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                <title>response - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कांगो और युगांडा में इबोला का प्रकोप: डब्ल्यूएचओ ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, महामारी के पूरे क्षेत्र में तेजी से फैलने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो और युगांडा में फैले इबोला के 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। सीमा पार संक्रमण, संदिग्ध मौतों और स्वीकृत टीकों की कमी के कारण यह कदम उठाया गया। WHO ने देशों को अलर्ट रहने, निगरानी बढ़ाने और बॉर्डर स्क्रीनिंग सख्त करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ebola-outbreak-in-congo-and-uganda-who-declared-global-health/article-154151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ibola.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कांगो और युगांडा में फैले 'बुंदीबुग्यो' वायरस स्ट्रेन के कारण इबोला प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने यह बड़ा फैसला सीमा पार संक्रमण की पुष्टि, संदिग्ध मौतों के बढ़ते आंकड़ों और इस महामारी के पूरे क्षेत्र में तेजी से फैलने की आशंका के मद्देनजर लिया है। यह वैश्विक घोषणा पूर्वी कांगो के इतूरी प्रांत और युगांडा की राजधानी कंपाला में प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि किए गए इबोला मामलों के सामने आने के बाद की गई है, जिसमें कम से कम एक मौत भी शामिल है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस बीमारी का प्रकोप वर्तमान में पाए गए मामलों की तुलना में कहीं अधिक बड़ा हो सकता है। </p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 16 मई तक इतूरी प्रांत के कम से कम तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों (बुन्या, वर्मपारा और मोंगबवालु) में 8 पुष्ट मामले, 246 संदिग्ध संक्रमण और 80 संदिग्ध मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। युगांडा ने पिछले 24 घंटों के भीतर कंपाला में इबोला के दो मामलों की पुष्टि की है, और ये दोनों मरीज कांगो से आए यात्री हैं। इनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है और दोनों को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा, इतूरी से लौटे एक यात्री में किन्शासा के भीतर भी एक अलग पुष्ट मामला पाया गया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की चिंताएं बहुत बढ़ गई हैं।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने अपने आपातकालीन निर्धारण में कहा, "यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमारी के प्रसार के माध्यम से अन्य देशों के लिए एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है।" हालांकि संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य एजेंसी ने इसे अभी 'महामारी' घोषित नहीं किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संचरण के जोखिम, कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन को निशाना बनाने वाले स्वीकृत टीकों या सटीक इलाज की अनुपस्थिति के कारण इसने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के पैमाने को पार कर लिया है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने बताया कि इतूरी और पड़ोसी उत्तर कीवू प्रांत में सामुदायिक स्तर पर मौतों और संदिग्ध मामलों के असामान्य क्लस्टर देखे गए हैं। वहीं, कम से कम चार स्वास्थ्य कर्मियों की भी ऐसी परिस्थितियों में मौत हुई है जो अस्पतालों के भीतर फैले संक्रमण की ओर इशारा करती हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि पूर्वी कांगो में सुरक्षा की कमी (असुरक्षा), आबादी का विस्थापन, खुली सीमाएं और भारी क्षेत्रीय गतिशीलता इस प्रकोप को और तेज कर सकती है। यह स्थिति पूर्वी कांगो में 2018-19 के उस विनाशकारी इबोला संकट की याद दिलाती है जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि संगठन अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के तहत एक आपातकालीन समिति की बैठक बुलाएगा ताकि आगे के अस्थायी सुझाव दिए जा सकें। डब्ल्यूएचओ ने कांगो और युगांडा से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को सक्रिय करने, निगरानी बढ़ाने, संपर्क ट्रेसिंग तेज करने और अस्पतालों व समुदायों में संक्रमण की रोकथाम के उपायों को मजबूत करने का आग्रह किया है।</p>
<p>एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमाओं की स्क्रीनिंग बढ़ाने, पुष्ट मामलों और उनके संपर्क में आए लोगों के अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध लगाने तथा प्रायोगिक टीकों व दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल में तेजी लाने का आह्वान किया है। हालांकि, इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने पड़ोसी देशों को सीमाएं पूरी तरह बंद करने या व्यापार प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि ऐसे कदमों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और इससे लोग अनौपचारिक (अवैध) रास्तों से आवाजाही शुरू कर देंगे, जिससे संकट और अधिक बिगड़ सकता है। कांगो की सीमा से लगे पड़ोसी देशों से प्रयोगशाला परीक्षणों को मजबूत करने, स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को तैनात करने सहित अपनी तैयारियों के स्तर को तुरंत बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि इबोला का 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन पूर्व के बड़े प्रकोपों के लिए जिम्मेदार 'जायरे' स्ट्रेन की तुलना में कम आम है, लेकिन यह अभी भी उच्च मृत्यु दर के साथ गंभीर रक्तस्रावी बुखार का कारण बन सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:15:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>HC ने RU और 5 ईयर लॉ कन्वीनर से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[5 ईयर विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश से जुडे मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/619e1c889e557/article-2698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/hc6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने 5 ईयर विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश से जुडे मामले में एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थी के प्रवेश परीक्षा में ओबीसी वर्ग से अधिक अंक आने के बावजूद उसे एमबीसी में शामिल नहीं करने पर राजस्थान विवि और 5 ईयर लॉ कन्वीनर से जवाब मांगा है। न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश अनामिका सिंह गुर्जर की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया कि पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा में एमबीसी वर्ग के कुछ अभ्यर्थियों ने ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल किए हैं। इसके बावजूद भी उन्हें एमबीसी वर्ग में ही प्रवेश दिया गया है। जबकि नियमानुसार ओबीसी वर्ग से अधिक अंक हासिल करने पर अभ्यर्थी को ओबीसी वर्ग में प्रवेश दिया जाना चाहिए था। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Nov 2021 17:18:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस का मेंबरशिप कैंपेन : डिजिटल मेंबरशिप का नहीं है रिस्पांस ऑफलाइन सदस्य ज्यादा बन रहे</title>
                                    <description><![CDATA[पहली बार ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन अभियान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%A8---%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8-%E0%A4%91%E0%A4%AB%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87/article-2548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/congress_logo1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। कांग्रेस के एक नवंबर से शुरू हुए सदस्यता अभियान में डिजिटल और ऑफलाइन मेम्बरशिप के प्रावधानों में डिजिटल मेम्बरशिप का ज्यादा रिस्पांस नहीं मिल रहा है। अधिकांश विधानसभा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की आॅफलाइन मेम्बरशिप में ही ज्यादा रुचि दिखाई दे रही है। यही कारण है कि पीसीसी ने भी कांग्रेसजनों को डिजिटल फॉर्मेट लांचिग की जानकारी नहीं दी। डिजिटल फार्मेट में आवेदन को लेकर जानकारी नहीं देने से कांग्रेस कार्यकर्ता अभी असमजंस में हैं। अधिकांश कांग्रेस कार्यकर्ता, मंत्री-विधायक पीसीसी से सदस्य बनाने की डायरियां लेकर जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी में पहली बार सदस्यता के लिए आॅफलाइन के साथ आॅनलाइन अभियान की शुरूआत की गई है। राजस्थान में आॅनलाइन अभियान के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि एक नवंबर से शुरू हुआ कांग्रेस का मेम्बरशिप अभियान 31 मार्च 2022 तक चलेगा। सभी 200 विधानसभा क्षेत्र में करीब 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच हजार सदस्य बनाने का टारगेट रहेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 19 Nov 2021 15:35:57 +0530</pubDate>
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                <title>नेटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाओं को सुनवाई के लिए सीजे को भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[नेटबंद मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-1993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hc8.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने के दौरान राज्य सरकार द्वारा नकल रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट बंद करने के खिलाफ दायर याचिकाओं को सुनवाई के लिए सीजे के पास भेजते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस फरजंद अली की खंडपीठ ने यह आदेश नीरज कुमार यादव सहित अन्य की जनहित याचिकाओं पर दिए। मामले की सुनवाई के दौरान एजी ने अदालत से जवाब के लिए समय मांगा। महाधिवक्ता ने कहा कि नेटबंदी के मुद्दे पर एक याचिका मुख्यपीठ, जोधपुर में भी लंबित हैं और उस पर नवंबर के अंतिम सप्ताह में उनमें सुनवाई होनी है। इसलिए इन सभी याचिकाओं की सुनवाई एक साथ करनी चाहिए।</p>
<p><br /> याचिकाओं में कहा गया कि प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के दौरान आए दिन मोबाइल इंटरनेट को बंद किया जाता है। नकल रोकने के आधार पर रोके गए इंटरनेट से आमजन को काफी परेशानी होती है। नेटबंदी होने से मोबाइल के जरिए होने वाले सभी तरह के ऑन लाइन ट्रांजेक्शन रुक जाते हैं। साथ ही लोग कैब इत्यादि परिवहन सुविधाओं का उपयोग भी नहीं कर पाते। वहीं बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं भी प्रभावित होती हैं। ऑनलाइन व्यापार रुकने से सरकार को राजस्व हानि भी होती है। इसलिए नेटबंदी को अवैध व असंवैधानिक घोषित किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 15:23:23 +0530</pubDate>
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                <title>HC ने  पेंशन परिलाभ रोकने पर प्रमुख चिकित्सा सचिव, स्वास्थ्य निदेशक और उप कार्मिक सचिव से जवाब मांगा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाइकोर्ट ने चिकित्सक की सेवानिवृत्ति के दिन विभाग की ओर से 9 साल पुराने मामले के आधार पर आरोप पत्र देने और पेंशन परिलाभ रोकने पर प्रमुख चिकित्सा सचिव, स्वास्थ्य निदेशक और उप कार्मिक सचिव से जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hc-%E0%A4%A8%E0%A5%87--%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5--%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%95-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE/article-1810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hc5.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाइकोर्ट ने चिकित्सक की सेवानिवृत्ति के दिन विभाग की ओर से 9 साल पुराने मामले के आधार पर आरोप पत्र देने और पेंशन परिलाभ रोकने पर प्रमुख चिकित्सा सचिव, स्वास्थ्य निदेशक और उप कार्मिक सचिव से जवाब मांगा है। न्यायाधीश महेंद्र गोयल ने यह आदेश डॉ हेमंत कुमार शर्मा की याचिका पर दिए।</p>
<p><br /> याचिका में अधिवक्ता सुनील कुमार सिंगोदिया ने बताया की प्रमुख सर्जरी विशेषज्ञ याचिकाकर्ता को गत 31 अगस्त को सेवानिवृत्त किया गया था। इसी दिन उसे वर्ष 2012 में की गई कार्य के प्रति उदासीनता और लापरवाही का दोषी मानते हुए आरोप पत्र दे दिया। इस आरोप पत्र के आधार पर विभाग ने उसके पेंशन परिलाभ रोक लिए। याचिका में कहा गया की पेंशन नियमों के तहत 4 वर्ष से पूर्व की घटना के सम्बन्ध में विभागीय जांच शुरू नहीं की जा सकती। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद विभागीय जांच के लिए राज्यपाल की अनुमति जरूरी है। मामले में याचिकाकर्ता को दुर्भावनावश सेवानिवृत्ति के दिन आरोप पत्र दिया गया है। जिस घटना के आधार पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वह करीब एक दशक पुरानी है। ऐसे में विभागीय जांच और आरोप पत्र को रद्द किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Oct 2021 14:31:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>HC ने मुख्य सचिव कलेक्टर, एसपी और वक्फ बोर्ड सहित अन्य से जवाब मांगा... जाने क्यों</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर के अंदर कोट इलाके में स्थित कब्रिस्तान भूमि पर अतिक्रमण के मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hc-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0--%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE----%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82/article-1773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hc4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाइकोर्ट ने अजमेर के अंदर कोट इलाके में स्थित कब्रिस्तान भूमि पर अतिक्रमण के मामले में मुख्य सचिव कलेक्टर, एसपी और वक्फ बोर्ड सहित अन्य से जवाब मांगा है। न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार और न्यायाधीश मनोज व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश नासिर खान की जनहित याचिका पर दिए।</p>
<p><br /> याचिका में कहा गया की इस कब्रिस्तान भूमि को वर्ष 1965 में अधिसूचना जारी कर वक्फ सम्पत्ति घोषित किया गया था। याचिका में कहा गया की कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों ने कब्रिस्तान की कुछ भूमि पर पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया है। इस संबंध में स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के आलाधिकारियों को भी शिकायत दी है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 14:39:50 +0530</pubDate>
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                <title>वेतन नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[प्रिंसिपल को बीते दस माह से वेतन नहीं देने का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6166adc690e5b/article-1647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sesion-court.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण ने ट्रांसफर आदेश पर रोक के बाद कार्य कर रहे प्रिंसिपल को बीते दस माह से वेतन नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सहित अन्य से जवाब मांगा है। अधिकरण ने यह आदेश महेन्द्र शर्मा की अपील पर दिए। अपील में अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया की जिले के रामनगर स्थित स्कूल में तैनात अपीलार्थी का तबादला गत 4 जनवरी को महात्मा गांधी स्कूल, नागौर किया गया था। जिस पर अधिकरण ने अंतरिम रोक लगाते हुए विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने को कहा था। वहीं विभाग ने 4 मार्च को अपीलार्थी का अभ्यावेदन खारिज कर वापस नागौर तबादला कर दिया और वहाँ उसे एपीओ कर दिया गया। दूसरी ओर इस आदेश पर भी अधिकरण ने रोक लगा दी। जिसके चलते अपीलार्थी पूर्ववर्ती स्कूल में ही तैनात रहा। अपील में कहा गया की गत जनवरी माह से उसे अब तक वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते उसे परेशानी हो रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 17:34:35 +0530</pubDate>
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                <title>रीट भर्ती पेपर लीक मामले में राज्य सरकार और बोर्ड से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाइकोर्ट ने रीट भर्ती-2021 में हुए कथित पेपर लीक मामले को प्रमुख शिक्षा सचिव, डीजीपी, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित एसओजी से 27 अक्टूबर तक जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615d73c967192/article-1465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hc1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजस्थान हाइकोर्ट ने रीट भर्ती-2021 में हुए कथित पेपर लीक मामले को प्रमुख शिक्षा सचिव, डीजीपी, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित एसओजी से 27 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने यह आदेश मधु कुमारी नागर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर दिए।</p>
<p><br /> याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया की रीट परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही अनाधिकृत लोगों के पास पेपर और आंसर की आ गई थी। इसके अलावा राज्य सरकार ने एक तरफ पेपर लीक और नकल कराने को लेकर एफआईआर दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार और निलंबित भी किया है, लेकिन दूसरी ओर इसे पेपर लीक नहीं मान रही है। याचिका में कहा गया की पेपर लीक को लेकर सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी और जयपुर के सिंधी कैम्प थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। जिसमें पुलिसकर्मियों सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। ऐसे में पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। इसलिए मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र जांच एजेन्सी से कराई जाए और जांच लंबित रहने तक परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया जाए। इसके अलावा जांच में पेपर लीक होना पाया जाता है तो परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 16:09:30 +0530</pubDate>
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