<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/market/tag-5313" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>market - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5313/rss</link>
                <description>market RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गैस संकट से ठंडी पड़ी सब्जी बाजार की रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[रेस्टोरेंट व ढाबों में घटी सब्जियों की डिमांड, दाम कम होने से आमजन को राहत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/gas-crisis-slows-down-the-vegetable-market/article-149400"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/122200-x-60-px)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में जारी एलपीजी संकट का असर अब सब्जी बाजार पर गहराने लगा है। गैस सिलेंडरों की कमी के चलते होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और छोटे ढाबों में भोजन तैयार करने का काम प्रभावित हुआ है। इससे सब्जियों की थोक और खुदरा मांग में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मांग घटने के कारण सब्जियों के दामों में भी कमी आई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है, लेकिन किसानों और व्यापारियों के सामने नई चिंता खड़ी हो गई है। व्यापारियों के मुताबिक पहले जहां शहर की मंडियों में रोजाना भारी मात्रा में सब्जियों की खपत होती थी, वहीं अब हालात यह हैं कि मंडियों में माल बचने लगा है। होटल और ढाबों की खरीद आधी रह गई है, जबकि कई छोटे व्यवसाय अस्थायी रूप से बंद भी हो गए हैं। इसके चलते थोक बाजार में आवक अधिक और खपत कम होने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।</p>
<p><strong>इन सब्जियों के दामों में आई गिरावट</strong><br />पिछले एक सप्ताह में टमाटर, आलू, प्याज, भिंडी, लौकी, बैंगन और हरी सब्जियों के दामों में 10 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। जहां टमाटर के भाव पहले 30-40 रुपए किलो थे, वहीं अब 10-15 रुपए किलो तक आ गए हैं। पहले भिंडी सबसे महंगी 60 रुपए प्रति किलो तक बिक रही थी। अब इसकी भी डिमांड कम होने से भाव टूट कर 30 रुपए प्रति किलो पर आ गए हैं। इसके अलावा आलू भी 10 रुपए किलो बिक रहा है। अन्य सब्जियों के भावों में कमी दर्ज की गई है। जिससे आमजन को घरेलू बजट पर कुछ राहत मिली है।</p>
<p><strong>आमजन को राहत, किसान आहत</strong><br />सब्जियों के दाम कम होने से आम उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिला है। गृहिणियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से बढ़ती महंगाई के बीच सब्जियों के सस्ते होने से रसोई का खर्च कुछ कम हुआ है। खासकर मध्यम वर्ग और दैनिक आय वाले परिवारों को इससे राहत महसूस हो रही है। वहीं दूसरी ओर किसानों और व्यापारियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। कम मांग के कारण उन्हें अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। कई बार तो लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>डिमांड बढ़ते ही भावों में आएगी तेजी</strong><br />सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि अभी डिमांड कम होने से सब्जियों की खपत घट गई है। बाद में जैसे ही एलपीजी आपूर्ति सामान्य होगी और होटल और रेस्टोरेंट फिर से पूरी क्षमता से संचालित होंगे तो सब्जियों की मांग में तेजी आएगी। इसके साथ ही दामों में भी फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। अभी शादियों की सीजन भी शुरू नहीं हो पाया है। विवाह सीजन का दौर चालू होने के बाद फिर से सब्जियों के भावों में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल, बाजार में सुस्ती के बीच आमजन को सस्ती सब्जियों का लाभ मिल रहा है, जबकि किसान और व्यापारी हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>पहले रोजाना पूरा माल निकल जाता था, लेकिन अब आधा भी नहीं बिक रहा। मजबूरी में कम दाम पर बेचना पड़ रहा है, जिससे नुकसान हो रहा है।<br /><strong>-शब्बीर वारसी, सब्जी व्यापारी</strong></p>
<p>सब्जियों के दाम कम होने से थोड़ी राहत मिली है। पहले जहां 500-600 रुपए में हफ्ते की सब्जी आती थी, अब 300-400 में काम चल रहा है।<br /><strong>-मीना कुमारी, गृहिणी</strong></p>
<p>खेत में मेहनत करने के बाद भी सही दाम नहीं मिल रहे। मंडी में भाव गिर गए हैं, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।<br /><strong>-रामकेश मीणा, सब्जी उत्पादक</strong></p>
<p>गैस सिलेंडर की दिक्कत के कारण ढाबा पूरा नहीं चला पा रहे हैं। इससे सब्जियों की खरीद भी कम कर दी है।<br /><strong>-अशोक रोहिड़ा, ढाबा संचालक </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/gas-crisis-slows-down-the-vegetable-market/article-149400</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/gas-crisis-slows-down-the-vegetable-market/article-149400</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:31:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/122200-x-60-px%2916.png"                         length="1628970"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुश्तैनी जेवरात की वसीयत जरूर बनवाएं, दस्तावेज भी रखें</title>
                                    <description><![CDATA[एमसीएक्स व सट्टा बाजार ला रहा अस्थिरता,सोच समझ कर करें निवेश, अस्थिर मार्केट में धैर्य बनाए रखें
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/make-sure-to-prepare-a-will-for-ancestral-jewelry-and-keep-the-documents/article-147801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)62.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दे श में जिस तरह से पिछले कुछ समय से सोने-चांदी के भाव में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है और पूरा बाजार अस्थिर बना हुआ है। उससे एक मध्यमवर्गीय परिवार से लेकर निवेशक तक के मन में सोने-चांदी की खरीद को लेकर  शंका का भाव बना हुआ है। इस संबंध में मंगलवार को दैनिक नवज्योति कार्यालय में टॉक शो का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के सरार्फा,निवेशक, सलाहकार व अर्थशास्त्रियों से लेकर महिलाओं तक ने अपने विचार व्यक्त किए। जिनमें यही निष्कर्ष निकला कि बाजार जब स्थिर हो तभी सोने-चांदी में निवेश करें, जिससे लाभ होगा ही होगा। सोने-चांदी में निवेश सुरक्षित है। यह भविष्य  के लिए लाभकारी है।  टॉक शो में बरसों से सोने-चांदी का व्यापार करने वाले सरार्फा व्यापारियों ने अपनी-अपनी राय व्यक्त की। सभी का कहना था कि सोने-चांदी के भाव में जल्दी उतार-चढ़ाव होना अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर पर निर्भर है। वहीं पुश्तैनी जेवरात की वसीयत जरूर बनवाकर रखें और जितना भी सोना-चांदी खरींदें उसके बिल या दस्तावेज भी होना आवश्यक है। </p>
<p><strong>हड़बड़ी में निवेश करना गलत</strong><br />अंतरराष्ट्रीय बाजार डॉलर पर निर्भर है। जब सोने-चांदी में निवेश करना हो तो सोच-समझकर व जानकारी लेकर ही करना चाहिए। फिलहाल ईटीएप अच्छा विकल्प है। लोगों को छदम डिमांड के प्रति अवेयर रहना चाहिए। दूसरा जो कर रहा है उसके पीछे नहीं दौड़ना चाहिए। हड़बडी में निवेश करने से कई बार निर्णय गलत भी हो सकता है।  सोने में निवेश करना वैसे तो सुरक्षित है लेकिन यह निवेश तभी करें जब बाजार स्थिर हो या पिछले पांच साल में सबसे न्यूनतम स्तर पर रहा हो। भाव जिस तेजी से बढ़ते हैं उसी तेजी से कम भी होते हैं। ऐसे में कई लोग भाव बढने पर सोना-चांदी बेचने लगते हैं और भाव गिरने पर खरीदने लगते हैं।<br /><strong>-पंकज लड्ढ़ा, कंसलटेंट एवं इनवेस्टमेंट गुरु</strong></p>
<p><strong>एमसीएक्स अस्थिरता का कारण</strong><br />यदि बात की जाए तो एमसीएक्स दिन के साथ -साथ रातभर भी चलता हैं। वहीं जब तक सट्टा बाजार बंद नहीं हो जाता हैं तब तक यहीं शायद इसी तरह  की स्थिति रह सकती हैं। सट्टा बाजार में कुछ पैसे लगाकर भी लोग सोना चांदी खरीद लेते हैं। जिससे  भाव बढ़ते चढ़ते रहते हैं। यह बड़े निवेशकों का खेल है।  अस्थिर बाजार में फिजिकल सोना चांदी तो होता नहीं है। पहले पचास सौ रूपए भी भाव में उतार चढ़ाव होता था तो लगता था यह क्या है। लेकिन अब विश्व व्यापी स्तर पर बड़े खिलाड़ी ऐसा करवाते हैं।  सोने-चांदी के दामों में वृद्धि होने के कारण बाजार में इनकी डिमांड में कमी आई है। <br /><strong>-रमेश कुमार सोनी, अध्यक्ष स्वर्ण रजत कला उत्थान समिति </strong></p>
<p><strong>सोच-समझकर ही करें निवेश</strong><br />जिस तरह से कोई भी नया काम करने से पहले उसके बारे में जानकारी ली जाती है। उसी तरह से सोने-चांदी में निवेश करते समय पूरी जानकारी व सलाह के बाद ही निवेश करना चाहिए। सेंटीमेंट के आधार पर निवेश करना सही नहीं है।  निवेश एक जगह पर नहीं विविधता में करना चाहिए।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह का माहौल बना हुआ है उसमें तेल और कैश जिसके पास है वही जीत में है। सोने-चांदी का भविष्य सुरक्षित है। लेकिन इसमें तभी निवेश करें जब  बाजार स्थिर हो।  बाजार में अस्थिरता कुछ समय के लिए है। इसका कारण डॉलर व अंतरराष्ट्रीय बाजार है।  -प्रोफेसर गोपाल सिंह, अर्थशास्त्री </p>
<p><strong>बाजार अस्थिरता के मुख्य कारण </strong><br />1.वैश्विक प्रभाव का सीधा असर<br />2. रुपये की कमजोरी<br />3. त्योहार और शादी सीजन की मांग<br />4. ऊंचे भाव के कारण मांग में गिरावट<br />5. स्थानीय बाजार में खरीद क्षमता कम होना<br />6.सट्टेबाजी और एमसीएक्स ट्रेडिंग <br />7.चांदी की औद्योगिक मांग<br />8.ग्राहकों का इंतजार (वेट एंड वाच ट्रेंड)</p>
<p><strong>सही जानकारी का अभाव</strong><br />देश दुनिया में जिस तरह से सोने-चांदी के भाव में तेजी से बदलाव हो रहा है। उससे अधिकतर युवाओं के मन में आशंका बनी हुई है। युवा अधिकतर सोशल मीडिया पर चलने वाली खबरों से प्रभावित हो रहा है। जबकि सही जानकारी का अभाव होने से गलत समय पर निवेश होना खतरनाक हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिस तरह की स्थिति बनी हुई है।  उससे करीब 90 फीसदी लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि वे क्या करें। निवशकों के लिए हालात खराब हैं। स्थिरता का इन्तजार करें।   <br /><strong>-नुपुर खंडेलवाल, सीएस</strong></p>
<p><strong>आम आदमी की रेंज से हो रहा बाहर</strong><br />मैं करीब नौ साल से सोने-चांदी की दुकान का संचालन करती हूं। अभी इनके भाव बढ़ने के कारण मार्केट में लोअप मिडिल और लोअर क्लास की ग्राहकी पर काफी असर पड़ा हैं। अब खरीद के लिए लोग कम आते हैं।  इनके भाव स्थिर रहें तो ग्राहक का लेने का मन करता हैं। वहीं मैं ग्राहकों को  यही कहना चाहूंगी कि वे जब भी ज्वैलरी खरीदे हमेशा हॉलमार्क वाली ही खरीदें । जिससे फ्रॉड होने की संभावना नहीं रहती हैं। आप जब भी उसे निकालेंगे उस पर बाजार भाव का पैसा मिलेगा। <br /><strong>-मधुबाला माहेश्वरी, ज्वैलरी व्यापारी सिल्वर पैलेस</strong></p>
<p><strong>हड़बड़ी में न तो खरीदें और न ही बेचें</strong><br />सोने-चांदी के भाव में जिस तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है उससे बाजार में अस्थिरता बनी है। लेकिन यह लेकिन यह अधिक समय तक नहीं रहेगी। फिर भी सोने-चांदी में निवेश करने से पहले व्यक्ति हो या निवेशक उसे अपनी हैसियत देखकर ही निवेश करना चाहिए। एक बार निवेश करने के बाद इसमें धैर्य रखने की जरूरत होती है। हड़बड़ी में न तो खरीदें और न ही बेचें। सोने-चांदी का भविष्य सुनहरा है। इसमें निवेश भी सुरक्षित है। लेकिन पूरी जानकारी लेने के बाद और सही समय पर ही निवेश करें। <br /><strong>-सुरेन्द्र गोयल विचित्र, अध्यक्ष सरार्फा बोर्ड</strong></p>
<p><strong>पुश्तैनी जेवरात की वसीयत जरूर बनाएं</strong><br />सोना-चांदी सबसे सुरक्षित धन के रूप में माना जाता है। घर में महिलाएं आर्थिक सुरक्षपर विवाहित महिला 500 ग्राम तक, अविवाहित महिला 250 ग्राम तक और पुरुष 100 ग्राम तक सोना-चांदी रख रखता है। लेकिन इनका पक्का बिल होना चाहिए। वहीं जिन लोगों को विरासत में या पुश्तैनी सोना व जेवरात मिलते हैं उनकी वसीयत जरूर होनी चाहिए। जिससे वे किसी भी मुसीबत में नहीं पड़ सकेंगे। जेवरात की वसीयत सादा कागज पर भी बनाई जा सकती है। इसके लिए नोटरी की आवश्यकता नहीं होती। <br /><strong>-नरेन्द्र डाबी, कानूनी सलाहकार</strong></p>
<p><strong>कमोडिटी पर लगे लगाम</strong><br />भारतीय संस्कृति में हमेशा से ही सोने- चांदी खरीदने का चलन रहा हैं। अस्थिरता और उतार चढ़ाव ने लोगों के जीवन पर काफी प्रभाव डाला है। भाव नियंत्रण पर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।  क्योकि कमोडिटी में एक लाख लगाकर इंसान एक किलो सोना खरीद सकता हैं। यह गलत है। जिसके चलते कमोडिटी पर लगाम होना चाहिए जिससे इनके भावों में वृद्धि को रोका जा सकता हैं और जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा हैं। <br /><strong>-मनीष कुमार मूंदड़ा , एक्सपोर्टर, राधा माधव आॅरनामेन्ट  </strong></p>
<p><strong>बड़े खिलाड़ी ला रहे अस्थिरता</strong><br />आप देख सकते हैं। जब से सोने -चांदी में वायदा की लेन-देन एमसीएक्स   में आया तब से इनमें अस्थिरता रहने लगी। पहले हम देखते थे कि जब आॅफ सीजन होता था तब भाव कम होते थे और सीजन में बढ़ जाते थे। पर अब ऐसा नहीं होता हैं। पहले चुनावी साल में अधिकतर इन धातुओं के भाव बढ़ जाते थे। पर अब कुछ नहीं कह सकते हैं।  सन 1965 के आसपास सिल्वर व 1974 में सोना की वायदा बाजार में ी एंट्री हुई।   सन 2005 में  इंडिया में एमसीएक्स की एंट्री हुई।  1980 से 2002 तक इंडिया की करैंसी में डिफे्ररेंट  रहा। वहीं अभी करीब चाइना और इंडिया ही इनका सबसे  बड़ा बाजार हैं।  <br /><strong>-सीताराम सोनी, पूर्व अध्यक्ष स्वर्ण रजत कला उत्थान समिति  </strong></p>
<p><strong>सोने में निवेश सुरक्षित है</strong><br />सोने में निवेश करना सुरक्षित है। लेकिन यह सोच समझकर ही करना चाहिए। अपनी जमा पूंजी या एफडी तोड़कर सोने में निवेश करना गलत है। जिस तरह से बाजार में स्थिति बनी हुई है यह वायदा बाजार के कारण है। सोना -चांदी सही समय पर ही खरीदना चाहिए जब बाजार स्थिर हो। भाव में तेजी से उतार-चढ़ाव को अंजाम देने में एक लॉबी काम करती है। सोना हमेशा हॉल मार्क वाला ही खरीदना चाहिए। जिससे उसकी वैद्यता बनी रहती है। <br /><strong>-विवेक कुमार जैन, दिव्यांश हालमार्किंग</strong></p>
<p><strong>महंगाई बढने से कम हुई सोने की खरीद</strong><br />सोने-चांदी के भावों में जिस तरह से तेजी हुई है।  इससे महंगाई बढ़ी है। इस महंगाई के दौर में सोने-चांदी की खरीद कम हो गई है। हर परिवार में बेटी की शादी पर परिवार वाले उसे अपनी हैसियत के हिसाब से जेवरात देते हैं। महंगाई के इस दौर में सरकार को चाहिए कि बेटी की शादी  में दिए जाने वाले जेवरात पर छूट का प्रावधान किया जाए। जैसे रजिस्ट्री में महिलाओं को छूट दी जाती है वैसा कुछ नियम बनाया जाना चाहिए।  विशेष रूप से सोने-चांदी की खरीद पर जीएसटी में कमी हो। <br /><strong>-भारती मूंदड़ा, गृहिणी</strong></p>
<p><strong>विश्व स्तर पर काम कर रही लॉबी</strong><br />सोने-चांदी के भाव में जिस तरह से तेजी से बदलाव हो रहा है। इसका कारण अधिकतर वायदा बाजार है। वर्तमान में इस क्षेत्र में जो उतार-चढ़ाव हो रहा है उसमें विश्व स्तर की लॉबी काम कर रही है। यह लॉबी 2024 से ही चल रही है। डॉलर के मुकाबले रूपया कमजोर हुआ है। सोने-चांदी का भाव डॉलर पर निर्भर करता है। एमसीए बाजार पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।ऐसे में बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। <br /><strong>-अरूण कुमार जैन, अध्यक्ष सरार्फा थोक विक्रेता व्यावसायिक संघ  </strong></p>
<p><strong>महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा प्रभावित</strong><br />सोना-चांदी महंगी होने के बाद भी थोड़ी-थोड़ी बचत करके ही इनको खरीद सकते हैं। वहीं कुछ मां -बाप की आर्थिक स्थिति सहीं है तो वहां थोड़ा-थोड़ा करके भी दे सकते हैं। और इसमें इनवेस्ट भी कर सकते हैं। भारत में महिलाओं को  हर मां -बाप आर्थिक सुरक्षा के लिए स्त्री धन के रूप में अपनी बेटी को शादी में भारतीय परंपरा अनुसार जो जरूरी गहने होते हैं वह देते  हैं। बाजार की उथल पुथल से इसमें कमी आ गई है। भाव बढ़ने से लोग खरीद करने से पहले सोचते हैं। <br /><strong>-आरती डाबी, समाज सेविका , न्याय विज्ञान संस्थान</strong></p>
<p><strong>युवा पीढ़ी का सोना -चांदी से मोह भंग</strong><br />सोने चांदी के प्रति मोह में कमी आई है। अब लोग सोना चांदी केवल इनवेस्टमेंन्ट कोे लिए खरीदते और बेचते हैं।  वहीं अब सोने-चांदी की रेट बढ़ जाती है। तब इनको बेचा जाता हैं। वहीं कई बार लगातार रेट कम होने से जनता को भ्रम पैदा हो जाता हैं। हमारे घर में बीते दिनों में इनकी खरीदारी की अब इनके भाव में कमी - बढ़ोतरी होने के हम कई बार सही निर्णय नहीं ले पाते हैं। युवा पीढ़ी सोना - चांदी नहीं खरीद रही। आज का  युवा  आर्टिफिशीयल ज्वैलरी की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। <br /><strong>-दीप्ति मेवाड़ा, पे्रसिडेंट, जेडीबी कामर्स कॉलेज </strong></p>
<p><strong>हॉलमार्क की जागरूकता जरूरी</strong><br />भाव बढ़ने के कारण अब ग्राहकी कम हो गई। अभी करीब हम सोने पर 20 और 22 कैरेट  पर हॉलमार्क लगा रहे हैं। डायमंड पर करीब 14 कैरेट पर हॉलमार्क लगाया जाता हैं। हाल मार्क में छह डिजिट की लोगों को जानकारी नहीं होती है। इसकी जानकारी होना चाहिए। अक्सर लोग ज्वैलरी में  में बारीक या छोटे नग लगाते है तो वह भी वजन में काउंट होते हैं जब कि पुराने सोने की स्थिति में उनहों गला कर लिया जाता है। <br /><strong>-योगेश सोनी, हॉलमार्क सेन्टर व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/make-sure-to-prepare-a-will-for-ancestral-jewelry-and-keep-the-documents/article-147801</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/make-sure-to-prepare-a-will-for-ancestral-jewelry-and-keep-the-documents/article-147801</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 12:22:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%281%2962.png"                         length="1209873"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाइजीरिया में भीषण आतंकवादी हमला: 23 से अधिक लोगों की मौत, अन्य 108 घायल, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[नाइजीरिया के बोर्नो में अस्पताल और बाजार के पास हुए संदिग्ध आत्मघाती हमलों में 23 लोगों की मौत हो गई और 108 घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि विस्फोटकों के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया गया। घटना के बाद सेना और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-terrorist-attack-in-nigeria-more-than-23-people-killed/article-146866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/barno.png" alt=""></a><br /><p>अबूजा। नाइजीरिया में एक अस्पताल, बाजार और ओवरपास के पास हुए संदिग्ध आतंकवादी हमलों में 20 से अधिक लोग मारे गए और 108 घायल हुए। बोर्नो पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। </p>
<p>पुलिस ने सोशल मीडिया पर कहा, "प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ये घटनाएं संदिग्ध आत्मघाती हमलावरों द्वारा अंजाम दी गईं। दुर्भाग्य से, कुल 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 108 अन्य लोग अलग-अलग तरह से घायल हो गए।"</p>
<p>बयान में आगे कहा गया है कि घटना के बाद पुलिस सामरिक इकाइयों, सेना और अन्य संयुक्त सुरक्षा बलों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-terrorist-attack-in-nigeria-more-than-23-people-killed/article-146866</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-terrorist-attack-in-nigeria-more-than-23-people-killed/article-146866</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 17:55:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/barno.png"                         length="782991"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम राजा अल्फांसो अप्रैल में देगा दस्तक, महाराष्ट्र के देवगढ़ और रत्नागिरी से होगी आवक</title>
                                    <description><![CDATA[खास खुशबू, स्वाद व गुणवत्ता के कारण विशेष पहचान ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--king-of-mangoes-%E2%80%94alphonso%E2%80%94set-to-arrive-in-april/article-146496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(2)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आम प्रेमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि गर्मी के मौसम के साथ ही आम की बहार शुरू होने वाली है। आम का राजा कहे जाने वाला अल्फांसो आम अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में कोटा के बाजारों में पहुंचने लगेगा। व्यापारियों के अनुसार महाराष्ट्र के देवगढ़ और रत्नागिरी क्षेत्र से इसकी पहली खेप करीब 15 अप्रैल से कोटा में आने की संभावना है। फल कारोबारियों का कहना है कि अल्फांसो आम अपनी खास खुशबू, गहरे स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में काफी पसंद किया जाता है। यही वजह है कि इसे आम का राजा कहा जाता है। बाजार में इसकी कीमत भी अन्य आमों की तुलना में अधिक रहती है। </p>
<p><strong>भाव 300 रुपए प्रति किलो तक </strong><br />फल व्यापारियों के मुताबिक हर साल गर्मी के मौसम में अल्फांसो आम की मांग काफी बढ़ जाती है। खासकर बड़े होटल व रेस्टोरेंट में ग्राहक इसकी खास तौर पर डिमांड करते हैं। ऐसे में अप्रैल के मध्य से कोटा के बाजारों में इसकी खुशबू और मिठास आम प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती नजर आएगी। कोटा की फल मंडी में अल्फांसो आम की थोक कीमत करीब 200 से 250 रुपए प्रति किलो रहने का अनुमान है, जबकि खुदरा बाजार में यह करीब 300 रुपए प्रति किलो तक बिक सकता है। शुरूआती दिनों में इसकी आवक कम होने के कारण दाम कुछ ज्यादा रहने की संभावना है, लेकिन आवक बढ़ने के साथ कीमतों में थोड़ी नरमी भी आ सकती है।</p>
<p><strong>अल्फांसो आम की खासियत</strong><br /><strong>- विशिष्ट भौगोलिक स्थान और स्वाद:</strong> यह आम केवल विशेष मिट्टी और समुद्र तटीय जलवायु में ही बेहतरीन स्वाद के साथ विकसित होता है।<br /><strong>- विशेष सुगंध: </strong> यह आम अपनी अद्वितीय मिठास, मखमली बनावट और विशेष सुगंध से पहचाना जाता है।<br /><strong>- सीमित उत्पादन:</strong> मांग की तुलना में इसकी पैदावार कम होती है, जिससे कमी बनी रहती है।<br /><strong>- श्रमसाध्य खेती: </strong>इसकी खेती में बहुत अधिक देखभाल, हाथ से कटाई, और प्राकृतिक रूप से पकाने की प्रक्रिया शामिल है, जिससे लागत बढ़ती है।<br /><strong>- कम मौसम:</strong> यह आम बहुत ही कम समय के लिए बाजार में उपलब्ध होता है। इस कारण कीमत भी अधिक रहती है।<br /><strong>- उच्च मांग:</strong> देश-विदेश में, विशेषकर लंदन और अमेरिका में इसकी बहुत मांग है, जिससे इसके प्रीमियम दाम मिलते हैं।</p>
<p><strong>सबसे पहले बादाम का मिलेगा स्वाद</strong><br />कोटा के फल बाजारों में अप्रैल माह की शुरुआत में बादाम आम की आवक शुरू हो जाएगी। यह आम मुख्य रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से कोटा की मंडियों में पहुंचेगा। इसके आते ही आम प्रेमियों को गर्मियों की शुरूआत में ही आम का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। फल व्यापारियों के अनुसार शुरूआती दौर में बादाम आम की आवक सीमित रहेगी, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, इसकी मात्रा भी बढ़ने लगेगी। बादाम आम अपने मधुर स्वाद और मुलायम गूदे के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है।</p>
<p><strong>मई में रहेगी दशहरी व लंगड़ा की धूम</strong><br />मई के महीने में उत्तर प्रदेश से दशहरी और लंगड़ा आम की आवक भी शुरू हो जाएगी। इन दोनों किस्मों के आमों की बाजार में अच्छी मांग रहती है। खासकर दशहरी आम अपनी मिठास और खुशबू के कारण लोगों की पहली पसंद माना जाता है, वहीं लंगड़ा आम भी अपने अलग स्वाद के कारण खास पहचान रखता है। फल व्यापारियों का कहना है कि इस साल मौसम अनुकूल रहने से आम की फसल अच्छी होने की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले दिनों में कोटा के बाजारों में अलग-अलग किस्म के आमों की बहार देखने को मिलेगी और आम प्रेमियों को विविध स्वाद का आनंद मिलेगा।</p>
<p>अल्फांसो आम अपनी खास खुशबू, गहरे स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में काफी पसंद किया जाता है। यही वजह है कि इसे आम का राजा कहा जाता है। बाजार में इसकी कीमत भी अन्य आमों की तुलना में अधिक रहती है।<br /><strong>- विजय चंदानी, थोक फल व्यापारी, थोक फलसब्जी मंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--king-of-mangoes-%E2%80%94alphonso%E2%80%94set-to-arrive-in-april/article-146496</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--king-of-mangoes-%E2%80%94alphonso%E2%80%94set-to-arrive-in-april/article-146496</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 14:48:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%282%2912.png"                         length="1129552"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने न्यूजीलैंड से मिलाया हाथ, अब कोटा में सस्ती होगी कीवी</title>
                                    <description><![CDATA[थोक बाजार में लागत कम होगी और खुदरा ग्राहकों को भी सस्ती दरों पर कीवी मिल सकेगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/india-and-new-zealand-join-hands--kiwis-to-become-cheaper-in-kota/article-137621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का सीधा फायदा आगामी दिनों में आम उपभोक्ताओं को मिलने जा रहा है। इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड से आयात होने वाली कई वस्तुओं पर आयात शुल्क शून्य कर दिया जाएगा, जिनमें कीवी फल भी शामिल है। इससे कोटा सहित देशभर के बाजारों में कीवी की कीमतों में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। अब तक न्यूजीलैंड से आने वाले कीवी फल पर करीब 33 फीसदी आयात शुल्क लगाया जाता था, जिससे इसकी कीमत काफी बढ़ जाती थी। एफटीए लागू होने के बाद यह टैक्स घटकर 0 फीसदी हो जाएगा। इससे थोक बाजार में लागत कम होगी और खुदरा ग्राहकों को भी सस्ती दरों पर कीवी मिल सकेगी।</p>
<p><strong>आयात सस्ता, बाजार में बढ़ेगी उपलब्धता</strong><br />कोटा की थोक फल मंडी के व्यापारी शौभागमल ने बताया कि अब तक न्यूजीलैंड से आने वाला कीवी फल आयात शुल्क, परिवहन लागत और अन्य करों के कारण महंगा पड़ता था। फ्री ट्रेड डील के बाद आयात प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ शुल्क में राहत मिलेगी। जिससे आगामी दिनों में थोक बाजार में कीवी की कीमत कम होती चली जाएगी। इसका फायदा खुदरा ग्राहकों तक पहुंचना तय माना जा रहा है। फल व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीवी की आवक बढ़ेगी। अभी तक कीवी एक महंगा फल माना जाता था, लेकिन दाम घटने से अब मध्यम वर्ग के ग्राहक भी इसे नियमित रूप से खरीद सकेंगे।</p>
<p><strong>एफटीए के तहत तय हुआ आयात कोटा</strong><br />जानकारी के अनुसार एफटीए के तहत पहले चरण में न्यूजीलैंड से 6,250 टन कीवी ड्यूटी फ्री आयात करने का प्रावधान किया गया है। आने वाले कुछ वर्षों में यह कोटा बढ़ाकर 15,000 टन तक किया जाएगा। तय कोटे से ज्यादा आयात होने पर भी पहले की तुलना में कम टैक्स ही देना होगा, जिससे कीमतों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। न्यूजीलैंड कीवी का बड़ा उत्पादक देश है। साल 2025 में भारत ने कुल लगभग 55,000 टन कीवी आयात किया था, जिसमें से करीब 2,700 टन कीवी न्यूजीलैंड से आई। अब टैक्स घटने के बाद भारत न्यूजीलैंड से ज्यादा मात्रा में कीवी आयात कर सकेगा, क्योंकि यह अन्य देशों की तुलना में सस्ते दाम पर उपलब्ध होगी।</p>
<p><strong>सेहत का खजाना है कीवी</strong><br />पोषण विशेषज्ञों के अनुसार कीवी को पोषण से भरपूर फल माना जाता है। इसमें विटामिन-सी, फाइबर और एंटीआॅक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। सस्ती कीमत पर उपलब्ध होने से अब ज्यादा लोग इसे अपने दैनिक आहार में शामिल कर सकेंगे। सस्ता होने से अब लोग इसे रोजमर्रा के आहार में शामिल कर सकेंगे, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से न केवल फलों बल्कि ऊन, लकड़ी, ड्राई फ्रूट और अन्य कृषि उत्पादों के व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद कम कीमत पर मिल सकेंगे।</p>
<p><strong>कोटा मंडी में कीवी के भाव</strong><br />बड़ी साइज कीवी 90-100 रुपए प्रति नग<br />मध्यम साइज कीवी 70-80 रुपए प्रति नग<br />छोटी साइज कीवी 55-65 रुपए प्रति नग<br />-अभी बाजार में कीवी के दाम ज्यादा होने से हम इसकी खरीदारी कम करते हैं। बीमारी के दौरान के इसका उपयोग अधिक होता है। अब कीवी के दाम कम होने से काफी राहत मिलेगी।<br />मोहिनी देवी, गृहिणी<br />-पहले कीवी सीमित ग्राहक ही लेते थे, क्योंकि दाम ज्यादा थे। अब आयात सस्ता होने से बिक्री बढ़ेगी और अधिक ग्राहक भी इस फल की ओर आकर्षित होंगे। आगामी दिनों में दाम में गिरावट होगी।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, प्रमुख फल व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/india-and-new-zealand-join-hands--kiwis-to-become-cheaper-in-kota/article-137621</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/india-and-new-zealand-join-hands--kiwis-to-become-cheaper-in-kota/article-137621</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 14:41:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%281%2913.png"                         length="1080526"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायदा बाजार की तेजी का असर : चांदी सवा 2 लाख रुपए पार, एक दिन में चांदी 9400 रुपए और शुद्ध सोना 600 रुपए महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[ जेवराती सोना 600 रुपए तेज होकर 1,31,300 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। हाजिर बाजार में खरीदारी की रफ्तार सामान्य रूप से चल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-boom-in-futures-market-silver-crossed-rs/article-137016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/gold.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लगातार वायदा बाजार की तेजी के असर से जयपुर सर्राफा बाजार में  बुधवार को दोनों कीमती धातुओं में रिकॉर्ड तेजी आई। चांदी 9,400 रुपए की छलांग लगाकर 2,25,700 रुपए प्रति किलो रही। शुद्ध सोना 600 रुपए बढ़कर 1,40,400 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। जेवराती सोना 600 रुपए तेज होकर 1,31,300 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। हाजिर बाजार में खरीदारी की रफ्तार सामान्य रूप से चल रही है।</p>
<p><strong>जयपुर सर्राफा बाजार में अनुमानित भाव </strong><br />चांदी 2,25,700<br />शुद्ध सोना 1,40,400<br />जेवराती सोना 1,31,300<br />18कैरेट 1,09,500<br />14कैरेट 87,100</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-boom-in-futures-market-silver-crossed-rs/article-137016</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-boom-in-futures-market-silver-crossed-rs/article-137016</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:59:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/gold.png"                         length="395991"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिवाली दे गई शहर को 3 हजार करोड़ का बूस्टर डोज, सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होने के बावजूद हुई जमकर खरीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार शहरवासियों को जीएसटी कम होने का भरपूर फायदा हुआ ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/diwali-gave-the-city-a-boost-of-3000-crore-rupees--despite-the-rise-in-gold-and-silver-prices--there-was-extensive-shopping/article-130435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/11131.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में दीपोत्सव पर्व पर सुबह से लेकर शाम तक मार्केट में अच्छी पहल होने व खरीदारी के चलते शहर में अच्छा -खासा  करोबार हुआ। जिसके दुकानदारों ने बताया कि इस बार अच्छी बारिश होने के चलते पिछले साल की अपेक्षा कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी हुई। दीपोत्सव पर्व पर करीब शहर में अनुमानित तीन हजार करोड़ का कारोबार हुआ। जिसके चलते दुकानदारों के चेहरों खुशी लौटी। व्यपार के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इस बार अच्छी फसले होने से करीब 3000 हजार का कारोबार हुआ। वहीं दीपावली से पहले मंदी की मार झेल रहे मार्केट में दीपावली से बूस्टर डोज मिला। </p>
<p><strong>90 से 100 का करोबार धन बरसा  सर्राफा बाजार में </strong><br />स्वर्ण रजत बड़ा सर्राफा बाजार अध्यक्ष रमेश कुमार सोनी ने बताया कि इस बार सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होने के बावजूद शहरवासियों समेत आसपास के ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। जिसमें इस बार शहर के सरार्फा बाजार, रामपुरा बाजार, चौथमाता सर्राफा बाजार में लोगों ने  सोने-चांदी के सिक्के, चांदी की मूर्तियां, चांदी की हनुमान चालीसा रिद्धि-सिद्धि के साथ गणेश जी, इसके अलावा चांदी के गिलास, कटोरी और अन्य आयटम की डिमांड रही। ज्वैलर व केडेबरी सोने समेत अन्य सोने चांदी के सामानों की जमकर खरीदारी की। जिसके चलते बाजार में धनतेरस से भाईदूज तक करीब 100 करोड का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>फर्नीचर मार्केट में 45 करोड़ का कारोबार</strong><br />फर्नीचर मार्केट के अध्यक्ष इलियास अंसारी ने बताया कि धनतेरस से शुरू हुआ दीपोत्सव पर्व पर फर्नीचर मार्केट में करीब 45 करोड़ का कारोबार हुआ। वहीं इसके बाद अब नवंबर में शादियों का सीजन आने के कारण अभी और इसमे  बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>वाहन बाजार में बरसा एक हजार करोड़ का धन</strong><br />दीपोत्सव पर नई गाड़ी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं इस बार वाहनों पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत होने पर वाहनों के भावों में गिरावट आई है। शहर के सभी आॅटोमोबाइल शोरूम दीपोत्सप पर्व पर ग्राहकों की दिनभर भीड़ रही। वहीं इस बार दीपोत्सव पर्व पर जीएसटी कम होने के चलते शहरवासियों ने वाहनों की जमकर खरीदारी की। वहीं टू व्हीलर व फोर वहीलर की कई कंपनियों ने दीपोत्सव पर्व पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की स्कीम्स ग्राहकों को दी। शोरूम संचालकों ने बताया कि इस जीएसटी कम होने से करीब 500 करोड़ से अधिक का कारोबार सिर्फ आॅटोमोबाइल सेक्टर में हुआ। टू व्हीलर कंपनी के मैनेजर विक्रमसिंह ने बतया कि इस बार हमारे शोरूम पर पिछले साल की हमारे शोरूम पर करीब 430 गड़ियों की डिलेवरी हुई थी। वहीं इस बार करीब 600-630 गड़ियों की डिलेवरी हुई। वहीं ईवी स्कूटर कंपनी के मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि इस बार शहरवासियों ने जीएसटी कम होने का भरपूर फायदा हुआ और दीपोत्सव पर करीब शोरूम 150 से अधिक ईवी वाहन बिके। फोर व्हीलर कंपनी के मैनेजर प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार धनतेरस से पहले मंगल पुष्य नक्षत्र होने व भाईदूज पर आयुष्मान योग होने के चलते शोरूम पर दीपोत्सप पर्व पर करीब 150-250 गाड़ियों की ब्रिकी हुई। वहीं हमारे फोर व्हीलर ईवी शोरूम पर करीब 250-300 गड़ियों की डिलेवरी हुई। वहीं इस बार करीब आॅटोमोबाइल्स मार्केट में करीब 1000 हजार करोड़ का कारोबार हुआ होगा। </p>
<p><strong>रेडिमेड गारमेंट्स व कपड़ा बाजार में 70 करोड़ का कारोबार</strong><br />शहर में विभिन्न जगहों पर लगी दो सौ से अधिक कपड़े की दुकानों पर दीपावली पर करीब 80 करोड़ का कारोबार हुआ। महावीर नगर प्रथम में कपड़े की दुकान लगाने वाले लविश कुमार ने बताया कि हमारी दुकान पर पिछले करीब दीपावली पर अच्छी खासी ग्राहकी हुई थी। वहीं इस बार दुकान पर धनतेरस से ही ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। रामपुरा में कपडेÞ की दुकान चलाने वाले दीपक कुमार ने बताया कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा अच्छी फसल होने के चलते दुकानों पर दिनभर कपड़े खरीदने वालों की भीड़ रही। वहीं गुरूवार को भाईदूज होने के चलते भी कुछ लोग कपड़े खरीदने पहुंचे। </p>
<p><strong>किराना बाजार में जमकर हुई खरीदारी</strong><br />शहर के अग्रसेन बाजार व पुरानी सब्जीमंडी सहित अन्य किराना बाजार में दीपोत्सव पर्व पर शहरवासियों ने जमकर किराना सामानों की खरीदारी की। किराना बाजार सचिव पवन दुआ ने बताया कि इस बार शहर में करीब 600-700 करोड़ का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>अन्य बाजारों में 200 करोड़ का बरसा धन </strong><br />शहर के अन्य बाजारों में करीब 200 करोड़ का करोबार हुआ। जिसमें श्रृंगार प्रसाधन, ब्लॉथ मार्केट, जूते व सजावट के समान, मेकअप, पूजन सामाग्री और मिठाई, कार सजावट बाजार सहित अन्य मार्केट सम्मलित है। </p>
<p><strong>इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में 80 करोड़ का मिला बूस्टर डोज</strong><br />धनतेरस से शुरू हुआ दीपोत्सव पर्व की पर शहरवासियों ने इस बार  इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की जमकर खरीदारी की। इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी मनोज कुमार व जयपाल ने बताया कि इस बार दिवाली पर घरेलू चक्की, डबल डोर फ्रीज, वाशिंग मशीन, एलईडी सहित अन्य सामानों की उम्मीद से अधिक बिक्री हुई। जिसे करीब दीपोत्सव पर्व पर करीब 80-90 करोड़ का कारोबार हुआ। </p>
<p><strong>आतिशबाजी बाजार में करीब 800 करोड़ का कारोबार </strong><br />शहर में विभिन्न जगहों पर करीब बारह सौ से अधिक लगाने वाली दुकानों पर शहरवासियों ने जमकर आतिशबाजी खरीदारी की। आतिशबाजी की दुकान लगाने वाले दीपक कुमार नेबताया कि पिछले साल की अपेक्षा आतिशबाजी की रेट में कुछ इजाफा हुआ पर इस का कोई असर मार्केट में नहीं दिख रहा। वहीं इस बार पिछले साल की अपेक्षा हमारी दुकान पर करीब दो से तीन लाख तक की आतिशबाजी की ब्रिकी हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/diwali-gave-the-city-a-boost-of-3000-crore-rupees--despite-the-rise-in-gold-and-silver-prices--there-was-extensive-shopping/article-130435</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/diwali-gave-the-city-a-boost-of-3000-crore-rupees--despite-the-rise-in-gold-and-silver-prices--there-was-extensive-shopping/article-130435</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 15:30:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/11131.png"                         length="428926"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शराब की दुकान बंद करने के विरोध में बाजार बंद : विधायक ने व्यापारियों को दिया आश्वासन, एकजुटता का दिखा माहौल </title>
                                    <description><![CDATA[व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष गोयल ने मौके पर उपस्थित व्यापारियों से सहमति लेकर घोषणा की है कि तुरंत प्रभाव से बाजार खोला जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/market-closed-in-protest-against-closure-of-alcohol-shops/article-129431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy38.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चांदपोल बाजार व्यापार मंडल की ओर से शराब की दुकान के विरोध में आधे दिन का बाजार बंद रखा गया। इस बंद को सभी व्यापारियों का पूर्ण समर्थन मिला और सुबह से ही पूरे बाजार में एकजुटता का माहौल देखने को मिला। दोपहर 12 बजे विधायक प्रत्याशी चंद्रमोहन बटवाडा व्यापार मंडल कार्यालय पहुंचे। इस दौरान विधायक गोपाल शर्मा और विधायक अमीन भी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों को आश्वस्त किया। </p>
<p>व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष गोयल ने मौके पर उपस्थित व्यापारियों से सहमति लेकर घोषणा की है कि तुरंत प्रभाव से बाजार खोला जाए। उन्होंने कहा कि चांदपोल बाजार को वोकल फॉर लोकल और जीएसटी उत्सव थीम पर सजाया जाएगा। इस अवसर पर महामंत्री घनश्याम भूतड़ा, उपाध्यक्ष अचल जैन और कृष्ण अवतार अग्रवाल सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://dainiknavajyoti.com/market-closed-in-protest-against-closure-of-alcohol-shops/article-129431</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/market-closed-in-protest-against-closure-of-alcohol-shops/article-129431</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 13:58:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/6622-copy38.jpg"                         length="145414"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंटरनेशनल मार्केट की तेजी का असर : सोना 900 रुपए महंगा, चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[चांदी 800 रुपए उछलकर 1,53,600 रुपए प्रति किलो रही।  बाजार में खरीदारी की रफ्तार सामान्य रूप से चल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। इंटरनेशनल मार्केट की तेजी के असर से जयपुर सर्राफा बाजार में मंगलवार को दोनों कीमती धातुओं में रिकॉर्ड तेजी आई। शुद्ध सोना 900 रुपए बढ़कर 1,23,200 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। जेवराती सोना 800 रुपए तेज होकर 1,14,900 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। चांदी 800 रुपए उछलकर 1,53,600 रुपए प्रति किलो रही। बाजार में खरीदारी की रफ्तार सामान्य रूप से चल रही है।</p>
<p><strong>जयपुर सर्राफा बाजार में अनुमानित भाव </strong><br />चांदी 1,53,600<br />शुद्ध सोना 1,23,200<br />जेवराती सोना 1,14,900<br />18कैरेट 96,100<br />14कैरेट 76,400</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-market-boom-impact-gold-also-increases-the-price-of/article-128978</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-market-boom-impact-gold-also-increases-the-price-of/article-128978</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 14:08:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देखरेख के अभाव में कुंदनपुर हाट बाजार में लगे गंदगी के ढेर, सुविधाघर में शराब की बोतलों से सब्जी विक्रेताओं में नाराजगी </title>
                                    <description><![CDATA[समय पर सफाई नहीं होने से दुकानदारों और ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-maintenance-has-led-to-heaps-of-garbage-in-the-kundanpur-haat-bazaar--and-vegetable-vendors-are-upset-over-the-presence-of-liquor-bottles-in-the-toilet/article-127686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/111-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>कुंदनपुर। कुंदनपुर में सहकारी समिति द्वारा लाखों की लागत से बने भवनों की देखरेख की जिम्मेदारी कोई निभाता नजर नहीं आ रहा है। सहकारी गोदाम परिसर में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। परिसर में गंदगी और बारिश का पानी भरकर तालाब जैसा दृश्य बना देता है। मुख्य दरवाजा टूटा होने से गोदाम पशुओं का रैन बसेरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि समिति का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नाबार्ड विभाग की ओर से लाखों की लागत से बने हाट बाजार की भी हालत खराब है। यहां सफाई व्यवस्था नदारद है। पेशाबघरों में शराबी बोतलें छोड़कर चले जाते हैं, जिससे पूरी मंडी में सड़ांध फैल जाती है। सब्जीमंडी के दुकानदार सीताराम सुमन, राजाराम, सुमन ने बताया कि शराबी कब आकर पीकर बोतलें छोड़ जाते हैं, पता ही नहीं चलता। समय पर सफाई नहीं होने से दुकानदारों और ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>समिति से लगाई सफाई की गुहार</strong><br />दुकानदार गजराज सिंह चंद्रावत, दिनेश नागर, दिनेश गुर्जर और राकेश सुमन ने बताया कि पेशाबघरों में शराब की बोतलें भरी पड़ी रहती हैं, जिनसे दुकानों में बदबू आती रहती है। उन्होंने समिति से हाट बाजार की सफाई करवाने और बोतलें हटाने की मांग की है।</p>
<p><strong>समिति की दुकानों में टपकता पानी </strong><br />ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा मुख्य बाजार में बनाई गई दुकानों में बरसात के दिनों में पानी टपकने की समस्या बनी रहती है। दुकानदारों का कहना है कि बारिश आते ही सामान खराब होने का डर सताने लगता है। उन्होंने छतों की मरम्मत करवाने की मांग उठाई है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />हाट बाजार के पेशाबघरों में शराबियों द्वारा बोतलें छोड़ने का मामला सामने आया है। सफाईकर्मी लगाया गया है और एक-दो दिन में सफाई करवा दी जाएगी। सब्जीमंडी में दुकान लगाने वाले दुकानदारों को भी निगरानी रखनी चाहिए। <br /><strong>-सम्पतराज गोस्वामी, व्यवस्थापक, सहकारी समिति, कुंदनपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-maintenance-has-led-to-heaps-of-garbage-in-the-kundanpur-haat-bazaar--and-vegetable-vendors-are-upset-over-the-presence-of-liquor-bottles-in-the-toilet/article-127686</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-maintenance-has-led-to-heaps-of-garbage-in-the-kundanpur-haat-bazaar--and-vegetable-vendors-are-upset-over-the-presence-of-liquor-bottles-in-the-toilet/article-127686</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 16:17:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/111-%281%291.png"                         length="609666"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राखी पर बरसा धन : 50 करोड़ तक पहुंचा कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[स्वदेशी राखियों की बढ़ती मांग और लंबे समय बाद आई आर्थिक सुगमता ने बाजार को मजबूती दी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/money-rained-on-rakhi--business-reached-50-crores/article-123240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन ने इस बार कोटा के बाजारों में जमकर रौनक बिखेरी। पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीदारी में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि पर्व के दौरान शहर में करीब 45 से 50 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। मौसम का साथ, चाइना की जगह स्वदेशी राखियों की बढ़ती मांग और लंबे समय बाद आई आर्थिक सुगमता ने बाजार को मजबूती दी। त्यौहार के कारण न केवल खुदरा बाजार बल्कि थोक व्यापारियों को भी फायदा हुआ। राखी, मिठाई, कपड़े और गिफ्ट आइटम का स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया। व्यापारियों का मानना है कि रक्षाबंधन के बाद यह रौनक गणेश चतुर्थी, नवरात्र और दीपावली तक बनी रहेगी, जिससे इस साल का कुल कारोबार पिछले साल की तुलना में काफी अधिक रहेगा। </p>
<p><strong>मिठाइयों की दुकानों पर लगा तांता: </strong>रक्षाबंधन पर्व को लेकर एक दिन पहले से ही घण्टाघर, स्टेशन रोड, तलवंडी, गुमानपुरा, महावीर नगर, सहित शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से देर रात तक ग्राहकों का तांता लगा रहा। दुकानों के बाहर पार्किंग स्थल भरे रहे और पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। महिलाएं भाइयों के लिए राखी चुनने में खासा समय बिता रही थीं, जबकि बच्चे कार्टून और लाइट वाली राखियों को देखकर उत्साहित नजर आए। मिठाई की दुकानों पर देसी घी के लड्डू, मावा कचौरी, बरफी और चॉकलेट गिफ्ट पैक की मांग सबसे अधिक रही। कपड़ों के शोरूम में महिलाओं ने त्यौहारी परिधान, साड़ी और कुर्ता-सेट की जमकर खरीदारी की।</p>
<p>- रक्षाबंधन पर नजर आया उत्साह<br />- नई डिजाइन की राखियों ने लुभाया<br />- बेहतर कारोबार से खिले व्यापारियों के चेहरे</p>
<p><strong>बाजारों में ऐसा रहा खरीदारी का माहौल</strong><br />- सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया था जो रात तक जारी रहा।<br />- गिफ्ट शॉप्स पर भाइयों के लिए पर्स, घड़ी, परफ्यूम और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की खरीदारी खूब हुई।<br />- सर्राफा बाजार में चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और राखी उपहार पैक की बिक्री तेज रही।<br />- मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ को देखते अतिरिक्त काउंटर लगाए गए।<br />- ट्रैफिक पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े और कई बाजारों में वन-वे ट्रैफिक लागू किया गया।</p>
<p><strong>किस-किस में कितना अनुमानित कारोबार</strong><br />राखी व पूजन सामग्री : 8-10 करोड़<br />कपड़े व अन्य परिधान :12-14 करोड़<br />मिठाई व नमकीन : 10-12 करोड़<br />गिफ्ट आइटम व सजावटी सामग्री : 6-8 करोड़<br />सूखा मेवा व खाद्य सामग्री : 5-6 करोड़</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />लोगों ने इस बार सिर्फ जरूरी चीजें नहीं, बल्कि त्यौहार को यादगार बनाने के लिए अतिरिक्त खरीदारी भी की। बच्चों के लिए डिजाइनर राखियों और कपड़ों की बिक्री उम्मीद से ज्यादा रही।<br /><strong>- योगेन्द्र सुमन, प्रमुख व्यापारी, घण्टाघर बाजार </strong></p>
<p>राखी से तीन दिन पहले से ही मिठाइयों की बिक्री शुरू हो गई थी। इस बार विभिन्न तरह की मिठाइयों तैयार की गई थी। दिनभर खरीदारी का सिलसिला चलता रहा है। भीड़ के चलते अतिरिक्त काउंटर लगाना पड़ा।<br /><strong>- राजेश अग्रवाल, मिठाई विक्रेता, छावनी </strong></p>
<p>इस बार बाजारों में इतनी भीड़ थी कि हर दुकान पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन खरीदारी का मजा भी इसी में है। राखी का त्यौहार साल में एक बार आता है इसलिए उत्साह से खरीदारी की।<br /><strong>- रोशनी देवी, निवासी तलवंडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/money-rained-on-rakhi--business-reached-50-crores/article-123240</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/money-rained-on-rakhi--business-reached-50-crores/article-123240</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 16:23:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%282%2922.png"                         length="569790"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षाबंधन पर्व : राखी बाजार से चाइना आउट, इस साल स्वदेशी राखियों की बढ़ी डिमांड</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में बच्चों की राखियों ने अलग ही रंग बिखेर रखा है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rakshabandhan-festival--china-out-of-rakhi-market/article-123043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/6622-copy14.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। रक्षाबंधन पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बाजारों की रौनक बढ़ती जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी कोटा शहर में राखियों का बाजार सज चुका है, लेकिन इस बार कुछ अलग नजारा है। कुछ साल पहले तक स्थानीय बाजार में चाइनीज राखियों का बोलबाला हुआ करता था। इस बार स्वदेशी राखियों की चमक बाजार में देखने मिल रही है। स्वदेशी राखियों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है और चाइनीज राखियों को लोगों ने लगभग नकार ही दिया है। बाजारों में अब केवल नाममात्र की चाइनीज राखियां ही दिखाई दे रही हैं। दुकानदार बताते हैं कि पिछले साल से ही ग्राहकों का रुझान पूरी तरह से देसी राखियों की ओर है। ऐसे में अधिकांश दुकानदारों ने चाइनीज राखियों का आर्डर ही नहीं किया है। ऐसे में कुछ ही जगहों पर चाइनीज राखियां आई है, लेकिन इस साल उनकी खरीदारी नहीं हो रही है।</p>
<p><strong>लुभा रही राखियों की नई डिजायन</strong><br />शहर के राखी विक्रेताओं के अनुसार इस बार खरीदारों की प्राथमिकता पारंपरिक, हस्तशिल्प और स्थानीय डिजाइनों पर आधारित राखियां हैं। शहर के छावनी क्षेत्र के दुकानदार मुरारी व बंटी बताते हैं कि स्टोन, मौली, रुद्राक्ष और इलेक्ट्रॉनिक डिजाइनों से बनी राखियों की मांग सबसे अधिक है। ब्रेसलेट टाइप राखियों और कड़े जैसी डिजाइन वाली राखियां भी खूब बिक रही हैं। राखियों की कीमतें में इस साल कुछ उछाल तो आया है, लेकिन खरीदारी में कोई कमी नहीं है। फोम राखी 2 रुपए, स्टोन और स्पिनर लाइट राखी 100 रुपए, रक्षा रोल राखी, मौली, रुद्राक्ष, और पेपर राखियों की भी कीमतें 5 से लेकर 100 रुपए के बीच में हैं। ब्रेसलेट डिजाइन की राखियां युवाओं को खूब भा रही हैं। इनमें स्टोन वर्क, जरदोजी, मिरर वर्क और रेशमी धागों का बहुत ही अच्छा काम हुआ है। इसके कीमत कुछ अधिक हैं। </p>
<p><strong>चांदी के भाव तेज, फिर भी ब्रेसलेट राखी की धूम</strong><br />शहर के सर्राफा बाजार में इस साल भी चांदी की राखी भी मिल रहे हैं। चांदी से बनी चेन और ब्रेसलेट लुक की राखी 03 ग्राम से लेकर 30 ग्राम तक की है। इसके दाम 200 से 2000 रुपए तक हैं। सर्राफा कारोबारी नागेन्द्र स्वर्णकार ने बताया कि इस बार ब्रेसलेट की तरह दिखने वाली चांदी की राखी बनवाई है। इस समय चांदी के भाव तेज है, इसके बावजूद ब्रेसलेट वाली राखी कुछ डिमांड हुई है। इसे रक्षाबंधन के दिन राखी के रूप में प्रयोग करने के बाद और दिन इसे ब्रेसलेट के रूप में लोग पहन सकते हैं। वहीं शहर के प्रमुख बाजारों में कई दुकानें राखियों की सजी हुई है। बाजार में बच्चों की राखियों ने अलग ही रंग बिखेर रखा है। डोरेमोन, शिनचैन, छोटा भीम, मोटू-पट्लू, स्पाइडरमैन और बाहुबली जैसे मशहूर कार्टून किरदारों पर आधारित राखी बच्चों को खूब लुभा रही हैं।  </p>
<p>इस बार हमारे पूरे परिवार ने तय कर लिया था कि चाइनीज राखियों की खरीदारी नहीं की जाएगी। बाजार में स्वदेशी राखियां आकर्षक डिजाइन में उपलब्ध हो रही है। इसलिए परिवार ने स्वदेशी राखियां ही खरीदी है। <br /><strong>- भूमिका चौहान, गृहिणी</strong></p>
<p>हमने 10 से ज्यादा महिलाओं को राखी निर्माण से जोड़ा है। हर महिला रोज 150 से 200 राखियां बना रही है। इससे घर बैठे रोजगार मिल रहा है। इस साल स्वदेशी राखियों की बिक्री अधिक हो रही है।<br /><strong>- पुष्पा साहू, संयोजिका महिला स्वयं सहायता समूह </strong></p>
<p>इस बार हमने चाइनीज राखियां मंगवाई ही नहीं। लोगों की सोच बदल रही है। ग्राहक भी अब पूछते हैं कि ये देशी है या विदेशी। चीन की राखी बिक ही नहीं रही है।<br /><strong>- राजेन्द्र गर्ग, राखी विक्रेता </strong></p>
<p>पहले जहां चीन की राखियां 60% बाजार में होती थीं, अब 90% तक ग्राहक स्वदेशी राखियां ही ले रहे हैं। इससे लोकल कारीगरों को बड़ा फायदा हो रहा है।<br /><strong>- राहुल अग्रवाल, राखी विक्रेता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rakshabandhan-festival--china-out-of-rakhi-market/article-123043</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rakshabandhan-festival--china-out-of-rakhi-market/article-123043</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 17:28:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/6622-copy14.jpg"                         length="248771"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        