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                <title>collaboration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रूसी अंतरिक्ष यात्री के साथ 'क्रू-13' मिशन सितंबर के मध्य से पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिये होगा रवाना : नासा</title>
                                    <description><![CDATA[नासा ने घोषणा की है कि स्पेस-एक्स क्रू-13 मिशन अब सितंबर के मध्य तक प्रक्षेपित किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में अमेरिका, रूस और कनाडा के चार अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक शोध के लिए ISS जाएंगे। यह मिशन नासा और रोस्कोस्मोस के बीच हुए 'क्रॉस-कंट्री' समझौते के तहत अंतरिक्ष स्टेशन पर निरंतर संचालन सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/crew-13-mission-with-russian-astronaut-will-depart-for-international-space/article-151556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/nasa1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक बयान में कहा कि रूसी अंतरिक्ष यात्री सर्गेई टेटेरयातनिकोव के साथ नासा का 'क्रू-13' मिशन अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिये नवंबर के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही प्रक्षेपित किया जाएगा। बयान के अनुसार, "नासा के स्पेस-एक्स क्रू-13 मिशन के हिस्से के रूप में, तीन अंतरिक्ष एजेंसियों के चार चालक दल सदस्य एक लंबी अवधि के वैज्ञानिक अभियान के लिये सितंबर के मध्य से पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के लिये उड़ान भरेंगे।" नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका वॉटकिंस और ल्यूक डेलाने क्रमशः अंतरिक्ष यान कमांडर और चालक की भूमिका निभाएंगे, जबकि कनाडा के अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक और रूसी अंतरिक्ष यात्री टेटेरयातनिकोव मिशन विशेषज्ञ के रूप में सेवा देंगे।</p>
<p>वर्ष 2022 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस और नासा ने क्रॉस-कंट्री उड़ानों (एकीकृत चालक दल मिशनों) पर एक समझौता किया। इस समझौते का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी आपात स्थिति या समय-सारणी में बदलाव के बावजूद अंतरिक्ष स्टेशन पर हमेशा कम से कम एक रूसी कॉस्मोनॉट और एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री मौजूद रहे, ताकि वे स्टेशन के रूसी और अमेरिकी दोनों हिस्सों का संचालन संभाल सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:57:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चीन की सीमा पर भारत का वीएमआईएमएस तैनात : निजी क्षेत्र के सहयोग से तैयार किया अद्वितीय तोपखाना, सेना को मुश्किल इलाकों में तेजी से कार्रवाई करने में मिलेगी मदद</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे में सरकार चीन की चुनौती से निपटने की जीतोड़ कोशिश कर रही है। इस दृष्टि से यह एक बड़ी उपलब्धि है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-vmims-deployed-on-china-border-in-collaboration-with-private/article-107583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy134.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अपनी तोपखाने की ताकत बढ़ाने के लिए सिक्किम जैसे इलाकों में वीएमआईएमएस तैनात किया है। वीएमआइएमएस का मतलब है व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम। यह सिस्टम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बनाया गया है। यह भारत की रक्षा तकनीक में एक बड़ी उपलब्धि है। यह तैनाती 2025 के अंत तक पूरी हो जाएगी। इससे सेना को मुश्किल इलाकों में तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। भारत उत्तरपूर्व और लद्दाख में चीन की कड़ी चुनौती से रूबरू है। ऐसे में सरकार चीन की चुनौती से निपटने की जीतोड़ कोशिश कर रही है। इस दृष्टि से यह एक बड़ी उपलब्धि है। </p>
<p>सैनिक रक्षा मालों के विशेषज्ञों का विचार है कि उत्तरपूर्व और लद्दाख में सैन्य उपकरणों के मामले में भारत किसी तरह चीन से कमतर नहीं है। जहां तक जवानों के हौसले का सवाल है, चीन भारतीयों का मुकाबला नहीं कर सकते। यह निजी क्षेत्र से सहयोग के द्वारा तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत रक्षा उपकरणों के निर्माण में भी अब निजी क्षेत्र से सहयोग ले रहा है। भारतीय सेना ने वीएमआइएमएस को सिक्किम जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात किया है। ट्रिशक्ति कॉर्प्स, इंडियन आर्मी ने ट्वीट किया, भारतीय सेना ने सिक्किम में व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम तैनात किया है। यह आत्मनिर्भर सिस्टम गतिशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और मारक क्षमता को बढ़ाता है, भारत के आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है। इस तैनाती से सेना मुश्किल इलाकों में भी तेजी से कार्रवाई कर सकती है। यह भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत बनाता है।</p>
<p><strong>सिक्किम के ऊंचाई वाले हिस्सों में तैनाती</strong><br />भारतीय सेना ने वीएमआइएमएस को सिक्किम जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात किया है। ट्रिशक्ति कॉर्प्स, इंडियन आर्मी ने ट्वीट किया, भारतीय सेना ने सिक्किम में व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम तैनात किया है। यह आत्मनिर्भर सिस्टम गतिशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और मारक क्षमता को बढ़ाता है, भारत के आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है। सबसे पहला फायदा है इसका एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंच पाना। पहाड़ी इलाकों पर लगे होने की वजह से यह मुश्किल रास्तों पर भी आसानी से चल सकता है। यह किसी भी ऑपरेशन में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत जरूरी है। </p>
<p>दूसरा यह बहुत जल्दी तैनात किया जा सकता है। इसमें छह मोर्टार सिस्टम ऑटोमेटिक है, इसलिए इसे जल्दी से सेटअप करके फायरिंग शुरू की जा सकती है। तीसरा, इससे फायरपावर बढ़ जाती है। यह अपने स्वचालित 81 मिलीमीटर मोर्टार सिस्टम्स से दुश्मन के ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकता है। वीएमआइएमएस को महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड और मिलानियन सिस्टम्स ने मिलकर बनाया है। यह भारत के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को दर्शाता है। यह सिस्टम भारत गणतंत्र दिवस परेड में भी दिखाया गया था। यह दिखाता है कि यह सिस्टम भारत की सेना के लिए कितना महत्वपूर्ण है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 11:32:18 +0530</pubDate>
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