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                <title>भारत और नॉर्वे के बीच ‘ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ की नई शुरुआत: 9 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर, तीन महत्वपूर्ण पहलों की भी घोषणा </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के पीएम जोनास गाहर स्टोरे के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद 9 समझौतों और 3 पहलों की घोषणा की गई। दोनों देशों ने 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' को अपनाया है, जिसके तहत अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास, समुद्री सहयोग और हरित प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-beginning-of-green-strategic-partnership-between-india-and-norway/article-154320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modii.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। भारत और नॉर्वे ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए अपने संबंधों को "ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप" के स्तर तक उन्नत करने के साथ-साथ समुद्री सहयोग, हरित प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से नौ समझौतों और तीन पहलों की घोषणा की है। दोनों देशों ने "ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप" के संबंध में एक संयुक्त वक्तव्य को अपनाया।</p>
<p>नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के बीच सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने समुद्री सहयोग, हरित प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, डिजिटल विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से अनेक समझौतों और पहलों की घोषणा की। नार्वे ने भारत की हिन्द प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने की घोषणा की, जबकि भारत वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले "नॉर शिपिंग" कार्यक्रम में भारतीय मंडप के साथ भाग लेगा।</p>
<p>दोनों देशों के बीच सरकार-से-सरकार के स्तर पर तीन प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और नार्वें की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अन्वेषण में सहयोग के लिए रूपरेखा समझौता, भारत और नॉर्वे के विदेश मंत्रालयों के बीच डिजिटल विकास साझेदारी पर समझौता ज्ञापन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के लिए नॉर्वे के स्वास्थ्य एवं देखभाल सेवा मंत्रालय और भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच समझौता शामिल है।</p>
<p>व्यापार और संस्थागत सहयोग के तहत भी कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नॉर्वेजियन जियोटेक्निकल संस्थान के बीच सुरंग निर्माण, ढलान स्थिरता और क्षमता निर्माण से संबंधित विशेष परामर्श सेवाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा भारत के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग और नॉर्वे की अनुसंधान परिषद के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग पर समझौता हुआ।</p>
<p>वैज्ञानिक अनुसंधान और हरित प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद और नॉर्वे की सिंटेफ संस्था के बीच वर्ष 2026 से 2029 तक की गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए सहयोग समझौता किया गया। दोनों पक्षों ने समुद्री ऊर्जा, जिसमें अपतटीय पवन ऊर्जा भी शामिल है, पर संयुक्त कार्य कार्यक्रम के लिए एक परियोजना-विशिष्ट कार्यान्वयन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।</p>
<p>इसके अलावा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद तथा वैज्ञानिक एवं नवाचार अनुसंधान अकादमी ने नॉर्वे के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हरित परिवर्तन के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग पर संयुक्त आशय घोषणा को अपनाया। हैदराबाद स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान और नॉर्वे की एमराल्ड जियोमॉडलिंग एएस के बीच वैज्ञानिक और व्यावसायिक सहयोग के लिए भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन घोषणाओं और समझौतों को भारत और नॉर्वे के बीच हरित विकास, समुद्री सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान आधारित साझेदारी को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:31:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टी-20 सीरीज के लिए आस्ट्रेलिया टीम में बड़े बदलाव, फिलिप, मैक्डरमोट, ग्रीन और ड्वार्शुइस भारत आएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[ जोश फिलिप, बेन मैकडरमॉट, क्रिस ग्रीन और बेन ड्वार्शुइस को भारत में चल रही टी-20 सीरीज के आखिर मुकाबलों के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल किया जाएगा और कई खिलाड़ी स्वदेश लौटेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/big-changes-in-australia-team-for-t-20-series-philip-mcdermott/article-63051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/aus-new-te4a].png" alt=""></a><br /><p>सिडनी। जोश फिलिप, बेन मैकडरमॉट, क्रिस ग्रीन और बेन ड्वार्शुइस को भारत में चल रही टी-20 सीरीज के आखिर मुकाबलों के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल किया जाएगा और कई खिलाड़ी स्वदेश लौटेंगे। न्यू साउथ वेल्स और सिडनी थंडर के ऑफ स्पिनर क्रिस ग्रीन भारत में टी-20 टीम में बुलाए जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम में पदार्पण की संभावना हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज जोश फिलिप और बेन मैकडरमोट भी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बेन ड्वार्शुइस के साथ दौरे में शामिल हो रहे हैं। वहीं खिलाड़ियों का एक समूह मंगलवार को गुवाहाटी में तीसरे मैच के बाद स्वदेश रवाना हो रहा है।  सीन एबॉट, जोश इंग्लिस, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, स्टीवन स्मिथ और एडम जम्पा एकदिवसीय विश्वकप जीत के बाद स्वदेश लौट आएंगे। जबकि ट्रैविस हेड टीम में बने रहेंगे और ओपनिंग भी करेंगे। </p>
<p><strong>मैक्डरमोट और फिलिप भारत पहुंचे<br /></strong>मैक्डरमोट और फिलिप भारत पहुंच गए हैं जबकि ग्रीन और ड्वार्शुइस चौथे मैच के लिए रायपुर पहुंचने पर टीम से जुड़ेंगे। 30 वर्षीय ग्रीन ने टी-20 क्रिकेटर के रूप में जाने जाते है हालांकि पिछले 12 महीनों में वह न्यू साउथ वेल्स की शेफील्ड शील्ड टीम में एक नियमित खिलाड़ी हैं। बीबीएल में उन्होंने थंडर के लिए 29.56 की औसत और 7.14 की इकॉनमी रेट से 66 विकेट लिए हैं। क्रिस ग्रीन दुनिया भर में टी-20 मैच खेल चुके हैं। </p>
<p>विकेट कीपर हैं फिलिप<br />फिलिप पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज है उन्होंने 2021 की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना टी-20 खेला था। उन्होंने अपने दूसरे और तीसरे मैच में 45 और 43 रनों के साथ कुछ प्रभावशाली पारियां खेलीं। लेकिन वेस्ट इंडीज और बांग्लादेश के दौरे की अपनी अगली सात पारियों में 13 रन से अधिक नहीं बना सके। उन्होंने सीजन की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ए के लिए न्यूजीलैंड ए के खिलाफ शतक भी बनाया।</p>
<p><strong>सीरीज में 0-2 से पिछड़ी है आस्ट्रेलिया</strong><br />मैकडरमॉट उन लोगों में सबसे अनुभवी हैं, जिन्होंने पांच एकदिवसीय और 23 टी-20 मैच खेले हैं। उल्लेखनीय है कि तिरुवनंतपुरम में भारत से हार के बाद आॅस्ट्रेलिया सीरीज में 2-0 से पीछे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Nov 2023 12:08:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स हरा, छोटी और मझौली कंपनियों में बिकवाली से शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sensex-green-the-stock-markets-growth-slowed-down-due-to-selling-in-small-and-medium-companies/article-12679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sensex5.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। <br /><br />बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 237.42 अंकों की तेजी के साथ 51597.84 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 56.65 अंकों की बढ़त के साथ 15350.15 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों में लिवाली से जहां सेंसेक्स को बढ़त हासिल करने में मदद मिली वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में जमकर बिकवाली की गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.95 प्रतिशत उतरकर 20999.37 अंक पर और स्मॉलकैप 2.95 प्रतिशत गिरकर 23422.16 अंक पर रहा। <br /><br />बीएसई में कुल मिलाकर 3578 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2725 को नुकसान हुआ जबकि 689 बढ़त हासिल करने में सफल रही। इस दौरान 164 कंपनियां उतार चढ़ाव के बीच स्थिर रही।<br /><br />बीएसई में शामिल अधिकांश समूह लाल निशान में दिखे जिसमें धातु में सबसे अधिक 4.46 प्रतिशत की गिरावट रही। इसी तरह से तेल एवं गैस में 3.48 प्रतिशत, एनर्जी में 3.26 प्रतिशत, बेसिक मटेरियल्स में 2.30 प्रतिशत और कैपिटल गुड्स में 2.14 प्रतिशत की गिरावट रही। बीएसई में शामिल मात्र चार समूह ही बढ़त में रहा जिससे सेंसेक्स हरे निशान में रहा। इसमें एफएमसीजी 1.21 प्रतिशत, वित्त 0.32 प्रतिशत, सीडी 0.41 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.17 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />वैश्विक स्तर पर यूरोपीय बाजार में तेजी रही जबकि एशियाई बाजार मिश्रित रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.99 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.42 प्रतिशत की बढ़त में रहा। इस दौरान जापान का निक्केई 0.74 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.04 प्रतिशत उतर गया। <br /><br />बीएसई का सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 51470.03 अंक पर खुला। शुरूआती कारोबार में ही सेंसेक्स ने बढ़क को गंवाकर 51062.93 अंक के निचले स्तर तक उतरा लेकिन इसके बाद फिर से लिवाली शुरू हुयी। उतार चढ़ाव के बीच सत्र के अंतिम समय में यह लिवाली के बल पर 51714.61 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। अंत में यह पिछले दिवस के 51360.42 अंक की तुलना में 237.42 अंक अर्थात 0.46 प्रतिशत बढ़कर 51597.84 अंक पर रहा। <br /><br />एनएसई का निफ्टी 41अंकों की बढ़त के साथ 15334.50 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 15191.10 अंक के निचले स्तर तक टूटा लेकिन लिवाली के बल पर यह 15382.50 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में यह पिछले दिवस के 15293.50 अंक की तुलना में 0.37 प्रतिशत अर्थात 56.65 अंक बढ़कर 15350.15 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल 50 कंपनियों में से 27 हरे निशान में और 23 लाल निशान में रही। <br /><br />सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 17 हरे निशान में और 13 लाल निशान में रही। बढ़त में रहने वालों में एचडीएफसी 3.97 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनिलवर 3.95 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 2.96 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.96 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.47 प्रतिशत, विप्रो 2.30 प्रतिशत, इंफोसिस 1.95 प्रतिशत, नेस्ले इंडिया 1.68 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.47 प्रतिशत, सन फार्मा 1.44 प्रतिशत, टाइटन 1.40 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.82 प्रतिशत, टीसीएस 0.78, कोटक बैंक 0.27प्रतिशत, डॉ रेड्डीज 0.23 प्रतिशत, आईटीसी 0.23 प्रतिशत और एचसीएलटेक 0.11 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />गिरावट में रहने वालों में टाटा स्टील 5.03 प्रतिशत, इंड्सइंड बैंक 2.92 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.17 प्रतिशत, रिलायंस 1.80 प्रतिशत, पावरग्रिड 1.56प्रतिशत, महिंद्रा 1.54प्रतिशत, स्टेट बैंक 1.53 प्रतिशत, एल टी 1.23 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.20 प्रतिशत , मारूति 0.40 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.39 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 0.38 प्रतिशत और एयरटेल 0.36 प्रतिशत शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 19:10:25 +0530</pubDate>
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                <title>शाले मोहम्मद ने हाजियों की बस को दिखाई हरी </title>
                                    <description><![CDATA[ नई दिल्ली में तुर्कमान गेट स्थित हज हाउस पर राजस्थान के अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद ने शिरकत कर सभी हाजियों से मुलाकात की और उनकी बस को हरी झंडी दिखाकर एयरपोर्ट के लिए रवाना किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/shale-mohammad-showed-green-to-haji-s-bus/article-12432"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/shalle-mohmaad.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर।</strong> नई दिल्ली में तुर्कमान गेट स्थित हज हाउस पर राजस्थान के अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद ने शिरकत कर सभी हाजियों से मुलाकात की और उनकी बस को हरी झंडी दिखाकर एयरपोर्ट के लिए रवाना किया। उनके साथ राजस्थान स्टेट हज कमेटी के मेंबर अब्दुल हकीम खान, अधिशासी अधिकारी महमूद खान, दिल्ली हज कमेटी अधिशासी अधिकारी जावेद आलम, मेंबर शहला अब्बास, सोनू कुरैशी और जब्बार खान भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 13:10:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हरे निशान के साथ शेयर बाजार की शुरूआत</title>
                                    <description><![CDATA[ गिरावट के दौर में चल रहे शेयर बाजार में गुरुवार को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 477.52 अंक की बढ़ोतरी के साथ 53,018.91 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 31.1 अंक चढ़कर 15,723.25 अंक पर खुला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/open-stock-market-started-with-green-mark/article-12333"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/profit_660x450_130320025636_200320051312_250320031603.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">मुंबई</span>।</strong> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">गिरावट के दौर में चल रहे शेयर बाजार में गुरुवार को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स </span>477.52<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंक की बढ़ोतरी के साथ </span>53,018.91<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी </span>31.1<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंक चढ़कर </span>15,723.25<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंक पर खुला। हरे निशान के साथ खुले शेयर बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बीएसई का मिडकैप </span>193.37<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंकों की बढ़त के साथ </span>22,148.65<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंक पर और स्मॉलकैप </span>206.72<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंक बढ़कर </span>25,272.62<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अंकों पर खुला। उल्लेखनीय है कि बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बुधवार को </span>152.18 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अंक टूटकर </span>52541.39 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी </span>39.95 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अंक फिसलकर </span>15692.15 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अंक पर आया।<br /></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 13:34:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ई-वेस्ट पॉलिसी जल्द आएगी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। राजस्थान में खनन क्षेत्र को 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करना चाहिए। राज्य में बड़ी संख्या में छोटी और बड़ी माइंस हैं, यदि वे 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करते हैं, तो इससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-waste-policy-will-come-soon/article-11621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/conference-group.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में खनन क्षेत्र को 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करना चाहिए। राज्य में बड़ी संख्या में छोटी और बड़ी माइंस हैं, यदि वे 33 प्रतिशत ग्रीन कवर सुनिश्चित करते हैं, तो इससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। यह बात राजस्थान ज्य प्रदूराषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान सरकार के चेयरमैन सुधांश पंत ने कही। वह जयपुर में कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘द 7आर्स कॉन्फ्रेंस रोडमैप फॉर ए ग्रीनर टुमॉरो’ के 5वें संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।  पंत ने कहा कि राजस्थान सरकार ई.वेस्ट पॉलिसी लेकर आ रही है।</p>
<p>जिसका ड्राफ्ट तैयार है और इसे हितधारकों के साथ उनकी टिप्पणियों और सुझावों के लिए साझा किया गया है। सीईओ और डब्ल्यूटीडी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अरुण मिश्रा ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। ऊर्जा के इस स्रोत की क्षमता का बेहतर और प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए। सेंट.गोबेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ग्लास सॉल्यूशंस एंड स्ट्रेटेजिक प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशकए आइजनहावर स्वामीनाथन ने कहा कि आज के समय में बिल्डिंग्स पर्यावरण की समस्या का एक हिस्सा हैं। कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन बहुत अधिक है। डिप्टी हैड ऑफ  प्लांट ऑपरेशंस हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड मुकेश गोयल ने कहा कि पृथ्वी केवल एक ही है। यह बात किसी को भूलनी नहीं चाहिए। पेरिस जलवायु समझौते में, दुनिया भर के 700 शहरों के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों को भी ने उत्सर्जन में कटौती के लिए प्रतिबद्ध हैं। पंत ने ग्रीन रेटिंग कंपनियों को भी पुरस्कार प्रदान किए जो ग्रीन-फ्रेंडली प्रोसेस को अपना रही हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 14:27:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>पाले से सब्जियां चौपट, टमाटर, हरी मिर्च, फूल गोभी के दाम बढ़े</title>
                                    <description><![CDATA[किसान हताश और उपभोक्ता भी परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61c81f53209cd/article-3540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/vegetables-1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हिमालय से आई सर्द हवाओं से खेतों में गिरे पाले से सब्जियां पूरी तरह तबाह हो गई थी। इसका असर अब सब्जियों के बढ़ते हुए भावों में देखा जा रहा है। टमाटर, फूलगोभी, मटर, हरी मिर्च, बैंगन सभी के भाव थोक और खुदरा में दोगुने से अधिक हो गए हैं। किसान नन्दकिशोर चौधरी ने बताया कि खेतों में चार दिन गिरे पाले से सब्जियां पूरी तरह खराब हो गई है। पाले का असर अगेती गेहूं की फसल पर भी देखा जा रहा है। जबकि उपभोक्ता सीमा बुन्देला ने बताया कि सब्जियों के बढ़ते हुए भाव ने गृहणी का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। <br /> <br /> <strong>सब्जी के थोक और खुदरा में भाव </strong><br />     एक सप्ताह पहले तक फूल गोभी थोक मण्डी में 18-20 रुपए किलो में उपलब्ध थी, जो अब थोक में बढ़कर 30 रुपए हो गई है, जबकि खुदरा में 50 से 60 रुपए किलो बिक रही है। <br />     हरी मिर्च थोक में दस रुपए किलो में आसानी से मिल जाती थी, लेकिन फसल में खराबा के बाद थोक में 15 -23 रुपए किलो में बिक रही है और खुदरा में 55 से 60 रुपए में उपलब्ध हंै। <br />     मटर के भावों में बड़ा इजाफा हुआ है। मटर थोक में 15-20 रुपए किलो में बिकता था, जो अब 25-30 रुपए थोक में और खुदरा में 60 रुपए किलो है। <br />     बैंगन थोक में आठ रुपए से बढ़कर 16-17 रुपए किलो में बिक रहा है। अब खुदरा में 40 रुपए किलो में है।</p>
<p><br /> पाले से सब्जियां खराब हो गई। इसका असर यह हुआ कि इनके थोक भाव में बेतहाशा वृद्धि हुई है। आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ेंगे। -<strong>राहुल तंवर, थोक विक्रेता, मुहाना मण्डी</strong><br /> <br /> पाले से खराब हुई सब्जियों के भाव में बढ़ोतरी हुई है। हरी मिर्च, टमाटर के बढ़े दामों ने उपभोक्ता को परेशान किया है।<br /> -<strong>वासु जसवानी, खुदरा विक्रेता, बस्सी, जयपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Dec 2021 14:20:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में जारी गिरावट पर लगा ब्रेक, लौटी तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक स्तर पर अधिकांश बड़े सूचकांक हरे निशान में रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95--%E0%A4%B2%E0%A5%8C%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80--%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82/article-3410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/sensex4.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर हुयी चौतरफा लिवाली के बल पर शेयर बाजार में जारी गिरावट पर मंगलवार को ब्रेक लग गया और इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में पहुंचने में सफल रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 497 अंक बढ़कर 56319.01 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 156.65 अंक उठकर 16770.85 अंक पर रहा। इस दौरान छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली का जोर रहा जिससे बीएसई का मिडकैप 1.43 प्रतिशत बढ़कर 24041.78 अंक पर और स्मॉलकैप 1.29 प्रतिशत चढ़कर 27869.12 अंक पर रहा। <br /><br />बीएसई के सभी समूह बढ़त में रहा जिसमें धातु में सबसे अधिक 2.99 प्रतिशत और सबसे कम वित्त में 0.48 प्रतिशत शामिल है। बीएसई में कुल 3431 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2281 में तेजी रही जबकि 1036 गिरावट में रहे और 114 में कोई बदलाव नहीं हुआ। <br /><br />वैश्विक स्तर पर अधिकांश बड़े सूचकांक हरे निशान में रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.79 प्रतिशत, जर्मनी का डेक्स 0.63 प्रतिशत, जापान का निक्केई 2.08 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.0 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.88 प्रतिशत की बढ़त में रहा। बीएसई का सेंसेक्स करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 56 हजार अंक के स्तर के पार 56320.02 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह लिवाली के बल पर 56900.79 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा लेकिन अंतिम सत्र में हुयी मुनाफावसूली से यह 56047.22 अंक के निचले स्तर तक उतरा। अंत में यह पिछले दिवस के 55822.01 अंक की तुलना में 0.89 प्रतिशत अर्थात 497 अंक बढ़कर 56319.01 अंक पर रहा। <br /><br />एनएसई का निफ्टी करीब 160 अंकों की बढ़त के साथ 16773.15 अंक पर खुला। लिवाली के बल पर यह 16939.40 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा और बिकवाली के दबाव में यह 16688.25 अंक के निचले स्तर तक उतरा। अंत में यह पिछले दिवस के 16614.20 अंक की तुलना में 0.94 प्रतिशत अर्थात 156.65 अंक चढ़कर 16770.85 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल कंपनियों में से 39 हरे निशान में और 11 लाल निशान में रही। सेंसेक्स में बढ़त में रहने वालों में एचसीएलटेक 3.91 प्रतिशत, टाटा स्टील 2.98 प्रतिशत, टेक मङ्क्षहद्रा 2.29 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.24 प्रतिशत, टाइटन 2.14 प्रतिशत, सन फार्मा नेस्ले इंडिया 1.77 प्रतिशत, एल टी 1.61 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 1.45 प्रतिशत, रिलायंस 1.44 प्रतिशत, इंड्सइंड बैंक 1.44 प्रतिशत, टीसीएस 1.44 प्रतिशत, एयरटेल 1.34 प्रतिशत, डॉ रेड्डीज 1.31 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 1.10 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.94 प्रतिशत, बजाज ऑटो 0.91 प्रतिशत, इंफोसिस 0.77 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनिलीवर 0.23 प्रतिशत, आईटीसी 0.12 प्रतिशत, एनटीपीसी 0.12 प्रतिशत, मारूति 0.07 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व 0.01 प्रतिशत शामिल है।  गिरावट में रहने वालों में पावरग्रिड 1.50 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.31 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.82 प्रतिशत, स्टेट बैंकम 0.75 प्रतिशत, मङ्क्षहद्रा 0.58 प्रतिशत, कोटक बैंक 0.29 प्रतिशत और एचडीएफसी 0.19 प्रतिशत शामिल है।  </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 21 Dec 2021 18:25:26 +0530</pubDate>
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                <title>कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार रथों को दिखाई हरी झंड़ी : राज्य में फसल बीमा पॉलिसियों की संख्या एक करोड़ पर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लगे पंख]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%9D%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%AA%E0%A4%B0/article-2826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/lalchand-katariya.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कृृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार के नवाचारों, निरन्तर प्रचार-प्रसार एवं किसानों को समय पर बीमा क्लेम का भुगतान करने से प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की लोकप्रियता में निरन्तर वृद्धि हुई है। राज्य में वर्ष 2020-21 में फसल बीमा पॉलिसियों की संख्या एक करोड़ से ऊपर पहुंच गई है। </p>
<p>कटारिया ने सोमवार को फसल बीमा योजना के प्रचार रथों को रवाना करते हुए बताया कि राज्य में वर्ष 2018-19 में लगभग 78 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल का फसल बीमा हुआ था, जो बढ़कर 20-21 में करीब 1 करोड़ 13 लाख हैक्टेयर हो गया है। इसी प्रकार फसल बीमा पॉलिसियों की संख्या 2018-19 में 72 लाख से बढ़ते हुए 20-21 में 1 करोड़ 7 लाख हो गई है। 3 साल में 80 लाख किसानों को 13 हजार करोड़ का क्लेम कृृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में पिछले 3 साल, में 80 लाख से ज्यादा किसानों को लगभग 13 हजार करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। हनुमानगढ़ जिले के अलावा रबी 2020-21 तक के समस्त बीमा क्लेमों का भुगतान किया जा चुका है।</p>
<p><br /> उन्होंने राज्यांश प्रीमियम भुगतान की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान सरकार ने अब तक के कार्यकाल में गत सरकार के बकाया राज्यांश प्रीमियम के साथ-साथ रबी 2020-21 तक के लिए समस्त राज्यांश प्रीमियम का भुगतान बीमा कम्पनियों को कर दिया है। खरीफ 2021 के लिए राज्यांश प्रीमियम भुगतान प्रक्रियाधीन है।<br /> <br /> <strong>राज्य के नवाचारों को केन्द्र सरकार ने अपनाया</strong></p>
<p>कटारिया ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बेहतर बनाने के लिए निरन्तर नवाचार किए जा रहे हैं। शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए बीमा कार्मिकों को जिला एवं तहसील में बैठने की व्यवस्था एवं एफएक्यू के रूप में लीफलेट वितरण जैसे नवाचारी कदम उठाए, जिन्हें केन्द्र सरकार की ओर से सभी राज्यों में अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोहरे बीमे तथा गैर कृषि भूमि पर फसल बीमा को रोकने के लिए राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल का भू-अभिलेख के साथ एकीकरण किया गया है।<br /> <br /> <strong>25 दिसम्बर तक चलेगा प्रचार अभियान</strong><br /> कृृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 7 बीमा कम्पनियों द्वारा फसल बीमा का काम किया जा रहा है। खरीफ में 19 तथा रबी में 17 फसलों का बीमा जिलों में बोई गई फसलों के हिसाब से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना का रबी के लिए आगामी 25 दिसम्बर तक प्रदेशभर में लगभग 250 से ज्यादा वैनों के द्वारा लीफलेट वितरण, पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, किसान गोष्टी एवं नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान योजना से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि काश्तकार अपनी फसलों का बीमा समय पर कराएं और यदि बोई गई फसल में कोई परिवर्तन किया है, तो संबंधित बैंक से सम्पर्क कर 29 दिसम्बर तक इसमें अवश्य परिवर्तन करा लें। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Nov 2021 15:50:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>दैनिक नवज्योति की खबर पर मुहर : सामान्य पटाखों पर रोक बरकरार रहेगी ग्रीन पटाखों से आतिशबाजी को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में सबसे पहले 6 अक्टूबर को दे दी थी जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%B9%E0%A4%B0---%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-1720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/19.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजस्थान में अब प्रदूषण रोकने के लिए सामान्य पटाखों पर तो प्रतिबंध जारी रखा है, लेकिन प्रदेश सरकार ने ग्रीन पटाखों को जलाने और आतिशबाजी करने की मंजूरी दे दी है। प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए त्योहारों-शादी ब्याह में आतिशबाजी पर रोक लगाने के आदेश दिए थे, जिसकी अनुपालना में सरकार ने प्रदेश में पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया था। दैनिक नवज्योति ने 6 अक्टूबर के अंक में ‘ग्रीन पटाखों से होगी आतिशबाजी, दिवाली पर प्रदूषण रूकेगा’  शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पाठकों को बताया था कि सरकार सामान्य पटाखों पर तो रोक जारी रखेगी, लेकिन आम जन की भावनाओं के साथ हजारों करोड़ के व्यापार और इससे जुड़े रोजगार को बचाने के लिए ग्रीन पटाखों को चलाने की जल्द मंजूरी देगी। तब हमने पाठकों को बताया था कि इसका गृह विभाग ने प्रस्ताव बनाकर सीएम अशोक गहलोत को मंजूरी के लिए भेज दिया है। शुक्रवार को अब गहलोत ने इसे मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश में ग्रीन पटाखों से दिवाली सहित अन्य मौकों पर आतिशबाजी की जा सकेगी। हालांकि सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में ग्रीन पटाखों के जलाने पर भी रोक बरकरार रखी है, क्योंकि एनसीआर क्षेत्र में आम दिनों में ही प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा रहता है।</p>
<p style="text-align:center;"> <br /> <br />     <strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;">एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण काफी ज्यादा, यहां ग्रीन पटाखों पर भी रहेगी रोक <br />     सीएम गहलोत की मंजूरी के बाद गृह विभाग ने जारी किए आदेश</span></span></strong></p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>खुशी की लहर:</strong></span></span> <strong>55 हजार पटाखा विक्रेताओं व 20 लाख लोगों का एक हजार करोड़ का रोजगार बचा</strong><br /> राजस्थान में पटाखों पर प्रतिबंध से एक हजार करोड़ का पटाखा व्यापार ठप हो गया था। पांच हजार स्थाई पटाखा लाइसेंस धारी, 50 हजार अस्थाई लाइसेंस धारी और अप्रत्यक्षत: पटाखों के व्यापार से 20 लाख लोगों का रोजगार छीन गया था। पटाखों पर प्रतिबंध से यह आर्थिक संकट मंडराने से मायूस थे। अब सरकार के ग्रीन पटाखों के बेचान से इन्हें भी फिर से सामान्य की जगह इन ग्रीन पटाखों से व्यापार फिर से पटरी पर आने की उम्मीदें धरातल पर साकार हो गई है। व्यापारियों के साथ आम जनता में भी आतिशबाजी की रियायत मिलने से खुशी की लहर है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>नीर-सीएसआईआर की मंजूरी जरुरी होगी, ग्रीन पटाखों की पहचान भी आसान होगी</strong></span></span><br /> काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च (सीएसआईआर)और नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट(नीर ) के वैज्ञानिकों ने ग्रीन पटाखों का फाूर्मला दो साल पहले ईजाद किया था। देश में जिन पटाखा फैक्ट्रियों के पास सीएसआईआर-नीर का ग्रीन पटाखा उत्पादन का लाइसेंस होगा, उसी कंपनी के पटाखों का बेचान हो सकेगा। प्रदेश में अभी 12 पटाखा उत्पादकों को यह प्रमाण पत्र दे दिया है। पटाखे ग्रीन रंगे के होंगे। पटाखों के बार-कोर्ड से इनके निर्माता और निर्माण के लाइसेंस का आसानी से पता लग सकता है। फर्जी बेचान पर अंकुश रहेगा। <br /> <br /> <strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;">महंगे होंगे, जलने पर प्रदूषण कम और खुशबू बिखेरेंगे</span></span></strong><br /> देश में अभी मात्र 500 के करीब पटाखा फैक्ट्रियां ही ग्रीन पटाखों का उत्पादन कर रही हैं। वहीं वैज्ञानिक आधार पर निर्माण के चलते इनकी कीमत भी आम पटाखों से ज्यादा होगी। इसके चलते बाजार में आम पटाखों से करीब दोगुनी कीमत होगी। आम पटाखों के जलने पर होने वाले प्रदूषण के मुकाबले इन पटाखों में एक तिहाई ही प्रदूषण होगा। आम पटाखों के जलने पर सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रेजन ड्राई ऑक्साइड उत्सर्जित होता है जो हवा में घुलकर प्रदूषण पैदा करते हैं। वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को घटाते हैं। इन पटाखों के जलने के बाद पानी की बूंदे या कण पैदा होंगे। सेफ वॉटर रिलीजर नाम के ग्रीन पटाखों से थोड़ा बहुत नाइट्रोजन-सल्फर निकलेगा, वह पानी की बूंदें सोख लेंगी। वहीं स्टार क्रेकर नाम के अन्य पटाखों से निर्माण में ऑक्सीडाइजिंग एजेंट काम में लिया जाता है। इससे सल्फर-नाइट्रोजन न्यून मात्रा में ही पैदा होगी। इसी तरह अन्य ग्रीन पटाखों में 50-60 फीसदी एल्यूमीनियम का कम इस्तेमाल होने से जलने पर प्रदूषण कम होगा। वहीं अरोमा क्रेकर्स नाम के ग्रीन पटाखों के जलने पर धुंआ की जगह खुशबू आएगी।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>आतिशबाजी का समय तय : दिवाली पर रात 8 से 10 बजे चला सकेंगे</strong></span></span><br /> ग्रीन पटाखों को चलाने की समयावधि भी सरकार ने तय की है। इसके तहत दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक आतिशबाजी की जा सकेगी। इसके अलावा क्रिसमस व नव वर्ष पर रात 11.55 से 12.30, गुरु पर्व पर रात 8 से 10 बजे तक, छठ पर्व पर सुबह 6 से प्रात: 8 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे। अन्य पर्वों-अवसरों पर गृह विभाग ग्रीन पटाखे चलाने के अलग से समयावधि, दिशा-निर्देश तय करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Oct 2021 11:24:12 +0530</pubDate>
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                <title>ग्रीन पटाखों से होगी आतिशबाजी, दिवाली पर प्रदूषण रुकेगा : गृह विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश, मंजूरी इसी सप्ताह</title>
                                    <description><![CDATA[55 हजार पटाखा विक्रेताओं को मिलेगी राहत, 20 लाख लोगों का रोजगार बचेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE---%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6--%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9/article-1450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/green-crackers-patakhe-.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में दीपावली पर प्रदूषण रोकने के लिए पटाखों पर लगाई रोक और हजारों करोड़ के व्यापार पर आए संकट को टालने के लिए सरकार ग्रीन पटाखों के मार्फत तोड़ निकालने जा रही है। न्यूनतम प्रदूषण करने वाले ग्रीन पटाखों को दीपावली सहित अन्य आयोजन पर चलाने को जल्द मंजूरी जल्द मिल सकती है। हाल ही में पटाखा व्यापारियों के आतिशबाजी को प्रतिबंधित किए जाने के बाद सरकार को ग्रीन पटाखों का विकल्प खोलने की मांग की थी, जिस पर अब सरकार ने गृह विभाग को इसकी मंजूरी का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली में पिछली साल आतिशबाजी पर रोक लगाई थी तो उसके बाद ग्रीन पटाखों को मंजूरी दी गई थी। अब प्रदेश में भी ग्रीन पटाखों को मंजूरी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंजूरी मिली तो प्रदेश में पांच हजार स्थाई और 50 हजार अस्थाई लाइसेंसधारी पटाखा विक्रेताओं के धंधे पर मंडराया संकट टल जाएगा। अप्रत्यक्षत: पटाखों के व्यापार से जुड़े 20 लाख लोगों के रोजगार की भी फिर से आस बंधेगी। प्रदेश में पटाखों के प्रतिबंध से अभी एक हजार करोड़ के व्यापार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।  <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> आसानी से पहचान होगी</strong></span></span><br /> पटाखों का कवर ग्रीन रंग और बार-कोड भी अंकित होगा। इन पटाखों के बार-कोड से इसके निर्माता और उसके पास निर्माण के लाइसेंस का आसानी से पता लग सकता है। इसके चलते नकली और घटिया ग्रीन पटाखों का अवैध धंधा भी रूक सकेगा।<br /> ग्रीन पटाखों से प्रदूषण कैसे रुकेगा</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चलने पर पानी निकलेगा-प्रदूषण सोखेगा :</strong></span></span><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong> सल्फर-नाइट्रोजन की धुंआ की जगह खुशबू आएगी</strong></span></span><br /> ग्रीन पटाखों में आम पटाखों से एक तिहाई ही प्रदूषण होता है। आम पटाखों के जलने पर सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रोजन ड्राई आॅक्साइड उत्सर्जित होता है, जो हवा में घुलकर प्रदूषण पैदा करते हैं। वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को घटाते हैं। ग्रीन पटाखों के जलने के बाद पानी की बूंदे या कण पैदा होंगे। सेफ वॉटर रिलीजर नाम के ग्रीन पटाखों से थोड़ा बहुत नाइट्रोजन-सल्फर निकलेगा, वह पानी की बूंदें सोख लेंगी। वहीं स्टार क्रेकर नाम के अन्य पटाखों से निर्माण में आॅक्सीडाइजिंग एजेंट काम में लिया जाता है। इससे सल्फर-नाइट्रोजन न्यून मात्रा में ही पैदा होगी। अन्य ग्रीन पटाखों में 50-60 फीसदी एल्युमीनियम का कम इस्तेमाल होने से जलने पर प्रदूषण कम होगा। वहीं अरोमा क्रेकर्स नाम के ग्रीन पटाखों के जलने पर धुंआ की जगह खुशबू आएगी। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दोगुनी होगी कीमत </strong></span></span><br /> देश में अभी मात्र 500 के करीब फैक्ट्रियां ही ग्रीन पटाखों का उत्पादन कर रही हैं। वहीं वैज्ञानिक आधार पर निर्माण के चलते इनकी कीमत भी आम पटाखों से ज्यादा होगी। इसके चलते बाजार में करीब दोगुनी कीमत पर मिलेंगे।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> नीर-सीएसआईआर की मंजूरी वाले पटाखों का ही बेचान</strong></span></span><br /> काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च (सीएसआईआर)और नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट(नीर) के वैज्ञानिकों ने ग्रीन पटाखों का फॉर्मूला दो साल पहले इजाद किया था। देश में जिन पटाखा फैक्ट्रियों के पास सीएसआईआर-नीर का उत्पादन लाइसेंस होगा, उसी कंपनी के पटाखों का बेचान हो सकेगा। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 10:47:03 +0530</pubDate>
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