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                <title> gdp - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> gdp RSS Feed</description>
                
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                <title>पहली तिमाही में 7.8% रही जीडीपी विकास दर, कृषि और सेवा क्षेत्र का बेहतरीन प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर बढ़कर 7.8% पर पहुंच गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gdp-growth-rate-of-78-in-the-first-quarter-is/article-125215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/o5er-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कृषि और सेवा क्षेत्र के दमदार प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर बढ़कर 7.8% पर पहुंच गई। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े में बताया गया है कि पहली तिमाही में स्थिर मूल्य पर देश का जीडीपी 47.89 लाख करोड़ रहा जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 44.42 लाख करोड़ से 7.8% अधिक है। यह वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही के बाद की सबसे बड़ी वृद्धि दर है। वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में जीडीपी विकास दर 6.5 प्रतिशत रही थी।</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में हुई वृद्धि :</strong></p>
<p>चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जिन क्षेत्रों में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई उनमें कृषि, पशुपालन, वानिकी एवं मत्स्य पालन की विकास दर 3.7% रही जबकि एक साल पहले यह 1.5% रही थी। वित्त, रियल एस्टेट एवं पेशेवर सेवाओं की विकास दर 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 9.5 प्रतिशत हो गयी। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण से संबंधित सेवाओं की वृद्धि दर एक साल पहले की 5.4 प्रतिशत मुकाबले 8.6 प्रतिशत रही।  इसके अलावा, पहली तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही जो पिछले साल समान तिमाही में 7.6 प्रतिशत पर थी।</p>
<p><strong>यूटिलिटी सेवाओं की विकास दर में बड़ी गिरावट :</strong></p>
<p>बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य यूटिलिटी सेवाओं की विकास दर में बड़ी गिरावट देखी गई और यह 0.5% पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 10.2 प्रतिशत रही थी। खनन क्षेत्र की विकास दर शून्य से 3.1 प्रतिशत नीचे रही यानी इस क्षेत्र में गतिविधियों में गिरावट रही। एक साल पहले इसकी विकास दर 6.6 प्रतिशत रही थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 10:50:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीडीपी आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर, बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार ने देखा काफी उतार-चढ़ाव </title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू शेयर बाजार की नजर अगले सप्ताह अमेरिका के बजट घाटे, मुद्रास्फीति आंकड़े और बेरोजगारी दावों के साथ ही समाप्त वित्त वर्ष के भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ों पर रहेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-market-will-be-eyeing-gdp-data-last-week-the/article-115395"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/share-market-011.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। वैश्विक स्तर पर भू-राजनैतिक तनाव और बॉन्ड बाजारों में उथल-पुथल से हुई भारी बिकवाली के दबाव में बीते सप्ताह आधे प्रतिशत से अधिक लुढ़के घरेलू शेयर बाजार की नजर अगले सप्ताह अमेरिका के बजट घाटे, मुद्रास्फीति आंकड़े और बेरोजगारी दावों के साथ ही समाप्त वित्त वर्ष के भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ों पर रहेगी। </p>
<p>बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 609.51 अंक अर्थात 0.74 प्रतिशत का गोता लगाकर सप्ताहांत पर 81721.08 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 166.65 अंक यानी 0.7 प्रतिशत की गिरावट लेकर 24853.15 अंक पर आ गया। समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों के विपरीत मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में मिलाजुला रुख रहा। इससे मिडकैप 144.42 अंक अर्थात 0.32 प्रतिशत कमजोर होकर सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस को 44861.42 अंक पर आ गया जबकि स्मॉलकैप 475.68 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 51521.42 अंक हो गया। विश्लेषकों के अनुसार, बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार ने काफी उतार-चढ़ाव देखा। इसका मुख्य कारण वैश्विक बॉन्ड बाजारों में उथल-पुथल और भू-राजनीतिक तनाव रहे। </p>
<p>सप्ताह की शुरुआत मजबूत रही, लेकिन अमेरिका में कमजोर ट्रेजरी नीलामी और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने वैश्विक जोखिम-मुक्त धारणा को प्रबल किया, जिससे सप्ताह के मध्य में सेंसेक्स और निफ्टी में तेज बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका और जापान दोनों में बढ़ते बॉन्ड यील्ड से निवेशकों की चिंता गहराई क्योंकि इससे उभरते बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) का सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर पलायन हो सकता है। इस बीच, अमेरिका द्वारा कंपनियों को चीन खासकर हुवेई टेक्नोलॉजीज के निर्मित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चिप्स को इस्तेमाल से रोकने के फैसले ने चीन के साथ व्यापार तनाव को और बढ़ा दिया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इस कदम को ‘एकतरफा बदमाशी’ बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया और सख्त प्रतिशोध की चेतावनी दी। इस व्यापारिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक संकेतकों के मिश्रित रुझानों ने बाजार धारणा को अस्थिर किया। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारी बिकवाली के बीच भी उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया। इसका श्रेय घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) और खुदरा निवेशकों की मजबूत खरीददारी को है, जो भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं में भरोसे को दर्शाता है।</p>
<p>आने वाले समय में भारत में सामान्य मानसून की उम्मीदें कृषि उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ाती हैं, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति पर नियंत्रण संभव है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी महंगाई के दबाव में कमी आने की उम्मीद है। यह परिदृश्य भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को अपनी उदार मौद्रिक नीति बनाए रखने की गुंजाइश देता है, जिससे भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना बन सकती है। अगले सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिका के बजट घाटे, महंगाई आंकड़ों और बेरोजगारी दावों के साथ-साथ भारत के वित्त वर्ष 2024-25 के जीडीपी आंकड़ों पर रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। घरेलू और वैश्विक दोनों कारकों के बीच संतुलन साधते हुए भारतीय बाजार का लचीलापन आने वाले सप्ताहों में फिर से परखा जाएगा।  </p>
<p>बीते सप्ताह बाजार में दो दिन तेजी जबकि तीन दिन गिरावट रही। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज के अमेरिकी सरकार की रेटिंग घटाए जाने से वैश्विक धारणा कमजोर पड़ने के दबाव में स्थानीय स्तर पर आईटी, टेक और फोकस्ड आईटी समेत आ समूहों में हुई बिकवाली से सोमवार को सेंसेक्स 271.17 अंक लुढ़ककर 82,059.42 अंक और निफ्टी 74.35 अंक टूटकर 24945.45 अंक पर आ गया।  विश्व बाजार में तेजी के बावजूद स्थानीय स्तर पर ऊंचे भाव पर हुई चौतरफा भारी मुनाफावसूली से मंगलवार को शेयर बाजार में कोहराम मच गया। सेंसेक्स 872.98 अंक का गोता लगाकर 81,186.44 अंक और निफ्टी 261.55 अंक की गिरावट लेकर 24683.90 अंक पर बंद हुआ।  विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत पिछले लगातार तीन सत्रों की गिरावट से उबरकर बुधवार को शेयर बाजार आधे प्रतिशत से अधिक उछल गया। सेंसेक्स 410.19 अंक की छलांग लगाकर 81,596.63 अंक और निफ्टी 129.55 अंक की तेजी के साथ 24813.45 अंक पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कर और व्यय विधेयक से अमेरिका के सार्वजनिक ऋण में भारी बढ़ोतरी होने तथा ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ने की आशंका से विश्व बाजार में आई गिरावट से हतोत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से गुरुवार को सेंसेक्स 644.64 अंक टूटकर 80,951.99 अंक और निफ्टी 203.75 अंक कमजोर रहकर 24609.70 अंक पर आ गया। विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर इटरनल, एलटी, रिलायंस, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और मारुति समेत 29 दिग्गज कंपनियों में हुई लिवाली की बदौलत शुक्रवार को सेंसेक्स 769.09 अंक की छलांग लगाकर 81,721.08 अंक और निफ्टी 243.45 अंक की तेजी लेकर 24853.15 अंक पर बंद हुआ।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 13:11:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>निर्मला सीतारमण ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण : जीडीपी में 6.3-6.8 प्रतिशत के बीच वृद्धि का अनुमान, सेवा व्यापार अधिशेष ने व्यापार संतुलन को दी स्थिरता </title>
                                    <description><![CDATA[सरकार की ओर से संसद में पेश वित्त वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वे में वित्त वर्ष के दौरान भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.3 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत के बीच वृद्धि होने का अनुमान लगाया गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nirmala-sitharaman-introduced-the-economic-survey-gdp-to-estimate-the/article-102665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/6622-copy138.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार की ओर से संसद में पेश वित्त वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वे में वित्त वर्ष के दौरान भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.3 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत के बीच वृद्धि होने का अनुमान लगाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा के सदन पटल पर प्रस्तुत आर्थिक सर्वे 2024-25 में कहा कि प्रमुख ढांचा क्षेत्रों पर केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2023-24 के बीच 38.8 प्रतिशत बढ़ा। </p>
<p>सर्वेक्षण में कहा गया कि यह मजबूत ढांचे के विकास और आवास की मांग से प्रेरित एक प्रभावशाली उपलब्धि है। सर्वेक्षण के अनुसार भारत के सेवा व्यापार अधिशेष ने समग्र व्यापार संतुलन को स्थिरता प्रदान की है। देश का मजबूत सेवा क्षेत्र वैश्विक सेवा निर्यात में भारत को 7वां सबसे बड़ा सेवा निर्यातक बनने की दिशा में प्रेरित किया है, जो इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारत के सेवा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता को रेखांकित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 14:33:24 +0530</pubDate>
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