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                <title>क्या फिर दुनिया बढ़ रही है महामारी की ओर? फ्रांस में पहला इबोला मरीज मिलने से स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क, जानिए किन देशों में बढ़ा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो में एक महीने में रिकॉर्ड 1,000 से अधिक इबोला मामलों की पुष्टि के बाद यह संक्रमण युगांडा और फ्रांस तक फैल गया है। कांगो में अब तक 277 मौतें हो चुकी हैं। स्थिति से निपटने के लिए कांगो ने चिकित्सा क्षमता बढ़ाई है और युगांडा के साथ मिलकर संयुक्त सीमा अभियान शुरू किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-the-world-moving-towards-an-epidemic-health-agencies-alert/article-157981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ebola.png" alt=""></a><br /><p>किंशासा। लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआरसी) से शुरू हुआ इबोला वायरस का संक्रमण अब दूसरे देशों में भी पैर पसारने लगा है। कांगो में महज एक महीने के भीतर इबोला के पुष्ट मामले रिकॉर्ड एक हजार पार कर चुके हैं। वहीं बुधवार को युगांडा में इबोला का एक और नया मामला सामने आने के बाद वहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20 हो गयी है। यूरोपीय देश फ्रांस में भी इबोला के पहले मामले की पुष्टि हुई है, जहां कांगो से लौटे एक डॉक्टर को जांच में पॉजिटिव पाया गया है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पीड़ित डॉक्टर का इलाज शुरू कर दिया गया है।</p>
<p>युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'एक्स' पर बताया कि देश में अब तक आये कुल 20 मामलों में से 15 मरीज पड़ोसी देश कांगो से आये हैं, जबकि पांच स्थानीय संक्रमण के मामले हैं। युगांडा में हालांकि राहत की बात यह है कि रिकवरी रेट काफी बेहतर है और 20 में से 15 मरीज पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल वहां तीन मरीजों का इलाज चल रहा है और दो लोगों की मौत हो चुकी है।</p>
<p>इबोला के मुख्य केंद्र कांगो में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। 15 मई को घोषित हुए इस नये प्रकोप के शुरुआती एक महीने में ही रिकॉर्ड 1,094 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 277 लोगों की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के स्वास्थ्य आपातकाल निदेशक अब्दिरहमान महामुद ने जिनेवा में बताया कि अफ्रीका के इतिहास में इबोला फैलने के पहले महीने के भीतर आने वाले मामलों की यह सबसे बड़ी संख्या है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल 387 मरीज इलाज या क्वारंटाइन में हैं और 131 संदिग्ध मामले भी दर्ज किये गये हैं।</p>
<p>गौरतबल है कि इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए कांगो सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रयास तेज कर दिये हैं। पिछले दो हफ्तों में स्वास्थ्य क्षेत्रों में बेडों की संख्या बढ़ाकर 500 से अधिक कर दी गई है। इसके साथ ही, राजधानी किंशासा समेत सर्वाधिक प्रभावित प्रांतों (इतुरी, उत्तर कीवू और दक्षिण कीवू) में जांच की क्षमता को रोजाना 30 टेस्ट से बढ़ाकर 2,000 टेस्ट प्रतिदिन कर दिया गया है। कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसिकेदी ने महामारी के केंद्र 'इतुरी प्रांत' का दौरा करने का एलान किया है। इसके साथ ही, संक्रमण को रोकने के लिए युगांडा और कांगो ने मिलकर एक जॉइंट क्रॉस-बॉर्डर अभियान शुरू किया है, जिसके तहत दोनों देशों की रैपिड रिस्पांस टीमें और मोबाइल लैब सीमाओं पर मिलकर काम करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 18:25:27 +0530</pubDate>
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                <title>नोएडा में भयावह हादसा : लेबर कैंप में गैस लीकेज से लगी भीषण आग, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[नोएडा के सेक्टर-126 स्थित रायपुर लेबर कैंप में मंगलवार को गैस रिसाव के कारण अचानक आग लग गई। दमकल विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वहां मौजूद 50-60 श्रमिकों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया; हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-noida-massive-fire-in-labor-camp-due/article-157803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/017.png" alt=""></a><br /><p>नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-126 थाना क्षेत्र अंतर्गत रायपुर स्थित एक लेबर कैंप में मंगलवार को गैस रिसाव के कारण अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कैंप में उस समय करीब 50 से 60 श्रमिक मौजूद थे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार ने मंगलवार को आग को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और संयुक्त अभियान चलाकर आग पर काबू पाया।</p>
<p>फायर यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों और दमकल कर्मियों ने मिलकर सबसे पहले कैंप में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जिसके बाद आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। कुछ समय की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। मौके पर की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आग लगने का कारण गैस लीकेज था। आशंका जताई जा रही है कि किसी गैस सिलेंडर या गैस पाइपलाइन से रिसाव होने के बाद आग भड़की। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस और अग्निशमन विभाग द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी श्रमिक सुरक्षित हैं।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही कैंप परिसर में धुआं और लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे वहां रह रहे श्रमिकों में दहशत फैल गई। कई लोग अपने कमरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे। सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-126 पुलिस मौके पर पहुंची और फायर विभाग को तत्काल अलर्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि आग तेजी से पूरे परिसर में फैल जाती तो बड़ी संख्या में लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। कैंप में बड़ी संख्या में श्रमिकों के रहने के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन पुलिस और फायर विभाग की त्वरित कार्रवाई ने संभावित नुकसान को रोक दिया।</p>
<p>घटना के बाद पूरे परिसर का निरीक्षण किया गया और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कैंप संचालकों को गैस सिलेंडरों, विद्युत उपकरणों और अन्य ज्वलनशील सामग्री के उपयोग में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सभी श्रमिक सुरक्षित हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच कर रहे हैं तथा आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित बचाव अभियान के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, जिससे दर्जनों लोगों की जान सुरक्षित बच सकी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:06:03 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय विदेश मंत्रालय की पाकिस्तान को दो टूक: खुद का रिकॉर्ड खराब, भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का नहीं है अधिकार</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की टिप्पणी को भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करार दिया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के खराब ट्रैक रिकॉर्ड वाले देश को दूसरों को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। यह बयान कट्टरता से प्रेरित एक सुनियोजित राजनीतिक हमला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indian-foreign-ministry-bluntly-spoils-its-own-record-on-pakistan/article-157631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/india2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति की टिप्पणी को भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करार देते हुए कहा है कि जिस देश का खुद का मानव अधिकार का रिकॉर्ड खराब है उसे दूसरों को उपदेश नहीं देना चाहिए। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को लेकर की गयी पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की टिप्पणी पर शनिवार देर रात सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उसे सिरे से खारिज कर दिया।</p>
<p>जायसवाल ने कहा , “भारत पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा की गयी अनावश्यक टिप्पणियों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है। किसी भी स्थिति में भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।“ उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियाँ विशेष रूप से हास्यास्पद हैं, क्योंकि मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान का अपना रिकॉर्ड अत्यंत खराब रहा है, जो वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय है। विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का पाकिस्तान का लंबा इतिहास है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस वास्तविकता को देखते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति की टिप्पणियों को केवल एक सुनियोजित राजनीतिक हमले के रूप में ही देखा जा सकता है, जो पाकिस्तान की कट्टरता और घृणा पर आधारित राष्ट्रीय नीतियों से प्रेरित है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 14:23:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गाज़ा शांति रोडमैप योजना : हमास ने फ़िलिस्तीनी गुटों का जवाब संयुक्त राष्ट्र को सौंपा, ट्रंप योजना पर दिया सकारात्मक जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[हमास और अन्य फिलिस्तीनी गुटों ने गाजा शांति रोडमैप पर अपनी संयुक्त प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र को सौंप दी है। काहिरा बैठक के बाद तैयार इस रुख में मानवीय सहायता, सैन्य कार्रवाई रोकने, इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और गाजा पुनर्निर्माण को पहले चरण में पूरी तरह लागू करने की मांग की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/gaza-peace-roadmap-plan-hamas-submits-response-to-palestinian-factions/article-157021"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। फिलिस्तीनी संगठन हमास ने कहा है कि उसने गाजा शांति रोडमैप योजना पर फिलिस्तीनी गुटों की संयुक्त प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र के पश्चिम एशिया शांति प्रक्रिया के विशेष समन्वयक निकोलाय म्लादेनोव को सौंप दी है। हमास ने यमन की मीडिया को जारी बयान में कहा कि पिछले सप्ताह काहिरा में मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थों की मौजूदगी में विभिन्न फिलिस्तीनी गुटों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं। इन बैठकों के बाद एक साझा राष्ट्रीय रुख तैयार किया गया, जिसे एक दिन पहले औपचारिक रूप से पेश कर दिया गया।</p>
<p>हमास ने कहा कि फिलिस्तीनी गुटों ने इस रोडमैप को "जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच" के साथ देखा है। संगठन के अनुसार सभी गुटों ने इस बात पर जोर दिया कि योजना के पहले चरण को पूरी तरह लागू किया जाए, खासकर मानवीय सहायता व्यवस्था और गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई रोकने के मामले में। बयान में कहा गया, "फिलिस्तीनी गुटों ने राष्ट्रपति ट्रंप की योजना के दूसरे चरण को लागू करने संबंधी रोडमैप पर गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार किया। उन्होंने पहले चरण के सभी प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से मानवीय सहायता और गाजा में सभी तरह की आक्रामक कार्रवाइयों को समाप्त करने के मुद्दे पर।"</p>
<p>हमास ने कहा कि गुटों ने रोडमैप में शामिल अन्य बिंदुओं पर भी अमल की मांग की है। इनमें प्रशासनिक समिति की तैनाती, गाजा से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और पुनर्निर्माण प्रक्रिया शामिल है। बयान में कहा गया, "फिलिस्तीनी गुटों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोडमैप में उल्लिखित प्रशासनिक समिति के प्रवेश, गाजा पट्टी से पूर्ण इजरायली वापसी और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को लागू किया जाए, ताकि फिलिस्तीनी जनता अपने राज्य की स्थापना और आत्मनिर्णय के अधिकार के लक्ष्य को हासिल कर सके।"</p>
<p>हमास ने बताया कि उसका प्रतिनिधिमंडल काहिरा में मध्यस्थों और अन्य फिलिस्तीनी गुटों के साथ आगे भी बैठकें जारी रखेगा, ताकि सहमति वाले बिंदुओं को लागू करने की दिशा में प्रगति हो सके। उल्लेखनीय है कि निकोलाय म्लादेनोव ने मई में "राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापक गाजा शांति योजना के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए रोडमैप" सार्वजनिक किया था। 15 बिंदुओं वाली इस योजना में सुरक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती, इजरायली सैनिकों की वापसी और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं। अक्टूबर 2025 से लागू युद्धविराम समझौते के तहत शुरुआती चरण में कैदियों की अदला-बदली, गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति और कुछ इलाकों से इजरायली सैनिकों की आंशिक वापसी शामिल थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:32:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिल्ली में भीषण हादसा: मिनिस्ट्री ऑफ इंजीनियरिंग की बिल्डिंग में लगी आग, मौके पर फायर बिग्रेड मौजूद </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली के मुखर्जी नगर में सोमवार सुबह मिनिस्ट्री ऑफ इंजीनियरिंग (PWD) की बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। सुबह 9 बजे उठती लपटें देख स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/a-massive-fire-broke-out-in-the-ministry-of-engineering/article-155593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ito.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां मुखर्जी नगर में स्थित मिनिस्ट्री ऑफ इंजीनियरिंग की बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। आग की सूचना पर फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और आग पर काबू पाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। स्थानिय लोगों की जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 9 बजे पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की बिल्डिंग से आग की लपटे उठने लगी, जिसके बाद वहां मौजूद स्थानिय लोगों ने फायर बिग्रेड को इसके बारे में सूचना दी, जिसके बाद दमकल की करीब 8 गाड़ियां मौके पर पहुंची।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 10:43:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉकरोच जनता पार्टी को कोर्ट से बड़ा झटका: एक्स अकाउंट बहाल करने से इनकार, केंद्र और X को नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके के एक्स (X) अकाउंट ब्लॉक करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने अकाउंट तत्काल बहाल करने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार और एक्स को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cockroach-janata-party-gets-a-big-blow-from-sc-refuses/article-155454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cockroach2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की टिप्पणी के बाद अचानक चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना एक्स अकाउंट ब्लॉक करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और एक्स को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आदेश देने से मना कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। कोर्ट ने कहा कि वो कोई भी फैसला सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही देगी।</p>
<p>कोर्ट ने एक्स अकाउंट को ब्लॉक करने की समीक्षा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि समीक्षा करने वाली कमेटी को हर दो महीने के बाद ब्लॉकिंग आदेश के सभी पहलूओं की पड़ताल करने की जरुरत है। कोर्ट ने समीक्षा कमेटी के फैसले को कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 12:04:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत की चेतावनी : पाकिस्तान को स्वीकार करना होगा, सीमापार आतंकवाद प्रायोजित करने के होते हैं गंभीर परिणाम </title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद प्रायोजित करने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने यूएनएससी के वर्तमान ढांचे को '1940 के दशक का पुराना ढांचा' बताते हुए इसमें सुधार और भारत के लिए स्थायी सदस्यता की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-warns-pakistan-that-sponsoring-cross-border-terrorism-has-serious-consequences/article-155237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/harish.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में पाकिस्तान पर दशकों से आतंकवाद, धार्मिक उग्रवाद और हिंसक कट्टरवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे 'यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के गंभीर परिणाम होते हैं।' न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की खुली बहस में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा, "मैं आज पाकिस्तान द्वारा की गई आधारहीन और अनुचित टिप्पणियों का जवाब देने के लिए बाध्य हूँ। भारत तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता है।"</p>
<p>राजदूत ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से पाकिस्तान का इतिहास भारत के खिलाफ आक्रामकता और सीमा पार आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करने से भरा रहा है। उन्होंने कहा, "स्वतंत्र भारत ने अपनी शुरुआत पाकिस्तान द्वारा किए गए सीमा पार आक्रमण का मुकाबला करते हुए की थी।" हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई 'हमले' किये हैं और 'बिना उकसावे के आक्रामकता' दिखाई है, जबकि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना भी जारी रखे हुए है।</p>
<p>हरीश ने 'भारत को हजार घाव देकर लहूलुहान करने के पाकिस्तान के सिद्धांत' का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और 'पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम होते हैं।'<br />राजदूत ने पाकिस्तान पर उसके गठन के समय से ही 'आतंकवाद, धार्मिक उग्रवाद और हिंसक कट्टरवाद की ताकतों' को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये तथ्य अच्छी तरह से दर्ज हैं। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान आतंकवाद के लिए हर तरह के समर्थन को 'विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से' समाप्त करे।</p>
<p>इस बहस से अलग, भारत ने इस मंच का उपयोग सुरक्षा परिषद के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए अपने अब तक के सबसे मजबूत तर्कों को पेश करने के लिए किया। भारत ने इसके वर्तमान ढांचे को '1940 के दशक के पूराने' ढांचे के रूप में वर्णित किया। हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद की व्यवस्था अब पुरानी हो चुकी है। इसे समझाने के लिए उन्होंने 1945 के पुराने कंप्यूटर का उदाहरण दिया और कहा कि आज की आधुनिक एआई तकनीक को इतने पुराने सिस्टम पर चलाने जैसी स्थिति सुरक्षा परिषद की है।</p>
<p>राजदूत ने कहा कि केवल अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं है, जबकि पांच स्थायी सदस्यों (पी5) को वैसे ही रखा जाए। स्थायी सदस्यता में भी बदलाव और विस्तार होना चाहिए। इसी संदर्भ में भारत ने अपनी स्थायी सीट की मांग भी दोहराई। हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में 'दोहरे मापदंड' अपनाने की भी आलोचना की। उन्होंने रेखांकित किया कि अलग-अलग मामलों में नियमों को अलग तरीके से लागू किया जाता है और बातों व कामों में फर्क दिखाई देता है। उन्होंने जोर दिया कि केवल ताकत और दबाव से मजबूत वैश्विक व्यवस्था या दुनिया का भला नहीं हो सकता। राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद को एक सक्रिय और समय के साथ बदलने वाली संस्था होना चाहिए, कोई 'जीवाश्म' यानी जड़ और पुरानी संस्था नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:20:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>युद्धविराम के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला, बंदर अब्बास में एयरस्ट्राइक से पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[अस्थायी युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदर अब्बास शहर पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी कमान ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया, जबकि ईरानी मीडिया ने इसे 'दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई' करार दिया। हमलों के बावजूद बंदरगाह शहर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और जनजीवन सामान्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-attacks-iran-amid-ceasefire-airstrike-in-bandar-abbas-increases/article-155034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान-अमेरिका के बीच जारी अस्थायी युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में कई जगह हवाई हमलों को अंजाम दिया है, जिससे पश्चिम एशिया की शांति पर एक बार फिर आशंका के बादल छा गये हैं। सीएनएन ने मंगलवार को अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स के हवाले से कहा, "अमेरिकी बलों ने आज ईरानी बलों के खतरे से हमारे सैनिकों की रक्षा के लिए दक्षिण ईरान में आत्मरक्षा हमलों को अंजाम दिया। हमने मिसाइल लॉन्च ठिकानों और समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया।"</p>
<p>ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने भी इन हमलों की पुष्टि की। इरना और मेहर समाचार एजेंसी ने सोमवार रात को बताया कि बंदर अब्बास के पूर्व में और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के सामने वाले तटीय इलाकों में धमाके जैसी कई आवाज़ें सुनी गईं। मेहर ने तुरंत पुष्टि की कि बंदरगाह शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, चिंता की कोई बात नहीं है और सामान्य गतिविधियां बिना किसी रुकावट के जारी हैं। तसनीम और फ़ार्स समाचार एजेंसियों ने भी इसी तरह सिरिक और जास्क के पास सहित आसपास के इलाकों में विस्फोटों की आवाज़ों का उल्लेख किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ईरानी रक्षा प्रणालियों और अधिकारियों ने तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी।</p>
<p>ईरानी मीडिया ने कहा कि अमेरिका की यह ताज़ा "दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई" ऐसे समय में आयी है जब ईरान नाज़ुक युद्धविराम का लगातार पालन कर रहा है और फारस की खाड़ी में शांति बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ईरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में किसी भी विदेशी आक्रामकता से अंतरराष्ट्रीय नौवहन और ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी, और ईरान के सशस्त्र बल इसका दृढ़ और समुचित जवाब देंगे। दक्षिणी ईरान के स्थानीय सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि निवासियों ने धमाकों की आवाज़ सुनी थी, लेकिन बंदर अब्बास में जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है। बंदरगाह के कामकाज, नागरिक जीवन और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर इसका कोई असर पड़ने की सूचना नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:01:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा ​में फिर बड़ी चूक: अमेरिका व्हाइट हाउस पर भीषण गोलीबारी, जवाबी कार्रवाई में हमलावर की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास सुरक्षा चौकी पर गोलीबारी करने वाले 21 वर्षीय संदिग्ध नासिरे बेस्ट को सीक्रेट सर्विस ने मार गिराया है। घटना में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी ट्रंप को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे चुका था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/another-major-lapse-in-donald-trumps-security-massive-firing-at/article-154837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/white-house.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस के निकट रविवार को एक सुरक्षा जांच चौकी की ओर बढ़कर गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति को सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गयी। घटना में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे एक व्यक्ति व्हाइट हाउस परिसर के बाहर स्थित सुरक्षा जांच चौकी के पास पहुंचा और अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों ने भी गोली चलाई, जिसमें संदिग्ध घायल हो गया। बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गयी।</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि गोलीबारी के दौरान एक राहगीर भी गोली लगने से घायल हो गया। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे संदिग्ध की गोली लगी या जवाबी गोलीबारी के दौरान वह घायल हुआ। घटना में सीक्रेट सर्विस का कोई भी अधिकारी घायल नहीं हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस समय व्हाइट हाउस में मौजूद थे और सुरक्षित रहे। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति को घटना की जानकारी दे दी गयी है। कानून विभाग के अधिकारियों के अनुसार घायल राहगीर की हालत गंभीर बनी हुई है।</p>
<p>यह घटना व्हाइट हाउस संवाददाता रात्रिभोज के एक महीने से भी कम समय बाद हुई है, जब गोली चलने की आवाज सुनकर पत्रकारों और ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को सुरक्षा के लिए टेबलों की आड़ लेनी पड़ी थी। ट्रंप ने रविवार तड़के ट्रुथ सोशल पर जारी एक पोस्ट में सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह घटना भविष्य के राष्ट्रपतियों के लिए वॉशिंगटन में और अधिक सुरक्षित एवं संरक्षित परिसर की आवश्यकता को दर्शाती है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मारे गये संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिरे बेस्ट के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि उसका पहले भी सीक्रेट सर्विस से सामना हो चुका था। सूत्रों के अनुसार, जून 2025 में उसने व्हाइट हाउस के प्रवेश मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था, और स्वयं को ‘ईश्वर’ बताया था। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए साइकेट्रिक इंस्टीट्यूट ऑफ वॉशिंगटन भेजा गया था।</p>
<p>जुलाई 2025 में भी उसे व्हाइट हाउस परिसर के एक मार्ग में प्रवेश करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने उसे व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने का आदेश दिया था। जांच के दौरान अधिकारियों को उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी मिले थे, जिनमें उसने स्वयं को ‘असल ओसामा बिन लादेन’ बताया था तथा ट्रंप को नुकसान पहुंचाने की इच्छा जाहिर की थी। कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले उसे कभी हिंसक व्यवहार करते या हथियार का इस्तेमाल करते नहीं देखा गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:36:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'क्या आप इंटरव्यू के लिए उपलब्ध हैं?' पीएम मोदी से सवाल पूछने वाली नॉर्वे की पत्रकार ने राहुल गांधी से मांगा इंटरव्यू</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान प्रेस स्वतंत्रता को लेकर शुरू हुई बहस अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी पर सवालों से बचने का आरोप लगाने के बाद, नॉर्वेजियन पत्रकार हेली लिंग ने राहुल गांधी को सीधे फोन इंटरव्यू का चैलेंज दे दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/are-you-available-for-an-interview-the-norwegian-journalist-who/article-154384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi9.png" alt=""></a><br /><p>नार्वे। राहुल गांधी और नॉर्वे की पत्रकार हेली लिंग के बीच सोशल मीडिया पर हुई बातचीत चर्चा का विषय बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान हेली लिंग ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस घटना का वीडियो उन्होंने एक्स पर साझा करते हुए भारत में प्रेस स्वतंत्रता को लेकर टिप्पणी की थी।</p>
<p>इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सवालों से बचने का आरोप लगाया। इसके बाद हेली लिंग ने राहुल गांधी की पोस्ट पर जवाब देते हुए पूछा कि क्या वे मंगलवार को फोन इंटरव्यू के लिए उपलब्ध होंगे। पत्रकार ने कहा कि वह नॉर्वे यात्रा को लेकर राहुल गांधी का नजरिया जानना चाहती हैं। हेली लिंग ने अपनी पोस्ट में नॉर्वे और भारत की प्रेस फ्रीडम रैंकिंग का भी जिक्र किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 18:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>खड़गे का केंद्र पर हमला: पेट्रोल-डीजल के दाम चार दिन में दूसरी बार बढ़ाने पर मांगा जवाब, बोले-नाकामियों का बोझ जनता के सिर पर डाल रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चार दिनों में दूसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पर सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों का बोझ जनता पर डाल रही है। खड़गे ने इसे "आम जनता की लूट" बताते हुए केंद्र सरकार से देश के आर्थिक संकट पर जवाबदेही तय करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharge-attacked-the-center-and-sought-answers-on-increasing-the/article-154330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kharge.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चार दिन के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाये जाने के सरकार के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा है कि केंद्र सरकार को इस बारे में जनता को जवाब देना चाहिए। खड़गे ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि सरकार ने 15 मई के बाद आज सुबह अचानक फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिये। उन्होंने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है कि देश संकट में है और केंद्र को इसका जवाब देना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने तेल के दाम चार दिन में दूसरी बार में बढ़ाने के निर्णय को सरकार की गलत नीतियों का परिणाम बताया और कहा कि सरकार नाकामियों का बोझ जनता के सिर पर डाल रही है। उन्होंने कहा, “दाम बढ़े चार ही दिन हुए कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ा दिये। पूरी भूमिका बनाकर, बचत का उपदेश देकर अपनी नाकामियों का बोझ जनता पर डालने का कार्य प्रगति पर है।” कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘आम जनता की लूट और उद्योग पति गौतम अडानी को अमेरिका से छूट’, यही केद्र का ‘कम्प्रोमाइज्ड मॉडल’ है।' केंद्र सराकर ने अमेरिका से हाथ-पैर जोड़कर रूसी तेल खरीदने की अनुमति की अवधि एक महीने के लिए बढ़वाई है और इससे देश के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के अनुसार रूसी तेल खरीदने की अनुमति मिल गयी है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों का बोझ आम जनता पर क्यों डाला जा रहा है।</p>
<p>खड़गे ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी में दूरदर्शिता और नेतृत्व की कमी है। उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार चुनावों में व्यस्त रही और बाद में 'चिकनी-चुपड़ी बातें कर लूट का प्लान' बनाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “केवल विदेशों में प्रायोजित जनसंपर्क गतिविधियां करने से कोई ‘विश्वगुरु’ नहीं बन जाता, जनता के प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित करनी पड़ती है।” उन्होंने केंद्र सरकार से देश के समक्ष खड़े बड़े सवालों का जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि संकट से निपटने के लिए सरकार क्या कर रही है, यह देश को बताया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 13:10:29 +0530</pubDate>
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                <title>कांगो और युगांडा में इबोला का प्रकोप: डब्ल्यूएचओ ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, महामारी के पूरे क्षेत्र में तेजी से फैलने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो और युगांडा में फैले इबोला के 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। सीमा पार संक्रमण, संदिग्ध मौतों और स्वीकृत टीकों की कमी के कारण यह कदम उठाया गया। WHO ने देशों को अलर्ट रहने, निगरानी बढ़ाने और बॉर्डर स्क्रीनिंग सख्त करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ebola-outbreak-in-congo-and-uganda-who-declared-global-health/article-154151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ibola.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कांगो और युगांडा में फैले 'बुंदीबुग्यो' वायरस स्ट्रेन के कारण इबोला प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने यह बड़ा फैसला सीमा पार संक्रमण की पुष्टि, संदिग्ध मौतों के बढ़ते आंकड़ों और इस महामारी के पूरे क्षेत्र में तेजी से फैलने की आशंका के मद्देनजर लिया है। यह वैश्विक घोषणा पूर्वी कांगो के इतूरी प्रांत और युगांडा की राजधानी कंपाला में प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि किए गए इबोला मामलों के सामने आने के बाद की गई है, जिसमें कम से कम एक मौत भी शामिल है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस बीमारी का प्रकोप वर्तमान में पाए गए मामलों की तुलना में कहीं अधिक बड़ा हो सकता है। </p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 16 मई तक इतूरी प्रांत के कम से कम तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों (बुन्या, वर्मपारा और मोंगबवालु) में 8 पुष्ट मामले, 246 संदिग्ध संक्रमण और 80 संदिग्ध मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। युगांडा ने पिछले 24 घंटों के भीतर कंपाला में इबोला के दो मामलों की पुष्टि की है, और ये दोनों मरीज कांगो से आए यात्री हैं। इनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है और दोनों को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा, इतूरी से लौटे एक यात्री में किन्शासा के भीतर भी एक अलग पुष्ट मामला पाया गया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की चिंताएं बहुत बढ़ गई हैं।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने अपने आपातकालीन निर्धारण में कहा, "यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमारी के प्रसार के माध्यम से अन्य देशों के लिए एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है।" हालांकि संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य एजेंसी ने इसे अभी 'महामारी' घोषित नहीं किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संचरण के जोखिम, कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन को निशाना बनाने वाले स्वीकृत टीकों या सटीक इलाज की अनुपस्थिति के कारण इसने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के पैमाने को पार कर लिया है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने बताया कि इतूरी और पड़ोसी उत्तर कीवू प्रांत में सामुदायिक स्तर पर मौतों और संदिग्ध मामलों के असामान्य क्लस्टर देखे गए हैं। वहीं, कम से कम चार स्वास्थ्य कर्मियों की भी ऐसी परिस्थितियों में मौत हुई है जो अस्पतालों के भीतर फैले संक्रमण की ओर इशारा करती हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि पूर्वी कांगो में सुरक्षा की कमी (असुरक्षा), आबादी का विस्थापन, खुली सीमाएं और भारी क्षेत्रीय गतिशीलता इस प्रकोप को और तेज कर सकती है। यह स्थिति पूर्वी कांगो में 2018-19 के उस विनाशकारी इबोला संकट की याद दिलाती है जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि संगठन अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के तहत एक आपातकालीन समिति की बैठक बुलाएगा ताकि आगे के अस्थायी सुझाव दिए जा सकें। डब्ल्यूएचओ ने कांगो और युगांडा से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को सक्रिय करने, निगरानी बढ़ाने, संपर्क ट्रेसिंग तेज करने और अस्पतालों व समुदायों में संक्रमण की रोकथाम के उपायों को मजबूत करने का आग्रह किया है।</p>
<p>एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमाओं की स्क्रीनिंग बढ़ाने, पुष्ट मामलों और उनके संपर्क में आए लोगों के अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध लगाने तथा प्रायोगिक टीकों व दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल में तेजी लाने का आह्वान किया है। हालांकि, इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने पड़ोसी देशों को सीमाएं पूरी तरह बंद करने या व्यापार प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि ऐसे कदमों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और इससे लोग अनौपचारिक (अवैध) रास्तों से आवाजाही शुरू कर देंगे, जिससे संकट और अधिक बिगड़ सकता है। कांगो की सीमा से लगे पड़ोसी देशों से प्रयोगशाला परीक्षणों को मजबूत करने, स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को तैनात करने सहित अपनी तैयारियों के स्तर को तुरंत बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि इबोला का 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन पूर्व के बड़े प्रकोपों के लिए जिम्मेदार 'जायरे' स्ट्रेन की तुलना में कम आम है, लेकिन यह अभी भी उच्च मृत्यु दर के साथ गंभीर रक्तस्रावी बुखार का कारण बन सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:15:34 +0530</pubDate>
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