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                <title>market - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title> गणेश महोत्सव : रोज 10 लाख के केले और 50 हजार के फूल बिक रहे</title>
                                    <description><![CDATA[गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक 300 से 400 करोड़ के कारोबार का अनुमान।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bananas-worth-%E2%82%B910-lakh-and-flowers-worth-%E2%82%B950-000-being-sold-daily/article-165943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(2)62.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गणेश महोत्सव शुरू होते ही बाजार में कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। थोक फल-सब्जी मंडी में रोजाना 3 से 4 गाड़ी केले पहुंच रहे हैं, जिनकी करीब 10 लाख रुपए की बिक्री हो रही है। वहीं फूल मंडी में प्रतिदिन करीब 50 हजार रुपए के फूल बिक रहे हैं। खुदरा बाजार में फूल-माला, नारियल, पूजन सामग्री, फल और लड्डुओं की बिक्री भी करीब दोगुनी हो गई है। व्यापारियों के मुताबिक गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक किराने का करीब 300 से 400 करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है। त्योहारों का सिलसिला दीपावली तक जारी रहने से बाजार में मांग और बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>गणेश महोत्सव के साथ ही शहर में पर्वों का सिलसिला शुरू हो गया है। जगह-जगह गणपति की स्थापना की गई है। मंदिरों, गली-मोहल्लों और चौराहों पर सुबह-शाम भजन व धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। इससे मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। लोग दर्शन के साथ फूल-माला, नारियल, फल और अन्य पूजन सामग्री खरीद रहे हैं। इसका सीधा असर बाजार के कारोबार पर दिखाई दे रहा है।</p>
<p><strong>छोटे दुकानदारों की भी बढ़ी कमाई</strong><br />बोरखेड़ा मंडी में सड़क किनारे ठेला लगाकर फल बेचने वाले व्यापारी मोहन ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान रोज करीब चार कैरेट केले बिक रहे हैं। इससे लगभग 1,000 रुपए प्रतिदिन की कमाई हो रही है। महोत्सव से पहले रोजाना 350 से 550 रुपए की बिक्री होती थी। उनका कहना है कि उस कमाई से घर चलाना भी मुश्किल हो जाता था। फूल-माला और पूजन सामग्री बेचने वाले दीपक ने बताया कि अब रोजाना 700 से 800 रुपए का कारोबार हो रहा है। वहीं मिठाई विक्रेता कृष्ण मुरारी के अनुसार प्रतिदिन 10 से 12 किलो लड्डू बिक रहे हैं। इसके अलावा प्रसाद के लिए अन्य मिठाइयों की बिक्री भी हो रही है।</p>
<p><strong>गुजरात-महाराष्ट्र से आ रहे केले</strong><br />थोक फल-सब्जी मंडी के महासचिव शब्बीर भाई ने बताया कि गणेश महोत्सव में सबसे ज्यादा मांग केले की है। मंडी में रोजाना 3 से 4 गाड़ी केले आ रहे हैं। गुजरात और महाराष्ट्र से केले की आवक होती है। एक गाड़ी में करीब 12 टन केले आते हैं। चार गाड़ियों के माल की औसतन 10 लाख रुपए प्रतिदिन बिक्री हो रही है।</p>
<p><strong>रोज 50 हजार रुपए के फूलों का कारोबार</strong><br />श्री महात्सव ज्योतिबा फुले किसान फूल मंडी के अध्यक्ष प्रकाश कच्छावा ने बताया कि मंडी में प्रतिदिन करीब पांच गाड़ी फूल आ रहे हैं। एक गाड़ी में करीब 200 से 250 किलो फूल होते हैं। आवक के अनुसार मात्रा में कुछ अंतर रहता है। पांचों गाड़ियों के फूलों की कीमत करीब 50 हजार रुपए प्रतिदिन है। आने वाले त्योहारों को देखते हुए फूलों की मांग और बढ़ने की संभावना है।</p>
<p><strong>किराना बाजार में भी बढ़ी मांग</strong><br />पुरानी सब्जी मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष पवन दुआ ने बताया कि गणेश महोत्सव के साथ त्योहारों की शुरुआत हो जाती है। इन दिनों किराना बाजार में बेसन, खोपरा और ड्राई फ्रूट्स की मांग बढ़ गई है। मंदिरों में बांटने के लिए विशेष प्रसाद तैयार कराया जा रहा है। कई जगह भंडारे शुरू हो चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर आयोजन होना बाकी है। अनंत चतुर्दशी पर हलवा-पूरी, कचौरी, समोसा सहित अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ती है। ऐसे में त्योहारों का यह सीजन कारोबारियों के लिए दीपावली तक बाजार में अच्छी मांग बनाए रखने वाला साबित हो सकता है। ऐसे में गणेश चतुर्थी से अनंत चतुदर्शी तक करीब 300 से 400 करोड़ व्यापार होने का अनुमान है।</p>
<p><strong>घास की डिमांड भी बढ़ी</strong><br />गणेश महोत्सव को लेकर गाय को खिलाने के लिए घास की डिमांड भी बढ़ ्गई है। सड़क किराने घास बेचने वाली सुशीला ने बताया कि वह पिछले कई माह से सड़क पर घास बेच रही है। सुबह के समय काफी लोग मंदिर दर्शनों के लिए आते हैं। ऐसे में गायों को खिलाने के लिए वह घास भी खरीदते हैं, कोई 10 तो कोई 20 रुपए का घास खरीदकर गायों को खिलाता है। ऐसे में सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक करीब 700 से 800 रुपए की बिक्री हो जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 15:29:17 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : चीनी के भंडारण पर शिकंजा, घटाई डीलरों की स्टॉक सीमा</title>
                                    <description><![CDATA[अब 4 हजार की जगह 2 हजार क्विंटल ही रख सकेंगे स्टॉक।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--crackdown-on-sugar-storage--dealers--stock-limits-reduced/article-165217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। त्योहारी सीजन से पहले सरकार चीनी की कीमतों पर लगाम कसने की तैयारी में जुट गई है। ऐसे में चीनी कारोबार और स्टॉक पर केंद्र सरकार ने निगरानी और कड़ी कर दी है। चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने डीलरों के लिए निर्धारित स्टॉक सीमा में बड़ा बदलाव किया है। 15 सितंबर 2026 से चीनी डीलर अधिकतम 2,000 क्विंटल तक ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी। यानी डीलरों के लिए अनुमत अधिकतम स्टॉक को आधा कर दिया गया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने संशोधित स्टॉक सीमा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p><strong>हर शुक्रवार देना होगा स्टॉक का अपडेट</strong><br />सरकार ने डीलरों के लिए स्टॉक की जानकारी देने की प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है। प्रत्येक डीलर को पहले फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के तुरंत बाद उसके पास उपलब्ध मौजूदा चीनी स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके बाद हर शुक्रवार को अपने स्टॉक की स्थिति अपडेट करना अनिवार्य होगा। इससे बाजार में चीनी के भंडारण की स्थिति की नियमित निगरानी की जा सकेगी और स्टॉक में अचानक होने वाले बदलावों का भी पता लगाया जा सकेगा। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डीलरों द्वारा घोषित चीनी स्टॉक का समय-समय पर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। अर्थात डीलर ने पोर्टल पर जितना स्टॉक घोषित किया है, मौके पर वास्तव में उतनी ही मात्रा उपलब्ध है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।</p>
<p><strong>गलत जानकारी दी तो कार्रवाई तय</strong><br />सरकार ने स्टॉक संबंधी जानकारी में लापरवाही को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, गलत या अधूरी जानकारी देने अथवा निर्धारित समय पर स्टॉक अपडेट नहीं करने के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इससे चीनी कारोबारियों पर स्टॉक की सही जानकारी उपलब्ध कराने और निर्धारित सीमा का पालन करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पहले डीलरों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल निर्धारित की गई थी और चीनी प्राप्त होने की तारीख से अधिकतम 30 दिनों तक स्टॉक रखने की अनुमति थी। अब केंद्र सरकार ने मूल आदेश में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधान 15 सितंबर से प्रभावी होंगे।</p>
<p><strong>कोटा के चीनी बाजार पर भी पड़ेगा असर</strong><br />कोटा में चीनी की थोक और खुदरा बिक्री से जुड़े कारोबारियों के लिए नई व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर ऐसे डीलर जिनके पास बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण रहता है, उन्हें 15 सितंबर से पहले अपने स्टॉक की स्थिति की समीक्षा करनी होगी। नई सीमा लागू होने के बाद निर्धारित मात्रा से अधिक चीनी का स्टॉक रखना मुश्किल होगा। व्यापारियों को अपने स्टॉक का हिसाब-किताब व्यवस्थित रखने के साथ ही सरकार के फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर नियमित जानकारी अपडेट करनी होगी। इससे सरकार को बाजार में चीनी के उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में अलग-अलग समाचार प्रकाशित किए थे। इनमें बताया था कि त्योहरी सीजन से पहले चीनी की कीमत 65 से 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। इससे आमजन को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बड़े कारोबारियों द्वारा चीनी की जमाखोरी भी की जा रही है। इससे चीनी की कीमतों में उछाल बना हुआ है। आगामी दिनों में त्योहारी सीजन में लोगों को चीनी के लिए अधिक खर्चा करना पड़ेगा।</p>
<p>चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने डीलरों के लिए निर्धारित स्टॉक सीमा में बड़ा बदलाव किया है। 15 सितंबर 2026 से चीनी डीलर अधिकतम 2,000 क्विंटल तक ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी।<br /><strong>- विकास यादव, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:24:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>वायदा बाजार की नरमी का असर : सोना और चांदी धड़ाम, जानें कितने गिरे भाव</title>
                                    <description><![CDATA[सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं के भाव में रिकॉर्ड गिरावट आई। चांदी ₹3,700 टूटकर ₹2,47,600 प्रति किलो, शुद्ध सोना ₹2,500 घटकर ₹1,63,000 और जेवराती सोना ₹1,700 गिरकर ₹1,49,200 प्रति 10 ग्राम रहा। हाजिर बाजार में खरीदारी सामान्य रही। 18 कैरेट ₹1,27,200 और 14 कैरेट ₹1,01,600 रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/effect-of-softening-of-futures-market-know-how-much-the/article-164012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/gold-silver4.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। वायदा बाजार की नरमी के असर से जयपुर सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं में रिकॉर्ड गिरावट आई। गुरुवार को चांदी 3700 रुपए कम होकर 2,47,600 रुपए प्रति किलो रही। शुद्ध सोना 2500 रुपए फिसलकर 1,63,000 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। जेवराती सोना 1700 रुपए टूटकर 1,49,200 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। हाजिर बाजार में खरीदारी की रफ्तार सामान्य रूप से चल रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर सर्राफा बाजार में अनुमानित भाव </span></strong></p>
<ul>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चांदी 2,47,600</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शुद्ध सोना 1,63,000</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जेवराती सोना 1,49,200</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">18कैरेट 1,27,200</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">14कैरेट 1,01600</span></li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 18:06:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंडी का जाम, सफाई-पानी की किल्लत, आवारा कुत्ते बने परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[बिना पार्षद के अधर में अटकीं जनसमस्याएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-jams-caused-by-the-market--shortages-of-water-and-sanitation-services--and-the-menace-of-stray-dogs/article-162943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)44.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के नए परिसीमन के बाद शहर के वार्डों की तस्वीर बदल गई है। वार्डों की सीमाएं बदलने के साथ लोगों को उम्मीद है कि व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी, लेकिन जमीनी हकीकत में समस्याएं अब भी जस की तस नजर आ रही हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं बिना मानक के बनाए गए ब्रेकर लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। कई कॉलोनियों में पानी की समस्या है, जबकि जगह-जगह झूलते बिजली के तार हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। स्टेशन क्षेत्र की मस्जिद गली में लगने वाली मंडी के कारण लंबे समय तक जाम लगा रहता है। वहीं भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं। वार्डवासियों का कहना है कि समस्याओं को लेकर शिकायतें तो होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता और फिलहाल वार्ड पार्षद भी नहीं हैं। ऐसे में लोग अपनी समस्या लेकर नगर निगम पहुंचें भी तो आखिर सुनवाई और जिम्मेदारी किसकी तय होगी?</p>
<p><strong>आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, रात में घर से निकलना मुश्किल</strong><br />वार्ड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से वार्डवासी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गली-मोहल्लों में दिनभर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों में डर बना रहता है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालकों पर आवारा कुत्ते हमला कर चुके हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वार्डवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने निगम से अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।</p>
<p><strong>मस्जिद गली में जाम से राहगीरों होती परेशानी</strong><br />स्टेशन क्षेत्र में मस्जिद गली में लगने वाली मंडी स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी के दौरान सड़क पर भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई बार लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी के लिए व्यवस्थित व्यवस्था और यातायात प्रबंधन किया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।</p>
<p><strong>पार्षद नहीं, अब शिकायत लेकर जाएं कहां?</strong><br />परिसीमन के बाद वार्ड तो नए बन गए, लेकिन फिलहाल पार्षद नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के सामने अपनी समस्याएं रखने को लेकर असमंजस की स्थिति है। वार्डवासियों का कहना है कि नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं रहता कि समस्या के समाधान की जिम्मेदारी किसकी है। लोगों की मांग है कि चुनाव और नई व्यवस्था तक निगम को प्रत्येक वार्ड में शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए।</p>
<p><strong>झूलते तार दे रहे हादसे को न्योता</strong><br />वार्डों के कई क्षेत्रों में बिजली के झूलते तार भी बड़ी समस्या हैं। तार कई जगह नीचे तक लटक रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने बिजली निगम से ऐसे तारों को व्यवस्थित करने और जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।</p>
<p><strong>नए वार्ड और वार्ड नंबर के क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 11: </strong>नया भदाना, बेरवा का मोहल्ला, रिद्धि-सिद्धि नगर, समस्त सरस्वती कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, अंबेडकर नगर, जगदंबा कॉलोनी, पुराना भदाना, भदाना की टापरियां, आरके कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, बाबा कॉलोनी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 12: </strong>बापू कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, बोहरा की बगीची, कैलाशपुरी, गणेशपुरा, राजीव नगर, कच्ची बस्ती, पार्वती कॉलोनी, प्रताप कॉलोनी, मिल वाले बाबा, गोपाल मिल, महावीर कॉलोनी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 13:</strong> मस्जिद गली, सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, नेहरू नगर, हरिजन बस्ती, तेलघर, इमामबाड़ा, संजय नगर, हुसैनी नगर।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 14: </strong>संपूर्ण चोपड़ा फार्म, मानसिंह बिल्डिंग, राधा-कृष्ण मंदिर, शंकर भवन, लालबाई माता मंदिर, विजयवर्गीय मेडिकल, दानमलजी का आहता क्षेत्र।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 15: </strong>मॉडल टाउन, आदर्श कॉलोनी, तिलक कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी, सुरपीन होटल, मिलिट्री क्षेत्र, भीमगंज मंडी थाना, अजय आहूजा स्कूल, नगर निगम सेक्टर कार्यालय, जवाहरलाल नेहरू स्कूल, आर्य समाज, चर्च, निर्मला स्कूल, इनामी भवन, राजेंद्र होटल, आनंद विहार, मुर्गी फार्म हाउस, शांति नगर, सॉयल कंजर्वेशन क्षेत्र।</p>
<p>जब उन्होंने चुनाव लड़ा था, तब वार्ड में महज 10 से 20 प्रतिशत तक ही विकास कार्य हुए थे। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 90 प्रतिशत विकास कार्य करवाए। वार्डवासियों के राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने से लेकर हर गली में सड़क निर्माण तक, उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता से करवाए।<br /><strong>- संदीप नायक, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पार्षद बनने के बाद शुरुआती ढाई साल में वार्ड में तेजी से विकास कार्य करवाए गए। इसके बाद सरकार बदलने के साथ ही विकास कार्य लगभग ठप हो गए। उनका आरोप है कि अधिकारी आम पार्षदों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते थे और उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता मिलती थी, जिनके लिए कैंप कार्यालय से फोन आता था।<br /><strong>- हेमलता गौतम, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पूर्व पार्षद के कार्यकाल में वार्ड में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए। सफाई व्यवस्था को लेकर समय-समय पर समस्या जरूर रही, लेकिन शिकायतों के बाद इसमें भी सुधार करवाया गया।<br /><strong>-प्रदीप राठौर, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 15 में आने वाले भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में गंदगी जमा नहीं हो।<br /><strong>-गोपाल लाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>नए वार्डों में शामिल कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से परेशानी होती है। वहीं कई इलाकों की सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। कई स्थानों पर बिना मानक के बने ब्रेकर भी वाहन चालकों के लिए परेशानी बने हुए हैं।<br /><strong>-जेडी सिकरवार, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-jams-caused-by-the-market--shortages-of-water-and-sanitation-services--and-the-menace-of-stray-dogs/article-162943</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:13:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का...आधुनिक मोटर मार्केट में निगम ने शुरू की सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[मोटर मार्केट बनने के बाद से सफाई न होने से कचरे के ढेर लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--municipal-corporation-begins-cleanup-at-the-modern-motor-market/article-162532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/333331.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी के पास बने आधुनिक मोटर मार्केट में आखिरकार नगर निगम ने शनिवार को सफाई शुरू करवा ही दी। जेसीबी डम्पर की सहायता से कचरा साफ किया जा रहा है।पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से डीसीएम रोड पर आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण कराया था। इस मार्केट में करीब 400 से अधिक दुकानें बनाई गई। साथ ही यहां चौड़ी सड़कें, रोशनी, जन सुविधा और प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग द्वार समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की। जिससे इसे आधुनिक मोटर मार्केट का नाम दिया गया। इस मार्केट में एरोड्राम चौराहे के पास पूर्व में संचालित मोटर मार्केट में काम करने वाले मिस्त्रियों व मैकेनिकों का पुनर्वास किया गया। एक निर्धारित राशि में मैकेनिकों को सुविधा जनक दुकानें मार्केट के रूप में उपलब्ध करवाई गई। जिससे एरोड्राम चौराहे के पास धानमंडी के सामने की सड़क को चौड़ा किया जा सका।</p>
<p><strong>सफाई नहीं होने से लगे कचरे के ढेर</strong><br />मोटर मार्केट बनने के बाद से वहां नियमित सफाई नहीं होने से वहां कचरे के ढेर जमा हो गए। प्रवेश द्वार से लेकर पूरे मार्केट में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। साथ ही चारों तरफ की नालियां जाम हैं। जिससे वहां काम करने वाले दुकानदारों के साथ ही आने वाले लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है और बीमारियां फेलने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p>नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के साथ ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में शनिवार को सफाई शुरू करवा दी गई है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि शनिवार को निगम की ओर से जेसीबी डम्पर आए। जिन्होंने कचरा उठाने के साथ ही नालियों को भी साफ किया। इससे दुकानदारों को राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>निगम को नहीं हुआ मार्केट हैंडओवर</strong><br />नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी ने बताया कि आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण तो केडीए ने करवाया है। लेकिन अभी तक उसे निगम को हैंड ओवर नहीं किया है। जिससे वहां निगम के सफाई संसाधन नियमित नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि सम्पति केडीए की हो या अन्य विभाग की। उनकी सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है। समाचार पत्र में मामला प्रकाशित होने के बाद आयुक्त के निर्देश पर मार्केट में जेसीबी डम्पर भेजकर सफाई शुरू करवा दी है। हालांकि वहां कचरा अधिक होने से पूरी सफाई होने में कुछ समय लगेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />डीसीएम रोड स्थित आधुनिक मोटर मार्केट के गंदगी से अटे होने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 6 अगस्त को पेज 4 पर' गाडिय़ां ठीक करवाने आ रहे,सेहत खराब करवा कर जा रहे लोगÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि कहने को तो यह आधुनिक मोटर मार्केट है। लेकिन यहां इतनी अधिक गंदगी, कचरे के ढेर व नालियां जाम है। जिससे गाडिय़ां ठीक करवाने आने वाले लोग और वहां काम करने वाले मिस्त्री अपने साथ बीमारियां लेकर जा रहे हैं। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में सफाई शुरू करवाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 16:03:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>करोड़ों की आधुनिक मोटर मार्केट गंदगी की चपेट में, कचरे से बढ़ा बीमारियों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ पेट्रोल पंप के पास कई बार लग चुकी आग, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/state-of-the-art-motor-market--built-at-a-cost-of-crores--plagued-by-filth--garbage-increases-disease-risk/article-162182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/motor.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड पर संजय नगर आरओबी के पास बने आधुनिक मोटर मार्केट में लगा गंदगी का अम्बार बीमारियों का घर बन रहा है। यहां रोजाना हजारों लोग अपनी गाडिय़ां ठीक करवाने आ रहे हैं। वहीं  कचरे व गंदगी के कारण अपने साथ बीमारियां लेकर जा रहे हैं। तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से एरोड्राम स्थित मोटर मार्केट के मैकेनिकों को यहां से शिफ्ट करने के लिए डीसीएम रोड पर नया मोटर मार्केट बनाया था। इस मार्केट में करीब 400 से अधिक दुकानें बनाकर मैकेनिकों को यहां पुनर्वास किया गया।</p>
<p>करोड़ों रुपए की लागत से बने इस मोटर मार्केट को आधुनिक मोटर मार्केट का नाम दिया गया था। यहां चौड़ी सड़क से लेकर रोशनी और जन सुविधा से लेकर सभी तरह की सुविधाएं विकसित की गई थी। लेकिन वर्तमान में देखरेख व नियमित सफाई नहीं होने से यह कचरे से अटा पड़ा है।</p>
<p><strong>मुख्य द्वार से लेकर नालियां तक जाम</strong><br />स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि मोटर मार्केट बना था उस समय तो अच्छा था। लेकिन वर्तमान में यहां न तो केडीए की ओर से ध्यान दिया जा रहा है और न ही नगर निगम की ओर से सफाई करवाई जा रही है। जिससे मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही कचरे का ढेर देखा जा सकता है। उसके बाद अंदर जगह-जगह पर हर थोड़ी दूरी पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। दुकानदार दुकानों में सफाई करके कचरा बाहर निकाल रहे हैं। साथ ही गाडिय़ां सही होने से भी कचरा निकल रहा है। लेकिन उस कचरे को उठाने के लिए यहां टिपर तक नहीं आ रहे हैं।</p>
<p>इतना ही नहीं मार्केट की सभी नालियां तक कचरे से जाम हो रही हैं। अभी बरसात का सीजन है। ऐसे में बरसात अधिक होने पर नालियों से पानी की निकासी नहीं होने पर सारा गंदा पानी मार्केट में जमा होगा। जिससे पहले से ही कचरे की गंदगी से दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आने वाले समय में बदबू से बीमारियां अधिक होने का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p><strong>पास में पेट्रोल पम्म, गर्मी में लग चुकी आग</strong><br />स्थानीय दुकानदार मोहम्मद एजाज ने बताया कि मार्केट में करीब तीन सौ से अधिक दुकानें हैं। जहां दुकानदारों के अलावा वहां काम करने वाले मैकैनिक भी हैं। वहीं रोजाना गाडिय़ां ठीक करवाने के लिए आठ सौ से हजार लोग आ रहे हैं। ऐसे में सभी को कचरे व दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मार्केट के पास ही पेट्रोल पम्प है। गर्मी के समय मार्केट में लगे कचरे के ढेर में कई बार आग लग चुकी है। जिससे पेट्रोल पम्प पर भी आग पहुंचने का खतरा बन गया था। ऐसे में वहां के कर्मचारी भी मार्केट में सफाई करवाने के बारे में कह चुके हैं। लेकिन अभी तक भी कुछ नहीं हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि केडीए ने तो मार्केट बनाकर दिया है। लेकिन यहां साफ सफाई करवाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है।</p>
<p>इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि हर जगह पर टिपर जा रहे हैं। मोटर मार्केट में नियमित टिपर नहीं जाने की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी करके वहां भी सफाई करवा दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 14:57:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आईटी सेक्टर में दबाव के कारण शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, किन स्टॉक्स ने कराई कमाई और किसने रूलाया,  यहां पढ़ें पूरी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक बाजारों में मंदी के रुख और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को 1% से अधिक टूट गए। बीएसई सेंसेक्स 893.39 अंक गिरकर 76,200.68 पर और निफ्टी 278.80 अंक फिसलकर 23,824.10 पर बंद हुआ। अमेरिकी फेड द्वारा सख्त रुख की आशंका से बाजार में यह दबाव देखा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/due-to-pressure-in-the-it-sector-there-was-a/article-157871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market7.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों और आईटी सेक्टर पर दबाव के कारण घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखी गयी और प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूट गये। बीएसई का सेंसेक्स 893.39 अंक (1.16 प्रतिशत) लुढ़ककर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 278.80 अंक यानी 1.16 प्रतिशत नीचे 23,824.10 अंक पर रहा। यह दोनों का 12 जून के बाद का निचला स्तर है।</p>
<p>अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आने वाले समय में महंगाई को काबू करने के लिए कठोर उपायों की आशंका में आज दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट रही। भारतीय शेयर बाजारों पर भी उसी का असर देखा गया, विशेषकर आईटी सेक्टर की कंपनियों में बिकवाली अधिक रही। वृहत बाजार में निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.90 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.48 प्रतिशत टूट गया। फार्मा और स्वास्थ्य को छोड़कर सभी सेक्टरों में बिकवाली हावी रही। आईटी, धातु, बैंकिंग, वित्त, रियल्टी, मीडिया, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों ने बाजार पर ज्यादा दबाव बनाया।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में इंफोसिस का शेयर सवा तीन फीसदी से अधिक टूट गया। टीसीएस में भी तीन प्रतिशत से ज्यादा गिरावट रही। बीईएल, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स के शेयर दो से तीन प्रतिशत से बीच गिरे। इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, इंडिगो, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने एक से दो प्रतिशत तक नुकसान उठाया। हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स और आईटीसी के शेयर भी लाल निशान में रहे। पावरग्रिड का शेयर बढ़त में बंद हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:29:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>11 करोड़ के सौंदर्याकरण के बीच सुविधाओं का अकाल, शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[टेंडर हर साल, सुविधाएं नदारद, व्यापारी और ग्राहक परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/scarcity-of-amenities-amidst-11-crore-beautification-project/article-157848"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे का साप्ताहिक हाट बाजार अब नेशनल हाईवे से हटकर छोटे तालाब की पाल पर विकसित इंटरलॉकिंग क्षेत्र में लग रहा है। इससे बाजार को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान तो मिला, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव व्यापारियों और ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बाजार से नियमित राजस्व वसूली के बावजूद पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी आवश्यक सुविधाएं नदारद हैं। कस्बे में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार को पहले नेशनल हाईवे किनारे लगाया जाता था, जहां यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। अब छोटे तालाब की पाल पर करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से हुए सौंदर्याकरण कार्य के तहत विकसित इंटरलॉकिंग क्षेत्र में बाजार लगना शुरू हुआ है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों को पहले की अपेक्षा बेहतर एवं सुरक्षित स्थान मिला है। यह बदलाव निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।</p>
<p><strong>जिम्मेदारों को देना होगा ध्यान</strong><br />बाजार में आवश्यक सुविधाओं की कमी आज भी बनी हुई है। ग्राम पंचायत द्वारा हर वर्ष हाट बाजार का टेंडर जारी किया जाता है, लेकिन बाजार में आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बाहर से आने वाले सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि उनसे नियमित रूप से शुल्क वसूला जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आता। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार प्रत्येक दुकानदार से प्रत्येक साप्ताहिक में 10 रुपये लिए जाते हैं, लेकिन बाजार स्थल पर न तो पेयजल की व्यवस्था है, न शौचालय, न पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और न ही साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा आवारा पशु भी बाजार में पहुंच जाते हैं, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार पशुओं को हटाने के लिए अलग से खर्च भी करना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बाहर से आने वाले विक्रेताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। मजबूरी में लोगों को खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ता है।</p>
<p><strong>शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है बाजार</strong><br />सब्जी विक्रेता नमन राठौर, लक्ष्मीचंद योगी, राजू सुमन, प्रिंस सुमन, सहित स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम के समय बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार सब्जी खरीदने पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त रोशनीं नहीं होने से पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। ऐसे में चोरी, छीना-झपटी अथवा अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने बाजार क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट या पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है।</p>
<p><strong>बाजार तक पहुंचने में भी परेशानी</strong><br />हाट बाजार के पास नेशनल हाईवे से इंटरलॉकिंग क्षेत्र तक पहुंचने वाला मार्ग भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बनाया गया रैंप (रफ्ता) पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को चढ़ने-उतरने में कठिनाई होती है। बरसात के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है। व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि बाजार को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना सराहनीय कदम है, लेकिन अब आवश्यक है कि ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग यहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई तथा सुगम आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं, ताकि हाट बाजार वास्तव में व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सके।</p>
<p><strong>पेयजल व्यवस्था भी बदहाल</strong><br />सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि हाट बाजार परिसर में एक पानी की टंकी तो रखी हुई है, लेकिन उसकी नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण उसमें जमा पानी गंदा रहता है। दुकानदारों का कहना है कि टंकी के पानी का उपयोग पीने योग्य नहीं होने के कारण अधिकांश व्यापारी अपने घरों से या फिर इधर-उधर से पीने का पानी लेकर आते हैं। गर्मी और उमस के मौसम में दिनभर बाजार में बैठने वाले व्यापारियों तथा ग्राहकों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होना बड़ी समस्या बनी हुई है।</p>
<p> बाजार में रखी पानी की टंकी का पानी गंदा रहता है, इसलिए हमें बाहर से पानी लाना पड़ता है। शाम के समय रोशनी और शौचालय की कमी से व्यापारियों व ग्राहकों को परेशानी होती है।<br /><strong>-राजू सुमन, सब्जी विक्रेता, कवाई</strong></p>
<p> बाजार में न तो साफ पेयजल उपलब्ध है और न ही पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था। शाम ढलते ही अंधेरा होने से खरीदारी प्रभावित होती है और सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है।<br /><strong>- बंसी केवट, सब्जी विक्रेता, मोठपुर</strong></p>
<p> हाट बाजार में नियमित शुल्क लिया जाता है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। पेयजल, शौचालय और रोड लाइट जैसी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए।<br /><strong>-गोरधनीबाई सुमन, सब्जी विक्रेता, कवाई</strong></p>
<p> हाट बाजार में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और शौचालय जैसी सुविधाओं की कमी की जानकारी मिली है। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।<br /><strong>- वीरेंद्र प्रताप सिंह हाड़ा, भाजपा मंडल अध्यक्ष, कवा।</strong></p>
<p> जबग्राम पंचायत हाट बाजार से राजस्व प्राप्त कर रही है तो व्यापारियों और आमजन के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए। पेयजल, रोशनी, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था जरूरी है।<br /><strong>- मुरारी सुमन, वार्ड पंच, ग्राम पंचायत,कवाई</strong></p>
<p> साप्ताहिक हाट बाजार में पेयजल,प्रकाश व्यवस्था, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर जो सुझाव और शिकायतें सामने आई हैं, संज्ञान लिया जाएगा। बाजार में आने वाले व्यापारियों और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर ग्राम पंचायत स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। जहां भी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता होगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।<br /><strong>- रामप्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत कवाई</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:11:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन का अमेरिका पर बड़ा आर्थिक प्रहार, 46 अमेरिकी कंपनियों के उत्पादों की खरीद पर लगाया प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने सैन्य दिग्गज लॉकहीड मार्टिन सहित 46 अमेरिकी कंपनियों से उत्पाद खरीदने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। चीनी वित्त मंत्रालय के अनुसार, सरकारी खरीद में इन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। यह कदम ताइवान को हथियारों की आपूर्ति और अमेरिकी हस्तक्षेप के जवाब में देखा जा रहा है, हालांकि चीन स्थित अमेरिकी उद्यमों को छूट मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-big-economic-attack-on-america-ban-on-purchase-of/article-157725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chinese-president-xi-jinping.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने 46 अमेरिकी कंपनियों से कोई भी उत्पाद खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चीनी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इस आशय की सूची जारी की है। इन कंपनियों में लॉकहीड मार्टिन कॉरपोरेशन भी शामिल है। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि लागू कानूनों और नियमों के अनुसार, सरकारी खरीद गतिविधियों के दायरे में 46 अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ प्रासंगिक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>चीनी कंपनियों को इन 46 अमेरिकी कंपनियों में बने उत्पादों को खरीदने से रोक दिया गया है, हालांकि चीन में काम कर रहे अमेरिकी निवेश वाले उद्यमों को इससे छूट दी गयी है। चीन ने लॉकहीड मार्टिन पर प्रतिबंध लगाकर एक तरह से अमेरिका को भी संकेत दिया है कि वह अपने मामले में किसी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी।</p>
<p>गौरतलब है कि लॉकहीड मार्टिन सैन्य विमान और उन्नत तकनीकी हथियारों की दुनिया की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है और यह कंपनी अमेरिकी सरकार के जरिए ताइवान को सबसे ज्यादा हथियारों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति करती है, जबकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:33:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरे निशान में बंद हुआ बाजार: सेंसेक्स 291 अंक की बढ़त के साथ 77,094.07 पर बंद, इन शेयर्स में दिखी तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति से घरेलू शेयर बाजार में तेजी रही। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 291 अंक चढ़कर 77,094 और निफ्टी 89 अंक बढ़कर 24,102 पर बंद हुआ। मीडिया, फार्मा और आईटी सेक्टरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जबकि टेक महिंद्रा और रिलायंस के शेयरों में उछाल रहा। एशियन पेंट्स में गिरावट रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-market-closed-in-the-green-sensex-closed-at-7709407/article-157758"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पिछले कारोबारी दिवस की गिरावट से उबरते हुए घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी रही और बीएसई का सेंसेक्स 291.17 अंक (0.38 प्रतिशत) चढ़कर 77,094.07 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 89.80 अंक यानी 0.37 प्रतिशत ऊपर 24,102.90 अंक पर बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम शांति समझौते के लिए चल रही वार्ता में प्रगति की खबरों से बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।</p>
<p>वृहत बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.37 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.60 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। एफएमसीजी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों के सूचकांक हरे निशान में रहे। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, फार्मा और स्वास्थ्य सेक्टरों में देखी गयी। इनके बाद तेल एवं गैस और आईटी सेक्टरों का स्थान रहा।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा का शेयर दो प्रतिशत के करीब चढ़ा। सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और बीईएल में भी एक प्रतिशत अधिक तेजी रही। बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी हरे निशान में रहे। एशियन पेंट्स का शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। टाइटन में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। पावरग्रिड, ट्रेंट, आईटीसी, इटरनल, हिंदुस्तान यूनीलिवर और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी नीचे रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:41:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरे निशान में खुले शेयर बाजार: सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़ा, इन स्टॉक्स में दिखेगा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-अमेरिका शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति से उत्साहित निवेशकों की लिवाली के चलते शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। सेंसेक्स 446 अंक और निफ्टी 118 अंक तक उछला। बाजार में चौतरफा खरीदारी के बीच आईटी, ऑयल एंड गैस और फार्मा में जबरदस्त तेजी रही, जबकि रिलायंस का शेयर करीब 2.5% चढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-market-opens-in-green-sensex-rises-more-than-400/article-157688"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते में प्रगति से उत्साहित निवेशकों की लिवाली से घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 400 अंक से अधिक चढ़ गया। सेंसेक्स 357.77 अंक की बढ़त के साथ 77,160.67 अंक पर खुला। कुछ ही देर बाद यह 446 अंक चढ़ गया। खबर लिखे जाते समय यह 368.99 अंक (0.48 प्रतिशत) ऊपर 77,171.89 अंक पर रहा। ईरान ने कहा है कि अंतिम शांति समझौते की दिशा में वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है। इससे बाजार में निवेश धारणा को मजबूती मिली है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 118.05 अंक चढ़कर 24,131.15 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 105.15 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,118.25 अंक पर रहा। वृहत बाजार में इस समय लिवाली देखी जा रही है। सभी सेक्टरों के सूचकांक हरे निशान में हैं। पिछले कारोबारी दिवस की बड़ी गिरावट के बाद आईटी सेक्टर में आज सबसे अधिक तेजी है। तेल एवं गैस, मीडिया, फार्मा और वित्त सेक्टरों में भी अच्छी लिवाली चल रही है।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब ढाई फीसदी ऊपर है। टेक महिंद्रा और इंफोसिस भी एक फीसदी से अधिक की बढ़त में हैं। बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी अच्छी मजबूती बनाये हुए हैं। इंडिगो, टाइटन और अडानी पोर्ट्स फिलहाल गिरावट में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:10:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पहली बारिश में डूबी व्यवस्थाएं : लाखों खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था फेल</title>
                                    <description><![CDATA[जाम नालियों से बढ़ी परेशानी, नगरपालिका की कार्यशैली पर उठाए सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/systems-overwhelmed-by-the-first-rain--sanitation-efforts-fail-despite-heavy-spending/article-157354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविरों में जनसमस्याओं के समाधान के दावों के बीच अटरू कस्बे में पहली ही बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। मुख्य बाजार, मुख्य सड़क और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नालियों की सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था के कमजोर होने से आमजन में नाराजगी देखने को मिली। राज्य सरकार, के निर्देशानुसार आयोजित शहरी सेवा शिविरों में आमजन की समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अटरू कस्बे की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पहली बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। मुख्य बाजार, मुख्य रोड और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p><strong>नालियों पर बने पक्के ढकान बने समस्या की वजह</strong><br />स्थानीय नागरिक पवन मालवीय, गणेश सेन और लोकेश पंचोली ने बताया कि मुख्य रोड क्षेत्र में कई स्थानों पर दुकानों के सामने नालियों पर पक्के ढकान बना दिए गए हैं। इन डंकानों के कारण नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती, जिससे उनमें गाद और कचरा जमा हो जाता है। परिणामस्वरूप पानी का प्रवाह बाधित हो जाता हैऔर थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। नागरिकों का कहना है कि पहले नालियों से पानी का निकास सुचारु रूप से हो जाता था, लेकिन अब सफाई व्यवस्था की अनदेखी और अवरोधों के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं।</p>
<p><strong>जनता की ये है प्रमुख मांगें</strong><br />अटरू कस्बे में जलभराव और सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगरपालिका के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगे रखी हैं। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में राहत देने के लिए तत्काल कराई जाए। साथ ही नालों पर बने अवैध एवं स्थायी अवरोधों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। पूरे कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।</p>
<p><strong>सड़कों पर भरा बारिश का पानी</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पूर्व नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। कई स्थानों पर गंदा पानी दुकानों के सामने तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। हालात ऐसे बने कि कई जगह लोगों को स्वयं नालियों की सफाई कर पानी की निकासी करनी पड़ी।</p>
<p><strong>कलेक्टर के निर्देशों पर उठे सवाल</strong><br />गौरतलब है कि जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा समय-समय पर शहरी सेवा शिविरों एवं नगर निकायों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे हैं। इसके बावजूद पहली ही बरसात में जलभराव और गंदगी की स्थिति सामने आने से व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो आगामी बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है।</p>
<p><strong>दुकानदार खुद कर रहे जाम नालियों की सफाई</strong><br />नगरपालिका की ओर से समय पर सफाई नहीं होने के कारण मुख्य बाजार क्षेत्र के दुकानदारों को खुद नालियों की सफाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के दौरान जब नालियों का पानी सड़कों और दुकानों के सामने जमा हो गया, तब कई व्यापारियों ने फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से नालियों में जमा कचरा और गाद निकालकर पानी की निकासी का प्रयास किया। दुकानदारों का कहना है कि नियमित सफाई होती तो उन्हें यह काम स्वयं नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सफाई व्यवस्था धरातल पर नजर नहीं आ रही है, जिसका खामियाजा आमजन और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p>मुख्य रोड एवं बाजार क्षेत्र में जलभराव तथा नालियों की समस्या को शिकायतें संज्ञान में आई हैं। प्रशासन द्वारा तथा नगरपालिका प्रशासन को आवश्यक निर्देश देकर समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कराई जाएगी। जहां भी नालियों में अवरोध, जाम या जलनिकासी संबंधी समस्या पाई जाएगी, वहाँ तत्काल सफाई एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे, ताकि बरसात के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। <br /><strong>-अभिमन्यु कुंतल, कार्यवाहक उपखंड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:18:01 +0530</pubDate>
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