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                <title>अनमोल विरासत प्रदेश का दूसरा रोमन शैली जलसेतु</title>
                                    <description><![CDATA[झालावाड़ में विश्व विरासत गागरोन किला, कोलवी की गुफाएं, दहलनपुर सहित ऐसी दर्जनों प्राचीन धरोहर हैं ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/precious-heritage---the-second-roman-style-aqueduct-of-the-state/article-100149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(21)1.png" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। राजस्थान का झालावाड़ जिला अपनी ऐतिहासिक विरासतों एवं प्राकृतिक वातावरण के कारण काफी प्रसिद्ध है, यहां पर रोमन शैली से बना हुआ जलसेतु भी मौजूद है, जिसको एक अनमोल विरासत माना जा रहा है। यह झालावाड़ जिले की एक ऐसी विरासत है, जिसे अब तक लोग देखते तो रहे किंतु यह तथ्य उजागर नहीं हुए कि आखिर यह चीज क्या है। इसको देखने वाले यही समझा करते थे कि शायद यह कोई पत्थरों का बना अधूरा ढांचा है जो पूरा नहीं हो पाया होगा। यह अपने प्रकार की एक ऐसी संरचना है जो राजस्थान में मात्र दो ही हैं। वहीं पूरे देश में भी इनकी संख्या आधा दर्जन से काम ही बताई जाती है। ऐसे में यह बात यकीनी तौर पर कहीं जा सकती है कि यदि प्रशासन और राजस्थान सरकार झालावाड़ की इस विरासत को ठीक से सहेज कर सजा और संवार दे तो यह पर्यटन क्षेत्र में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है, क्योंकि झालावाड़ में विश्व विरासत गागरोन किला, कोलवी की गुफाएं, दहलनपुर सहित ऐसी दर्जनों प्राचीन धरोहर हैं जो पर्यटकों को लुभाती आ रही है। हमारी टीम ने जब इस प्राचीन ढांचे की गहनता से पड़ताल की और जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया तो वर्ष 1875 में बने इस ढांचे से जुड़े तथ्य बेहद रोचक और चोंकाने वाले हैं।</p>
<p><strong>1875 में हुआ निर्माण</strong><br />झालावाड़ के गांवड़ी का तालाब के किनारे से शुरू होकर मामा भांजा चौराहे के समीप खत्म होने वाला यह ढांचा रोमन शैली पर बना हुआ एक एक्वाडक्ट है, जिसको साधारण भाषा में रोमन एक्वाडक्ट कहा जाता है। रोमन एक्वाडक्ट यानी रोमन जल सेतुओं के बारे में हमें कई जगहों पर पढ़ने को मिल जाता है। रोम इटली स्पेन इत्यादि देशों में यह जलसेतु पानी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए बनाए जाते थे जो आज भी काम में आ रहे हैं। झालावाड़ के इस रोमन एक्वाडक्ट की यदि बात करें तो इसका निर्माण तत्कालीन शासक पृथ्वी सिंह द्वारा राजमहल के पास स्थित चंद्र सरोवर के किनारे वर्ष 1875 में करवाया गया था। चंद्र सरोवर को आज गांवड़ी का तालाब के नाम से जाना जाता है। इस जल सेतु का निर्माण गांवड़ी के तालाब से माधव विलास पैलेस, भवानी क्लब और राज परिवार की छोटी कोठी तक पानी ले जाने के लिए करवाया गया था। माधव विलास पैलेस इन दिनों झालावाड़ के जिला कलेक्टर का निवास हुआ करता है। झालावाड़ का यह पूरा एक्वाडक्ट जिसकी लंबाई लगभग 1 किलोमीटर है यह है 70 मेहराबों पर टिका हुआ है। एक्वाडक्ट की शुरूआत गांवड़ी का तालाब से होती है, जहां एक कुआं बनाया गया है, जिस पर एक इमारत नुमा ढांचे का निर्माण किया गया है, जहां से रहट के माध्यम से पानी लिफ्ट करके इस एक्वाडक्ट के ऊपरी छोर तक लाया जाता था, जहां से यह पानी गुरुत्वाकर्षण बल का इस्तेमाल करते हुए अंतिम छोर तक पहुंचता था।</p>
<p><strong>राजस्थान का दूसरा एक्वाडक्ट</strong><br />राजस्थान में बना हुआ यह दूसरा एक्वाडक्ट है, राजस्थान में पहला एक्वाडक्ट वर्ष 1845 में अलवर जिले की सिलीसेढ़ झील पर बनाया गया था। विशेषज्ञ और वैज्ञानिक बताते हैं कि झालावाड़ का यह एक्वाडक्ट अलवर के एक्वाडक्ट के 30 वर्षों बाद बनाया गया तथा इसमें अलवर के मुकाबले अधिक उन्नत तकनीक का इस्तेमाल हुआ। पूरे देश की यदि बात करें तो मात्र आधा दर्जन रोमन एक्वाडक्ट यहां होने की बात सामने आती है, जिनमें से सबसे बड़ा रोमन एक्वाडक्ट तमिलनाडु में मौजूद है।</p>
<p><strong>उल्टा साइफन सिस्टम</strong><br />इस एक्वाडक्ट का निर्माण जिस दौर में झालावाड़ के शासको द्वारा करवाया गया, उसे दौर में किसी भी प्रकार की आधुनिक तकनीक और बिजली मौजूद नहीं थी। ऐसे में जिन तकनीकों का इस्तेमाल जिसको बनाने में किया गया। वह वाकई चौंकाने वाली है। इस एक्वाडक्ट के मध्य से एक रास्ता भी गुजरता है जिसको बंद होने से बचाने के लिए यहां उल्टे साइफन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। रास्ते के दोनों तरफ यह एक्वाडक्ट नजर आता है जहां एक तरफ से इसमें पानी आता था और फिर यह पानी पाइप के माध्यम से रास्ते के नीचे से गुजरता और फिर दूसरी तरफ लेवल डाउन होने के कारण वापस पाइप द्वारा ऊपर चढ़ जाता और आगे एक्वाडक्ट में बहता हुआ अपने मुकाम तक पहुंचता था।</p>
<p><strong>संरक्षण की दरकार</strong><br />झालावाड़ शहर में स्थित इस एक्वाडक्ट को इतिहास विद और पुरातत्व विज्ञानी नायाब ढांचा बताते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिए जाने के चलते यह अब सामाजिक तत्वों एवं अतिकर्मियों का निशान बनता जा रहा है। इसके कुछ हिस्से को भू माफियाओं द्वारा अपनी कॉलोनी के रास्ते निकालने के लिए तोड़ने की कोशिश की जा रही है, तो वहीं लगभग आधे हिस्से में लोगों ने अपनी मनमर्जी से इसको क्षतिग्रस्त करके रास्ते निकाल लिए हैं। एक निजी शिक्षण संस्थान ने तो इसको जमींदोज ही कर दिया है तथा इसको नष्ट करके रास्ता बना लिया है, तथा अपनी चारदीवारी भी इसके ऊपर ही खड़ी कर दी है, जिसको लेकर प्रशासन की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जबकि झालावाड़ नगर परिषद स्पष्ट रूप से कह चुकी है कि इस ढांचे के आसपास किसी भी प्रमाण प्रकार के निर्माण या इस पर से रास्ता निकालने की स्वीकृति उसने किसी को भी नहीं दी है।</p>
<p>झालावाड़ का यह रोमन एक्वाडक्ट राजस्थान में दूसरा एक्वाडक्ट है तथा पूरे देश में इनकी संख्या बहुत थोड़ी सी है झालावाड़ का यह एक्वाडक्ट 1875 में बना था, इसको संरक्षित किए जाने की सख्त जरूरत है। <br /><strong> - राजपाल शर्मा, जिला संयोजक, इंटेक</strong></p>
<p>झालावाड़ के इस एक्वाडक्ट को दुरुस्त करवाने के प्रयास किया जा रहे हैं, जल्दी ही इसको लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी एवं उसके संरक्षण के काम को आगे बढ़ाया जाएगा। <br /><strong> - अजय सिंह राठौड़, जिला कलक्टर, झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 17:05:54 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा डोरिया साड़ी बाजार में व्यापारियों की रूचि कम</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में वर्तमान में कोटा डोरिया साड़ी के व्यापारियों की दुकाने कई जगह पर हैं। इसे देखते हुए न्यास ने कोटा डोरिया साड़ी बाजार को एक ही स्थान पर करने के लिए बाजार का निर्माण कराया है। लेकिन उसके बाद भी व्यापारी इसमें रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जिससे अभी तक बाजार शुरु नहीं हो सका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traders-less-interested-in-kota-doria-saree-market/article-29302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/kota-doria-saree-bazar-mei-vyapariyo-ki-richi-kum...kota-news-11.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास द्वारा शहर में हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उसी के तहत कोटा डोरिया साड़ी बाजार बनाया गया है। लेकिन व्यापारियों की रूचि उसमें कम नजर आ रही है। जिससे अभी तक भी बाजार की अधिकतर दुकानें खाली हैं। नगर विकास न्यास द्वारा सरोवर टॉकीज के पीछे रामपुरा में कोटा डोरिया साड़ी बाजार बनाया है। करीब 5.50 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए इस बाजार में 65 दुकानें हैं। जिनकके आवेदन की प्रक्रिया इसी साल जुलाई में शुरू कर दी गई थी। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने 17 जुलाई को इसकी पुस्तिका का विमोचन किया था। अगले दिन 18 जुलाई से आवेदन की प्रक्रिया भी शुरु कर दी गई थी। पहली बार में 29 जुलाई तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। लेकिन उस समय तक बहुत कम लोगों ने आवेदन दिए। जिसके बाद न्यास ने आवेदन की तिथि बढझÞकर 29 सितम्बर कर दी थी। लेकिन हालत यह है कि अभी तक भी अधिकतर व्यापारियों ने आवेदन नहीं किए हैं। </p>
<p><strong>न्यास ने दिया अतिम मौका</strong><br />नगर विकास न्यास की ओर से बाजाार में दुकानों के लिए आवेदन करने की तिथि एक बार फिर से बढ़ाकर 25 नवम्बर कर दी है। न्यास सचिव द्वारा विज्ञप्ति जारी कर व्यापारियों को आवेदन का अंतिम मौका दिया है। उस समय तक आवेदन नहीं करने पर न्यास द्वारा दुकानों का अपने स्तर पर निस्तारण कर दिया जाएगा। </p>
<p><strong>वर्तमान में बिखरी हुई हैं दुकानें</strong><br />शहर में वर्तमान में कोटा डोरिया साड़ी के व्यापारियों की दुकाने कई जगह पर हैं। रामपुरा से लेकर पूरे शहर में अलग-अलग जगह पर दुकानें होने से दुकानदारों को भी परेशानी है। साथ ही ग्राहकों को भी इधर-उधर परेशान होना पड़ रहा है। इसे देखते हुए न्यास ने कोटा डोरिया साड़ी बाजार को एक ही स्थान पर करने के लिए बाजार का निर्माण कराया है। लेकिन उसके बाद भी व्यापारी इसमें रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जिससे अभी तक बाजार शुरु नहीं हो सका है। यहां अभी तक अधिकतर दुकानें खाली हैं। जिन्होंने आवेदन कर दिया है उन दुकानों पर भी ताले लगे हुए हैं। </p>
<p><strong>दो मंजिला मार्केट में सभी सुविधाएं</strong><br />न्यास द्वारा दो मंजिला बाजार बनाया गया है। जिसमें पहली मंजिल पर 33 व दूसरी मंजिल पर 22 दुकानें हैं। जबकि दोनों मंजिल पर 5-5 दुकानें डबल हैं। न्यास द्वारा व्यापारियों की सहमति से दुकानों की राशि 4070 वर्ग फीट की दर से तय की गई है। यहां पार्किंग व लिफ्ट की भी सुविधा दी गई है। </p>
<p>कोटा डोरिया साड़ी के व्यापारियों को एक जगह पर लाने के लिए दो मंजिला शानदार मार्केट बनाया है। व्यापारियों की सहमति से ही दुकानों की दर भी तय की गई है। मार्केट की अधिकतर दुकानें तो बिक गई है लेकिन कुछ दुकानें बची हुई हैं। ऐसे में व्यापारियों को मार्केट में दुकानों के लिए आवेदन करने का एक अंतिम मौका दिया है। 25 नवम्बर तक आवेदन नहीं करने पर दुकानों का निस्तारण न्यास अपने स्तर पर करेग। <br /><strong>- राजेश जोशी, सचिव , नगर विकास न्यास </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2022 15:43:35 +0530</pubDate>
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                <title>मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[मानसा। कम उम्र में देश-विदेश में गायकी में नाम कमाने वाले मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का आज उनके पैतृक गांव मूसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। भीषण गर्मी में अपने हरमन प्यारे गायक, भाई और चहेते को अंतिम विदाई देने पहुंचे लाखों प्रशसंकों ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/famous-punjabi-singer-sidhu-moosewala-cremated-in-his-native-village/article-10906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/moose-wala.jpg" alt=""></a><br /><p>मानसा। कम उम्र में देश-विदेश में गायकी में नाम कमाने वाले मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का आज उनके पैतृक गांव मूसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। भीषण गर्मी में अपने हरमन प्यारे गायक, भाई और चहेते को अंतिम विदाई देने पहुंचे लाखों प्रशसंकों ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी। उनके खेत में ही नौजवान गायक का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर खेतों से लेकर पूरे गांव में पैर रखने तक को जगह नहीं थी। चाहे कोई जानने वाला हो या अंजान हरेक की आंखें नम थीं। पंजाब के कोने-कोने से लोग अपने भाई और गायक के अंतिम दर्शन करने आये। खेतों से लेकर पेड़ों पर उनके चाहने वाले दिखाई दे रहे थे। उनके पिता ने बदहवास हालत में अपने अपने इकलौतेे पुत्र का अंतिम संस्कार किया। <br /><br />देश-विदेश और बालीवुड और टालीवुड से जुड़ी हस्तियों ने मूसेवाला की हत्या पर गहरा दुख जताते हुये कहा है कि पंजाब में जिस तरह पिछले कुछ सालों में गैंगवार,नशा और अपराध बढ़ा और उसने कलाकारों, खिलाड़ियो और आम लोगों की जानें ली हैं। इससे पंजाब के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं। विदेश में बैठे गैंगस्टर अपने गुर्गों से हत्यायें करा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारों को इसका खात्मा करने के लिये ठोस कदम उठाने चाहिये । <br /><br />इस अवसर पर सामाजिक,राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र के लोग भी पहुंचे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग, पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा सहित कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने हाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर मानसा हलके से राजनीति में हाथ आजमाया लेकिन प्रदेश में लहर आम आदमी पार्टी के पक्ष में होने के कारण वह आप के डॉ विजय इंदर सिंगला से चुनाव हार गये। बाद में भ्रष्टाचार के मामले में यही डॉ सिंगला स्वास्थ्य मंत्री पद से हटाये गये और अब वह मुकदमे का सामना कर रहे हैं। <br /><br />उल्लेखनिय है कि मूसेवाला (27) की उनके गांव के समीप हमलावरों ने विदेशी हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग करके हत्या कर दी थी। उनकी लंबे समय से रेकी की जा रही थी। उनकी सुरक्षा के कारण हमलावर उनकी हत्या को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। पंजाब की भगवंत मान सरकार के 424 वीआईपी की सुरक्षा में कटौती के अगले दिन वह अपनी बीमार मौसी को देखने पास के गांव खारा बरनाला जा रहे थे। उस दिन वह अपने दो गनमैन और बुलेटप्रूफ गाड़ी छोड़कर अकेले थार जीप से अपने दो दोस्तों के साथ निकल पड़े और पांच किलोमीटर दूर जवाहरके गांव में उनका पीछा कर रहे हत्यारों ने उनकी गाड़ी को दोनों तरफ से घेर उनकी हत्या को अंजाम दिया। हत्या की जिम्मेदारी लारेंस बिश्नोई और उसके साथी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट करके ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 May 2022 17:43:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>महिला की हत्या मामले में गैंगस्टर पपला को उम्रकैद</title>
                                    <description><![CDATA[10 हजार का रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%AA%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A6/article-1925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/0521_papla_gurjar_case_rajasthan12111111.jpg" alt=""></a><br /><p> अलवर। हरियाणा और राजस्थान के नामी गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को बिमला मर्डर केस में हरियाणा के नारनौल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 10 हजार का रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। नारनौल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन की अदालत ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के वक्त पपला खुद कोर्ट में मौजूद रहा। इससे एक दिन पहले ही पपला को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। बिमला की 6 साल पहले पपला गुर्जर ने 23 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस केस में 6 आरोपी संदेह के लाभ के चलते 3 साल पहले ही बरी हो चुके हैं। पपला ने 21 अगस्त 2015 की रात अपने ही गांव की 65 वर्षीय बिमला को घर में घुसकर गोलियों से छलनी कर दिया था। इस केस में कुल 7 लोगों पर आईपीसी की धारा 148ए 149ए 302ए 120बी व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई लेकिन बाद में गैंगस्टर पपला गुर्जर को उसके साथी कोर्ट में पेशी के दौरान महेन्द्रगढ़ से छुड़ा ले गए थे। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>पीड़ित पक्ष ने फांसी की अपील की</strong></span></span><br /> पीड़ित पक्ष के एडवोकेट अजय चौधरी ने बताया कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष सजा की बहस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व बेअंत सिंह हत्याकांड का हवाला देकर बिमला मर्डर केस को जघन्य अपराध मानते हुए पपला गुर्जर को फांसी की सजा दिए जाने की अपील की थी लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। बिमला की हत्या इसलिए की गई थी क्योंकि उसने अपने पिता श्रीराम व बेटे संदीप के मर्डर के मामले में राजीनामा करने से मना कर दिया था। इन दोनों मर्डर में पपला का हाथ था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Oct 2021 13:23:09 +0530</pubDate>
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                <title>नहीं रहें रावण : मशहूर टीवी अभिनेता अरविंद त्रिवेदी का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[टेलीविजन अभिनेता और धारावाहिक रामायण में रावण का किरदार निभाकर मशहूर हुए अरविंद त्रिवेदी का मंगलवार की रात निधन हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A3---%E0%A4%AE%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%A8/article-1455"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ravan1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। टेलीविजन अभिनेता और धारावाहिक रामायण में रावण का किरदार निभाकर मशहूर हुए अरविंद त्रिवेदी का मंगलवार की रात निधन हो गया। वह 82 साल के थे। वह पिछले कई सालों से बीमार थे और कुछ महीनों पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। कल देर रात उन्होंने अंतिम सांसे ली।</p>
<p><br /> उनका अंतिम संस्कार मुंबई में बुधवार को कांदिवली वेस्ट में स्थित दहानुकरवाड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा। रामायण धारावाहिक में लक्ष्मण के किरदार को निभाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने इंस्टाग्राम पर अरविंद की एक तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, “ यह बेहद दुख की बात है कि अरविंद भाई अब नहीं रहे। उनकी आत्मा को शांति मिलें। वह मेरे लिए पिता समान थे।”</p>
<p>राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर लिखा है कि लोकप्रिय धारावाहिक 'रामायण' में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ने वाले प्रसिद्ध अभिनेता अरविंद त्रिवेदी जी के निधन का दुखद समाचार मिला। समाजसेवा एवं अध्यात्म क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। ॐ शान्ति!</p>
<p><br /> उल्लेखनिय है कि त्रिवेदी बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये थे और 1991 से लेकर 1996 तक साबरकांठा से सांसद रहे। <br /> <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 12:18:20 +0530</pubDate>
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