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                <title>घरों से दूर हो रही मटकियां व मिट्टी के बर्तन, मटकी के पानी के गुणों को नहीं समझ पा रहे लोग</title>
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                        <![CDATA[भट्टी का यदि लोन मिल जाए तो हमारे व्यवसाय को अच्छी प्रकार से गति मिल सकती है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/matkis-and-earthen-pots-are-going-away-from-homes/article-105185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(2)50.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। गर्मी के मौसम में लंबे समय से घरों में मटकी के पानी ही पीया जाता था। लेकिन आधुनिक समय में लोग मिट्टी से बनी मटकियों से दूरी बना रहे है। जिससे मटकों के व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ रहा हैं। हमारे पूर्वज मटके के पानी के अनमोल गुण को अच्छी प्रकार से जानते थे लेकिन धीरे-धीरे समय बदला आज घरों में मटकी की जगह फ्रिज अपना स्थान बना रहा है लेकिन आमजन प्राकृतिक मटकी के ठंडे पानी के गुण एवं फ्रिज के पानी के अवगुणों को ठीक प्रकार से नहीं समझ पा रहे हैं वहीं अब मटकी का व्यवसाय करने वाले कमजोर पड़ने लग गए हैं । आज इस व्यवसाय को एवं मिट्टी के बर्तनों के लाभ को आमजन को बताने की सख्त आवश्यकता है । मटकी बना रहे विष्णु प्रजापत निवासी श्रीपूरा ने  बताया मटकी, घड़ा, कलश, दीपक बनाता हूं थोक के भाव से इसको बेचते भी हैं कोई ग्राहक सीधा हमारे पास आता है। उसको भी देते हैं  करीब 23 वर्षों से यह कार्य कर रहे हैं। परिवार में मां, दो भाई और बच्चे भी हैं। आमजन में मिट्टी के बर्तन के गुणों की जानकारी के अभाव में धंधा कमजोर पड़ रहा है। केवल हमारा खर्चा पानी ही चलता है। सरकार से भी कोई किसी प्रकार का हमारे व्यवसाय को आगे बढ़ाने हेतु अभी तक कोई सहायता नहीं मिला है। भट्टी का यदि लोन मिल जाए तो हमारे व्यवसाय को अच्छी प्रकार से गति मिल सकती है।</p>
<p><strong>इनका कहना हैं</strong><br /> कोरोना काल से पूर्व सभी फ्रिज का पानी पीते थे लेकिन अब संपूर्ण परिवार सादा पानी पीता है। गर्मी के मौसम में मटकी का प्रयोग करते हैं वर्तमान समय में मिट्टी के बर्तनों की उपयोगिता आमजन को बताने की सख्त आवश्यकता हैं। <br /><strong>-  ग्रामीण नरेंद्र गौतम, अरनेठा </strong></p>
<p>घर में मटकी भी है और फ्रिज भी है। परिवार के कुछ सदस्य फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं और कुछ मटकी का ठंडा पानी पीते हैं। मैं बचपन से ही गर्मी के मौसम में मटकी का पानी ही पीता हूं। परिवार के अन्य सदस्यों को मटकी के पानी के गुण एवं फ्रिज के ठंडे पानी के अवगुण बता दिए हैं । भविष्य में हमारे घर में अब मटकी के पानी का ही प्रयोग होगा  । मिट्टी के बर्तन का पानी हमारे शरीर को बिना नुकसान किए ठंडक पहुंचता हैं । पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता हैं। <br /><strong>- महावीर राव ग्रामीण अरनेठा </strong></p>
<p>लंबे समय से सादा पानी पी रहा हूं । पहले पैरों में दर्द होता था जब से सादा पानी पी रहा हूं किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं है। उसकी केवल फिल्टर करके पीते हैं । हम सभी को नॉर्मल पानी पीना चाहिए इससे स्वास्थ्य ठीक रहता है।  <br /><strong> - बजरंग लाल  मेघवाल, अरनेठा </strong></p>
<p>हम सभी को मिट्टी के बर्तन का पानी ही पीना चाहिए। इसके पानी से कब्ज, गैस की शिकायत नहीं होती है। पाचन क्रिया भी ठीक रहती है । इसके पानी से शरीर का पीएच लेवल भी ठीक रहता है । गला खराब नहीं होता है। अम्ल पित्त की समस्या भी नहीं होती है । शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं। सिरदर्द की समस्या दूर हो जाती है।  शरीर हमेशा ऊजार्वान बना रहता है। गर्मी में मिट्टी के बर्तन का  ,सर्दी और बारिश में तांबे या पीतल के बर्तनों का प्रयोग करना चाहिए।<br /><strong> - डॉक्टर जय नारायण स्वामी आयुर्वैदिक औषधालय अरनेठा</strong></p>]]>
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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 16:47:53 +0530</pubDate>
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