<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/cbi-inquiry/tag-54698" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>cbi inquiry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/54698/rss</link>
                <description>cbi inquiry RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकारी ठेकों के मामले में अरूणाचल सीएम खांडू का सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका : सीबीआई जांच के आदेश, पढ़ें पूरा मामला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके देने के आरोपों की CBI जांच का निर्देश दिया है। 2015 से 2025 के बीच हुई अनियमितताओं की जांच 16 हफ्तों में पूरी होगी, जिससे राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/arunachal-pradesh-cm-khandu-gets-a-big-blow-from-the/article-149260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pema-khandu.png" alt=""></a><br /><p>अरूणाचल प्रदेश। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर मुश्किलों के बादल मंडराने लगे है क्योंकि सरकारी ठेका आवंटन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनको बड़ा झटका दिया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई को निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि यह विवाद करीब 1,270 करोड़ रुपये के ठेकों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें सीएम पेमा खांडू परिवार की चार कंपनियों के शामिल होने का आरोप है। </p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने और जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करने का आदेश जारी किया है और साथ ही मुख्य सचिव को समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह का रिकॉर्ड नष्ट नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सीबीआई नवंबर 2015 से 2025 के बीच दिए गए ठेकों और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया की भी शुरूआत से जांच करेगी। कोर्ट ने आगे कहा कि इस दौरान सीबीआई विशेष रूप से उन मामलों की पड़ताल करेगी, जिनमें याचिकाकर्ताओं ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। </p>
<p>इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का भी आदेश जारी किया है। याचिका में दावा किया गया है कि इस अवधि में करीब 1,245 करोड़ रुपये के ठेके मुख्यमंत्री की पत्नी, माता और भतीजे से जुड़ी फर्मों को बिना उचित प्रक्रिया के दिए गए। इस याचिका में तवांग से विधायक त्सेरिंग ताशी की कंपनी का भी नाम शामिल है। कोर्ट ने सीबीआई को 16 सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा है, जिससे यह तय किया जा सके कि आगे स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है या नहीं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/arunachal-pradesh-cm-khandu-gets-a-big-blow-from-the/article-149260</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/arunachal-pradesh-cm-khandu-gets-a-big-blow-from-the/article-149260</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 14:28:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/pema-khandu.png"                         length="1433268"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तिहाड़ में चल रहा वसूली रैकेट : हाईकोर्ट ने दिए सीबीआई जांच के आदेश, 11 अगस्त से पहले मांगी जांच रिपोर्ट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल के अंदर चल रहे वसूली के रैकेट में जेल अधिकारियों जुड़े आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश दिया है]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/recovery-racket-in-tihar-demanded-cbi-inquiry-or-inquiry-report/article-112855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल के अंदर चल रहे वसूली के रैकेट में जेल अधिकारियों जुड़े आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वो इस बारे में विभागीय जांच कर इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करें। कोर्ट ने सीबीआई और दिल्ली के मुख्य सचिव को 11 अगस्त के पहले जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।</p>
<p><strong>जांच में विचलित करने वाले तथ्य</strong><br />सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सेंट्रल जेल नंबर 8 और सेमी ओपन जेल की जांच करने वाले जज की रिपोर्ट पर गौर किया और पाया कि जज की जांच के दौरान काफी विचलित करने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि तिहाड़ जेल की कार्यप्रणाली में किस तरह गड़बड़ी है जो आपराधिक गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। </p>
<p><strong>कार्यप्रणाली में आपराधिक गतिविधियां हावी </strong><br />कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में इस बात के संकेत हैं कि तिहाड़ की कार्यप्रणाली में आपराधिक गतिविधियां हावी हैं, ऐसे में इसकी विस्तृत जांच की जरुरत है। कोर्ट ने दिल्ली के जेल महानिदेशक को निर्देश दिया कि वो मुख्य सचिव की जांच में सहयोग करें।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/recovery-racket-in-tihar-demanded-cbi-inquiry-or-inquiry-report/article-112855</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/recovery-racket-in-tihar-demanded-cbi-inquiry-or-inquiry-report/article-112855</guid>
                <pubDate>Sat, 03 May 2025 14:24:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/news-%284%291.png"                         length="557899"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल के स्कूलों में अतिरिक्त पद सृजन के फैसले की सीबीआई जांच का आदेश रद्द, शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित अन्य पहलुओं पर जांच रहेगी जारी </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने यह आदेश पारित किया]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cbi-inquiry-into-the-decision-of-creating-additional-post-in/article-110118"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में अतिरिक्त पद सृजित करने के पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल के फैसले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को मंगलवार को रद्द कर दिया। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने यह आदेश पारित किया। पीठ ने आदेश पारित करते हुए कहा कि संविधान ने स्पष्ट रूप से न्यायालयों को मंत्रिमंडल के फैसलों और राष्ट्रपति/राज्यपाल को दी गई सलाह की जांच करने से रोक दिया है।</p>
<p>‘अतिरिक्त पद’ का तात्पर्य ऐसे अस्थाई पद से है जो किसी ऐसे कर्मचारी को समायोजित करने के लिए बनाया गया है जो नियमित पद के लिए पात्र है और जो (पद) वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। पीठ ने हालांकि अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित अन्य पहलुओं की कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित सीबीआई जांच की जारी रहेगी। शीर्ष अदालत ने राज्य द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) द्वारा की गई 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करने वाले उच्च न्यायालय के आदेश को 3 अप्रैल, 2025 को बरकरार रखा था। न्यायालय तब हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य और पूरी चयन प्रक्रिया को दूषित और दागदार करार दिया था।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने कहा था कि “हमारी राय में यह एक ऐसा मामला है जिसमें पूरी चयन प्रक्रिया को दूषित और दागदार कर दिया गया है जिसका समाधान नहीं किया जा सकता। बड़े पैमाने पर हेराफेरी और धोखाधड़ी और उसे सामान्य दिखाने के प्रयास ने चयन प्रक्रिया को इतना नुकसान पहुंचाया है कि उसे सुधारा नहीं जा सकता। इतना ही नहीं, उसे आंशिक रूप से भी सुधारा नहीं जा सकता। इस तरह चयन की विश्वसनीयता और वैधता समाप्त हो गई है।” </p>
<p>शीर्ष अदालत ने तब उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल, 2024 के फैसले को बरकरार रखा था, जिसने 'ग्रुप सी' और 'डी' में गैर-शिक्षण कर्मचारियों और 9वीं और 10वीं कक्षा के साथ-साथ कक्षा 11वीं और बारहवीं के लिए सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग द्वारा आयोजित पूरी चयन प्रक्रिया को खारिज कर दिया गया था।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/cbi-inquiry-into-the-decision-of-creating-additional-post-in/article-110118</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/cbi-inquiry-into-the-decision-of-creating-additional-post-in/article-110118</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 18:54:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/supreme-court--3.jpg"                         length="206029"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        