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                <title>ration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का - मुफ्त राशन का इंतजार होगा खत्म, मिलेगी राहत </title>
                                    <description><![CDATA[आवेदन पत्रों का काफी समय बाद भी निस्तारण नहीं होने के कारण पात्र होने के बावजूद कई आवेदकों को मुफ्त गेहूं नहीं मिल पा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---the-wait-for-free-ration-will-end--relief-will-be-available/article-114831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी काफी समय से मुफ्त राशन का इंतजार कर रहे लोगों को अब राहत मिल सकेगी। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट में आयोजित विभागीय अधिकारियों की बैठक में एनएफएसए के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। कोटा जिले में 18 हजार से अधिक आवेदकों ने खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रखा है। इन आवेदनों की अभी तक जांच ही चल रही है। आवेदन पत्रों का काफी समय बाद भी निस्तारण नहीं होने के कारण पात्र होने के बावजूद कई आवेदकों को मुफ्त गेहूं नहीं मिल पा रहा है। अब जिला कलक्टर ने इस सम्बंध में अधिकारियों को आवेदनों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए है।</p>
<p><strong>फील्ड स्टाफ सीधे आवेदकों से करे संपर्क </strong><br />बैठक के दौरान डॉ. गोस्वामी ने खाद्य सुरक्षा के तहत नाम जुड़वाने से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए सभी उपखंड अधिकारियों  को निर्देशित किया कि (वर्ष 2022 से 2025 तक) प्राप्त आवेदनों की त्वरित जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार जिन आवेदनों को दस्तावेजों की कमी के कारण वापस लौटाया गया है, उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। इसके लिए पटवारियों एवं अन्य फील्ड स्टाफ को सीधे आवेदकों से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी, जिससे पात्र लाभार्थी योजना का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकें। आवेदनों में जो भी कमी पाई गई है उनका समय पर निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी नाम नहीं जुड़ने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 18 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि राज्य सरकार ने पात्र लोगों को राहत देने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने के लिए पोर्टल खोला था। इस पर खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने के लिए लाखों लोगों ने आवेदन कर दिया। अब इन आवेदनों का निस्तारण ही सरकार के लिए गलफांस बन गया है। इसका कारण यह है कि इतने अधिक आवेदन आ गए कि यदि नाम जोड़ लिए गए तो भारत सरकार की खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत तय सीलिंग सीमा पार हो जाएगी। इसके चलते आवेदन पत्रों को जांच के नाम पर ठण्डे बस्ते में डाल दिया है। अब उपभोक्ता चक्कर लगाने को विवश हैं। अब जिला कलक्टर ने बैठक में इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए आवेदनों के त्वरित गति से निस्तारण करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>अभी आवेदनों की जांच प्रक्रिया धीमी</strong><br />प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कुल 13,38,683 आवेदन लम्बित हैं। इस कारण नए आवेदनों की जांच की स्थिति नगण्य है। सरकार ने पोर्टल पर जो आवेदन पत्र मांगे थे, उनके निस्तारण के लिए 30 दिवस की समय सीमा निर्धारित है। 26 जनवरी से अब तक पोर्टल पर सात लाख से अधिक आवेदन पत्र आए हैं, जिसमें निस्तारण की स्थिति देखें तो उपखंड अधिकारी स्तर पर प्रदेश में केवल 2365 आवेदन पत्रों का ही निस्तारण हुआ है। प्रदेश के 21 जिलों में एक भी आवेदन पत्र का निस्तारण नहीं हुआ है, जबकि आवेदन पत्रों की जांच के लिए चार चरण तय किए हैं। कोटा जिले  की बात करें तो यहां पर 18952 आवेदनों की जांच चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 15:03:15 +0530</pubDate>
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                <title>सरकार की कार्रवाई से डरे अपात्र, करने लगे सरेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं वंचितों और पात्र लोगों को मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने गिव अप अभियान शुरू किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ineligible-people--afraid-of-government-action--started-surrendering/article-97602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अपात्र होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वा कर मुफ्त गेहूं लेने वाले लाभार्थियों ने अब सरेंडर करना शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से नाम हटवाने के लिए अपात्र लाभार्थी राशन डीलरों के पास पहुंचने लगे हैं। राज्य सरकार के गिव अप अभियान के कारण ऐसा हुआ है। सरकार की कार्रवाई के डर से अपात्र योजना से अपना हटवाने लगे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं वंचितों और पात्र लोगों को मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने गिव अप अभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान सक्षम व्यक्ति अपना नाम 31 जनवरी 2025 तक खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा सकता है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोटा जिले में अब तक 20 अपात्रों ने आवेदन कर खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवा लिया है।</p>
<p><strong>राशन की दुकानों पर लगेंगे पोस्टर </strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार गिव अप अभियान की जानकारी देने के लिए उचित मूल्य की दुकानों पर पोस्टर भी लगाए जाएंगे। स्वैच्छा से नाम हटवाने वालों की जगह वंचितों और पात्र लोगों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़े जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि गिव अप अभियान की समीक्षा के दौरान नाम हटाने के दो कारण नजर आए हैं। पहला कारण तो यह कि जो लोग सक्षम हैं, वह अपने नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा लेंगे। दूसरा कारण यह नजर आया कि बहुत से राशन कार्डों में फर्जी नाम हैं। उदाहरण के तौर पर परिवार में वास्तविक सदस्य संख्या तो चार ही है, लेकिन राशन कार्ड में संख्या 6 या इससे अधिक दिखा रखी है। ई-केवाईसी अभियान में ऐसे नाम स्वत: ही हट जाएंगे।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br /> जिले में कुल लाभार्थी                     9,07,495 <br />जिले में बीपीएल लाभार्थी               245068<br />जिले में नॉन बीपीएल लाभार्थी         633227<br />जिले में अंत्योदय लाभार्थी              29429 <br />जिले में कुल राशनकार्ड                2,43,551</p>
<p><strong>...तो पूरी हो जाएगी राज्य की सीमा</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की धारा 9 के तहत राज्य की सीमा 4 करोड़ 46 लाख है। अभी जुलाई से लेकर सितंबर तक नए नाम जोड़ने का अभियान चलाया गया तो 12 लाख नए नाम जोड़े गए। इनमें विशेष योग्यजन के अलावा विवाहिताएं और बच्चे शामिल हैं। इन्हें मिलाकर राज्य की सीमा 4 करोड़ 44 लाख हो गई है। इनमें से 3 करोड़ 80 लाख की ई-केवाईसी हो चुकी है। प्रदेश में अभी भी 64 लाख ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी ई-केवाईसी नहीं हुई है। ई-केवाईसी नहीं करवाने वालों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटा कर नए नाम जोड़े जाएंगे। नए नाम जुड़ने से राज्य की जो सीमा है वह पूरी हो जाएगी।</p>
<p><strong>इनको माना अपात्र, भरना होगा फार्म</strong><br />रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार पात्र नहीं होने पर भी जो लोग 31 जनवरी तक खाद्य सुरक्षा सूची से नाम नहीं हटवाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चौपहिया वाहन (ट्रैक्टर और सभी प्रकार के वाणिज्य वाहनों को छोड़ कर) मालिक, आयकर रिटर्न भरने वाले और सरकारी कर्मचारियों को अपात्र माना गया है। ऐसे लोग स्वैच्छा से 31 जनवरी तक अपने नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा लेते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। उसके बाद खाद्य सूरक्षा सूची की गहराई से जांच करवा कर ऐसे लोगों का पता लगाया जाएगा और फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा योजना सूची से स्वैच्छा से नाम हटवाने वालों को एक फार्म भरना होगा। यह फार्म सभी उचित मूल्य की दुकानों पर उपलब्ध करवाए गए हैं। यह फार्म भर कर देने वालों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हट जाएंगे।</p>
<p>अपात्रों के कारण पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने लाभार्थियों की लिमिट तय कर रखी है। इसलिए जरूरतमंदों के नाम भी नहीं जुड़ पा रहे हैं। अब इन अपात्रों को हटाकर जरूरतमंदों को इसका लाभ देना चाहिए।<br /><strong>-मुरारीलाल, निवासी सूरसागर</strong></p>
<p>राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं वंचितों और पात्र लोगों को मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने गिव अप अभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान सक्षम व्यक्ति अपना नाम 31 जनवरी 2025 तक खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा सकता है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-संध्या सिन्हा, प्रवर्तन अधिकारी, रसद विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 15:42:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अपात्रों ने सरेंडर नहीं किया तो होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान के दौरान अपात्र मिलने पर उसे विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-ineligible-people-do-not-surrender--action-will-be-taken/article-95473"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/apatron-ne-surrender-nhi-kiya-to-hogi-karawae...kota-news-21.11.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । अपात्र होने के बाद भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मुफ्त गेहूं लेने वाले लाभार्थियों को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए राज्य सरकार एक और अवसर दे रही है। सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 में अपात्रों का छंटनी अभियान शुरू किया है। इसमें रसद विभाग ने स्वैच्छा से एनएफएसए में राशन का गेहूं छोड़ने वालों से आवेदन मांगे हैं। यदि छंटनी अभियान से पहले अपात्र लाभार्थी ने आवेदन के माध्यम से सरेंडर कर दिया तो उसे विभागीय कार्रवाई से छूट मिल जाएगी। अभियान के दौरान अपात्र मिलने पर उसे विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>तो कानूनी कार्रवाई के साथ होगी वसूली </strong><br />घरेलू गैस सिलेंडर पर स्वैच्छा से सब्सिडी छोड़ने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की करीब दस साल पुरानी पहल को खाद्य विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना पर भी लागू कर दिया है। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम प्रसाद सागर ने गत दिनों पत्र जारी करके खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों में निष्कासन की श्रेणी में आने वालों को स्वैच्छा से नाम हटवाने की अवसर दिया है। कोई लाभार्थी निष्कासन की श्रेणी में आने के बाद भी एनएफएसए से जुड़ा हुआ पाए जाने पर रसद विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई के साथ वसूली के दायरे में आ जाएगा। वहीं स्वैच्छा से नाम कटवाने वालों को विभागीय कार्रवाई से मुक्त रखा जाएगा।</p>
<p><strong>सरकारी कर्मचारियों से हो चुकी वसूली</strong><br />राज्य सरकार ने पांच साल पहले एनएफएसए में मुफ्त गेहूं उठाने वाले लाखों राज्य व केन्द्रीय कर्मचारियों का पता लगाया था। रसद विभाग ने खाद्य सुरक्षा योजना को आधार से जोड़ दिया था।  योजना के आधार से जुड़ते ही लाखों सरकारी कर्मचारी और उनके परिजन वसूली के दायरे में आ गए थे। आखिर रसद विभाग ने वसूली का डंडा चलाते हुए दो रुपए किलो में मिलने वाले राशन के गेहूं की 27 रुपए प्रति किलो के हिसाब से वसूली की थी। कोटा जिले सहित पूरे प्रदेश के कर्मचारियों ने इस योजना का बेजा लाभ उठाया था। अब सरकार शेष अपात्रों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।</p>
<p><strong>इधर ई-केवाईसी करवाना भी अनिवार्य</strong><br />खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने  र्ई-केवाईसी नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं को अब मुफ्त राशन के लाभ से वंचित करने का निर्णय किया है। विभाग ने राशन सामग्री प्राप्त कर रहे जिले के समस्त उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं। अब 30 नवंबर तक ई-केवाईसी नहीं करवाने पर वंचित सभी चयनित उपभोक्ताओं के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिए जाएंगे। इसके बाद इन उपभोक्ताओं को मुफ्त गेहूं मिलने की सुविधा बंद हो जाएगी। जिला रसद अधिकारी ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से उचित मूल्य दुकानदार से सम्पर्क कर पोस मशीन के माध्यम से ई-केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p>अपात्रों के कारण पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने लाभार्थियों की लिमिट तय कर रखी है। इसलिए जरूरतमंदों के नाम भी नहीं जुड़ पा रहे हैं। अब इन अपात्रों को हटाकर जरूरतमंदों को इसका लाभ देना चाहिए।<br /><strong>-रोशनी बाई, लाभार्थी</strong></p>
<p>एनएफएसए में अपात्र उपभोक्ता राशन डीलर से आवेदन प्राप्त करके स्वैच्छा से योजना का लाभ छोड़ सकते हैं। छंटनी अभियान के दौरान अपात्र की जद में आने पर राज्य सरकार के निर्देशानुसार कानूनी और राशि वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।<br /><strong>-संध्या सिन्हा, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग कोटा</strong></p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- जिले में कुल लाभार्थी    9,07,495 <br />- जिले में बीपीएल लाभार्थी    245068<br />- जिले में नॉन बीपीएल लाभार्थी    633227<br />- जिले में अंत्योदय लाभार्थी    29429 <br />- जिले में कुल राशनकार्ड    2,43,551 </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-ineligible-people-do-not-surrender--action-will-be-taken/article-95473</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 15:33:18 +0530</pubDate>
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                <title>मोबाइल ओटीपी से राशन लेने का खेल होगा खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जारी किया सर्कुलर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-game-of-getting-ration-through-mobile-otp-will-end/article-82026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/mobile-otp-s-rashan-lene-ka-khel-hoga-khtm...kota-news-19-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को अब गेहंू या राशन मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए लेना आसान नहीं होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ओटीपी के खेल को खत्म करने के लिए एक सर्कुलर जारी किया हैं। अब ओटीपी पर कंट्रोलिंग करते हुए हर राशन डीलर को एक दिन में अधिकतम 3 ही ट्रांजेक्शन करने की लिमिट निर्धारित की है। अब तक बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन नहीं होने पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को गेहूं मिलने की सुविधा दी जा रही थी, लेकिन अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस पर कंट्रोलिंग करते हुए हर राशन डीलर को एक दिन में अधिकतम 3 ही ट्रांजेक्शन करने की लिमिट निर्धारित कर दी हैं। हर एक ट्रांजेक्शन पर के बीच करीब 30 मिनट या उससे ज्यादा का अंतर होना चाहिए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उपायुक्त आशीष कुमार की ओर से जारी सर्कुलर में बताया कि कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थी कि जनआधार या आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी के जरिए राशन वितरण में गड़बड़ी हो रही है। राशन डीलर के यहां जो व्यक्ति एनएफएसए में रजिस्टर्ड है और वे नियमित गेहंू नहीं लेते है। उन लाभार्थियों से उनके फोन पर आए ओटीपी को पूछकर राशन डीलर गेहूं का स्टॉक उठा लेते है और बाजार में बेच देते है। इसे देखते हुए विभाग ने अब ओटीपी के जरिए राशन की प्रक्रिया को सीमित करने और अधिकतम एक दिन में 3 ही लाभार्थियों को ही ओटीपी के जरिए राशन देने का निर्णय किया है।</p>
<p><strong>इसलिए नए आदेश करने पड़े जारी</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश में लाखों ऐसे लाभार्थी हैं, जिनके हाथ की रेखाएं या अंगूठे के निशान घिस गए हैं और पोस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाकर) में भारी परेशानी आ रही थी। अब तक विभाग ने राशन डीलर को लाभार्थी परिवार के किसी भी एक सदस्य का बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाकर) करने के बाद ही गेहूं देने की फैसिलीटी तय कर रखी थी। अगर किसी लाभार्थी परिवार का बायोमेट्रिक सत्यापन होने में तकनीकी समस्या आती है तो उसे ओटीपी के जरिए राशन दे सकता था, लेकिन इसका बहुत ज्यादा गलत इस्तेमाल होने लग गया जिसके बाद अब विभाग ने निर्णय लिया हैं कि एक राशन डीलर एक दिन में अधिकतम 3 ही लाभार्थी को ओटीपी के जरिए राशन का गेहूं दे सकेगा। हर एक लाभार्थी को ओटीपी के जरिए राशन देने के 30 मिनट बाद दूसरे लाभार्थी को राशन दिया जा सकेगा।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />कोटा जिले में लाभान्वित परिवार-2.50 लाख<br />कोटा जिले में राशन की दुकानें-522<br />प्रत्येक यूनिट को मिलता है गेहूं-5 किलो</p>
<p><strong>राशन के लिए अन्य विकल्प भी मौजूद</strong><br />रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब राशन की दुकानों पर वेइंग मशीन विद आइरिस स्कैनर भी लगा दिए गए हैं। यदि किसी का बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाकर) सत्यापन नहीं होता है तो ऐसे लाभार्थियों का वेइंग मशीन विद आइरिस स्कैनर से आंखों की पुतली से सत्यापन किया जा सकेगा। ऐसे लाभार्थी जिनके बायोमेट्रिक हाजिरी या मोबाइल पर ओटीपी की तकनीकी समस्या रहती है। उन लाभार्थियों को विभाग के प्रवर्तन अधिकारी एक आॅथोराइज्ड सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं। इस सर्टिफिकेट के जरिए निर्धारित स्थान पर राशन डीलर लाभार्थी को राशन उपलब्ध करा सकते हैं। इस प्रक्रिया को बाइपास सिस्टम कहते है। </p>
<p>मोबाइल ओटीपी के माध्यम से बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर बैठे राशन की सुविधा मिल रही थी। अब इस सुविधा की लिमिट तय करने से जरूरतमंद लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को सुविधा का दायरा बढ़ाना चाहिए।<br /><strong>- जानकी बाई, बुजुर्ग लाभार्थी</strong></p>
<p>अब तक बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन नहीं होने पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को गेहूं मिलने की सुविधा दी जा रही थी, लेकिन अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस पर कंट्रोलिंग करते हुए हर राशन डीलर को एक दिन में अधिकतम 3 ही ट्रांजेक्शन करने की लिमिट निर्धारित कर दी हैं।<br /><strong>- गजानंद कुमार, राशन डीलर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 14:30:22 +0530</pubDate>
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                <title>गरीब बनकर 65 लाख का राशन डकार गए सरकारी कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[लापरवाही के चलते यह लोग योजना से अपना नाम नहीं कटवा सके और अपात्र होने के बावजूद लाभ लेते रहे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-employees-gulped-down-ration-worth-65-lakhs-by/article-80613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/gareeb-bnkr-65-lakh-ka-rationn-dakar-gye-sarkari-karmchari...kota-news-06-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकार से मोटी पगार लेने के बावजूद कोटा जिले में 917 सरकारी कर्मचारी गरीब बनकर खाद्य सुरक्षा योजना में 65 लाख का राशन डकार गए। गरीबों के हक का राशन डकारने वाले सरकारी कर्मचारियों से रसद विभाग ने वसूली कर रकम सरकारी खजाने में जमा करवा दी है। राजस्थान में राष्टÑीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बीपीएल और एपीएल को मिलने वाले राशन के गेहूं उठाने के मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मार्फत सरकार ने कुल 85 हजार सरकारी कर्मचारियों से वसूली लगभग पूरी कर ली है। इनसे करीब 98 करोड़ रुपए गेहंू के पेटे सरकार के खाते में जमा करवाए जा चुके हैं। कोटा जिले में भी 917 कर्मचारियों से करीब 65 लाख रुपए की वसूली की गई है।</p>
<p><strong>डाटा नहीं होने से कर्मचारियों की हुई मौज</strong><br />जानकारी के अनुसार योजना वर्ष 2013-14 में केन्द्र सरकार के माध्यम से शुरू हुई थी, जिसमें पहले अधिकतम 35 किलो गेंहू राशन डीलर के मार्फत पात्र परिवारों को दो रुपए और बाद में एक रुपए किलो की दर पर उपलब्ध कराया गया था ताकि कोई भूखा ना सोए। योजना में सरकारी नौकरी में होने की जानकारी का डाटा नहीं होने के कारण कर्मचारी भी इस योजना में गेहंू लेते रहे। योजना में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के गेहंू लेने की जानकारी वर्ष 2020-21 में सामने आई थी। इसके बाद पूरा डाटा जुटाकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने राजस्थान करीब 85 हजार कर्मचारियों की सूची तैयार की। इनमें कोटा जिले के 917 कर्मचारी भी शामिल थे। एफसीआई के तय दरों के मुताबिक कर्मचारियों से 27 रुपए प्रति किलो के हिसाब से राशि वसूली गई है। संबंधित विभागों को इनसे वसूली के लिए आदेश जारी हुए थे। अब जाकर यह राशि वसूली जा सकी है।</p>
<p><strong>मिलीभगत का खेल या सरकारी लापरवाही</strong><br />जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने से पहले संबंधित हल्का पटवारी व ग्राम विकास अधिकारी को रिपोर्ट करनी होती है। इन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर पात्र मान कर खाद्य सुरक्षा योजना में परिवार को शामिल किया जाता है। फिर भी सैंकड़ों सरकारी कर्मचारियों का खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल होना मिलीभगत व सरकारी लापरवाही को इंगित करता है। हालांकि यह बात भी सामने आई है कि कई ऐसे लोग भी है जो योजना में शामिल हुए तब योजना के लिए पात्र थे, लेकिन बाद में या तो सरकारी नौकरी लग गई। या फिर किन्ही अन्य कारणों से अपात्र हो गए। लापरवाही के चलते यह लोग योजना से अपना नाम नहीं कटवा सके और अपात्र होने के बावजूद लाभ लेते रहे।</p>
<p><strong>अपात्र थे, फिर भी उठाया राशन</strong><br />योजना के तहत परिवार का कोई भी एक व्यक्ति आयकर दाता होने, सरकारी या अर्द्व सरकारी कर्मचारी होने, चौपहिया वाहन धारक,परिवार के सदस्यों के नाम लघु कृषक के लिए निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि, ग्रामीण क्षेत्रों में दो हजार वर्गफीट से अधिक का रिहायशी पक्का मकान होने, नगरपालिका क्षेत्र में डेढ़ हजार वर्ग फीट से बड़ा पक्का मकान व व्यवसायी परिसर है तो व्यक्ति योजना के लिए अपात्र होता है। सरकारी कर्मचारी ऐसे में अपात्र श्रेणी मे थे लेकिन नौकरी लगने के बाद सूचना को अपडेट नहीं कराया गया, ऐसे में राशन उठता रहा। </p>
<p>अपात्र लोगों द्वारा खाद्य सुरक्षा का योजना का लाभ उठाने से जरूरतमंद परिवार इससे वंचित हो जाते हैं। सरकार को इस तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।<br /><strong>- मुन्नी बाई, लाभार्थी</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कोटा जिले में भी सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपात्र होने के बावजूद गेहूं लेने के मामले सामने आए थे। इस मामले में सभी कर्मचारियों से बाजार दर यानी 27 रुपए किलो के हिसाब से वसूली कर ली गई है। <br /><strong>- गोविंद कुमार, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 17:40:10 +0530</pubDate>
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                <title>राशन डीलर की मनमानी से उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा राशन </title>
                                    <description><![CDATA[अक्सर शराब के नशे में ही डीलर धुत्त रहता है और राशन उपभोक्ताओं से अभद्रता पूर्ण व्यवहार करता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/consumers-are-not-getting-ration-due-to-the-arbitrariness-of-ration-dealers/article-60701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/राशन-डीलर-की-मनमानी.jpg" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के बेहटा ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले किराड़ पहाड़ी गांव के कई परिवारों को राशन डीलर द्वारा नियमित रूप से राशन सामग्री का वितरण  उपभोक्ताओं को नहीं किया जा रहा है। इसके चलते राशन उपभोक्ता परेशान है। इसकी शिकायत महिलाओं में 181 टोल फ्री नंबर पर भी कर दी है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते राशन उपभोक्ताओं में डीलर के प्रति रोष बना हुआ है। राशन उपभोक्ताओं ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर इसकी जांच कर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई पर समय पर राशन सामग्री वितरण करवाने की मांग की है। जानकारी अनुसार अनारकली, बाई, सिया बाई, गब्बो बाई ने बताया कि राशन डीलर ने 2 महीने से कई सहरिया परिवार के राशन उपभोक्ताओं को राशन सामग्री का वितरण नहीं किया है और जब राशन लेने पहुंचते हैं तो सामग्री में देते हुए 400 और 500 नगद केस देता है। कई उपभोक्ता तो पैसा लेकर रवाना हो जाते हैं और कई अनाज राशन सामग्री मांगते हैं तो उनसे अभद्रता के साथ पेश आता है तथा यह राशन सामग्री के वितरण में गड़बड़ी करता है। इसकी शिकायत कई बार विभाग की उच्चाधिकारियों तक कर दी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जाता है और डीलर बोलता है कि मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता तुमको दिखे जहां शिकायत कर दीजिए और राशन की दुकान भी समय पर नहीं खोलता है। अक्सर शराब के नशे में ही डीलर धुत्त रहता है और राशन उपभोक्ताओं से अभद्रता पूर्ण व्यवहार करता है। लोगों ने राशन डीलर को हटाने की मांग करते हुए इसकी जांच करवाने की मांग और राशन सामग्री वितरण करवाने की मांग रखी है।</p>
<p>कई अनाज राशन सामग्री मांगते हैं तो राशन डीलर अभद्रता के साथ पेश आता है तथा राशन सामग्री के वितरण में गड़बड़ी करता है। <br /><strong>- रामसुखी सहरिया, राशन उपभोक्ता। </strong></p>
<p>राशन डीलर अगर मनमानी कर रहा है तो मामले को दिखवाती हूं फिर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- पूजा मीणा, एसडीएम, शाहाबाद। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 16:10:45 +0530</pubDate>
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                <title>फिंगर प्रिंट घिसने से नहीं मिल रहा राशन का अनाज</title>
                                    <description><![CDATA[पोस मशीन में फिंगर प्रिंट नही आने के कारण उनकों सरकार की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनमें से अधिकांश उपभोक्ता मजदूर वर्ग से जुड़े हुए हैं। काफी समय से मजदूरी के कार्य से जुड़े होने के कारण उनके हाथों के फ्रिंगर प्रिंट खराब हो गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ration-grains-are-not-available-due-to-rubbing-of-medical-administration-finger-print/article-45809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/finger-print-ghisne-se-rashan-ke-anaj-nahi-mil-rahe-he...kota-news-17-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस -1</strong> छावनी स्थित दुर्गा बस्ती निवासी प्रेमचंद फैक्ट्री में मजदूरी करता है। उसके हाथों की उंगलियों के प्रिंट घिस गए हैं। जैसे ही वह राशन लेने के लिए जाता है तो पोस मशीन नहीं पकड़ती, जिससे अनाज नहीं मिल पाता है। कई बार ऐसा हो गया। मजदूरी छोड़कर तीन से चार बार महंगाई राहत शिविर में भी गया, लेकिन वहां पर भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। घर में चार सदस्य हैं। ऐसे में मजदूरी के पैसे से केवल राशन आदि ही आ पाता है।</p>
<p><strong>केस 2</strong><br />सूरसागर कच्ची बस्ती निवासी इमरती का कहना है कि वह मकान निर्माण कार्य में मजदूरी करती है। पहले तो राशन कार्ड से परिवार के मुखिया का नाम कट गया था। बाद में उसने अपने नाम से राशनकार्ड चालू करवा लिया। पहले तो लगातार राशन मिल रहा था। बाद में पोस मशीन में फिंगर प्रिंट घिसने के कारण राशन बंद हो गया। राशन डीलर उसे जानता है, लेकिन मशीन के बिना अनाज मिलना मुश्किल हो रहा है।</p>
<p>यह केस तो बानगी भर है। जिले में ऐसे सैंकड़ों उपभोक्ता हैं जो राशन के गेहूं के लिए भटक रहे हैं। पोस मशीन में फिंगर प्रिंट नही आने के कारण उनकों सरकार की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनमें से अधिकांश उपभोक्ता मजदूर वर्ग से जुड़े हुए हैं। काफी समय से मजदूरी के कार्य से जुड़े होने के कारण उनके हाथों के फ्रिंगर प्रिंट खराब हो गए हैं। अब राशन के गेहूं का वितरण आॅनलाइन होने के कारण पोस मशीन से ही सारा कार्य होता है। ऐसे में फिंगर प्रिंट खराब होने के कारण कई लोग सरकारी राशन से वंचित हो रहे हैं। </p>
<p><strong>शिविरों में पहुंचकर बता रहे पीड़ा</strong><br />वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में महंगाई राहत शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सरकारी राशन से वंचित कई लोग अपनी समस्या को लेकर जिले में आयोजित किए जा रहे महंगाई राहत शिविरों में पहुंच रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिविरों में राशन नहीं मिलने की समस्या बताई जा रही है, लेकिन कोई भी इस सम्बंध में उचित जवाब नहीं दे रहा है। शिविरों में मौजूद अधिकारी आधार कार्ड को अपडेट करवाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं अधिकांश लोगों को रसद विभाग में जाने को कह रहे हैं। ऐसे में रोजाना काफी संख्या में लोग अपनी पीड़ा को लेकर शिविरों में पहुंच रहे हैं। राहत शिविरों में ऐसी तमाम शिकायतें पहुंच रही हैं पर निदान नहीं हो पा रहा है।  </p>
<p><strong>वर्तमान में मिल रहा पांच किलो गेहूं</strong><br />उपभोक्ताओं को पूर्व में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और खाद्य सुरक्षा योजना के नियमित गेहूं वितरित किए जाते थे। दोनों योजनाओं में पांच-पांच किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से होते थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को बंद कर दिए जाने से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत नियमित नि:शुल्क गेहूं ही राशन उपभोक्ताओं को बांटा जा रहा है। इस समय राशन उपभोक्ताओं को परिवार में एक जने के हिसाब से पांच किलो गेहूं बांटा जा रहा है।</p>
<p><strong>फूड पैकेट की घोषणा के बाद जागे उपभोक्ता </strong><br />बजट में राज्य सरकार ने प्रति माह मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा योजना के तहत फूड पैकेट देने की घोषणा की है। इसमें एक-एक किलो दाल, चीनी व नमक, एक लीटर खाद्य तेल तथा मसाले उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपए के खर्च का आंकलन किया गया है। इस कारण अब राशन से वंचित लोग भी फूड पैकेट की आस में दौड़ लगा रहे हैं। नई योजना के तहत अब लोगों को गेहूं के साथ अन्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p>जिले के सभी उपभोक्ताओं को पोस मशीनों के माध्यम से गेहूं का वितरण किया जाता है। कुछ लोग मशीन में फिंगर प्रिंट नहीं आने की शिकायत कर रहे हैं। इसके लिए अब ऐसे उपभोक्ताओं को अपना आधार कार्ड अपडेट करवाना पड़ेगा। इसके बाद उनकों राशन सामग्री मिलना शुरू हो जाएगी।<br /><strong>-हितेष कुमार, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 May 2023 15:07:40 +0530</pubDate>
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                <title>खाद की कमीः क्षेत्र में खाद भी राशन की तरह बांटना पड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[सोप उपतहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र में इन दिनों खाद वितरण व्यवस्था भले ही राशन कार्ड व जमाबंदी से जारी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/fertilizer-shortage-fertilizer-also-had-to-be-distributed-like-ration/article-30878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/sop-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>सोप। उपतहसील मुख्यालय क्षेत्र में खाद कम आने व मांग बढ़ने से राशन, आधार व जमाबंदी की व्यवस्था से किसानों को यूरिया मिल रहा है। सोप उपतहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र में इन दिनों खाद वितरण व्यवस्था भले ही राशन कार्ड व जमाबंदी से जारी है। लेकिन किसानों की भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है, जैसे ही खाद की सूचना मिलती है। वैसे वैसे किसान टोकन जारी करने के लिए कतार में लगना शुरू कर देते है। ग्राम सहकारी समिति के 760 यूरिया खाद कट्टे पहुंचते ही सहकारी समिति परिसर में क्षेत्र के मंडावरा, देवली, मोहम्मदपुरा, पायगा आदि ग्राम पंचायतों के किसान भी यूरिया खाद लेने पहुंच गए लेकिन उन किसानों को खाद के टोकन नहीं मिले। </p>
<p>अन्य पंचायतों के किसानों ने भी यूरिया खाद की मांग की। किसानों को खाद के टोकन वितरित नहीं किए गए जिससे मंडावरा,मोहम्मदपुरा पायगा देवली ग्राम पंचायतों किसानों को वापस लोटना पड़ा सहकारी समिति के व्यवस्थापक को पुलिस व कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बुलाने पड़े। सूचना पर सहायक कृषि अधिकारी हनुमान प्रसाद मीना गिरदावर सरिता मीना, कृषि पर्यवेक्षक प्रधान मीना मय पुलिस जाप्ता के पहुंचे। सहकारी समितियों में आने वाले खाद को ग्राम पंचायत सोप के ऋणी सदस्यों व सोप किसानों के लिए ही आया था। जबकि अन्य पंचायतों के किसानों ने भी खाद लेने की मांग की गई। सहकारी समिति में ऋणी सदस्य भी 289 तथा अऋणी 401 सहित कुल टोटल 690 होने और कट्टे 760 ही आने से सहायक कृषि अधिकारी हनुमान प्रसाद मीना, गिरदावर सरिता मीना, कृषि पर्यवेक्षक प्रधान गुर्जर, महेंद्र मीना, रामबाबू कुमावत, सीता मीना, व सोप पुलिस जाब्ते की निगरानी में सहकारी समिति के ऋणी सदस्यों व सोप के किसानों को ही प्रति सदस्य दो-दो कट्टा वितरित किया। सहकारी समिति के व्यवस्थापक रामबाबू गोस्वामी ने बताया कि सोप पंचायत के ऋणी सदस्यों ओर सोप पंचायत के किसानों को पुलिस की मौजूदगी दो-दो कट्टा खाद वितरित करने के टोकन काटे गए हैं। </p>
<p>खाद कमी की मार भूमि पुत्रों पर भारी<br />सोप उप तहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र की ग्यारह ग्राम पंचायतों में खाद की किल्लत अन्नदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन रही है। उप तहसील क्षेत्र में खाद की किल्लत इस कदर बनी हुई है कि खाद की गाड़ीयां आते ही किसान सहकारी समितियों ओर दुकानों पर जमा हो जाते हैं। सोप कृषि पर्यवेक्षक महेन्द्र मीना ने बताया सोप पंचायत के ही किसानों व ऋणी सदस्यों को टोकन जारी कर दो-दो बैग वितरीत किए गए। सोप गिरदावर सरिता मीना ने बताया कि शनिवार को सोप ग्राम सहकारी समिति में 760 बैग आए थे, जिनको प्रति किसान की जमाबंदी व राशन की जांच करने के बाद ही उन किसानों को कृषि विभाग के द्वारा टोकन वितरित किए गए हैं। सोप सहायक कृषि अधिकारी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि सोप सहकारी समिति के 760 कट्टे आए थे। जिनको सोप पंचायत के ही किसानों को प्रति राशन कार्ड के हिसाब से दो दो कट्टे का 380 किसानों को टोकन जारी कर दिए गए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Nov 2022 12:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गरीब के गेहूं पर सर्वर अपडेशन का लगा ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा जिले सहित पूरे प्रदेश के राशन डीलरों की पोस मशीनों में दिवाली के ऐनवक्त पहले सॉफ्टवेयर अपडेशन होने से राशन वितरण व्यवस्था ठप हो गई थी। पोस मशीन से 12 अंक दर्ज करने के बाद आगे की प्रक्रिया नहीं हो पाई। पोस मशीन में सर्वर डाउन का मैसेज आने लगा। इससे लोगों को राशन सामग्री नहीं मिल पाई।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/server-updation-imposed-on-poor-s-wheat/article-28609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/gareeb-ke-gehu-par-server-updation-ka-laga-grahan...kota-news-4.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए उपयोग में ली जा रही पोस मशीनें रसद विभाग, डीलर और उपभोक्ताओं के जी का जंजाल बन गई हैं। अक्टूबर माह में सर्वर अपडेशन की समस्या के चलते पोस मशीनों ने कार्य नहीं किया। इस कारण राशन कार्डधारियों को समय पर राशन सामग्री नहीं मिल पाई। ऐसे में सरकार को राशन वितरण करने की अवधि बढ़ानी पड़ी। प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को अब अक्टूबर माह का गेहूं नवम्बर माह में मिलेगा। प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की ओर से विभिन्न जरूरतमंद परिवारों को राशन डीलर द्वारा पोस मशीन के माध्यम से राशन वितरण किया जाता है। </p>
<p><strong>यहां आ गई थी समस्या</strong><br />राशन वितरण व्यवस्था पोस मशीन के माध्यम से होती है। पोस मशीन से वितरण व्यवस्था को विभाग एवं सरकार पारदर्शी मानती है। साधारणतया सामान्य दिनों में राशन लेने के लिए आने वाला व्यक्ति के राशन कार्ड में अंकित 12 अंकों की संख्या को पोस मशीन में दर्ज की जाती है। इस पर पोस मशीन में परिवार की सम्पूर्ण जानकारी आ जाती है। परिवार का जो सदस्य राशन लेने आता है। उसके फिंगर लेकर राशन दे दिया जाता है। वहीं, फिंगर मिस मैच होने पर ओटीपी के आधार पर राशन दे दिया जाता है। कोटा जिले सहित पूरे प्रदेश के राशन डीलरों की पोस मशीनों में दिवाली के ऐनवक्त पहले सॉफ्टवेयर अपडेशन होने से राशन वितरण व्यवस्था ठप हो गई थी। पोस मशीन से 12 अंक दर्ज करने के बाद आगे की प्रक्रिया नहीं हो पाई। पोस मशीन में सर्वर डाउन का मैसेज आने लगा। इससे लोगों को राशन सामग्री नहीं मिल पाई।  </p>
<p><strong>राशन के लिए रोजाना लगाते रहे चक्कर</strong><br />जिले भर में पोस मशीनों द्वारा कार्य बंद करने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गांवों में नेटवर्क की समस्या आम दिनों में भी रहती है। बाद में सर्वर डाउन एवं सॉफ्टवेयर अपडेशन होने से दिक्कत अधिक बढ़ गई। स्थितियां यह हो गई थी कि धनतेरस और रूप चतुदर्शी के दिन भी राशन की दुकानों के बाहर घंटों तक उपभोक्ता बैठे रहे थे। उपभोक्ता दिनभर सर्वर सहीं होने का इंतजार करते दिखे, लेकिन पोस मशीन सर्वर शुरू नहीं हो पाया। राशन के लिए लोग रोजाना उचित मूल्य की दुकानों पर चक्कर लगाने को मजबूर हो गए। जयपुर के स्तर पर खराबी होने के कारण राशन डीलर भी उपभोक्ताओं को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे थे।   </p>
<p><strong>अक्टूबर माह का गेहूं अब मिलेगा</strong><br />सॉफ्टेयर अपडेशन का कार्य लम्बे समय तक चलने के कारण पोस मशीनें काम नहीं आ सकी। इस कारण उपभोक्ताओं को राशन का गेहूं नहीं मिल पाया। आए दिन राशन की दुकानों पर डीलर और उपभोक्ताओं के बीच विवाद होने लगा था। अब सरकार ने राशन वितरण करने की तिथि बढ़ा दी है। प्रदेश भर में वंचित उपभोक्ताओं को 7 नवम्बर तक राशन वितरित किया जाएगा।</p>
<p>सॉफ्टवेयर अपडेशन का कार्य जयपुर स्तर पर किया गया था। पोस मशीनें काम नहीं करने के कारण राशन का वितरण नहीं हो पाया था। अब नवम्बर माह मेें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का राशन वितरित किया जाएगा।<br /><strong>- पुष्पेन्द्र सिंह, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Nov 2022 17:16:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आमजन को राहत बरकरार : कोविड के बीच शुरू मुफ्त राशन योजना मार्च 2022 तक रहेगी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%86%E0%A4%AE%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B0---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A-2022-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-2700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/anurag-thakur-21.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान आम लोगों के लिये शुरू की गयी मुफ्त राशन योजना को मार्च 2022 तक बढ़ाने का फैसला किया है। इस योजना पर कुल 2,60,000 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक के निर्णयों के जानकारी देते हुये सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के  तहत लोगों तक मुफ्त राशन पहुंचाने के काम को चार महीने बढ़ाकर मार्च 2022 तक जारी रखने का निर्णय किया गया है। <br /> <br /> उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में शायद ही कोई देश हो जो महीनों तक 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया हो उन्होंने कहा कि यह योजना 15 महीने से चलायी जा रही है, सरकार ने इसे चार महीने और बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक जारी रखने का फैसला किया है। इस योजना के तहत लक्षित लोगों को सस्ते राशन की सरकारी दुकानों से मुफ्त अनाज वितरित किया जाता है। एक सरकारी बयान के अनुसार मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) को चार महीने और (दिसंबर 2021-मार्च 2022) बढ़ाने का फैसला किया है। इस योजना के पांचवे चरण में खाद्य सब्सिडी पर अनुमानित 53342.52 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यक्रम के पांचवें चरण में कुल 16.3 करोड़ टन अनाज की आवश्यकता होगी।<br /> <br /> ठाकुर ने बताया कि मार्च 2022 तक इस योजना के तहत कुल खर्च 2.60 लाख करोड़ रुपये होगा। इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत आने वाले लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम अनाज मुफ्त प्रदान किया जाता है।  देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लागातार कमी हो रही है और दैनिक नये मामले 10 हजार से नीचे आ गये हैं। भारत में 118 करोड़ लोगों को टीके लग चुके हैं और इस तरह 80 प्रतिशत पात्र आबादी को कोरोना का कम से कम एक टीका लग चुका है। कुछ राजनीतिक दलों ने इस योजना की अवधि समाप्त होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू कर दी थी। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक इस योजना को और आठ महीने बढ़ाने के लिये प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। सरकार के आज के इस फैसले का सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी विधानसभा चुनाव में फायदा उठाने का प्रयास कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Nov 2021 17:53:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजभवन में राशन भिजवाने का एग्रीमेंट करने आया था दुकान पर फर्जी इंस्पेक्टर, गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[2015 से 2019 तक आर्मी, पुलिस और आबकारी में नौकरी लगाने के मामले में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पहले भी पकड़ा जा चुका है आरोपी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0--%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1765"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/113.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने सोमवार को फर्जी इंस्पेक्टर बनकर ठगी करने पहुंचे बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश एसीबी, आबकारी, राजस्थान पुलिस, राजभवन सचिव और एनआईए का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपी कालूराम उर्फ राहुल शेखावत रावला श्रीगंगानगर का रहने वाला है। पुलिस ने इसके पास से तीन मोबाइल, दो लग्जरी कार, चार पुलिस वर्दी, अलग-अलग एजेंसियों के फर्जी आईकार्ड, मोहरे और लैटर हैड बरामद किया है। आरोपी साल 2015 से 2019 तक आर्मी, पुलिस और आबकारी में नौकरी लगाने के नाम पर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 20 मुकदमों में गिरफ्तार हो चुका है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>क्या है मामला</strong></span></span></span><br /> पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) ऋचा तोमर ने बताया कि बीती 16 अक्टूबर को पीड़ित दुकानदार मनीष रावत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कमानी रोड पर नेशनल किराणा स्टोर के नाम से उसकी परचूनी की दुकान है। पिछले कई दिनों से एक व्यक्ति आता है। वह अपने आप को राजस्थान पुलिस का इंस्पेक्टर बताते हुए चांदपोल पुलिस लाइन का इंचार्ज बताता है। दो दिन पहले आरोपी ने दुकान पर आकर कहा कि उसे पुलिस लाइन, राजभवन व एक अन्य जगह राशन भिजवाना है। इसलिए सामान आपकी दुकान से खरीदेंगे। प्रत्येक 15 दिन में 25 क्विंटल आटा और अन्य सामान जाएगा। इस पर आरोपी ने तीन लैटर हैड दे दिए, जिनके साथ सामान की लिस्ट भी लगी हुई थी। उसने अपना पुलिस का आई कार्ड भी दिखाया। फिर आरोपी आॅर्डर देकर चला गया। जब दुकानदार को शक हुआ तो उसने अपने परिचित पुलिसकर्मियों से बातचीत की तो पता चला कि इस नाम का कोई इंस्पेक्टर नहीं है। तब उसने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। फिर स्पेशल टीम के सदस्य बलराम और मालीराम ने दुकान और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को देखकर आरोपी की पहचान की और आरोपी जब दोबारा से दुकान पहुंचा तो उसे पकड़ लिया। थाना प्रभारी घनश्याम सिंह ने बताया कि जब आरोपी को पकड़ा तो उसने खुद को एसीबी का अफसर बताकर धमकाने लगा। आरोपी के पास राजस्थान पुलिस इंस्पेक्टर, एसीबी इंस्पेक्टर व आबकारी इंस्पेक्टर के तीन आई कार्ड मिले हैं। साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की 14 सील मोहर मिली है। आरोपी पूर्व में होमगार्ड श्रीगंगानर में ड्यूटी कर चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 11:59:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>केजरिवाल का चौका : दिल्ली सरकार ने घर-घर राशन की फाइल राज्यपाल बैजल को भेजी</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय राजधानी में घर-घर राशन की योजना पर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी की फ़ाइल फिर से उपराज्यपाल को भेजी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A4%BE---%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%9C%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80/article-1447"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। राष्ट्रीय राजधानी में घर-घर राशन की योजना पर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी की फ़ाइल फिर से उपराज्यपाल को भेजी है।</p>
<p><br /> दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उपराज्यपाल को फाइल भेज दी गयी है। इसमें कहा गया है कि 'दिल्ली हाईकोर्ट ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी लागू करने की अनुमति दे दी है ऐसे में आप भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दें ताकि दिल्ली में जल्द से जल्द राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना लागू हो सके।</p>
<p><br /> पिछले सप्ताह दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली में राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना लागू करने की सशर्त इजाजत दे दी थी। राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना पर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में काफी समय से विवाद चल रहा है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना लागू करने पर अड़ी थी, जबकि उपराज्यपाल/ केंद्र सरकार इसका विरोध कर रहे थे।</p>
<p><br /> दिल्ली सरकार का आरोप है कि केंद्र ने राजधानी में 72 लाख राशन कार्ड धारकों को लाभान्वित करने वाली उसकी महत्वाकांक्षी घर-घर राशन योजना को रोक दिया और उसने इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया था। केंद्र सरकार ने हालांकि आरोपों को आधारहीन करार दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Oct 2021 18:48:45 +0530</pubDate>
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