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                <title> jal jeevan mission - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> jal jeevan mission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जल जीवन मिशन में 30 लाख की पाइप चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण सरकारी परियोजना में लाखों रुपए की पाइप चोरी के मामले में अंता थाना पुलिस को बड़ी सफलता। पुलिस ने करीब 30 लाख रुपए मूल्य के लगभग 285 चोरीशुदा पाइप बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/pipe-theft-worth-rs-30-lakh-revealed-in-jal-jeevan/article-157426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>अंता। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण सरकारी परियोजना में लाखों रुपए की पाइप चोरी के मामले में अंता थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब 30 लाख रुपए मूल्य के लगभग 285 चोरीशुदा पाइप बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही चोरी के माल के परिवहन में प्रयुक्त एक ट्रक भी जब्त किया है।</p>
<p>जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परवन-अकावद पेयजल परियोजना के तहत ग्राम खजुरनाकलां एवं आखेड़ी में पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मई माह में दोनों स्थानों से कुल 465 पाइप चोरी कर लिए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 34.03 लाख रुपए आंकी गई।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 12:40:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई :  जल जीवन मिशन घोटाले में एसआईटी का शिकंजा, 9 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एसीबी की एसआईटी ने जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया। फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए करीब 960 करोड़ के टेंडर हासिल करने और टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर का खुलासा हुआ। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-by-rajasthan-anti-corruption-bureau-sits-noose-in/article-143540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/jal-jeevan-mission-jjm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने जल जीवन मिशन में हुए हजारों करोड़ रुपए के बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार अल सुबह व्यापक कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>यह कार्रवाई एसीबी में दर्ज प्रकरण संख्या 245/2024 में अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। ब्यूरो की लगभग डेढ़ दर्जन टीमों ने जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में एक साथ दबिश देकर आरोपियों को हिरासत में लिया।</p>
<p><strong>गिरफ्तार किए गए आरोपी :</strong></p>
<p>गिरफ्तार आरोपियों में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और संबंधित परियोजनाओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं-</p>
<p>दिनेश गोयल - मुख्य अभियंता (प्रशासन)<br />के.डी. गुप्ता - मुख्य अभियंता (ग्रामीण)<br />सुभांशु दीक्षित - तत्कालीन सचिव (RWSSM), वर्तमान अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय<br />सुशील शर्मा - वित्तीय सलाहकार, अक्षय ऊर्जा<br /> निरिल कुमार - मुख्य अभियंता, चूरू।           <br /> विशाल सक्सेना - अधिशासी अभियंता (निलंबित)<br /> अरूण श्रीवास्तव -अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सेवानिवृत्त)<br /> डी.के. गौड़ - तत्कालीन मुख्य अभियंता व तकनीकी सदस्य (सेवानिवृत्त) महेंद्र प्रकाश सोनी – तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (सेवानिवृत्त)</p>
<p><strong>फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर 960 करोड़ के टेंडर : </strong></p>
<p>प्रकरण संख्या 145/2024 के अनुसंधान में यह सामने आया कि फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी (प्रोपराइटर: महेश मित्तल) और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी (प्रोपराइटर: पदमचंद जैन) द्वारा इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तैयार किए गए।</p>
<p>इन फर्जी दस्तावेजों को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से विभिन्न निविदाओं में संलग्न कर लगभग 960 करोड़ रुपये के टेंडर प्राप्त किए गए। इससे करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।</p>
<p><strong>टेंडर प्रक्रिया में हेर-फेर का खुलासा :</strong></p>
<p>अनुसंधान में यह भी स्पष्ट हुआ कि 50 करोड़ रुपये से अधिक के मेजर प्रोजेक्ट्स की निविदाओं में नियमों के विरुद्ध ‘साइट विजिट प्रमाण-पत्र’ की शर्त जोड़ी गई।</p>
<p>इस शर्त के माध्यम से बोलीदाताओं की पहचान उजागर कर टेंडर पुलिंग की गई, जिससे अप्रत्याशित रूप से ऊंचा टेंडर प्रीमियम प्राप्त हुआ। इन प्रीमियमों को विभागीय अधिकारियों द्वारा अनुमोदित किया गया, जिससे हजारों करोड़ रुपये के व्यापक भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई।</p>
<p><strong>एसआईटी का गठन और जांच :</strong></p>
<p>प्रकरण की त्वरित एवं प्रभावी जांच के लिए पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई।<br />एसआईटी ने तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर आरोपियों के विरुद्ध सशक्त प्रमाण जुटाए।<br />यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस (द्वितीय) राजेश सिंह एवं उपमहानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के निकटतम पर्यवेक्षण में की गई।</p>
<p><strong>पूर्व में भी हुई थी ट्रैप कार्रवाई :</strong></p>
<p>एसीबी द्वारा पूर्व में जल जीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध ट्रैप कार्रवाई करते हुए प्रकरण संख्या 215/2023 दर्ज किया गया था। इस मामले में 11 आरोपियों एवं 2 फर्मों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।</p>
<p><strong>आगे की कार्रवाई जारी :</strong></p>
<p>अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 17:42:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, एसीबी की कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी ने जल जीवन मिशन घोटाले में कई राज्यों में छापेमारी कर रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल समेत 15 आरोपियों के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और बैंक रिकॉर्ड जांचे गए। आधा दर्जन आरोपियों को राउंडअप किया गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-in-jal-jeevan-mission-scam-acb-raids-in/article-143479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/jal-jeevan-mission-jjm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले को लेकर मंगलवार सुबह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल सहित 15 आरोपियों के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई तथा आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को राउंडअप किया गया।</p>
<p><strong>कई शहरों में एक साथ कार्रवाई :</strong></p>
<p>एसीबी सूत्रों के अनुसार, जल जीवन मिशन में अनियमितताओं और कथित घोटाले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई। मंगलवार सुबह तड़के एसीबी की अलग-अलग टीमों ने राजस्थान के जयपुर, बाड़मेर, सीकर और जालोर सहित दिल्ली, बिहार और झारखंड में कुल 15 स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए टीमों ने एक साथ छापेमारी शुरू की ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके।</p>
<p><strong>सुबोध अग्रवाल समेत 15 आरोपी जांच के घेरे में :</strong></p>
<p>मामले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी के आवास और अन्य ठिकानों पर दस्तावेज, फाइलें, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस खंगाले जा रहे हैं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले थे, जिसके आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong>आधा दर्जन से अधिक आरोपी राउंडअप :</strong></p>
<p>छापेमारी के दौरान एसीबी ने आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को पूछताछ के लिए राउंडअप किया है। इनसे घोटाले से जुड़े लेनदेन, टेंडर प्रक्रिया और फंड आवंटन को लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>क्या है मामला ?</strong></p>
<p>जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया गया था। आरोप है कि इसी योजना के क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी करते हुए ठेके और भुगतान में अनियमितताएं की गईं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।</p>
<p><strong>जेजेएम घोटाला : </strong>एसीबी की एसआईटी चार बड़े मामलों की कर रही जांच, 20 हजार करोड़ के स्पेशल प्रोजेक्ट पर फोकस<br />जल जीवन मिशन (जेजेएम) से जुड़े कथित घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया है। एसआईटी फिलहाल चार अहम बिंदुओं पर गहन पड़ताल कर रही है। खासतौर पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये के स्पेशल प्रोजेक्ट और उससे जुड़े टेंडर प्रक्रियाओं को जांच के केंद्र में रखा गया है।</p>
<p><strong>टेंडर शर्तों में बदलाव कर बड़ी फर्मों को फायदा पहुंचाने की कोशिश :</strong></p>
<p>प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जल जीवन मिशन के तहत जारी किए गए टेंडर्स में नियम और शर्तों में बदलाव कर कुछ बड़ी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। टेंडर प्रक्रिया में ‘साइट इंस्पेक्शन’ की विशेष शर्त जोड़ी गई, जिससे यह स्पष्ट हो जाता था कि किन-किन फर्मों ने भाग लिया है। इससे प्रतिस्पर्धात्मक गोपनीयता और पारदर्शिता प्रभावित हुई।</p>
<p>हालांकि, वित्त विभाग ने अनियमितताओं की आशंका के चलते इन टेंडर्स को बाद में निरस्त कर दिया। अब एसीबी उन इंजीनियरों की भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने इस तरह की विशेष शर्तें जोड़ी थीं। सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।</p>
<p><strong>55 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान :</strong></p>
<p>जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल नामक फर्मों को बिना कार्य निष्पादन के करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में 139 इंजीनियर जांच के दायरे में आए हैं। इनमें 15 अधिशासी अभियंता (एक्सईएन), 40 सहायक अभियंता (एईएन) और 50 कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) शामिल बताए जा रहे हैं। शेष संबंधित कार्मिकों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।</p>
<p>एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि भुगतान की स्वीकृति किन स्तरों पर दी गई और क्या तकनीकी व प्रशासनिक जांच प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।</p>
<p><strong>इरकॉन के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट का मामला :</strong></p>
<p>एसआईटी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इरकॉन के नाम पर कथित रूप से फर्जी प्रमाण पत्र किसने और किन परिस्थितियों में तैयार किए। जांच का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि इस प्रक्रिया में किन-किन इंजीनियरों या अधिकारियों की संलिप्तता रही।<br />एसीबी अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों की जांच, बैंक लेनदेन और तकनीकी अनुमोदनों की समीक्षा के बाद जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच आगे बढ़ने के साथ और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 16:40:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना : 35 लाख की आबादी को मिलेगा शुद्ध पेयजल, किसानों और पशुपालकों को होगा सीधा लाभ   </title>
                                    <description><![CDATA[ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना से दौसा व सवाई माधोपुर के 1256 गांव और 6 कस्बों को 3.06 लाख जल कनेक्शन मिलेंगे। इससे 35 लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न पैकेजों में पाइपलाइन, फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस और जलाशयों का निर्माण प्रगति पर है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/isarda-dausa-drinking-water-project-will-provide-pure-drinking-water-to/article-140185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/jal-jeevan-mission-jjm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल जीवन मिशन के तहत निर्मित हो रही ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना से दौसा और सवाई माधोपुर जिले के 1256 गांव व 6 कस्बों को 3 लाख 6 हजार 198 जल कनेक्शन किए जाएंगे। इस परियोजना से दोनों जिलों के 35 लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल मिलेगा, बल्कि पर्याप्त जल उपलब्धता से किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ होगा।</p>
<p><strong>किस पैकेज में कितना काम ?</strong></p>
<p>- प्रथम पैकेज के अन्तर्गत 225 एमएलडी फिल्टर प्लांट एवं 2 स्वच्छ जलाशय व 2 पम्प हाउस एवं कुल 341 किमी ट्रांसमिशन पाइपलाइन बिछाई जा रही है है। फर्म 286 किमी पाइप लाइन बिछाने का कार्य कर चुकी है। वर्तमान में मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन, क्वाटर्स, गेस्ट हाउस, स्वच्छ जलाशय व फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है।<br />- द्वितीय पैकेज के अन्तर्गत ईसरदा बांध पर इन्टेक वैल एवं पम्प हाउस कार्य 17.82 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। <br />- तृतीय पैकेज के अन्तर्गत लालसोट कलस्टर के तहत 302 ग्रामों की 5 लाख 57 हजार 652 जनसंख्या को 33 हजार 460 और लालसोट शहर की 69 हजार 35 जनसंख्या को जल कनेक् शन से जोड़ा लाएगा। अभी सप्लाई पाइप लाइन और उच्च जलाशय का निर्माण  जोरों पर है।  <br />- चतुर्थ पैकेज बसवा कलस्टर के 368 ग्रामों की 9 लाख 81 हजार 746 जनसंख्या को 58,562 और बांदीकुई शहर की एक लाख 56 हजार 800 जनसंख्या को जल कनेक् शन दिया जाएगा। <br />- पंचम पैकेज महुआ के तहत 315 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी है, जिसमें अभी तक 208 किमी बिछाई जा चुकी है।<br />- षष्टम पैकेज कलस्टर में बौंली के 99 ग्रामों को, मलारना डूंगर तहसील के 61 ग्रामों को और चौथ का बरवाड़ा तहसील के 17 ग्रामों को पेयजल से लाभान्वित किया जाएगा। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 12:21:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, जलदाय को सितंबर तक करनी होगी निविदाएं</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन (JJM) और अमृत 2.0 योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-life-mission-and-nectar-20-works-will-have-to/article-122201"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/jal-bhawan-jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन (JJM) और अमृत 2.0 योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। </p>
<p>गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद जलदाय विभाग ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। JJM की गाइडलाइंस के अनुसार कुछ कार्यों में अधिक समय लग सकता है। साथ ही, बिजली लागत को कम करने के लिए विभाग ने डिस्कॉम से स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समन्वय किया है, जिससे लगभग 50% बिजली खर्च में कमी आएगी। मिशन के तहत सभी लंबित निविदाओं की समीक्षा कर सितंबर 2025 तक कार्यादेश जारी करने, एफएचटीसी की औसत प्रगति बढ़ाने, विभागीय समन्वय के मुद्दों का शीघ्र समाधान करने तथा 1272 किमी लंबी सड़क मरम्मत कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को समयसीमा में पूरा करने, फिजिकल इंस्पेक्शन और मॉनिटरिंग टूल्स के प्रभावी उपयोग तथा बजट घोषणाओं से संबंधित कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश जारी किए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 17:00:14 +0530</pubDate>
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                <title>बजट में जल जीवन मिशन की अवधि 3 साल बढ़ाई, सीतारमण ने कहा - 2028 तक सभी घरों को मिलेगा स्वच्छ जल </title>
                                    <description><![CDATA[ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में कहा कि जल जीवन मिशन का कुल बजटीय परिव्यय बढ़ाकर 67,000 करोड़ रुपए कर मिशन की अवधि को 3 साल बढ़ाया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-duration-of-water-life-mission-in-the-budget-extended/article-102803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में कहा कि जल जीवन मिशन का कुल बजटीय परिव्यय बढ़ाकर 67,000 करोड़ रुपए कर मिशन की अवधि को 3 साल बढ़ाया गया है। सीतारमण ने कहा कि जल जीवन मिशन की अवधि तीन साल बढ़ा दी है और अब 2028 तक सभी घरों को जल जीवन मिशन के तहत 2028 तक स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाएगा। इस मिशन की शुरुआत की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को लालकिला की प्राचीर से की थी और इसके तहत 2024 तक देश के सभी घरों को नल से स्वच्छ उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन अभी योजना के तहत सभी घरों को नल से स्वच्छ जल नहीं पहुंच रहा है इसलिए मिशन की अवधि बढाई गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश की ग्रामीण आबादी के 80 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करने वाले 15 करोड़ लोगों को 2019 से जल जीवन मिशन से फायदा हुआ है। मिशन के तहत नल से पेयजल उपलब्ध कराया जाता है और इसका मकसद अगले तीन वर्षों में शत-प्रतिशत लोगों को नल का पेयजल उपलब्ध कराना है। सीतारमण ने सूचित किया कि इस मिशन का मुख्य ध्यान अवसंरचना की गुणवत्ता और जन भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप से जल आपूर्ति योजना के प्रचालन और रखरखाव पर होगा। राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पृथक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किया जाएगा ताकि इसकी सभी घरों के लिए स्वच्छ जल सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 15:22:36 +0530</pubDate>
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                <title>जल जीवन मिशन की प्रगति धीमी, समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और संवेदकों द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण जल जीवन मिशन की प्रगति धीमी रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/progress-of-jal-jeevan-mission-slow-request-to-extend-deadline/article-102199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/jal-jeevan-mission-jjm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और संवेदकों द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण जल जीवन मिशन की प्रगति धीमी रही है। सामग्री की बढ़ती लागत और निविदाओं में अधिक दरों के कारण कई निविदाएं निरस्त कर पुनः स्वीकृत करनी पड़ीं, जिससे मिशन में देरी हुई। जल जीवन मिशन को मार्च 2024 तक पूरा करना था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार ने इसकी समय सीमा 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी है।</p>
<p>जलदाय विभाग ने फील्ड में सतत निगरानी और पर्यवेक्षण करते हुए कार्यों की गति बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। बजट की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, मिशन की समय सीमा 2026 तक बढ़ाने के लिए जल शक्ति मंत्रालय को अनुरोध किया गया है। मिशन के तहत कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सवाल भी उठे हैं। अब तक 17 मामलों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप दर्ज हुए हैं। दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। मिशन की सफलता के लिए राज्य सरकार कड़ी निगरानी और उचित कदम उठाने के प्रयास कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 15:30:47 +0530</pubDate>
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