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                <title>kheri - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लखीमपुर खीरी हत्याकांड : UP सरकार के ढीले रवैये पर SC नाराज : गवाहों को सुरक्षा, जांच में तेजी लाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की अगली  सुनवाई 08 नवंबर को नवंबर को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1---up-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A2%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-sc-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C---%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-1894"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sc3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के ढीले रवैये पर मंगलवार को एक बार फिर कई सवाल खड़े किये और गवाहों को समुचित सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ  जांच में तेजी लाने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कराने में तेजी लाने का आदेश सरकार को दिया। <br /> <br /> शीर्ष अदालत ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए यदि न्यायिक अधिकारी संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है तो जिला न्यायाधीश नजदीकी इलाके के अन्य मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराने  की व्यवस्था कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश देते हैं कि वह गवाहों के लिए समुचित सुरक्षा की व्यवस्था करें, हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सुरक्षा दी जा रही है।<br /> <br /> उच्चतम न्यायालय में इसी सुनवाई के दौरान घटना में मारे गए श्याम सुंदर की विधवा  रूबी देवी की ओर से पेश वकील अरुण भारद्वाज ने इंसाफ देने की गुहार लगाई । उन्होंने कहा कि उन्हें धमकियां दी जा रही है हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं।</p>
<p><br /> उल्लेखनिय है कि श्याम पर किसानों को कुचलने के आरोप हैं। घटना के बाद हुई हिंसा में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मारे गए पत्रकार के परिजनों की ओर से भी न्याय की मांग की गई। इस पर न्यायाधीश ने इस मामले में अलग से स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश सरकार को दिया दिया।</p>
<p><br /> मामले की अगली  सुनवाई 08 नवंबर को नवंबर को होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में आज प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश किया।  सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने पीठ को बताया कि कुल 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं। इनमें 23 चश्मदीद गवाह हैं। मुख्य न्यायाधीश ने सिर्फ 23 चश्मदीद की जानकारी पर हैरानी जताते हुए कहा कि हजारों की भीड़ में सिर्फ 23 चश्मीदीद गवाह है।<br /> <br /> उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 03 अक्टूबर  को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के एक कार्यक्रम के दौरान चार किसानों की कार से कुचलकर मृत्यु हो गई थी। और इसके बाद भड़की ङ्क्षहसा में चार अन्य लोग मारे गए थे। उनमें कार ड्राइवर भी शामिल है। घटना में भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की भी मृत्यु हो गई थी। मरने वालों में श्याम सुंदर और एक पत्रकार  भी शामिल हैं। किसानों को कार से कुचलने के मामले में आरोपियों में शामिल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के  पुत्र  समेत कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 14:20:18 +0530</pubDate>
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                <title>अंततः उत्तरप्रदेश सरकार को देशभर से उठ रही आवाज़ को सुनना पड़ा: CM गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र सरकार को मामले में हस्तक्षेप कर सुनिश्चित करना चाहिये कि दोषी गिरफ्तार हों और पीड़ितों को न्याय मिले-गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%A4%E0%A4%83-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%A0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BC-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE--cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-1475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok-gehlot1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल, प्रियंका और कांग्रेस पार्टी द्वारा लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के खिलाफ़ संघर्ष और बीजेपी सरकार की तानाशाही पूरा देश देख रहा है। अंततः उत्तरप्रदेश सरकार को देशभर से उठ रही आवाज़ को सुनना पड़ा और प्रियंका  को 52 घंटे की गैरकानूनी हिरासत से रिहा किया गया है। गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि राहुल, प्रियंका और कांग्रेस नेता लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए किसानों के शोक संतप्त परिजनों से मिलने, उन्हें ढांढस बंधाने के लिए वहां जा रहे हैं। अभी तक किसी भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं करना आश्चर्यजनक है, केन्द्र सरकार को मामले में हस्तक्षेप कर सुनिश्चित करना चाहिये कि दोषी गिरफ्तार हों और पीड़ितों को न्याय मिले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 16:28:37 +0530</pubDate>
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                <title>लखीमपुर कांड</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी त्रासदी में दोनों पक्षों के चार-चार लोगों की जानें गई हैं, लेकिन यह घटना स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र की छवि को भारी क्षति पहुंचाने वाली कही जा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/615d564861ef7/article-1463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/lakhimpur.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश </strong>के लखीमपुर खीरी त्रासदी में दोनों पक्षों के चार-चार लोगों की जानें गई हैं, लेकिन यह घटना स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र की छवि को भारी क्षति पहुंचाने वाली कही जा सकती है। कैसे कोई किसानों को वाहनों से कुचलने का दुस्साहस कर सकता है। इस हादसे में चार किसानों की मौत हो गई तो गुस्साए किसानों के हमले में चार भाजपा के लोगों की भी जान चली गई और दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। किसान तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले दस माह से आंदोलन कर रहे हैं और उन्होंने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं के रास्तों को अवरुद्ध कर रखा है। जिन वाहनों से किसानों को कुचला गया वे केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के वाहन काफिले का हिस्सा थे। तीन वाहनों के काफिले में से एक में अजय मिश्रा भी सवार थे और वाहन को उनके पुत्र आशीष मिश्रा चला रहे थे। गृह राज्यमंत्री मिश्रा पहले भी कई बार आंदोलनरत किसानों के खिलाफ बयान दे चुके हैं। मिश्रा ही नहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने भी हाल ही में किसानों के खिलाफ विवादित व आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। ऐसे बयानों से भाजपा कार्यकर्ताओं का दुस्साहस भी बढ़ता है। गृह राज्यमंत्री मिश्रा पुश्तैनी गांव के एक समारोह में भाग लेकर लौट रहे थे तो मुख्य मार्ग पर किसान रास्ता रोक कर काले झण्डे दिखाना चाहते थे, लेकिन आवेश में आकर वाहन चालकों ने किसानों पर वाहन चढ़ाकर निकलना चाहते थे, लेकिन इस दौरान किसानों ने पकड़ में आए वाहनों पर हमला बोल दिया। सवाल है कि यदि यह मामला देश के गृह राज्यमंत्री से संबंधित है तो उनके सामने ही यह दर्दनाक घटना कैसे हो गई? उन्हें कानून-कायदों का ध्यान रखना चाहिए था और कानून की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए था। फिर योगी सरकार ने लखीमपुर खीरी जाने से विपक्षी नेताओं को रोका और हिरासत में लिया, जो कानून सम्मत नहीं माना जा सकता। विपक्षी नेताओं को घटना की सत्यता व पीड़ितों से मिलने का पूर्ण अधिकार है। बहरहाल, किसान नेता राकेश टिकैत व प्रशासन के बीच समझौता हो गया है। घटना की न्यायिक जांच होगी। आशीष मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। लेकिन लखीमपुर की घटना से योगी सरकार सवालों के घेरे में आ गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/615d564861ef7/article-1463</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 16:04:58 +0530</pubDate>
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