<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/%C2%A0/tag-54453" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title> rajasthan high court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/54453/rss</link>
                <description> rajasthan high court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हाईकोर्ट की नई व्यवस्था : बार-बार तारीख लेने की प्रवृत्ति पर लगेगा अंकुश, अब हर मुकदमे में गिने जाएंगे स्थगन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक स्थगनों पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी स्थायी आदेश के तहत अब हाईकोर्ट में लंबित प्रत्येक मामले में दिए गए स्थगनों की संख्या का अलग से रिकॉर्ड रखा जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/the-new-system-of-the-high-court-will-curb-the/article-156615"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक स्थगनों पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से बुधवार को जारी स्थायी आदेश के तहत अब हाईकोर्ट में लंबित प्रत्येक मामले में दिए गए स्थगनों की संख्या का अलग से रिकॉर्ड रखा जाएगा। इतना ही नहींए यह जानकारी संबंधित प्रकरण की कॉज लिस्ट में भी प्रदर्शित की जाएगीए जिससे पक्षकारोंए अधिवक्ताओं और न्यायालय को किसी मामले में हुए स्थगनों की वास्तविक स्थिति आसानी से पता चल सकेगी। 14 मई 2026 को ओमप्रकाश बनाम राज्य सरकार में पारित निर्देशों की पालना में जारी किया गया है।</p>
<p>आदेश के अनुसार अपीलकर्ता, याचिकाकर्ता,आवेदक, प्रतिवादी अथवा अन्य कारणों से लिए गए स्थगनों की संख्या विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्ज की जाएगी। हालांकि जिन मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी और वे नॉट रीच श्रेणी में रहे, उन्हें स्थगन की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। सभी न्यायिक शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों और लिपिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक मामले में अब तक हुए स्थगनों का विवरण सॉफ्टवेयर में दर्ज करें तथा भविष्य में हर सुनवाई के बाद रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट करें। हाईकोर्ट प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से बार.बार तारीख लेने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगेगा और मामलों के त्वरित निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/the-new-system-of-the-high-court-will-curb-the/article-156615</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/the-new-system-of-the-high-court-will-curb-the/article-156615</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 13:00:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने जल जीवन मिशन घोटाले में चार आरोपियों को नहीं दी जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने जल जीवन मिशन के टेंडरों से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे चार आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज। अदालत ने एक आरोपी अरुण श्रीवास्तव को स्वास्थ्य कारणों के आधार पर सशर्त जमानत पर रिहा करने को कहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-did-not-grant-bail-to-four-accused-in/article-155690"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जल जीवन मिशन के टेंडरों से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे चार आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने एक आरोपी अरुण श्रीवास्तव को स्वास्थ्य कारणों के आधार पर सशर्त जमानत पर रिहा करने को कहा है। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने यह आदेश राजस्थान वाटर सप्लाई एंड सीवरेज मैनेजमेंट बोर्ड के तत्कालीन सचिव शुभांशु दीक्षित, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता निरिल कुमार, तत्कालीन मुख्य लेखाधिकारी एवं वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा तथा तत्कालीन मुख्य अभियंता स्पेशल प्रोजेक्ट्स दिनेश गोयल की जमानत याचिकाओं पर दिए। अदालत ने 27 मई को सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने कहा कि संबंधित अधिकारी टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य थे और पूरी प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही है। निविदाओं के संबंध में गंभीर शिकायतें मिलने के बावजूद प्रक्रिया को जानबूझकर आगे बढ़ाया गया। इससे प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप प्रमाणित होते हैं। एसीबी की ओर से सात टेंडरों की जांच कर अदालत में करीब 16 हजार पेशज का आरोप पत्र पेश किया है, जबकि कुल 104 टेंडरों की जांच होनी है।</p>
<p>ऐसे में जांच के इस चरण पर आरोपियों को जमानत देना न्यायोचित नहीं होगा। वहीं अदालत ने मामले के सह आरोपी तत्कालीन चीफ इंजीनियर अरुण श्रीवास्तव को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए स्वास्थ्य के आधार पर सशर्त जमानत प्रदान की है। अदालत ने आदेश दिया है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा, साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करेगा, अपना पासपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपेगा तथा ट्रायल कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसकी आयु 58 वर्ष से अधिक है और वह लंबे समय से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित है। इसलिए मामले के गुण-दोष पर बिना कोई टिप्पणी किए केवल उनकी चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए यह राहत दी गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-did-not-grant-bail-to-four-accused-in/article-155690</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-did-not-grant-bail-to-four-accused-in/article-155690</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 12:01:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए खेजड़ी कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- तकनीक के नाम पर प्रकृति विनाश नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए खेजड़ी पेड़ों की कटाई पर गंभीर चिंता जताते कहा है कि तकनीकी विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश मानवता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-strict-on-cutting-of-khejri-for-solar-projects/article-153746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए खेजड़ी पेड़ों की कटाई पर गंभीर चिंता जताते कहा है कि तकनीकी विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश मानवता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित समिति को सुझाव दिया कि वह ऐसा समाधान तलाशे जिससे एक भी खेजड़ी का पेड़ काटने की नौबत न आए। न्यायाधीश अरुण मोंगा और न्यायाधीश संदीप शाह की खंडपीठ ने श्री जांभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका का निस्तारण करते कहा कि समिति किसी भी पेड़ को और काटे जाने से रोकने और ऐसे किसी भी कार्य की अनुमति न देने के लिए हर संभव विकल्प तलाशेगी, जिससे कोई ऐसा नुकसान हो जो कभी ठीक न हो सके। याचिकाकर्ता संस्था ने आरोप लगाया था कि राज्य की सौर ऊर्जा नीति के तहत बड़े पैमाने पर सोलर प्रोजेक्ट लगाए जा रहे हैं, जिनके लिए पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी सहित अन्य पेड़ों को अंधाधुंध काटा जा रहा है।</p>
<p>याचिका में कहा गया कि जिस भूमि पर परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं वह अधिकांशत: बंजर है और खेजड़ी ही ऐसी प्रजाति है जो रेगिस्तानी परिस्थितियों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखती है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने 9 मार्च 2026 को खेजड़ी संरक्षण के लिए संभावित कानून का मसौदा तैयार करने के लिए विशेष समिति गठित कर दी है। समिति विभिन्न राज्यों के वृक्ष संरक्षण कानूनों का अध्ययन कर सुझाव देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-strict-on-cutting-of-khejri-for-solar-projects/article-153746</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-strict-on-cutting-of-khejri-for-solar-projects/article-153746</guid>
                <pubDate>Thu, 14 May 2026 11:24:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धोखाधड़ी मामले में सुमित अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत : गिरफ्तारी पर रोक, पढ़ें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाई कोर्ट ने कलाइट इंजीनियरिंग एंड वर्कस के प्रोपराइटर गुवाहाटी निवासी सुमित अग्रवाल को राहत देते हुए उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर में उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/rajasthan-high-court-grants-relief-to-sumit-aggarwal-in-fraud/article-149032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने कलाइट इंजीनियरिंग एंड वर्कस के प्रोपराइटर गुवाहाटी(असम) निवासी सुमित अग्रवाल को राहत देते हुए उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर में उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की एकल पीठ ने यह आदेश सुमित अग्रवाल की ओर से दायर आपराधिक विविध याचिका पर सुनवाई के पश्चात दिया। सुमित की ओर से अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत एवं रेखा सांखला ने पैरवी की। याचिका में भीलवाड़ा के कोतवाली थाना में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी।</p>
<p>यह एफआईआर क्रेन सर्विस भीलवाड़ा के मालिक परिवादी गोविंद टांक ने सुमित के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज करवाई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि डूंगलस सीमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्य हेतु परिवादी को 700 एमटी क्रेन उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया, उक्त आदेश के अनुसार क्रेन की मोबिलाइजेशन एवं डी- मोबिलाइजेशन के लिए बीस लाख रुपयें एवं ढाई लाख रुपए प्रतिदिन किराया तय किया गया था, उसकी क्रेन 17 अगस्त 2025 को असम राज्य के पाठशाला नगर पहुंची, तत्पश्चात 18 अगस्त को कस्टम क्लीयरेंस के पश्चात क्रेन भूटान साइट पर पहुंचाई गई, कार्य के दौरान सुमित अग्रवाल ने परिवादी के स्टाफ एवं ऑपरेटर को निर्धारित क्षमता से अधिक भार उठाने हेतु धमकाया जिसके कारण क्रेन को गंभीर क्षति पहुंची, जिससे परिवादी को लाखों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि सुमित ने परिवादी की क्रेन को अवैध रूप से रोक लिया हैं एवं उसके एक करोड़ चौरासी लाख छत्तीस हजार रुपए नहीं दिए। याचिका पर बहस करते हुए याची के अधिवक्ता सारस्वत ने तर्क दिया कि यह मामला पक्षकारों के</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/rajasthan-high-court-grants-relief-to-sumit-aggarwal-in-fraud/article-149032</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/rajasthan-high-court-grants-relief-to-sumit-aggarwal-in-fraud/article-149032</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 18:42:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट ने समान मुद्दे पर नई अतिक्रमण याचिका की खारिज, पूर्व याचिका पर सुनवाई जारी रखने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने क्वींस रोड के अतिक्रमण मामले में लंबित याचिका के बावजूद समान मुद्दे पर नई याचिका दायर करने को गंभीर मानते हुए खारिज की। याचिकाकर्ताओं पर 20,000 रुपए का हर्जाना। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होने का भी उल्लेख।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-dismisses-new-encroachment-petition-on-the-same/article-146368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajasthan-high-court-(2).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिक्रमण को लेकर लंबित याचिका के बावजूद भी समान याचिकाकर्ता की ओर से उसी जगह के अतिक्रमण को नई याचिका के जरिए चुनौती देने को गंभीर माना है। इसके साथ ही अदालत ने इस याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं पर बीस हजार रुपए का हर्जाना लगा दिया है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश विजय कुमार बोयत व तीन अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p>सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से अधिवक्ता अमित कुड़ी ने कहा कि समान मुद्दे पर याचिकाकर्ता की जनहित याचिका लंबित चल रही है। ऐसे में नई याचिका में उन्हीं बिंदुओं को उठाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। इस पर अदालत ने कहा कि याचिका क्वींस रोड और उसके आसपास के इलाके में हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए दायर की गई है और पूर्व की याचिका में भी यह मामला उठाया गया था और उस पर सुनवाई चल रही है। ऐसे में समान मुद्दे पर नई याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-dismisses-new-encroachment-petition-on-the-same/article-146368</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-dismisses-new-encroachment-petition-on-the-same/article-146368</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 15:00:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rajasthan-high-court-%282%29.png"                         length="806131"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नियमित सफाई और कॉलोनियों में बड़े कचरा पात्र लगाने के आदेश, हाईकोर्ट- आम रास्तों और नालियों से कचरा हटाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर निगम को कहा है कि वह शहर से ठोस कचरा हटाने, सड़कों और आम रास्तों व नालियों की सफाई के लिए जरूरी कदम उठाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/orders-for-regular-cleaning-and-installation-of-large-dustbins-in/article-146154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर निगम को कहा है कि वह शहर से ठोस कचरा हटाने, सड़कों और आम रास्तों व नालियों की सफाई के लिए जरूरी कदम उठाए। अदालत ने शहर की आवासीय कॉलोनियों में बड़े आकार के डपिंग बॉक्स लगाकर उन्हें रोज सुबह नियमित रूप से साफ करने को कहा है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश विमल चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p><strong>समय सारणी तय करनी चाहिए : </strong>अदालत ने कहा है कि नगर निगम को हर आवासीय कॉलोनी से कचरा हटाने के लिए समय सारणी तय करनी चाहिए। बाजार में भी कूडे की सफाई तय समय पर होनी चाहिए और इस संबंध में एरिया के संबंधित निवासियों व दुकानदारों को इसकी पूरी जानकारी देनी चाहिए।</p>
<p><strong>नगर निगम के काम से खुश नहीं :</strong></p>
<p>अदालत ने यह भी कहा कि जो स्थानीय निवासी कचरा हटाने को लेकर अपनी ड्यूटी नहीं निभाते, उन पर जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए। अदालत ने नगर निगम को यह बताने को कहा है कि वार्ड वार काम कर रहे सफाई कर्मचारियों का ब्यौरा पेश किए जाए और यह भी बताया जाए कि कितने सफाई कर्मचारियों को सफाई के अलावा दूसरे काम दिए जा रहे हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वह नगर निगम के काम से खुश नहीं हैं। याचिकाकर्ता अधिवक्ता विमल चौधरी और अधिवक्ता योगेश टेलर ने कहा कि नगर निगम ने करीब 8000 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की है, लेकिन जमीनी स्तर पर बहुत कम सफाई कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। जिन कर्मचारियों की भर्ती की गई है, उनमें से ज्यादातर को या तो आॅफिस में लगाया जा रहा है या उनकी सेवा का इस्तेमाल सफाई के अलावा दूसरे काम के लिए किया जा रहा है। खंडपीठ ने नगर निगम को निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 18 मार्च को रखी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/orders-for-regular-cleaning-and-installation-of-large-dustbins-in/article-146154</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/orders-for-regular-cleaning-and-installation-of-large-dustbins-in/article-146154</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 09:36:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/court-hammer04.jpg"                         length="40961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट में एक बार फिर मिली बम की धमकी : ईमेल के जरिए दी गई धमकी, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट को एक बार फिर ईमेल के जरिए बम ब्लास्ट की धमकी मिली। इससे पहले भी 31 अक्टूबर से अब तक 10 बार धमकियां दी जा चुकी। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने हाईकोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bomb-threat-received-once-again-in-rajasthan-high-court-threat/article-144477"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rajasthan-high-court.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में एक बार फिर बम ब्लास्ट की धमकी दी गई है। हाईकोर्ट प्रशासन को ईमेल के जरिए परिसर में बम ब्लास्ट की धमकी दी गई है। इससे पूर्व अब तक 10 बार धमकी दी जा चुकी है। सबसे पहले 31 अक्टूबर को धमकी दी गई थी। फिर 5 दिसंबर के बाद लगातार चार दिन तक 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को धमकी दी गई वहीं 6 फरवरी को ईमेल भेज कर बम ब्लास्ट की धमकी देने के बाद 17 फरवरी 19 फरवरी और 20 फरवरी को भी बम ब्लास्ट की धमकी दी जा चुकी है।</p>
<p>हाई कोर्ट प्रशासन को मेल मिलने के बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई और मौके पर डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। हाईकोर्ट परिसर में जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bomb-threat-received-once-again-in-rajasthan-high-court-threat/article-144477</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bomb-threat-received-once-again-in-rajasthan-high-court-threat/article-144477</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 10:55:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/rajasthan-high-court.png"                         length="806131"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लगातार दूसरे दिन राजस्थान हाईकोर्ट में बम ब्लास्ट की धमकी, मुख्य बिल्डिंग की गहनता से जांच </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में बम ब्लास्ट करने को लेकर लगातार दूसरे दिन ईमेल से धमकी मिली। अब तब इस तरह की दस धमकियां मिल चुकी हैं। मेल मिलने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पुलिस उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bomb-blast-threat-in-rajasthan-high-court-for-second-consecutive/article-143893"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में बम ब्लास्ट करने को लेकर लगातार दूसरे दिन ईमेल से धमकी मिली है। अब तब इस तरह की दस धमकियां मिल चुकी हैं। मेल मिलने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पुलिस उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। वहीं मुकदमों की सुनवाई भी सुबह 10.30 बजे से करने के बजाए आधा घंटा देरी से सुबह 11 बजे से शुरू की गई।</p>
<p>इस पर दौरान जांच एजेंसियों ने हाईकोर्ट की मुख्य बिल्डिंग की गहनता से जांच की। जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर प्रशासन से राहत की सांस ली। गौरतलब है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आज साइबर सुरक्षा को लेकर तीन दिवसीय कार्यषाला का आज से आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ सीजेआई सूर्यकांत करेंगे। ऐसे में लगातार धमकी भरा मेल मिलने के प्रशासन और अधिक गंभीर हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bomb-blast-threat-in-rajasthan-high-court-for-second-consecutive/article-143893</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bomb-blast-threat-in-rajasthan-high-court-for-second-consecutive/article-143893</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 12:30:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/12200-x-600-px%29-%284%298.png"                         length="1057854"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सांभर झील क्षेत्र : बिना अनुमति सोलर प्लांट के लिए एमओयू को हाईकोर्ट ने अवमानना मानकर अफसरों को किया तलब</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट सांभर झील क्षेत्र में सोलर प्लांट के लिए एमओयू करने और इसकी जानकारी अदालत में नहीं देने को अवमानना की श्रेणी में माना। इसके साथ ही अदालत ने हिंदुस्तान सॉल्ट्स के एमडी कमलेश कुमार, एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी सीईओ अजय कुमार सिंह और सांभर साल्ट के नए सीईओ के खिलाफ स्वप्रेरणा से अवमानना का प्रसंज्ञान लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-considered-the-mou-for-solar-plant-without-permission/article-141002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट सांभर झील क्षेत्र में सोलर प्लांट के लिए एमओयू करने और इसकी जानकारी अदालत में नहीं देने को अवमानना की श्रेणी में माना है। इसके साथ ही अदालत ने हिंदुस्तान सॉल्ट्स के एमडी कमलेश कुमार, एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी सीईओ अजय कुमार सिंह और सांभर साल्ट के नए सीईओ के खिलाफ स्वप्रेरणा से अवमानना का प्रसंज्ञान लिया है। अदालत ने इन अफसरों को 11 फरवरी को पेश होकर बताने को कहा है कि क्यों ना उन्हें अदालती आदेश की अवमानना के लिए दंडित किया जाए। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दिनेश कुमावत व मामले में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान याचिका पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर ने अदालत को बताया कि अदालत ने सांभर झील में सोलर प्लांट लगाने पर अंतरिम रोक लगा रखी है।</p>
<p>हाल ही में पेश दिनेश कुमावत की जनहित याचिका में कहा गया है कि मौके पर जेसीबी, ट्रक, निर्माण सामग्री और मशीनें मौजूद हैं। ऐसे में यहां पक्का निर्माण की कोशिश की जा रही है। ऐसे में हाईकोर्ट ने गत 17 दिसंबर को स्थानीय थानाधिकारी व एसपी को निर्देश दिए थे कि वह इन सामानों को हटाकर रिपोर्ट पेश करे। इसके बावजूद हिंदुस्तान साल्टस लि. ने भारत सरकार की कंपनी की सहायक कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी के साथ एक एमओयू किया है। इसके तहत यहां चरणबद्ध तरीके से सोलर प्लांट लगाकर उसका संचालन व रखरखाव किया जाएगा। अदालत के सामने आया कि कंपनी के एमडी कमलेश कुमार ने सीईओ अजय कुमार सिंह ने जरिए यह एमओयू किया है। इस पर अदालत इसे अवमानना मानते हुए अफसरों को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-considered-the-mou-for-solar-plant-without-permission/article-141002</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-considered-the-mou-for-solar-plant-without-permission/article-141002</guid>
                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:26:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : नाबालिग की भूलें आजीविका में बाधा नहीं बनेंगी, कहा- किशोरावस्था की गलतियों को आजीवन कलंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि नाबालिग अवस्था में हुए मामूली अपराधों के आधार पर किसी व्यक्ति की नौकरी नहीं छीनी जा सकती। अदालत ने कहा कि किशोरावस्था की गलतियों को आजीवन कलंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। खासकर तब जब उन अपराधों का पद की प्रकृति, नैतिक अधमता या सार्वजनिक सुरक्षा से कोई सीधा संबंध न हो। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-rajasthan-high-court-mistakes-of-minor-will/article-139729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि नाबालिग अवस्था में हुए मामूली अपराधों के आधार पर किसी व्यक्ति की नौकरी नहीं छीनी जा सकती। अदालत ने कहा कि किशोरावस्था की गलतियों को आजीवन कलंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। खासकर तब जब उन अपराधों का पद की प्रकृति, नैतिक अधमता या सार्वजनिक सुरक्षा से कोई सीधा संबंध न हो। डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने नगर पालिका रावतसर, जिला हनुमानगढ़ में सफाईकर्मी पद पर नियुक्त एक दिव्यांग युवक की सेवा समाप्ति को रद्द करते हुए उसकी नौकरी बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही एकलपीठ के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया गया। अधिवक्ता दुर्गेश खत्री ने बताया कि हनुमानगढ़ निवासी श्रवण का चयन नगर पालिका रावतसर में सफाईकर्मी पद पर हुआ था। वह 70 प्रतिशत स्थायी बौनेपन से पीड़ित है। चयन के बाद 14 जुलाई, 2018 को उसे नियुक्ति आदेश जारी हुआ, जिसमें पुलिस सत्यापन संतोषजनक होने की शर्त थी। सत्यापन के दौरान सामने आया कि उसके खिलाफ पूर्व में चार आपराधिक मामले दर्ज रहे थे।</p>
<p>इनमें तीन मामलों में राजस्थान सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत दोषसिद्धि और एक मामले में आबकारी अधिनियम के तहत बरी किया जाना शामिल था। इन्हीं आधारों पर 24 अगस्त 2018 को उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि सभी मामले नाबालिग अवस्था के थे और अत्यंत तुच्छ प्रकृति के थे। जिनका नौकरी से कोई सीधा संबंध नहीं था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के अवतारसिंह बनाम भारत संघ (2016) के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि मामूली अपराधों में तथ्यों के दमन मात्र से नियुक्ति स्वत: रद्द नहीं की जा सकती। अदालत ने रेखांकित किया कि अपीलकर्ता एक दिव्यांग व्यक्ति है और उसके लिए नौकरी सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। किशोर न्याय अधिनियम, 2000 की धारा 19 का उल्लेख करते हुए अदालत ने कहा कि नाबालिग द्वारा किए गए अपराध भविष्य में अयोग्यता का कारण नहीं बनने चाहिए। अदालत ने नियुक्ति बहाल करने का आदेश दिया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-rajasthan-high-court-mistakes-of-minor-will/article-139729</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-rajasthan-high-court-mistakes-of-minor-will/article-139729</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 11:20:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षकों की बर्खास्तगी पर हाईकोर्ट की रोक : सुनवाई तक सेवाएं सुरक्षित, 9 विशेष अपीलों में हाईकोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने शिक्षक सेवा समाप्ति से जुड़े मामलों में बड़ा आदेश पारित किया। न्यायालय ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक कार्यरत शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त नहीं किया जाएगा। यह आदेश आज सूचीबद्ध 9 विशेष अपीलों के संयुक्त समूह में पारित किया गया, जिसमें पूजा जैन की ओर से दायर अपील सहित अन्य अपीलें शामिल थीं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-courts-stay-on-dismissal-of-teachers-services-safe-till/article-136587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने शिक्षक सेवा समाप्ति से जुड़े मामलों में बड़ा आदेश पारित किया है। न्यायालय ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक कार्यरत शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त नहीं किया जाएगा। यह आदेश आज सूचीबद्ध 9 विशेष अपीलों के संयुक्त समूह में पारित किया गया, जिसमें पूजा जैन की ओर से दायर अपील सहित अन्य अपीलें शामिल थीं। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमन महेश्वरी ने तर्क रखा कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा सिफारिश वापस लिए जाने के बाद प्राथमिक शिक्षा विभाग ने 28.11. 2025 को 75 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। ये शिक्षक नियमित रूप से एक वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उस समय हुईए जब संबंधित याचिकाएं हाईकोर्ट में विचाराधीन थीं।न्यायालय के समक्ष यह भी प्रस्तुत किया गया कि पहले ही कई शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।  न्यायालय ने इन तकोंर् को गंभीरता से लेते हुए यह स्पष्ट किया कि वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की सेवाएं अगली सुनवाई तक समाप्त नहीं की जाएंगी। आदेश से उन शिक्षकों को राहत मिली है जिनकी सेवाएं अभी समाप्त नहीं हुई हैं और जिन पर भविष्य में कार्रवाई की आशंका बनी थी। हालांकि जिन शिक्षकों की सेवाएं पहले समाप्त हो चुकी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-courts-stay-on-dismissal-of-teachers-services-safe-till/article-136587</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-courts-stay-on-dismissal-of-teachers-services-safe-till/article-136587</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 12:03:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के नगरीय विकास विभाग को कहा- एनएफएसयू को जमीन देने के लिए अपना रुख स्पष्ट करें राज्य सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के नगरीय विकास विभाग को कहा है कि वह नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी को कैंपस स्थापित करने के लिए जमीन देने के संबंध में अपना रुख स्पष्ट करे। साथ ही अदालत ने प्रताप नगर में चल रहे विवि के अस्थाई कैंपस के संसाधनों और कोर्स आदि की जानकारी भी फरवरी के प्रथम सप्ताह तक पेश करने को कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-told-the-urban-development-department-of-the/article-136331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के नगरीय विकास विभाग को कहा है कि वह नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी को कैंपस स्थापित करने के लिए जमीन देने के संबंध में अपना रुख स्पष्ट करे। साथ ही अदालत ने प्रताप नगर में चल रहे विवि के अस्थाई कैंपस के संसाधनों और कोर्स आदि की जानकारी भी फरवरी के प्रथम सप्ताह तक पेश करने को कहा है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में संसाधनों की कमी को लेकर लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि जेडीए ने दौलतपुरा में विवि को 12.47 हेक्टेयर जमीन आवंटित की है और इसके बदले 63 करोड रुपए से अधिक राशि लेने की बात कह रहा है। जबकि विवि कह चुका है कि वह देशभर में 12 कैंपस और दो अकादमी संचालित करती है। संबंधित राज्यों ने उन्हें फ्री जमीन दी है।</p>
<p>ऐसे में उन्हें अधिकतम 2 करोड़ रुपए में चालीस से पचास एकड़ जमीन चाहिए। न्यायमित्र अधिवक्ता पंकज गुप्ता ने जेडीए और विवि के बीच जमीन के आकार और राशि का तालमेल नहीं होने के कारण यहां विवि का कैंपस स्थापित नहीं हो पा रहा है। नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी को फिलहाल प्रताप नगर के कोचिंग हब में दो साल के लिए अस्थाई कैंपस दिया गया है। जहां वह कोर्स संचालित कर रही है। ऐसे में राज्य सरकार के दखल के बिना विवि के कैंपस की स्थापना संभव नहीं है। न्यायमित्र की ओर से कहा गया कि यहां विवि का कैंपस समय की जरूरत है। इसके अभाव में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इस पर अदालत ने यूडीएच विभाग को कहा है कि वह विवि को जमीन देने के संबंध में अपना रुख स्पष्ट करे। अदालत ने विवि के अस्थाई कैंपस में चल रहे कोर्स और स्टाफ आदि की जानकारी भी मांगी है। हाईकोर्ट ने विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में स्टाफ सहित अन्य संसाधनों की कमी और डीएनए सहित अन्य नमूनों के परीक्षण में देरी होने पर स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान ले रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-told-the-urban-development-department-of-the/article-136331</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-told-the-urban-development-department-of-the/article-136331</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 11:40:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        