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                <title>  draupadi murmu - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>  draupadi murmu RSS Feed</description>
                
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएनएस वाघशीर पनडुब्बी में की यात्रा, स्वदेशीकरण और समुद्री सुरक्षा का दिया संदेश </title>
                                    <description><![CDATA[कारवार नौसेना अड्डे से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी कालवरी श्रेणी पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर में यात्रा कर नौसेना इतिहास में उपलब्धि जोड़ी। उन्होंने नौसेना प्रमुख के साथ पश्चिमी तट का दौरा किया। यह स्वदेशीकरण व समुद्री सुरक्षा का संदेश है। यात्रा गोवा-कर्नाटक-झारखंड कार्यक्रम का हिस्सा रही। यह मनोबल बढ़ाने वाली यात्रा है, वे पनडुब्बी में जाने वाली महिला राष्ट्रपति हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-draupadi-murmu-travels-in-ins-waghshir-submarine-gives-message/article-137555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(5)7.png" alt=""></a><br /><p>कारवार। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्नाटक के कारवार नौसेना अड्डे से भारतीय नौसेना की स्वदेशी कालवरी श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर में यात्रा की। उनकी इस यात्रा को भारत के नौसेना इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। राष्ट्रपति ने नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी के साथ पश्चिमी तट का दौरा भी किया।</p>
<p><strong>सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर की यात्रा से बढ़ा मनोबल :</strong></p>
<p>सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूप में राष्ट्रपति मुर्मू की पनडुब्बी में उपस्थिति ने स्वदेशीकरण एवं समुद्री सुरक्षा के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है। यह पनडुब्बी यात्रा राष्ट्रपति की गोवा, कर्नाटक और झारखंड की चार दिवसीय यात्रा का हिस्सा है। पनडुब्बी शनिवार शाम को गोवा के लिए रवाना हुई थी।</p>
<p><strong>जमशेदपुर में शताब्दी समारोह में शामिल होंगी : </strong>सोमवार को राष्ट्रपति झारखंड के जमशेदपुर में ओल चिकी के शताब्दी समारोह में शामिल होंगी। उसी दिन वे जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के 15वें दीक्षांत समारोह को भी संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति मंगलवार को झारखंड के गुमला में अंतरराज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह-कार्तिक यात्रा को संबोधित करेंगी।</p>
<p><strong>लड़ाकू विमानों में भी उड़ान भर चुकीं राष्ट्रपति :</strong></p>
<p>द्रौपदी मुर्मू भारतीय वायुसेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति भी हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने 29 अक्टूबर को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल में उड़ान भरी थी। उनके विमान की पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह थीं। उससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने 7 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई 30 फाइटर जेट में उड़ान भरी थी।</p>
<p><strong>पनडुब्बी में यात्रा करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति :</strong></p>
<p>मुर्मू देश की ऐसी दूसरी और पहली महिला राष्ट्रपति हैं जिन्होंने पनडुब्बी में यात्रा की है। उनसे पहले तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने पहली बार पनडुब्बी में यात्रा करके सैनिकों में जोश का संचार किया था। श्रीमती मुर्मू ने जंगी जहाजों राफेल और सुखोई 30 में भी उड़ान भरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 11:03:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>द्रौपदी मुर्मु ने राफेल लड़ाकू विमान में भरी उड़ान : 2 अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली महिला राष्ट्रपति, पायलट और अधिकारियों से की बात</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंबाला वायु सेना स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी, वह दो अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। इस अवसर पर वायु सेना प्रमुख एपी सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह उड़ान नारी सशक्तिकरण का प्रतीक मानी जा रही है और राफेल विमान के बेड़े में शामिल होने के बाद हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/draupadi-murmu-flew-in-rafale-fighter-plane-the-first-woman/article-130873"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>अंबाला। तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वायु सेना के अंबाला स्टेशन से अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल में उडान भरी। राष्ट्रपति मुर्मु इससे पहले सुखोई-30 लड़ाकू विमान में भी उडान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति ने 2023 में वायु सेना के तेजपुर स्टेशन से सुखोई विमान में उडान भरी थी। इस तरह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उडान भरने वाली वह पहली महिला राष्ट्रपति हैं।</p>
<p>लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली राष्ट्रपति मुर्मु देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम भी सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भर चुके हैं। इसे नारी सशक्तिकरण के बड़े प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति ने उड़ान भरने से पहले वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।</p>
<p>इस अवसर पर वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने वायु सेना के पायलट और अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत भी की। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर वायु सेना प्रमुख ने उनका स्वागत किया। बाद में राष्ट्रपति ने सलामी गारद का निरीक्षण किया।</p>
<p>राष्ट्रपति को विमान में उड़ान भरने से पहले विमान और उडान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी और उनका व्यापक मेडिकल चेकअप किया गया।</p>
<p>राष्ट्रपति का अंबाला वायु सेना से राफेल में उडान भरने का एक महत्व यह भी है कि फ्रांस से खरीदे गए इस विमान को पहले स्क्वाड्रन के माध्यम से इसी हवाई अड्डे पर वायु सेना के बेड़े में शामिल किया गया था। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 16:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2025 : समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं का सम्मान, गांधी की विरासत को सलाम</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में 2022-23 के लिए ‘माई भारत -राष्ट्रीय सेवा योजना’ पुरस्कार प्रदान किए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-service-scheme-award-2025-president-murmu-honored-selected-nss/article-128900"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/11117.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में 2022-23 के लिए ‘माई भारत -राष्ट्रीय सेवा योजना’ पुरस्कार प्रदान किए। युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा 1993-94 में स्थापित यह पुरस्कार, समाज सेवा, सामुदायिक विकास और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करने वाले देश के प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है।</p>
<p>आधिकारिक सूचना के अनुसार मेरा भारत-राष्ट्रीय सेवा योजना सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से है और जिसका उद्देश्य स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना है। यह योजना 1969 में महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी समारोह के दौरान शुरू की गई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 16:14:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति मुर्मु का आह्वान : वैश्विक व्यापार की चुनौतियों को अवसर में बदलें, भारत को बनाएं नवाचार अर्थव्यवस्था का केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[मुर्मु ने सोमवार को यहां इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) भारत के प्लेटिनम जयंती समारोह में कहा कि प्राचीन काल में भारत ने अध्यात्म और व्यापार दोनों में विश्व का नेतृत्व किया था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-murmu-calls-out-the-challenges-of-global-trade-into/article-126257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/murmu.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों से दुनिया भर में व्यापार के मोर्चे पर मची उथल-पुथल के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अधिकारियों से देश में उपलब्ध असाधारण क्षमताओं का इस्तेमाल वैश्विक व्यापार की चुनौतियों को अवसरों में बदलने तथा भारत को अग्रणी नवाचार अर्थव्यवस्था बनाने में करने को कहा है। मुर्मु ने सोमवार को यहां इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) भारत के प्लेटिनम जयंती समारोह में कहा कि प्राचीन काल में भारत ने अध्यात्म और व्यापार दोनों में विश्व का नेतृत्व किया था। भारत को एक बार फिर ज्ञान और व्यापार का अग्रणी केंद्र बनाना सभी नागरिकों का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण हितधारक होने के नाते ईईपीसी को इस संकल्प को दृढ़ता के साथ पूरा करना चाहिए।</p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में चुनौतियों के बावजूद भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 70 अरब डॉलर से बढ़कर 115 अरब डॉलर से भी अधिक हो गया है। उन्होंने इस उपलब्धि में योगदान के लिए ईईपीसी की सराहना की। मुर्मु ने कहा कि ईईपीसी अंतर्राष्ट्रीय बाजार और भारतीय उत्पादकों के बीच सेतु का काम करता है। उन्होंने ईईपीसी से वैश्विक मूल्य श्रृंखला में भारत और भारतीय उद्यमियों की भूमिका का निरंतर विस्तार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था में हो रहे बदलावों के कारण इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।</p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक व्यापार की चुनौतियों को देश में उपलब्ध असाधारण क्षमताओं का उपयोग करके अवसरों में बदलने की आवश्यकता है। पिछले 7 दशकों में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। ईईपीसी को परिवर्तन की इस प्रक्रिया को जारी रखना चाहिए और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अर्थव्यवस्था को निरंतर मजबूत बनाने के लिए कार्य करते रहना चाहिए।</p>
<p>मुर्मु ने कहा कि कम लागत पर उच्च-गुणवत्ता वाली इंजीनियरिंग सेवाएं और उत्पाद भारत की बड़ी ताकत हैं। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के वैश्विक क्षमता केंद्र भारत में हैं। ईईपीसी जैसे हितधारकों को उचित प्रोत्साहन और एक इको-सिस्टम प्रदान करके भारत को एक वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने के विचार के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नवाचार अर्थव्यवस्थाएं दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी और समृद्ध अर्थव्यवस्थाएं हैं। उन्होंने ईईपीसी के सभी हितधारकों से आग्रह किया कि देश में उपलब्ध प्रतिभा और ऊर्जा के लिए एक सक्षम इको-सिस्टम प्रदान करके भारत को एक अग्रणी नवाचार अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 16:58:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>द्रौपदी मुर्मु ने की स्वच्छ भारत मिशन अभियान की प्रशंसा : हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना स्वच्छता पर ही देती रही है बल, कहा- स्वच्छता हमारी जीवनशैली का हिस्सा  </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वच्छ भारत मिशन अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/draupadi-murmu-has-praised-the-swachh-bharat-mission-campaign-our/article-120826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer41.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वच्छ भारत मिशन अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वातावरण को स्वच्छ रखने की परंपरा हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग है और सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना प्राचीन काल से ही स्वच्छता पर बल देती रही है। मुर्मु ने यहां स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में अपने संबोधन में कहा कि उन्हें प्रसन्नता हुई कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 के लिए दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण आयोजित किया, जिसमें विभिन्न हितधारकों, राज्य सरकारों, शहरी निकायों और लगभग 14 करोड़ नागरिकों ने भाग लिया।</p>
<p>मुर्मु ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना प्राचीन काल से ही स्वच्छता पर बल देती रही है। अपने घरों, पूजा स्थलों और आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखने की परंपरा हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहते थे,'स्वच्छता ईश्वरीय भक्ति के बाद आती है। वे स्वच्छता को धर्म, अध्यात्म और नागरिक जीवन की आधारशिला मानते थे। उन्होंने कहा कि वह अधिसूचित क्षेत्र परिषद की उपाध्यक्ष के रूप में  प्रतिदिन वार्डों का दौरा करती थीं और स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण करती थीं। न्यूनतम संसाधनों का उपयोग करके अपव्यय को न्यूनतम करना और उन्हें उसी उद्देश्य या अन्य उद्देश्य के लिए पुन: उपयोग करना, हमेशा से हमारी जीवनशैली का हिस्सा रहा है। वृत्ताकार अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांत और कम-पुन: उपयोग-पुनर्चक्रण की प्रणालियाँ हमारी प्राचीन जीवनशैली के आधुनिक और व्यापक रूप हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली सरल है। वे कम संसाधनों का उपयोग करते हैं और मौसम तथा पर्यावरण के साथ सामंजस्य बिठाकर तथा समुदाय के अन्य सदस्यों के साथ साझेदारी में रहते हैं। वे प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी नहीं करते। ऐसे व्यवहार और परंपराओं को अपनाकर वृत्ताकारता की आधुनिक प्रणालियों को और मजबूत बनाया जा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन मूल्य श्रृंखला में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम स्रोत पृथक्करण है। सभी हितधारकों और प्रत्येक परिवार को इस कदम पर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। शून्य-अपशिष्ट बस्तियाँ अच्छे उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने विद्यालय स्तरीय मूल्यांकन पहल की सराहना की जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छता को जीवन मूल्य के रूप में अपनाना है। उन्होंने कहा कि इसके अत्यंत लाभकारी और दूरगामी परिणाम होंगे।</p>
<p>मुर्मु ने कहा कि प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को नियंत्रित करना और उनसे होने वाले प्रदूषण को रोकना एक बड़ी चुनौती है। उचित प्रयासों से हम देश के प्लास्टिक उत्सर्जन को उल्लेखनीय रूप से कम कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में एकल-उपयोग प्लास्टिक युक्त कुछ वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी वर्ष, सरकार ने प्लास्टिक पैकेङ्क्षजग के लिए विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व हेतु दिशानिर्देश जारी किए हैं। उत्पादकों, ब्रांड मालिकों और आयातकों सहित सभी हितधारकों की यह जिम्मेदारी है कि वे इन दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करें।</p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छता से जुड़े प्रयासों के आर्थिक , सांस्कृतिक आयाम और भौगोलिक पहलू हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नागरिक स्वच्छ भारत मिशन में पूरी लगन से भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सुविचारित और ²ढ़ संकल्पों के साथ, विकसित भारत वर्ष 2047 तक दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में से एक होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 16:02:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>द्रौपदी मुर्मू ने देखी फिल्म ‘तन्वी : द ग्रेट’, अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर स्पेशल स्क्रीनिंग की फोटोज शेयर कर कहा- हमारे लिए गर्व का पल</title>
                                    <description><![CDATA[अनुपम खेर का कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का फिल्म ‘तन्वी : द ग्रेट’ देखना उनके लिए गर्व का पल है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/draupadi-murmu-watched-the-film-tanvi-the-great-anupam-kher/article-120244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। बॉलीवुड के जाने-माने चरित्र अभिनेता और फिल्मकार अनुपम खेर का कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का फिल्म ‘तन्वी : द ग्रेट’ देखना उनके लिए गर्व का पल है। फिल्म ‘तन्वी : द ग्रेट’ की खास स्क्रीनिंग राष्ट्रपति भवन में हुई। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही फिल्म की स्टारकास्ट भी शामिल हुई, जिनमें अनुपम खेर, बोमन ईरानी, करण टेकर और शुभांगी शामिल थे। अनुपम खेर ने फिल्म ‘तन्वी : द ग्रेट’ का निर्देशन करने के अलावा इसमें अभिनय भी किया है।</p>
<p>अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम पर स्पेशल स्क्रीनिंग की फोटोज शेयर कीं। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा- यह हमारे लिए गर्व का सबसे बड़ा पल था कि देश की राष्ट्रपति और भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर ने हमारी फिल्म देखी और अंत में उसकी सराहना की। यह एक सपना सच होने जैसा था। एक निर्देशक के तौर पर देश के सबसे बड़े पद से ऐसा समर्थन मिलना मेरे लिए सच में कुछ भी हो सकता है वाला पल है।</p>
<p>बोमन ईरानी ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘तन्वी : द ग्रेट’ की टीम के लिए एक गर्वभरा और विनम्र करने वाला लम्हा, जब देश की राष्ट्रपति ने हमारी फिल्म देखी और तारीफ की। यह बहुत ही खास और दुर्लभ मौका था, ऐसा मौका जो याद दिलाता है कि हम यह सब क्यों करते हैं। अनुपम खेर, हमें इस अनमोल सफर का हिस्सा बनाने के लिए धन्यवाद। फिल्म ‘तन्वी : द ग्रेट’ में शुभांगी दत्त मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अनुपम खेर, जैकी श्रॉफ, बोमन ईरानी, पल्लवी जोशी, करण टैकर और इयान ग्लेन जैसे कलाकार अहम भूमिकाएं निभा रहे हैं। निर्देशन और कहानी अनुपम खेर की है। इस फिल्म का निर्माण अनुपम खेर स्टूडियोज ने एनएफडीसी (राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम) के साथ मिलकर किया है। यह फिल्म 18 जुलाई को रिलीज होगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 13:07:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जलवायु संकट पर राष्ट्रपति की चेतावनी, कहा- कॉर्पोरेट को जोड़ना होगा पर्यावरण का भी हिसाब</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जलवायु परिवर्तन के संकटों के मद्देनजर लेखाकारों से पर्यावरणीय लागतों को ध्यान में रखने पर जोर देते हुए कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-murmu-accountants-environment-cost-speech-icmai/article-118300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(7)10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जलवायु परिवर्तन के संकटों के मद्देनजर लेखाकारों से पर्यावरणीय लागतों को ध्यान में रखने पर जोर देते हुए कहा है कि उनकी जिम्मेदारियां वित्तीय लेखांकन से कहीं आगे हैं। मुर्मु ने भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई) के राष्ट्रीय छात्र दीक्षांत समारोह में कहा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन के संकट का सामना कर रही है और सतत विकास अब एक नारा नहीं है यह एक जरूरत बन गई है। उन्होंने कहा कि बदली हुई परिस्थितियों में लेखाकारों की भूमिका और जिम्मेदारी भी बदल गई है। उन्होंने कहा कि वह समय बीत चुका है जब कॉर्पोरेट संगठन केवल लाभ के उद्देश्य से काम करते थे। अब उन्हें पर्यावरणीय लागतों को ध्यान में रखना होगा और यहीं पर सीएमए अपने कौशल के साथ ग्रह के भविष्य में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं। राष्ट्रपति ने छात्रों को यह ध्यान रखने की सलाह दी कि उनकी ज़िम्मेदारियाँ वित्तीय लेखांकन से कहीं आगे तक फैली हुई हैं।</p>
<p>मुर्मु ने कहा कि लागत लेखाकार के रूप में वह 2047 तक देश के विकास में योगदान देने के लिए अद्वितीय स्थिति में हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईसीएमएआई द्वारा दी जाने वाली शिक्षा उन्हें न केवल सफल पेशेवर बनने में सक्षम बनाएगी, बल्कि राष्ट्र-निर्माता भी बनाएगी।</p>
<p>राष्ट्रपति ने लेखाकारों के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि लेखांकन और जवाबदेही गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम जवाबदेही को महत्व देते हैं, इसलिए हम लेखांकन को विशेष महत्व देते हैं।” राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय लागत लेखाकार संस्थान आधुनिक समय में इस समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहा है। देश में लागत और प्रबंधन लेखाकारों के पेशे के नियमन तथा विकास के लिए आईसीएमएआई की स्थापना 1944 में की गई थी। यह संस्थान स्वतंत्रता के बाद भारत के आर्थिक परिवर्तन की गाथा का गवाह होने के साथ साथ भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुर्मु ने कहा कि आईसीएमएआई देश की प्रगति में भागीदार रहा है, क्योंकि यह नीति निर्माताओं, केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों को लागत-कुशल रणनीतियां, प्रणालियां और मैनुअल विकसित करने में मूल्यवान सहायता प्रदान करता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 16:04:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आत्मनिर्भर और सशक्त महिलाओं के बल पर ही भारत बन सकता है विकसित : द्रौपदी मुर्मु</title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विकसित भारत को सभी का सपना बताते हुए कहा है कि आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी, स्वतंत्र और सशक्त महिलाओं के बल पर ही विकसित भारत का निर्माण हो सकता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-can-become-developed-only-on-the-strength-of-self/article-106939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(5).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विकसित भारत को सभी का सपना बताते हुए कहा है कि आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी, स्वतंत्र और सशक्त महिलाओं के बल पर ही विकसित भारत का निर्माण हो सकता है। इसलिए पुरुषों को महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनने में हर कदम पर सहयोग करना चाहिए। मुर्मु ने शनिवार को यहां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नारी शक्ति से विकसित भारत विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति ने कहा कि यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने, उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए खुद को समर्पित करने का अवसर है। उन्होंने कहा, आज हम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस अवधि में महिला समुदाय ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वह अपनी जीवन यात्रा को इस प्रगति का एक हिस्सा मानती हैं।  उन्होंने कहा कि ओडिशा के एक साधारण परिवार और पिछड़े क्षेत्र में जन्म लेने से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा भारतीय समाज में महिलाओं के लिए समान अवसरों और सामाजिक न्याय की कहानी है। राष्ट्रपति ने कहा, विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल मिलना जरूरी है। उन्हें ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी दबाव या डर के अपने जीवन के बारे में स्वतंत्र निर्णय ले सकें। हमें ऐसा आदर्श समाज बनाना है, जहां कोई भी बेटी या बहन अकेले कहीं जाने या रहने से न डरे।</p>
<p><strong>महिलाओं के प्रति सम्मान से ही भयमुक्त माहौल</strong><br /> मुर्मु ने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना ही भयमुक्त सामाजिक माहौल बनाएगी। ऐसे माहौल में लड़कियों को जो आत्मविश्वास मिलेगा, वह देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि जब भी हमने महिलाओं की प्रतिभा का सम्मान किया है, उन्होंने कभी निराश नहीं किया है।  संविधान सभा की सदस्य रहीं सरोजिनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, सुचेता कृपलानी और हंसाबेन मेहता जैसी विभूतियों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां महिलाओं ने अपनी बुद्धि, विवेक और ज्ञान के बल पर न केवल ख्याति अर्जित कर सर्वोच्च स्थान हासिल किया है, बल्कि देश और समाज का मान भी बढ़ाया है। चाहे विज्ञान हो, खेल हो, राजनीति हो या समाज सेवा हो- सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा के प्रति सम्मान जगाया है। </p>
<p><strong>कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी तेज</strong><br />राष्ट्रपति ने कहा कि जब भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, तो देश के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी कार्यबल में महिलाओं की कम भागीदारी का एक कारण यह धारणा है कि महिलाएं बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी ले लेंगी या काम पर कम ध्यान दे पाएंगी। उन्होंने कहा, यह सोच सही नहीं है। हमें खुद से पूछना होगा कि क्या समाज की बच्चों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है। हम सभी जानते हैं कि परिवार में पहली शिक्षिका मां होती है। अगर मां बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी लेती है, तो उसका यह प्रयास समाज की भलाई के लिए भी है। मां अपने प्रयासों से अपने बच्चे को आदर्श नागरिक बना सकती है। </p>
<p>मुर्मु ने कहा कि आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी, स्वतंत्र और सशक्त महिलाओं के बल पर ही विकसित भारत का निर्माण हो सकता है। विकसित भारत का संकल्प सबका संकल्प है, जिसे सबको मिलकर पूरा करना है। इसलिए पुरुषों को महिलाओं को सशक्त, सशक्त और आत्मनिर्भर बनने में हर कदम पर सहयोग करना चाहिए। महिलाओं को पूरे आत्मविश्वास, लगन और मेहनत के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और देश व समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 13:00:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में महिलाओं की भागीदारी बढाना जरूरी : ग्लोबल साउथ देशों के प्रतिभागियों ने मुर्मु से की मुलाकात, मुर्मु ने कहा- शांति मिशनों में महिलाओं की संख्या समझौते के लिए अधिक प्रभावी </title>
                                    <description><![CDATA[ ग्लोबल साउथ देशों की महिला शांति सैनिकों के सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के एक समूह ने सोमवार को यहां राष्ट्रपति भवन में मुर्मु से मुलाकात की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/participants-from-global-south-countries-who-participated-in-the-necessary/article-105378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/murmu-1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महिलाओं के प्रभुत्व वाले संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों की हिंसा कम करने और दीर्घकालिक शांति समझौतों में प्रभावशाली भूमिका का उल्लेख करते हुए इन मिशनों में महिलाओं को अधिक से अधिक शामिल करने को कहा है। ग्लोबल साउथ देशों की महिला शांति सैनिकों के सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के एक समूह ने सोमवार को यहां राष्ट्रपति भवन में मुर्मु से मुलाकात की।</p>
<p>राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि शांति मिशन में महिलाओं की मौजूदगी इसे और अधिक विविधतापूर्ण तथा समावेशी बनाती हैं। महिला शांति सैनिकों की अक्सर स्थानीय समुदायों तक बेहतर पहुंच होती है और वे महिलाओं और बच्चों के लिए रोल मॉडल के रूप में काम कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं लिंग आधारित हिंसा के समाधान, विश्वास और संवाद को बढ़ावा देने में ज्यादा सक्षम हैं। मुर्मु ने कहा कि जिन शांति मिशनों में महिलाओं की संख्या अधिक होती है वे हिंसा को कम करने और दीर्घकालिक शांति समझौते हासिल करने में अधिक प्रभावी रहे हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि हम संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में अधिक महिलाओं को शामिल करें।</p>
<p>राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में योगदान के भारत के गौरवशाली इतिहास को याद किया। भारत के 2 लाख 90 हजार से अधिक शांति सैनिकों ने 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सेवा की है। अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए 9 सक्रिय मिशनों में 5000 से अधिक भारतीय शांति सैनिक तैनात हैं जो अक्सर प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि भारतीय महिला शांति सैनिक कर्तव्य  पूरा करने में सबसे आगे रही हैं। 6 मौजूदा संयुक्त राष्ट्र मिशनों में 154 से अधिक भारतीय महिला शांति सैनिक तैनात हैं। वर्ष 1960 के दशक में कांगो से लेकर 2007 में लाइबेरिया में पुलिसिंग तक भारतीय महिला शांति सैनिकों ने व्यावसायिकता और आचरण की उच्चतम परंपराओं का प्रदर्शन किया है।</p>
<p><strong>महिला शांति सैनिक शांति स्थापना में महिलाएं:</strong> एक वैश्विक दक्षिण परिप्रेक्ष्य विषय पर एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां आई हैं। इसका आयोजन विदेश और रक्षा मंत्रालय तथा संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना केंद्र, नई दिल्ली के साथ संयुक्त रूप से किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य ग्लोबर साउथ की महिला अधिकारियों को शांति स्थापना के समकालीन प्रासंगिकता के मुद्दों और शांति स्थापना मिशनों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक साथ लाना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 14:57:15 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगम में लगायी पुण्य की डुबकी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी संगम में पुण्य किया स्नान </title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ 2025 के अवसर पर सोमवार पूर्वान्ह गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन त्रिवेणी पर आस्था की डुबकी लगायी और राष्ट्र की सुख समृद्धि की कामना की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-draupadi-murmu-took-a-dip-of-virtue-in-the/article-103778"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news13.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ 2025 के अवसर पर पूर्वान्ह गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन त्रिवेणी पर आस्था की डुबकी लगाईै और राष्ट्र की सुख समृद्धि की कामना की। मुर्मू ने संगम में डुबकी लगाने से पहले राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जेटी पर कलरव कर रहे साइबेरियन पक्षियों को दाना चुगाया। उसके बाद वह संगम में उतर कर आचमन किया और सूर्य को अघ्र्य दिया और पवित्र जल को मस्तक से लगाया। उसके बाद उन्होंने अपने हाथ से मां गंगा को पुष्प और नारियल अर्पित किया।</p>
<p>स्नान के बाद तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रपति से जेटी पर ही पूजन कराया। राष्ट्रपति ने पूजा के समय गुलाबी रंग की साड़ी पहन रखी थी। राष्ट्रपति के साथ प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी संगम में पुण्य स्नान किया। उन्होंने भी संगम में पुष्प अर्पित किया। राष्ट्रपति का संगम स्नान के बाद अक्षय वट और लेटे हनुमान जी के दर्शन आदि का भी कार्यक्रम है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 14:13:06 +0530</pubDate>
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