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                            <item>
                <title>प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के 31 नए प्रस्ताव मंजूर, 182.69 करोड़ रुपए होंगे खर्च </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 182.69 करोड़ रुपए के 31 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के 98% कार्य पूरे हो चुके हैं और शेष कार्य इसी वर्ष संपन्न होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/31-new-proposals-of-prime-ministers-public-development-program-approved/article-154720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक शुक्रवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम और प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 182.69 करोड़ रुपए के 31 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को तय समय सीमा में पूरा करें तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और अन्य कल्याणकारी गतिविधियों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत स्वीकृत 2238 कार्यों में से लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को भी इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रगतिरत 37 कार्यों में से 5 कार्य अगले माह तक पूरे हो जाएंगे, जिनमें राजकीय महाविद्यालय सीकरी (भरतपुर), अल्पसंख्यक बालक छात्रावास मसूदा (अजमेर) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ाजान, कामां (भरतपुर) के भवन निर्माण कार्य शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:26:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठिकरिया में ग्राम विकास चौपाल में की मुख्यमंत्री भजनलाल ने शिरकत;  महिला, किसान और युवा सशक्त होंगे तो विकसित बनेगा राजस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बगरू में कहा कि लखपति दीदी योजना से राजस्थान की 17.5 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। सरकार पानी के संकट को दूर करने के लिए रामजल सेतु परियोजना पर काम कर रही है। साथ ही, किसानों को दिन में बिजली और पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड से ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-participated-in-gram-vikas-chaupal-in/article-154107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bhajan-lal-sharma041.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान, महिला, मजदूर और युवाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। महिला आत्मनिर्भरता के लिए चलाई गई लखपति दीदी योजना ने गांवों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है।  बगरू के ठिकरिया गांव में शनिवार को ग्राम विकास चौपाल में मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। </p>
<p>बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से सामाजिक सुधार हुआ, जबकि उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण और हर घर नल से जल जैसी योजनाओं ने महिलाओं को सम्मान और सुविधा दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजीविका के माध्यम से 22 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।  सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में विकास का रोडमैप बनाया। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर, विभिन्न बांध एवं नदी सहित महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1.50 लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में दूध संकलन केन्द्रों के साथ ही प्रसंस्करण केन्द्रों की क्षमता में वृद्धि की जा रही है। सहकारिता क्षेत्र को भी मजबूत बनाते हुए 10 लाख नए सदस्य जोड़े गए हैं।मुख्यमंत्री विकसित ग्राम वार्ड अभियान शुरू कर गांवों व शहरों के विकास का रोडमैप बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। सांसद मंजू शर्मा, विधायक कैलाश वर्मा, जिला प्रमुख रमादेवी चौपड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:03:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जमीन तय किए बिना सीवरेज प्लांट का काम, 41 करोड़ की योजना पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[रावतभाटा में सड़कों की खुदाई सहित गारंटी पीरियड में पुनर्निर्माण और भुगतान प्रक्रिया पर विवाद।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sewage-plant-work-begins-without-land-finalization--questions-raised-over-41-crore-scheme/article-149552"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/21.jpg" alt=""></a><br /><p>भैंसरोड़गढ़/ रावतभाटा। रावतभाटा में मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत वर्ष 2023 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) एवं पाइपलाइन बिछाने के लिए लगभग 41 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई थी, जिसकी समयावधि वर्ष 2025 तक निर्धारित थी। लेकिन तीन वर्ष बीतने के बावजूद नगर पालिका के पास प्लांट स्थापित करने के लिए प्रस्तावित जमीन ही उपलब्ध नहीं है।जानकारी के अनुसार क्षेत्र एनजीटी के नियमों और जवाहर सागर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी तथा मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के दायरे में आता है, जिसके चलते निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध और जमीन आवंटन में अड़चनें बताई जा रही हैं। इसके बावजूद नगर में सड़कों की खुदाई और पाइपलाइन कार्य शुरू कर दिए गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2022 में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनी सड़कों, जिनका गारंटी पीरियड अभी शेष है, उन्हें भी दोबारा खोदकर नई सड़कें बनाई जा रही हैं। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p><strong>योजना की पारदर्शिता और उद्देश्य पर गहराया संदेह</strong><br />स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकृत फर्म को बिना जमीन तय हुए ही कार्यदिश जारी कर दिया गया और सीवरेज लाइन डालने के नाम पर ड्रेन चैंबर हटाकर सीसी सड़क निर्माण शुरू कर दिया गया। इससे योजना की पारदर्शिता और उद्देश्य पर संदेह गहराया है। पूरे मामले को लेकर शहरवासियों में असमंजस और चिंता का माहौल है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस योजना को लेकर क्या ठोस निर्णय लेता है और उठ रहे सवालों का जवाब कैसे देता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />यह पूरा मामला बेहद गंभीर है। बिना जमीन के योजना शुरू करना और गारंटी पीरियड की सड़कों को तोड़ना भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है।<br /><strong>- शंकर बुनकर, नगर काँग्रेस अध्यक्ष</strong></p>
<p>रावतभाटा का अधिकांश क्षेत्र एनजीटी की धारा 20 के तहत प्रतिबंधित है और फिलहाल सीवरेज प्लांट का स्थान तय नहीं हुआ है। आगामी एक वर्ष में संबंधित विभागों और वन्य क्षेत्र प्रबंधन से समन्वय कर समाधान निकाला जाएगा।<br /><strong>- विवेक गरासिया, तहसीलदार एवं वर्तमान नगर पालिका प्रशासक, रावतभाटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:34:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने लागू की नई योजना : प्रदेश के लाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार, राठौड़ ने कहा- युवाओं को उद्योगों से जोड़ने के लिए नीतियां बना रही सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[स योजना तहत राज्य सरकार की ओर से शत प्रतिशत ब्याज का पुनर्भरण किया जाएगा। साथ ही, 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी और सीजीटीएमएसई शुल्क (सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट शुल्क) के पुनर्भरण का भी प्रावधान किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/industrycommerce-department-has-implemented-a-new-scheme-lakhs/article-139940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/col-rajyavardhan-rathore.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 जनवरी को राज्यस्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया गया। इसके बाद उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने इस योजना की गाइडलाइन जारी कर दी है। जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाना है। विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार सेक्टर में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना तहत राज्य सरकार की ओर से शत प्रतिशत ब्याज का पुनर्भरण किया जाएगा। साथ ही, 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी और सीजीटीएमएसई शुल्क (सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट शुल्क) के पुनर्भरण का भी प्रावधान किया गया है। </p>
<p><strong>यह भी मिलेगा फायदा </strong><br />कर्नल राठौड़ ने बताया कि 8वीं से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपए एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, अधिकतम 35 हजार रुपए की मार्जिन मनी भी दी जाएगी। स्नातक, आईटीआई और अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा और व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपए तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी भी दी जाएगी।</p>
<p><strong>युवा कर सकेंगे स्वयं का रोजगार स्थापित </strong><br />राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार बड़े निवेश के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को भी उद्योगों से जोड़ने के लिए योजनाएं और नीतियां बना रही है। इसी क्रम में लागू की गई मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से प्रदेश के युवा स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकेंगे।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 10:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - खाद्य सुरक्षा से अब नहीं कटेंगे किसानों के नाम, केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[एफपीओ के सदस्यों को राशन से वंचित करने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---farmers--names-will-no-longer-be-removed-from-the-food-security-scheme--the-center-has-issued-instructions-to-the-state-government-in-a-letter/article-129498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news45.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें संगठित करने के लिए बनाए गए किसान उत्पादक संगठनों(एफपीओ) से जुड़े किसानों को अब बड़ी राहत मिली है। अब इन किसानों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से नहीं काटे जाएंगे। राज्य के कई जिलों में रसद विभाग की ओर से इन किसानों को नोटिस दिए जा रहे थे कि वे एफपीओ से जुड़े हैं, इसलिए उनका नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटाया जाएगा। इस कार्रवाई से किसानों में भारी रोष था और कई जगह किसानों ने राशन बंद होने के विरोध में अपने एफपीओ से इस्तीफे भी दे दिए थे। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि एफपीओ से जुड़े किसानों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से न काटे जाएं। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि एफपीओ में सदस्यता लेने का मतलब यह नहीं है कि किसान की आर्थिक स्थिति सुधर गई है या वह पात्रता से बाहर हो गया है।</p>
<p><strong>किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू</strong><br /> राजस्थान में अब तक 900 से अधिक किसान उत्पादक संगठन पंजीकृत हो चुके हैं। ये संगठन किसानों को संगठित करने, बाजार तक सीधी पहुंच दिलाने और उचित दाम दिलाने के लिए कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार एफपीओ को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं भी चला रही है, ताकि छोटे और सीमांत किसानों को सीधी आर्थिक मदद मिल सके। केंद्र के पत्र के बाद अब राज्य सरकार ने भी एफपीओ से जुड़े किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे उन हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जिनका राशन रोक दिया गया था या जिनके नाम सूची से हटाने की तैयारी थी। कोटा में भी कई एफपीओ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से किसान खाद-बीज, मशीनरी और विपणन की सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। अब जब केंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एफपीओ सदस्यता का खाद्य सुरक्षा योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा, तो किसानों में भी उत्साह देखा जा रहा है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- एफपीओ से जुड़े किसानों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से नहीं हटेंगे।<br />- केंद्र सरकार ने राज्य को पत्र भेज कार्रवाई पर रोक के दिए निर्देश।<br />- अब तक 900 से अधिक एफपीओ पंजीकृत।<br />- राशन बंद होने पर कई किसानों ने दिए थे इस्तीफे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सदस्यों को राशन से वंचित करने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में गत 8 अक्टूबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि खाद्य सुरक्षा योजना (एफएसए) के तहत अपात्र लाभार्थियों की पहचान अभियान के बीच रसद विभाग ने अब किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सदस्य भी अपात्र के दायरे में आ रहे हैं। ऐसे में कोटा जिले सहित पूरे प्रदेश में एफपीओ सदस्यों को राशन कार्ड से नाम हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से गिव अप अभियान के तहत मुफ्त का राशन लेने वाले अपात्रों का राशन कार्ड से नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत होते हैं। ऐसे में उन्हें भी बड़ी कंपनियों की तरह मान लिया गया। इसके बाद राशनकार्ड से नाम हटाने के लिए संगठनों के किसानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।  </p>
<p>केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि एफपीओ से जुड़े किसानों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से न काटे जाएं। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। <br /><strong>- गिरिराज सिंह, नायब तहसीलदार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 14:55:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बैल पालन पर मिलेगा 30 हजार का अनुदान :  आवेदन संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना, अब तक 19 आ गए आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार द्वारा बैलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति किसान 30,000 रुपए का अनुदान देने की घोषणा के बाद जिले में किसानों का उत्साह बढ़ गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bulls-are-finally-available--a-subsidy-of-30-000-rupees-will-be-available-for-bull-rearing/article-127336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। परंपरागत खेती में बैलों का महत्व एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सरकार द्वारा बैलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति किसान 30,000 रुपए का अनुदान देने की घोषणा के बाद जिले में किसानों का उत्साह बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग की इस योजना के तहत बैल आधारित खेती को बढ़ावा देने और पशुधन संरक्षण के उद्देश्य से किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक कोटा जिले से 19 किसानों ने आवेदन कर दिए हैं और आने वाले दिनों में आवेदन संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ समय पहले तक किसानों को बैल आधारित खेती के लिए प्रेरित करना मुश्किल था। कई बार तो विभागीय टीम को गांव-गांव जाकर बैल खोजने पड़ते थे, लेकिन जैसे ही अनुदान योजना की जानकारी किसानों तक पहुंची, वे स्वयं आवेदन करने आगे आ रहे हैं।</p>
<p><strong>अब खुद आवेदन लेकर पहुंचने लगे किसान</strong><br />जानकारी के अनुसार अब हालात बदल गए हैं। कुछ समय पहले तक कृषि विभाग के अधिकारियों को जिले में बैल खोजने के लिए गांव-गांव मशक्कत करनी पड़ रही थी। परंपरागत खेती को बचाने के लिए सरकार ने जब बैल आधारित खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपए का अनुदान देने की योजना लागू की, तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। अब किसान खुद आवेदन लेकर विभाग के पास पहुंचे लगे हैं। कृषि विभाग के अनुसार, योजना की घोषणा के बाद अब तक 19 किसानों ने आवेदन कर दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी किसान आवेदन करेंगे। विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर योजना का प्रचार कर रहे हैं। कई किसानों ने कहा कि यह योजना उनके लिए खेती का बोझ हल्का करेगी। बैलों से खेती करने से न केवल लागत घटेगी बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी।</p>
<p><strong>योजना का उद्देश्य</strong><br />- पारंपरिक खेती को बढ़ावा देना।<br />- बैलों की नस्ल संरक्षण करना।<br />- रासायनिक खाद और डीजल पर बढ़ती निर्भरता कम करना।<br />- छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल देना।</p>
<p><strong>गांवों में घट रही बैलों की संख्या</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले हर गांव में बैलों की दर्जनों जोड़ियां देखने को मिलती थी। मगर अब समय बदल चुका है, और अधिकतर किसानों ने बैलों को त्याग दिया है। सिंचाई के साधनों से वंचित किसानों ने भी आधुनिक उपकरणों का सहारा लेकर बैलों की उपयोगिता को भुला दिया है। यही कारण है कि पशुधन की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। पहले कई स्थानों पर बड़े पशु मेले आयोजित किए जाते थे। इन मेलों में लाखों रुपए के बैल खरीदे और बेचे जाते थे, लेकिन जब से खेतों में बैलों का उपयोग कम हुआ, पशु मेलों का अस्तित्व भी संकट में आ गया। ऐसे में सरकार ने बैलों से खेती को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की है।</p>
<p>लघु और सीमांत किसानों के लिए यह योजना काफी अच्छी है। अनुदान मिलने से अब बैलों के माध्यम से खेती को बढ़ावा मिलेगा। सरकार और कृषि विभाग का यह प्रयास काफी सराहनीय है।<br /><strong>- जगदीश कुमार, किसान नेता</strong></p>
<p>सरकार द्वारा बैलों की खेती करने वालों को प्रति किसान 30,000 रुपए का अनुदान देने की घोषणा के बाद जिले में किसानों का उत्साह बढ़ गया है। अब तक कोटा जिले से 19 किसानों ने आवेदन किए हैं और इनकी प्रशासनिक स्वीकृति जारी भी कर दी है।<br /><strong>- अतीश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 16:35:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - पॉलीथिन कैरी बैग का निर्माण करना पड़ेगा भारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने पुरस्कार की बढ़ाई राशि।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---manufacturing-polythene-carry-bags-will-be-costly/article-124675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3)48.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्लास्टिक कचरा दुनिया में प्रदूषण फैलाने में सबसे बड़ा खतरा बन रहा है। देश में भी प्लास्टिक पॉलिथीन को कम करने के लिए इस पर अलग-अलग तरीके से बैन किया गया है। आमजन को जागरुक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी प्लास्टिक पॉलिथीन से लोगों का मोह नहीं छूट रहा है। बाहर से हरेक सामान पॉलिथीन में पैक होकर आ रहा है। अब राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सिंगल यूज प्लास्टिक एवं प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग बंद करवाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय किया है। इसके प्रतिबंध पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने पुरस्कार योजना लागू की है।  पूर्व में इस योजना के अंतर्गत प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग अथवा सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण करने वाले इकाइयों व उद्योगों की सूचना देने पर पांच हजार रुपए का पुरस्कार निर्धारित था। अब मंडल द्वारा इस योजना में संशोधन करते हुए पुरस्कार राशि को बढ़ाकर पंद्रह हजार रुपए कर दिया गया है।  </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला </strong><br />सिंगल यूज प्लास्टिक सर्वाधिक खतरनाक है। इसकी बिक्री पर बैन लगा हुआ है लेकिन इसके बाद भी यह बाजार में खुलेआम बिक रही है। दैनिक नवज्योति में गत 9 मार्च को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि शहर की थोक फल सब्जीमंडी में पॉलीथिन का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। यहां पर सभी विक्रेता पॉलीथिन के साथ ही कारोबार करने में जुटे हुए हैं। मंडी परिसर में दिनभर सब्जियों की बिक्री पॉलीथिन में ही हो रही है। थैलियों में सामग्री लाने और ले जाने सुविधाजनक होने के कारण विक्रेता से लेकर ग्राहक तक इसका उपयोग करता है। दिनभर के कारोबार के बाद ज्यादातर पॉलीथिन कचरे के रूप में तब्दील हो जाती है। देश में 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध है। जबकि 75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक बैग पर पहले से ही बैन लगा हुआ है। प्रतिबंध के बावजूद थोक फलमंडी का कारोबार पॉलीथिन के बल पर हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग इस सम्बंध में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में इनका धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। </p>
<p><strong>पुरस्कार राशि में किया संशोधन</strong><br />मंडल के अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार के  पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार देशभर में चिन्हित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इनमें प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक झंडे, कैंडी और आइसक्रीम की प्लास्टिक स्टिक, मिठाई के डिब्बों के चारों ओर लपेटने वाली प्लास्टिक फिल्म, आमंत्रण पत्रों और सिगरेट पैकेट पर चढ़ाई जाने वाली प्लास्टिक शीट, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंधित हैं। प्रतिबंध के बाद भी इनका बाजार में धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। अब इस प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार योजना लागू की है। अब मंडल द्वारा इस योजना में संशोधन करते हुए पुरस्कार राशि को बढ़ाकर पंद्रह हजार रुपए कर दिया गया है। प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग अथवा सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण करने वाली किसी इकाई की विश्वसनीय सूचना देने पर सूचना दाता को पंद्रह हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।</p>
<p>अब प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग अथवा सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण करने वाले इकाइयों व उद्योगों की सूचना देने पर पंद्रह हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। आमजन सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें और यदि कहीं इनके निर्माण की जानकारी हो तो इसकी जानकारी तुरन्त विभाग को उपलब्ध  कराएं।<br /><strong>- योग्यता सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 14:54:23 +0530</pubDate>
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                <title>कृषक उपहार योजना में संशोधन को स्वीकृति, ई-नाम पोर्टल पर कृषि जिंसों की बिक्री को मिलेगा प्रोत्साहन</title>
                                    <description><![CDATA[इस योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलेगा जो ई-नाम पोर्टल के माध्यम से बिक्री करते हुए ई-पेमेंट (इलेक्ट्रॉनिक भुगतान) प्रणाली से भुगतान प्राप्त करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amendment-in-farmers-scheme-will-be-encouraged-to/article-123128"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने किसानों को पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से कृषि जिंसों की बिक्री के लिए प्रोत्साहित करने के लिए संचालित ‘कृषक उपहार योजना’ में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। अब इस योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलेगा, जो ई-नाम पोर्टल के माध्यम से बिक्री करते हुए ई-पेमेंट (इलेक्ट्रॉनिक भुगतान) प्रणाली से भुगतान प्राप्त करते हैं। </p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कृषि विपणन विभाग द्वारा भिजवाए गए प्रस्ताव के अनुसार अब उन्हीं किसानों को उपहार कूपन जारी किया जाएगा, जिनकी जिंसों की बिक्री ई-नाम पोर्टल पर दर्ज हुई हो और उसका भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से प्राप्त किया गया हो। योजना के वर्तमान स्वरूप में देखा जा रहा था कि ई-नाम पर कृषि जिंस के विक्रय पर्चियों पर जारी कूपन की तुलना में ई-पेमेंट पर जारी कूपन की संख्या काफी कम है। अब केवल ई-पेमेंट पर ही उपहार कूपन जारी किए जाने से ई-नाम पोर्टल पर बिक्री के साथ-साथ किसान और व्यापारी तत्काल एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित होंगे। </p>
<p>संशोधित योजना में ई-पेमेंट से प्राप्त कृषि उपज विक्रय की प्रति 10 हजार रूपए की राशि एवं इसके गुणकों में उपहार कूपन ई-नाम सॉफ्टवेयर द्वारा जारी किए जा सकेंगे। प्रत्येक 6 माह में मंडी स्तर पर ड्रॉ निकालकर 50,000 रूपए का प्रथम पुरस्कार 30 हजार रूपए का द्वितीय पुरस्कार और 20 हजार रूपये का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 17:57:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>असर खबर का - जांच कमेटी की रिपोर्ट पर एक दर्जन ग्राम पंचायतों की निविदा निरस्त</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति अखबार ने हमारी शिकायत को प्रमुखता से उठाकर हमें न्याय दिलाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---tenders-of-a-dozen-gram-panchayats-cancelled-on-the-report-of-the-investigation-committee/article-122371"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। दैनिक नवज्योति द्वारा शिकायतों की खबर प्रमुखता से छपने पर हिंडोली पंचायत समिति द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पर विकास अधिकारी रामकुमार चौधरी ने संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को एक दर्जन ग्राम पंचायत के मनरेगा योजना की टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। विकास अधिकारी रामकुमार चौधरी ने बताया कि 24 जुलाई को हिंडोली पंचायत समिति क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मनरेगा योजना एवं आरडी योजना के अंतर्गत सामान सप्लाई के टेंडर हुए थे। टेंडर प्रक्रिया के अंतर्गत एक दर्जन ग्राम पंचायत द्वारा टेंडर प्रक्रिया में धांधली के आरोप लग रहे थे। कुछ ग्राम पंचायत में संवेदकों के फार्म से डीडी गायब होने की शिकायत मिल रही थी। मिली शिकायतों के आधार पर हिंडोली पंचायत समिति द्वारा तीन सदस्य जांच कमेटी बनाई गई, जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट विकास अधिकारी रामकुमार चौधरी को सौंपी और विकास अधिकारी चौधरी ने ग्राम पंचायत सावंतगढ़, रामचंद्रजी का खेड़ा, आकोदा, चेता, बड़गांव, रुणीजा, छाबड़िया का नया गांव, गोठड़ा, पगारा, टोकड़ा, दबलाना, भवानीपुरा ग्राम पंचायत की निविदा प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। संवेदको ने दैनिक नवज्योति अखबार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दैनिक नवज्योति अखबार ने हमारी शिकायत को प्रमुखता से उठाकर हमें न्याय दिलाया है। </p>
<p>तीन सदस्य जांच कमेटी ने शुक्रवार दोपहर को अपनी रिपोर्ट मैंरे को सौंपी और मैंने रिपोर्ट का गहनता से अध्ययन किया। जांच कमेटी ने एक दर्जन ग्राम पंचायत में धुंधली के सबूत मिलने पर निविदाओं को निरस्त कर दिया है। <br /><strong>- रामकुमार चौधरी, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, हिंडोली। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 15:15:48 +0530</pubDate>
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                <title>12 हजार स्कूटियां बांटेंगे, गुरुकुल योजना पूरे साल चलेगी : भड़ाना</title>
                                    <description><![CDATA[ओमप्रकाश भड़ाना ने अपने कार्यकाल के एक साल पूरा होने के मौके पर एमबीसी वर्ग के लिए किए गए कार्यों की मीडिया से बाचतीत करते हुए जानकारी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gurukul-scheme-will-distribute-12-thousand-scooters/article-118746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer142.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना ने अपने कार्यकाल के एक साल पूरा होने के मौके पर एमबीसी वर्ग के लिए किए गए कार्यों की मीडिया से बाचतीत करते हुए जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूर्व गहलोत सरकार में वर्ग को केवल गुमराह किया गया। युवाओं को छात्रावासों में रहने के उनके अधिकार तक से वंचित रखा। यहीं नहीं एमबीसी वर्ग की छात्राओं को स्कूटियां तक नहीं बांटी गई। अब उनके समय की लंबित स्कूटियां भी बोर्ड के प्रयास से बांटी जाएगी। आगामी दिनों में एमबीसी वर्ग और कालीबाई योजना के तहत 12 हजार स्कूटियों का वितरण किया जाएगा। कहा कि गुरूकुल योजना में 500 एमबीसी वर्ग को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने के लिए 5 हजार रुपए प्रति छात्र दिए जाते हैं। मैंने खुद योजना से जुड़े 52 में से 22 स्कूलों का निरीक्षण किया, लेकिन यहां बच्चों को सालभर योजना का फायदा पूर्व सरकार ने नहीं दिया। अनियमितताएं हुई।</p>
<p>साल में एक माह ही बच्चों को फायदा मिला। 12 ऐसे स्कूल अब ब्लैकलिस्टेड कर 16 नए मापदंड पर खरे उतरने वाले स्कूलों को जोड़ा गया। अब पूरे साल योजना का संचालन होगा। पूर्व सरकार में देवनारायण बोर्ड योजना में संचालित छात्रावासों, आवासीय विद्यालयों में घोर अव्यवस्थाएं थी। जर्जर छात्रावासों के रखरखाव के लिए अब सीएम ने बजट में 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की गई है। 82 छात्रावासों में एमबीसी वर्ग के 60 फीसदी सीटों को नहीं भरा जा रहा था। अब हमने तय किया है कि इन सीटों पर वर्ग के छात्र ही प्रवेश ले सकेंगे। कांग्रेस के वक्त 44 छात्रावासों में स्थाई वॉर्डन नहीं थे। अब विभाग से 20 में स्थाई लगवाए गए हैं। 24 में भी जल्द वॉर्डन मिलेंगे। छात्रावासों में प्रति व्यक्ति पहले 3 हजार रुपए दिए जाते थे, अब 3250 रुपए किए गए हैं ताकि उन्हें अच्छा भोजन मिल सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 12:30:52 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में जल संसाधन विभाग को 16.50 करोड़ मंजूर, जल शक्ति मंत्रालय ने ‘हर खेत को पानी अभियान‘ के तहत दी राशि</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ‘हर खेत को पानी‘ अभियान में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से जल संसाधन विभाग को 16.50 करोड़ रुपए की केन्द्रीय सहायता राशि स्वीकृत की गई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-pradhan-mantri-agricultural-irrigation-scheme-the-ministry-of/article-117384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/copy-of-news-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ‘हर खेत को पानी‘ अभियान में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से जल संसाधन विभाग को 16.50 करोड़ रुपए की केन्द्रीय सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि वर्ष 2025-26 की प्रथम किश्त के रूप में अभियान अंतर्गत प्रगतिरत 84 रिपेयर-रिनोवेशन-रेस्टोरेशन (आरआरआर) कार्यों के लिए प्राप्त हुई है। अब राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत (लगभग 11 करोड़ रुपए) राशि और जोड़ी जाएगी। इस प्रकार कुल 27.50 करोड़ रुपए की लागत से कार्यों को गति मिलेगी।</p>
<p>जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि आरआरआर योजना अंतर्गत कोटा, बूंदी और टोंक जिलों में सिंचाई सुविधाओं के पुनरुद्धार के लिए 84 कार्य 11 सितम्बर, 2023 को स्वीकृत किए गए थे। इन कार्यों के पूर्ण होने से लगभग 4 हजार 404 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र को फिर से क्रियाशील हो जाएगा, जिससे 2.16 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।</p>
<p>विभागीय जानकारी के अनुसार, परियोजना की कुल लागत 142.92 करोड़ रुपए है। इसमें केन्द्र और राज्य का अंशदान 60.40 के अनुपात में है। इसके अंतर्गत केन्द्रांश 85.75 करोड़ रुपए और राज्यांश 57.17 करोड़ रुपए निर्धारित है। इसके तहत विभाग को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15 करोड़ रुपए की केन्द्रीय सहायता प्राप्त हुई थी। वर्तमान में कार्यों की भौतिक प्रगति लगभग 65 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है।</p>
<p>इस योजना की प्रगति से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित ‘वंदे गंगा‘ जल संरक्षण-जन अभियान को भी गति मिलेगी। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन मंत्री लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर अभियान के तहत जल संरचनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे हैं। आमजन को जागरूक कर अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन प्रशासन स्तर पर भी जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 16:09:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चिरंजीवी योजना शुरू करने की मांग : युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, कलक्टर को राज्यपाल के नाम का सौंपा ज्ञापन </title>
                                    <description><![CDATA[चिरंजीवी योजना शुरू करने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट सर्किल पर प्रदर्शन किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/youth-congress-demands-a-demonstration-on-the-collectorate-a-memorandum/article-116575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer31.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिरंजीवी योजना शुरू करने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट सर्किल पर प्रदर्शन किया। जयपुर शहर यूथ कांग्रेस राकेश सैनी और जयपुर ग्रामीण यूथ कांग्रेस अध्यक्ष धर्मवीर पायला के संयुक्त नेतृत्व में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना को पुनः प्रारंभ किए जाने की मांग को लेकर खासा कोठी सर्किल पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट सर्किल पर पहुंचे। कलेक्टर परिसर के गेट पर चढ़कर नारेबाजी प्रदर्शन कर कलक्टर को राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस नेता रवि सिंगदर ने कहा कि सरकार चिरंजीवी योजना को बंद कर के आम और गरीब लोगों के साथ कुठाराघात कर रही है। चिरंजीवी योजना की वजह से गरीब लोगों को ईलाज कराने में आर्थिक बोझ नहीं सहना पड़ता था, लेकिन अब निजी अस्पतालों में लुटने के लिए मजबूर होंगे। सरकार प्रदेश की जनता के हित में इस योजना को फिर से शुरू करे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 16:50:18 +0530</pubDate>
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