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                <title> court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चांदपोल बाजार व्यापार मंडल की बड़ी जीत : शराब ठेके के मामले में कोर्ट ने स्टे देने से किया इनकार, व्यापारियों और नागरिकों के पक्ष में फैसला</title>
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                        <![CDATA[चांदपोल बाजार व्यापार मंडल को कानूनी सफलता मिली। दुकान नंबर 145 के शराब ठेके के ठेकेदार की स्टे याचिका न्यायालय ने खारिज की। न्यायालय ने पूरा फैसला व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के पक्ष में दिया। व्यापार मंडल के महामंत्री घनश्याम भूतड़ा ने इसे एकता और न्याय पर भरोसे की जीत बताया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-victory-for-chandpol-bazaar-vyapar-mandal-court-refused-to/article-143818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चांदपोल बाजार व्यापार मंडल ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता की घोषणा की है। माननीय न्यायालय ने चांदपोल बाजार में दुकान नंबर 145 पर स्थित शराब के ठेके के ठेकेदार द्वारा दायर स्टे याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के हितों की रक्षा हुई है।</p>
<p>चांदपोल बाजार व्यापार मंडल के महामंत्री, घनश्याम भूतड़ा ने बताया चांदपोल बाजार में दुकान नंबर 145 पर स्थित शराब के ठेके के ठेकेदार द्वारा हमारे बाजार के ही व्यापारी भाइयों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के खिलाफ दायर किया गया मुकदमा, जिसमें उन्होंने स्टे की मांग की थी, उसकी सुनवाई हुई।</p>
<p>भूतड़ा ने आगे बताया- मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि माननीय न्यायालय द्वारा ठेकेदार को किसी भी प्रकार का स्टे नहीं दिया गया है। साथ ही, न्यायालय ने अपना पूरा फैसला चांदपोल बाजार के व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों के पक्ष में दिया है। हमारे सम्मानित एडवोकेट नरेश कुमार शर्मा ने बड़ी कठोरता और निष्पक्षता से हमारा पक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप हमें यह महत्वपूर्ण सफलता मिली।</p>
<p>उन्होंने कहा- यह हम सभी की एकता और न्याय पर भरोसे की जीत है। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं और आप सभी के सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।</p>
<p>यह कानूनी जीत चांदपोल बाजार के व्यापारिक समुदाय और स्थानीय निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, जो उनके हितों की रक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। साथी आबकारी विभाग से भी यह मांग किया कि अब तो इसे अनियंत्रित शिफ्ट की जाए एवं बंद करवाई जाए।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 17:22:42 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
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            <item>
                <title>ट्रम्प प्रशासन को शटडाउन के दौरान संघीय कर्मचारियों को बर्खास्त करने से रोका : कोर्ट ने जारी किए आदेश, कहा- ये गतिविधियां कानून के विपरीत </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[शटडाउन के बीच ट्रम्प प्रशासन द्वारा संघीय कर्मचारियों की छंटनी पर अमेरिकी न्यायाधीश सुजैन यवोन इल्स्टन ने अस्थायी रोक लगाई है। यूनियनों की याचिका पर यह फैसला आया। प्रशासन ने 4,000 से अधिक कर्मचारियों को नोटिस दिए थे। अदालत ने इसे कानून के खिलाफ बताते हुए सरकार को जवाबदेह ठहराया।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-court-issued-orders-preventing-the-trump-administration-from-firing/article-129854"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका की एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रम्प प्रशासन को सरकारी शटडाउन के दौरान संघीय कर्मचारियों को बर्खास्त करने से अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले की न्यायाधीश सुजैन यवोन इल्स्टन ने अस्थायी रोक का आदेश जारी करते हुए कहा कि यह गतिविधियां कानून के विपरीत हैं।</p>
<p>यह निषेधाज्ञा प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की संख्या में कमी लाने के लिए 4,000 से ज्यादा संघीय कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के कुछ ही दिनों बाद आई है। सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो प्रमुख यूनियनों ने छंटनी रोकने के लिए याचिका दायर की थी।</p>
<p>न्यायाधीश इल्स्टन ने कहा कि प्रशासन ने सरकारी खर्च एवं सरकारी कार्यप्रणाली में चूक का फायदा उठाया है तथा आशा व्यक्त किया कि यूनियन यह साबित कर सकती हैं कि सरकार की कार्रवाई गैरकानूनी थी।</p>
<p>ट्रम्प प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि वह शटडाउन के दौरान नौकरियों में कटौती करने की इच्छा रखती है और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने बार-बार दावा किया था कि कटौती का लक्ष्य डेमोक्रेट एजेंसियां या कार्यक्रम हैं। इससे पहले व्हाइट हाउस के बजट निदेशक रसेल वॉट ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि शटडाउन के कारण 10,000 से अधिक संघीय पदों में कटौती की जाएगी।</p>
<p>इल्स्टन का आदेश शटडाउन के 15वें दिन जारी किया गया, ठीक उससे पहले जब सीनेट नौवीं बार सरकार के लिए आवश्यक अस्थायी वित्त पोषण विधेयक को पारित करने में असफल रही। डेमोक्रेसी फॉरवर्ड, यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक वकालत संगठन ने न्यायाधीश के आदेश का स्वागत किया।</p>
<p>संगठन के सीईओ स्काई पेरीमैन ने कहा कि राष्ट्रपति को ऐसा लगता है कि सरकारी शटडाउन से लोगों का ध्यान उनके प्रशासन के हानिकारक एवं कानूनविहीन कार्यों से हट रहा है, लेकिन अमेरिकी लोग उन्हें जवाबदेह ठहरा रहे हैं, यहां तक कि अदालतों में भी।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 15:10:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
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            <item>
                <title>मानहानि के मुकदमें में कोर्ट ने राहुल गांधी को दी जमानत, अदालत ने रखी जांच में सहयोग करने की शर्त</title>
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                        <![CDATA[झारखंड में मानहानि के एक मुकदमें में चाईबासा कोर्ट ने राहुल गांधी को जमानत दे दी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-defamation-trial-the-court-gives-bail-to-rahul-gandhi/article-122871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws22.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड में मानहानि के एक मुकदमें में चाईबासा कोर्ट ने राहुल गांधी को जमानत दे दी। राहुल गांधी चाईबासा के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। वह सुबह करीब 10 बजे हेलीकॉप्टर से टाटा कॉलेज मैदान में उतरे। उसके बाद चाईबासा परिसदन में करीब 45 मिनट इंतजार करने के बाद वह वहां से चाईबासा सिविल कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एमपी एमएलए कोर्ट में न्यायाधीश सुप्रिया रानी तिग्गा के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p>राहुल गांधी के अधिवक्ता प्रणव दरीपा ने बताया कि में राहुल गांधी के उपर मानहानि का केस किया गया था। हाईकोर्ट का निर्देश था कि 6 अगस्त को राहुल गांधी चाईबासा कोर्ट में पेश होंगे और बेल लेंगे। इसके बाद राहुल गांधी पेश हुए। जमानत याचिका दाखिल करने के बाद कोर्ट ने जमानत दिया।</p>
<p>शिकायतकर्ता के अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने कहा कि कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि आपके खिलाफ ऐसे-ऐसे आरोप लगे हैं, आपने बीजेपी नेताओं के लिए ऐसा बयान दिया है। क्या आपने ऐसा कहा है? इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। अधिवक्ता ने कहा कि ये पूरी तरह से गलत है। राहुल गांधी जैसे विपक्ष के नेता को इस तरह का झूठ बोलना शोभा नहीं देता। उनका भाषण अभी भी कांग्रेस की वेबसाइट पर है। हमने इसे कोर्ट में जमा कर दिया है, लेकिन कोर्ट में राहुल गांधी ने साफ इनकार कर दिया कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। अब गवाही की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने उन्हें इस शर्त पर जमानत दी है कि वे जांच में सहयोग करेंगे।</p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित के खिलाफ कथित तौर पर टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 6 अगस्त को चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होना था।राहुल गांधी ने 2 जून को विशेष अदालत के उस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्हें 26 जून को पेश होने का निर्देश दिया गया था। राहुल गांधी के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को सूचित किया था कि उनके मुवक्किल उस दिन पेश नहीं हो पाएंगे और इसके बजाय उन्होंने हाईकोर्ट से राहुल को चाईबासा कोर्ट में पेश होने के लिए नई तारीख देने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया था। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 16:43:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मालेगांव बम विस्फोट मामला : सभी 7 आरोपी बरी, अदालत ने कहा- आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, कोई धर्म हिंसा को उचित नहीं ठहरा सकता</title>
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                        <![CDATA[एनआईए की एक विशेष अदालत ने मालेगांव में हुए बम विस्फोट के 17 वर्ष बाद भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/malegaon-bomb-blast-case-all-the-7-accused-bari-court/article-122207"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/1ne1ws-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने मालेगांव में हुए बम विस्फोट के 17 वर्ष बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय राहिरकर, समीर कुलकर्णी, सुधाकर चतुर्वेदी और सुधाकर धर द्विवेदी को बरी कर दिया है। एनआईए अदालत की अध्यक्षता कर रहे विशेष न्यायाधीश ए के लाहोटी ने सभी आरोपियों को बरी करने की घोषणा करते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, क्योंकि कोई भी धर्म हिंसा को उचित नहीं ठहरा सकता।</p>
<p>अधिवक्ता रंजीत नायर ने कहा कि मैं आरोपी संख्या 11 सुधाकर चतुर्वेदी की तरफ से मामले की पैरवी कर रहा था। अदालत ने उसे इस आधार पर बरी कर दिया है कि अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर सका। अधिवक्ता प्रकाश सालसिंगिकर ने  मीडिया को बताया कि अदालत ने कहा कि यह घटना बहुत बुरी है। हालांकि, इस घटना में जिन लोगों की जानें गई हैं उनकी क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती, लेकिन अदालत ने सभी के परिजनों को वित्तीय मदद देने का आदेश दिया है।</p>
<p>इस फैसले से पहले दक्षिण मुंबई स्थित सत्र न्यायालय के आसपास कड़े सुरक्षा उपाय किए गए थे और न्यायालय परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। गौरतलब है कि 29 सितंबर, 2008 की रात मालेगांव के भिक्कू चौक के पास हुए विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और सौ से ज्यादा घायल हुए थे। यह बम एक मोटरसाइकिल में लगाया गया था। इस विस्फोट से सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इस शहर में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। इस मामले में पहले महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते ने जाँच की थी, लेकिन वर्ष 2011 में इस मामले को एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था। एनआईए ने इस मामले को फिर से दर्ज किया और जांच की थी और तब से, कई  आरोपपत्र और पूरक रिपोर्ट दायर की जा चुकी हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 15:04:50 +0530</pubDate>
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                <title>जासूसी का आरोपी विशाल यादव कोर्ट में पेश, यूडीसी पद पर था तैनात </title>
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                        <![CDATA[पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार विशाल यादव को राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम ने सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vishal-yadav-accused-of-espionage-was-posted-in-the-post/article-118584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/6622-copy33.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार विशाल यादव को राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम ने सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान इंटेलिजेंस की ओर से आरोपी के रिमांड की मांग करते हुए अदालत में आवेदन किया जाएगा, ताकि गहन पूछताछ के माध्यम से मामले में और साक्ष्य जुटाए जा सकें। राजस्थान इंटेलिजेंस के अनुसार विशाल यादव दिल्ली स्थित नौसेना भवन के डायरेक्ट्रेट ऑफ डॉकयार्ड में यूडीसी पद पर तैनात था। उस पर पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में रहकर नौसेना से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप है। आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तानी हैंडलर को भेजा करता था।</p>
<p>इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर अभियान के दौरान विशाल यादव ने नौसेना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां, रक्षा क्षेत्र से संबंधित अन्य गोपनीय दस्तावेज़ और सूचनाएं भी उस महिला हैंडलर को मुहैया कराई थीं। इन जानकारियों से देश की सुरक्षा व्यवस्था को गहरा खतरा उत्पन्न हो सकता था।</p>
<p>राजस्थान इंटेलिजेंस आरोपी के अन्य साथियों व संपर्क सूत्रों के बारे में गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सके। इंटेलिजेंस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। कोर्ट में पेशी के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो सके। इस मामले में जांच अभी जारी है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 16:53:05 +0530</pubDate>
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                <title>ट्रम्प के प्रवासियों को निकालने पर रोक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लोगों को देश से निकालने से पहले उन्हें कानूनी प्रक्रिया का देना होगा मौका  </title>
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                        <![CDATA[ अमेरिकी संविधान के कुछ प्रावधान के जरिए इसे कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस फैसले का मतलब है कि प्रवासियों को यह जानने और अदालत में चुनौती देने का अधिकार है कि उन्हें क्यों निकाला जा रहा है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ban-on-the-removal-of-trumps-migrants-the-supreme-court/article-114510"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/6622-copy41.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के वेनेजुएला के अप्रवासियों को देश से निकालने के फैसले पर रोक लगा दी है। कई अप्रवासी अभी टेक्सास की एक हिरासत केंद्र में बंद हैं। ट्रम्प प्रशासन 1798 के एलियन एनिमीज एक्ट के जरिए उन्हें जल्द से जल्द देश से बाहर भेजना चाहता था। ट्रम्प प्रशासन के फैसले पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि सरकार को लोगों को देश से निकालने से पहले उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पूरा मौका देना होगा। <br />कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने जो तरीका अपनाया, जैसे कि 24 घंटे में बिना सुनवाई को अप्रवासी को देश से बाहर भेज देना, यह कहीं से सही नहीं है। एलियन एनिमीज एक्ट युद्ध के समय का बनाया हुआ कानून है, जिसमें दुश्मनों को देश से निकालने के लिए कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं करनी होती है।</p>
<p>हालांकि अमेरिकी संविधान के कुछ प्रावधान के जरिए इसे कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस फैसले का मतलब है कि प्रवासियों को यह जानने और अदालत में चुनौती देने का अधिकार है कि उन्हें क्यों निकाला जा रहा है। हालांकि यह फैसला अभी अस्थायी है और इस पर पूरी कानूनी लड़ाई अभी बाकी है। अदालत के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा-सुप्रीम कोर्ट हमें अपराधियों को देश से बाहर निकालने की इजाजत नहीं देगा।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 11:19:44 +0530</pubDate>
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                <title>पेरू में कोर्ट ने सुनाया फैसला, पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को भ्रष्टाचार के मामले में 15 साल की सजा</title>
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                        <![CDATA[पेरू की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति ओलांटा हुमाला और उनकी पत्नी नादिन हेरेडिया को धन शोधन का दोषी पाते हुए 15 साल जेल की सजा सुनाई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/court-pronounced-judgment-in-peru-former-president-and-his-wife/article-111012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/333.jpg" alt=""></a><br /><p>लीमा। पेरू की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति ओलांटा हुमाला और उनकी पत्नी नादिन हेरेडिया को धन शोधन का दोषी पाते हुए 15 साल जेल की सजा सुनाई है। जज नायको कोरोनाडो की अध्यक्षता वाली थर्ड नेशनल कोलीजिएट क्रिमिनल कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अन्य न्यायाधीशों ने फैसले का समर्थन किया।</p>
<p>अदालत ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी ने लगभग 9 महीने पूर्व-ट्रायल हिरासत (ट्रायल से पहले की गिरफ्तारी) में बिताए हैं, उन्हें सजा की अवधि में शामिल माना जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पर आरोप है कि ब्राजील की निर्माण कंपनी ओडेब्रेच ने 2006 से 2011 के बीच नेशनलिस्ट पार्टी को चुनावी अभियान के लिए उन्हें अवैध रूप से धन मुहैया कराया था।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 17:21:45 +0530</pubDate>
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                <title>कम परीक्षा परिणाम देने पर प्रिंसिपल और व्याख्याता के खिलाफ की गई कार्रवाई रद्द</title>
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                        <![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने विभागीय मापदंड से कम परीक्षा परिणाम देने पर प्रिंसिपल और व्याख्याता के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई को सही नहीं मानते हुए रद्द कर दिया है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/action-taken-against-principal-and-lecturer-canceled-for-low-exam/article-107608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने विभागीय मापदंड से कम परीक्षा परिणाम देने पर प्रिंसिपल और व्याख्याता के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई को सही नहीं मानते हुए रद्द कर दिया है। जस्टिस अनूप कुमार ढंड़ ने यह आदेश प्रिंसिपल महेन्द्र तिवाडी व व्याख्याता नेमीचंद की याचिकाओं पर दिया। याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि याचिकाकर्ता 2019-2020 में कोटखावदा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राम नगर में प्रिंसिपल था। इस साल का सीनियर टीचर्स का गणित और इंग्लिश विषय का परीक्षा परिणाम विभागीय मापदंड से कम आया। जिस पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने याचिकाकर्ता को चार्जशीट दी और जुलाई 2021 में उसकी दो वार्षिक वेतन वृद्धि भी रोक दी। इसकी अपील करने पर प्रमुख शिक्षा सचिव ने दंड कम कर उसे एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि स्कूल का परीक्षा परिणाम सदैव उत्कृष्ट रहा है।</p>
<p>ऐसे में केवल एक साल कम परीक्षा परिणाम आने पर उसे दंडित नहीं कर सकते। इसके अलावा वरिष्ठ अध्यापकों ने पूरे साल विद्यार्थियों को पढ़ाया, लेकिन परीक्षा परिणाम कम आया। ऐसे में वरिष्ठ शिक्षकों की एवज में उसे दंडित नहीं किया जा सकता। वहीं दूसरे ऐसे ही समान मामले में याचिकाकर्ता व्याख्याता नेमी चंद बलाई जयपुर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बधाल में हिंदी के व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं। उनके खिलाफ भी 2018-2019 में कक्षा 12वीं का हिंदी विषय का परीक्षा परिणाम तय मापदंड से कम आने के चलते चार्जशीट दी और जुलाई 2021 में दो वार्षिक वृद्धि रोक ली। विभाग ने वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की अवधि दो साल से एक साल कर दी। इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि हर छात्र का पढ़ने का स्तर एक जैसा नहीं होता है। इसलिए उसे कम परिणाम के लिए दोषी करार देकर दंडित नहीं किया जा सकता। दोनों मामलों में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दंडात्मक कार्रवाई को रद्द कर दिया हैं। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 12:43:53 +0530</pubDate>
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                <title>नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी युवक को 20 साल की कैद, 1.75 लाख रुपए का जुर्माना </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने और उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त मोहन लाल को बीस साल के कैद की सजा सुनाई है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-young-man-accused-of-raping-a-minor-imprisoned-for/article-104447"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने और उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त मोहन लाल को 20 साल के कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने 23 साल के इस अभियुक्त पर 1.75 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी कैलाश चंद अटवासिया ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त ने नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ कई बार संबंध बनाने का अपराध किया है। यदि इसमें पीडिता की सहमति भी रही थी तो भी यह अपराध की श्रेणी में ही माना जाएगा, क्योंकि नाबालिग की सहमति कानून में कोई महत्व नहीं रखती। </p>
<p>अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक ने अदालत को बताया कि पीड़िता के पिता ने 30 अप्रैल, 2022 को अजीतगढ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि बीती रात सभी लोग साथ सोए थे। जब सुबह उठे तो उसकी 17 साल की बेटी लापता थी। इसके दो-तीन दिन पहले घर में एक मोबाइल मिला था। जिससे पीड़िता ने कई बार मोहन लाल को फोन किया गया था। ऐसे में उसे शक है कि मोहन लाल उसे बहला फुसलाकर ले गया है। इस दौरान घर में रखे जेवरात और नकदी भी गायब मिली है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को 6 मई, 2022 को गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि अभियुक्त और पीडिता पहले जयपुर आए और फिर ट्रेन से मुंबई गए। फिर कुछ दिनों बाद लौट आए। इस दौरान अभियुक्त ने उसके साथ संबंध बनाए। हालांकि पीडिता पूर्व में दिए बयानों से मुकर गई। इस पर अदालत ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को सजा सुनाई है। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Feb 2025 13:22:23 +0530</pubDate>
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                <title>महिला पर्यवेक्षक भर्ती में कम अंक लाने वालों को नियुक्ति देने पर रोक, महिला एवं बाल विभाग सचिव, निदेशक और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव को जारी किया नोटिस  </title>
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                        <![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने महिला पर्यवेक्षक भर्ती-2024 में याचिकाकर्ता से कम अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर रोक लगा दी है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/prohibition-on-appointment-to-those-who-score-less-marks-in/article-103677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने महिला पर्यवेक्षक भर्ती-2024 में याचिकाकर्ता से कम अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में महिला एवं बाल विभाग सचिव, निदेशक और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश रेणु की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p>याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने 13 फरवरी को महिला पर्यवेक्षक के पदों पर भर्ती निकाली थी। जिसमें याचिकाकर्ता ने ईडब्ल्यूएस वर्ग में आवेदन किया था। याचिकाकर्ता के भर्ती में अधिक अंक आने और उसके पास दस साल का अनुभव होने के बावजूद उसे नियुक्ति नहीं दी गई। जबकि याचिकाकर्ता से कम अंक वाले दूसरे अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई है। ऐसे में उसे नियुक्ति से वंचित रखना गलत है। इसलिए उसे इस पद पर नियुक्ति प्रदान की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता से कम अंक वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Feb 2025 15:29:01 +0530</pubDate>
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