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                <title> tourism - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण : आमेर की मावठा झील में फिर चली नावें, 20 साल बाद शुरू हुई बोटिंग सेवा</title>
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                        <![CDATA[जयपुर के ऐतिहासिक Amber Fort की तलहटी में स्थित Maota Lake में एक बार फिर बोटिंग सेवा की शुरुआत। करीब दो दशक बाद शुरू हुई इस गतिविधि ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार मावठा झील में बोटिंग शुरू होने से आमेर आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tourism-will-get-new-attraction-boats-started-again-in-amers/article-145829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के ऐतिहासिक Amber Fort की तलहटी में स्थित Maota Lake में सोमवार से एक बार फिर बोटिंग सेवा की शुरुआत हो गई। करीब दो दशक बाद शुरू हुई इस गतिविधि ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह पैदा कर दिया है। इसके साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब मावठा झील के शांत जल में नाव की सवारी करते हुए आमेर महल की भव्यता और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा नजारा देख सकेंगे।</p>
<p>पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार मावठा झील में बोटिंग शुरू होने से आमेर आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा। इससे न केवल पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा बल्कि स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। खास बात यह है कि झील के बीच से आमेर महल का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है, जो पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो सकता है। लंबे समय से बंद पड़ी इस सेवा के दोबारा शुरू होने से पर्यटन से जुड़े लोगों में भी नई उम्मीद जगी है।</p>
<p><strong>इनका कहना....</strong><br />आमेर मावठा में बोटिंग के शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटकों को एक नई एक्टिविटी का अनुभव भी मिलेगा। <br />डॉ राकेश छोलक, अधीक्षक, आमेर महल</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:59:08 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                <title>सरिस्का में बाघों को देखकर पर्यटक रोमांचित, बाघिनों ने मोहा पर्यटकों का मन </title>
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                        <![CDATA[जिले के सरिस्का बाघ परियोजना में सफारी के दौरान अलग-अलग जगहों पर बाघिनों ने पर्यटकों का मन मोह लिया, जिसमें टहल रेंज बाघिन एसटी-30 और सरिस्का रेंज में बाघिन एसटी-नौ का दीदार करके पर्यटक रोमांचित नजर आये। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरिस्का बाघ परियोजना में इन दिनों बाघों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों को बाघ आसानी से नजर आ रहे हैं, जिन्हें देखकर पर्यटक भी काफी खुश दिखाई देते हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/tourists-thrilled-after-seeing-tigers-in-sariska-tigresses-captivated-the/article-131178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/_4500-px)2.png" alt=""></a><br /><p>अलवर। जिले के सरिस्का बाघ परियोजना में सफारी के दौरान अलग-अलग जगहों पर बाघिनों ने पर्यटकों का मन मोह लिया, जिसमें टहल रेंज बाघिन एसटी-30 और सरिस्का रेंज में बाघिन एसटी-नौ का दीदार करके पर्यटक रोमांचित नजर आये। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरिस्का बाघ परियोजना में इन दिनों बाघों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों को बाघ आसानी से नजर आ रहे हैं, जिन्हें देखकर पर्यटक भी काफी खुश दिखाई देते हैं। उनको देखकर पर्यटक रोमांचित हो जाते हैं। पर्यटक सरिस्का जंगल में बाघों को देखने के लिए विशेष तौर पर आते हैं, और बाघ दिख जाने पर उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहता। </p>
<p>एक गाइड ने बताया कि टहला रेंज में एसटी-30 बाघिन टहला द्वार से दोपहर सफारी के दौरान नजर आयी, जहां करीब 15 मिनट तक वह पानी में बैठी रही। पर्यटक उसे देखकर काफी खुश हुए। सरिस्का बाघ परियोजना के सरिस्का रेंज के सदर द्वार से आगे बाघिन एसटी- नौ को सड़क से निकलता देखकर पर्यटक रोमांचित हो गये। सरिस्का में दोपहर की सफारी के दौरान दो-दो बाघिनों ने पर्यटकों का मन मोह लिया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 17:26:24 +0530</pubDate>
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                <title>हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत टूरिस्ट ने हवामहल पर फहराया तिरंगा, पर्यटकों को धरोहर की सुरक्षा व स्वच्छता का भी दिया गया संदेश </title>
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                        <![CDATA[तिरंगा कार्यक्रम के तहत सुबह देशी-विदेशी पर्यटकों, गाइडों और स्टाफ की उपस्थिति में तिरंगा लहराया जाएगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/as-part-of-every-house-tricolor-program-the-tourist-hoisted/article-123530"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(6)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हर घर तिरंगा कार्यक्रम के शहर के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धरेन्द्र ने बताया कि बुधवार से 15 अगस्त तक विभाग के संरक्षित स्मारकों और संग्रहालय में विशेष लाइटिंग की जा रही है। हवामहल स्मारक में स्टाफ, गाइड व देशी-विदेशी पर्यटकों की ओर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराया गया। इस अवसर पर पर्यटकों को धरोहर की सुरक्षा व स्वच्छता का भी संदेश दिया गया। इस दौरान महल अधीक्षक सरोजनी चंचलानी भी मौजूद रही। राजकीय संग्रहालय अल्बर्ट हॉल में बुधवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं और पर्यटकों ने संबंधित विषय पर चित्रकारी की। अधीक्षक महेन्द्र कुमार निम्हल ने भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। </p>
<p><strong>यहां आज होगा कार्यक्रम जंतर-मंतर स्मारक में हर घर </strong><br />तिरंगा कार्यक्रम के तहत सुबह देशी-विदेशी पर्यटकों, गाइडों और स्टाफ की उपस्थिति में तिरंगा लहराया जाएगा। अधीक्षक प्रतिभा यादव ने बताया कि यहां फोटोज के लिए सेल्फी स्टैंड भी लगवाई जाएगी।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Aug 2025 11:00:31 +0530</pubDate>
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                <title>अब जयपुर के किले और संग्रहालय बने पर्यटकों के सेल्फी का परफेक्ट फ्रेम : क्लिक करो, गुनगुनाओ और यादें सजाओ किले और संग्रहालयों में सेल्फी का नया ट्रेंड </title>
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                        <![CDATA[नाहरगढ़ दुर्ग में पर्यटकों के लिए सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है। जहां पर्यटक अपने मन पसंद गीतों के साथ सेल्फी और वीडियो बना सकते हैं। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-click-perfect-frame-of-selfie-selfie-of-jaipurs-fort/article-122670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगर जयपुर अब न सिर्फ  ऐतिहासिक धरोहरों के लिए, बल्कि सेल्फी प्रेमियों के लिए भी खास बनता जा रहा है। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अब पर्यटकों के लिए विशेष सेल्फी पॉइंट्स बनाए गए हैं। जहां वे अपने प्रियजनों के साथ यादगार पल कैमरे में कैद कर सकते हैं। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा अभी अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, आमेर महल और नाहरगढ़ दुर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर शुरू की गई है। यहां आधुनिक डिजाइन वाले सेल्फी स्टैंड्स लगाए गए हैं, जो पर्यटकों को मनचाहे बैकग्राउंड और एंगल से तस्वीरें लेने की सुविधा देते हैं। खास बात यह है कि इन पॉइंट्स पर पर्यटक अपने पसंदीदा गीतों के साथ सेल्फी ले सकते हैं, जिससे अनुभव और भी मनोरंजक बन जाता है। इसके लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। </p>
<p><strong>इनका कहना...</strong><br />नाहरगढ़ दुर्ग में पर्यटकों के लिए सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है। जहां पर्यटक अपने मन पसंद गीतों के साथ सेल्फी और वीडियो बना सकते हैं। <br />-सोहनलाल चौधरी <br />अधीक्षक, नाहरगढ़ दुर्ग       </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 10:40:20 +0530</pubDate>
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                <title>गुलाबी नगरी को दुनिया के टॉप पांच पर्यटन शहरों में मिली जगह</title>
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                        <![CDATA[उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से निरंतर किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pink-city-gets-space-in-the-top-five-tourism-cities/article-121248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/fiodf.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर को ट्रेवल प्लस लीजर्स बेस्ट अवार्ड्स 2025 की सूची में विश्व के शीर्ष पांच पर्यटन शहरों में स्थान मिलने पर उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से निरंतर किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है कि आज जयपुर जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहर को दुनिया में इतना सम्मान मिला है। उन्होंने पर्यटन विभाग की कार्यशैली को लेकर कहा कि राज्य सरकार की ओर से संस्कृति संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, उनसे राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिल रही है।</p>
<p><strong>पर्यटन विशेषज्ञों का कहना...</strong></p>
<p>पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस के राष्टÑपति और अमेरिका के उप राष्ट्रपति की जयपुर विजिट से भी जयपुर के पर्यटन को बूम मिला है। उन्होंने यहां आकर आमेर महल, हवामहल स्मारक सहित अन्य पर्यटन स्थलों की विजिट की। जिससे पर्यटन उद्योग को भी संबंल मिला है। संजय कौशिक का कहना है कि पर्यटन सीजन आने वाला है कि ऐसे में अगर ट्रैफिक की समस्या का भी समाधान किया जाए तो पर्यटकों के लिए और बेहतर कार्य हो सकता है। मदन सिंह राजपुरा का कहना है कि आमेर महल, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय और नाहरगढ़ दुर्ग रात 8 बजे तक पर्यटकों के अवलोकनार्थ खुले रहते हैं तो इसी तर्ज पर हवामहल स्मारक और जंतर-मंतर स्मारक को भी रात 8 बजे तक पर्यटकों के अवलोनार्थ खोला जाना चाहिए। इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा भी होगा। पर्यटकों को एक विकल्प भी मिलेगा। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 10:15:35 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
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                <title>मध्य प्रदेश बना ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन : यहां सब कुछ जो दिल चाहे, मुखर्जी ने कहा- पर्यटन व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स और इंफ्लुएंसर्स हुए शामिल</title>
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                        <![CDATA[मध्य प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से जय महल होटल में रोड शो का आयोजन किया गया।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/global-tourism-destination-became-madhya-pradesh-everything-that-dil-chah/article-120917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/dfjdjd.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मध्य प्रदेश और राजस्थान के पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने तथा मध्य प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से जय महल होटल में रोड शो का आयोजन किया गया। यह रोड शो मध्य, प्रदेश ट्रैवल मार्ट (अक्टूबर 2025) और रीवा (26 एवं 27 जुलाई 2025), ग्वालियर (अगस्त 2025) एवं इंदौर (सितंबर 2025) में होने वाले रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत आयोजित किया गया। इस रोड शो में फिल्म निर्माता एवं इंफ्लुएंसर्स भी प्रमुखता से सम्मिलित हुए।</p>
<p>अपर प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि मध्य प्रदेश को 'हिंदुस्तान के दिल' के रूप में जाना जाता है, और यह उपाधि केवल भौगोलिक दृष्टि से नहीं, बल्कि इसकी सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध प्रकृति और हृदय से किए गए अतुलनीय आतिथ्य सत्कार के कारण भी है। मध्य प्रदेश ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, यहां पर्यटकों के लिए वह सब कुछ उपलब्ध है, जो उनका दिल चाहता है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश के अनछुए पहलुओं को देश और दुनिया के सामने लाना है। हम लगातार ऐसे प्रयास कर रहे हैं जिससे पर्यटन गंतव्य केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि यह एक अनुभव बने संस्कृति का, खानपान का, लोक कलाओं और लोक जीवन का।</p>
<p><strong>हितधारकों ने पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर की चर्चा :</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश और राजस्थान के ट्रैवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। यह सूत्र न केवल क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए, बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।</p>
<p><strong>मध्य प्रदेश की है समृद्ध सांस्कृतिक विरासत :</strong></p>
<p>रोड शो में मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया। प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन स्थलों की झलक दिखाई गई।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश पर्यटन की विशेषताएं :</strong></p>
<p>वर्ष 2024 में 13.41 करोड़ पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे हैं। विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर एवं ओंकारेश्वर, चित्रकूट, मैहर और पावन मां नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में 3 स्थायी और 15 टेंटेटिव सूची में कुल 18 यूनेस्को विश्व विरासत हैं, जो भारत की कुल विरासतों की 25 प्रतिशत हैं। स्थायी सूची में खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं और सांची स्तूप शामिल हैं।</p>
<p>यूनेस्को की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी ने तीन विरासतों भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड आदिवासी चित्रकला और नर्मदा परिक्रमा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (intangible cultural heritage) की राष्ट्रीय सूची में सम्मिलित किया है। मध्य प्रदेश को ग्रीन, क्लीन और सेफ स्टेट के साथ-साथ "टाइगर स्टेट", "लेपर्ड स्टेट", "घड़ियाल स्टेट", "चीता स्टेट", "वल्वर स्टेट" और "वुल्फ स्टेट" के रूप में जाना जाता है। आगामी वार्षिक आयोजन गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट एंड फेस्टिवल, मंदसौर (12 सितंबर से), कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट एंड फेस्टिवल, श्योपुर (5 अक्टूबर से) और चंदेरी ईको रिट्रीट (25 अक्टूबर से) होने जा रहा है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Jul 2025 13:14:54 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
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                <title>अमेरिका की पहली पसंद राजस्थान पर्यटन,  वर्ष-2024 तक भारत में कुल 9657003 विदेशी पर्यटकों का आगमन   </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (यूएसए) व यूनाइटेड किंगडम( यूके) सहित यूरोपिय देशों को राजस्थान पर्यटन खासा पंसद है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/americas-first-choice-rajasthan-tourism/article-116447"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (यूएसए) व यूनाइटेड किंगडम( यूके) सहित यूरोपिय देशों को राजस्थान पर्यटन खासा पंसद है। राजस्थान में विदेशी पर्यटक यात्राओं में यूएसए व यूके क्रमशः पहले व दूसरे स्थान पर हैं। राजस्थान पर्यटन की विविधता यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया से लगातार पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल वर्ष-2024 तक भारत में कुल 9657003 ( छियानवे लाख सतावन हज़ार तीन) विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ, जिसमें से 2072407 ( बीस लाख बहत्तर हजार चार सौ सात) विदेशी पर्यटकों ने राजस्थान की यात्रा की। विदेशी पर्यटक यात्राओं की यह संख्या राजस्थान पर्यटन की अहमियत इसलिए भी दर्शाती है क्योंकि वर्ष-2023 की तुलना में वर्ष-2024 में प्रदेश विदेशी यात्राओं में 21.92 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई साथ ही वर्ष-2025 की पहले तीन महीने में 788735 ( सात लाख अठहत्तर हजार सात सौ पैतीस) विदेशी यात्राएं हो चुकी हैं। राजस्थान पर्यटन की विविधता यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया से लगातार पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।</p>
<p>विदेशी पर्यटक यात्राओं के प्रमुख तीस देशों की बात करें तो यूएसए व यूके बाद तकरीबन दस से अधिक यूरोपिय देशों से पर्यटक लगातार राजस्थान का रुख कर रहें हैं। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ के अनुसार राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा विदेशों में आयोजित होने वाले  ट्रेवल मार्ट व फेयर्स में भागीदारी का ही परिणाम है कि राजस्थान मे विदेशी पर्यटक यात्राओं में इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल एण्ड फ्रेंच ट्रेवल मार्ट (IFTM), टॉप रेसा, पेरिस फ्रान्स, टूरिज्म एक्सपो(JATA), जापान, वर्ल्ड ट्रेवल मार्केट(WTM) लंदन, यूके,  स्पेन में आयोजित होने वाला इंटरनेशनल ट्रेवल फेयर (FITUR) या बर्लिन में आयोजित किया जाने वाले इंटरनेशनल टूरिज्म बोर्स बर्लिन (ITB) कुछ ऐसे ट्रेवल मार्ट व फेयर हैं जो अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी देश के लिए विदेशी पर्यटक यात्राओं को सुनिश्चित करते हैं। दलीप सिंह राठौड़ ने आगे कहा कि राजस्थान पर्यटन विभाग इन  अन्तरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान विभागीय अधिकारियों के साथ प्रदेश की होटल एसोसिएशन्स, ट्रेवल व टूअर ऑफरेटर्स एसोसिएशन्स व अन्य स्टेक होल्डर्स की भागीदारी को सुनिश्चित करता है, जिससे प्रदेश में विदेशी पर्यटन यात्राओं में वृद्धि हो साथ ही प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़े।  </p>
<p>संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ ने बताया की प्रदेश में राजस्थान में होने वाली विदेशी पर्यटक यात्राओं के प्रमुख तीस देशों की बात करें तो यूएसए व यूके बाद तकरीबन दस से अधिक यूरोपिय देशों से पर्यटक लगातार राजस्थान का रुख कर रहें हैं, इस कारण से विदेशों में आयोजित होने वाले ट्रेवल मार्ट्स व फेयर्स में प्रदेश पर्यटन की भागीदारी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p><strong>प्रमुख दस देश जहां से पर्यटकों ने किया राजस्थान का रुख </strong><br />    वर्ष    -        2022        2023         2024    <br />1    यूएसए        64891     135275    157817<br />2    यूकेः            29532        96394        128994<br />3    फ्रांसः            34999        97157        125469<br />4    इटलीः            14886        56388        77868<br />5    जर्मनी            18303        60220        77797<br />6     ऑस्ट्रेलिया         15841        48140        68283<br />7     स्पेन            17420        41552        45344<br />8    आयरलैंड        5239        20609        26779<br />9    कनाडा            7918        18437        25834<br />10    जापान        4659        16229        25748     </p>
<p><strong>प्रमुख देश जिन्हें पसंद है राजस्थान पर्यटनः </strong><br />यूरोपः- यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, इटली, जर्मनी, स्पेन, आयरलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, पोलैंड, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, रशियन फेडरेशन। <br />उत्तरी अमेरिकाः यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको। <br />दक्षिण अमेरिकाः- ब्राज़ील, अर्जेंटीना। <br />ऑस्ट्रेलियाः- ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड। <br />अफ्रीकाः- दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस। <br />एशियाः- बांग्लादेश, इज़राइल, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, ईरान, चीन, सिंगापुर, जापान।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 12:37:13 +0530</pubDate>
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                <title>पांच राज्यों का कराया जाएगा भ्रमण : उत्तर पूर्वी राज्यों की सैर कराने के लिए जाएगी भारत गौरव डीलक्स एसी पर्यटक ट्रेन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारत गौरव ट्रेन द्वारा संचालित यह यात्रा पूर्वोत्तर के राज्यों को रेल की ओर से देश के अन्य हिस्सों से जोड़ेगी और घरेलू पर्यटकों को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए प्रेरित करेगी।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/five-states-will-be-toured-to-visit-north-eastern-states/article-110169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय रेल, देश के पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन को बढ़ाने के लिए भारत गौरव डीलक्स एसी पर्यटक ट्रेन का संचालन शुरू कर रही है। इस ट्रेन को 22 अप्रैल को दिल्ली सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना किया जाना प्रस्तावित किया गया है। कुल 15 दिनों की इस यात्रा में पर्यटकों को असम स्थित गुवाहाटी, काजीरंगा, जोरहाट व शिवसागर, अरुणाचल प्रदेश में इटानगर, नागालैंड में दिमापुर व कोहिमा, त्रिपुरा में उनाकोटी, अगरतला व उदयपुर तथा मेघालय स्थित शिलॉन्ग व चेरापुंजी का भ्रमण कराया जाएगा। आधुनिक साज सज्जा के साथ तैयार डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन द्वारा पर्यटकों को न केवल पूर्वोत्तर भारत के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के भ्रमण करने का अवसर प्राप्त होगा, वहां की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौन्दर्य को निहारने का भी मौका प्राप्त होगा। भारत गौरव ट्रेन द्वारा संचालित यह यात्रा पूर्वोत्तर के राज्यों को रेल की ओर से देश के अन्य हिस्सों से जोड़ेगी और घरेलू पर्यटकों को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए प्रेरित करेगी।</p>
<p>दिल्ली से रवाना होकर पर्यटक ट्रेन गुवाहाटी पहुंचेगी, जहां कामाख्या देवी मंदिर व उमानन्दा मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। होटलों में रात्रि विश्राम होगा। साथ ही पर्यटक गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर क्रुज का आनंद भी ले सकेंगे। गुवाहाटी से चल कर यह ट्रेन अरुणाचल स्थित नाहरलगुन स्टेशन के लिए रवाना होगी, जहां पर्यटकों को प्रदेश की राजधानी इटानगर स्थित गोम्पा बुद्धिस्ट मंदिर और थेरावदा बुद्धिस्ट मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा। ट्रेन का अगला पड़ाव असम के पूर्वी भाग में स्थित शिवसागर होगा, जो प्राचीन अहोम वंश की राजधानी रहा है। त्रिपुरा में पर्यटक दो दिनों के अंदर उनाकोटी के विरासत स्थल और अन्य ऐतिहासिक स्मारकों जैसे उजयंता महल व नीर महल का भ्रमण करेंगे।</p>
<p>साथ ही पर्यटकों को उदयपुर स्थित शक्तिपीठ त्रिपुर सुंदरी मंदिर का दर्शन भी कराया जाएगा। दिमापुर से पर्यटक बसों द्वारा नागालैंड की राजधानी कोहिमा जाएंगे, जहां कोहिमा शहर के दर्शनीय स्थानों के भ्रमण के साथ ही पर्यटकों को स्थानीय नागा समुदाय की जीवन शैली को देखने के लिए खोनोमा गांव का भ्रमण के साथ ही कोहिमा में रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी कराई जाएगी। गुवाहाटी से रात्रि काल में ट्रेन पर्यटकों को लेकर दिल्ली वापसी के लिए प्रस्थान करेगी व यात्रा के 15वें दिन दिल्ली पहुंच जाएगी। इस दौरान ट्रेन द्वारा लगभग 5800 किमी की यात्रा पूरी की जाएगी। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 13:04:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजस्थान बजट 2025 : पर्यटन विकास के लिए मिलेंगे 975 करोड़, हेरिटेज ट्यूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा; नाइट ट्यूरिज्म के लिए खर्च होंगे 100 करोड़ रुपए</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट पेश किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-budget-2025-will-get-975-crore-heritage-tureism-for/article-104842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट पेश किया। दीया कुमारी ने अपना तीसरा बजट पेश किया। उनका यह दूसरा पूर्ण बजट है। इससे पहले वह एक पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश कर चुकी है। बजट भाषण की शुरूआत करते हुए दीया कुमारी ने कहा कि हमारी सरकार ने नए कीर्तिमान स्थापित किए है। बजट में पर्यटन, कला एवं संस्कृति को लेकर भी कई घोषणाएं की गई है। </p>
<p><strong>पर्यटन, कला एवं संस्कृति :</strong></p>
<ul>
<li>पर्यटन विकास की गतिविधियों के लिए वर्ष 975 करोड़ रुपये</li>
<li>हेरिटेज ट्यूरिज्म को बढ़ावा </li>
<li>प्रदेश में नाइट पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु (100 करोड़ रुपये)</li>
<li>ऐतिहासिक कलात्मक हवेलियों के संरक्षण हेतु शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना एवं हेरिटेज वॉक</li>
<li>लोक गायकों एवं संगीतकारों हेतु बीकानेर में गवरी देवी कला केन्द्र</li>
<li>जयपुर अल्बर्ट हॉल म्यूजियम के उन्नयन हेतु 25 करोड़ रुपये़</li>
</ul>
<p><strong>संस्कृति पोर्टल-गांवों, मंदिरों के इतिहास को रिकॉर्ड करना :</strong></p>
<p>पुष्कर-अजमेर, रणथम्भौर त्रिनेत्रा गणेश जी-सवाई माधोपुर, जीण माता-सीकर, तनोट माता मंदिर व रामदेवरा-जैसलमेर, दाऊ मदनमोहन-भरतपुर व देशनोक-बीकानेर आदि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं हेतु विभिन्न सुविधायें (95 करोड़ रुपये)</p>
<p><strong>प्रदेश के विभिन्न झीलों के लिए सौन्दर्यीकरण का कार्य :</strong></p>
<ul>
<li>त्रिवेणी संगम-बेणेश्वर धाम, रामेश्वर घाट एवं बीगोद संगम को विकसित करना</li>
<li>600 मंदिरों पर दीपावली, होली एवं रामनवमी जैसे प्रमुख त्योहारों पर विशेष साज-सज्जा व आरती के कार्यक्रमों का आयोजन</li>
<li>आदिवासी बाहुल्य जिलों 100 करोड़ रुपये व्यय कर जनजातीय पर्यटन सर्किट विकसित</li>
<li>ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा, 10 गांवों को विकसित करना</li>
<li>वॉर म्यूजियम जैसलमेर में आधारभूत संरचना एवं सुविधायें</li>
<li>वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-6 हजार वरिष्ठजन को हवाई मार्ग से यात्रा ,50 हजार ऐसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा</li>
<li>विभिन्न मंदिरों के उन्नयन हेतु 101 करोड़ रुपये ,मंदिरों में भोग की राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह एवं पुजारियों के मानदेय 7 हजार 500 रुपये प्रतिमाह</li>
<li>जयपुर, वर्ष 2027 स्थापना के 300 वर्ष गोविन्द देव जी कला महोत्सव के आयोजन</li>
<li>29 रनवे को बड़े विमान उतरने के योग्य बनाना</li>
</ul>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 16:54:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिस्प्ले में सिक्के, हैंडीक्राफ्ट, पेंटिंग्स सहित 2600 से अधिक पुरा वस्तुओं का खजाना, 21 फरवरी को मनाया जाएगा 139वां स्थापना दिवस</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में बनाई गई 18 विभिन्न गैलेरियों में पर्यटकों के अवलोकनार्थ 2600 से अधिक पुरा वस्तुएं प्रदर्शित हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/here-the-treasure-of-more-than-2600-goods-including-coin/article-104754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer74.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सालों पुराने कारपेट, पाषाण प्रतिमाएं, बंदूकें और तलवार पर्यटकों को सालों पुरानी यादों में ले जाती हैं। यहां आकर पर्यटक इन्हें निहारने में मशगूल हो जाते हैं। कहा जाए तो यहां डिस्प्ले में सिक्के, हैंडीक्राफ्ट, पेंटिंग्स सहित 2600 से अधिक पुरा वस्तुओं का खजाना है। ये सब देखने को मिलता है केन्द्रीय संग्रहालय अल्बर्ट हॉल में। बात की जाए संग्रहालय के निर्माण की तो 1887 में इसके भवन निर्माण और संग्रहालय की स्थापना में 5 लाख 10 हजार 036 रुपए का खर्चा आया था। जिसे 21 फरवरी, 1887 को संग्रहालय पर्यटकों के अवलोकनार्थ खोल दिया गया था। उस समय संग्रहालय में प्रदर्शित पुरा वस्तुओं को 4 श्रेणियों में विभक्त किया गया था। समय के साथ डिस्प्ले में बदलाव की मांग को देखते हुए साल 2007-2008 में संग्रहालय के जीर्णोद्धार और संरक्षण कार्य किया गया, जिसमें लगभग 7 करोड़ रुपए राशि का खर्चा हुआ। साथ ही प्रदर्शित पुरा वस्तुओं का दायरा भी बढ़ता गया। फरवरी, 2025 की बात करें तो संग्रहालय की 18 दीर्घाओं में 2600 से अधिक पुरा वस्तुएं पर्यटकों के अवलोकनार्थ प्रदर्शित हैं।</p>
<p><strong>अल्बर्ट हॉल साल 1887</strong><br />इस दौरान अल्बर्ट हॉल संग्रहालय की पुरा वस्तुओं को 4 श्रेणियों में विभक्त किया गया था। उस दौरान अल्बर्ट हॉल में भवन निर्माण और संग्रहालय स्थापना में कुल राशि 5,10,036 रुपए लगी थी। इस इमारत को बनाने में प्रमुख कारीगरों का नाम चन्द्र और तारा था। </p>
<p>शिल्प विषय<br />इतिहास विषय<br />शिक्षा विषय <br />अर्थ शास्त्र विषय।</p>
<p><strong>अल्बर्ट हॉल संग्रहालय साल 2025</strong><br />अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में वर्तमान में 18 दीर्घाओं में ये पुरा वस्तुएं प्रदर्शित हैं। इससे पहले साल 2007-2008 में संग्रहालय के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य किया गया था। जिसमें लगभग 7 करोड़ रुपए राशि का खर्चा हुआ था।  </p>
<p>कारपेट हॉल<br />अन्तरराष्ट्रीय दीर्घा <br />पॉर्टी दीर्घा <br />मूर्ति दीर्घा<br />हथियार दीर्घा <br />धातु दीर्घा <br />लाख सामग्री दीर्घा <br />पेंटिंग दीर्घा (प्रथम)<br />सिक्का दीर्घा <br />मार्बल कला दीर्घा <br />वेशभूषा दीर्घा <br />मिस्त्र कला दीर्घा <br />पेंटिंग दीर्घा (द्वितीय)<br />लकड़ी कला दीर्घा<br />आभूषण-हाथी दांत <br />वाद्य यंत्र दीर्घा<br />क्ले मॉडल <br />क्ले मॉडल योगासन।</p>
<p>अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में पर्यटकों के अवलोकनार्थ विभिन्न पुरा वस्तुएं प्रदर्शित हैं। जहां लाखों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक आते हैं। संग्रहालय का 139वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। <br />-डॉ. पंकज धरेन्द्र, निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग <br />अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में बनाई गई 18 विभिन्न गैलेरियों में पर्यटकों के अवलोकनार्थ 2600 से अधिक पुरा वस्तुएं प्रदर्शित हैं। खासकर मिस्त्र की ममी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहती है। <br />-महेन्द्र निम्हल, अधीक्षक, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 10:07:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बजट से उम्मीदें : पर्यटकों के लिए शिकायत दर्ज करने के लिए बने मोबाइल एप, हेल्पलाइन भी शुरू हो</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राजस्थान के ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे और बुटीक होटलों को प्रोत्साहित करने की नीति बने। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/expectations-from-the-budget-should-also-start-a-mobile-app/article-104647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(4)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश अपनी एक अहम भूमिका रखता है। यहां के किले-महल अपनी सुंदरता के साथ ही पर्यटकों को अपने इतिहास से रूबरू करवाते हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दैनिक नवज्योति ने पर्यटन विशेषज्ञों से उनकी राय जानी। इस संबंध में उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि घरेलू हवाई सम्पर्क को बढ़ावा देना जरूरी है। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर के बीच उड़ानों को सुगम बनाने के लिए ‘राजस्थान उड़ान योजना’ शुरू की जानी चाहिए। साथ ही प्रमुख पर्यटन केन्द्रों के बीच सीधी उड़ानों को प्रोत्साहित करने के लिए एयरलाइनों को सब्सिडी दी जाए। इसके अतिरिक्त पर्यटन स्थलों के पास भीड़भाड़ को कम करने के लिए जीपीएस-आधारित पार्किंग सिस्टम भी लागू किया जाए। इस बार बजट में इस ओर कुछ करने की जरूरत है। </p>
<p>प्रदेश की विरासत और स्मारकों के रख-रखाव के लिए एक समर्पित बजट आवंटित किया जाए और पर्यटन स्थलों के पास संगठित पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएं। राज्यभर में यात्रा अनुभव को सुगम बनाने के लिए राजमार्गों और संकेतकों में सुधार किया जाए। जयपुर में एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजन किया जाए, जिसमें वैश्विक खरीदारों और प्रभावशाली व्यक्तियों को आमंत्रित कर राजस्थान की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित किया जाए। पर्यटकों के लिए शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल एप और हेल्पलाइन शुरू की जाए। जयपुर: पिंक सिटी नाइट टूर और हेरिटेज इल्यूमिनेशन वॉक शुरू की जाए। होटलों और रिसोर्ट्स को पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को अपनाने के लिए सब्सिडी और प्रमाण-पत्र दिए जाए।<br />महेन्द्र सिंह राठौड़, अध्यक्ष, राटो </p>
<p>हमारी इस बार पर्यटन को लेकर बजट से बहुत उम्मीदें हैं। हमारी मांग है कि होटल और कन्वेंशन सेंटर को बुनियादी ढांचा क्षेत्र का दर्जा दिया जाए, जिससे लंबी अवधि के लिए सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध हो सके। इससे निवेश बढ़ेगा और छोटे-मध्यम होटल व्यवसायों को विस्तार करने का मौका मिलेगा। होटल कमरों पर लगने वाले जीएसटी में कटौती की मांग है। खासकर 7500 रुपए से अधिक के टैरिफ  वाले होटलों पर। ऐतिहासिक स्थलों और हेरिटेज प्रोपर्टीज के संरक्षण के लिए विशेष बजट की घोषणा हो। राजस्थान के ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे और बुटीक होटलों को प्रोत्साहित करने की नीति बने। <br />रोहित गर्ग, होटल व्यवसायी</p>
<p>इस बार बजट में पर्यटन को लेकर हमारी बहुत अपेक्षाएं हैं। प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों और संग्रहालयों के रख-रखाव को लेकर बात हो। स्मारकों के रास्ते में यातायात निगरानी, सड़क की स्थिति और पार्किंग सुविधाओं में सुधार हो। जिससे पर्यटकों को असुविधा को सामना ना करना पड़े। खासकर रात्रि पर्यटन पर फोकस होना चाहिए। बजट में इसके लिए भी कुछ होना चाहिए। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स, एडवेंचर एक्टिविटी भी शुरू होनी चाहिए, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को स्मारकों के साथ ही कुछ नया देखने को मिले। अगर बजट में इस ओर ध्यान दिया गया तो आने वाले समय में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। <br />खालिद खान, उपाध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटेलिटी एण्ड टूरिज्म ऑफ राजस्थान </p>
<p><strong>अच्छी टूरिज्म फ्रेंडली पॉलिसी बनाने की जरूरत है</strong></p>
<p>टूरिज्म अर्थात पर्यटन राजस्थान की तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री है, लेकिन रोजगार सृजन में ये नम्बर दो पर है। ये एक ऐसा उद्योग है, जिसमें सरकारी को केवल आधारभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध करवानी है। बाकि का काम प्राइवेट सेक्टर अपने आप करता है। यदि सबसे बड़ी जरूरत है तो वो है अच्छी टूरिज्म फ्रेंडली पॉलिसी बनाने की है। आगामी बजट में जयपुर शहर के लिए इसकी यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए जाने की नितांत आवश्यकता है, क्योंकि जब भी लॉग वीकेंड पर टूरिस्ट बढ़ते हैं तो पूरा शहर हांफने लगता है। यदि इसकी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी समय में पर्यटन के क्षेत्र में हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जलमहल के सौंदर्यीकरण तथा इसके रख-रखाव की भी बहुत जरूरत है। आमेर महल की ओर आवागमन की सुचारू व्यवस्था के लिए आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। आगामी बजट में सरकार इस पर संज्ञान लेगी तो जयपुर के पर्यटन को चार चांद लग जाएंगे। <br />नरेन्द्र सिंह राठौड़, अध्यक्ष, टूरिस्ट गाइड फेडरेशन ऑफ इंडिया </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 10:53:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आईफा के आयोजन से प्रदेश में पर्यटन के नए आयाम खुलेगें : दिया कुमारी</title>
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                        <![CDATA[ आईफा अवार्ड- 2025 के आयोजन से प्रदेश के पर्यटन की नई पहचान स्थापित होगी, प्रदेश में नये पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-dimensions-of-tourism-will-be-opened-in-the-state/article-104406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आईफा अवार्ड- 2025 के आयोजन से प्रदेश के पर्यटन की नई पहचान स्थापित होगी। प्रदेश में नये पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी। पारम्परिक क्षेत्रों के साथ नए क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे ओर सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी। यह बात शनिवार को उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सिविल लाईन्स स्थित कार्यालय पर पत्रकारों के लिए आयोजित स्नेह भोज में कही। </p>
<p>उन्होंने कहा कि हर वर्ष आईफा की तरह बडे़ आयोजन प्रदेश में आयोजित करवाए जाएंगे ताकी प्रदेश के पर्यटन में बढोत्तरी हो और प्रदेश को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हो। इस दोरान उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और सोशल मिडिया प्लेटफार्म्स से जुडे़ पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा की सरकार की योजनाओं की जानकारी आम जनता तक सही तरीके से पहुचाने में मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।</p>
<p>इस दोरान उन्होंने पत्रकारों से बजट सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और उनके सुझाव लिए। उन्होंने पत्रकारों की समस्यायें भी सुनी और उनके सकारात्मक समाधान का आश्वासन भी दिया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 17:42:10 +0530</pubDate>
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