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                <title>education - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>education RSS Feed</description>
                
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                <title>बाल विवाह पर SRS रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता: पश्चिम बंगाल और झारखंड में सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियों की हो रही शादी</title>
                                    <description><![CDATA[‘सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं की औसत विवाह उम्र 23.1 वर्ष हो गई है। इसके बावजूद 2.1% लड़कियों की शादी 18 साल से पहले हो रही है। इस सामाजिक बुराई में पश्चिम बंगाल (6.3%) शीर्ष पर और झारखंड दूसरे स्थान पर है, जबकि दिल्ली में एक भी मामला नहीं आया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/srs-report-on-child-marriage-increases-concern-highest-number-of/article-155356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/baal-vivah.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में बाल विवाह रोकने और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन कई राज्यों में यह सामाजिक बुराई अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। ‘सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) 2024’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल और झारखंड में सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियों की शादी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की औसत शादी की उम्र बढ़कर 23.1 वर्ष हो गई है और 73.5 प्रतिशत महिलाएं 21 साल के बाद विवाह कर रही हैं।</p>
<p>इसके बावजूद 2.1 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले हो रही है। पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा 6.3 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि झारखंड दूसरे स्थान पर रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के मामले शहरी इलाकों की तुलना में अधिक पाए गए। वहीं, दिल्ली में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ और केरल में इसकी दर सबसे कम रही। विशेषज्ञों ने कम उम्र में शादी को लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:47:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पेपर लीक मामला: कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, जयराम बोले-केंद्रीय शिक्षा मंत्री दे इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने फरवरी 2024 के परीक्षा विरोधी कानून को विफल बताते हुए आरोप लगाया कि ऊंचे दामों पर 'गेस पेपर' लीक किए गए। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए में व्यापक सुधार की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/paper-leak-case-congress-attacks-central-government-jairam-said/article-154984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jairamm-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामलों को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार हुए पेपर लीक और नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम पारित किया था। कांग्रेस संचार विभाग प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि सरकार ने इस कानून को "ऐतिहासिक" बताया था, लेकिन विपक्ष ने उसी समय चेताया था कि यह कानून "गेस पेपर" और अन्य तरीकों से होने वाले पेपर लीक को रोकने में नाकाम रहेगा। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह स्पष्ट हो चुका है कि केंद्र सरकार का यह कानून पेपर लीक रोकने के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र सरकार शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सामने नीट 2026 में पेपर लीक से इनकार कर रही हो, लेकिन कथित तौर पर 'गेस पेपर' ऊंची बोली लगाने वालों तक पहुंचाया गया। पिछले दो वर्षों में लाखों छात्रों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। जयराम रमेश ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, एनटीए में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए और सार्वजनिक परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर मूल्यांकन तक के लिए एक फुलप्रूफ प्रोटोकॉल तैयार किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार छात्रों के हित और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बचाने के लिए ठोस कदम उठाएंगी या फिर मौजूदा स्थिति को जारी रखेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शिक्षा के सारथी : हौसलों के तरकश में कोशिश का तीर जिंदा रख, खेल के मैदान में गढ़ रही हैं पीटीआई देश का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[अब तक दो हजार से अधिक बालिकाओं और महिला अध्यापकों को आत्मरक्षा  की बेहतरीन ट्रेनिंग दे चुकी हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/education-s-charioteers--keep-the-arrow-of-endeavor-alive-in-the-quiver-of-determination--a-pti-shapes-the-nation-s-future-on-the-sports-field/article-154946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)44.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हौसलों के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा रख, हार जाए चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर जीतने की वो उम्मीद जिंदा रख। जिले के डाबर बंमोरी कला में कार्यरत महिला शारीरिक शिक्षक पदमा राठौर की कहानी इस कहावत को पूरी तरह चरितार्थ करती है।<br />खेल के मैदान पर पदमा राठौर आज सिर्फ एक शिक्षिका नहीं,बल्कि प्रतिभाएं गढ़ने वाली 'द्रोणाचार्य' बन चुकी हैं। सरकारी स्कूल की कमान संभालते ही उन्होंने दो हजार से अधिक बालिकाओं और अध्यापकों को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें फौलाद बना दिया। खेल के मैदान से लेकर कला की दुनिया तक अपनी अटूट जिद से बच्चों का भविष्य संवारने वाली और भामाशाहों के सहयोग से सरकारी स्कूलों को डिजिटल लुक देने वाली इस जांबाज पीटीआई को राजस्थान सरकार वर्ष 2024 में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से भी नवाज चुकी है।</p>
<p><strong>जोधपुर से शुरू हुआ था सफर </strong><br />शिक्षिका पदमा राठौर ने बताया कि उनका चयन वर्ष 1998 में जोधपुर शारीरिक शिक्षक कॉलेज से हुआ था। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1999 में उदयपुर स्थित कॉलेज से एक वर्ष का कड़ा प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) लिया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वर्ष 2002 में उन्होंने सुल्तानपुर के सारोला स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) के रूप में अपनी पहली जॉइनिंग की और यहीं से उनके सपनों को उड़ान मिली।</p>
<p><strong>खुद रहीं स्टेट चैंपियन, शिष्यों को पहुंचाया सेना और पुलिस में </strong><br />शारीरिक शिक्षिका पदमा राठौर खेल की दुनिया का एक बड़ा नाम रही हैं। वे खुद राज्य स्तर पर (स्टेट चैंपियन) स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेता रही हैं और उन्होंने अपनी टीम को भी कई मेडल दिलवाए हैं। खेल के प्रति उनके इसी गहरे अनुभव के चलते उन्हें कई राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में निर्णायक (अंपायर) और चयन समिति (सिलेक्शन कमेटी) के सदस्य जैसी अहम जिम्मेदारियां भी मिली हैं। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उनके तराशे हुए विद्यार्थी आज भारतीय सेना, पुलिस विभाग और खुद पीटीआई बनकर अलग-अलग सरकारी महकमों में देश सेवा कर रहे हैं।</p>
<p><strong>आत्मरक्षा का पाठ पढ़ाया, अखाड़े और कला के क्षेत्र में भी गढ़ीं प्रतिभाएं </strong><br />पदमा राठौर ने लीक से हटकर काम करते हुए अब तक दो हजार से अधिक बालिकाओं और महिला अध्यापकों को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) की बेहतरीन ट्रेनिंग दी है, ताकि बेटियां आत्मनिर्भर होकर निडर बन सकें। खेल के मैदान पर उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने करीब 300 से 400 विद्यार्थियों को कबड्डी में राज्य स्तर तक पहुंचाया है। कबड्डी के साथ-साथ उन्होंने पारंपरिक अखाड़े के खिलाड़ी भी तैयार किए हैं। यही नहीं, खेल के अलावा उनके मार्गदर्शन में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग और कला (आर्ट) के क्षेत्र में जिला और राज्य स्तर पर कई प्रतियोगिताओं को जीतकर स्कूल का नाम रोशन किया है।</p>
<p><strong>भामाशाहों के सहयोग से बदली स्कूलों की तस्वीर </strong><br />शारीरिक शिक्षक होने के साथ-साथ पदमा राठौर ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने में भी बड़ा मिसाल कायम की। अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने स्थानीय भामाशाहों को प्रेरित किया और उनके सहयोग से स्कूलों में आकर्षक रंग-रोगन करवाकर कक्षा-कक्षों को सुसज्जित और 'डिजिटल लुक' दिया। स्कूल परिसर में छात्रों की सुविधा के लिए नए कमरों का निर्माण करवाया।पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधारोपण किया और खुद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ली। स्कूल परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती का भव्य मंदिर बनवाया।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री शर्मा ने मंच पर किया था सम्मानित </strong><br />शिक्षिका पदमा राठौर की यह नि:स्वार्थ मेहनत रंग लाई और उनकी जिंदगी में वह ऐतिहासिक क्षण भी आया, जिसका हर शिक्षक को इंतजार रहता है। वर्ष 2024 में जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सहित कई दिग्गज अतिथियों ने उन्हें मंच पर बुलाकर प्रशस्ति पत्र, शॉल और नकद राशि देकर सम्मानित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:27:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, जानें कब तक कर सकते हैं आवेदन </title>
                                    <description><![CDATA[जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्नातक, स्नातकोत्तर और अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए छात्र 30 जून तक आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल मोड पर रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jagadguru-ramanandacharya-rajasthan-sanskrit-university-admission-process-begins-know-when/article-154697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/admission.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने बताया कि प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी 30 जून तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन जमा कर सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन मोड में आयोजित की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को सुविधा मिल सके। अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन पत्र भरना होगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आवेदन करते समय विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज, फोटो एवं अन्य जानकारी निर्धारित प्रारूप में अपलोड करनी होगी। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 17:17:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर बवाल, छात्रों-अभिभावकों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई की नई भाषा नीति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में कक्षा 9 और 10 में दूसरी भारतीय भाषा को अनिवार्य करने के फैसले को चुनौती दी गई है। अभिभावकों और छात्रों का तर्क है कि इस अचानक बदलाव के बजाय उन्हें विदेशी भाषाएं चुनने की आजादी मिलनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-over-cbses-three-language-policy-students-parents-knocked-at-the/article-154638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cbse.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीबीएसई की नई भाषा नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां छात्रों और अभिभावकों की ओर से याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कक्षा 9 और 10 में दूसरी भारतीय भाषा को अनिवार्य बनाने के फैसले को चुनौती दी गई है।</p>
<p>सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति के तहत थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसके अनुसार छात्रों को दो भारतीय भाषाओं के साथ एक अन्य भाषा पढ़नी होगी। हालांकि अभिभावकों का कहना है कि शुरुआत में यह व्यवस्था कक्षा 6 से लागू होने की बात कही गई थी, लेकिन अब अचानक बड़े छात्रों पर इसे लागू करना उचित नहीं है।</p>
<p>कई छात्रों ने तर्क दिया है कि वे तीसरी भाषा के रूप में जर्मन, फ्रेंच या चाइनीज जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ना चाहते हैं। मामले पर अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:15:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नीति आयोग की रिपोर्ट में राजस्थान का डंका, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के नवाचारों को मिली राष्ट्रीय पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[नीति आयोग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में राजस्थान के 'शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान' और एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली को 'गुड स्टेट प्रैक्टिसेज' के रूप में सराहा है। तकनीक-आधारित इस मॉडल के तहत प्रदेश के 75 लाख से अधिक विद्यार्थियों की 70 स्वास्थ्य मानकों पर स्क्रीनिंग कर रिकॉर्ड बनाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/niti-aayogs-latest-report-on-school-education-system-in-india/article-154488"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/secratrait1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में किए गए स्वास्थ्य निगरानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। नीति आयोग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एण्ड पॉलिसी रौडमेप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ में राजस्थान के ‘शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान’ एवं मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली को ‘गुड स्टेट प्रैक्टिसेज’ के रूप में उल्लेखित किया गया है। नीति आयोग ने इस रिपोर्ट में राजस्थान द्वारा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण, फिटनेस एवं स्वास्थ्य निगरानी के लिए विकसित तकनीक आधारित मॉडल की सराहना की है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 75 लाख से अधिक विद्यार्थियों की 70 से अधिक स्वास्थ्य मानकों पर स्क्रीनिंग की गई। इसके तहत विद्यार्थियों की दृष्टि, श्रवण क्षमता, पोषण स्तर, दंत स्वास्थ्य व शारीरिक फिटनेस सहित विभिन्न पहलुओं की जांच एवं मोबाइल ऐप आधारित फॉलो-अप प्रणाली विकसित की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 18:40:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट पेपर लीक विवाद: सुपर-30 वाले आनंद सर का छात्रों को बड़ा तोहफा, जल्द शुरू होगा ''सुपर इन्फिनिटी'' ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म</title>
                                    <description><![CDATA['सुपर 30' के संस्थापक आनंद कुमार ने 'सुपर इन्फिनिटी' नामक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह कक्षा 4 से 12 तक के छात्रों के लिए VFX और एनिमेशन के जरिए गणित को समझने और महसूस करने का मौका देगा। इसके नए कोर्स 12 जून से यूट्यूब और उनकी वेबसाइट पर शुरू होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-paper-leak-controversy-super-30-leader-anand-sirs-big/article-154310"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/anand.png" alt=""></a><br /><p>पटना। आनंद कुमार ने ‘सुपर इन्फिनिटी’ नाम से नया ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की है। ‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार जानकारी देते हुए बताया है कि यह पहल छात्रों को रटने की बजाय गणित को समझने और महसूस करने के लिए प्रेरित करेगी। कक्षा 4 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार इस प्लेटफॉर्म पर गणित को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पढ़ाया जाएगा। इसमें VFX, एनिमेशन और कॉन्सेप्ट बेस्ड टीचिंग का इस्तेमाल होगा। 12 जून से ‘सुपर इन्फिनिटी ऑफिशियल’ यूट्यूब चैनल और superinfinity.com पर नए कोर्स शुरू किए जाएंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:01:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक पर सुरजेवाला का केन्द्र सरकार पर आरोप, बोले-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़, परीक्षा तंत्र शिक्षा माफिया के सामने समर्पण </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने नीट 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा तंत्र शिक्षा माफिया के सामने घुटने टेक चुका है और मेधावी छात्रों के भविष्य की नीलामी हो रही है। सुरजेवाला ने इसे "राज्य-प्रायोजित विश्वासघात" बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/surjewalas-allegations-on-the-central-government-on-paper-leak-said/article-154254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/surjewala.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नीट 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि देश का परीक्षा तंत्र पूरी तरह से शिक्षा माफिया के सामने समर्पण कर चुका है और मेधावी छात्रों के भविष्य की "सरेआम नीलामी" हो रही है। सुरजेवाला ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पिछले एक दशक में कई बड़े परीक्षा घोटाले सामने आए हैं, जिनमें 2013 का व्यापम घोटाला, 2018 एसएससी घोटाला, 2021 यूपी -टेट घोटाला, रीट घोटाला, 2022 बीपीएससी घोटाला और 2024 यूजीसी -नीट घोटाला शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने साबित कर दिया है कि पेपर लीक अब केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि व्यवस्था का "नया सामान्य स्वरूप" बन चुका है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के नीट घोटाले से कोई सबक नहीं लिया गया और 2026 में भी वही स्थिति दोहराई गई। सुरजेवाला ने कहा कि लाखों छात्र आज न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। कांग्रेस नेता ने शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये लेकर देश के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले "सफेदपोश आकाओं" पर कार्रवाई कब होगी। उन्होंने कहा कि यह सुशासन नहीं, बल्कि युवाओं के साथ "राज्य-प्रायोजित विश्वासघात" है और देश का युवा अब इस मानसिक प्रताड़ना को और बर्दाश्त नहीं करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अक्षम हैं शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान : छात्रों के लिए मृत काल साबित हो रहा केन्द्र सरकार का अमृत काल, खड़गे बोले- पेपर लीक के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाना चिंताजनक</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट पेपर लीक और कथित आत्महत्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की विफलता बताया और इस्तीफे की मांग की। खड़गे ने कहा कि भाजपा शासन में 90 से अधिक पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/education-minister-is-incompetent-dharmendra-pradhan-should-resign-central-governments/article-154062"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/mallikarjun-kharge-.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट परीक्षा के पेपर लीक होने और इस वजह से छात्रों की आत्महत्या की खबरों को लेकर केन्द्र सरकार पर हमला किया और कहा कि यह सब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अक्षमता का परिणाम है। इसलिए उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। खड़गे ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि केन्द्र सरकार का अमृत काल भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मृत काल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि खबरों के अनुसार नीट पेपर लीक से उत्पन्न तनाव और सदमे के कारण कई छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि देश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे करोड़ों छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी की समस्या के बीच भाजपा संरक्षित पेपर लीक माफिया युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है और सरकार की निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के नीट पेपर लीक मामले में जिन अधिकारियों पर सवाल उठे, उन्हें दंडित करने के बजाय महत्वपूर्ण पद दिए गए। </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">खड़गे ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है। इसलिए शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:23:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET पेपर में छात्रों को राहतों की घोषणा: परीक्षा सेंटर चुनने का मिलेगा विकल्प, 15 मिनट का मिलेगा अतिरिक्त समय ; पढ़ें केंद्रीय मंत्री प्रधान ने और क्या कहां ?</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG छात्रों के लिए मुफ्त पुनः परीक्षा और केंद्र चुनने की सुविधा की घोषणा की है। नई परीक्षा दोपहर 2 बजे से होगी, जिसमें 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा। पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है और भविष्य में परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) कराने की योजना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/announcement-of-relief-to-students-in-neet-paper-they-will/article-153884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)53.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने छात्रों को कई राहतें देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगली परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा भी दी जाएगी। नई परीक्षा अब दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी तथा छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय भी मिलेगा।</p>
<p>शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और छात्रों को 14 जून तक प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। प्रधान ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा ओएमआर शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित मोड में कराई जाएगी। साथ ही इस बार दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, ताकि उन्हें यात्रा और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े।</p>
<p>उन्होंने कहा कि तीन मई को आयोजित परीक्षा के बाद सात मई को कुछ शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद सरकार ने तत्काल जांच शुरू कर दी। जांच में 12 मई तक यह स्पष्ट हो गया कि “गेस पेपर” के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी मेहनती और ईमानदार छात्र का भविष्य प्रभावित हो।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी और इस बार जांच एजेंसियां पूरी सख्ती से कार्रवाई करेंगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को कठोर दंड भुगतना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में फर्जी खबरें बड़ी चुनौती बन चुकी हैं, इसलिए छात्र और अभिभावक केवल सरकार या एनटीए की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।</p>
<p>प्रधान ने कहा कि एनटीए हर साल करोड़ों छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करता है और “जीरो एरर” सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 11:47:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पेपर लीक मामला: केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा, जेन-जी से किया सड़कों पर उतरने का आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर युवाओं (Gen-Z) से संवाद कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में बार-बार होते पेपर लीक पर सवाल उठाए और सीबीआई जांच को महज दिखावा बताया। केजरीवाल ने कहा कि जब पड़ोसी देशों के युवा सरकार बदल सकते हैं, तो भारत के युवा दोषियों को जेल क्यों नहीं भेज सकते?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/paper-leak-issue-kejriwal-cornered-the-central-government-and-called/article-153699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kejriwal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि कि पेपर लीक जैसे घिनौने खेल को बंद करने के लिए देश के जेन-जी को सड़कों पर उतर कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा। केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को देश के युवाओं (जेन-जी) से सीधा वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने जेन-जी का आह्वान करते हुए कहा कि बहुत हुआ पेपर लीक, अब इस घिनौने खेल को बंद करने के लिए देश के जेन-जी को सड़कों पर उतर कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए युवाओं से कहा कि जब वहां जेन-जी अपनी सरकार बदल सकते हैं तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने में शामिल मंत्रियों-नेताओं को जेल क्यों नहीं भिजवा सकता? हर बार पेपर लीक की जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, लेकिन आजतक किसी को सजा नहीं मिली। इस बार भी कुछ नहीं होने वाला है।</p>
<p>उन्होंने सवाल किया कि ज्यादातर पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों में क्यों होते हैं, कुछ लोग सिस्टम फेल होने की बात करते हैं, लेकिन वे लोग ऐसा कहकर अनजाने में पेपर लीक में शामिल टॉप पर बैठे व्यक्ति को बचा रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि यह देश युवाओं का है। इन नेताओं को इस देश में कोई दिलचस्पी नहीं। इनके बच्चे तो विदेशों में पढ़ते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि देश के एक बड़े नेता ने कभी कहा था कि जरूरत पड़ी तो झोला उठाकर चला जाऊंगा, लेकिन हम कहां जाएंगे? हमारा परिवार तो इसी देश में रहता है। इसलिए हमें और युवाओं को मिलकर ही इस देश को बचाना होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, हर बार की तरह इस बार भी सीबीआई ने 10-15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हर बार की तरह इस बार भी सभी आरोपी तीन से चार महीने में जमानत पर बाहर आ जाएंगे और हर बार की तरह इस बार भी ये सारे जेल से छूटे हुए बदमाश फिर से अगले साल पेपर लीक करने की तैयारी शुरू कर देंगे। केजरीवाल ने कुछ उदाहरण देकर युवाओं को समझाते हुए कहा कि 2014 में जब से देश में केंद्र सरकार आई है, तब से लेकर अब तक 93 पेपर लीक हुए हैं। इसमें अधिकतर डबल और ट्रिपल इंजन की सरकारों में पेपर लीक हुए हैं। </p>
<p>इन 93 पेपर में देश के लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य बंद था। पेपर लीक होने से 6 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया। सबसे ज्यादा पेपर लीक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में हुए हैं। इन चारों राज्यों में भाजपा शासित सरकार है। यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि इन चारों राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार है और पेपर लीक हो गया। अभी जो नीट का पेपर लीक हुआ है, उसका केंद्र भी राजस्थान है। पेपर लीक में जिन दो-चार लोगों पर संदेह की सुई गई है, वो भी भाजपा के नेता हैं।</p>
<p>आप नेता ने कहा कि अगर नेपाल और बांग्लादेश का जेन-जी सड़कों पर उतर कर अपनी सरकारों को बदल सकता है तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता? मुझे अपने देश के जेन-जी पर पूरा भरोसा है कि वह भी मंत्रियों को जेल भेज सकता है। यह देश युवाओं का है। इस देश के नेताओं को इस देश में कोई रूची नहीं है। इस देश के नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 18:23:10 +0530</pubDate>
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                <title>सीएम सिद्दारमैया का केंद्र सरकार पर निशाना: एकल राष्ट्रीय-स्तरीय प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधारों की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[नीट-यूजी 2026 रद्द होने पर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इसे युवाओं के साथ "विश्वासघात" बताया है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र पर हमला बोलते हुए राज्यों को अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की स्वायत्तता देने की मांग की। कर्नाटक सरकार ने केंद्रीकृत प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी जांच और जवाबदेही पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-siddaramaiah-targets-central-government-raises-questions-on-credibility-of/article-153713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm1.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। प्रश्न पत्र लीक और अनियमितताओं की रिपोर्टों के बीच राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) 2026 के रद्द होने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मांग की कि राज्यों को अपनी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की अनुमति दी जाए। सिद्दारमैया ने इसे "युवाओं के साथ क्रूर विश्वासघात" करार दिया और कहा कि इसने देश भर में 22 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों को "अनिश्चितता" में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी महीनों की तैयारी और कोचिंग, यात्रा तथा संबंधित खर्चों पर परिवारों द्वारा किए गए भारी वित्तीय खर्च के बाद निराश रह गए हैं।</p>
<p>नीट के प्रति राज्य के लंबे समय से चले आ रहे विरोध को दोहराते हुए सिद्दारमैया ने कहा कि केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को नुकसान पहुंचाती है और पेशेवर प्रवेशों में राज्यों की भूमिका को कमजोर करती है। उन्होंने कथित लीक की पारदर्शी जांच, दोषियों के लिए कड़ी सजा और नई परीक्षा के लिए एक स्पष्ट कार्यक्रम की मांग की। शिवकुमार ने इस फैसले को "भारी शर्मिंदगी" बताया और आरोप लगाया कि इस अचानक उठाए गए कदम ने विद्यार्थियों का आत्मविश्वास हिला दिया है और वर्षों की तैयारी के बावजूद उम्मीदवारों को फिर से अनिश्चितता में धकेल दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साधने के लिए भाजपा नेताओं की भी आलोचना की और पूर्व मंत्री सीएन अश्वथ नारायण के जवाब न देने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस रद्दीकरण ने उन छात्रों को प्रभावित किया है जिनके करियर के लक्ष्य स्पष्ट थे, और उन्होंने केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने छात्र-संबंधी मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में दोहरे मापदंडों का भी आरोप लगाया।</p>
<p>उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर, स्कूली शिक्षा मंत्री एस मधु बंगारप्पा और चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरणप्रकाश आर पाटिल ने भी केंद्र की आलोचना की और एकल राष्ट्रीय-स्तरीय प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए बेहतर रूप से सुसज्जित हैं और कर्नाटक द्वारा ऐसी परीक्षाओं की जिम्मेदारी लेने की तत्परता व्यक्त की। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों के तनाव को कम करने के लिए कक्षा 12 के अंकों को भी महत्व दिया जा सकता है। उन्होंने नीट विवाद को "सबसे बड़ा घोटाला" बताया और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया, जबकि बंगारप्पा ने लाखों उम्मीदवारों को हुई मनोवैज्ञानिक पीड़ा को उजागर किया।<br />मंत्रियों ने सामूहिक रूप से केंद्र सरकार से पारदर्शिता बहाल करने, एक विश्वसनीय पुन: परीक्षा प्रक्रिया आयोजित करने और मेडिकल प्रवेशों के प्रबंधन में राज्यों को अधिक स्वायत्तता देने पर विचार करने का आग्रह किया। अपने बयानों के माध्यम से, कर्नाटक के नेताओं ने तत्काल सुधारात्मक उपायों, कथित पेपर लीक की गहन जांच और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधारों की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 16:40:25 +0530</pubDate>
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