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                <title> naxalites - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> naxalites RSS Feed</description>
                
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                <title>छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर, एके-47 बरामद </title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच जारी मुठभेड़ में दो नक्सलियों के शव बरामद हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/two-naxalites-killed-ak-47-recovered-in-encounter-in-chhattisgarh/article-141280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)87.png" alt=""></a><br /><p>बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच जारी मुठभेड़ में दो नक्सलियों के शव बरामद हुए। मुठभेड़ स्थल से एके-47 राइफल और 09 एमएम पिस्टल समर्थ भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों के कब्जे में आए है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक यह झड़प दक्षिण बीजापुर क्षेत्र में गुरुवार सुबह लगभग 7 बजे शुरू हुई थी। इस सफल कार्रवाई को सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 13:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों का आत्म समर्पण : गुलाब देकर समाज की मुख्य धारा में आने पर किया स्वागत, हाथ में थामी संविधान की कॉपी</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने 153 हथियारों के साथ पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें 110 महिलाएं शामिल थीं। आत्मसमर्पणकर्ताओं को संविधान की प्रति और गुलाब भेंट कर स्वागत किया गया। अधिकारियों ने इसे अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलवाद के अंत की दिशा में बड़ा कदम बताया। दो दिन में कुल 258 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-chhattisgarh-208-naxalites-surrendered-and-welcomed-them-into-the/article-129945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/naxali.jpg" alt=""></a><br /><p>जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 208 नक्सलियों ने 153 हथियारों के साथ राज्य पुलिस के महानिदेशक अरुण देव गौतम के समक्ष आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अपने हथियार डालने के साथ अब उनके हाथों में भारत के संविधान की प्रति है। यह कार्यक्रम मूल रूप से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से वे उपस्थित नहीं हो सके। सभी नक्सलियों ने पुलिस महानिदेशक के समक्ष आत्मसमर्पण किया।</p>
<p>आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को संविधान की प्रति भेंट कर सम्मानित किया गया। कुल 208 नक्सलियों के आत्मसमर्पण से छत्तीसगढ़ में शांति और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। आत्म समर्पित नक्सलियों को समाज में स्वीकारने के लिए बस्तर पुलिस ने मांझी चालकी को आमंत्रित किया है। मांझी चालकी ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को लाल गुलाब देकर समाज की मुख्य धारा में आने पर स्वागत किया।</p>
<p>आज आत्मसमर्ण करने वाले कुल 208 नक्सलियों में से 110 महिला और 98 पुरुष नक्सली शामिल हैं। नक्सलियों ने 153 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। हथियारों में 19 एके 47 राइफल, 17 एसएलआर रायफल, 23 इंसास रायफल, एक इंसास एलएमजी, 36 थ्री नॉट थ्री, चार कार्बाइन,  11 बीजीएल लॉन्चर,  41 बंदूक सिंगल शॉट,  और 01 पिस्टल शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि इससे अबूझमाड़ का अधिकांश हिस्सा नक्सली प्रभाव से मुक्त हो जाएगा और उत्तरी बस्तर में लाल आतंक का अंत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अब केवल दक्षिणी बस्तर ही बचा है।</p>
<p>इससे पहले पिछले दो दिन में 258 नक्सलियों के आत्मसमर्पण से यह सिद्ध होता है कि आज बंदूक नहीं बल्कि विश्वास की ताकत जीत रही है। राज्य के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बीते दो दिन में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि अब बंदूक नहीं, विश्वास की शक्ति जीत रही है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 15:48:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में 23 नक्सलियों ने किया का आत्मसमर्पण : एक करोड़ का ईनाम था घोषित, महिला नक्सली भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नए सुरक्षा कैंप स्थापित होने से पुलिस का प्रभाव बढ़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-chhattisgarh-23-naxalites-surrendered-a-awardof-one-carore/article-120277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/naxali.jpg" alt=""></a><br /><p>सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में सुकमा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक करोड़ 18 लाख रुपये के इनामी नक्सली सहित कुल 23 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण कर दिया। सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सुरक्षा बलों के समक्ष इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण नक्सलियों में 9 महिला नक्सली भी शामिल हैं। कुल 17 नक्सलियों पर एक करोड़ 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसमें 11 नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपय 4 नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये, जबकि एक नक्सली पर तीन लाख रुपये। सात नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये संगठनात्मक पद: एक डीव्हीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) 6 पीपीसीएम (पार्टी प्लाटून कमेटी मेंबर) चार एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) व 12 पार्टी सदस्य शामिल है। </p>
<p>नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नए सुरक्षा कैंप स्थापित होने से पुलिस का प्रभाव बढ़ा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा, शोषण, अत्याचार, बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों पर होने वाली हिंसा से भी वे त्रस्त थे, जिसके चलते उन्होंने मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला किया।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 16:47:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नक्सल आंदोलन के दिन अब गिने-चुने</title>
                                    <description><![CDATA[नक्सल आंदोलन का अस्तित्व अब समाप्त होने के कगार पर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/the-days-of-naxalite-movement-are-now-few/article-116654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer37.png" alt=""></a><br /><p>नक्सल आंदोलन का अस्तित्व अब समाप्त होने के कगार पर है। क्रांतिकारी बदलाव लाने के विलुप्त हो चुके अतीत को सिर्फ हिंसा, लूट, आतंक की बदौलत घसीट रहे यह माओवादी खुद को तथाकथित आंदोलन चलानेवाले कहते हैं। मई, 2025 का अंतिम सप्ताह सरकार और समाज की भाषा में नक्सल उग्रवाद के इतिहास का अंतिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। 58 साल पहले मई महीने के अंतिम सप्ताह में ही पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी से इस आंदोलन की शुरूआत हुई थी। 25 मई, 1967 को पश्चिम बंगाल के हाथीघीसा गांव में आदिवासियों की जमीन हड़प कर उनका शोषण करनेवाले जमीन्दारों के समर्थन में पहुंची, पुलिस टीम पर आदिवासी महिलाओं ने अपनी जीविका बचाने के हमला किया था। उसके जवाब में हुई पुलिस फायरिंग में 11 लोग मारे गए। पुलिस टीम पर पहला तीर शांति मुंडा ने अपने दुधमुंहे बच्चे को पीठ से बांधे रखकर चलाया था। उस घटना को नक्सल आंदोलन का उदय माना जाता है। नक्सल सफाया अभियान के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशन में चल रहे संयुक्त सुरक्षा बल के ऑपरेशनों से अब यह वाम उग्रवाद अस्त होने की हालत में पहुंच गया है।पुलिस बलों ने बचे-खुचे नक्सलियों की ये नौबत ला दी है कि सरेंडर करने या जान गंवाने के सिवाए दूसरा चारा नहीं रह गया है। 21.4.2025 से ऑपरेशन संकल्प अभियान 21 दिनों का लक्ष्य लेकर चलाया गया। इस दौरान पुलिस बलों ने बिना सुस्ताए और नक्सलियों को संभलने का मौका दिए बिना नक्सली ठिकानों पर हमला जारी रखा। </p>
<p>मई समाप्त होने से पहले नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ बस्तर क्षेत्र के ठिकाने ध्वस्त करने में भारी सफलता मिली। ये जगह थी छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगट्टालू पहाड़ी जहां लगातार हुई गोलीबारी में 31 नक्सली मारे गए। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल स्टेट पुलिस बल खुफिया एजेंसियां, कोबरा बटालियन, सीमा सुरक्षा बल और भारतीय वायु सेना द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए इस अभियान को सीआरपीएफ डायरेक्टर जनरल ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने नक्सलवाद की समाप्ति की शुरूआत बताया। इस 21 दिनों के ऑपरेशन संकल्प काल में नक्सलियों के सबसे संगठित गुट सीपीआई समेत विभिन्न प्रतिबंधित जमातों का पुलिस के सामने सरेंडर का भी सिलसिला जारी रहा। प्रतिबंधित सीपीआई का सबसे बड़ा नेता और शीर्ष कमांडर नम्बाला केशव राव का मारा जाना सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। इससे यह संगठन नेतृत्वविहीन हो गया और सारे नक्सल गुट बिखर गए हैं। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर सबसे ज्यादा दबदबा और दबंग हैसियत वाला माओवादी नेता था। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लाल आतंक वाले पहाड़ पर तिरंगा लहराना नक्सल मुक्त भारत की दिशा में बड़ी सफलता बताया। इससे देश का सबसे बड़ा नक्सल गढ़ ध्वस्त हो गया।</p>
<p>सीआरपीएफ डीजी ने नक्सलियों पर काबू पाने के अब तक के अभियानों में इसे सबसे सफल बताया और कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च, 2026 तक नक्सल सफाया डेडलाईन से पहले ही यह लक्ष्य पूरा होते दिख रहा है । 24 हजार जवान इस अभियान में शामिल हैं और मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के बीजापुर, नारायणपुर तथा उससे सटे तेलंगाना के भद्राद्री-मुलुगू-कोठागुडेम के 800 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले दुर्गम घने जंगल वाले पहाड़ी इलाकों की चारों ओर से घेराबंदी करके नक्सली किले को ठहाया गया। सीआरपीएफ अधिकारी के अनुसार यह बरसात तक बिना ढील दिए चलाया जाएगा। क्योंकि बाढ़ में नदियों के उफनने से दूरदराज के बीहड़ वाले नक्सली ठिकानों तक पहुंचना कठिन हो जाने के कारण सुरक्षा बल लाचार हो जाते हैं। इसका फायदा उठाकर नक्सलियों को नई मोर्चाबंदी का अवसर मिल जाता है। इस बार तकनीकी खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऐसा इंतजाम लगाया गया है कि इन्द्रावती नदी के कम जलप्लावन वाले किनारे के आसपास ऊंचे कैंप बनाए जाएं, जहां से नक्सली बीहड़ों को निशना बनाया जा सके। </p>
<p>सीआरपी सूत्रों को अंदेशा है कि माओवादी गुट और पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के इधर-उधर बिखरे नक्सली अपनी बौखलाहट उतार सकते हैं । इन कैंपों का संचालन एलीट कोबरा बटालियन और सीआरपी के हाथ में होगा। झारखंड-ओडिशा सीमा के निकट मई के अंतिम सप्ताह में ही सुरक्षा बलों को कामयाबी मिली। नक्सल सफाया अभियान छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, तेलंगाना, महाराष्ट्र और बिहार के नक्सल प्रभावित जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है। बिहार को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के नक्सली गढ़ वाले इलाके से माओवादियों के मारे जाने और सरेंडर की खबरें आ रही हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र को सुरक्षा दस्ते ने सबसे कठिन चुनौती के रूप में पहले निशाने पर लिया था। अब तक बस्तर क्षेत्र नक्सलियों के अभेद्य दुर्ग के रूप में जाना जाता था। यहीं से अन्य नक्सल राज्यों की भी नक्सल गतिविधियों का संचालन होता था बस्तर क्षेत्र के नक्सल ऑपरेशन आईजी पी सुदंरराज ने दावा किया कि कई दशकों के बाद बस्तर आज नक्सल मुक्त क्षेत्र है और अब यह क्षेत्र सरकार की लाल सूची से बाहर है। </p>
<p>देश के 30 नक्सल प्रभावित जिलों में कोंडागांव और बस्तर टॉप पर थे। 28 मई को रायपुर में आईजी सुंदरराज ने यह जानकारी दी कि नक्सल हमलों का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड सीपीआई माओवादी महासचिव बसवराजू समेत 27 नक्सलियों के मारे जाने के बाद मिशन निर्णायक मोड़ पर है। झारखंड से एक अच्छी खबर उस दौरान आई कि सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिले लातेहार और कोडरमा के छात्र-छात्राओं ने इंटर परीक्षा के परिणाम में बाजी मारी। हवा बदली है, लोगों में समाज के बीच से नक्सली खौफ खतम हो रहा है। </p>
<p><strong>-शशिधर खान</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 12:35:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ : योजना से प्रभावित हुए नक्सली, दंम्पत्ति सहित 9 हार्डकोर नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 20 लाख का घोषित था इनाम</title>
                                    <description><![CDATA[आत्मसमर्पित 2 पुरूष एवं 4 महिला नक्सली पर आठ-आठ लाख, एक महिला पर दो लाख, दो महिला नक्सली पर एक-एक लाख के इनाम राज्य सरकार ने घोषित किये थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-reward-of-9-hardcore-naxalites-including-naxalite-couple-affected/article-102534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/naxali.jpg" alt=""></a><br /><p>जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा क्षेत्रान्तर्गत पीएलजीए बटालियन नंबर-1 में सक्रिय 20 लाख के इनामी 2 नक्सली दम्पत्ति सहित 9 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक किरण चौहाण और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) अधिकारियों के सामने समर्पण किया। चौहाण ने कहा कि इन नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ एवं ‘नियद नेल्लाना योजना’ से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नये सुरक्षा कैम्प स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव के कारण आत्मसमर्पण किया।</p>
<p>आत्मसमर्पित 2 पुरूष एवं 4 महिला नक्सली पर आठ-आठ लाख, एक महिला पर दो लाख, दो महिला नक्सली पर एक-एक लाख के इनाम राज्य सरकार ने घोषित किये थे। यानी इन नक्सलियों पर कुल 20 लाख रुपये के ईनाम घोषित थे। नक्सलियों को आत्मससमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में डीआरजी, नक्सल सेल आसूचना शाखा टी थाना चिंतागुफा एवं 02 वाहिनी सीआरपीएफ तथा 204 कोबरा वाहिनी आसूचना शाखा की भी विशेष भूमिका रही।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-reward-of-9-hardcore-naxalites-including-naxalite-couple-affected/article-102534</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 15:32:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास 14 नक्सली ढेर : 700 जवानों ने जंगल में 60 नक्सलियों को घेरा, पहली बार ड्रोन से देखकर नक्सलियों को बना रहे निशाना </title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के पास गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में ओडिशा स्टेट कमेटी के प्रमुख चलपति समेत 14 नक्सली मारे गये हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/14-naxalites-killed-near-chhattisgarh-border-700-soldiers-surrounded-60/article-101548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/naxli-2.png" alt=""></a><br /><p>गरियाबंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के पास गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में ओडिशा स्टेट कमेटी के प्रमुख चलपति समेत 14 नक्सली मारे गये हैं। ओडिशा पुलिस मुख्यालय ने यह जानकारी दी। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किए गए हैं। मौके पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ओडिशा स्टेट कमेटी के प्रमुख चलपति के मारे जाने से नक्सली आंदोलन को बड़ा झटका लगा है।</p>
<p>पुलिस ने जानकारी दी थी कि 20 जनवरी की सुबह सुरक्षा बलों ने रिजर्व फॉरेस्ट में नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया था। इस ऑपरेशन में ओडिशा और छत्तीसगढ़ पुलिस की 10 टीमें शामिल हैं। जिनमें विशेष अभियान समूह (एसओजी) की तीन, छत्तीसगढ़ पुलिस की दो और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की पांच टीमें शामिल थीं। अभियान की शुरुआत के कुछ ही समय बाद नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे सुरक्षा बलों ने इलाके में तेजी से घेराबंदी की। भालू डिग्गी जंगल में 1000 जवानों ने 60 नक्सलियों को घेर रखा है। मामला मैनपुर थाना इलाके का है।</p>
<p>जवानों के पास चार-पांच ड्रोन है। इन ड्रोन्स से देख-देखकर नक्सलियों को निशाना बनाया जा रहा है। जवानों ने जिन 14 नक्सलियों को ढेर कर दिया है, सभी का शव बरामद कर लिया गया है। इसमें कई हार्डकोर नक्सली शामिल है। जानकारी के अनुसार पुलिस की टीम को गरियाबंद के जंगलों में बड़े नक्सलियों की गतिविधि की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर करीब 700 जवानों की टीम को जंगल की ओर रवाना किया गया था। तलाश के दौरान जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई। जवानों ने 14 नक्सलियों को मार गिराया। कहा जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या में इजाफा हो सकता है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 14:10:21 +0530</pubDate>
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