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                <title>possession - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>possession RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पजेशन के बाद भी देरी पर बिल्डर से मुआवजा मांग सकेंगे घर खरीदार</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फ्लैट का कब्जा (Possession) मिलने के बाद भी घर खरीदार प्रोजेक्ट में देरी के लिए बिल्डर से मुआवजा मांग सकते हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के अनुसार, एग्रीमेंट का आर्बिट्रेशन क्लॉज खरीदारों को कंज्यूमर फोरम जाने से नहीं रोक सकता। इस फैसले से रियल एस्टेट डेवलपर्स की जवाबदेही तय होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-supreme-court-home-buyers-will-be-able/article-157716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/016.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों के हित में अहम फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि फ्लैट या मकान का कब्जा मिलने के बाद भी खरीदार परियोजना में हुई देरी के लिए बिल्डर से मुआवजा मांग सकते हैं। अदालत ने स्पष्ट करते हुए कहा कि पजेशन लेना खरीदार के कानूनी अधिकारों को समाप्त नहीं करता और निर्माण में देरी से हुए नुकसान की भरपाई का दावा जारी रखा जा सकता है।</p>
<p>न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने यह भी कहा कि बिल्डर-खरीदार समझौते में मौजूद आर्बिट्रेशन क्लॉज उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराने से नहीं रोक सकता। यदि मामला उपभोक्ता फोरम में पहुंच जाता है तो उसकी सुनवाई वहीं होगी।</p>
<p>यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है। इससे समय पर परियोजनाएं पूरी नहीं करने वाले डेवलपर्स की जवाबदेही बढ़ेगी और खरीदारों को न्याय पाने का आसान रास्ता मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिल्डरों पर कानूनी और वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:24:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधवा परिवार के साथ बैठी कलेक्ट्रेट धरने पर,  कृषि भूमि का कब्जा मुक्त नहीं कराने का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम देवड़ावास की एक विधवा महिला ने अपने परिवार के साथ कृषि भूमि का कब्जा मुक्त नहीं कराने पर जिला कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरने पर बैठ गई और जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर उसकी जमीन का सीमाज्ञान व पत्थरगढ़ी करवाकर कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। भूमि की तारबंदी नहीं होने पर परिवार के साथ दिनभर महिला कलेक्टेÑट में बैठी रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/on-the-collectorate-dharna-sitting-with-the-widow-family-the/article-12208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/152.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टोंक।</strong> ग्राम देवड़ावास की एक विधवा महिला ने अपने परिवार के साथ कृषि भूमि का कब्जा मुक्त नहीं कराने पर जिला कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरने पर बैठ गई और जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर उसकी जमीन का सीमाज्ञान व पत्थरगढ़ी करवाकर कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। भूमि की तारबंदी नहीं होने पर परिवार के साथ दिनभर महिला कलेक्टेÑट में बैठी रही। दूनी तहसील के ग्राम देवड़ावास की कैलाशी देवी पत्नी स्व. दुर्गालाल ढोली एवं उसके परिवार के महिला पुरुषों, बालकों ने जिला कलक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि उसकी भूमि खसरा नं. 960, 961, 962 ग्राम देवड़ावास में है। </p>
<p>जिस पर गांव के पड़ौसी लोग कब्जा करना चाहते है और वह खेत पर तारबंदी करना चाहते है, पड़ौसी उसकी जमीन पर तारबंदी नहीं होने देते है। जिसकी न्यायालय उपखंड अधिकारी देवली में मामला चल रहा है, जिसमें तारबंदी ब्राउंड्रीवाल करने की अनुमति दे दी है। जिसको लेकर जिला कलक्टर, एसपी, आईजी, संभागीय आयुक्त डीआईजी को निवेदन कर चुके है, किन्तु हमारी कोई सुन नहीं रहा है, स्थानीय थाने में कई बार निवेदन किया है। जमीन पर गोपाल, रामदेव, बाबू, गिरिराज, नारायण निवासर सरकावास ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और हमे फसल नहीं बोने दे रहा है। जब जमीन जाती हूं तो खेती करने का प्रयास करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देते है। हमारे परिवार के पास जीवन यापन करने का साधन नही है, कृषि भूमि पर कब्जा कर लिया है। जिस पर न्याय दिलाते हुए उक्त भूमि को मुक्त करवाकर जरिए प्रशासन तारबंदी व पत्थरगढ़ी कराई जाएं। कैलाशी देवी सहित परिजनो ने बताया कि 15 जून को सीमाज्ञान की अन्तिम तारीख है और हम यहां से तारबंदी प्रशासन द्वारा कराए जाने के बाद ही जाएंगे। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 12:30:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिक्रमण के मकड़जाल में फंसा मंडी परिसर</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के धानमंडी क्षेत्र स्थित थोक फल-सब्जी मंडी परिसर अतिक्रमण की चपेट में आ रहा है। मंडी परिसर के चारों तरफ फल-सब्जी विक्रेताओं ने अपना डेरा जमा रखा है। इससे फल-सब्जी से भरे वाहनों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mandi-complex-trapped-in-the-web-of-encroachment/article-10492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/atikraman-ke-jaal-mei-mandi-parisar-kota-news-26.5.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के धानमंडी क्षेत्र स्थित थोक फल-सब्जी मंडी परिसर अतिक्रमण की चपेट में आ रहा है। मंडी परिसर के चारों तरफ फल-सब्जी विक्रेताओं ने अपना डेरा जमा रखा है। इससे फल-सब्जी से भरे वाहनों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। सुबह के समय तो यहां पर कई बार जाम तक लग जाता है। कृषि उपजमंडी समिति (फल-सब्जी) परिसर में फल-सब्जी का कारोबार होता है। धानमंडी क्षेत्र में स्थित यह परिसर चारों तरफ अतिक्रमण से घिरा हुआ है। मंडी परिसर के बाहर फल-सब्जी के ठेले लगे रहते हैं। जिससे यहां पर आवागमन बाधित होता रहता है। वहीं परिसर के बाहर सड़क पर सब्जी के विक्रेता अपना सामान फैला कर बैठे रहते हैं। इस कारण सुबह के समय तो ट्रक व अन्य वाहन तो आसानी से निकल ही नहीं पाते हैं। दुपहिया वाहन सवारों को भी निकलने के लिए यहां पर काफी मशक्कत करनी पड़ती है। <br /><br /><strong>हर दिन लड़ाई-झगडे की नौबत आ जाती है</strong><br />मंडी समिति के सुरक्षा गार्डों ने बताया कि सुबह के समय फल-सब्जी लेकर आने वाले ट्रक व अन्य लोडिंग वाहन अतिक्रमण के कारण मंडी के बाहर ही अटक जाते हैं। स्थानीन फल-सब्जी विक्रेता अपने ठेलों को सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं। इससे बड़े वाहन नहीं निकल पाते हैं। जब विक्रेताओं को ठेले हटाने के लिए कहते हैं तो वह लड़ाई-झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। बड़े विवाद से बचने के लिए विक्रेताओं से समझाइश कर फल-सब्जी के वाहनों को मंडी परिसर में पहुंचाया जाता है। <br /><br /><strong>  शौचालय क्षतिग्रस्त</strong><br />फल-सब्जी मंडी परिसर में भी अव्यवस्था की स्थिति नजर आती है। परिसर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं, जो हवा के कारण परिसर में फैल जाते हैं। इससे स्थानीय कारोबारियों को परेशानी होती है। परिसर में दो शौचालय है, जिसमें से एक क्षतिग्रस्त हो रहा है।<br /><br /><strong>जाम की समस्या हुई आम</strong><br />हाड़ौती के विभिन्न क्षेत्रों से सुबह के समय काफी मात्रा में ट्रकों व लोडिंग वाहनों में फल-सब्जी बिकने के लिए मंडी परिसर में आती है। इसी दौरान मंडी परिसर के बाहर स्थानीय फल-सब्जी के विक्रेता अपना डेरा जमा लेते हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले फल-सब्जी से भरे वाहन आसानी से मंडी में प्रवेश नहीं कर पाते हैं। स्थानीय फल-सब्जी विक्रेता मंडी परिसर के सभी गेटों पर अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे फल-सब्जी से भरे बड़े वाहन बाहर ही फंस जाते हैं। इससे जाम लग जाता है। मंडी समिति के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर बड़े वाहनों को मंडी परिसर में प्रवेश करवाते हैं। इस दौरान जाम लगने से अन्य वाहन सवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><br />फल-सब्जी मंडी परिसर चारों तरफ से अतिक्रमण से घिरा हुआ है। परिसर के प्रवेश द्वारों पर फल-सब्जी के ठेले खड़े होने से रोजाना जाम लगा रहता है। इन ठेले वालों को हटाने के लिए नगर निगम को लिखा जा चुका है। कई बार ज्यादा देर तक जाम लगने पर पुलिस को मदद के लिए बुलाना पड़ता है। मंडी परिसर में रोजाना कचरे की सफाई करवाई जाती है।<br /><strong>-हेमलता मीणा, सचिव कृषि उपजमंडी समिति (फल-सब्जी)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 May 2022 15:09:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह गिरफ्तारी वारंट से तलब</title>
                                    <description><![CDATA[राजघराने की संपत्ति को ट्रस्ट बनाकर अधिकार में लेने को माना गलत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AC/article-2771"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/jitendra-singh-71731.jpg" alt=""></a><br /><p> बूंदी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अलवर राजघराने के सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह को फर्जी डीड के आधार पर ट्रस्ट बनाने के मामले में गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। इस मामले में न्यायालय ने बूंदी के पूर्व जिला प्रमुख श्रीनाथ सिंह हाड़ा एवं भंवर जितेंद्र सिंह के ससुर बृजेंद्र सिंह को भी दोषी मानते हुए गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। कोर्ट ने तीनों को 6 जनवरी 2022 को पेश होने के आदेश दिए है।  बूंदी रियासत के पूर्व नरेश स्व. रणजीत सिंह ने अपने हिस्से की संपत्ति की वसीयत अपने मित्र अविनाश चानना के नाम की थी।  रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद उनके भांजे पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने एक ट्रस्ट डीड उजागर की। जिसमें स्व. रंजीत सिंह ने अपनी संपत्ति की ट्रस्टी डीड बनाकर उसे आशापुरा माताजी मंदिर को समर्पित कर दिया। इस वसीयत के अनुसार आशापुरा माताजी मंदिर का इंचार्ज भंवर जितेंद्र सिंह को मुख्य सेवायत बनाया गया था। इस आधार पर स्व. रणजीत सिंह की सारी संपत्ति आशापुरा ट्रस्ट को हस्तानांतरित कर दी गई।  अविनाश चानना के पावर आॅफ अटॉर्नी होल्डर एडवोकेट कान सिंह राठौर ने बताया कि भंवर जितेंद्र सिंह ने वर्ष 2008 में इस ट्रस्ट डीड को बनना बताया है। जबकि 8 मई 2008 को हाईकोर्ट में भंवर जितेंद्र सिंह ने संपत्ति विवाद के मामले में स्व. रणजीत सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने न्यायालय से उनके मामा स्वर्गीय रणजीत सिंह को जेल भेजने की अपील की थी। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। उसी दौरान रणजीत सिंह ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर अनुरोध किया था कि मेरी और जितेंद्र सिंह के बीच संपत्ति का बंटवारा कर दिया जाए मुझे मेरे हिस्से की संपत्ति दे दी जाए जिसका कि मैं अपने जीवन काल में उपयोग, उपभोग कर सकूं। इसी दौरान भंवर जितेंद्र सिंह ने स्व. रणजीत सिंह के द्वारा उनकी संपत्ति की ट्रस्ट डीड बनाना बताया जिसमें भंवर जितेंद्र सिंह को मुख्य सेवारत मनोनीत किया गया था।<br /><br /><strong>एक तरफ जेल भेजने की अपील, दूसरी तरफ ट्रस्ट डीड</strong><br />एडवोकेट राठौड़ ने बताया कि उन्होंने न्यायालय में इसी आधार पर पुलिस की अंतरिम रिपोर्ट को चुनौती दी थी कि एक तरफ भंवर जितेंद्र सिंह संपत्ति मामले में न्यायालय की अवमानना पर अपने मामा रणजीत सिंह को जेल भेजने की अपील कर रहे थे। उसी समय उनके मामा कैसे यह ट्रस्ट डीड कर सकते हैं और जब इस ट्रस्ट डीड के आधार पर जितेंद्र सिंह स्व. रणजीत सिंह की संपत्ति के मुख्य कर्ता-धर्ता हो गए थे तो फिर उन्होंने मामा के खिलाफ संपत्ति का केस उनकी मृत्यु के बाद तक क्यों चलाए रखा था। एडवोकेट कान सिंह राठौर ने बताया कि इस मामले में स्व. रणजीत सिंह के मित्र अविनाश चानना ने ट्रस्ट डीड को फर्जी बताते हुए वर्ष 2017 में कोतवाली पुलिस थाने में भंवर जितेंद्र सिंह और ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों पूर्व जिला प्रमुख श्रीनाथ सिंह हाडा, बृजेंद्र सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाया था। भंवर जितेंद्र सिंह ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मुकदमे को खारिज करने की अपील की थी जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। जबकि बूंदी पुलिस ने इस मामले में एफआर लगाकर मामला न्यायालय में पेश कर दिया था। न्यायालय में अविनाश चानना ने पुलिस द्वारा लगाई गई अंतरिम रिपोर्ट को चुनौती दी।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 27 Nov 2021 11:25:12 +0530</pubDate>
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                <title>साढ़े चार साल में रेरा का पहला बड़ा एक्शन :अरावली गार्डन के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का लिया कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रोजेक्ट का 27 नवंबर, 2013 को काम शुरू हुआ, 25 अक्टूबर, 2020 तक होना था पूरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A5%9D%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8--%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-1451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rera--mks1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (रेरा) ने साढ़े चार साल में पहली बार खरीददारों से धोखाधड़ी करने वाले बिल्ड़र के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए भिवाड़ी स्थित अरावली गार्डन आवासीय योजना की जमीन और स्ट्रक्चर का मंगलवार को कब्जा ले लिया। इस प्रोजेक्ट में 907 फ्लेट बनने थे। अथॉरिटी अब संभावना तलाशेगा कि इस प्रोजेक्ट को थर्ड पार्टी के माध्यम से पूरा कराया जाए या फिर संपत्ति नीलाम कर खरीददारों को पैसा लौटा दिया जाए। दरअसल, यह प्रोजेक्ट सर्वआवास हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड का है, जो भिवाड़ी के पास स्थित है। जिसका क्षेत्रफल 17484.21 वर्गमीटर है और मौके पर दो मंजिला निर्माण हो रखा है।</p>
<p><br /> इस प्रोजेक्ट का 27 नवंबर 2013 को काम शुरू हुआ और इसे 25 अक्टूबर 2020 तक पूरा करना था, लेकिन बिल्ड़र ने काम अधूरा छोड़ खरीददारों को अपने हाल पर छोड़ दिया। इस प्रोजेक्ट में 907 फ्लैट बनने थे। रेरा ने हाल ही 15 सितंबर को सार्वजनिक सूचना भी जारी की। इसके जरिए बुकिंग कर्ताओं, खरीददारों का क्लेम मांगा गया। नियमों की पालना नहीं करने पर मंगलवार को जयपुर से रेरा रजिस्ट्रार आर.सी. शर्मा के नेतृत्व में रेरा टीम ने मौके पर कब्जा लिया और बोर्ड लगाया। <br /> <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>फैक्ट फाइल</strong></span></span></span><br /> - रेरा में रजिस्टर्ड: 1635 प्रोजेक्ट<br /> -561 बिल्डर-डवलपर ने प्रोजेक्ट में एक्सटेंशन लिया अब तक<br /> -79 प्रोजेक्ट से अब तक 1.05 करोड़ रुपए पेनल्टी वसूली गई<br /> छह ब्लॉक में बनने थे 907 फ्लैट, केवल एक ब्लॉक में जी प्लस वन में ही स्ट्रक्चर बना</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong><br /> शिकायत के बाद यूं चला मामला</strong></span></span></span><br />     खरीददार लंबे समय तक इंतजार करते रहे, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई।<br />     इसी बीच एक मई 2017 को रेरा का गठन हुआ और प्रभावितों ने यहां गुहार लगाई।<br />     इनमें से दो खरीददार मनोज कुमार त्रिपाठी सहित 23 ने रेरा में शिकायत की।<br />     रेरा ने 19 दिसंबर 2019 को आदेश दिया की बिल्डर बुकिंग कर्ताओं को बुकिंग राशि 10.75 प्रतिशत ब्याज दर के साथ लौटाए।<br />     बिल्ड़र ने रेरा की सख्ती पर पालना नहीं की। <br />     रेरा ने जिला कलक्टर को रिकवरी करने के लिए लिखा।<br />     इसके बाद रेरा ने कार्यवाही आगे बढ़ाई और 23 जनवरी 2020 को प्रोजेक्ट निरस्त कर दिया। साथ ही अकाउंट सीज कर दिया गया।</p>
<p><br /> प्रोजेक्ट का कब्जा लिया गया है, अब संभावना तलाशी जाएंगी कि इस प्रोजेक्ट को थर्ड पार्टी के माध्यम से पूरा कराया जाए या फिर सम्पत्ति नीलाम कर खरीदारों को पैसा लौटा दिया जाए। इसका निर्णय उच्च स्तर पर चर्चा के बाद लिया जाएगा।<br /> <strong>- रमेश चंद्र शर्मा, रजिस्ट्रार रेरा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 10:58:55 +0530</pubDate>
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