<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rvtr-4/tag-53257" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>rvtr-4 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/53257/rss</link>
                <description>rvtr-4 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रामगढ़ टाइगर रिजर्व में दो बाघों में खूनी संघर्ष, आरवीटीआर-4 की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[हार्ड रिलीज के कुछ दिनों बाद ही नंदपुरा की पहाड़ी पर लहुलूहान हालत में मृत मिला बाघ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bloody-fight-between-two-tigers-in-ramgarh-tiger-reserve--death-of-rvtr-4/article-102692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(3)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रामगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ आरवीटीआर-4 का शव शुक्रवार सुबह लहुलुहान हालत में मिलने से हड़कम्प मच गया। 6 महीने में ही दो बाघों की संदिग्ध मौत होने से रामगढ़ का प्रबंधन सवालों के कटघरे में आ गया। आरवीटीआर-4 की मौत टेरिटोरियल फाइट में होना बताया जा रहा है। हालांकि, स्पष्ट कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा। इस बाघ को तीन महीने पहले ही सरिस्का टाइगर रिजर्व की टीम ने हरियाणा से रेस्क्यू कर रामगढ़ में शिफ्ट किया था।</p>
<p><strong>दो दिन से एक ही जगह आ रही थी लोकेशन </strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बाघ आरवीटीआर-4 की मौत तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। रेडियो कॉलर  के सिग्नल दो दिन से एक ही जगह मिल रहे थे। बाघ की लोकेशन जैतपुर रेंज की नंदपुरा पहाड़ी पर रही। खतरे की संभावना को देखते हुए ट्रैकिंग टीम मौके पर पहुंची तो आरवीटीआर-4 लहुलूहान हालत में मृत पड़ा था।बताया जा रहा है, आरवीटीआर-4 का सामना अपने से दोगुनी उम्र के आरवीटीआर-1 से हुआ। जहां दोनों में टेरिटोरियल फाइट हुई, जिसमें आरवीटीआर-4 की मौत हो गई।</p>
<p><strong>हार्ड रिलीज करने के 26 दिन बाद ही मौत</strong><br />बाघ आरवीटीआर-4 को जैतपुर रेंज में बजालिया सॉफ्ट एनक्लोजर से गत 4 जनवरी को 26 दिन पहले ही हार्ड रिलीज किया गया था। यह अपनी टेरिटेरी बनाने के लिए इलाका छान रहा था। इस बीच इसने दो दर्जन से अधिक शिकार भी किए। कुछ दिनों से इसका मूवमेंट नंदपुरा की पहाड़ियों पर था। इस बीच उसका सामना 6 वर्षीय बाघ आरवीटीआर-1 से हुआ। जहां दोनों में खूनी संघर्ष हुआ। जिसमें आरवीटीआर-4 की मौत हो गई। लेकिन, वन्यजीव प्रेमियों ने टेरिटोरियल फाइट पर संशय जताते हुए कहा कि बाघों की संख्या के मुकाबले रामगढ़ का क्षेत्रफल कहीं ज्यादा है। ऐसे में टेरिटोरियल फाइट की संभावना नहीं बनती। वन अधिकारियों को मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करना चाहिए।</p>
<p><strong>हरियाणा से किया था रेस्क्यू</strong><br />यह बाघ सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर का था। यह वहां से निकल कर हरियाणा के झाबुआ में पहुंच गया था। सरिस्का प्रबंधन ने रणथम्भौर की मदद से गत वर्ष 10 नवम्बर को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया था। इसके बाद 11 नवंबर  को रामगढ़ की जैतपुर रैंज में 5 हैक्टेयर के पोर्टेबल एनक्लोजर में शिफ्ट किया था।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />प्रथम दृष्टया बाघ आरवीटीआर-4 की मौत आरवीटीआर-1 के साथ हुई टेरिटोरियल फाइट में होना सामने आ रहा है। वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।<br /><strong>-रामनारायण खैरवा, संभागीय मुख्य वनसंरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, वन विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bloody-fight-between-two-tigers-in-ramgarh-tiger-reserve--death-of-rvtr-4/article-102692</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bloody-fight-between-two-tigers-in-ramgarh-tiger-reserve--death-of-rvtr-4/article-102692</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 18:06:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/78-%283%2912.png"                         length="559681"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        