<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/collaboration/tag-54212" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>collaboration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/54212/rss</link>
                <description>collaboration RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा CSR का संबल: सवाई माधोपुर में होगा राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव ; वन विभाग और कॉर्पोरेट जगत मिलकर तलाशेंगे संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और समुदाय विकास के नए रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान वन विभाग द्वारा 22-23 जून को सवाई माधोपुर में राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य रणथम्भौर और सरिस्का जैसे संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के विकास के लिए कॉर्पोरेट जगत और वन विभाग के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/wildlife-conservation-will-get-the-support-of-csr-state-level/article-157638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/image1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान वन विभाग की पहल पर सवाई माधोपुर में 22 और 23 जून को राज्य स्तरीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय समुदायों के सतत विकास को बढ़ावा देना है। कॉन्क्लेव में विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्योग समूहों, गैर-सरकारी संगठनों, संरक्षण विशेषज्ञों और वन अधिकारियों की भागीदारी रहेगी।</p>
<p>डीसीएफ मानस सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में रणथम्भौर, सरिस्का, केवलादेव, मुकुंदरा सहित प्रदेश के प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों में CSR के जरिए किए जा सकने वाले कार्यों और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही सफल परियोजनाओं के अनुभव साझा किए जाएंगे तथा वन विभाग और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे। यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/wildlife-conservation-will-get-the-support-of-csr-state-level/article-157638</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/wildlife-conservation-will-get-the-support-of-csr-state-level/article-157638</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:24:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/image1.jpg"                         length="359538"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व साइकिल दिवस पर अलवर में धूम: 'संडे ऑन साइकिल' रैली में जुटे 400 से अधिक लोग, दिया पर्यावरण और फिटनेस का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम से "संडे ऑन साइकिल" अभियान के तहत भव्य रैली का आयोजन किया गया। पुलिस उप अधीक्षक अंगद शर्मा सहित करीब 400 साइकिल प्रेमियों ने इसमें भाग लिया। वक्ताओं ने नियमित साइकिल चलाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए पर्यावरण संरक्षण की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/cycle-rally-taken-out-in-alwar-on-world-bicycle-day/article-156240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/alwar.png" alt=""></a><br /><p>अलवर। राजस्थान के अलवर में विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। "संडे ऑन साइकिल" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों, युवाओं, विद्यार्थियों सहित करीब 400 साइकिल प्रेमियों ने शिरकत की। प्रताप ऑडिटोरियम से शुरू हुई यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः प्रताप ऑडिटोरियम पहुंची। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने "77वां संडे ऑन साइकिल", "स्वास्थ्य क्रांति की जरूरत", "विश्व साइकिल दिवस" और "फिटनेस की दौड़, आधा घंटा रोज" जैसे नारों के माध्यम से स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।</p>
<p>इस अवसर पर पुलिस उप अधीक्षक (अलवर शहर) अंगद शर्मा, यातायात पुलिस निरीक्षक संजय शर्मा, एनईबी थाना प्रभारी दिनेश मीणा, संडे ऑन साइकिल अभियान के प्रभारी पन्नालाल सैनी और साई के मुख्य कोच शिवकुमार सैनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य क्रांति की आवश्यकता है। नियमित रूप से साइकिल चलाने से न केवल व्यक्ति स्वस्थ रहता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।</p>
<p>अंगद शर्मा ने लोगों से प्रतिदिन कम से कम एक घंटे व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही बेहतर समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है। कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) अध्यक्ष डॉ. विजयपाल ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आहार में सोयाबीन जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पीएमओ के डॉ. प्रवीण शर्मा द्वारा भी कर्मचारियों को रविवार के दिन साइकिल अथवा इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर ड्यूटी पर आने के लिए प्रेरित किया गया है, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ मिल सके। कार्यक्रम में खेल अधिकारी अंजना शर्मा, सेवानिवृत्त मुख्य कोच सबल प्रताप सिंह, आईटीबीपी के सुल्तान सिंह सहित दर्जनों जवान, पुलिसकर्मी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/cycle-rally-taken-out-in-alwar-on-world-bicycle-day/article-156240</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/cycle-rally-taken-out-in-alwar-on-world-bicycle-day/article-156240</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:32:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/alwar.png"                         length="1233110"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामला: 10 हजार का इनामी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार गिरफ्तार, बहन अब भी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एसओजी ने वर्ष 2021 के उपनिरीक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹10,000 के इनामी आरोपी दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। चित्तौड़गढ़ में कार्यरत इस चयनित सब-इंस्पेक्टर ने अपनी बहन के साथ मिलकर गिरोह के सरगना से परीक्षा से पहले ही हल प्रश्नपत्र प्राप्त किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/si-recruitment-exam-2021-paper-leak-case/article-155899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/sog.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 के चर्चित पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹10,000 के इनामी आरोपी एवं चयनित उपनिरीक्षक दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी दिनेश कुमार निवासी हालीवाव, पोस्ट केरिया, थाना चितलवाना, जिला जालौर को 2 जून 2026 को जालौर पुलिस के सहयोग से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि दिनेश कुमार और उसकी बहन निरमा कुमारी ने पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश विश्नोई से संपर्क कर परीक्षा से पहले हल प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। दोनों ने इसी प्रश्नपत्र का अध्ययन कर 15 सितंबर 2021 को आयोजित उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में भाग लिया।</p>
<p>परीक्षा में दिनेश कुमार को हिन्दी विषय में 141.55 तथा सामान्य ज्ञान में 167.89 अंक प्राप्त हुए, जिससे उसका मेरिट क्रमांक 182 आया और उसका उपनिरीक्षक पद पर चयन हो गया। वहीं उसकी बहन निरमा कुमारी ने लिखित परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त किए, लेकिन साक्षात्कार में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर सकी और अंतिम चयन से वंचित रह गई। गिरफ्तारी से पहले दिनेश कुमार चित्तौड़गढ़ जिले में उपनिरीक्षक पद पर कार्यरत था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/si-recruitment-exam-2021-paper-leak-case/article-155899</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/si-recruitment-exam-2021-paper-leak-case/article-155899</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:20:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/sog.png"                         length="479438"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनहित में बड़ा कदम: EHCC हॉस्पिटल से हुआ MoU, जरूरतमंदों को मिलेगा बेहतर उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा निःशुल्क हृदय एवं मस्तिष्क रोग परिचर्चा शिविर आयोजित किया गया। पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में एमओयू किया गया। विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में गंभीर बीमारियों से बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। समाजसेवी संस्थान यूनिराज एल्युमिनी फेडरेशन, सद्भावना के सिपाही संगठन, एस टी टी फाउंडेशन और साईनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वास्थ्य परिचर्चा शिविर का सफल आयोजन किया गया। जनहित को समर्पित इस शिविर का उद्देश्य आमजन को हृदय एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों के प्रति जागरूक करना था। शिविर में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कासलीवाल और मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग सिहाग ने व्याख्यान दिए। दोनों विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में बढ़ते रोगों के कारण, बचाव और समय पर जांच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उपस्थित लोगों को निःशुल्क परामर्श भी प्रदान किया गया। </p>
<p>संस्थाओं के मार्गदर्शक संरक्षक एवं पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी जुड़ी। संस्थाओं के प्रतिनिधि नितिन शारदा भगेरिया, के. विक्रम रस्तोगी, कैलाश शर्मा और अक्षय जैन मोदी ने EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में MoU पर हस्ताक्षर किए, जिससे भविष्य में जरूरतमंदों को बेहतर उपचार सुलभ होगा। इस अवसर पर राजीव अरोड़ा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता रही है। ऐसे शिविर समाज और संस्थाओं के सहयोग से स्वस्थ राजस्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/jaipur.jpg"                         length="1316671"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में क्वाड देशों की बैठक जारी, जयशंकर ने कहा-हिन्द प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों के समाधान के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी साझेदारी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में क्वाड देशों (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में समुद्री सुरक्षा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक विश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/meeting-of-quad-countries-continues-in-delhi-jaishankar-said/article-155007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/s-jaishankar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना क्वाड देशों की साझा जिम्मेदारी है और विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों के बल पर ही इसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधन तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमी जैसे मुद्दों पर भी क्वाड देशों को ध्यान देना होगा।</p>
<p>जयशंकर ने मंगलवार को यहां भारत की मेजबानी में हो रही क्वाड देशों की बैठक में वहां के विदेश मंत्रियों, आस्ट्रेलिया की पेनी वोंग , जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत करते हुए यह बात कही। विदेश मंत्री ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा इसके अलावा वैश्विक स्तर पर आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता, संपर्क मार्गों के अवरोध बिंदु, विनिर्माण एवं संसाधनों को बढाने तथा महत्त्वपूर्ण अवसंरचना में कमियों जैसे मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चिंताएँ भी हैं। इसके लिए रणनीतिक विश्वास को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, आर्थिक विकल्पों को प्रोत्साहित करना तथा गहरे सहयोगात्मक दृष्टिकोण को विकसित करना आवश्यक होगा। उन्होंंने कहा कि यह कार्य विश्वसनीय तथा पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है। जयशंकर ने कहा कि बीते समय में हमारे अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आर्थिक सुदृढ़ता तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा,"हमने अनेक पहलों में उत्साहजनक प्रगति देखी है। समुद्री लोकतंत्रों, बहुलतावादी समाजों और बाज़ार आधारित अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने की साझा जिम्मेदारी हमारी है। यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रेरक बना रहना चाहिए। हमें विश्वास है कि आज हमारी विचार-विमर्श प्रक्रिया इस बात को रेखांकित करेगी और उपयोगी एवं फलदायी सिद्ध होगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/meeting-of-quad-countries-continues-in-delhi-jaishankar-said/article-155007</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/meeting-of-quad-countries-continues-in-delhi-jaishankar-said/article-155007</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 13:23:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/s-jaishankar.png"                         length="822913"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण एशिया राउंड टेबल में बोले टिम कर्टिस, यूनेस्को चेयर्स को बताया शिक्षा और नवाचार की सबसे बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल में यूनेस्को के क्षेत्रीय निदेशक टिम कर्टिस ने हिस्सा लिया। भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने 'ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस' और नैतिक एआई जैसे नीतिगत विषयों पर चर्चा की। अमृता विश्वविद्यालय तीन यूनेस्को चेयर्स वाला भारत का एकमात्र संस्थान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px4.png" alt=""></a><br /><p>केरल। यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक टिम कर्टिस ने अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल के दौरान कहा कि यूनेस्को चेयर्स संगठन के वैश्विक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नीति-स्तर की चर्चाओं को गहराई से प्रभावित करती हैं। इस कार्यक्रम में भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका से 22 से अधिक प्रतिनिधियों, यूनेस्को चेयरधारकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शोध और सामुदायिक पहलों को यूनेस्को की 2026–2027 की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना था। प्रमुख विषयों में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और प्रदूषण जैसी “ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस”, डिजिटल परिवर्तन, नैतिक एआई, लैंगिक समानता और युवाओं की भागीदारी शामिल रहे।</p>
<p>कार्यक्रम में बांग्लादेश के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि सुसान वाइज और नेपाल के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि जैको डु टॉइट भी शामिल हुए। हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति माता अमृतानंदमयी देवी से भी मुलाकात की। अमृता विश्व विद्यापीठम भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां तीन यूनेस्को चेयर्स स्थापित हैं—जेंडर इक्वैलिटी एंड वीमेन एम्पावरमेंट (डॉ.भवानी राव के नेतृत्व में), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग फॉर सस्टेनेबल इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (डॉ.मनीषा वी.रमेश के नेतृत्व में) और असिस्टिव टेक्नोलॉजीज़ इन एजुकेशन (डॉ.प्रेमा नेदुंगाडी के नेतृत्व में)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:28:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1200-x-600-px4.png"                         length="2018044"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रांस-भारत ने 'विला स्वागतम' रेजीडेंसी कार्यक्रम के चौथे संस्करण के शुरू होने की घोषणा, सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी दूतावास ने भारत और फ्रांस के बीच कलात्मक आदान-प्रदान के लिए 'विला स्वागतम' 2026-27 की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत कलाकार, लेखक और शोधकर्ता एक-दूसरे के देशों में रहकर नवाचार करेंगे। 31 मई 2026 तक आवेदन खुले हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों और रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/france-india-announce-the-start-of-the-fourth-edition-of-villa/article-152997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-and-france.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। भारत में फ्रांसीसी संस्थान और फ्रांसीसी दूतावास ने 'विला स्वागतम' क्रॉस-रेजीडेंसी कार्यक्रम के चौथे संस्करण की शुरुआत की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य फ्रांस और दक्षिण एशिया के बीच सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026-2027 की रेजीडेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। यह कार्यक्रम भारतीय और फ्रांसीसी कलाकारों, लेखकों, अनुवादकों, डिजाइनरों, विद्वानों और रचनात्मक पेशेवरों को फ्रांस और दक्षिण एशिया के विभिन्न संस्थानों में रहने और सीखने के अवसर प्रदान करता है।</p>
<p>साल 2023 में अपनी शुरुआत के बाद से, विला स्वागतम एक प्रमुख भारत-फ्रांसीसी सांस्कृतिक पहल के रूप में विकसित हुआ है, जो साहित्य, दृश्य कला, शिल्प, डिजाइन और अनुसंधान के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देता है। यह कार्यक्रम एक से तीन महीने की रेजीडेंसी प्रदान करता है और पारस्परिकता के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके तहत दोनों देशों के प्रतिभागियों को एक साझा ढांचे के भीतर एक-दूसरे के देशों में मेजबानी प्रदान की जाती है।</p>
<p>भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथु ने इस पहल को एक ऐसे मंच के रूप में वर्णित किया जो रचनाकारों को संस्कृतियों, प्रथाओं और विचारों के बीच सेतु बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि नया संस्करण ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ (इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026) के हिस्से के रूप में विशेष महत्व रखता है। पिछले तीन संस्करणों में, विला स्वागतम ने लगभग 100 प्रतिभागियों का समर्थन किया है और विभिन्न कलात्मक और साहित्यिक क्षेत्रों में सहयोग की सुविधा प्रदान की है। कई प्रतिभागियों ने इंडिया आर्ट फेयर, <br />कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले और केरल साहित्य महोत्सव जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने काम का प्रदर्शन किया है।</p>
<p>चौथे संस्करण में कई नयी साझेदारियां और रेजीडेंसी प्रारूप पेश किये गये हैं। फ्रांस में, सिरेमिक रेजीडेंसी के लिए 'मुसी डी'आर्ट कंटेम्पोरेन डी लियोन' और बायो-डिज़ाइन एवं टिकाऊ रचनात्मक प्रथाओं से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 'फोंडेशन थैली' के साथ नये सहयोग शामिल हैं। ला रीयूनियन में एक साहित्यिक रेजीडेंसी भी शुरू की गई है, जबकि 'इंस्टीट्यूट डी'एट्यूड्स एवांसी डी नान्तेस' मानविकी और समकालीन वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक नई शोध रेजीडेंसी की मेजबानी करेगा।</p>
<p>दक्षिण एशिया में, यह कार्यक्रम पत्थर और संगमरमर आधारित कलात्मक प्रथाओं के लिए 'स्टोनएक्स ग्लोबल', साहित्य के लिए नयी दिल्ली में 'रेड हाउस' और कला एवं शिल्प के लिए बांग्लादेश में 'कॉसमॉस फाउंडेशन' के साथ साझेदारी के माध्यम से विस्तार कर रहा है। विला स्वागतम पहली बार भूटान तक भी पहुंचेगा, जहां 'वास्ट भूटान' एक ग्राफिक उपन्यासकार रेजीडेंसी की मेजबानी करेगा। भारत के कई शहरों में एक अभिनव और भ्रमणशील साहित्यिक रेजीडेंसी भी शुरू की गई है, जिससे एक प्रतिभागी विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा कर सकेगा और विविध समुदायों तथा सांस्कृतिक संदर्भों के साथ जुड़ सकेगा।वर्तमान में इस कार्यक्रम में भारत, श्रीलंका, बंगलादेश, भूटान और फ्रांस में 30 से अधिक भागीदार रेजीडेंसी शामिल हैं, जो साहित्य, कविता, अनुवाद, ग्राफिक उपन्यास, नृत्य, कपड़ा, सिरेमिक, कांच कला और क्यूरेटोरियल अभ्यास जैसे विषयों को कवर करते हैं। विला स्वागतम को 'इंस्टीट्यूट फ्रैंकैस' का समर्थन प्राप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/france-india-announce-the-start-of-the-fourth-edition-of-villa/article-152997</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/france-india-announce-the-start-of-the-fourth-edition-of-villa/article-152997</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 13:02:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/india-and-france.png"                         length="1917535"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुश्मन देशों की खैर नहीं: सैन्य अभ्यास के लिए भारतीय सेना का दल कंबोडिया रवाना, आतंकवाद-रोधी अभियानों पर होगा फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना का 120 सदस्यीय दल द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास सिनबैक्स-II के लिए कंबोडिया रवाना हो गया। 17 मई तक चलने वाले इस अभ्यास में आतंकवाद-रोधी अभियानों, ड्रोन संचालन और स्नाइपर रणनीतियों पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए तालमेल बढ़ाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/enemy-countries-are-not-well-indian-army-team-leaves-for/article-152516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-army.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सेना का एक दल भारत–कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास सिनबैक्स–द्वितीय में हिस्सा लेने के लिए रविवार को कंबोडिया रवाना हो गया। यह अभ्यास सोमवार से 17 मई तक कंबोडिया के कंम्पोंग स्प्यू प्रांत स्थित तेचो सेन फ्नोम थॉम म्रियास प्रांतीय रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र (कैम्प बेसिल) में होगा। मित्र देशों के साथ भारत के सतत रक्षा सहयोग के तहत कंबोडिया के साथ यह द्विपक्षीय अभ्यास वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बदलते परिदृश्य में विशेष महत्व रखता है। संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अंतर्गत आयोजित इस अभ्यास में भारतीय सेना के दल में कुल 120 सैनिक शामिल हैं, जिनमें अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। कंबोडियाई दल में 160 सैनिक शामिल हैं, जो रॉयल कंबोडियन आर्मी से हैं।</p>
<p>यह संयुक्त अभ्यास संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान शांति सेना द्वारा सामना किए जाने वाले आतंकवाद-रोधी अभियानों की गतिशीलता के अनुरूप होगा। इस उद्देश्य को विभिन्न व्यावहारिक और व्यापक चर्चाओं तथा सामरिक अभ्यासों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यापक सत्यापन अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास के अंतर्गत ड्रोन संचालन, मोर्टार और स्नाइपर रणनीतियों सहित विशेष कौशल प्रशिक्षण भी किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच पारस्परिक संचालन क्षमता, समन्वय और कार्यात्मक तालमेल को बढ़ाना है।</p>
<p>यह अभ्यास न केवल वैश्विक शांति बनाए रखने में दोनों देशों की क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा, बल्कि अर्ध-शहरी स्थिति में शत्रु बलों के खिलाफ विभिन्न अभियानों के दौरान प्राप्त सर्वोत्तम विधियों और संचालनात्मक अनुभवों के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करेगा। संयुक्त सैन्य अभ्यास सिनबैक्स–द्वितीय भारत और कंबोडिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाता है और यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा। यह क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पारस्परिक समझ को भी बढ़ावा देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/enemy-countries-are-not-well-indian-army-team-leaves-for/article-152516</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/enemy-countries-are-not-well-indian-army-team-leaves-for/article-152516</guid>
                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:09:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/india-army.png"                         length="505158"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी अंतरिक्ष यात्री के साथ 'क्रू-13' मिशन सितंबर के मध्य से पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिये होगा रवाना : नासा</title>
                                    <description><![CDATA[नासा ने घोषणा की है कि स्पेस-एक्स क्रू-13 मिशन अब सितंबर के मध्य तक प्रक्षेपित किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में अमेरिका, रूस और कनाडा के चार अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक शोध के लिए ISS जाएंगे। यह मिशन नासा और रोस्कोस्मोस के बीच हुए 'क्रॉस-कंट्री' समझौते के तहत अंतरिक्ष स्टेशन पर निरंतर संचालन सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/crew-13-mission-with-russian-astronaut-will-depart-for-international-space/article-151556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/nasa1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक बयान में कहा कि रूसी अंतरिक्ष यात्री सर्गेई टेटेरयातनिकोव के साथ नासा का 'क्रू-13' मिशन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिये नवंबर के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही प्रक्षेपित किया जाएगा। बयान के अनुसार, "नासा के स्पेस-एक्स क्रू-13 मिशन के हिस्से के रूप में, तीन अंतरिक्ष एजेंसियों के चार चालक दल सदस्य एक लंबी अवधि के वैज्ञानिक अभियान के लिये सितंबर के मध्य से पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के लिये उड़ान भरेंगे।" नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका वॉटकिंस और ल्यूक डेलाने क्रमशः अंतरिक्ष यान कमांडर और चालक की भूमिका निभाएंगे, जबकि कनाडा के अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक और रूसी अंतरिक्ष यात्री टेटेरयातनिकोव मिशन विशेषज्ञ के रूप में सेवा देंगे।</p>
<p>वर्ष 2022 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस और नासा ने क्रॉस-कंट्री उड़ानों (एकीकृत चालक दल मिशनों) पर एक समझौता किया। इस समझौते का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी आपात स्थिति या समय-सारणी में बदलाव के बावजूद अंतरिक्ष स्टेशन पर हमेशा कम से कम एक रूसी कॉस्मोनॉट और एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री मौजूद रहे, ताकि वे स्टेशन के रूसी और अमेरिकी दोनों हिस्सों का संचालन संभाल सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/crew-13-mission-with-russian-astronaut-will-depart-for-international-space/article-151556</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/crew-13-mission-with-russian-astronaut-will-depart-for-international-space/article-151556</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:57:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/nasa1.png"                         length="1407219"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन की सीमा पर भारत का वीएमआईएमएस तैनात : निजी क्षेत्र के सहयोग से तैयार किया अद्वितीय तोपखाना, सेना को मुश्किल इलाकों में तेजी से कार्रवाई करने में मिलेगी मदद</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे में सरकार चीन की चुनौती से निपटने की जीतोड़ कोशिश कर रही है। इस दृष्टि से यह एक बड़ी उपलब्धि है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-vmims-deployed-on-china-border-in-collaboration-with-private/article-107583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy134.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अपनी तोपखाने की ताकत बढ़ाने के लिए सिक्किम जैसे इलाकों में वीएमआईएमएस तैनात किया है। वीएमआइएमएस का मतलब है व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम। यह सिस्टम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बनाया गया है। यह भारत की रक्षा तकनीक में एक बड़ी उपलब्धि है। यह तैनाती 2025 के अंत तक पूरी हो जाएगी। इससे सेना को मुश्किल इलाकों में तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। भारत उत्तरपूर्व और लद्दाख में चीन की कड़ी चुनौती से रूबरू है। ऐसे में सरकार चीन की चुनौती से निपटने की जीतोड़ कोशिश कर रही है। इस दृष्टि से यह एक बड़ी उपलब्धि है। </p>
<p>सैनिक रक्षा मालों के विशेषज्ञों का विचार है कि उत्तरपूर्व और लद्दाख में सैन्य उपकरणों के मामले में भारत किसी तरह चीन से कमतर नहीं है। जहां तक जवानों के हौसले का सवाल है, चीन भारतीयों का मुकाबला नहीं कर सकते। यह निजी क्षेत्र से सहयोग के द्वारा तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत रक्षा उपकरणों के निर्माण में भी अब निजी क्षेत्र से सहयोग ले रहा है। भारतीय सेना ने वीएमआइएमएस को सिक्किम जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात किया है। ट्रिशक्ति कॉर्प्स, इंडियन आर्मी ने ट्वीट किया, भारतीय सेना ने सिक्किम में व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम तैनात किया है। यह आत्मनिर्भर सिस्टम गतिशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और मारक क्षमता को बढ़ाता है, भारत के आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है। इस तैनाती से सेना मुश्किल इलाकों में भी तेजी से कार्रवाई कर सकती है। यह भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत बनाता है।</p>
<p><strong>सिक्किम के ऊंचाई वाले हिस्सों में तैनाती</strong><br />भारतीय सेना ने वीएमआइएमएस को सिक्किम जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात किया है। ट्रिशक्ति कॉर्प्स, इंडियन आर्मी ने ट्वीट किया, भारतीय सेना ने सिक्किम में व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम तैनात किया है। यह आत्मनिर्भर सिस्टम गतिशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और मारक क्षमता को बढ़ाता है, भारत के आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है। सबसे पहला फायदा है इसका एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंच पाना। पहाड़ी इलाकों पर लगे होने की वजह से यह मुश्किल रास्तों पर भी आसानी से चल सकता है। यह किसी भी ऑपरेशन में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत जरूरी है। </p>
<p>दूसरा यह बहुत जल्दी तैनात किया जा सकता है। इसमें छह मोर्टार सिस्टम ऑटोमेटिक है, इसलिए इसे जल्दी से सेटअप करके फायरिंग शुरू की जा सकती है। तीसरा, इससे फायरपावर बढ़ जाती है। यह अपने स्वचालित 81 मिलीमीटर मोर्टार सिस्टम्स से दुश्मन के ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकता है। वीएमआइएमएस को महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड और मिलानियन सिस्टम्स ने मिलकर बनाया है। यह भारत के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को दर्शाता है। यह सिस्टम भारत गणतंत्र दिवस परेड में भी दिखाया गया था। यह दिखाता है कि यह सिस्टम भारत की सेना के लिए कितना महत्वपूर्ण है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-vmims-deployed-on-china-border-in-collaboration-with-private/article-107583</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-vmims-deployed-on-china-border-in-collaboration-with-private/article-107583</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 11:32:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy134.jpg"                         length="237398"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        