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                <title>water coolers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>water coolers RSS Feed</description>
                
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                <title>करोड़ों का राजस्व फिर भी नहीं मिल रहीं सुविधाएं, बंद विश्राम गृह और खराब सीसीटीवी से किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश होने पर उपज भीगने का खतरा, वाटर कूलर बंद, जगह-जगह लग रहे गंदगी के ढेर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-generating-crores-in-revenue--facilities-are-lacking--farmers-distressed-by-a-closed-rest-house-and-non-functional-cctv-cameras/article-157356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)34.png" alt=""></a><br /><p>इटावा। कोटा जिले की ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी इटावा हर वर्ष करीब 10 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करती है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के 500 से अधिक गांवों के किसान यहां अपनी उपज बेचने आते हैं। लेकिन सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं के चलते किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नालियां कचरे से अंटी पड़ी हैं, जिससे बदबू फैल रही है। कलेवा योजना स्थल के आसपास भी गंदगी के ढेर लगे होने से किसान भोजन करने में असहज महसूस करते हैं। मंडी में लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। किसानों और व्यापारियों का आरोप है कि उपज चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, लेकिन कैमरे बंद होने से चोरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p><strong>खुले में नीलामी, बारिश में भीगती है उपज</strong><br />समर्थन मूल्य पर खरीद के कारण नीलामी शेड का उपयोग अन्य कार्यों में होने से किसानों की उपज की नीलामी खुले में करनी पड़ती है। इससे गर्मी और बारिश दोनों मौसम में किसानों और व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश होने पर उपज भीगने का खतरा बना रहता है। नीलामी क्षेत्र में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिससे विशेष रूप से महिला किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>बंद पड़ा किसान विश्राम गृह</strong><br />किसानों के ठहरने के लिए बना विश्राम गृह रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है और उस पर ताला लगा हुआ है। अधिक आवक के दिनों में किसानों को रात खुले में गुजारनी पड़ती है। वहीं मंडी परिसर मैं लगाए गए वाटर कूलर बंद पड़े हैं। ऐसे में किसानों और मजदूरों को सीधेनल का पानी पीना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>अंधेरे में डूबी मंडी, टूटेे बिजली पोल बने खतरा</strong><br />मंडी में कई स्थानों पर रोड लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरा छाया रहता है। बिजली कटौती होने पर जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद समय पर संचालन नहीं होने से व्यापारियों और किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई स्थानों पर बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>इनका कहना  है</strong><br />जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और शौचालय व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भीउपलब्ध नहीं हैं। <br /><strong>- चंदालाल मीणा, खेड़ली बेरीसाल निवासी</strong></p>
<p>नीलामी खुले में होती है, चारों तरफ गंदगी है और किसानों के लिए विश्राम गृह की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।<br /><strong>- बद्रीलाल नागर, रजोपा निवासी</strong></p>
<p> किसानों को पेयजल औरं शौचालय जैसी सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ता है, जबकि यहां राजस्थान और मध्यप्रदेश के सैकड़ों गांवों के किसान आते हैं।<br /><strong> - राकेश बैरवा, रणोदिया निवासी</strong></p>
<p>मंडी में सफाई,पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है तथा शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती।<br /><strong>- जोधराज गुर्जर, अध्यक्ष, पल्लेदार एसोसिएशन</strong></p>
<p> सीसीटीवी कैमरे खराब होने से चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। नवीन शेड और अन्य सुविधाओं की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।<br /><strong>- हरिशंकर मंगल, अध्यक्ष, मंडी व्यापार संघ</strong></p>
<p> करोड़ों रुपए की आय के बावजूद किसानों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। <br /><strong>- उमाशंकर नागर, सह जिला प्रचार प्रमुख, भारतीय किसान संघ</strong></p>
<p> मानसून से पहले नालियों की सफाई करवाई जाएगी। मंडी में सफाई कार्य जारी है। पेयजल, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और अन्य समस्याओं का निरीक्षण कर उन्हें जल्द ठीक कराने के प्रयास किए जाएंगे। किसान विश्राम गृह की मरम्मत के लिए बजट प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।<br /><strong>- रवि सिंह पंवार, मंडी सचिव</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:19:11 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - गर्मी में अब प्यासे कंठों की बुझने लगी प्यास </title>
                                    <description><![CDATA[थोक फलसब्जी मंडी परिसर में वाटर कूलर खराब होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-the-news---thirst-of-thirsty-throats-is-now-being-quenched-in-the-summer/article-112087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(3)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । भीषण गर्मी के दौर में शहर की सबसे बड़ी थोक फलसब्जी मंडी में प्यासे भटक रहे ग्राहकों, मजूदरों व सब्जी विक्रेताओं को अब राहत मिल गई। मंडी प्रशासन ने यहां खराब पड़े तीन वाटर कूलरों को चालू करवा दिया है। वहीं चार प्याऊ भी शुरू कर दी गई। इसके अलावा ठेलों के माध्यम से भी मंडी परिसर में शीतल जल पिलाया जाने लगा है। इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। इसके बाद भी मंडी परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इससे मंडी में आने वाले किसान, मजदूर, ग्राहक और व्यापारी ठंडे पानी के लिए तरस रहे थे। अब पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होने से सभी को काफी राहत मिली है।</p>
<p><strong>मंडी परिसर में घूमकर पिला रहे पानी</strong><br />थोक फलसब्जी मंडी परिसर में वाटर कूलर खराब होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चार वाटर कूलर भी शोपीस बने हुए थे और प्याऊ का संचालन भी बंद था। अब मंडी प्रशासन ने चार में से तीन वाटर कूलरों को ठीक करवा दिया है। वहीं चौथे कूलर को भी ठीक करवाया जा रहा है। इसके अलावा परिसर में अलग-अलग स्थानों पर बनी हुई पक्की प्याऊ को भी शुरू कर दिया है। मंडी प्रशासन द्वारा तीन ठेलों द्वारा भी परिसर में घूमकर ग्राहकों और सब्जी विक्रेताओं को पानी पिलाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। इसके लिए अलग से बर्फ का इंतजाम किया गया है, ताकि लोगों को शीतल जल उपलब्ध हो सके।  </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाई परेशानी तो हरकत में आया मंडी प्रशासन</strong><br />भीषण गर्मी के दौर में भी थोक फल मंडी परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के सम्बंध में 19 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि मंडी परिसर में किसान, व्यापारी व मजदूर ठंडे पानी के लिए तरस रहे हैं। मंडी में चार वाटर कूलर लगे हुए हैं। काफी समय से इनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में लोगों का हलक तर नहीं हो पा रहा है। मंडी प्रतिदिन काफी संख्या में किसान व व्यापारी दूर दराज क्षेत्रों से आते है। वाटर कूलर खराब होने से उन्हें ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p>गर्मी के मौसम में मंडी परिसर में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी हो रही थी। अब मंडी प्रशासन ने खराब वाटर कूलरों को ठीक करवा कर चालू करवा दिया है। इससे अब राहत मिली है।<br /><strong>- भीमाराम डांगी, श्रमिक</strong></p>
<p>मंडी में दोपहर तक कारोबार चलता है। इसके बावजूद पानी की व्यवस्था नहीं थी। बाहर से पानी लाना पड़ता था। अब सुबह से ठेले पर चलती फिरती प्याऊ चालू हो गई है। जिससे ठंडे पानी के लिए अब भटकना नहीं पड़ता है।<br /><strong>- नितेष सैनी, सब्जी विक्रेता</strong></p>
<p>मंडी परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवा दिया है और चार प्याऊ भी संचालित कर दी है। इसके अलावा ठेलों में पानी के मटके रखकर परिसर में घुमाया जा रहा है ताकि किसी को पानी की दिक्कत नहीं आए। <br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फलसब्जी मंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 15:33:28 +0530</pubDate>
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                <title>कार्यालयों में आमजन के लिए लगे वाटर कूलर आधे बंद, आधे चालू</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकारी - कर्मचारी पी रहे कैम्पर का पानी ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-coolers-installed-for-the-general-public-in-offices-are-half-closed--half-are-on/article-109664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/2557rtrer-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गर्मी का सीजन शुरु होने के साथ ही पानी और छाया की डिमांड पहले से अधिक हो गई है। शहर के अलावा सरकारी कार्यालयों में भी लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था तो है लेकिन वह आधी अधूरी है। गर्मी का सीजन शुरु होने के साथ ही आमजन के लिए सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थानों पर छाया पानी की व्यवस्था के लिए प्रशासन  को व्यवस्थाएं करनी है। एक दिन पहले जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने अधिकारियों की बैठक लेकर सभी को छाया पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया था। उसके बाद सरकारी कार्यालयों में पानी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। नगर निगम के राजीव गांधी प्रशासनिक भवन को फिलहाल ए-बी और सी ब्लॉक में बांटा हुआ है। जिसमें से ए ब्लॉक में कोटा दक्षिण और बी व सी में कोटा उत्तर निगम के कार्यालय संचालित हो रहे है।  नगर निगम भवन के बी व सी ब्लॉक में हर फ्लोर पर दोनों तरफ दो-दो वाटर कूलर लगाए हुए हैं। लेकिन हालत यह है कि जहां तीसरी मंजिल पर सबसे अधिक पानी की जरूरत है वहां के वाटर कूलर बंद है। वहीं दूसरे व पहले फ्लोर के वाटर कूलरों में भी कोई चालू है तो कोई बंद। किसी का नल ही गायब है। वहीं निगम के ए ब्लॉक में ग्राउंड व प्रथम तल पर तो वाटर कूलर ही नहीं है। जबकि दूसरी व तीसरी मंजिल पर एक-एक वाटर कूलर लगे हुए हैं जो चालू हालत में है। नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही मेन गेट के पास भी एक वाटर कूलर लगा हुआ है जो चालू हालत में है। जबकि कई जगह पर मटके भी रखे हुए हैं। लोगों का कहना है कि वाटर कूलर का पानी ठंडा रहता है लेकिन उससे प्यास नहीं बुझती। जबकि मटके के पानी से प्यास बुझ जाती है और वह पानी नुकसान भी नहीं करता है।  </p>
<p><strong>केडीए में भी लगे वाटर कूलर</strong><br />इसी तरह कोटा विकास प्राधिकरण के पुराने व नव विस्तारित भवन में वाटर कूलर तो लगे हुए हैं। उनमें से पुराने भवन में प्रथम तल पर लगा वाटर कूलर बंद है। जबकि नए भवन में सभी फ्लोर पर एक-एक वाटर कूलर चालू हालत में है। नगर निगम और केडीए में लगे वाटर कूलरों का पानी अधिकतर आमजन ही पी रहे है। इसी तरह से अन्य सरकारी कार्यालयों कलक्ट्रेट समेत सभी जगह पर भी वाटर कूलर लगे हुए हैं। </p>
<p><strong>कैम्परों की अधिक खपत</strong><br />हालत यह है कि चाहे नगर निगम हो या केडीए या अन्य कोई भी सरकारी कार्यालय। यहां आमजन के लिए तो वाटर कूलर है जबकि अधिकारी व कर्मचारी कैम्परों का पानी पी रहे है। सरकारी कार्यालयों में कैम्परों के पानी की भी काफी अधिक खपत है। नगर निगम कार्यालय में  तो सुबह-सुबह कैम्पर की गाड़ी भरकर आती है।  नगर निगम कोटा उत्तर आयुक्त अशोक त्यागी ने बताया कि सभी वाटर कूलर सही करने के लिए निर्देशित किया हुआ है। कोई वाटर कूलर बंद या खराब होगा तो उसे सही करवा दिया जाएगा।  आयुक्त ने बताया कि गर्मी में आमजन के लिए शहर में कई जगह पर मटकों की प्याऊ लगाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 16:00:54 +0530</pubDate>
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