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                <title>central water commission - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>central water commission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वाराणसी में बाढ़ का खतरा! गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर, बाढ़ राहत शिविरों में विस्थापित परिवारों को दी जा रही सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 70.28 मीटर पर पहुंच गया है और चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव के कारण जिला प्रशासन अलर्ट पर है। प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित कर भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/flood-threat-in-varanasi-ganga-water-level-above-warning-point/article-164339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार को वाराणसी में चेतावनी बिंदु को पार कर 70.28 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार नदी का जलस्तर 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर निर्धारित है। वाराणसी में गंगा का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। </p>
<p>जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जलभराव से प्रभावित कुछ परिवारों को एहतियातन पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ राहत शिविरों में विस्थापित किया गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।</p>
<p>बाढ़ राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवासीय व्यवस्था के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविरों में रह रहे लोगों को स्वच्छ एवं ताजा भोजन दिन में तीन बार उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की विशेष आवश्यकताओं को देखते हुए आवश्यकतानुसार दूध और केला भी उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<p>जिला प्रशासन द्वारा गंगा और वरुणा के जलस्तर के साथ संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। संबंधित अधिकारी तटवर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं तथा आवश्यकता के अनुसार नदी मार्ग से भी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 13:20:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केन्द्रीय जल आयोग की टीम ने राजस्थान में बांधों का किया निरीक्षण, वरिष्ठ इंजीनियर कानिगिरी विरंजनेयुलु और लव कुमार सिंह थे शामिल  </title>
                                    <description><![CDATA[ केन्द्रीय जल आयोग (CWC) की टीम पिछले चार दिनों से राजस्थान में विभिन्न बांधों का निरीक्षण कर रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/central-water-commission-team-inspected-dams-in-rajasthan-senior-engineers/article-118710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(3)37.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्रीय जल आयोग (CWC) की टीम पिछले चार दिनों से राजस्थान में विभिन्न बांधों का निरीक्षण कर रही है। बीसलपुर बांध के बाद अब टीम ने पांचना बांध का दौरा किया। यह निरीक्षण विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ड्रिप योजना के तहत हो रहे कार्यों का मूल्यांकन करने के लिए किया जा रहा है।</p>
<p>बीसलपुर बांध पर टीम ने रिटेनिंग वॉल, गेटों की रबर सील, गेटों के रस्से, बिजली की केबल, जनरेटर, और स्टॉप लॉग गेट सहित बांध की गैलरी में किए गए विभिन्न मरम्मत और सुधार कार्यों की जांच की।</p>
<p>इस टीम में CWC के वरिष्ठ इंजीनियर कानिगिरी विरंजनेयुलु और लव कुमार सिंह शामिल थे। उनके साथ राजस्थान जल संसाधन विभाग (WRD) के अधीक्षण अभियंता प्रहलाद राय खोईवाल, अधिशासी अभियंता मनीष बंसल, सहायक अभियंता दिनेश बैरवा, और कनिष्ठ अभियंता पद्मा लोधवाल भी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण राजस्थान में बांधों की सुरक्षा और विश्व बैंक परियोजनाओं की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। इससे बांधों की संरचनात्मक मजबूती और जल प्रबंधन क्षमता में सुधार की दिशा में अहम कदम उठाए जा सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Jun 2025 17:31:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - चंबल के बांधों को मिलेगी संजीवनी, डीपीआर हुई तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा बैराज सहित तीनों बांधों की बजट जारी होने के बाद भी मरम्मत नहीं होने के मामले में दैनिक नवज्योति ने कई बार प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---chambal-dams-will-get-a-new-lease-of-life--dpr-is-ready/article-106694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कोटा बैराज समेत चंबल नदी परबने तीनों बांधों की मरम्मत का मामला उठाया। धारीवाल ने सवाल पूछा कि राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध एवं कोटा बैराज की मरमत के लिए क्या डीपीआर तैयार हो चुकी है? और वर्कआॅर्डर भी जारी किया जा चुका है? इसकी जानकारी दी जाए। सरकार ने इसके जवाब में कहा कि चंबल नदी पर स्थित राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर एवं कोटा बैराज की मरम्मत के लिए विश्व बैंक एवं एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) द्वारा वित्त पोषित बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना (डीआरआईपी) के तहत केन्द्रीय जल आयोग के विशेषज्ञों एवं बांध सुरक्षा समीक्षा पैनल (डीएसआरपी) के सुझावों के अनुरूप प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग टैपलेट (पीएसटी) अर्थात डीपीआर तैयार की गई है। अभी कार्यों के लिए वर्कआर्डर जारी नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>केन्द्रीय जल आयोग ने सौंपी निरीक्षण की रिपोर्ट </strong><br />विधानसभा में सरकार की ओर से बताया गया कि राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर एवं कोटा बैराज के कार्य विशिष्ट तकनीकी श्रेणी में आते हैं। इन कार्यों को तकनीकी विशेषज्ञों की राय के अनुसार कराया जाना प्रस्तावित है। इसी क्रम में फरवरी माह के दौरान केन्द्रीय जल आयोग के विशषेज्ञों की टीम  ने दोनों बांधों एवं बैराज का तकनीकी परीक्षण किया था। इसकी रिपोर्ट 21 फरवरी को प्राप्त हो चुकी है। इस रिपोर्ट के अनुसार इस जटिल कार्य को चरणबद्ध रूप से करवाया जाना प्रस्तावित है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उजागर की थी बांधों की दुर्दशा</strong><br />कोटा बैराज सहित तीनों बांधों की बजट जारी होने के बाद भी मरम्मत नहीं होने के मामले में दैनिक नवज्योति ने कई बार प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि चंबल नदी पर स्थित तीन बांधों की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपए का बजट काफी समय पहले स्वीकृत हो चुका है, लेकिन इन बांधों की मरम्मत के लिए संवेदक कंपनियां तैयार नहीं हो रही है। तीनों बांध करीब 60 से 65 साल पुराने बने हुए हैं। हाइड्रो मैकेनिकल वर्क में पुराने गेट व स्लूज गेट बदलने हैं। पुराने बांधों की मेंटेनेंस के काम के लिए काफी दिक्कत आती है, संवेदक इसलिए भी सामने नहीं आ रहे हैं। क्योंकि बांध में पानी काफी भरा रहता है और इस दौरान ही गेट और अन्य उपकरणों की मेंटेनेंस होनी है, जो हर कोई नहीं कर सकता है। इस सम्बंण में केन्द्रीय जल आयोग की टीम ने तकनीकी निरीक्षण किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 15:59:27 +0530</pubDate>
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