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                <title>syllabus - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>6 दिन बाद परीक्षा, स्कूलों में 35% कोर्स अधूरा, शिक्षक-विद्यार्थियों की बढ़ी धड़कनें, शिक्षक बोले- 20%कोर्स में हो कटौती तो छात्रों को मिले राहत </title>
                                    <description><![CDATA[ विभाग ने परीक्षा को 22 दिन पहले आयोजित करने का निर्णय तो ले लिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/exams-are-due-in-six-days--with-35--of-the-syllabus-incomplete-in-schools--raising-concerns-among-teachers-and-students--teachers-say-a-20--reduction-in-the-syllabus-would-provide-relief-to-students/article-132404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(39).png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  शिक्षा विभाग की ओर से 20 नवम्बर से राज्य स्तरीय समान परीक्षा (अर्द्धवार्षिक) आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने में शुक्रवार से 6 दिन बचे हैं, लेकिन सरकारी विद्यालयों में 10वीं व 12वीं बोर्ड कक्षाओं का सिलेबस करीब 30 से 35% अधूरा है। जबकि, विज्ञान, गणित और एसएसटी जैसे विषयों के एक लेसन (पाठ व प्रश्नावली) को पूरा करवाने में 2 से 3 दिन का समय लगता है। इस तरह परीक्षा से पहले शेष बचे दिनों में कोर्स पूरा होना संभव नहीं है। ऐसे में जहां विद्यार्थियों की धड़कनें तेज हो गई वहीं, शिक्षकों में पाठ्यक्रम पूरा करवाने को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है। इधर, शिक्षक संगठनों ने निदेशालय से बोर्ड कक्षाओं के पाठ्यक्रम में 20% सिलेबस में कटौती किए जाने की मांग की है। हालांकि, विभाग द्वारा इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। </p>
<p><strong>कोर्स कटौती की राहत नहीं, 22 दिन पहले परीक्षा </strong><br />शिक्षकों का कहना है, हर साल राज्य स्तरीय समान परीक्षा 12 दिसम्बर से आयोजित की जाती थी, जिसे इस बार 20 नम्बर से करवाई जाएगी। जिसका शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। विभाग ने परीक्षा को 22 दिन पहले आयोजित करने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन कक्षा 9वीं से 12वीं तक के कोटा से करीब 92 हजार विद्यार्थियों को कोर्स कटौती को लेकर कोई राहत नहीं दी। जिससे विद्यार्थी परेशान हैं वहीं, शिक्षकों के सामने 5 दिन में कोर्स पूरा करवाना चूनौती बना हुआ है। </p>
<p><strong>72 वर्किंग-डे ही मिले, जिसमें से 65 दिन ही कक्षाएं </strong><br />शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेश महासचिव नवल सिंह ने बताया कि वर्तमान सत्र के प्रारंभ से अक्टूबर तक करीब 72 वर्किंग डे ही मिले हैं। जिसमें से भी 60-65 दिन ही कक्षाएं लगी हैं। जबकि, गणित व विज्ञान विषयों का एक लेसन ही पूरा करवाने में 3 से 4 दिन तक लग जाते हैं। वहीं, गत जुलाई से 31 अक्टूबर तक चार माह में कुल 120 दिन वर्किंग-डेज थे। लेकिन, अत्यधिक बारिश, पर्व, त्योहार पर अवकाश होने से  कक्षाएं 60 से 65 दिन ही लगी है। </p>
<p><strong>यह है अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सिलेबस का नियम</strong><br />अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 9वीं-11वीं कक्षा में 70% कोर्स से और 10वीं-12वीं में 100% कोर्स से सवाल पूछे जाते हैं। ऐसे में जिले के कई सरकारी विद्यालय ऐसे हैं, जहां कोर्स 30 से 35% अधूरे हैं। इसलिए कोर्स में 20% कटौती की मांग की थी। जिसे दरकिनार करते हुए विभाग ने पेपर भी तैयार करा लिए हैं।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />गणित विषय में एक प्रश्नावली में ही 50 से ज्यादा प्रश्न होते हैं। जिसे छात्रों को सॉल्व करवाने में ही 3 से 4 दिन का समय लग जाता है। ऐसे में एक दिन में एक प्रश्नावली पूरा करवाना संभव ही नहीं है। स्कूलों में गणित व विज्ञान संकाय के कोर्स अधूरे हैं और 10वीं-12वीं का पेपर 100 फीसदी सिलेबस से आएगा। अधूरे कोर्स के बीच पेपर देना मजबूरी बन गया है। विभाग को स्थिति देखते हुए कोर्स में 20 प्रतिशत की कटौती कर राहत देनी चाहिए।<br /><strong>- रघुवीर मेहरा, सुशांत वर्मा, छात्र नया नोहरा</strong></p>
<p>इन दिनों महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक बीएलओ की भूमिका निभा रहे हैं। जबकि, उनके विषयों का कोर्स ही अधूरे चल रहे हैं। सामाजिक विज्ञान हो या अंगे्रजी सब के हालात एक जैसे ही हैं।  सरकार को छात्रहित में कदम उठाना चाहिए। <br /><strong>- यशवंत धाकड़, संजय रावल, विभोर कुमार, छात्र विज्ञान नगर</strong></p>
<p><strong>छात्रहित में 20% कोर्स की हो कटौती </strong><br />अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 20% कोर्स कटौती कर छात्रों को राहत दी जानी चाहिए। विभाग चाहे तो अब भी 20% कटौती का आदेश जारी कर सकता है। इसमें यह कर सकते हैं कि कटौती के बाद तय कोर्स से बाहर सवाल आए तो उनके अंकों का विभाजन अन्य सवालों में बांट दिए जाएं या बोनस अंक देकर राहत दी जा सकती है। वहीं, शिक्षकों को बीएलओ के रूप में चुनाव कार्य में लगा रखा है।  ऐसे में परीक्षा से पहले कोर्स पूरा होना संभव नहीं है। <br /><strong>- मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेस्टा</strong></p>
<p><strong>20% कटौती का आदेश जारी करे विभाग</strong><br />स्कूलों में कोर्स अधूरे है, इसलिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 20% सिलेबस कटौती की जानी चाहिए ताकि, विद्यार्थियों को राहत मिल सके। ऐसे में सरकार को छात्रहित में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। <br /><strong>- नवल सिंह, प्रदेश महासचिव शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है  </strong><br />सीबीईओ, यूसीईईओ व पीईईओ के माध्यम से शाला प्रधानों को स्कूल समय में ही अतिरिक्त पीरियड लगाकर कोर्स पूरा करवाने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं, विशेष गहन पुननिरीक्षण कार्य में लगे शिक्षकों (बीएलओ) द्वारा शिक्षा व चुनाव कार्य के बीच सामंजस्य बनाकर शिक्षण कार्य बेहतर   किया जा रहा है। दोनों ही महत्वपूर्ण कार्य सुविधानुसार पूरे करवाए जा रहे हैं।<br /><strong>- रामचरण मीणा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 16:46:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इतिहास और राजनीति विज्ञान के सिलेबस में किया बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 11वीं और 12वीं क्लास से इतिहास और राजनीति विज्ञान के सिलेबस में बदलाव किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/cbse-change-in-syllabus-of-political/article-8478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4654545465.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 11वीं और 12वीं क्लास से इतिहास और राजनीति विज्ञान के सिलेबस में बदलाव किया है। इनमें गुटनिरपेक्ष आंदोलन, कोल्ड वॉर टाइम अफ्रीकी एशियाई क्षेत्रों में इस्लामी साम्राज्यों का उदय, मुगल दरबार और औद्योगिक क्रांति के इतिहास शामिल थे। इसी तरह 10वीं के सिलेबस में फूड सेफ्टी से एग्रीकल्चर पर ग्लोबलाइजेशन का असर विषय हटा दिया गया है। सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्ष राज्य कॉलम में फैज अहमद फैज की उर्दू में दो कविताओं के अनुवादित अंशों को भी बाहर कर दिया गया है। सीबीएसई ने कोर्स में से लोकतंत्र और विविधता पर चैप्टर भी हटा दिया है।</p>
<p><strong>चैप्टर सेंट्रल इस्लामिक लैंड्स हटाया गया</strong> <br />11वीं क्लास के इतिहास के सिलेबस से जो चैप्टर सेंट्रल इस्लामिक लैंड्स हटाया गया है। उसमें पिछले साल के सिलेबस के अनुसार अफ्रीकी-एशियाई क्षेत्रों में इस्लामिक साम्राज्य का उदय का अर्थव्यवस्था और समाज पर प्रभाव के बारे में बताया गया था। यह चैप्टर इस्लाम के उदय, खिलाफत के उदय और साम्राज्य निर्माण से जुड़ा है। इसी तरह 12वीं में हिस्ट्री सिलेबस में हटाए गए द मुगल कोर्ट: रिकंस्ट्रक्टिंग हिस्ट्रीज एंड क्रॉनिकल्स वाले चैप्टर में मुगलों के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास के पुनर्निर्माण के लिए मुगल दरबारों के इतिहास के बारे में बताया गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Apr 2022 11:22:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छात्र कर रहे सिलेबस 50 फीसदी कम करने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध बढ़ता जा रहा है। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से स्नातक और स्नातकोत्तर का सिलेबस 50 फीसदी कम करने की मांग कर रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/student-are-demand-to-reduce-of-syllabus-50-percent/article-7159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/pradarshan-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध बढ़ता जा रहा है। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से स्नातक और स्नातकोत्तर का सिलेबस 50 फीसदी कम करने की मांग कर रहे है। इसके साथ ही अन्य मांगे पूरी करने की भी मांग कर रहे है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में छात्र लगातार 4 दिन से धरना दे रहे है। यूनिवर्सिटी में छात्रों का धरना चल रहा है।</p>
<p>अनिकेत शर्मा ने बताया की छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति के शव को जलाया। पूर्व में छात्रों ने खून से लिखकर ज्ञापन दिया। खुशी बाघमार, अनिकेत शर्मा, आदित्य, लक्षय पंडित, केशव, गजराज, आलोक, विनय और अमित सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 15:01:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल्द जारी होगी रीट 2022 की विज्ञप्ति</title>
                                    <description><![CDATA[रीट उपरांत होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम के सम्बंध में लिए महत्वपूर्ण निर्णय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--education-minister-held-a-meeting-regarding-the-organization-of-lee-reet-2022-reet-2022-release-will-be-released-soon--important-decisions-taken-regarding-the-syllabus-of-teacher-recruitment-examination-to-be-held-after-reet/article-6939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/bd.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने रीट 2022 की तैयारियां तेज कर दी है।  शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला की अध्यक्षता में  में रीट 2022 की विज्ञप्ति ज़ारी करने और आयोजन के सम्बंध में बैठक मंगलवार को भी आयोजित हुई। डॉ कल्ला ने कहा कि विभाग द्वारा रीट 2022 परीक्षा हेतु विज्ञप्ति शीघ्र ही ज़ारी कर दी जाएगी। डॉ कल्ला ने बताया कि रीट परीक्षा का आयोजन शुचितापूर्वक करवाया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी परीक्षा केंद्र यथासंभव ज़िला मुख्यालयों पर तथा सरकारी भवनों में ही बनाने तथा परीक्षार्थीयों की संख्या अधिक होने की स्थिति में पारियों की संख्या बढ़ाने हेतु निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि रीट उपरान्त होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम निर्धारित कर लिया गया है जिसे जल्द ही ज़ारी कर दिया जायेगा ताकि परीक्षार्थियों को तैयारी हेतु पर्याप्त समय मिल सके।</p>
<p> </p>
<p>शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने कहा कि विभाग रीट 2022 के आयोजन हेतु पूर्ण रूप से तैयार हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में परीक्षा का आयोजन ज़िला परीक्षा संचालन समिति करेगी जो जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कार्य करेगी व प्रत्येक ज़िले में एडीएम को परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। गोयल ने कहा कि परीक्षा पेपर जिला मुख्यालयों पर ट्रेज़री में ही रखवाएं जाएंगे। बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक  कानाराम, समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक डॉ रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मंत्री सहित विभाग के सभी उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 14:03:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 60 फीसदी सिलेबस से पूछे जाएंगे सवाल : शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारियां, 13 से 24 दिसंबर तक होगी परीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[छठवीं से आठवीं के पेपर स्कूल बनाएगा, नौवीं से बारहवीं बोर्ड पैटर्न पर होगी परीक्षा : सभी डीईओ को जारी किए निर्देश, पहली से पांचवीं तक सीसीई पैटर्न]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-60-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9B%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2---%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82--13-%E0%A4%B8%E0%A5%87-24-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE/article-2659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/quality-school-education1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश के स्कूली बच्चों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 13 दिसंबर से 24 दिसंबर के बीच होंगी। शिक्षा विभाग ने परीक्षा और प्रश्न पत्र पैटर्न के संबंध में सभी डीईओ माध्यमिक व प्रारंभिक को दिशा निर्देश जारी किए हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स की अर्द्धवार्षिक परीक्षा जिला समान परीक्षा योजना के तहत जिला स्तर पर होगी। जिला समान संयोजकों की ओर से प्रश्नपत्र तैयार होंगे। छठी से आठवीं क्लास की अर्द्धवार्षिक परीक्षा स्कूल स्तर पर ही होगी। संबंधित स्कूल ही पेपर तैयार करेगा। कोविड-19 के चलते वर्तमान शिक्षा सत्र 2021-22 में भी पाठ्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और एससीईआरटी उदयपुर की ओर से 30 प्रतिशत कटौती की गई है। कटौती किए गए निर्धारित पाठ्यक्रम के 60 प्रतिशत सिलेबस से अर्द्धवार्षिक परीक्षा में प्रश्न पूछे जाएंगे। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में बहु वैकल्पिक, अति लघुत्तरात्मक, लघुत्तरात्मक, निबंधात्मक प्रश्न होंगे। परीक्षा से पूर्व स्टूडेंट्स को मॉडल प्रश्न पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। पहली से पांचवीं तक की परीक्षा सतत और व्यापक मूल्यांकन पैटर्न पर होगी। जबकि छठवीं से बारहवीं तक के स्टूडेंट्स को प्रिंटेड पेपर दिए जाएंगे। इसके उत्तर उन्हें कॉपी में लिखने होंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम की ओर से जारी टाइम टेबल में कक्षा एक से 12 तक को तीन भागों में विभाजित किया गया है।<br /><strong><br />मार्किंग का फॉर्मेट तय</strong><br />कक्षा एक से सात, नौ व ग्यारह की सत्र में चार परीक्षाएं होंगी। इसमें फर्स्ट व सेकेंड टेस्ट के दस-दस प्रतिशत और हॉफ ईयरली के 30 प्रतिशत मार्क्स जुडेÞंगे। वाार्षिक परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक जुड़कर फाइनल रिजल्ट तैयार होगा। कक्षा दस व बारह के तीन एग्जाम होंगे। इसमें फर्स्ट व सेकेंड टेस्ट के बीस-बीस प्रतिशत और हॉफ ईयरली एग्जाम के 60 प्रतिशत अंक लिए जाएंगे। इन्हीं मार्क्स के आधार पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को 20 नंबर के इंटरनल मार्क्स भेजे जाएंगे।<br /><br />पहली से पांचवीं तक का मूल्यांकन होगा: पहली से पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की अर्द्धवार्षिक परीक्षा नहीं होगी। सीसीई के तहत इनका मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन पेन-पेपर टेस्ट के जरिए किया जाएगा। कोरोना के कारण इस सत्र में पढ़ाई कम होने के कारण स्टूडेंट्स पर हॉफ ईयरली एग्जाम का ज्यादा दबाव नहीं डाला जा रहा है। कक्षा छह से 12वीं स्कूल स्तर पर होगी परीक्षा: राज्य के सरकारी व प्राइवेट स्कूल अपने स्तर पर डेट तय करके इन कक्षाओं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा लेंगे। स्कूल संचालक अपने स्तर पर इन कक्षाओं के लिए डेट तय कर सकेंगे। आमतौर पर ये परीक्षा समान परीक्षा योजना के तहत होती है। इस बार सीधे स्कूल स्तर पर होगी। किसी तरह का पेपर अलग से जारी नहीं होगा। नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल को समान परीक्षा योजना के तहत ही परीक्षा करानी होगी। इसके लिए हर जिले में बनी समान परीक्षा समिति 13-24 दिसम्बर के बीच की तारीख तय करेगी। पेपर भी समान परीक्षा के माध्यम से ही स्कूल तक पहुंचेंगे। <br /><strong><br />पेपर के सवाल, कक्षा पहली से 5वी : 100 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव</strong><br />कक्षा 6ठीं-8वीं: 50 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव प्रश्न, अति लघुत्तरात्मक, 30 प्रतिशत लघुत्तरात्मक, 20 प्रतिशत निबंधात्मक<br />कक्षा 9वीं - 12वीं: 40 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव प्रश्न, अति लघुत्तरात्मक, 30 प्रतिशत लघुत्तरात्मक, 30 प्रतिशत निबंधात्मक</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Nov 2021 16:10:12 +0530</pubDate>
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                <title>नीट एसएस-21 में नहीं बदलेगा पाठ्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा, नीट एसएस-21 में नहीं बदलेगा पाठ्यक्रम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%8F%E0%A4%B8-21-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE/article-1461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sc-neet.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  नीट को लेकर बड़ी खबर सुप्रिम कोर्ट से आ रही है। दरअसल नीट एसएस-21 में पाठ्यक्रम नहीं बदलेगा। केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में बुधवार कहा है कि चिकित्सा से संबंधित सुपर स्पेशियलिटी में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट एसएस 2021) बदले हुए पाठ्यक्रम के अनुसार नहीं होगी। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सरकार ने कहा कि बदले हुए पाठ्यक्रम के मुताबिक नीट एसएस 2022 की परीक्षा आयोजित की जाएगी। मेडिकल की स्नातकोत्तर के 40 डॉक्टर छात्रों ने याचिका दाखिल कर सरकार द्वारा अचानक पाठ्यक्रम में बदलाव को चुनौती दी थी।</p>
<p><br /> केंद्र सरकार ने मंगलवार को हलफनामा दाखिल कहा था कि नवंबर में आयोजित होने वाली नीट एसएस-2021 की परीक्षा 10-11 जनवरी 2022 को आयोजित की जाएगी। याचिकाकर्ताओं का कहना था की परीक्षा से ठीक पहले पाठ्यक्रम में बदलाव किए जाने के कारण उन्हें तैयारी करने का बहुत कम समय मिलेगा। सुनवाई के दौरान सरकार ने परीक्षा की तारीख करीब दो महीना आगे बढ़ाने के फैसले की जानकारी अदालत को दी थी। लेकिन इससे याचिकाकर्ता सहमत नहीं थे। अब सरकार ने पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया और इस बारे में बुधवार को अदालत को अवगत कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 13:16:33 +0530</pubDate>
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