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                <title>action - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>888 में से 229 सैंपल फेल, 10.75 लाख का वसूला जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए  अब तक 55 मामलों में निर्णय आ चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/229-out-of-888-samples-fail--fines-worth-10-75-lakh-collected/article-150920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ व्यापक कार्यवाही देखने को मिली । जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक की 15 माह की अवधि में विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़े चौकाने वाले हैं। इस दौरान विभाग ने कुल 888 नमूने संग्रहित किए, जिनमें से 229 सैंपल फेल पाए गए। मिलावटखोरी के इन मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने अब तक 10 लाख <br />75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।</p>
<p><strong>दूध और घी-तेल के नमूनों पर रहा फोकस</strong><br />खाद्य विभाग की टीम ने इस अवधि में सबसे ज्यादा शिकंजा डेयरी उत्पादों और तेल-घी के कारोबारियों पर कसा। आंकड़ों के अनुसार, विभाग ने दूध के 54 और दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों के 203 नमूने लिए। वहीं, मिलावट की आशंका को देखते हुए घी व तेल के 194 सैंपल भरे गए। इसके अतिरिक्त अन्य मिठाइयों के 37 तथा 400 अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें से बड़ी संख्या में खाद्य सामग्री अमानक पाई गई, जिससे आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा था।</p>
<p><strong>न्यायिक प्रक्रिया में तेजी, 55 में फैसला</strong><br />नमूनों के फेल आने के बाद विभाग ने केवल नोटिस तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि 155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए। विभागीय सक्रियता का ही परिणाम है कि अब तक 55 मामलों में निर्णय भी आ चुका है, जिसमें दोषियों पर भारी आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मिलावट करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।</p>
<p><strong>25 प्रतिशत से अधिक सेम्पल को मिला चैलेन्ज</strong><br />कुल लिए गए नमूनों में से लगभग 25.7% नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिसको लेकर विभाग की कार्यवाहियों पर मिलावट के विरुद्ध सक्रियता की आवश्यकता को दर्शाता है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेन्द्र नागर का कहना है कि सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। पूरी टीम मौके पर जाती है। अनुभव व तकनीकी टीम के द्वारा संस्तुति के बाद ही सेम्पल लिया जाता है।</p>
<p><strong>67% में अदालती कार्यवाही</strong><br />भेजे गये खाद्य पदार्थो के सेम्पल की बात करें तो यहां फेल हुए 229 नमूनों में से 155 मामलों को तुरंत न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। जाेकि अभी विचारधीन है। ऐसे में विभाग द्वारा कार्यवाहियों के बाद न्यायालय में मामले की चुनौतियाें को लेकर किये गये प्रयासों में भी तेजी देखनें में आयी है। ऐसे में की गयी कार्यवाहियों की बात करें तो अदालत के द्वारा निर्णित मामलों के आधार पर देखा जाए तो औसतन 19,545 का जुर्माना प्रति उल्लंघनकर्ता लगाया गया।</p>
<p><strong>सघन जांच अभियान रहेगा जारी</strong><br />खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले गर्मी के दिनों में भी घी, तेल और दूध से बनी मिठाइयों की सैंपलिंग का दायरा और बढ़ाये जाने की बात कही जा रही है। डॉ. नागर ने बताया कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिये विभाग की कार्यवाहियां जारी रहेंगी।</p>
<p>सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। कार्यवाही करने के दौरान पूरी सर्तकता से कागजी कार्यवाही करवायी जाती है। हमारी विधि टीम भी कार्यवाहियों के लिये तैयारी करती है।<br /><strong>-डॉ. नरेन्द्र नागर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:21:47 +0530</pubDate>
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                <title>करोड़ों की सरकारी जमीन अभी भी अतिक्रमियों के कब्जे में, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[केडीए लगातार कार्रवाई कर करवा रहा जमीनों को अतिक्रमण मुक्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-land-worth-crores-still-under-the-control-of-encroachers/article-150917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(5)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस एक:</strong> कोटा विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने 13 अप्रैल को नदी पार क्षेत्र के तीरथ गांव में कार्रवाई करते हुए करीब 22 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।</p>
<p><strong>केस दो: </strong>केडीए की अतिक्रमण निरोधक टीम ने 11 अप्रैल को नदी पार क्षेत्र के नांता, बालिता, गिरधरपुरा, गामछ में अतिक्रमण के खिलाफ कर करीब 10 करोड़ की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।</p>
<p><strong>केस तीन:</strong> कोटा विकास प्राधिकरण की अतिक्रमण निरोधक टीम ने इसी साल 16 जनवरी को तालेड़ा क्षेत्र के तुलसी गांव में केडीए की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। जिससे करीब 2.50 करोड़ की जमीन को अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त कराया।</p>
<p>ये तो वे उदाहरण हैं जो हाल ही में कोटा विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण निरोधक दस्तों ने कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इनके अलावा भी शहर में सभी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में ऐसी सरकारी जमीनें हैं जिन पर अभी भी अतिक्रमियों के कब्जे हैं। करोड़ों-अरबों रुपए की बेशकीमती जमीनों पर बरसों से अतिक्रमण हो रहा है। जिन पर न तो अधिकारियों का ध्यान रहा और न ही पुलिस का। शहर में सबसे अधिक सरकारी जमीनों पर नदी पार क्षेत्र में अतिक्रमण व कब्जे हो रहे हैं।</p>
<p><strong>देवली अरब समेत कई जगह पर हुई कार्रवाई</strong><br />केडीए की ओर से पिछले कुछ समय से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई स्थायी रूप से और सरकारी व केडीए की जमीनों पर किए गए बरसों से अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही है। केडीए की ओर से 9 अप्रैल को देवली अरब क्षेत्र में कार्रवाई कर 0.16 हैक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए से अधिक है। इसी तरह से खेड़ा जगपुरा में 5.38 हैक्टेयर यानि करीब 33 बीघा जमीन को मुक्त कराया। इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं कंसुआ के शिव सागर थेगड़ा में भी सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन को मुक्त कराया। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए है।</p>
<p><strong>राम नगर में 35 भूखंड करवाए मुक्त</strong><br />केडीए अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उसी के तहत गत दिनों राम नगर पत्थर मंडी में प्राधिकरण की योजना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 35 भूखंडों व पार्क को अतिक्रमण से मुुक्त करवाया। जिनकी कीमत करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक है।वहीं धाकडख़ेड़ी व कंवरपुरा में भी बरसों से हो रहे अतिक्रमण को हटाकर 25 करोड़ की भूमि को मुक्त कराया गया।</p>
<p><strong>नए गांव व एरिया शामिल होने से मिली जमीन पर है अतिक्रमण</strong><br />केडीए के तहसीलदार सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि नगर विकास न्यास से कोटा विकास प्राधिकरण बनने के बाद शहर व आसपास के कई गांव व नए एरिया शामिल हुए हैं। जिनकी जमीन भी केडीए के खाते में आई है। ऐसे में वहां भी बड़ी संख्या में अतिक्रमण हो रहे हैं। शम्भूपुरा व बूंदी तक का क्षेत्र केडीए में शामिल हुआ है। यह पृूरा क्षेत्र नदी पार में आता है। ऐसे में इस क्षेत्र में ही करीब 12 हजार बीघा नई जमीन शामिल होने से यहां सबसे अधिक अतिक्रमण हो रहा है। इनके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी स्थायी अतिक्रमण हो रहे हैं। जिनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />केडीए सीमा में शामिल हुए नए एरिया में अधिक अतिक्रमण के मामले आ रहे हैं। केडीए टीम द्वारा अतिक्रणम के संबंध में नियमित सर्वे किया जा रहा है। उस सर्वे व अन्य लोगों के माध्यम से अतिक्रमण की जानकारी मिल रही है। उन जानकारियों के आधार पर हर महीने का शेड्यूल बनाकर अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में की गई कार्रवाई से करोड़ों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। उन जमीनों पर केडीए की ओर से प्लानिंग की जाएगी। जिससे केडीए की आय हो सके।<br /><strong>- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:20:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिरसी रोड का मामला : सड़क चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर कार्रवाई पर रोक, यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[रोड चौड़ीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं, जबकि JDA 160 फीट चौड़ी सड़क के लिए 300 मकान-दुकान हटाने की तैयारी में था। सिरसी पुलिया से मोड़ तक 4.5 किमी हिस्से में कार्रवाई तेज थी, जिस पर व्यापारी मुआवजा और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sirsi-road-case-instructions-to-stop-action-for-road/article-150862"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के सिरसी रोड पर प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। एक दिन पहले ही करीब 300 मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाए गए थे और अतिक्रमण हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई थी। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सिरसी पुलिया से सिरसी मोड़ तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे हिस्से में सड़क को मास्टर प्लान के मुताबिक 160 फीट चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा था। ये सड़क फिलहाल कई स्थानों पर 60 से 80 फीट चौड़ी है। इससे आवागमन प्रभावित होता है। इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी। इस मामले में स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए 15 दिन का समय मांगा था। व्यापारियों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग भी की थी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 11:04:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सड़क निर्माण से वास्तविक राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया रेलवे प्रशासन ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news-%E2%80%93-real-relief-through-road-construction/article-148369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रेलवे कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही मित्र मंडली और गंदगी की समस्या पर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। 11 अगस्त 2025 को इस मुद्दे पर प्रमुखता से प्रतिबंध लगा दिया गया जिसके बाद रेलवे प्रशासन में गड़बड़ी आई और कॉलोनी की मुख्य सड़क पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से उजाड़, जंगल और अर्थव्यवस्था से जूझ रहे थे। कॉलोनी की मुख्य सड़क के दोनों तरफ लंबे समय से भक्तों के माध्यम से रेत, मलबा और वेस्टेज कंटेंट में जा रही थी, जहां से रास्ता संवारा गया था। ऑटोमोबाइल, ऑटोमोबाइल, क्लासिक बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने माउज़ का निरीक्षण किया और सड़क की सफाई, समरूपता और नए स्तर का कार्य शुरू किया। अब निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिससे समशीतोष्ण गंदगी और कूड़ा-कचरा भी कम हो गया है।</p>
<p><strong>रहवासियों की प्रतिक्रिया</strong><br />हम काफी समय से इस समस्या से परेशान थे, लेकिन अब काम शुरू होने से राहत मिल गई है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी सड़क टूट जाएगी। बैल के दिनों में हालात और भी बुरे हो गए थे, लेकिन अब निर्माण कार्य शुरू होने से उम्मीद है कि स्थायी समाधान होगा।<br /><strong>- सोहेल मिर्जा, स्थानीय रहवासी</strong></p>
<p>इनका कहना है<br />क्षतिग्रस्त उद्यमों के सुधार का कार्य योजनाबद्ध तरीकों से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न उद्यमों के लिए मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से श्रमिकों के ऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि शेष भैया भी जल्द ही पूरा कर काम में तेजी लाएंगे। विभाग का प्रयास है कि कॉलोनी के निवासियों को जल्द से जल्द बेहतर सड़कों की सुविधा मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।<br /><strong>- सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 11:40:34 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जेन-जी प्रदर्शनों में हिंसक कार्रवाई में 19 लोगों की मौत पर कार्रवाई : नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली गिरफ्तार, सुरखा घेरे में लेकर गई पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[काठमांडू में बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल पुलिस ने शनिवार तड़के पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को उनके आवास से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी सितंबर 2025 में हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शनों की हिंसा से जुड़ी है, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी। दोनों नेताओं को कड़ी सुरक्षा में काठमांडू लाया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/action-on-death-of-19-people-in-violent-action-in/article-148193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(6)17.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">काठमांडू। नेपाल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पुलिस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शनिवार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुबह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नेपाल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कम्युनिस्ट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पार्टी</span> (<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सीपीएन</span>-<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूएमएल</span>) <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अध्यक्ष</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पूर्व</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रधानमंत्री</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span>.<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पी</span>. <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शर्मा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ओली</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तथा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पूर्व</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गृह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मंत्री</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रमेश</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लेखक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उनके</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निवास</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">स्थानों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गिरफ्तार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लिया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लिया। स्थानीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मीडया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अनुसार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कार्रवाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पिछले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साल</span> 8 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> 9 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सितंबर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हुए जेन</span>-<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जी विरोध</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रदर्शनों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दौरान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कथित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हिंसक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कार्रवाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जुड़ी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आंदोलन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दौरान</span> 19 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लोगों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मौत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">थी।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पुलिस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">एक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टीम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शनिवार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तड़के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कार्रवाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्हें</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">एक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुरक्षा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">घेरे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लेकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">काठमांडू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जाया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया। ओली</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरकार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गृह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मंत्री</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रहे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रमेश</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लेखक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गिरफ्तार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लिया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 11:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुहाना मंडी में कार्रवाई : मिलावट के संदेह पर फैक्ट्री में 1000 किलो सॉस सीज, नमूना मिला अनसेफ</title>
                                    <description><![CDATA[आयुक्तालय की ओर से रिकॉल और रिसेंपलिंग के निर्देश पर टीम उक्त फैक्ट्री पर पहुंची। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-in-muhana-mandi-on-suspicion-of-adulteration-1000-kg/article-142978"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(7)2.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की टीम ने मुहाना मंडी स्थित मैसर्स श्रीश्याम फूड इंडस्ट्री पर कार्रवाई कर मिलावट के संदेह पर 1000 किलो सॉस सीज किया। सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि इस फैक्ट्री से उत्पादित श्रीश्याम ब्रांड सॉस का नमूना जांच रिपोर्ट में अनसेफ पाया गया था। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आयुक्तालय की ओर से रिकॉल और रिसेंपलिंग के निर्देश पर टीम उक्त फैक्ट्री पर पहुंची। मौके पर टीम की ओर से स्रैक्स सॉस और रेड चिली सॉस के नमूने लेकर शेष 1000 किलो सॉस में कलर मिला होने एवं अन्य कोई मिलावट होने का संदेह होने पर जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक सीज किया गया। मौके पर फैक्ट्री में विभिन्न प्रकार के फ्लेवर, सॉस, आचार आदि लगभग 150 किलो एक्सपायर पाए गए, जिन्हें मौके पर नष्ट कराया गया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:59:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिलावट पर चिकित्सा विभाग की बड़ी कार्रवाई : 43 हजार लीटर घी सीज, पूर्व में भी नमूना पाया गया था अनसेफ</title>
                                    <description><![CDATA[नक्ष डेयरी ब्राण्ड का 16617 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में पाया गया। सभी ब्राण्ड के नमूने लेने के बाद इस 43 हजार 421 लीटर घी को मौके पर सीज किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/medical-department-takes-major-action-on-adulteration-43-thousand-liters/article-141262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(5)21.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। चिकित्सा विभाग की ओर से शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान के तहत जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 43 हजार लीटर से अधिक घी मिलावट के संदेह पर जब्त किया गया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि जयपुर में श्याम विहार कॉलोनी, माचेड़ा स्थित फर्म गिरधर मिल्क फूड प्रोडक्ट भोग विनायक ब्राण्ड से घी का उत्पादन करती है। पूर्व में प्रतापगढ़ जिले में भोग विनायक ब्राण्ड घी के नमूने जांच रिपोर्ट में अनसेफ<span>  </span>पाए गए थे। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस पर अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने मैसर्स गिरधर मिल्क फड प्रोडक्ट, माचेड़ा जयपुर पर पहुंचकर जांच की, तो पाया की फर्म का जो पता फूड लाइसेंस एवं कार्यालय रिकॉर्ड में है, वहां पर नहीं होकर चोरी-छिपे अन्य स्थान से घी का कारोबार कर रही थी, जो खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की पूर्ण अवहेलना है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने मौके पर पाया कि इस संस्थान पर एक अन्य फर्म जिसका नाम श्रीश्याम मिल्क फूड प्रोडक्ट है भी संचालित हो रही है। दोनों फर्मों के तीन गोदामों में भोग विनायक ब्राण्ड का 9065 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में, हरियाणा क्रीम ब्राण्ड का 17741 लीटर एवं नक्ष डेयरी ब्राण्ड का 16617 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में पाया गया। सभी ब्राण्ड के नमूने लेने के बाद इस 43 हजार 421 लीटर घी को मौके पर सीज किया गया। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 10:00:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिंकसिटी को मिले दर्जें को बचाने के लिए बनी कार्य योजना, भविष्य के खतरे को भांप टूटी नींद, विश्व धरोहर के ताज पर संकट </title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय प्रशासन ने सभी विभागों की एक स्पेशल कार्य योजना तैयार की हैं। गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस मुद्दें पर गहनता से मंथन के बाद कार्य योजना जारी की गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-plan-made-to-save-the-status-given-to-pink/article-140170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/6622-copy64.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर के परकोटे से यूनेस्को का विश्व धरोहर का ताज छिनने का खतरा मंडरा रहा है। कहीं भविष्य में यूनेस्कों की टीमें समीक्षा कर दर्जा वापस नहीं छीन लें, जैसा कि पहले ओमान और जर्मनी के स्थलों के साथ हो चुका हैं। परकोटे में अतिक्रमण, खराब पार्किंग सहित अन्य मानकों का पालन नहीं होने से ये हालात बने हैं। इस खतरे को भांपते हुए ताज के संरक्षण के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सभी विभागों की एक स्पेशल कार्य योजना तैयार की हैं। गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस मुद्दें पर गहनता से मंथन के बाद कार्य योजना जारी की गई हैं।</p>
<p><strong>विरासत प्रकोष्ठ को मिलेगी मजबूती</strong><br />नगर निगम जयपुर को निर्देशित किया गया कि विरासत प्रकोष्ठ में लंबे समय से रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए। विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त मानव संसाधन और तकनीकी विशेषज्ञता के अभाव में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण में कठिनाइयां आ रही थीं। नए पदस्थापन से संरक्षण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>दिसंबर 2026 तक लागू होगी कार्ययोजना</strong><br />यह कार्ययोजना दिसंबर 2026 तक लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसको तैयार करने के लिए अधिकारियों की टीमें परकोटा क्षेत्र का भ्रमण करेगी। वास्तविक स्थिति के आधार पर प्रस्ताव तैयार करेगी।</p>
<p><strong>समितियां होंगी पूरी तरह सक्रिय</strong><br />स्वायत्त शासन विभाग को निर्देश दिए गए कि तीन-स्तरीय विरासत समितियों को शीघ्र क्रियाशील किया जाए। समितियों से नीति निर्धारण, स्वीकृति और निगरानी की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। बैठक में माना गया कि समितियों के सक्रिय न होने से विरासत संरक्षण के कार्यों में अपेक्षित गति नहीं आ पा रही थी।</p>
<p><strong>मध्य 2026 तक पूरी होगी विरासत सूची</strong><br />पिंक सिटी में स्थित सभी विरासत संरचनाओं और विरासती विशेषताओं की विस्तृत सूची वर्ष 2026 के मध्य तक तैयार कर ली जाएगी। यह सूची संरक्षण की प्राथमिकताएं तय करने और समय-समय पर अंतरराष्टÑीय संस्थाओं को जानकारी देने में सहायक होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 10:38:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छात्रा की मौत के बाद सीबीएसई की सख्त कार्रवाई : नीरजा मोदी स्कूल की संबद्धता तत्काल प्रभाव से रद्द, 10वीं और 12वीं के छात्र बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[ कॉरिडोर व खुले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, काउंसलिंग सिस्टम, एंटी-बुलिंग नीति और स्टाफ  की सतर्कता जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह अनुपस्थित या अप्रभावी थीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strict-action-by-cbse-after-the-death-of-the/article-137830"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राजधानी के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल, शिप्रा पथ मानसरोवर की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की संबद्धता तत्काल प्रभाव से वापस ले ली है। यह कार्रवाई स्कूल में सुरक्षा मानकों की गंभीर चूक, लापरवाही और छात्र सुरक्षा संबंधी अनिवार्य नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है। बोर्ड के अनुसार, एक नवंबर 2025 को स्कूल परिसर में कक्षा 4 की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा के चौथी मंजिल से गिरकर मौत की दुखद घटना के बाद दो सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमिटी गठित की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि स्कूल में सीसीटीवी की प्रभावी निगरानी, कॉरिडोर व खुले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, काउंसलिंग सिस्टम, एंटी-बुलिंग नीति और स्टाफ  की सतर्कता जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह अनुपस्थित या अप्रभावी थीं।</p>
<p><strong>कमेटी में की रिपोर्ट में गंभीर आरोप</strong><br />कमेटी की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि घटना के तुरंत बाद रक्तरंजित स्थल को साफ  कर दिया गया, जिससे फोरेंसिक जांच बाधित हुई। कई कर्मचारी और छात्र बिना पहचान पत्र के पाए गए तथा प्रत्येक मंजिल पर निगरानी के लिए कोई समर्पित स्टाफ  तैनात नहीं था। छात्रा को लंबे समय से बुलिंग का शिकार बनाया जा रहा था, जिसकी शिकायतों को स्कूल ने नजरअंदाज किया। सीबीएसई ने स्कूल प्रबंधन के जवाब को असंतोषजनक करार देते हुए कहा कि यह लापरवाही छात्र सुरक्षा के मूल सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है। बोर्ड ने इसे छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला मानते हुए तत्काल संबद्धता रद्द करने का निर्णय लिया।</p>
<p>आदेश के अनुसार, सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे, जबकि कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों को अन्य सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में स्थानांतरण की व्यवस्था की जाएगी। इस घटना ने न केवल अभिभावकों में रोष पैदा किया है, बल्कि स्कूलों में सुरक्षा मानकों की अनिवार्यता पर फिर से बहस छेड़ दी है। पुलिस जांच भी जारी है और स्कूल प्रबंधन पर सबूत मिटाने के आरोप लगे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 09:53:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुचामन-डीडवाना में साईबर क्राइम टीम की बड़ी कार्रवाई, 6,00,000 रूपये की राशि जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी अजमेर ने देर रात कार्रवाई कर हरियाणा के साइबर क्राइम थाने के उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार व पुलिस स्टाफ को 6 लाख रुपये की अवैध राशि सहित पकड़ा। आरोपी साइबर केस की जांच के नाम पर रिश्वत लेकर वाहन से हरियाणा जा रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/big-action-by-cyber-crime-team-in-kuchaman-didwana-amount-of/article-136691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/police-commissonerate-jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर, 21.12.2025 ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. अजमेर इकाई द्वारा दिनांक 20.12.2025 की देर रात्रि कार्यवाही करते हुये पुलिस थाना साईबर काईम सिरसा हरियाणा के उप निरीक्षक श्री सुरेन्द्र कुमार एंव पुलिस स्टॉफ के अन्य सदस्यो को 6,00,000 रूपये की अवैध राशि सहित पकडा।</p>
<p>भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो में गोपनीय जानकारी प्राप्त हुई कि हरियाणा पुलिस का स्टॉफ हरियाणा मे दर्ज साईबर क्राइम  के मुकदमें के अनुसंधान एंव मुल्जिमों की तलाश हेतु आये हुये है एंव प्रकरण में संदिग्ध लोगो को डरा धमकाकर अवैध रूप से रिश्वत राशि प्राप्त कर वाहन संख्या एचआर 24 जीवी 2222 से हरियाणा जा रहे है।</p>
<p>जिस पर डा० महावीर सिंह राणावत पुलिस अधीक्षक एसीबी अजमेर रेन्ज के सुपरवीजन में ए.सी.बी. चौकी अजमेर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वन्दना भाटी के नेतृत्व में तुरन्त कार्यवाही करते हुये नरेन्द्र सिंह निरीक्षक पुलिस एंव टीम द्वारा जिला डीडवाना-कुचामन में पुलिस थाना कुचामन सिटी के क्षेत्र त्रिशिंगिंया में आकस्मिक चैकिंग की जाकर पुलिस थाना साईबर काईम सिरसा हरियाणा के उप निरीक्षक  सुरेन्द्र कुमार व पुलिस स्टॉफ के अन्य सदस्यो को वाहन संख्या एचआर 24 जीबी 2222 में 6,00,000 रूपये की अवैध संदिग्ध रिश्वत राशि सहित परिवहन करते हुये पकडा। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में अग्रिम जांच कार्यवाही जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 14:17:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीएसटी-पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन : मकान पर छापा, 85 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग और उपकरण बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[सूचना पर नारकोटिक्स  कन्ट्रोल ब्यूरो की टीम को जोधपुर बुलाकर पुलिसव एनसीबी की ओर से संयुक्त कार्रवाई की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dst-polices-big-action-against-drugs-raid-on-house-md/article-136652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/6622-copy49.jpg" alt=""></a><br /><p>बाड़मेर। डीएसटी व पुलिस थाना सदर ने हल्का क्षेत्र केरली, आदर्श चवा में एक मकान पर छापा मारकर एमडी ड्रग्स बनाने के उपकरण, केमीकल, भारी मात्रा में एमडी  नशीला पदार्थ जब्त कर मौके से मकान मालिक भैराराम पुत्र हनुमानाराम  जाट को गिरफ्तार किया है। एसपी नरेन्द्रसिंह  मीना ने बताया कि सूचना मिली कि भैराराम के मकान में फ रार तस्कर मोटाराम पुत्र  वीरमाराम जाट निवासी केरली, आदर्श चवा व उसके सहयोगी दिनेश गिरी व एक अन्य फौजी अवैध एमडी ड्रग्स तैयार कर रहे हैं।</p>
<p>सूचना पर नारकोटिक्स  कन्ट्रोल ब्यूरो की टीम को जोधपुर बुलाकर पुलिसव एनसीबी की ओर से संयुक्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मौके से 39 किलो 777 ग्राम एमडी ड्रग, 6  जरीकनों में भरा 99 किलो 931 ग्राम लिक्विड केमीकल, कांच के 19 बर्तन, वेक्युम  पम्प, सेक्शन पाइप, डिजिटल थर्मामीटर,  किमा, कांच का प्लेक्स,  लोहे की भट्टी, 3 कांच के जार, डीप फ्रिज,  4 बिलोना मशीन, प्लाटिस्क की टंकी, केसरोल के खाली डिब्बे,  1  इलेक्ट्रिक कांटा जब्त किया है, जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 85  करोड़ रुपए आंकी गई है।</p>
<p><strong>इन्हें किया गया गिरफ्तार</strong><br />मौके से  मकान मालिक मुलजिम भेराराम  पुत्र हनुमानाराम जाट निवासी  केरली, आदर्श चवा को गिरफ्तार  किया गया है। फैक्ट्री का  मास्टरमाइंड कुख्यात तस्कर मोटाराम पुत्र वीरमाराम जाट  निवासी केरलीए आदर्श चवा व  इसके सहयोगी दिनेश गिरी पुत्र अचलगिरी स्वामी निवासी रावतसर  व एक अन्य फ ौजी है जो फ रार है। प्रकरण में कुल 3 आरोपियो को नामजद किया गया है।  कुख्यात तस्कर मोटाराम पूर्व में  पुलिस थाना कल्याणपुर जिला बालोतरा में शराब तस्करी के प्रकरण  में 5 हजार रुपए का व पुलिस थाना सुरतगढ जिला गंगानगर में मादक पदार्थ तस्करी के प्रकरण में 10 हजार  का इनामी अपराधी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 09:51:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> असर खबर का : नैनवां उपजिला चिकित्सालय में मेडिकल उपभोक्ता स्टोर चालू</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---medical-consumer-store-reopens-at-nainwa-sub-district-hospital/article-135728"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>नैनवां। लंबे समय बाद नैनवां उपजिला चिकित्सालय में मेडिकल उपभोक्ता स्टोर चालू कर दिया गया है। चार माह से बंद पड़े इस स्टोर को पुन: शुरू करने में दैनिक नवज्योति द्वारा प्रकाशित समाचार ह्लनैनवां उपभोक्ता मेडिकल स्टोर चार माह से बंदह्व ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाचार के प्रकाशन के तुरंत बाद बूंदी उपभोक्ता भंडार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टोर की आईडी को सक्रिय कर दिया।<br />राजस्थान पेंशनर्स मंच नैनवां ब्लॉक अध्यक्ष शंभू सिंह सोलंकी ने बताया कि लंबे समय से उपभोक्ता की दुकान बंद पड़ी थी। उन्होंने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने और एमडी उपभोक्ता बूंदी से बार-बार संपर्क करने के प्रयासों के बाद स्टोर चालू कराने में सफलता प्राप्त की। इसके चलते सेवा निवृत्त वरिष्ठ नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई।</p>
<p>अब आरजेएचएस के अंतर्गत उप जिला चिकित्सालय परिसर में उपभोक्ता स्टोर चालू हो गया है। सभी सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक दवाइयों का लाभ सीधे स्टोर से ले सकेंगे। पेंशनर्स मंच के पदाधिकारियों ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त किया और अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कदम से उपजिला चिकित्सालय में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों को दवाइयों की आपूर्ति में आसानी हुई है और उनकी सुविधा सुनिश्चित हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 15:13:39 +0530</pubDate>
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