<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/crackers/tag-5327" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>crackers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5327/rss</link>
                <description>crackers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तीन दिन में 85 से 100 करोड़ के पटाखे फोड़ देंगे कोटावासी</title>
                                    <description><![CDATA[चायनीज पटाखे मार्केट से साफ, इस बार ग्रीन पटाखों की ज्यादा बिक्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-residents-will-burst-crackers-worth-rs-85-to-rs/article-94119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(2)17.png" alt=""></a><br /><p> कोटा । शहर में दोपोत्सव की तैयारियां जोरो पर चल रही है। वहीं  दीपावली उत्सव के लिए लोग जमकर पटाखे खरीद रहे है। बाजार में अस्थाई पटाखों की दुकानें सज गई है। वहीं  पटाखों की बिक्री तेज हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से इस बार करीब 850 से अधिक लोगों को अस्थाई पटाखों की दुकानें सज गई है। शहर के विभिन्न इलाकों में  सजे आतिशबाजी बाजार में इस बार कई ईको फ्रेंडली पटाखे आए हैं, जो प्रदूषण रहित हैं। सबसे अधिक मांग पटाखों की 5000 वाली लड़ियों की है, जिसकी कीमत 4000 रुपए है। पांच मिनट में ही यह पटाखे स्वाहा हो जाएंगे।  विभिन्न स्थानों पर छोटी बड़ी करीब 800-850 से अधिक दुकानें सजी हुई है। इस बार सभी दुकानों पर ग्रीन पटाखे ही बिक रहे है। बाजार में इस बार चाइनीज पटाखे और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे बाजार में नहीं आए है। सभी जगह ग्रीन पटाखों के ही बोर्ड लगे नजर आ रहे है। इस बार पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए पटाखा कंपनियों ने बाजार में नॉन पॉल्यूशन वाले पटाखों की रेंज पेश की है। लोग भी ऐस ही पटाखे पसंद कर रहे है। बाजार में  हर वर्ग के लिए पटाखों की पूरी रेंज मौजूद है। लोगों को अधिक परेशान नहीं होना पड़े इसके लिए फेमिली पैक पटाखे भी बिक रहे है। इस बार बाजार में शिवाकाशी, अजमेर, किशनगढ़, करौली के आलवा कर्नाटक  माल आया है। व्यापारियों के अनुसार इस बार 80 से 85 करोड़ रुपए के व्यापार की आस लगाई जा रही है। जहां रिटल व्यापारी ने एक लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक माल रख रखा है वहीं होलसेल व्यापारियों ने 1 करोड़ से डेढ करोड़ रुपए तक माल मंगवाया है। </p>
<p><strong>ईको फ्रेंडली पटाखों की धूम</strong><br />ईको फ्रेंडली पटाखे बाजार में आए हैं। इसमें भारत टैंक, चॉकलेट, हैलीकॉप्टर, फोटो फ्लैश, टॉवर अनार, रेलवे सिग्नल अनार, कलर चेंजिंग बटर फ्लाई, कोठी, फुलझड़ी, मैजिक विप क्रेकलिंग आदि प्रमुख हैं। कलर चेंजिंग बटर फ्लाई चार रंग बिखेरेगी। रिंगकेक गन में विशेष प्रकार की टिकड़ी लगेगी, जो बच्चों के लिए सुरक्षित है। इसकी खासियत यह है कि यह एक साथ छह राउंड तक फायर कर सकती है। फुलझड़ियां भी ईको फ्रेंडली आईं हैं, इनमें से कलर निकलेगा। इस दौरान धुआं नहीं होगा। साथ ही क्लटर- 64 पटाखा 64 बार फूटेगा। जिसके जमीन से 450 फीट ऊपर जाकर फूटने के साथ ही रंग- बिरंगी आतिशबाजी होगी। 3000 हजार रुपए की कीमत वाले 240 स्काई शॉट की भी ग्राहकों में खासी मांग हैं। </p>
<p><strong>कोल्ड डिंक स्टाइल में अनार बिखेरेगा रंग</strong><br />पटाखा व्यापारी कालूराम ने बताया कि लॉलीपोप और कोल्ड ड्रिंक स्टाइल में अनार आए है, जिसमें रंग निकलेगा। जमीनचक्र में भी इस बार अलग-अलग रंग निकलेगा। मैजिक पॉप अनार में सिक्कों के रूप में चिंगारियां निकलेंगी। विशेष अनार कलर कोठी आई है, जो 22 फीट ऊंचाई तक जाएगी। 45 सैकंड तक रंग बिखेरेगी। मिसाइल 12 शॉट का पटाखा हैं, जो मिसाइल की तरह आवाज करता हुआ आसमान में गरजेगा। ईको फ्रेंडली पॉपकार्न चलाने पर रंग-बिरंगे पॉपकार्न चमकते हुए निकलते हैं। </p>
<p><strong>वंडर पोप अनार से स्टार बनेंगे</strong><br />दुकानदार दीपक कुमार ने बताया कि कलर फुल लट्टू घूमते हुए दिखाई देंगे। फ्लाईविल पटाखा कई फीट ऊंचाई पर जाकर गोल घूमता हुआ रोशनी बिखेरेगा। वंडर पोप अनार से स्टार बनेंगे। ये सभी पटाखे एवं अनार कम आवाज वाले हैं, लेकिन रंग व रोशनी ज्यादा बिखेरेंगे। सभी ईको फ्रेंडली हैं। रेम्बों कैंडल पेंसिल में सतरंगी छटा होगी। डबल मेस्टिका अनार आवाज करेगा और सितारे निकलेंगे। सायरन वाले अनार भी हैं।</p>
<p><strong> मिसाइल व राउंड वाली बंदूक चलेगी</strong><br />बाजार में इस बार कई तरह के पटाखे बिकने के लिए आए है। इसमें कलर फोटो अनार, कलर स्मोक, रोलर, कॉस्टर से लेकर मल्टी शॉट की पूरी रेंज उपलब्ध है। यहीं  नहीं बाजार में हेलीकॉफ्टर, पॉप पेंसिल फायर बर्ड, कलर बटर फ्लाई, मैट्रिक्स पेंसिल आदि उपलब्ध है।  बच्चों के लिए छोटे अनार, चिटपूट चकरी आदि की बिक्री हो रही है। बीड़ी बम की ज्यादा मांग हो रही है। राकेट काफी बिक रहे है। बाजार में कलर बटर फ्लाई 350  रुपए, फायर बर्ड 300 रुपए, हेलीकॉफ्टर 200 रुपए,  कलर अनार 360 से 500 रुपए तक बिक रहे। स्मोक 450 रुपए बिक रहा है। </p>
<p><strong>ग्रीन फ्लाई ड्रोन से लेकर आंधी तूफान बम की धूम</strong><br />शहर में इस बार चाइनीज पटाखे और बंदूके बाजार में बिकने नहीं आई है। सारा माल शिवा काशी से आया है। इस बार प्रदूषण मुक्त वाले ग्रीन पटाखे ही बाजार में बिकने आए। दस रुपए से लेकर 1500 रुपए रेंज के पटाखे बाजार में बिक रहे है। इस बार ग्रीन फ्लाई ड्रोन बच्चों बहुत पसन आ रहे है। 5 पीस का 260 रुपए के पैकेट में आकाश में ड्रोन की तरह पटाखा उड़ेगा और लाइट निकलेगी। वहीं आंधी तूफान सूतली बम की खासी डिमांड है। इसके अलावा ग्रीन पटाखों की पूरी रेंज बाजार में मौजूद है।  इस बार छोटे व्यापारियों ने 1 लाख रुपए तक माल मंगवाया है। वहीं खुदरा ने 1 से 10 लाख रुपए के बीच माल मंगवाया है। इस बार महंगाई के चलते पटाखों की रेट में 10 से 30 फीसदी की बढोत्तरी हुई है। <br /><strong>- भगवान खंडेलवाल, पटाखा व्यापारी </strong></p>
<p><strong>मोस्ट वांटेड पटाखे की धूम</strong><br />बजार में पांच हजार पटाखों की लडी जिसकी कीमत चार हजार रुपए है। जो पांच मिनट में जलकर स्वाह हो जाती है। इसके अलावा मोस्ट वांटेड पटाखे के एक पैकेट में तीन प्रकार की आतिशबाजी होती है जो 750 फीट ऊपर जाकर चकाचौंध कर करती है। लॉलीपोप और कोल्ड ड्रिंक स्टाइल में अनार आए है, जिसमें रंग निकलेगा। जमीनचक्र में भी इस बार अलग-अलग रंग निकलेगा। मैजिक पॉप अनार में सिक्कों के रूप में  चिंगारियां निकलेंगी। इस बार फैक्टरीमेड पटाखे ही बाजार में आए है। सरकार की रोक के चलते इस बार चीन निर्मित आतिशबाजी बाजार में बिकने नहीं आई है। <br /><strong>- भूपेंद्र गुप्ता पटाखा व्यापारी, कोटा</strong></p>
<p><strong>पटाखों पर 60 फीसदी की छूट</strong><br />उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला और नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि दीपावली के उपलक्ष्य में विभिन्न ब्रांडेड के पटाखों  के काउंटर घोड़े वाले चौराहा, रावतभाटा रोड के नागरिक सहकारी बैंक के पास, और शहर के विभिन्न स्थानों पर विशेष काउंटर लगाए गए हैं।   ग्रीन पटाखों केकिफायती दरों पर उपलब्ध हैं।   पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखे भी उपलब्ध हैं, जिनमें मुख्य आकर्षण शिवकाशी, तमिलनाडु के ग्रीन पटाखे हैं, जो आकर्षक छूट पर मिल रहे है। संस्थान के तीनों सुपरमार्केट्स महावीर नगर, स्टेशन क्षेत्र, और सब्जी मंडी में, साथ ही विशेष काउंटर जैसे घोड़ा वाला चौराहा, दादाबाड़ी बड़ा चौराहा, केनाल रोड स्थित प्रधान कार्यालय, तलवंडी, कुन्हाड़ी, बोरखेडा के शुभम रिसोर्ट और अन्य जगहों पर ब्रांडेड पटाखे उपलब्ध हैं।  पटाखों पर एमआरपी 60 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में करीब 850 लोगों को अस्थाई पटाखा विक्रय के लिए लाइसेंस जारी किए है। सभी को ग्रीन पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस जारी किए है। साथ सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम रखने और फायर सेफ्टी नियमों का पालना करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को भी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए। <br /><strong>- अनिल सिघल, एडीएम सिटी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-residents-will-burst-crackers-worth-rs-85-to-rs/article-94119</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-residents-will-burst-crackers-worth-rs-85-to-rs/article-94119</guid>
                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 14:25:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/630400-sizee-%282%2917.png"                         length="518643"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकाज </title>
                                    <description><![CDATA[चर्चा में रम और गम के पटाखे : चिन्ता दूसरी पीढ़ी की : तैयारी ढाई साल की : चांस ब्रेक लगने के : दिल है कि मानता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/-draft--add-your-title/article-1735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajkaj.jpg-13091.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चर्चा में रम और गम के पटाखे</strong></span></span><br /> सूबे में इन दिनों हाथ वाले भाई लोगों में पटाखों को लेकर काफी चर्चा है। इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने पर ग्रीन पटाखों की नहीं बल्कि रम और गम के पटाखों की चर्चा कुछ ज्यादा ही हैं। यहां आने वाला हर कोई वर्कर बतियाता है कि कई भाई लोगों के सपने थे कि इस बार दीपावली पर तो पटाखे छोड़े बिना नहीं रहेंगे, मगर शनि को दिल्ली से छन-छनकर आई खबरों के बाद उनके मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ठिकाने पर सालों से आ रहे बुजुर्गवार की मानें, तो जोधपुर वाले अशोक जी भाईसाहब अपने हिसाब से दीपावली के बाद आने देवउठनी एकादश के बाद बम पटाखे छोड़ेंगे, जिनकी आवाज दूर तलक जाए बिना नहीं रहेगी। कुर्सी के लिए दिन में सपने देखने वाले भाई लोग अभी तो लम्बी सांस के साथ गम और रम के पटाखे छोड़ते नजर आ रहे हैं। अब समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चिन्ता दूसरी पीढ़ी की</strong></span></span><br /> इन दिनों राज के कुछ रत्न अपनी दूसरी पीढ़ी के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। उनके लिए वे न रात देख रहे हैं और न ही दिन। रात को काम करने के लिए भी पसीने बहा रहे हैं। उनके उलटे सीधे कामों को ढाकने के लिए खाकी वालों तक के हाथ-पैर जोड़ रहे हैं। इस मामले में पिंकसिटी से ताल्लुकात रखने वाले एक रत्न तो दो कदम आगे हैं। पुत्र मोह में फंसे भाईसाहब न आगा देख रहे हैं और न ही पीछा। पुत्र भी काफी स्याणा है, जो रात दिन जमीन से ही जुड़ा रहता है। राज का काज करने वाले लंच केबिनों में बतियाते हैं कि पुत्र मोह में फंसे भाई साहब की मजबूरी है, वरना वो भी जानते है कि यह पब्लिक है, सब जानती है और सब पहचानती है कि उसको आगे क्या करना है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>तैयारी ढाई साल की</strong></span></span><br /> दिल्ली की सरकार के लिए जंग तो ढाई साल बाद होगी, लेकिन नेताओं ने अभी से पसीने बहाने शुरू कर दिए है। भारती भवन वालों ने तो बैठकों में चिंतन-मंथन का कलैण्डर तक बना लिया। अब देखो ना सूबे में उपचुनावों की आड़ में आगे की रणनीति पर काम भी शुरू हो गया। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर चर्चा है कि स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मैडम का नाम देखकर ही समझ गए कि सूबे में 2023 की जंग जीतने का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा। अब सोचने वाले तो आगे तक की भी सोच रहे हैं कि हाथ वालों की ओर से प्रियंका के आगे आने पर भगवा वाले भी अपनी रणनीति बदले बिना नहीं रहेंगे और अपनी ओर से सूबे वाली मैडम को ही आगे करेंगे, चाहे वह नंबर वन कुर्सी पर ही विराजमान हो।</p>
<p><strong><br /> </strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चांस ब्रेक लगने के</strong></span></span><br /> आजकल राज का काज करने वाले भाई लोगों के दिलों में एक डर बैठा हुआ है। उनका यह डर लंच टेबिलों पर कभी कभार वह जुबान पर आ ही जाता है। मामला भी गाड़ियों से जुड़ा है। जोधपुर वाले भाईसाहब कभी भी 17 साल पहले किए अपने एक फैसले का फरमान जारी कर सकते हैं। अब बीस गुणा ज्यादा बढ़ चुकी सरकारी गाड़ियों की स्पीड पर पेट्रोल की बढ़ती कीमत और मितव्ययता की आड़ में ब्रेक लगाने के चांस कुछ ज्यादा ही हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दिल है कि मानता</strong></span></span><br /> दिल तो दिल ही होता है। मान जाए, तो ठीक है, नहीं माने तो उस पर किसी का वश नहीं होता। कमल वाली पार्टी में वल्लभनगर और धरियावद के उपचुनाव के लिए उच्च स्तर पर दिल मिलाने की लाख कोशिशें की गई। लेकिन दिल केवल टिकट बांटने तक राजी हुआ। मैदान में प्रचार-प्रसार के लिए उदयपुर वाले भाईसाहब का दिल अभी तैयार ही नहीं है। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में चर्चा आम है कि दिलों में अभी भी दरार है। समझौता केवल दिखावटी है। दिल नहीं मिलने से वोटर भी मझदार में है। उन्होंने भी बिना दल वालों से दिल मिलाने की ठान ली है।</p>
<p> <strong>     एल एल शर्मा<br /> (यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://dainiknavajyoti.com/-draft--add-your-title/article-1735</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/-draft--add-your-title/article-1735</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 10:40:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/rajkaj.jpg-13091.jpg"                         length="62834"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रीन पटाखों से होगी आतिशबाजी, दिवाली पर प्रदूषण रुकेगा : गृह विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश, मंजूरी इसी सप्ताह</title>
                                    <description><![CDATA[55 हजार पटाखा विक्रेताओं को मिलेगी राहत, 20 लाख लोगों का रोजगार बचेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE---%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6--%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9/article-1450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/green-crackers-patakhe-.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में दीपावली पर प्रदूषण रोकने के लिए पटाखों पर लगाई रोक और हजारों करोड़ के व्यापार पर आए संकट को टालने के लिए सरकार ग्रीन पटाखों के मार्फत तोड़ निकालने जा रही है। न्यूनतम प्रदूषण करने वाले ग्रीन पटाखों को दीपावली सहित अन्य आयोजन पर चलाने को जल्द मंजूरी जल्द मिल सकती है। हाल ही में पटाखा व्यापारियों के आतिशबाजी को प्रतिबंधित किए जाने के बाद सरकार को ग्रीन पटाखों का विकल्प खोलने की मांग की थी, जिस पर अब सरकार ने गृह विभाग को इसकी मंजूरी का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली में पिछली साल आतिशबाजी पर रोक लगाई थी तो उसके बाद ग्रीन पटाखों को मंजूरी दी गई थी। अब प्रदेश में भी ग्रीन पटाखों को मंजूरी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंजूरी मिली तो प्रदेश में पांच हजार स्थाई और 50 हजार अस्थाई लाइसेंसधारी पटाखा विक्रेताओं के धंधे पर मंडराया संकट टल जाएगा। अप्रत्यक्षत: पटाखों के व्यापार से जुड़े 20 लाख लोगों के रोजगार की भी फिर से आस बंधेगी। प्रदेश में पटाखों के प्रतिबंध से अभी एक हजार करोड़ के व्यापार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।  <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> आसानी से पहचान होगी</strong></span></span><br /> पटाखों का कवर ग्रीन रंग और बार-कोड भी अंकित होगा। इन पटाखों के बार-कोड से इसके निर्माता और उसके पास निर्माण के लाइसेंस का आसानी से पता लग सकता है। इसके चलते नकली और घटिया ग्रीन पटाखों का अवैध धंधा भी रूक सकेगा।<br /> ग्रीन पटाखों से प्रदूषण कैसे रुकेगा</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चलने पर पानी निकलेगा-प्रदूषण सोखेगा :</strong></span></span><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong> सल्फर-नाइट्रोजन की धुंआ की जगह खुशबू आएगी</strong></span></span><br /> ग्रीन पटाखों में आम पटाखों से एक तिहाई ही प्रदूषण होता है। आम पटाखों के जलने पर सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रोजन ड्राई आॅक्साइड उत्सर्जित होता है, जो हवा में घुलकर प्रदूषण पैदा करते हैं। वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को घटाते हैं। ग्रीन पटाखों के जलने के बाद पानी की बूंदे या कण पैदा होंगे। सेफ वॉटर रिलीजर नाम के ग्रीन पटाखों से थोड़ा बहुत नाइट्रोजन-सल्फर निकलेगा, वह पानी की बूंदें सोख लेंगी। वहीं स्टार क्रेकर नाम के अन्य पटाखों से निर्माण में आॅक्सीडाइजिंग एजेंट काम में लिया जाता है। इससे सल्फर-नाइट्रोजन न्यून मात्रा में ही पैदा होगी। अन्य ग्रीन पटाखों में 50-60 फीसदी एल्युमीनियम का कम इस्तेमाल होने से जलने पर प्रदूषण कम होगा। वहीं अरोमा क्रेकर्स नाम के ग्रीन पटाखों के जलने पर धुंआ की जगह खुशबू आएगी। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दोगुनी होगी कीमत </strong></span></span><br /> देश में अभी मात्र 500 के करीब फैक्ट्रियां ही ग्रीन पटाखों का उत्पादन कर रही हैं। वहीं वैज्ञानिक आधार पर निर्माण के चलते इनकी कीमत भी आम पटाखों से ज्यादा होगी। इसके चलते बाजार में करीब दोगुनी कीमत पर मिलेंगे।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> नीर-सीएसआईआर की मंजूरी वाले पटाखों का ही बेचान</strong></span></span><br /> काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च (सीएसआईआर)और नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट(नीर) के वैज्ञानिकों ने ग्रीन पटाखों का फॉर्मूला दो साल पहले इजाद किया था। देश में जिन पटाखा फैक्ट्रियों के पास सीएसआईआर-नीर का उत्पादन लाइसेंस होगा, उसी कंपनी के पटाखों का बेचान हो सकेगा। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE---%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6--%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9/article-1450</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE---%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6--%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B9/article-1450</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 10:47:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/green-crackers-patakhe-.jpg"                         length="158439"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        