-saamuhik-awkash-par..kota-news..live..30.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । राजस्थान न्याय कर्मचारी महासंघ कोटा के तत्वावधान में कोटा जिला सचिव के अधीनस्थ न्याय कर्मचारी बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहे । न्याय कर्मचारियों की मांग है कि जयपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुभाष मेहरा की हत्या की सीबीआई से जांच करवाई जाए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का मोबाइल जप्त किया जाए और उसके परिवार को 5000000 रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ कोटा के महासचिव नरेंद्र राय जैन ने बताया कि कोटा जजशिप के अधीनस्थ करीब 60 न्यायालय हैं जिनमें 500 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत है । जयपुर में राजस्थान न्याय कर्मचारी संघ के समर्थन में कोटा के न्याय कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर रहे । सुबह से ही अवकाश पर रहने के कारण अदालतों का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा । कर्मचारियों ने अदालत परिसर से कलेक्ट्री तक रैली निकाली और उसके बाद कलेक्ट्री पर धरना दिया।  उन्होंने कहा कि यह सामूहिक अवकाश अनिश्चितकालीन है जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक धरना जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Nov 2022 16:50:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हम नहीं किसी से कम कुश्ती में दिखा रहे दम</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-showing-no-less-than-anyone-in-wrestling/article-21732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/hum-nahi-kisi-se-kum...kota-news-5.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अन्तरराष्टÑीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भारत के कई खिलाड़ियों ने पदक दिलाकर नाम रोशन किया है। अब तक कोटा के भी कई खिलाड़ी राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने दम पर धाक कायम कर चुके हैं। इसके चलते इस खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने लगा है। कुश्ती का खेल पुरातन काल से चला आ रहा है। समय बदलने के साथ खेल का स्तर भी बदलता चला गया। किसी जमाने में मिट्टी के मैदान में होने वाला यह खेल अब मेट पर पहुंच गया है। गांवों में इस खेल का अभी भी काफी क्रेज हैं। वहां पर मिट्टी के मैदानों में ही इस खेल का आयोजन होता है। शहरों में इसका स्तर बदल गया है। अब यहां मेट पर कुश्ती का आयोजन करवाया जाता है। राष्टÑीय व अन्तरराष्टÑीय प्रतियोगिताएं भी मेट पर ही होती हैं। इस कारण अब जिला स्तर पर भी कुश्ती की तैयारियां मेट पर ही करवाई जाती है। कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।</p>
<p><strong>मेहनत के बल पर पाया मुकाम</strong><br />पिछले कुछ सालों में वैसे तो कई खिलाड़ियों में अपनी मेहनत के बल पर कुश्ती में ऊंचा मुकाम हासिल किया है और स्टेट व नेशनल स्तर पर पदक भी कोटा की झोली में डाले हैं। कोटा के खिलाड़ी यादवेन्द्र ने 92 किग्रा में नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल कर रखा है। उन्होेंने दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को कड़ी स्पर्धा में टक्कर देते हुए यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में वह नियमित अभ्यास कर गोल्ड की तैयारी में जुटा हुआ है।  पहलवान रविन्द्र कुमार भी नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाकर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुके हैं।</p>
<p><strong>सुविधाओं की खल रही कमी</strong><br />कुश्ती का खेल अब मिट्टी से निकलकर मेट यानि गद्दे पर पहुंच गया है। कोटा में मैदान तो है, लेकिन बेहतरीन मेट की कमी खल रही है। शहर में कई अखाड़े बने हुए हैं, जहां पर नियमित रूप से खिलाड़ियों को कुश्ती का अभ्यास करवाया जाता है। उनमें प्रमुख मंगलेश्वर महादेव व्यायामशाला, देवभूमि अखाड़ा व महावीर व्यायामशाला शामिल है। इन अखाड़ों में रोजाना करीब सौ से डेढ़ खिलाड़ी अलग-अलग वर्गो में कुश्ती का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। यहां पर मेट की सुविधा तो है, लेकिन वह स्टेट व नेशनल स्तर प्रतियोगिताओं के अनुरूप नहीं है। इससे खिलाड़ियों को परेशानी होती है। यदि बेहतर मेट की व्यवस्था हो जाए तो कोटा के खाते में पदकों की संख्या और जुड़ जाएगी।</p>
<p> कुश्ती में कोटा के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से अच्छा मुकाम हासिल कर रखा है। अब तक कई खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में कोटा को पदक दिला चुके हैं। अब तो स्कूली स्तर पर भी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। यदि भामाशाह और सरकार की ओर से पर्याप्त सुविधाएं मिल जाए तो कोटा कुश्ती में हरियाणा की तरह सिरमौर हो सकता है।<br /><strong>- इन्द्र कुमार दत्ता, अध्यक्ष जिला कुश्ती संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 13:14:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मौसमी बीमारियों का खतरा और पानी की मारामारी</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र में आबादी बसे बरसों बीत गए इसके बावजूद विकास नहीं हो रहा। कई कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन नहीं है और जहां है वहां नलों में पानी नहीं आ रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/threat-of-seasonal-diseases-and-water-crisis/article-21258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/4654654655.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नांता इलाके में प्रवेश करते ही कस्बे का अहसास होता है। उधड़ी सड़कों पर दिनभर धूल का गुबार, पानी की मारामारी और जगह-जगह गंदगी के ढेर के बीच स्मार्ट सिटी का विकास नजर नहीं आता। क्षेत्र में आबादी बसे बरसों बीत गए इसके बावजूद विकास नहीं हो रहा। कई कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन नहीं है और जहां है वहां नलों में पानी नहीं आ रहा। हालात यह है, पानी के लिए रात दिन मोटर चलाना लोगों की मजबूरी बन गई। वहीं, बिजली के बढ़ते बिल मुसीबत बने हुए है। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड 29 के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। नालियों की नहीं हो रही सफाई नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। दुगंध से लोगों का यहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया। सफाईकर्मी वार्ड के मुख्य मार्गों पर ही सफाई करते हैं लेकिन कॉलोनियों में नहीं आते। ऐसे में स्थानीय लोग पैसे देकर ही नालियों की सफाई करवाते हैं। इलाके में ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। -रामकुमार गुर्जर पानी की पाइप लाइन ही नहीं डली करणी स्कूल के पीछे गुर्जर मोहल्ले में पानी की पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई। लोगों को बोरिंग का पानी पीना पड़ता है। वहीं, जिन कॉलोनियों में पाइप लाइन हैं वहां जलापूर्ति धीमी गति से होती है। ऐसे में दिन-रात मोटर चलाकर जरूरत का पानी एकत्रित करना पड़ता है। जिससे बिजली का बिल अधिक आ रहा है। पार्षद से शिकायत के करते हैं तो सुनवाई नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। - मोहन सैनी अधिकारी नहीं सुनते वार्ड 29 की आबादी 5 हजार से ज्यादा है। जिसके मुकाबले हमारे पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। नगर निगम, यूआईटी और जलदाय विभाग से जुड़ी इलाके में कई समस्याएं हैं। समाधान के लिए तीनों कार्यालयों में चक्कर काटे, अधिकारियों से समाधान की गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं होती। गुर्जर मोहल्ला, सहकारी गोदाम के पीछे वाले इलाके में पानी की पाइप लाइन डलवाने के लिए जलदाय विभाग के जेईएन व एक्सईएन को गत वर्ष प्रस्ताव बनाकर दिए थे। इसके बावजूद आज तक पाइप लाइन नहीं डली। वहीं, 15 सफाईकर्मी हैं, जबकि जरूरत 25 की है। वहीं, कचरा संग्रहण के लिए 2 टीपर आते है, लेकिन गली-मोहल्लों में नहीं जाते। इसकी लिखित शिकायत महापौर से करने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा। बीजेपी पार्षद होने के नाते वार्ड को विकास से वंचित रखा जा रहा है, जो सही नहीं है। -कुसुम, पार्षद वार्ड 29</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/threat-of-seasonal-diseases-and-water-crisis/article-21258</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Sep 2022 14:57:12 +0530</pubDate>
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                <title>मानवता शर्मसार: बस स्टैंड पर प्रसव, अस्पताल ले जाने को कोई नहीं हुआ तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा। शहर के नयापुरा रोडवेज बस स्टैंड  पर ही रविवार देर रात 11.30 बजे एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। महिला की हालत बिगड़ी और वह दर्द से करहाने लगी लेकिन वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बन देखते रहे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/humanity-shamed-delivery-at-bus-stand-no-one-is-ready/article-13146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kota-roadways-delivery.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोटा।</strong> शहर के नयापुरा रोडवेज बस स्टैंड  पर ही रविवार देर रात 11.30 बजे एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। महिला की हालत बिगड़ी और वह दर्द से करहाने लगी लेकिन वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बन देखते रहे।  कुछ देर बाद जानकारी  एक महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंची लेकिन उसे अस्पताल तक कोई नहीं ले गया। एएसआई कला शर्मा ने बताया कि कैथून निवासी घुमंतू जाति की गर्भवती महिला गीता को उसका पति शनिवार को बस स्टैंड पर छोड़ गया था। वह बीकानेर जा रहे थे।</p>
<p>इस बीच  किसी बात पर इनका झगड़ा हो गया और पति छोड़कर चला गया। गीता पति के इंतजार में रविवार को बस स्टैंड पर ही रही। गीता के पूर्व में दो बच्चियां हैं। उसे रात 11.30 बजे  प्रसव पीड़ा हुई और काफी तेज दर्द के बाद  स्टैंड पर ही डिलीवरी हो गई। उस समय वहां ज्यादा लोग नहीं थे। जो मौजूद थे उनमें से कुछ ने महिला पर कपड़ा डाला। इतने में ऑटो स्टैंड के इंचार्ज शकील शाह ने आसपास से गुजर रही महिलाओं से मदद की गुहार की। कुछ महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर गीता को संभाला। कोटा ऑटो यूनियन ने महिला ऑटो चालक गीता शर्मा को मामले की जानकारी देते हुए बस स्टैंड जाने के लिए कहा। उस समय गीता बस स्टैंड से गरीब 7 किलोमीटर दूर थी। जानकारी लगते ही वह तुरंत बस स्टैंड के  पहुंची और एक महिला पुलिसकर्मी की मदद से जच्चा और बच्चा को जेके लोन अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p><strong> महिला ऑटो चालक की तत्परता से बची जान</strong><br />ऑटो स्टैड के इंचार्ज शकील शाह ने बताया कि सूचना मिलते ही रात में गाड़ी चला रही महिला ऑटो चालक गीता शर्मा को फोन कर बस स्टैंड पहुंचने को कहा। गीता शर्मा नर्सिंग किए हुए है। वह स्टेशन हाट रोड से 15 मिनिट में बस स्टैंड पहुंची और एएसआई कला शर्मा, समाज सेवी राजा खान की  मदद से  महिला को जेकेलोन पहुंचाया। ऑटो यूनियन अध्यक्ष भूपेंद्र सक्सेना ने गीता शर्मा ऑटो चालक को  नगद पुरस्कार देने का ऐलान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 13:43:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैमर थ्रो में मंजूबाला और 20 किमी वॉक में भावना जाट हिस्सा लेंगी, भारतीय दल में राजस्थान का कोई पुरुष खिलाड़ी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। इंग्लैंड के बर्मिंघम में अगले माह शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का 146 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा लेकिन इसमें राजस्थान की सिर्फ दो महिला खिलाड़ी मंजूबाला और भावना जाट ही शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/manjubala-in-hammer-throw-and-bhawna-jat-will-take-part-in-20-km-walk--no-male-player-from-rajasthan-in-indian-contingent/article-12517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/manju-bala.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इंग्लैंड के बर्मिंघम में अगले माह शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का 146 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा लेकिन इसमें राजस्थान की सिर्फ दो महिला खिलाड़ी मंजूबाला और भावना जाट ही शामिल हैं। खेलों में राजस्थान की हिस्सेदारी कम होने का सबसे बड़ा कारण पहले तीरन्दाजी और अब निशानेबाजी को कॉमनवेल्थ गेम्स से हटाना है। तीरन्दाजी को 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के बाद हटा दिया गया, जबकि इस बार निशानेबाजी को भी कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल नहीं किया गया है। मंजूबाला बर्मिंघम में हैमरथ्रो में हिस्सा लेंगी, वहीं भावना जाट को 20 किलोमीटर वॉक में भारतीय दल में शामिल किया गया है। <br /><br /><strong>नौ खेलों में हिस्सा लेगा 146 सदस्यीय दल</strong><br />भारत के जिन 146 खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई किया है, उनमें 80 पुरुष और 66 महिला खिलाड़ी हैं। भारतीय दल क्रिकेट समेत नौ खेलों में हिस्सा लेगा। महिला क्रिकेट को पहली बार इन खेलों में जगह मिली है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा अभी होनी है। भारत जिन खेलों में हिस्सा लेगा उनमें बैडमिंटन, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, क्रिकेट, कुश्ती, भारोत्तोलन, हॉकी, ट्रॉयथलान और टेबल टेनिस हैं। <br /><br /><strong>पिछले खेलों में थे तीन निशानेबाज</strong><br />आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट शहर में हुए 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में राजस्थान के तीन खिलाड़ियों ने निशानेबाजी में हिस्सा लिया था। इनमें जयपुर की ओलंपियन अपूर्वी चंदेला, सीकर के ओमप्रकाश मिठारवाल और जालोर की महेश्वरी चौहान शामिल थे। ओमप्रकाश मिठारवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। <br /><br /><strong>शूटिंग और तीरन्दाजी के हटने से भारत को झटका</strong><br />कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों को ज्यादा पदक निशानेबाजी और तीरन्दाजी में मिले हैं। लेकिन बर्मिंघम खेलों में इन दोनों ही स्पर्धाओं को शामिल नहीं किया गया। भारत के इन खेलों के बहिष्कार की धमकी के बाद तय किया गया कि शूटिंग और तीरन्दाजी की स्पर्धाएं बर्मिंघम खेलों से पहले भारत चंडीगढ़ में आयोजित करेगा और इनके पदक कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में शामिल किए जाएंगे। लेकिन कोरोना महामारी के कारण दोनों ही खेल नहीं हो सके। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले ही बाहर तीरन्दाजी के बाद इस बार निशानेबाजी भी नहीं होगी। <br /><br /><strong>सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं राज्यवर्धन सिंह</strong><br />एथेंस ओलंपिक के रजत पदक विजेता निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ कॉमनवेल्थ गेम्स में राजस्थान के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। राज्यवर्धन सिंह ने 2002 मैनचेस्टर खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते वहीं 2006 के मेलबोर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने एक स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। राजस्थान के खिलाड़ियों ने इन खेलों में अब तक 7 स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। महावीर सिंह ने 2002 में स्वर्ण, भंवरलाल ढाका ने 1998 में कांस्य और 2002 में स्वर्ण तथा अपूर्वी चंदेला ने 2014 के खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। एथलेटिक्स में 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में कृष्णा पूनिया ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण जीता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 12:17:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'आर्य समाज का विवाह प्रमाणपत्र देने का कोई व्यवसाय नहीं' : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक आरोपी की जमानत अर्जी पर विचार करते हुए आर्य समाज द्वारा जारी मैरिज सर्टिफिकेट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। "आर्य समाज का विवाह प्रमाण पत्र देने का कोई व्यवसाय नहीं है। यह अधिकारियों का काम है। असली प्रमाण पत्र दिखाओ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/arya-samaj-has-no-business-in-giving-marriage-certificates-supreme/article-11219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/arya-samaj.gif" alt=""></a><br /><p>सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक आरोपी की जमानत अर्जी पर विचार करते हुए आर्य समाज द्वारा जारी मैरिज सर्टिफिकेट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। "आर्य समाज का विवाह प्रमाण पत्र देने का कोई व्यवसाय नहीं है। यह अधिकारियों का काम है। असली प्रमाण पत्र दिखाओ।"</p>
<p>वकील की इस दलील को खारिज करते हुए कि बलात्कार का आरोप लगाने वाली अभियोक्ता एक लड़की थी और याचिकाकर्ता के बीच शादी हुई थी। यह ध्यान दिया जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट ने 4 अप्रैल को मध्य भारत आर्य को निर्देश देने वाले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की थी।<br /><br />सुप्रिम कोर्ट ने कहा, ''आर्य समाज का विवाह प्रमाण पत्र देने का कोई व्यवसाय नहीं है। यह अधिकारियों का काम है।'' असली प्रमाण पत्र दिखाओ।" उल्लेखनीय है कि सुप्रिया न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ और हृषिकेश रॉय ने नोटिस जारी किया और साथ ही उच्च न्यायालय के आदेश के संचालन पर रोक लगा दी, जिसमें सभा ने सभा को एक महीने के भीतर एसएमए की धारा 5, 6, 7 और 8 के प्रावधानों को शामिल करते हुए दिनांक 26.08,2016 के दिशानिर्देशों में संशोधन करने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/arya-samaj-has-no-business-in-giving-marriage-certificates-supreme/article-11219</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 15:59:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> इंद्रगढ़ सीएचसी में अव्यवस्थाएं  मरीजों को दे रही दर्द </title>
                                    <description><![CDATA[ इंद्रगढ़ तहसील क्षेत्र का एकमात्र बड़ा सामुदायिक चिकित्सालय होने के बावजूद भी यहां मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही। इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों का आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। मरीज सुबह से ही बैठे-बैठे इंतजार करते रहते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/disorders-in-indragarh-chc-are-giving-pain-to-patients/article-11090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/indragarh-chc-awaywasth.jpg" alt=""></a><br /><p>इंद्रगढ़। इंद्रगढ़ तहसील क्षेत्र का एकमात्र बड़ा सामुदायिक चिकित्सालय होने के बावजूद भी यहां मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही। इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों का आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। मरीज सुबह से ही बैठे-बैठे इंतजार करते रहते हैं। इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय कई सालों से भगवान भरोसे चल रहा है लेकिन मरीजों व क्षेत्रवासियों की सुनने वाला कोई फर्क नजर नहीं आता। जबकि इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय का इंद्रगढ़ तहसीलदार ,लाखेरी एसडीएम, बूंदी जिला कलेक्टर बूंदी,एडीएम, बूंदी सीएमएचओ ने कई बार सामुदायिक चिकित्सालय का निरीक्षण कर लिया लेकिन व्यवस्थाओं में आज तक भी सुधार नहीं हो पाया है। निरीक्षण के बाद कुछ दिन व्यवस्थाएं ठीक चलती है लेकिन एक-दो दिन बाद चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का अंबार लग जाता है। <br /><br /><strong>एक चिकित्सक के भरोसे चलता सामुदायिक चिकित्सालय</strong><br />इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सक होने के बावजूद भी समय पर चिकित्सक नहीं मिलते। इंद्रगढ़ चिकित्सालय में केवल एक ही चिकित्सक मिलता है दूसरा चिकित्सक आने के बाद चिकित्सालय में मौजूद चिकित्सक निकल जाता है। चिकित्सकों की लेटलतीफी यह शिकायत है कहीं बार लोगों ने आला अधिकारियों से कर दी लेकिन चिकित्सकों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही।<br /><br /><strong> आपातकाल में नहीं मिलते चिकित्सक</strong><br />इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय में आपातकाल में एक भी चिकित्सक नहीं मिलते जबकि चिकित्सालय में तीन सामान्य चिकित्सक, एक महिला चिकित्सक का पद होने के बावजूद भी आपातकालीन में चिकित्सक समय पर नहीं मिलते। वर्तमान में इस अस्पताल में चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत है लेकिन एक चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। इससे मरीजों को 80 किमी दूर कोटा और 45 किमी दूर माधोपुर जाने को मजबूर होना पड़ता है। सामुदायिक चिकित्सालय की सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पाती। दुर्घटना में ग्रसित लोगों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता है। जबकि आपातकाल में चिकित्सक नहीं मिलने पर कहीं लोग अपनी जान गवां चुके लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया।<br /><br />चिकित्सकों को समय पर आना चाहिए सरकार उनको वेतन दे रही है।  इन्द्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय चिकित्सक समय पर नहीं मिलने की शिकायत मिली। अगर ऐसी बात है तो जिला कलेक्टर व बूंदी सीएमएचओ से बात करूंगी। यह दुर्भाग्य की बात है कि चिकित्सालय में समय पर नहीं आते और आपातकालीन में भी चिकित्सक समय पर नहीं मिलते।<br /><strong>चंद्रकांता मेघवाल, विधायक केशोरायपाटन</strong><br /><br />सामुदायिक चिकित्सालय का कहीं बार औचक निरीक्षण किया है चिकित्सालय कहीं चिकित्सक व कर्मचारी नदारद मिले इसकी सूचना इंद्रगढ़ तहसीलदार, लाखेरी एसडीएम, बूंदी जिला कलेक्टर बूंदी सीएमएचओ सभी को अवगत कराया लेकिन चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पाया बूंदी जिला कलेक्टर चिकित्सालय का निरीक्षण करने को भी कहा था आपातकाल में भी चिकित्सक समय पर नहीं मिलते है।<br /><strong>बाबूलाल बैरवा, चेयरमैन नगर पालिका, इंद्रगढ़</strong><br /><br /> सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों की लेटलतीफी की शिकायत व अव्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सालय का कहीं बार निरीक्षण कर लिया। निरीक्षण के दौरान कहीं चिकित्सक व कर्मचारी नदारद मिले। जिसकी सूचना इंद्रगढ़ तहसीलदार से लेकर बूंदी जिला कलेक्टर को दे दी। लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार आज तक भी नहीं हो पाया है। आपातकाल के समय में भी चिकित्सक नहीं मिलने पर गर्भवती महिलाओं को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जबकि इंद्रगढ़ सामुदायिक चिकित्सालय तहसील क्षैत्र का  एक बड़ा चिकित्सालय है।<br /><strong>नारायण सिंह हाडा, वाइस चेयरमैन, नगर पालिका इंद्रगढ़</strong><br /><br />चिकित्सालय की व्यवस्था सही चल रही है। एक चिकित्सक अवकाश पर चल रहा है। बाकि सभी चिकित्सक चिकित्सालय में मौजूद रहते है। चिकित्सालय में दवाई उपलब्ध नहीं होने पर ही बाहर की दवाईयां लिखी जाती है। आपातकालीन ड्यूटी में डे वाइज सभी चिकित्सकों की ड्यूटी लगा रखी है। <br /><strong>डॉ. दिनेश शर्मा,चिकित्सा प्रभारी, सीएचसी इंद्रगढ़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 15:42:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मैं किसी का गुलाम विधायक नहीं...</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा चुनाव से 20 दिन पहले राजस्थान कांग्रेस में खींचतान काफी तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dungarpur/dungarpur-news--i-am-no-one-s-slave-mla/article-10135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ganesh_ghoghra_news.jpg" alt=""></a><br /><p>डूंगरपुर। राज्यसभा चुनाव से 20 दिन पहले राजस्थान कांग्रेस में खींचतान काफी तेज हो गई है, आदिवासी बहुल क्षेत्र डूंगरपुर में खींचतान का बिगुल आसानी से सुनाई दे रहा है। कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा की ओर से इस्तीफे की घोषणा के बाद से स्थानीय कांग्रेस संगठन में बगावत बढ़ती दिखाई दे रही है। शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान विधायक गणेश घोघरा ने नाराजगी का मुख्य कारण निवर्तमान जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया को बताया। शुक्रवार को गणेश घोघरा ने कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष खोड़निया पर जमकर निशाना साधा। घोघरा ने खोडनिया पर उदयपुर संभाग में कांग्रेस को कमजोर करने का भी आरोप लगाया है। साथ ही विधायक घोघरा ने आरोप लगाया कि, उदयपुर संभाग में कांग्रेस को कमजोर करने का कार्य दिनेश खोडनिया  कर रहे हैं और सभी को अपना गुलाम बना कर रखना चाहते हैं और वह चाहते हैं, उनके इशारों पर काम करें। विधायक गणेश घोघरा ने प्रेस वार्ता के दौरान यह साफ कहा कि, मैं ऐसे गुलाम की राजनीति नहीं करूंगा और न ही करने दूंगा।</p>
<p>इसी क्रम में विधायक घोघरा ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाए कि, जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से जिला उपखण्ड अधिकारी सहित 22 कर्मचारियों को बंधक बनाने की गलत रिपोर्ट भेजी गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि, ग्रामीणों ने उनके सुरपुर पंचायत पहुंचने से पहले ही पंचायत भवन पर ताला लगा दिया था। उन्होंने किसी को भी बंधक नहीं बनाया था। विधायक ग्रामीणों की मांग के समर्थन में सिर्फ धरने पर बैठे थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, जिला कलक्टर तथा जिला पुलिस अधीक्षक ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए डूंगरपुर तहसीलदार पर दबाव बनाया। तहसीलदार को सस्पेंड करने की धमकी देकर जबरदस्ती मुकदमा दर्ज करवाया है।</p>
<p><strong>कांग्रेस निवर्तमान जिलाध्यक्ष के इशारों पर दर्ज हुआ मुकदमा</strong></p>
<p>विधायक गणेश घोघरा ने कांग्रेस के निवर्तमान जिला अध्यक्ष दिनेश खोडनिया पर अधिकारियों पर दबाव बनाकर मुकदमा दर्ज करवाने, उदयपुर संभाग में कांग्रेस नेताओं को लड़ाने और कांग्रेस को कमजोर करने के आरोप लगाए। विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि, दिनेश खोडनिया सीएम के नजदीक होने का फायदा उठाकर संभाग में अपने मन से अधिकारी लगवाते हैं और अपने हिसाब से उनसे काम करवाते हैं। विधायक गणेश घोघरा ने निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश खोड़निया पर आरोप लगाते हुए कहा कि, खोडनिया मुझे रिमोट कंट्रोल की तरह चलाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि, विधायक उनके यहां आकर धोक लगाएं, वह जहां चाहे वहां विधायक बैठे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। घोघरा ने कहा कि, में गुलाम विधायक नहीं हूं,  मुझे जनता ने उन्हें चुना है और वे जनता के लिए ही काम करेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान इस मौके पर उप जिला प्रमुख, डूंगरपुर प्रधान कांता देवी कोटेड तथा जिपस आदि मौजूद थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>डूंगरपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 May 2022 14:14:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक: परिवारवाद पर पीएम मोदी का निशाना, कहा, 'सरकारों पर जनता का भरोसा 2014 के बाद कायम हुआ, भाजपाइयों को थकने का हक नहीं है, अगले 25 साल का लक्ष्य तय करें'</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार के 8 साल पूरे, घर - घर जाए, हर नागरिक को भाजपा में अपना प्रतिबिम्ब दिखना चाहिए: मोदी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--bjp-s-national-office-bearers-meeting--people-s-trust-in-governments-has-been-established-after-2014--bjp-has-no-right-to-be-tired--set-a-target-for-the-next-25-years--modi/article-10083"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modi4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सियासी दंगल में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है।  कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद अब बीजेपी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता से लेकर राजस्थान की जनता को साधने में जुटी है।  </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी की जयपुर में शुक्रवार को शुरू हुई राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में 2014 से पहले जनता की वही स्थिति थी, जैसी किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की हुआ करती थी। वह बीमारी को अपनी नियति मान लेता था। लेकिन 2014 में भाजपा की सरकार आने के बाद जनता का सरकारों पर भरोसा बढ़ा है और अपनी आकांक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने का विश्वास आया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की वर्तमान में 18 प्रदेशों में सरकार है। 400 से ज्यादा सांसद और 13 सौ से ज्यादा विधायक है लेकिन हमें रुकना नहीं है थमना नहीं है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को उन सभी सपनों को पूरा करना है जो हमारे पूर्व नेताओं ने देखा था। भाजपा को अगले 25 सालों का लक्ष्य तय करना है। इसके अनुरूप ही आगे काम करना है। देश की जनता को भाजपा से बड़ी उम्मीदें हैं। इसलिए हमें काम करना अनिवार्य हो जाता है।</p>
<p><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong> भाजपा की केंद्र सरकार को 8 साल पूरे</strong> </span></p>
<p>उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार को 8 साल पूरे होने वाले हैं। इस तरह के चुनाव में भाजपा बूथ स्तर पर घर-घर जाती है । उसी तरह से भाजपाइयों को घर-घर जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं और कामों को हर नागरिक तक पहुंचाना है। हर नागरिक को उसका फायदा देना है। हमारा लक्ष्य है कि केंद्र की योजनाओं के लाभार्थी शत प्रतिशत हो हर व्यक्ति को उसका लाभ मिले। उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा कि देश में भाजपाई है। जिसने राजनीति को विकासमुखी बनाया है। देश को समाज में जहर घोलने वाली ,तनाव पैदा करने वाली, जनता को भटकाने वाली, पार्टियों को भी विकास की राजनीति करने पर मजबूर कर दिया है। हमें इनका आगे भी मुकाबला करना है। ताकि देश में विकास की राजनीति हो। देश में वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति ने भयंकर नुकसान पहुंचाया है। परिवारबाद की पार्टियां परिवार से शुरू होती है और उनके सभी लक्ष्य परिवार तक ही सीमित रहते हैं। लेकिन भाजपा को देश को इस राजनीति से मुक्त करवाना है।</p>
<p><strong> विकास की राजनीति पर जोर</strong></p>
<p>जिन लोगों ने कभी राजनीति करने की सोची भी नहीं है, उन लोगों को राजनीति में आगे लाना है। भाजपा के देश में रिकॉर्ड सदस्य हैं, लेकिन हमें हर नागरिक तक पहुंचना है। देश को जातिवाद, क्षेत्रवाद, भेदभाव, भाई-भतीजावाद, तुष्टिकरण के बाहर निकालना है। समाज को तोड़कर राजनीति करने वालों को विकास की राजनीति पर ही लाने पर मजबूर करना है । उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को अपनी पुरानी नीतियों सोचों को लगातार बरकरार रखना है और उन पर ही आगे बढ़ना है ।  जब भाजपा को कोई नहीं जानता था तब भी हमारे नेता पार्टी की नीतियों पर टिके रहे ।</p>
<p><strong>देश की राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं अपनाना</strong></p>
<p>राष्ट्रबाद, राष्ट्र हित और राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ते रहे।  तब भी इस तरह के लोग भाजपा को चुनौती नहीं दे पाते थे। हमें देश की राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं अपनाना है। वंशवाद की राजनीति करने वाले, समाज मे जहर घोलने वाले, भाषावाद से लोगों को भटकाने वाले लोगों से सतर्क रहना है। उनके जाल में भाजपाइयों को नहीं फसना है। देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाजपा से जोड़ना है। हमें रुकना नहीं है। हर वोटर और नागरिक भाजपा को अपना माने और भाजपा में अपना प्रतिबिंब देखें । हर व्यक्ति को भाजपा में अपना सपना नजर आए इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 12:05:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे आज: तीन गोली से बीपी कंट्रोल ना हो तो सामान्य फिजिशियन से नहीं, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से कराएं बीमारी का इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[एंडोक्राइन हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या में इजाफा, 35 साल तक के युवा हो रहे ग्रसित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--world-hypertension-day-today--if-there-is-no-bp-control-with-three-pills--then-treat-the-disease-with-an-endocrinologist--not-a-general-physician/article-9927"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/hypertension-day.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाइपरटेंशन यानि हाई बीपी की बीमारी को लेकर यह धारणा है कि मरीज जनरल फिजिशियन से ही इलाज लेता है, लेकिन एसएमएस मेडिकल कॉलेज के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि एंडोक्राइन हाइपरटेंशन के केस भी अब तेजी से बढ़ने लगे है और यह बीमारी 35 साल से कम आयु वर्ग में देखने को मिली है।  एसएमएस मेडिकल कॉलेज के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप माथुर ने बताया कि एंडोक्राइन हाइपरटेंशन एक जेनेटिक डिसआॅर्डर से संबंधित बीमारी है। हमारे यहां जो लोग ओपीडी में इलाज के लिए आ रहे हैं या भर्ती हैं उनमें 35 साल तक की आयु के मरीज हैं। जिन परिवारों में माता-पिता को हाई बीपी की शिकायत रहती है, वहां बच्चों में यह बीमारी होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसमें मरीज का ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा रहता है और 3 या 4 गोली से भी कंट्रोल में नहीं आता है। इनमें सामान्य बीपी के मरीजों की तुलना में अलग लक्षण होते हैं। इनमें तेज घबराहट, दिल की धड़कन बढ़ना, बैचेनी होने के अलावा तेज पसीना आना, रात में यूरिन अधिक और बार-बार आना, क्रैम्प्स आना आदि लक्षण होते हैं। मरीज इसे सामान्य ब्लड प्रेशर मानकर जनरल फिजिशियन से इलाज कराते हैं और महज दस फीसदी मरीज ही एसएमएस के आते हैं। इससे बीमारी पूरी तरह से पकड़ में नहीं आती और मरीज की मौत भी हो जाती है।<br /><br />फियोक्रोमोसाइटोमा के कारण बन जाता है ट्यूमर<br />डॉ. माथुर ने बताया कि एंडोक्राइन हाइपरटेंशन में फियोक्रोमोसाइटोमा भी एक प्रकार का विकार है। इसमें मरीज के पेट में ट्यूमर बन जाता है, जिसके कारण ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं होता। आॅपरेशन कर ट्यूमर को निकालने पर ही ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है। पिछले दो साल में यहां करीब 80 मरीज आ चुके हैं। ऐसे रिसर्च के लिए डिपार्टमेंट ने रेअर जीन प्रोजेक्ट भी शुरू किया है, जिसमें जेनेटिक टेस्टिंग से उन मरीजों का डेटा तैयार कर एनालिसिस किया जाएगा। इस बीमारी का पता लगाने के लिए रेनिन एल्डोस्टेरोन नामक जांच होती है। यह जांच अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज में शुरू कर दी है और नि:शुल्क भी है।<br /><br />    साइलेंट किलर है हाइपरटेंशन<br />आनुवंशिक कारण के अलावा खराब लाइफ -स्टाइल और गलत खान-पान तथा निर्धारित मात्रा से अधिक नमक का सेवन भी हाइपरटेंशन का कारण है। इससे हार्ट अटैक से लेकर लिवर डैमेज और आंखों की रोशनी जाने का खतरा होता है। हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर भी कहा जाता है, जो बिना लक्षण के ही प्राणघातक होता है, इसमें कुछ लोगों में सिर दर्द, धडकनों का तेज होना, चलते समय सांसों का फूलना, थकान और असहजता देखी जाती है, यह लकवा और हार्ट अटैक का प्रमुख कारण है। <br />    हाइपरटेंशन का पैमाना<br />एक सेहतमंद आदमी के लिए रक्तचाप 120-80 होता है, जब आपका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर या ऊपर का रक्तचाप 140 और डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर यानी नीचे का रक्तचाप 90 या इससे ऊपर हो तो तब उसे उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन कहते हैं।<br /><br />ंहाइपरटेंशन के कारण युवाओं में हार्ट अटैक के मामले देखे जा रहे हैं। उच्च रक्तचाप के बारे में कम जागरूकता, प्राथमिक देखभाल के माध्यम से उचित देखभाल की कमी आदि इसके प्रमुख कारण है। <br />-डॉ. संदीप मिश्रा, पूर्व डायरेक्टर, <br />कार्डियोलॉजी एम्स नई दिल्ली। ु<br /><br />ं-हाइपरटेंशन का सही समय पर उपचार नहीं किया जाए तो यह जीवन के लिए खतरनाक होता है। समय पर निदान, नियमित जांच और रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखना चाहिए। <br />-डॉ. राशिद अहमद, <br />सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट ु</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 13:19:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कृषि विभाग कार्यालय भगवान भरोसे </title>
                                    <description><![CDATA[यदि कर्मचारी ही सरकारी कार्यालयों में मौजूद ना हो तो सरकारी लाभ की किस प्रकार से अपेक्षा की जा सकती है। ऐसा ही एक दृश्य शुक्रवार को सहायक निदेशक कृषि विस्तार कार्यालय में देखा गया। जहां कार्यालय समय के दौरान अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ी हुई है एवं सरकारी योजनाए कार्यालय की अलमारियों में कैद हुई पड़ी है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/agriculture-department-office-god-trust/article-9750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sangod-krishi-vibhag-karyalay.jpg" alt=""></a><br /><p>सांगोद। सरकार द्वारा आमजन को सरकारी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए कर्मचारी व अधिकारी नियुक्त किए हुए हैं एवं सरकार आमजन को लाभ पहुंचाने के लिए नई नई योजनाएं भी लाती रहती है परंतु यदि कर्मचारी ही सरकारी कार्यालयों में मौजूद ना हो तो सरकारी लाभ की किस प्रकार से अपेक्षा की जा सकती है। ऐसा ही एक दृश्य शुक्रवार को सहायक निदेशक कृषि विस्तार कार्यालय में देखा गया। जहां कार्यालय समय के दौरान अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ी हुई है एवं सरकारी योजनाए कार्यालय की अलमारियों में कैद हुई पड़ी है। गौरतलब है कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था संपूर्ण रूप से कृषि पर निर्भर है। अर्थव्यवस्था कृषि पर टिकी होने के कारण कृषक को को भी उम्मीद रहती है कि उन्हें सरकारी लाभ मुहैया हो परंतु कार्यालय में अधिकारी मौजूद ना हो तो सरकारी लाभ की अपेक्षा की ही नहीं जा सकती। कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं अधिकारियों की उदासीनता के चलते किसानों तक नहीं पहुंच पा रही है। जिससे कि कई पात्र किसान जानकारी के अभाव में योजनाओं से वंचित ही रह जाते हैं एवं अधिकारी अपने परिचितों को लाभ पहुंचाकर औपचारिकता पूर्ण कर लेते हैं। <br /><br />शुक्रवार को पंचायत समिति परिसर में संचालित सहायक निर्देशक कृषि विस्तार कार्यालय में अधिकारियों की कुर्सियां खाली पाई गई यहां तक की कार्यालय में कार्यरत चपरासी भी नदारद मिला। शाम 4 बजे कार्यालय में मात्र एक किसी कार्य से पहुंचा 1 ग्राम सेवक मौजूद था जिसने भी अधिकारियों की कोई पुख्ता जानकारी नहीं होना बताया। निरीक्षण के दौरान पाया कि वर्तमान में सहायक निदेशक कृषि विस्तार कार्यालय में असिस्टेंट डायरेक्टर का पद 31 मार्च से ही रिक्त चल रहा है।  प्राप्त जानकारी अनुसार कार्यालय में वर्तमान में तीन एग्रीकल्चर आॅफिसर नियुक्त किए गए है जो निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए। वही कार्यालय में 2 एलडीसी भी कार्यरत है जो कोटा ट्रेजरी गए हुए थे। वहीं उपस्थिति रजिस्टर एलडीसी के पास अलमारी में रखा होना बताया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी नदारद मिला। वही असिस्टेंट डायरेक्टर का पद रिक्त होने के बाद से ही कार्यभार अजय कुमार यादव को सौंप रखा है। <br /><br /><strong>सरकारी योजना अधिकारियों के डेस्क पर खा रही धूल</strong><br />कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाएं इन दिनों अधिकारियों की उदासीनता के चलते कागजों में दबकर ही रह जाती है एवं किसानों तक उन सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं पहुंच पाता है। कृषको द्वारा इन दिनों में पाइप, कृषि यंत्र, आदि कृषि उपकरण खरीदे जाते हैं एवं किन कृषि उपकरणों पर कितना अनुदान सरकार द्वारा देय हैं इसकी जानकारी देने वाला कृषि कार्यालय में कोई मौजूद नहीं है। जनप्रतिनिधि आम सभाओं में मस्त हैं एवं अधिकारी भी मात्र उपस्थिति रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते नजर आ रहे हैं। किसान कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं एवं कृषि उपकरणों पर मिलने वाले अनुदान एवं अन्य संबंधित कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी के लिए इधर-उधर अधिकारियों की राह ताकते रहते हैं। अधिकारियों की कार्यशैली को देखकर इन सरकारी योजनाओं का लाभ भी गर्त में ही नजर आ रहा है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />सांगोद के सहायक निदेशक कार्यालय में कर्मचारियों के नहीं मिलने व फोन नहीं उठाने की शिकायते आ रही है। इसकी जांच की जाएगी। <br /><strong>-उदल सिंह, कृषि अनुसंधान अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 May 2022 18:56:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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