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                <title> donald trump - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> donald trump RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतीय कंपनियों को भी झटका: ईरान से लड़ाई के बीच ट्रंप ने किया टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव, मेटल और फार्मा सेक्टर पर लगाया 50% टैरिफ</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम पर 50% टैरिफ बरकरार रखते हुए नए आयात नियम लागू किए हैं। 15% से अधिक धातु वाले उत्पादों पर 25% टैक्स लगेगा। 2027 तक प्रभावी इन नियमों का उद्देश्य अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना है, जिससे भारत से होने वाला निर्यात महंगा होना तय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-companies-also-got-a-shock-amid-the-fight-with/article-148928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय कंपनियों को झटका देते हुए बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने स्टील, एल्युमीनियम और कॉपर के आयात से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कहा है कि कच्चे स्टील और एल्युमीनियम पर 50% टैरिफ पहले की तरह ही लागू रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ये कदम अमेरिकी इंडस्ट्री को मजबूत बनाने और टैक्स सिस्टम को आसान करने के लिए उठाया गया है। इसके एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने ईरान युद्व को समाप्त करने की बात कही थी। </p>
<p>हाल ही में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप को झटका देते हुए पहले लगाए गए टैरिफ को पूरी तरह से रद्द कर दिया था, लेकिन अब नए नियमों के तहत जो प्रोडक्ट सीधे मेटल नहीं हैं, बल्कि उनसे बने हुए है यानि किसी प्रोडक्ट में स्टील, एल्युमीनियम या कॉपर की मात्रा 15% से कम है, तो उस पर अब से टैरिफ नही लगेगा। अगर किसी भी प्रोटक्ट को बनाने में इन सभी धातुओं की मात्रा 15 प्रतिशत से अधिक है तो उस पर करीब 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। नए ​नियमों के अनुसार, कुछ खास इंडस्ट्रियल मशीनों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों पर टैरिफ को घटाकर 15% किया गया है। </p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नए नियम साल 2027 तक लागू रहेंगे। इसका मकसद केवल और केवल अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है और कुछ नहीं। इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि यदि को प्रोडक्ट विदेश में बना हुआ है और उसमें इन सभी धातुओं की मात्रा मिली हुई है तो उस पर 10 प्रतिशत टैरिक लगेगा। अमेरिका के इस नए नियम का असर अब भारत पर भी दिखाई देगा। नए नियमों के अनुसार, भारत जैसे देशों के लिए अमेरिकी बाजार में भी निर्यात महंगा हो सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 11:33:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान: दो-तीन हफ़्ते में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म, तेहरान के साथ नहीं होगा कोई समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को दो-तीन हफ्तों में समाप्त कर सकता है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी युद्ध विराम की इच्छा जताई है, बशर्ते भविष्य में हमले न होने की गारंटी मिले। चीन और पाकिस्तान ने भी वैश्विक ईंधन संकट के बीच तुरंत सीजफायर की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-amid-iran-war-operation-epic-fury-will/article-148668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। वॉशिंगटन ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान युद्व को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान के विरूध अपने मिलिट्री हमलों को बहुत जल्द खत्म कर सकता है इसके लिए तेहरान को किसी भी डील पर जाने की आवश्यकता नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि क्या ईरान के साथ सफल डिप्लोमेसी "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" नाम के ऑपरेशन को जल्द ही खत्म कर सकता है। इसके लिए शायद दो या तीन हफ्ते लग सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान में अपने सैन्य अभियान को समाप्त कर सकता है। इसके लिए दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं। वाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि अमेरिकी बल बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे और उन्होंने इसके लिए दो से तीन सप्ताह की समय सीमा का संकेत दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही अमेरिका ईरान से बाहर निकलेगा वैश्विक ईंधन कीमतों में गिरावट आ सकती है।</p>
<p>ट्रंप का ये बयान ऐसे समय में आया है जब कि पश्चिम ए​शिया संकट अपन चरम पर है। ट्रंप के बयान से साबित होता है आखिर कैसे इस युद्व को समाप्त किया जा सकता है। उधर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी देश में इज़राइल और यूनाइटेड स्टेट्स के साथ चल रही जंग को खत्म करने की इच्छा जताई है, लेकिन वे इस बात की गारंटी चाहते हैं कि यह लड़ाई दोबारा नहीं होगी। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने यूरोप के राष्ट्रपति के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि हमारे पास इस लड़ाई को खत्म करने की ज़रूरी इच्छा है, बशर्ते ज़रूरी शर्तें पूरी हों।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हम अपना काम पूरा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि शायद दो सप्ताह के भीतर, या फिर उनका काम पूरा होने में कुछ दिन और लग सकते हैं, लेकिन हम उनके पास मौजूद हर एक चीज़ को नष्ट कर देना चाहते हैं। अब, यह संभव है कि हम उससे पहले ही कोई समझौता कर लें, क्योंकि हम पुलों पर प्रहार करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान रोकने के बाद पेट्रोलियम की कीमतों में कमी आएगी। ट्रंप ने कहा, "मुझे बस ईरान से हटना है और हम बहुत जल्द ऐसा करेंगे। इसके बाद ईधन की कीमतें धड़ाम से नीचे गिरेंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में अमेरिकी कंपनियों की संपत्तियों को निशाना बनाने की ईरानी धमकी को लेकर चिंतित नहीं हैं।</p>
<p>इससे पहले मंगलवार की रात को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ़ एक नए खतरे को महसूस करते हुए जवाबी हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ब्रिटेन जैसे उन देशों को खरी खोटी सुनाई जिन्होंने युद्व के दौरान अमेरिका की मदद नहीं की। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि दुनिया भर में फ्यूल की कमी को देखते हुए, इन देशों को अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए अगर कोई भी देश ऐसा नहीं करता है तो वो खुद ईरान जाकर तेल खरीद लें।</p>
<p>हालांकि, फ्रांस और इटली ने अमेरिकी-इज़राइली मिलिट्री ऑपरेशन का विरोध किया है। फिलहाल, हमलों में कमी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं और यहीं कारण है कि पाकिस्तान लड़ाई में बीच-बचाव करना चाहता है। चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार को बीजिंग में मुलाकात के बाद तुरंत सीज़फ़ायर की मांग की और जल्द से जल्द शांति बातचीत करने की अपील की।</p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस बारे में चिंतित हैं, तो ट्रंप ने संवाददाताओं को उत्तर दिया, "नहीं।" इससे पहले, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा था कि यदि ईरान में हत्याएं होती हैं, तो वह बुधवार से पश्चिम एशिया में माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, गूगल और एनवीडिया सहित 18 कंपनियों की संपत्तियों पर हमला करेगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के विभिन्न ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे व्यापक क्षति हुई और अनेक नागरिक हताहत हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। ईरान के आसपास बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के प्रमुख मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक नाकेबंदी हो गई है और इसने क्षेत्र में तेल निर्यात एवं उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 11:32:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दिया अमेरिकी राष्ट्रपति को तगड़ा झटका : ट्रम्प के टैरिफ गैरकानूनी, कहा- टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ संसद को</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को तगड़ा झटका देते हुए कहा कि उन्हें टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से निर्णय दिया कि टैरिफ लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस को है। ट्रम्प ने फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उनके पास टैरिफ के अन्य विकल्प भी हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-us-supreme-court-gave-a-big-blow-to-the/article-144007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ट्रंप को टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप का दुनिया के देशों पर लगाया गया टैरिफ गैरकानूनी है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने नेशनल इमरजेंसी के लिए रखे गए कानून का इस्तेमाल करके बड़े टैरिफ लगाकर अपने अधिकार का उल्लंघन किया। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ  कांग्रेस (संसद) को है, राष्ट्रपति को नहीं। फैसले में कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने बड़े पैमाने पर इंपोर्ट टैक्स लगाने के लिए इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति ने कांग्रेस से मंजूरी नहीं ली :</strong></p>
<p>चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि राष्ट्रपति ने टैरिफ को सही ठहराने के लिए युद्ध के समय की इमरजेंसी शक्तियों का हवाला दिया। लेकिन अदालत ने कहा कि युद्ध के समय की शक्तियां टैरिफ के लिए इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के इस्तेमाल को सही नहीं ठहरातीं है। राष्ट्रपति के पास शांति काल में टैरिफ लगाने का कोई स्वाभाविक अधिकार नहीं है।</p>
<p><strong>क्या होगा असर ?</strong></p>
<ul>
<li>ट्रम्प के लगाए गए टैरिफ हट जाएंगे।</li>
<li>हो सकता है अमेरिका को कंपनियों को पैसा वापस करना पड़े।</li>
<li>अन्य देशों को अमेरिका में सामान बेचने में राहत मिलेगी।</li>
<li>भारत सहित चीन और यूरोप के निर्यातकों को फायदा होगा।</li>
<li>कई चीजें सस्ती हो सकती हैं।</li>
</ul>
<p><strong>हमारे पास टैरिफ के दूसरे विकल्प भी मौजूद : ट्रम्प</strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कोर्ट में हमारी बात नहीं सुनी गई। जजों ने देशहित में सही काम नहीं किया। आज का फैसला निराशाजनक। टैरिफ से अमेरिका को अरबों डॉलर का फायदा। इस फैसले से कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरा मकसद अमेरिका को महान बनाना। हमारे पास टैरिफ के दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 11:10:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा, बोलें-परमाणु हथियारों को लेकर ईरान के साथ बातचीत जारी, शांति बोर्ड का सदस्य बनने पर सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते की संभावनाएं तलाशने की बात कही। नेतन्याहू संग बैठक में गाजा, सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trumps-claim-talks-continue-with-iran-on-nuclear/article-142941"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/220922-donald-trump-mjf-1544-99e118.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच (एजेंसी) इस बात की संभावनाओं का पता लगाने के लिये जारी रहेगी कि क्या परमाणु हथियारों को लेकर कोई समझौता किया जा सकता है। यह बयान उन्होंने व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बंद कमरे में हुई बैठक के तुरंत बाद दिया।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, मैंने अभी-अभी इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात पूरी की है। ईरान के साथ जारी रखने के अलावा कोई निर्णायक सहमति नहीं बनी, ताकि यह देखा जा सके कि कोई समझौता संभव है या नहीं। यदि समझौता हो सकता है, तो मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि यही मेरी प्राथमिकता होगी। यदि ऐसा नहीं हो पाता, तो हमें देखना होगा कि आगे क्या परिणाम निकलता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, बैठक में गाजा और पूरे क्षेत्र में हो रही प्रगति पर भी चर्चा हुई। नेतन्याहू बुधवार सुबह व्हाइट हाउस के दक्षिणी लॉन से होते हुए पहुंचे और बिना किसी संवाददाता सम्मेलन या आधिकारिक बयान के रवाना हो गये। दोनों नेताओं के बीच यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान सातवीं मुलाकात थी, जो करीब तीन घंटे तक चली। बैठक से पहले नेतन्याहू ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की और औपचारिक रूप से शांति बोर्ड का सदस्य बनने पर सहमति दी, जिसे इजरायली संसद में विवादास्पद पहल बताया जा रहा है। </p>
<p>अमेरिका रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा था कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के समक्ष ईरान से (एजेंसी) के सिद्धांतों को रखेंगे, जो न केवल इजरायल बल्कि पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा चाहने वालों के लिए अहम हैं। नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, वह चाहते हैं कि (एजेंसी) में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं लगायी जाएं और हमास तथा हिजबुल्लाह जैसे संगठनों से उसके संबंधों में कटौती शामिल हो। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में कहा था, समझौता अच्छा होना चाहिए। कोई परमाणु हथियार नहीं, कोई मिसाइल नहीं। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तेहरान में 1979 की इस्लामी क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के अवसर पर कहा कि पश्चिम द्वारा खड़ी की गयी अविश्वास की दीवार अमेरिका के साथ परमाणु (एजेंसी) में बाधा बन रही है। उन्होंने दोहराया कि ईरान अत्यधिक मांगों और आक्रामकता के आगे कभी झुकेगा नहीं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रूस टुडे से कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान और अमेरिका जुलाई 2015 में हुए संयुक्त व्यापक कार्ययोजना (जेसीपीओए) से भी बेहतर परमाणु समझौता कर सकते हैं, लेकिन ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम या क्षेत्रीय गठबंधनों पर बातचीत नहीं करेगा।</p>
<p>अमेरिका और ईरान ने शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में अप्रत्यक्ष (एजेंसी) की थी, ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और अमेरिका ने ईरान के पास सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को यह भी कहा था कि यदि (एजेंसी) विफल होती है तो वह ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए पश्चिम एशिया में दूसरा विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप भेजने पर विचार कर रहे हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका में 30 से ज्यादा देशों की एंट्री पर लगेगी रोक, बड़े ट्रैवल बैन की तैयारी में ट्रंप </title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन में नेशनल गार्ड पर जानलेवा शूटिंग के बाद ट्रंप प्रशासन विदेशी नागरिकों पर बड़े पैमाने पर यात्रा प्रतिबंध की तैयारी कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 30 देशों को नई ट्रैवल बैन सूची में शामिल किया जा सकता है, जिसकी जल्द घोषणा संभव है। हमले के बाद शरण मामलों पर रोक लगाई गई और 19 देशों के 7.2 लाख ग्रीन कार्ड धारकों की पुनः जांच शुरू हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/entry-of-more-than-30-countries-will-be-banned-in/article-134624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विदेशी नागरिकों पर बड़े पैमाने पर यात्रा प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत दो दर्जन से अधिक देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लग सकता है। वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के सदस्यों पर जानलेवा शूटिंग के बाद ट्रंप प्रशासन इस पर विचार कर रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट ने एक सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में बताया है कि ट्रंप प्रशासन कम से कम 30 देशों को अपनी अपडेटेड ट्रैवल बैन की लिस्ट में शामिल करने का टारगेट बना रहा है। इसमें भविष्य में और भी देश जोड़े जा सकते हैं।</p>
<p><strong>जल्द जारी हो सकती है लिस्ट :</strong></p>
<p>सूत्र ने यह भी कहा कि बातचीत अपने आखिरी दौर में है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि अपडेटेड लिस्ट जल्द जारी की जाएगी। अमेरिकी गृह मंत्री क्रिस्टी नोएम ने भी अमेरिका के यात्रा प्रतिबंध में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी का इशारा किया। एक्स पर एक पोस्ट में नोएम ने लिखा, उन्होंने हर उस देश को प्रतिबंधित लिस्ट में डालने का प्रस्ताव रखा, जो हमारे देश में हत्यारों, जोकों और हक मांगने वाले सनकियों को भरता है।</p>
<p><strong>नेशनल गार्ड पर शूटिंग के बाद ट्रंप प्रशासन सख्त :</strong></p>
<p>नोएम ने एक्स पर लिखा कि हमारे पुरखों ने इस देश को खून, पसीने और आजादी के पक्के प्यार से बनाया है, न कि विदेशी हमलावरों के लिए जो हमारे हीरो को मार डालें या टैक्स के पैसे लूट लें। हम उन्हें नहीं चाहते। एक को भी नहीं। बड़ी मात्रा विदेशी नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध का यह प्रस्ताव पिछले सप्ताह वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर हमले के बाद ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई का हिस्सा है। एक अफगान नागरिक पर दोनों नेशनल गार्ड पर गोली चलाने का आरोप है, जिसमें महिला जवान की मौत हो गई जबकि 24 साल के एंड्रयू वोल्फ को गंभीर रूप से घायल हैं। इसके तत्काल बाद ट्रंप प्रशासन ने शरण देने के सभी मामलों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही 19 देशों को चिंताजनक सूची में रखा गया है और उनके 7.20 लाख से ज्यादा ग्रीन गार्ड होल्डर्स की फिर से जांच शूरू कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 11:17:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प और जेलेंस्की ने की मुलाकात : टॉमहॉक मिसाइलों को लेकर की चर्चा,  युद्धविराम समझौते के लिए दी बधाई</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ टॉमहॉक मिसाइलों की आपूर्ति और हंगरी की राष्ट्रीय राजधानी बुडापेस्ट में रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ आगामी बैठक को लेकर चर्चा की। दोनों नेताओं की मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट कक्ष में हुयी। ट्रम्प ने कहा कि वह कल पुतिन के साथ हुई फ़ोन पर बात और हंगरी में होने वाली प्रस्तावित शिखर बातचीत पर चर्चा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-and-zelensky-met-discussed-tomahawk-missiles-congratulated-on-the/article-130039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(3)8.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ टॉमहॉक मिसाइलों की आपूर्ति और हंगरी की राष्ट्रीय राजधानी बुडापेस्ट में रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ आगामी बैठक को लेकर चर्चा की। दोनों नेताओं की मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट कक्ष में हुयी। रिपोर्ट के अनुसार बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा कि जेलेंस्की के साथ बातचीत में शामिल होना एक सम्मान की बात है। उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति को एक मजबूत नेता बताया, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है। ट्रम्प ने कहा कि वह कल पुतिन के साथ हुई फ़ोन पर बात और हंगरी में होने वाली प्रस्तावित शिखर बातचीत पर चर्चा की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि चीजे काफ़ी अच्छी चल रही हैं। में हुई बैठक में कुछ दिशानिर्देशों पर चर्चा के बाद देखते हैं कि हम इसे पूरा कर पाते हैं या नहीं। जेलेंस्की ने गाजा युद्धविराम समझौते के लिए ट्रम्प को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि आपकी मदद से हम इस युद्ध को समाप्त कर सकते हैं। रूस को युद्ध के मैदान में ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है। दोनों नेता की संयुक्त संवादताता सम्मेलन को जब ट्रंप से पूछा गया कि यूक्रेन द्वारा रूस में आंतरिक क्षेत्रों तक हमला करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल के बारे में उनकी क्या राय है? तो  उन्होंने जवाब दिया,  Þहम इस बारे में बात करेंगे। Þयह एक वृद्धि है, लेकिन हम इस बारे में बात करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 15:57:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप के खिलाफ जाना पड़ा भारी : ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाने वाली महिला जज के घर में लगी आग, पति-बेटे ने कूदकर बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[इसके बाद से ही उन्हें और उनके परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी मिल रही थी और अब घर में अचानक आग लग गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/had-the-fire-in-the-house-of-a-woman-judge/article-129062"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(4)13.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। का की जज डायने गुडस्टीन के समुद्र किनारे स्थित घर में आग लगने से उनके पति और बेटे घायल हो गए। ट्रंप के खिलाफ फैसला देने के बाद उन्हें धमकियां मिल रही थीं। फिलहाल आग के पीछे किसी के होने के सबूत नहीं मिले हैं। डायने गुडस्टीन ने हाल ही में ट्रंप के एक फैसले पर रोक लगाई थी।</p>
<p>इसके बाद से ही उन्हें और उनके परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी मिल रही थी और अब घर में अचानक आग लग गई। घटना के समय गुडस्टीन अपने कुत्तों को घुमाने बाहर गई हुई थीं। उनके पति और बेटे ने आग से बचने के लिए तीन मंजिला घर की छत से कूदकर अपनी जान बचाई। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 10:34:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी दूतावास का दावा : भारत में वोटर टर्नआउट के लिए यूएसएआईडी ने नहीं की फंडिंग, पहले ट्रंप लगा चुके आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में अमेरिकी दूतावास ने अमेरिका से चुनावी फंडिंग पर वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का खंडन किया है। अमेरिकी दूतावास ने यह डेटा केंद्र सरकार को दिया है, जिसने इसे संसद में साझा किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/usaid-did-not-claim-the-us-embassy-for-voter-turnout/article-124380"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/donald_trump_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत में अमेरिकी दूतावास ने अमेरिका से चुनावी फंडिंग पर वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का खंडन किया है। अमेरिकी दूतावास ने यह डेटा केंद्र सरकार को दिया है, जिसने इसे संसद में साझा किया है। इस डेटा के मुताबिक यूएसएआईडी ने भारत में चुनावी गतिविधियों के लिए कोई फंड नहीं दिए। इस डेटा के मुताबिक भारत में चुनाव संबंधी अनुदानों की लिस्ट में 21 मिलियन डॉलर की कोई एंट्री नहीं है। इस साल उनके राष्ट्रपति बनने के बाद फरवरी में ट्रंप प्रशासन ने भी दावा किया था कि भारत के चुनाव में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए यूएसएआईडी ने 21 मिलियन डॉलर खर्च किए।</p>
<p><strong>21 मिलियन डॉलर देने का किया था दावा</strong><br />अमेरिका के डिपार्टमेंट आॅफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी की ओर से फरवरी में एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया था कि अन्य अनुदानों के साथ ही भारत को वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर के अनुदान को रद्द किया जाता है। इससे पहले ट्रंप ने लगातार आरोप लगाए थे कि उनकी पूर्ववर्ती डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार ने भारत के चुनावों में दखल दी। उन्होंने इसे अपने चुनावी अभियान का हिस्सा भी बनाया था कि दूसरे देशों को चुनावी अनुदान देने का क्या औचित्य है। एक मौके पर ट्रंप ने कहा था, भारत में वोटर टर्नआउट के लिए मेरे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी को 21 मिलियन डॉलर दिए जा रहे हैं। हम भारत में वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर दे रहे हैं। हमारा क्या? मैं भी वोटर टर्नआउट चाहता हूं।</p>
<p><strong>ट्रंप ने जो बाइडेन प्रशासन पर लगाया था आरोप</strong><br />अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी के दावे से पहले से ही डोनाल्ड ट्रंप कह रहे थे कि जो बाइडेन सरकार भारत के चुनावों में दखल देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह किसी और को चुने जाने में मदद की कोशिश कर रही थी। एक मौके पर उन्होंने कहा था, वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर, हमें भारत में वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर खर्च करने की क्या जरूरत है? मेरा अनुमान है कि वे किसी और को जितवाना चाहते थे। हमें भारत सरकार को यह बताना होगा, क्योंकि जब हमने सुना कि रूस ने हमारे देश पर करीब 2,000 डॉलर खर्च किया, यह बहुत बड़ी बात थी। उन्होंने 2,000 डॉलर से कुछ इंटरनेट ऐड खरीदे। यह पूरी तरह एक सफलता है। एक मौके पर उन्होंने इसे किकबैक स्कीम भी कहा।</p>
<p><strong>ट्रंप ने जो बाइडेन प्रशासन पर लगाया था आरोप</strong><br />अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी के दावे से पहले से ही डोनाल्ड ट्रंप कह रहे थे कि जो बाइडेन सरकार भारत के चुनावों में दखल देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह किसी और को चुने जाने में मदद की कोशिश कर रही थी। एक मौके पर उन्होंने कहा था, वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर, हमें भारत में वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर खर्च करने की क्या जरूरत है? मेरा अनुमान है कि वे किसी और को जितवाना चाहते थे। हमें भारत सरकार को यह बताना होगा, क्योंकि जब हमने सुना कि रूस ने हमारे देश पर करीब 2,000 डॉलर खर्च किया, यह बहुत बड़ी बात थी। उन्होंने 2,000 डॉलर से कुछ इंटरनेट ऐड खरीदे। यह पूरी तरह एक सफलता है। एक मौके पर उन्होंने इसे किकबैक स्कीम भी कहा।</p>
<p>लेकिन, केंद्र सरकार ने सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास के प्रश्न के जवाब में संसद को बताया है कि जब अमेरिकी प्रशासन ने 16 फरवरी को दावा किया कि वह भारत को चुनाव के लिए मिलने वाले अनुदान को रद्द कर दिया है तो उसने तुरंत अमेरिकी दूतावास से भारत में यूएसएआईडी की ओर से समर्थित सभी तरह के प्रोजेक्ट की बीते 10 वर्षों का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा। विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह के हस्ताक्षर वाले जवाब के अनुसार अमेरिकी दूतावास ने 2 जुलाई को इस संबंध में सूचना मुहैया करवाई। मंत्री ने संसद को बताया कि अमेरिकी दूतावास ने यूएसएआईडी की ओर से फंडिंग वाले सभी अनुदानों की लिस्ट उपलब्ध करवाई है, जिसमें चुनाव संबंधी कोई भी अनुदान का जिक्र नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी राजदूत ने बताया है कि 15 अगस्त से यूएसएआईडी भारत में कार्य बंद कर देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/usaid-did-not-claim-the-us-embassy-for-voter-turnout/article-124380</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 11:36:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प ने दी अमेरिका विरोधी नीतियों का समर्थन करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी, कहा- इस नीति में नहीं होगा कोई अपवाद </title>
                                    <description><![CDATA[डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिक्स राष्ट्रों की कथित अमेरिका विरोधी नीतियों का समर्थन करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त व्यापार शुल्क लगाने की धमकी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-gave-a-scandal-to-impose-10-percent-additional-fees/article-119749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/trump.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिक्स राष्ट्रों की कथित अमेरिका विरोधी नीतियों का समर्थन करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त व्यापार शुल्क लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर कहा कि ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों का जो भी देश समर्थन करेगा, उस पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जाएगा और इस नीति में कोई अपवाद नहीं होगा।</p>
<p>पश्चिमी आधिपत्य को चुनौती देने और विकासशील देशों की आवाज को बढ़ावा देने के लिए ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा एक वैकल्पिक मंच के रूप में स्थापित इस अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय संगठन की अमेरिकी राष्ट्रपति काफी लंबे समय से आलोचना करते रहे हैं। ब्रिक्स को कई देशों ने एक अनुकूल संगठन के रूप में स्वीकार किया है और उन्होंने इसमें शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है। पिछले वर्ष मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया था और इस वर्ष इसमें  वियतनाम एक भागीदार राष्ट्र बन गया।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-gave-a-scandal-to-impose-10-percent-additional-fees/article-119749</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 15:40:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>ट्रम्प के ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ से भारतीयों को होगा फायदा, धन प्रेषण कर घट कर रह जाएगा 1% </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ ने सीनेट की एक महत्वपूर्ण बाधा को पार कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indians-will-benefit-from-trumps-beautiful-bill-and-will-be/article-119054"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ ने सीनेट की एक महत्वपूर्ण बाधा को पार कर लिया है, जिसके तहत प्रस्तावित 5% से रेमिटेंस टैक्स को घटाकर 1% कर दिया गया। उच्च दर ने अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के बीच व्यापक चिंता पैदा कर दी थी। कर की कम दर उनके और अपने घर पैसे भेजने वाले एनआरआई के लिए एक बड़ी राहत होगी।</p>
<p>अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों और भारत में धन भेजने वाले अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को बड़ी राहत देते हुए, वन ‘बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ के अद्यतन मसौदे में धन प्रेषण पर कर की दर को मूल रूप से प्रस्तावित 5% से घटाकर 1% कर दिया गया है। कर नकदी, मनीऑर्डर या कैशियर चेक के माध्यम से किए गए धन प्रेषण पर लागू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 10:56:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप के साथ लंच करेंगे असीम मुनीर, अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानियों का फूटा गुस्सा </title>
                                    <description><![CDATA[इस दौरान अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानियों का गुस्सा फूट पड़ा, मुनीर को तानाशाह और कातिल बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/aseem-munir-will-lunch-with-trump-pakistanis-living-in-america/article-117712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer90.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के साथ लंच पर मुलाकात करने वाले हैं। व्हाइट हाउस ने ट्रंप का शेड्यूल जारी किया, जिसमें इस मीटिंग का जिक्र किया है। असीम मुनीर इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। </p>
<p>इस दौरान अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानियों का गुस्सा फूट पड़ा, मुनीर को तानाशाह और कातिल बताया। वायरल वीडियो में लोगों ने आसिम मुनीर को कायर कहा और वीडियो में लोग "पाकिस्तानियों का कातिल" और "इस्लामाबाद का कातिल" जैसे नारे लगाते भी दिखे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 09:52:32 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका में आव्रजन नीति हंगामे के बीच यात्रा प्रतिबंध लागू, ट्रम्प ने 12 देशों के नागरिकों के प्रवेश पर लगाया था प्रतिबंध </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से जारी व्यापक यात्रा प्रतिबंध लागू हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/travel-ban-implemented-in-the-us-amid-immigration-policy-uproar/article-116971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/donald_trump_630x4001.jpg" alt=""></a><br /><p>ह्यूस्टन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से जारी व्यापक यात्रा प्रतिबंध लागू हो गया, जो ट्रम्प-प्रशासन की आव्रजन नीति के बीच बढ़ते हंगामे के दौरान आया है।</p>
<p>कैलिफोर्निया में आव्रजन छापों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लॉस एंजिलेस में प्रदर्शनकारियों की नेशनल गार्ड से झड़प हुई। न्यूयॉर्क सिटी में प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्पटॉवर पर कब्जा कर लिया और हाल ही में हिरासत में लिए गए प्रवासियों की रिहाई की मांग की। करीब 20 मिनट की तनातनी के बाद पुलिस ने करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया।</p>
<p>पिछले सप्ताह, ट्रम्प ने एक घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया। इनमें अफ़गानिस्तान, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया और यमन जैसे देश शामिल हैं।</p>
<p>व्हाइट हाउस के अनुसार यह देश सुरक्षा जांच में अमेरिका के लिए खतरा माने गए। साथ ही, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला जैसे सात देशों पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है।</p>
<p>व्हाइट हाउस ने कहा- यह प्रतिबंध विदेशी सरकारों से सहयोग लेने, आव्रजन कानून लागू करने और राष्ट्रीय सुरक्षा व आतंकवाद विरोधी उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। प्रतिबंध से ग्रीन कार्ड धारकों, मौजूदा वीजा धारकों, कुछ विशेष वीजा श्रेणियों तथा राष्ट्रीय हित में आने वालों को छूट दी गई है। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में भी सात देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया था, जिसे 2018 में उच्चतम न्यायालय ने मंजूरी दी थी। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2021 में उस प्रतिबंध को हटा दिया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 17:52:16 +0530</pubDate>
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