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                <title>government schemes - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>government schemes RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जनगणना ड्यूटी से SMS हॉस्पिटल में हड़कंप : 38 कर्मचारियों को मुक्त करने की सिफारिश, जयपुर कलेक्टर को लिखा पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के SMS हॉस्पिटल में 38 मंत्रालयिक कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने से हड़कंप मच गया है। अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि इससे आयुष्मान और RGHS जैसी आवश्यक सेवाएं ठप हो सकती हैं। मेडिकल एजुकेशन आयुक्त ने मरीजों के हित में जयपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों की ड्यूटी तुरंत निरस्त करने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/stir-in-sms-hospital-recommendation-to-relieve-38-employees-from/article-151576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sms-hospital1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सवाई मानसिंह (SMS) में जनगणना ड्यूटी के कारण प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हॉस्पिटल में तैनात कुल 65 मंत्रालयिक कर्मचारियों में से 38 कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाए जाने से कई आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल को नगर निगम आदर्श नगर जोन उपायुक्त एवं जनगणना अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर इन कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई थी। आदेश मिलते ही हॉस्पिटल प्रशासन सतर्क हो गया और इस निर्णय पर चिंता जताई गई।</p>
<p>हॉस्पिटल अधीक्षक ने मेडिकल एजुकेशन आयुक्त को भेजे पत्र में बताया कि इन कर्मचारियों की अनुपस्थिति से मेडिकल बोर्ड, दिव्यांगता प्रमाणन, वीवीआईपी प्रोटोकॉल, कोर्ट के आदेशों के तहत स्वास्थ्य परीक्षण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे मां योजना, आरजीएचएस और आयुष्मान योजना के संचालन में बाधा आ सकती है। अधीक्षक की सिफारिश पर आयुक्त मेडिकल एजुकेशन ने जयपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी निरस्त करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में चुनाव और जनगणना ड्यूटी से भी इन्हें मुक्त रखने की सिफारिश की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/stir-in-sms-hospital-recommendation-to-relieve-38-employees-from/article-151576</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:14:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्थिक संकट में तेजी से बिक रही गरीबों की जमीनें</title>
                                    <description><![CDATA[ जागरूकता की कमी से बढ़ रहा भूमिहीनता का खतरा, स्थाई रूप से पटवारी की नियुक्ति की मांग 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/lands-of-the-poor-being-sold-rapidly-amidst-economic-crisis/article-148170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)4.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। अरनेठा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की जमीनों के तेजी से बिकने के मामले सामने आ रहे हैं। आर्थिक तंगी, बढ़ते कर्ज, जागरूकता की कमी और बिचौलियों के झांसे में आकर कई लोग अपनी पैतृक जमीन कम दामों में बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इससे उनका भविष्य असुरक्षित होने के साथ सामाजिक और आर्थिक असमानता भी बढ़ रही है।</p>
<p>ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में परिवार भूमिहीन हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जमीन बेचने से पहले दस्तावेज, रजिस्ट्री और सरकारी नियमों की पूरी जानकारी अवश्य लें। बिचौलियों से सावधानी बरतते हुए बाजार दर की जानकारी लेकर ही सौदा तय करें।</p>
<p>ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि आर्थिक संकट की स्थिति में जमीन बेचने के बजाय सरकारी योजनाओं, ऋण और अनुदान का सहारा लिया जाए तथा किसी भी बड़े निर्णय से पहले अनुभवी व्यक्तियों, वकीलों या राजस्व अधिकारियों से परामर्श किया जाए।<br />साथ ही ग्रामीणों ने मांग की कि पिछले दो वर्षों से अतिरिक्त प्रभार पर चल रहे अरनेठा पटवार मंडल में स्थाई रूप से पटवारी चंद्रशेखर नागर की नियुक्ति की जाए, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू हो सकें।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />किसानों पर कर्ज का दबाव लगातार बढ रहा है। पिछले एक वर्ष से करीब 60-70 किसानों की जमीनें बिक चुके है। <br /><strong>-चन्द्रशेखर नागर, पटवारी, पटवार मंडल, अरनेठा। </strong></p>
<p>इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है, और प्रयास किए जाएंगे कि किसानों को जमींने कम से कम बिके। <br /><strong>-रामकिशोर मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर, बूंदी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 18:09:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीस सूत्रीय कार्यक्रम की मुख्य सचिव ने की समीक्षा: समन्वित प्रयास, सुदृढ़ निगरानी एवं जवाबदेही से मिलेंगे बेहतर परिणाम </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर में बीस सूत्रीय कार्यक्रम (TPP) की समीक्षा करते हुए गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने फरवरी 2026 तक की प्रगति का आकलन किया और अधिकारियों को समयबद्ध व पारदर्शी लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सुदृढ़ निगरानी और जवाबदेही से ही वंचित वर्गों का उत्थान संभव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-secretary-reviewed-the-twenty-point-program-coordinated-efforts-strong-monitoring/article-147599"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/scaled_img-20260323-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की मुख्य सचिव ने की समीक्षा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, लक्षित वर्ग तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश 'समन्वित प्रयास, सुदृढ़ निगरानी एवं जवाबदेही से मिलेंगे बेहतर परिणाम'- मुख्य सचिव जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम (टीपीपी) राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से गरीबी उन्मूलन तथा कमजोर एवं वंचित वर्गों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि समन्वित प्रयासों के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम के लाभ लक्षित वर्गों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाए जाएं। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत फरवरी 2026 तक की प्रगति की समीक्षा हेतु सचिवालय में सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कार्यक्रम की जिला-वार एवं योजना-वार प्रगति की समीक्षा करते हुए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:29:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्ट्स से संस्कृत तक को टैबलेट के साथ मुफ्त इंटरनेट, कृषि प्रतिभाओं को वंचित छोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट देकर प्रोत्साहित करती है सरकार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/free-internet-along-with-tablets-from-arts-to-sanskrit--agricultural-talents-left-deprived/article-104273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer60.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्कूली शिक्षा में प्रतिभाओं को सरकारी योजनाओं की सुविधा देने में सरकार का दोहरा रवैया देखने को मिल रहा है। एक तरफ बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोच्चय अंक हासिल करने वाले आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स व संस्कृत के विद्यार्थियों को टैबलेट के साथ 3 साल के लिए मुफ्त इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है। वहीं, कृषि संकाय की प्रतिभाओं को सरकारी योजनाओं से महरूम रखा जा रहा। वर्ष 2022 से अब तक कृषि विद्यार्थियों को टैबलेट नहीं दिए गए। जबकि, आर्ट्स से संस्कृत संकाय के होनहार विद्यार्थियों को दिए जा रहे हैं। सरकार के दोहरे रवैये से विद्यार्थी प्रोत्साहित होने की जगह निरुत्साहित हो रहे हैं। दरअसल, आठवीं, दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्चय अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार, फ्री टेबलेट योजना के तहत टेबलेट के साथ तीन साल के लिए मुफ्त इंटरनेट देती है। ताकि, विद्यार्थी टेक्नोलॉजी से अपग्रेड रहे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर सके। लेकिन, सरकार यह सुविधा कला, विज्ञान, वाणिज्य और संस्कृत संकाय के मेधावी छात्र-छात्राओं को तो दे रही है लेकिन कृषि संकाय की प्रतिभाओं को नहीं दिया जा रहा। </p>
<p><strong>सरकारी योजनाओं से वंचित कृषि होनहार </strong><br />बोर्ड परीक्षाओं में कृषि संकाय में मेरिट (निर्धारित प्रतिशत) में आने वाले विद्यार्थियों को टेबलेट नहीं दिए जा रहे। उन्हें तकनीक से दूर रखने के साथ नवाचार व सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। ऐसे में योजना से कृषि संकाय की प्रतिभाएं वंचित होंगी। राज्य में आठवीं,दसवीं और बारहवीं कक्षा में मेरिट में आने वाले 55 हजार 800 विद्यार्थियों को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से राज्य सरकार टेबलेट वितरण के साथ 3 साल तक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवा चुकी है और वर्ष 2024 के लिए 18 हजार विद्यार्थियों के परिणाम के सत्यापन के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला शिक्षाधिकारियों को उनके जिले के राज्य मेरिट में आए विद्यार्थियों की मूल अंकतालिका से मिलान करने के निर्देश दिए हैं।  लेकिन, इसमें कृषि संकाय का जिक्र नहीं है। </p>
<p><strong>इस बार भी कृषि विद्यार्थी रहेंगे वंचित</strong><br />वर्ष 2022 एवं 2023 में बोर्ड परीक्षा में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को टेबलेट वितरण किया जा चुका है । अब वर्ष 2024 के विद्यार्थियों को टेबलेट वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन पिछले दो साल की तरह वर्ष 2024 में भी कृषि संकाय का एक भी विद्यार्थी शामिल नहीं किया गया। फ्री टेबलेट योजना के अंतर्गत सत्र 2021-22 व 22- 23 व 2023-24 के बोर्ड की सभी कक्षाओं आठवीं,दसवीं तथा बारहवीं के कला, वाणिज्य, विज्ञान, प्रवेशिका व वरिष्ठ उपाध्याय के छात्र-छात्रा शामिल हैं।</p>
<p><strong>2020 में बनाया कृषि संकाय</strong><br />शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह ने बताया कि राज्यभर में 398 स्कूलों में कृषि संकाय संचालित है। पहले यह विज्ञान संकाय के साथ ही माना जाता था। लेकिन, तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार ने वर्ष 2020 में कृषि को महत्व देने की योजना लागू करते हुए इसे विज्ञान संकाय से अलग कर कृषि संकाय घोषित किया। जिससे प्रदेश के बच्चों में कृषि के प्रति रुचि उत्पन्न हो और कृषि शिक्षा के प्रति रुझान  बढ़े।  गत वर्ष भी बोर्ड परीक्षा में कृषि संकाय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। </p>
<p>वर्ष 2024 में जारी हुए बारहवी बोर्ड परीक्षा के परिणाम में 91.49 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसके बावजूद हमें टेबलेट नहीं मिले। जबकि, विज्ञान में कुछ विद्यार्थियों के 85 से 90 प्रतिशत अंक आने पर उन्हें नि:शुल्क टेबलेट के साथ तीन साल के इंटरनेट की सुविधा द्वारा दी गई। सरकार को योजना के तहत हमें भी टेबलेट और इंटरनेट की सुविधा देनी चाहिए।<br /><strong>- लोकेश कुमार, छात्र कृषि विज्ञान </strong></p>
<p>यह तो सरासर दोगलापन है। बोर्ड परीक्षा में कृषि विद्यार्थी उत्कृष्ट  प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में हमें भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स  व संस्कृत के विद्यार्थियों को तो टेबलेट दे रहे और कृषि के मेधावी विद्यार्थियों को वंचित रख रहे। यह कहां का इंसाफ है। सरकार को सभी के प्रति एक सा नजरिया रखना चाहिए।<br /><strong>- भुवनेश प्रजापत, अकिल अहमद, छात्र कृषि विज्ञान </strong></p>
<p><strong>कृषि विद्यार्थियों को भी मिले टैबलेट व इंटरनेट</strong><br />राज्य के कृषि संकाय के विद्यार्थियों के साथ दोगला व्यवहार सही नहीं है। हमारा देश कृषि प्रधान है और कृषि को महत्व देने के उद्देश्य से ही कृषि विषय को अलग संकाय घोषित किया गया है। राज्य सरकार व शिक्षा विभाग से यही मांग है की वर्ष 2022 से 2024 तक तीनों सत्रों के कृषि संकाय के पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क टेबलेट वितरण योजना में शामिल करके सूची जारी करवाई जाए।<br /><strong>- मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा, </strong></p>
<p>यह सरकार के स्तर का मामला है, वहां से जो भी निर्देश  मिलेंगे, उसी के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।  <br /><strong>- तेज कंवर, संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा कोटा संभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 16:12:16 +0530</pubDate>
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