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                <title>lives - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात, 4 लोगों ने गवाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर तथा पूर्वी राजस्थान में अनेक स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वर्षा दर्ज की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/flood-situation-in-many-districts-of-the-state-4-people/article-89785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/rain.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पिछले 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर तथा पूर्वी राजस्थान में अनेक स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वर्षा दर्ज की गई है। भीलवाड़ा जिले में कहीं कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक बारिश शाहपुरा, भीलवाड़ा में 105.एमएम व पश्चिमी राजस्थान के बागोड़ा, जालोर में 55 एमएम बारिश दर्ज की गई है।</p>
<p>वहीं, शुक्रवार को अजमेर में तेज बारिश हुई। इससे जेएलएन अस्पताल के वार्डों में पानी भर गया। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुष्कर रोड पर बाड़ी नदी ओवरफ्लो हो गई। सवाईमाधोपुर और अजमेर में दो लोग पानी में बह गए। उनकी तलाश जारी है। धौलपुर के कौलारी में सखवारा के पास रील बनाते समय दो युवकों की पार्वती नदी में डूबने से हुई मौत का वीडियो सामने आया है। जिसमें कुछ युवक पानी में कूद रहे युवक से रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने की बात कहता हुआ नजर आ रहा है। जिसके थोड़ी ही देर बाद दोनों युवक एक के बाद एक करके गहरे पानी में डूब गए।</p>
<p>मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार परिसंचरण तंत्र आज उत्तर-पूर्वी राजस्थान व आसपास के क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है तथा सतह से 5-8 किलोमीटर तक विस्तृत है। कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। उक्त के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी 3-4 दिन मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। 6-7 सितंबर को उदयपुर, अजमेर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में मध्यम व कहीं-कहीं भारी व अतिभारी बारिश होने की संभावना है। जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में भी मध्यम दर्जे की बारिश व कहीं-कहीं तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है। उदयपुर, कोटा, अजमेर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में 8-9 सितंबर को भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 19:10:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>बारिश के कारण गिरा मकान, बची लोगों की जान</title>
                                    <description><![CDATA[राजधानी जयपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण कल्याण जी के रास्ते में एक मकान गिर गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/house-collapsed-due-to-rain-lives-saved/article-87853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size16.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण कल्याण जी के रास्ते में एक मकान गिर गया। सूचना पर पहुंची जिला प्रशासन की टीम ने दो मकान को खाली करवा कर जेसीबी से हटाया। इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। </p>
<p>कल्याण जी के रास्ते में बुद्धि प्रकाश के मकान नंबर 2991 का कुछ हिस्सा बारिश के कारण भरभरा कर गिर गया था। सूचना पर जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मकान को खाली करवा कर जेसीबी की सहायता से गिराया। इस दौरान गोपाल के मकान नम्बर 2993 और चौथमल के मकान नम्बर 2994 में भी दरार आ गई थी। जिन्हें भी गिराया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 11:21:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>जान जोखिम में डाल पुलिया कर रहे पार </title>
                                    <description><![CDATA[पानी अधिक होने पर पुलिया का रास्ता बंद कर दिया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crossing-the-bridge-risking-life/article-57673"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/jaan-jokhim-me-daal-puliya-kr-rhe-paar...kota-news-21-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा बैराज के 13 गेट खोलकर की गई पानी की निकासी के बाद पानी उतरने पर नयापुरा स्थित रियासतकालीन पुलिया की दुर्दशा सामने आई है। पुलिया का पुराना हिस्सा पहले से भी अधिक क्षतिग्रस्त हो गया है। उसके बावजूद भी जान जोखिम में डालकर लोग वहां से वाहन निकाल रहे हैं। नयापुरा स्थित रियासत कालीन पुलिया पिछली बार आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई थी। उसके बाद नगर विकास न्यास द्वारा करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से इस पुलिया की मरम्मत का काम किया जा रहा है। पुुलिया का काफी काम पूरा हो गया है जबकि कुछ काम अभी बाकी है। इसी बीच फर से बैराज के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। जिससे पुलिया के उपर से पानी बहने लगा था। पानी अधिक होने पर तो वहां रास्ता बंद कर दिया था। दोनों तरफ बेरीकेडिंग व पुलिस कर्मी तैनात थे। लेकिन बुधवार को पानी उतरते ही वहां से सुरक्षा हटा दी गई। जिससे लोग पैदल व दो पहिया वाहन लेकर उस पुलिया से निकलने लगे। लेकिन उस पुलिया का अधिकतर हिस्सा इतना अधिक खतरनाक है कि उस पर से निकलना जान जोखिम में डालना है। उसके बाद भी दिनभर लोग न केवल पैदल वरन. दो पहिया वाहन तक लेकर वहां से निकले। जबकि पुलिया पर चढ़ाई व उतार के समय इतनी अधिक ऊंचाई है कि वहां से वाहन चलाकर नहीं निकल रहे। ऐसे में लोगों को वाहन से उतरकर धक्के मारकर वाहन निकालने पड़े। वहां के बड़े-बड़े पत्थर तक उखड़ गए उसके बाद भी लोग नहीं मान रहे। पानी में बहकर आई गंदगी तक पुलिया पर चिपक गई। हालांकि न्यास की ओर से करवाया जा रहा नया काम इतना मजबृूत है कि जहां पुराने काम के बड़े-बड़े पत्थर उखड़ गए वहीं नए काम को जरा भी नुकसान नहीं हुआ। वह पूरीे तरह से सुरक्षित है। जिससे इतने पानी में पुलिया के नए काम की टेस्टिंग भी हो गई। हालांकि लोगों का कहना था कि कुन्हाड़ी से नयापुरा व नयापुरा से कुन्हाड़ी आने-जाने के लिए यह शॉर्ट कट रास्ता है जबकि बड़ी पुलिया से लम्बा चक्कर काटना पड़ रहा है। इधर नगर विकास न्यास के सचिव मानसिंह मीणा का कहना है कि पुुलिया पर काम चल रहा है। वहां बोर्ड भी लगाया हुआ है कि रास्ता बंद है। फिर भी लोग निकल रहे हैं तो इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बात कर वहां जाब्ता लगवाया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Sep 2023 17:00:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जर्जर भवनों में हर पल रहती है जान हथेली पर</title>
                                    <description><![CDATA[ पुराने शहर में कई जर्जर मकानों में लोग रह रहे हैं। साथ ही सरकारी कार्यालय तक जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। बरसात के समय में उन कार्यालयों के कर्मचारी जान हथेली पर लेकर नौकरी कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/every-moment-lives-in-dilapidated-buildings--life-is-on-the-palm/article-16570"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/jarjar-bnawano-mei-jaan-hatheli...kota-news-28.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । भीलवाड़ा में एक दिन पहले तेज बरसात के चलते 4 मंजिला मकान की ऊपरी दो मंजिल गिरने से एक महिला उसके मलबे में दब गई। उसी तरह का हादसा कोटा में भी हो सकता है। इसका कारण यहां भी पुराने शहर में कई जर्जर मकानों में लोग रह रहे हैं। साथ ही सरकारी कार्यालय तक जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। बरसात के समय में उन कार्यालयों के कर्मचारी जान हथेली पर लेकर नौकरी कर रहे हैं। बरसात का मौसम चल रहा है। ऐसे में कभी तेज तो कभी धीमी बरसात हो रही है।  बरसात के समय में नए मकान तक टपकने लगे हैं। ऐसे में सबसे अधिक खतरा पुराने व जर्जर मकानों को है। जिनकी नींव व ऊपरी हिस्सा पहले से ही कमजोर हो चुका है। बरसात में वह और कमजोर होने से कभी भी गिर सकता है। जानकारी के अनुसार हर साल बरसात में दो से चार मकान धराशाही होते ही हैं। गनीमत इतनी है कि उनमें कोई हताहत नहीं हुआ है। नगर निगम कोटा उत्तर व पुराने शहर में इस तरह  के कई मकान अधिक हैं जिनके जर्जर होने के बावजूद भी लोग उनमें रह रहे हैं। पुराने होने के बावजूद न तो मकान मालिक उन्हें ठीक करवा रहे हैं और न ही नगर निगम की ओर से ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है। लेकिन  बरसात में किसी भी जर्जर मकान के ढहने पर कभी भी कोई बड़ा हादसा होने पर कई लोगों की जान तक जा सकती है। नगर निगम द्वारा हर साल अनंत चतुर्दशी जुलूस से पहले जुलुूस मार्ग में जर्जर मकानों र क्रॉस का निशान लगाया जाता है। जिससे उन मकानों पर कोई नहीं चढ़ सके। <br /><br /><strong>यह है मकानों की स्थिति</strong><br />पुराने शहर में सूरजपोल से मोखापाड़ा तक के कई मकानों को बाहर से देखने पर ही उनकी स्थिति का पता चल रहा है। अधिकतर मकानों की दीवारों में दरारे हो गई हैं। उनका प्लास्तर निकल चुका है। अंदर के पत्थर नजर आने लगे हैं। अधिकतर छज्जे टूटकर गिर चुके हैं। किसी मकान का ऊपरी हिस्सा एक तरफ झुका हुआ है। बरसात में उन मकानों की छत व कमरे टपक रहे हैं। जिससे उनमें सीलन आ रही है। सीलन के कारण मकानों में दुर्गंध फेल रही है। जिससे उनमें रहना तक मुश्किल है। उसके बाद भी लग रह रहे हैं।  <br /><br /><strong>पुराने मकानों में किराएदारज्यादा</strong><br />सूत्रों के अनुसार पुराने शहर में जितने भी जर्जर मकान हैं उनके अधिकतर मालिकों ने तो दूसरी जगहों पर मकान बना लिए हैं। लेकिन उन मकानों में अधिकतर कई सालों से किराएदार रह रहे हैं। जिनके मकान का किराया भी बहुत कम है। कम किराए के लालच में लोग मकान खाली नहीं कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मकान मालिक मकान खाली करवाना चाहता है लेकिन किराएदार व मकान मालिक के बीच विवाद के चलते मामले अदालतों तक में विचाराधीन हैं। जिससे न तो मकान मालिक और न ही नगर निगम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कर पा रहा है। <br /><br /><strong>खतरे के बीच कर रहे नौकरी</strong><br />सूरजपोल स्थित झालाहाउस काफी पुरानी बिल्डिंग हैं जिसमें जलदाय विभाग का कार्यालय कई सालों से चल रहा है। यहां जेईएन व एईएन स्तर के अधिकारी बैठते हैं। करीब 30 से अधिक कर्मचारियों का स्टाफ काम करता है। उस भवन व कार्यालय की हालत इतनी अधिक जर्जर है कि बाहर से देखने पर लगता ही नहीं कि यहां कोई रहता होगा या कार्यालय होगा। लेकिन उसके बावजूद वहां कार्यालय में कर्मचारी काम कर रहे हैं। उस भवन में प्रवेश करने से लेकर आखिरी छोर तक एक भी हिस्सा सही नहीं है। सीढ़ियां तक जर्जर है। कमरों का प्लास्तर उखड़ा हुआ है। सभी कमरों में बरसात का पानी नल की तरह टपक रहा है। दीवारों में सीलन आ रही है। कार्यालय का पूरा रिकॉर्ड भीग चुका है। नए रिकॉर्ड को बचाने के लिए कर्मचारियों को उसे पॉलिथीन से ढककर रखना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वैसे तो पूरे साल ही यहां खतरा है। लेकिन बरसात के समय जान हथेली पर लेकर काम करते हैं। अधिक बरसात  होने पर कमरों में बैठकर काम करने में डर लगता है। इसी तरह से महिला थाना भी पुराने भवन में संचालित हो रहा है। उसके भवन का पिछला हिस्सा काफी जर्जर हो रहा है। वहीं कई अन्य भवनों में भी सरकारी कार्याुय कुछ इसी तरह की स्थिति में संचालित हो रहे हैं।  <br /><br /><strong>करीच चार दर्जन से अधिक मकान जर्जर</strong><br />पुराने शहर में सूरजपोल से मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, पाटनपोल, लालबुर्ज, सब्जीमंडी, इंद्रा मार्केट,  बजाज खाना, रामपुरा, नयापुरा व स्टेशन क्षेत्र में करीब 4 दर्जन से अधिक ऐसे मकान हैं जो जर्जर हालत में हैं। उसके बाद भी अधिकतर मकानों में लोग रह रहे हैं। जिन्हें अपनी जान की परवाह तक नहीं है।  <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br /> नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र में कई मकान जर्जर हालत में हैं। उनका निगम के स्तर पर सर्वे कराया गया। मौका रिपोर्ट मिलने पर ऐसे मकान मालिकों को नोटिस दिए जा रहे हैं। गत सप्ताह में करीब आधा दर्जन मकानों को नोटिस दिए हैं।  जिनमें एक नयापुरा व दो स्टेशन क्षेत्र के भी हैं। नोटिस के बाद भी मकान खाली नहीं करने पर उन्हें सीज तक किया जा रहा है। <br /><strong>- गजेन्द्र सिंह, उपायुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong> <br /><br />नगर निगम के इंजीनियर निजी भवनों का सर्वे करते हैं और सरकारी भवनों का सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता। उनकी रिपोर्ट में मकान जर्जर होने की स्थिति में उन्हें नोटिस देने व सीज करने तक की कार्रवाई की जा रही है। जिससे बरसात के समय में मकानों के ध्वस्त होने पर किसी भी तरह की जन हानि को रोका जा सके। <br /><strong>- वासुदेव मालावत, आयुक्त , नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Jul 2022 15:32:59 +0530</pubDate>
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                <title>जान जोखिम में डाल कर आवागमन को मजबूर लोग</title>
                                    <description><![CDATA[  एनएच 52 पर कोटा-झालावाड़ के बीच मुकुंदरा वन्यजीव क्षेत्र का 8 किलोमीटर सड़क मार्ग हाड़ौती के लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। इस मार्ग पर यात्रा करने वाले वाहनों एवं यात्रियों को हमेशा जाम में फंसने का डर सताता रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-forced-to-travel-by-putting-their-lives-at-risk/article-13964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/jaan-jokhim-mei-dalkar-aawagam-ko-majboor-log-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। एनएच 52 पर कोटा-झालावाड़ के बीच मुकुंदरा वन्यजीव क्षेत्र का 8 किलोमीटर सड़क मार्ग हाड़ौती के लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। इस मार्ग पर यात्रा करने वाले वाहनों एवं यात्रियों को हमेशा जाम में फंसने का डर सताता रहता है। टोल चुकाने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर इस सड़क मार्ग से आवागमन करने को मजबूर हैं। अमझार की संकड़ी पुलिया पर आए दिन हादसों में लोग घायल होते रहते हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम 7 बजे भी यहां एक कैप्सूल और ट्रॉले की टक्कर हो गई। जिससे वाहनों का लंबा जाम लग गया। जैसे-तैसे हाइवे पुलिस और स्थानीय थाना क्षेत्र की पुलिस ने जाम खुलवा कर यातायात को बहाल किया। दुर्घटनाग्रस्त हुए कैप्सूल से देर रात झालावाड़ से कोटा की ओर जा रही कार टकरा गई। कार में 3 लोग सवार थे।  हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। मुकुंदरा वन्यजीव क्षेत्र के इस 8 किलोमीटर सड़क मार्ग में तीन ब्लैक स्पॉट अमझार पुलिया, दरा की नाल व 8 किमी का टुकड़ा बन गए हैं। जहां आए दिन दुर्घटना एवं जाम का खतरा लगा रहता है। पूर्व में भी  भाजपा नेताओं ने ज्ञापन देकर इस गम्भीर समस्या की ओर संभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया था। लेकिन हालात जस के तस हैं।<br /><br /><strong>टूटी रेलिंग को किया जा रहा दुरस्त</strong><br />पिछले दिनों अमझार नदी की पुलिया पर वाहन टकरा जाने से टूटी रेलिंग को दुरुस्त किया जा रहा है। इस संकरी पुलिया से वाहन नदी में नहीं गिरें, इसलिए विभाग द्वारा बार-बार इसकी ऊंचाई बढ़ाई जाती है। मोटाई बढ़ाकर इसे मजबूत किया जाता है। लेकिन विभाग इस बात को नहीं समझ रहा कि रेलिंग से दुर्घटनाएं नहीं रुकेंगी। बल्कि दुर्घटनाएं रोकने के लिए  नदी की संकड़ी पुलिया की चौड़ाई बढ़ानी होगी। <br /><br /><strong>एनएच अथॉरिटी को अवगत करा चुके हैं लोग</strong><br />यह 8 किलोमीटर सड़क मार्ग अभी नेशनल हाईवे के पास है। वही इसका रखरखाव कर रहे हैं। जब लोगों ने उनका ध्यान इन तीन ब्लैक स्पॉट की तरफ खींचा और इनमें सुधार करने की बात कही तो एनएच अथॉरिटी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह रोड हमारे पजेशन में है। लेकिन अब इस पर जो भी आगामी निर्माण कार्य होगा वह एनएचएआई को करवाना है। <br /><br />शुक्र है कि कैप्सूल या टेंकर में ज्वलनशील पदार्थ नहीं था। एक दूसरे पर टालने के बजाय विभाग चारलेन सड़क पर स्थित इस 8 लेन सड़क मार्ग को भी चार लेन सड़क के मापदंडों के अनुरूप बनाकर यात्रियों एवं वाहनों को दुर्घटना एवं जाम की परेशानी से बचाएं।<br /><strong>-वीरेन्द्र जैन, पूर्व सदस्य, प्रदेश कार्यकारिणी, भाजपा</strong> <br /><br />इस 8 किलोमीटर के टुकड़े के कारण यातायात में परेशानी है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई बढ़ाने में कानूनी अड़चनें आ रही हैं। वन विभाग व रेलवे की दो पुलियाएं हैं। इन पर निर्माण के लिए लम्बा प्रोसेस है। यह कार्य एनएचएआई को करना था।<br /><strong>-दिनेश तिवारी, अधिशासी अभियंता, एनएचएआई,  कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 14:40:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल कॉलेजों में खाली सीटें, छात्रों की जान से खेल रहा एमसीसी और केंद्र : सुप्रीम कोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने सत्र  2021-2022  में मेडिकल कॉलेजो में सीटे खाली होने पर नाराज़गी जताई। कोर्ट ने कहा सत्र के दौरान 1456 सीटें नहीं भरी गयी हैं अदालत ने कहा मेडिकल कॉउन्सिलिंग कमेटी और केंद्र सरकार छात्रों के जीवन के साथ खेल रही है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/vacant--seats--medical-colleges--mcc--centre--playing--students--lives--says--supreme-court/article-11665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sc.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सत्र  2021-2022  में मेडिकल कॉलेजो में सीटे खाली होने पर नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने कहा, ''सत्र के दौरान 1456 सीटें नहीं भरी गई हैं, मेडिकल कॉउन्सिलिंग कमेटी और केंद्र सरकार छात्रों के जीवन के साथ खेल रही है।''</p>
<p>जस्टिस एम आर शाह और अनिरुद्ध बोस ने कहा, "हमे देश में डॉक्टरों और सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल प्रोफेशनल्स की जरुरत हैं , अगर छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाता है और खली सीटे नहीं भरी जाती है तो अदालत एक आदेश पारित करेगी और अनुदान करेगी ।''  अदालत ने केंद्र और एमसीसी को आदेश दिया की वह अपने अधिकारीयों को गुरुवार को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 17:17:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कच्चे छप्पर में रहने वाली रवीना ने 12वीं कला वर्ग में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर किया नाम रोशन</title>
                                    <description><![CDATA[रवीना के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वह अपनी माता व 4 भाई- बहिनों के साथ दो कमरों के कच्चे छप्पर में रहती है। जहां बिजली कनेक्शन तक नहीं है रवीना के पिता की मौत रवीना के बचपन में ही हो गई थी। वहीं उनकी माता भी बीमार रहती है। परिवार के हालात खराब होने पर भी रवीना ने पढ़ाई जारी रखी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/baaansur-news-raveena--who-lives-in-a-raw-thatch--got-93-percent-marks-in-class-12th-arts/article-11615"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bansur--(4).jpg" alt=""></a><br /><p>बानसूर।  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान 12वीं कला वर्ग के परीक्षा परिणाम में नारायणपुर की बेटी ने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर नारायणपुर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आप को बता दे कि एक छोटे से गांव गढ़ी मामोड़ की रहने वाली छात्रा रवीना गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई कर रही है। जब उसके स्कूल के मास्टर उसके 12वीं में टॉप करने पर उसको बधाई देने उसके घर पहुंचे तो रवीना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसे विश्वास ही नहीं हुआ की वह नारायणपुर की टॉपर बन गई है।</p>
<p>रवीना के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वह अपनी माता व 4 भाई- बहिनों के साथ दो कमरों के कच्चे छप्पर में रहती है। जहां बिजली कनेक्शन तक नहीं है रवीना के पिता की मौत रवीना के बचपन में ही हो गई थी। वहीं उनकी माता भी बीमार रहती है। परिवार के हालात खराब होने पर भी रवीना ने पढ़ाई जारी रखी। रवीना स्वयं बकरी चरा कर घर खर्च चलाती है रवीना के परिवार का खर्च पशु पालन से चलता है। रवीना स्कूल से आने के बाद घर के कामों में भी पूरा हाथ बटाती है। घर में पशुओं की देखभाल करती है।</p>
<p>वहीं स्कूल से आने के बाद घर का पूरा काम निपटाकर रवीना रात को दीये की रोषनी में पढ़ाई करती थी। रवीना की इस उपलब्धि पर नारायणपुर एसडीएम सुनीता मीणा और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मंगल राम जाटव ने भी छात्रा को बधाई दी है। वहीं रवीना गुर्जर के टॉपर बनने पर स्कूल और गांव में खुशी का माहौल है।स्कूल के अध्यापक उसके घर पहुंचकर मिठाई खिलाकर बधाई दीं और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। रवीना ने बताया कि मेरी इस सफ लता का श्रेय मेरे परिवार, दोस्त व विद्यालय स्टाफ  को जाता है। रवीना पुलिस में जा कर देश कि सेवा करना चाहती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 13:42:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बस - पिकअप के बीच भिड़ंत के बाद लगी आग, सवारियों ने कूद कर बचाई जान </title>
                                    <description><![CDATA[आरकेपुरम थाना क्षेत्र में  मंगलवार तड़के एक तेज रफ्तार स्लीपर बस और पिकअप के बीच भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन डिवाइडर पर चढ़ गए और दोनों वाहनों में आग लग गई। जिससे दोनों वाहन जल कर राख हो गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-fire-broke-out-after-the-collision-between-the-bus-pickup--the-passengers-jumped-and-saved-their-lives/article-11555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bus1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । आरकेपुरम थाना क्षेत्र में  मंगलवार तड़के एक तेज रफ्तार स्लीपर बस और पिकअप के बीच भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन डिवाइडर पर चढ़ गए और दोनों वाहनों में आग लग गई। जिससे दोनों वाहन जल कर राख हो गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।  बस में आग लगने से सवारियों ने कूद कर जान बचाई।  सूचना पर निगम की 5 दमकलें मौके पर पहुंची और 2 घंटे में आग पर काबू पाया। सवारियों को मामूली चोटें आईं है। बस व पिकअप ड्राइवर दोनों फरार है। घटना आज तड़के की बताई गई है।<br /> <br /> पुलिस के अनुसार सवारी बस मुरैना से अहमदाबाद जा रही थी। बस में 50 से ज्यादा सवारियां थी। बताया जा रहा है कि  खड़े गणेशजी के पीछे हाइवे पर पिकअप का चालक गाड़ी की स्टेपनी बदल रहा था। उसी समय तेज रफ्तार स्लीपर बस ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बस डिवाइडर पर चढ़ गई। बस के पीछे के हिस्से में आग लगी।  हादसे में बस के आगे के शीशे टूट गए। जिससे सवारियां चोटिल हुई। हवा के कारण आग बढ़ती देख सवारियों ने बस से कूदकर जान बचाई।<br /><br /><strong>बस में रखा था कपड़े का थान</strong><br />बताया जा रहा है कि बस के पीछे की डिक्की में कपड़े का थान रखा हुआ था। आग लगने से कपड़े का थान भी चपेट में आ गया और आग भीषण हो गई। आग में सवारियों के लगेज भी जल गए। लगेज में कपड़े व रुपए भी रखे बताय। घटना के बाद मौके पर जाम लग गया। सवारियां सड़क किनारे बैठे रही। सुबह 6 बजे एक ट्रक में सवार होकर निकल गई। बाद में क्रेन की सहायता से दोनों वाहनों को बीच सड़क से हटाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 18:30:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिशु चिकित्सालय में चूहों का आतंक, नौनिहालों की जान खतरे में</title>
                                    <description><![CDATA[ झालावाड़ के राजकीय जिला कुंवर बा जनाना चिकित्सालय जहां पर शिशु चिकित्सालय भी संचालित है, वहां चूहे आफत बरसा रहे हैं। अस्पताल के शिशु वार्ड आईसीयू एनआईसीयू सभी जगहों पर चूहों का पूरा दखल है और अस्पताल प्रशासन इनके सामने बेबस नजर आता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-rats-in-infants-hospital--lives-of-young-children-in-danger/article-10797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/454654654659.jpg" alt=""></a><br /><p> झालावाड़। झालावाड़ के राजकीय जिला कुंवर बा जनाना चिकित्सालय जहां पर शिशु चिकित्सालय भी संचालित है, वहां चूहे आफत बरसा रहे हैं। अस्पताल के शिशु वार्ड आईसीयू एनआईसीयू सभी जगहों पर चूहों का पूरा दखल है और अस्पताल प्रशासन इनके सामने बेबस नजर आता है और यदि चूहों से नवजातों की रक्षा की बात करें तो सब कुछ भगवान भरोसे ही चल रहा है। कुछ दिनों पूर्व कोटा के अस्पताल में चूहों द्वारा एक मरीज की आंखें कुतर दिए जाने का मामला सामने आया था, उसके बाद भी झालावाड़ अस्पताल प्रशासन ने सबक नहीं लिया है और चारों तरफ चूहे स्वतंत्र विचरण कर रहे हैं, इनसे निपटने की कोई योजना नहीं है, अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आते हैं। झालावाड़ के जनाना अस्पताल में जब हम हालातों का जायजा लेने पहुंचे तो पाया कि जो है चारों तरफ स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं यहां तक कि मरीजों के बीच भी बड़े आराम से घूमते नजर आते हैं। <br />   <br /> अस्पताल में अपने बच्चे का इलाज करवाने आए रोहित जैन ने बताया कि एक छोटे से वार्ड में लगभग 30 चूहे घूम रहे हैं, चूहों की साइज इतनी बड़ी है कि इंसान देख कर भी डर जाए। उन्होंने बताया कि यहां पर हर व्यक्ति चूहों से परेशान है तथा अपने सामान को बचाने की जुगत करता हुआ नजर आता है। सबसे बड़ा खतरा नवजात शिशुओं पर चूहों के हमले को लेकर है। ऐसे में नवजात शिशु के साथ किसी ना किसी व्यक्ति को 24 घंटे जाग कर उसकी निगरानी करनी पड़ रही है। डर रहता है कि कहीं चूहे कुछ नुकसान ना कर दें। एक अन्य महिला मांगी बाई ने बताया कि वह रात्रि के समय जब सोई हुई थी तो चूहे ने उसके पैर की उंगली में इतना जोर से काट लिया कि खून की धारा बह निकली। आखिरकार अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाकर मरहम पट्टी करवानी पड़ी, तब जाकर हालात ठीक हुई।<br /> <br /> वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए नजर आते हैं और कहते हैं कि फिलहाल अस्पताल में चूहों से संबंधित कोई परेशानी नहीं है। वहीं उसके विपरीत जब हम वार्डों में पहुंचे तो हालात ठीक उल्टे नजर आए, वार्ड की खिड़की के पीछे 3 चूहे साफ साफ नजर आ रहे थे तथा एक चूहा वार्ड में स्वतंत्र विचरण करता हुआ भी नजर आ ही गया, जो दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त था। अस्पताल प्रशासन द्वारा किए जा रहे दावों और वादों के वास्तविक हालात देखने के बाद लगता है जैसे कि अस्पताल प्रशासन सुधारने के बदले किसी हादसे का इंतजार करना ज्यादा पसंद कर रहा है।  <br /><br />झालावाड़ अस्पताल में चूहों की संख्या ना के बराबर है उनके द्वारा नुकसान किए जाने की कोई बात अब तक सामने नहीं आई है फिर भी यदि कोई मामला है तो दिखवाकर कार्यवाही करेंगे। <br /><strong>- डॉ हेमराज, अधीक्षक, जनाना अस्पताल झालावाड़</strong><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 May 2022 15:02:14 +0530</pubDate>
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                <title>  सिरफिरे ने जला दी 7 जिंदगियां</title>
                                    <description><![CDATA[आरोपी की हुई पहचान, यहां रहने वाली युवती को करता था पसंद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sirfire-burnt-7-lives/article-9323"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/122.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने के कारण 7 लोगों की मृत्यु और 9 लोगों के झुलसने के मामले में शनिवार रात नया मोड़ आ गया। इमारत की पार्किंग में खड़े स्कूटर में एक आशिक मिजाज युवक ने तड़के आग लगाई थी और इसी आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।  पुलिस ने जब लगभग 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक युवक इमारत की पार्किंग में रखे दुपहिया वाहन में कुछ ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगाते हुए दिखा। इस युवक ने वाहन में आग लगाने के दौरान सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ का भी प्रयास किया।</p>
<p><br /><strong>मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए की सहायता</strong> <br />मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर दुख जताते हुए संपूर्ण मामले की जांच के आदेश दिए थे। चौहान ने यह भी घोषणा की है कि मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपयों की सहायता प्रदान की जाएगी। <br /><br /><strong>पहले इसी इमारत में रहता था आरोपी</strong><br />युवक की पहचान मूल रूप से उत्तरप्रदेश निवासी संजय उर्फ अंकित दीक्षित के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर इस इमारत में रहने वाली एक युवती को पसंद करता था। यह युवक लगभग छह सात माह पहले तक इसी इमारत के एक हिस्से में किराए पर रहता था। युवती का विवाह कहीं और होने जा रहा है। यह स्कूटर भी संबंधित युवती के परिजनों की बताई गई है।  मृत लोगों में एक पति और पत्नी शामिल हैं। जबकि शेष पांच लोग अलग-अलग परिवारों के बताए गए हैं। घायलों में भी अलग-अलग परिवार के व्यक्ति शामिल हैं। इस इमारत में तीन फ्लोर पर फ्लैट बने हुए हैं और अधिकांश परिवार किराए से रहते थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/sirfire-burnt-7-lives/article-9323</link>
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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 11:06:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>4 लोगों की जान बचाने वाले कांस्टेबल नेत्रेश शर्मा से फोन पर बात कर CM गहलोत ने दी शाबासी, नेत्रेश को हेड कांस्टेबल के पद पर दी पदोन्नति</title>
                                    <description><![CDATA[ तस्वीर में कांस्टेबल नेत्रेश आग की लपेटों के बीच से एक मासूम बच्चे को सीने से चिपकाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाता दिखाई दे रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--chief-minister-ashok-gehlot-gave-praise-to-constable-netresh-sharma--who-saved-the-lives-of-four-people--promoted-netresh-to-the-post-of-head-constable/article-7335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok-new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करौली में अपना कर्तव्य निभाते हुए चार लोगों की जान बचाने वाले कांस्टेबल नेत्रेश शर्मा से फोन पर बात कर उन्हें शाबासी दी। गहलोत सरकार ने  नेत्रेश को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय किया है। गहलोत ने कहा कि अपनी जान की परवाह ना कर कर्तव्य निभाने वाले नेत्रेश का कार्य प्रशंसनीय है।<br /><br />दरअसल, करौली जिले में जहां बीते शनिवार को नव संवत्सर पर हिंदू संगठनों की ओर से निकाली गई बाइक रैली पर पथराव के बाद हुई आगजनी ने हर किसी को हिला दिया। शनिवार को इस घटना की भयावह तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होने लगी, जिसमें एक तस्वीर ऐसी भी सामने आई,  जिसे देखकर लोग खाकी की तारीफ करने लगे। यह तस्वीर राजस्थान पुलिस के एक कांस्टेबल नेत्रेश शर्मा की थी, जिस तस्वीर में कांस्टेबल नेत्रेश आग की लपेटों के बीच से एक मासूम बच्चे को सीने से चिपकाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाता दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह नजारा कैमरे में तब कैद हुआ, जब हिंसा के बाद आगजनी के दौरान कई दुकानों- मकानों को बाजार में खरीदारी करनी आई दो महिलाएं बचने के लिए पास के एक मकान में छुप गईं। मकान भी चारों ओर से आग की लपटों में घिर गया तो महिलाएं व उनके साथ मौजूद बच्चा रोने लगा। बच्चे की आवाज सुनकर कॉन्स्टेबल नेत्रेश दौड़े और बच्चे को गोद में लेकर बाहर की तरफ भागे। पीछे-पीछे महिलाएं भी दौड़ पड़ीं। इस तरह तीनों बच गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 15:35:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>पति ने देश सेवा में प्राण न्यौछावर किए, अब चीजों को यादों के रूप में पास रखते हैं</title>
                                    <description><![CDATA[गैलेण्ट्री अवार्ड समारोह जयपुर मिलिट्री स्टेशन के 61 केवेलरी ग्राउण्ड पर शनिवार को हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/husband-laid-down-his-life-in-the-service-of-the-country--now-keeps-things-close-as-memories/article-6768"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/untitled-design1.png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। लद्दाख में ड्यूटी के दौरान दुश्मन से लोहा लेकर मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले नायब सूबेदार (एआईजी) मनदीप सिंह और नायब सूबेदार (डीएमटी) सतनाम सिंह को मरणोपरांत सेना मैडल दिया गया। गैलेण्ट्री अवार्ड समारोह जयपुर मिलिट्री स्टेशन के 61 केवेलरी ग्राउण्ड पर शनिवार को हुआ।<br /><br /><strong>मिठाई के थे शौकीन मनदीप</strong><br />नायब सूबेदार मनदीप सिंह की धर्मपत्नी गुरदीप कौर ने बताया कि देश सेवा का जज्बा उनमें जबरदस्त था। फैमिली के बारे में कम और फौज के बारे में ज्यादा सोचते थे। एक बेटी है जो 12वीं कक्षा में है। अभी बोर्ड एग्जाम की तैयारी कर रही और बेटा 7वीं कक्षा में है। गुरुद्वारा साहिब जाने का शौक था। मन करने पर खुद गर्मागर्मा रोटियां बनाकर हमें खिलाते थे। शादी की सालगिरह पर मेरे लिए केक लाते थे। मिठाई में हलवा, सेवइयां और लड्डू खाने के शौकीन थे। परिवार का खयाल रखते थे। उनके जाने पर कमी महसूस होती है।<br /><br /><strong>कार से घूमाने ले जाते थे सतनाम</strong><br />नायब सूबेदार सतनाम सिंह की धर्मपत्नी जसविंदर कौर ने बताया कि घर में एक रूम के अंदर उनकी चीजों को यादें बनाकर साथ रखते हैं। उनके बैच, बैल्ट, ड्रेस, फोटो, मोटर साइकिल वगैरह सभी साथ रखते हैं। भीगी हुई पलकों से याद करते हुए जसविंदर ने कहा कि वे लाइफ में हरदम एडजस्ट करके चलते थे। कार चलाने का शौक था उन्हें तो पहले हमने सैकंड हैंड कार ली उससे घूमने जाया करते थे। बाद में नई कार लेने की खुशी अलग थी। बच्चे पिता की हर चीज को सहेज कर रखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/husband-laid-down-his-life-in-the-service-of-the-country--now-keeps-things-close-as-memories/article-6768</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 14:14:10 +0530</pubDate>
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