<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/ayatlah-ali-khamenei/tag-53423" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Ayatollah Ali Khamenei - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/53423/rss</link>
                <description>Ayatollah Ali Khamenei RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अयातुल्लाह खामनेई ने कहा, पश्चिम के साथ ईरान के टकराव का मुख्य मुद्दा परमाणु नहीं, वैचारिक</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा कि पश्चिम के साथ विवाद का मुख्य कारण परमाणु कार्यक्रम नहीं, बल्कि ईरान द्वारा पश्चिमी प्रभुत्व वाली वैश्विक व्यवस्था को दी जा रही चुनौती है। उन्होंने इस टकराव को वैचारिक बताया। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि इस कड़े रुख और प्रतिबंधों से ईरानी अर्थव्यवस्था पंगु हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ayatollah-khamenei-said-the-main-issue-of-irans-conflict-with/article-137541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/khamnoi.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई का कहना है कि ईरान के प्रति पश्चिमी देशों की शत्रुता का मुख्य कारण उसका परमाणु कार्यक्रम नहीं, बल्कि पश्चिमी प्रभुत्व वाली वैश्विक व्यवस्था को ईरान द्वारा दी जा रही चुनौती है। यूरोप में इस्लामी छात्र संघों की वार्षिक बैठक के लिए जारी एक संदेश में खामेनेई ने जोर देकर कहा कि ईरान और पश्चिमी शक्तियों के बीच समस्या का मुख्य कारण परमाणु मुद्दा नहीं है, बल्कि ईरान की उस योजना का विरोध है जिसके तहत वह एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय इस्लामी व्यवस्था स्थापित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि मुख्य विवाद वैचारिक है। </p>
<p>ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस टकराव को अन्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के विरुद्ध एक प्रतिरोध बताया। उन्होंने हालिया क्षेत्रीय संघर्षों का संदर्भ देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना और क्षेत्र में उसके सहयोगियों के हमले को ईरान के युवाओं की पहल, साहस और बलिदान ने विफल कर दिया है।</p>
<p>गौरतलब है कि, कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि हाल के बारह दिवसीय युद्ध में ईरान को अपने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को खोना पड़ा और परमाणु तथा सुरक्षा बुनियादी ढांचे में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन आलोचकों का कहना है कि खामेनेई की दशकों पुरानी नीतियों के कारण पश्चिमी देशों के साथ हुए इस टकराव ने ईरानी जनता पर भारी आर्थिक बोझ डाला है। यही नहीं कड़े प्रतिबंधों ने अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है, मुद्रा को कमजोर किया है और जीवन यापन के लिए मुश्किलें पैदा की हैं। आलोचकों का कहना है कि इन चुनौतियों के बावजूद ईरान के वरिष्ठ अधिकारी इस रणनीति का बचाव कर रहे हैं।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि प्रतिबंधों ने आर्थिक अव्यवस्था को प्रभावित किया है, लेकिन उन्होंने इसे ईरान की औद्योगिक स्वतंत्रता और रक्षा क्षेत्र के विकास का एक कारक भी बताया। कुछ पर्यवेक्षकों के अनुसार, खामेनेई का यह कहना कि परमाणु मुद्दा गौण है, तेहरान के उन हालिया बयानों के विपरीत है जिसमें कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईऐईऐ) की रिपोर्टों ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर इसरायली और अमेरिकी हमलों का रास्ता साफ किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/ayatollah-khamenei-said-the-main-issue-of-irans-conflict-with/article-137541</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/ayatollah-khamenei-said-the-main-issue-of-irans-conflict-with/article-137541</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 18:32:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/khamnoi.png"                         length="763093"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका से बातचीत करना सम्मान की बात नहीं : खामेनई</title>
                                    <description><![CDATA[अगर वे हमारे देश की सुरक्षा का उल्लंघन करते हैं, तो हम भी उसी तरह जवाब देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/talking-to-america-is-not-a-matter-of-honor/article-103571"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत करना बुद्धिमानी, समझदारी या सम्मान की बात नहीं है। खामनेई का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु समझौते के मुद्दे पर फिर से बात करने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि खामनेई का यह बयान उनके ही पूर्व के उस बयान के विपरीत है, जिसमें खामनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही थी। गौरतलब है कि अब भी खामनेई ने अमेरिका से बातचीत न करने का कोई सीधा आदेश जारी नहीं किया। बीते दिनों जब अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने जीत हासिल की तो ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि वे परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए ट्रंप के संदेश का इंतजार कर रहे हैं। अब अयातुल्ला खामेनेई ने चौंकाते हुए इसके विपरीत बयान दिया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अधिकतर दबाव बनाने संबंधी एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस दौरान ट्रंप ने ये भी कहा कि वे चाहते हैं कि उन्हें इस आदेश का ईरान के खिलाफ इस्तेमाल न करना पड़े। उन्होंने ईरान के साथ बातचीत को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए थे। </p>
<p>ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने भी पूर्व में अमेरिका के साथ बातचीत की वकालत की थी और कहा था कि हमें बातचीत के लिए अपने दरवाजे खुले रखने चाहिए लेकिन अब खामेनेई ने अमेरिका से बातचीत को सम्मान के खिलाफ बताया है। ईरान के स्टैंड में बदलाव ट्रंप के हालिया बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल मंगलवार को ट्रंप ने इस्राइली पीएम के साथ बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अमेरिका को गाजा पर नियंत्रण मिलना चाहिए और अमेरिका गाजा में पुनर्निर्माण का काम करे। उन्होंने गाजा के विस्थापितों को गाजा के बाहर ही बसाने का सुझाव दिया था। अब ईरान के सुप्रीम लीडर ने ट्रंप के गाजा को लेकर दिए बयान पर बिना नाम लिए टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिकी बैठकर दुनिया का नक्शा फिर से बना रहे हैं, लेकिन केवल कागज पर, क्योंकि इसका वास्तविकता में कोई आधार नहीं है। वे हमारे बारे में बयान देते हैं, राय व्यक्त करते हैं और धमकियां देते हैं। अगर वे हमें धमकाते हैं, तो हम भी उन्हें बदले में धमकाएंगे। अगर वे अपनी धमकियों पर अमल करते हैं, तो हम भी अपनी धमकियों पर अमल करेंगे। अगर वे हमारे देश की सुरक्षा का उल्लंघन करते हैं, तो हम भी उसी तरह जवाब देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/talking-to-america-is-not-a-matter-of-honor/article-103571</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/talking-to-america-is-not-a-matter-of-honor/article-103571</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Feb 2025 11:01:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/257rtrer-%289%293.png"                         length="366615"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        