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                <title>ईंधन मूल्य वृद्धि पर प्रमोद तिवारी का केंद्र सरकार पर हमला, कहा-आम आदमी की जेब पर डाका, पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[सांसद प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डालना सरकार का फॉर्मूला बन गया है। कांग्रेस ने कच्चा तेल सस्ता होने पर भी राहत न देने और पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने की कड़ी निंदा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pramod-tiwaris-attack-on-the-central-government-on-fuel-price/article-153892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pramod-tiwari.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और उप नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार ने ईंधन के दाम बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा चुनाव खत्म होने के दौरान जनता पर महंगाई का बोझ डालने का काम करती है। यही उनका फॉर्मूला बन गया है।"</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं, तब सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं करती लेकिन जैसे ही कीमतों में बढ़ोतरी होती है, उसका सीधा बोझ आम आदमी पर डाल दिया जाता है। कांग्रेस सांसद ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, "सबसे महंगे दौर में भी पेट्रोल की कीमत 70 रुपये प्रति लीटर से ऊपर नहीं जाने दी गई, जबकि मौजूदा सरकार में कीमतें 100 रुपये के करीब पहुंच गईं।"</p>
<p>राज्यसभा सांसद केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब दाम कम हुए थे, तब जनता को राहत क्यों नहीं दी गई? सरकार सिर्फ अपने पूंजीपति मित्रों को मुनाफा पहुंचाने में लगी हुई है।" उन्होंने कहा कि ईंधन मूल्य वृद्धि से आम आदमी की जेब पर डाका डाला गया है और इसकी वह कठोर शब्दों में निंदा करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 13:25:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कमर्शियल गैस सिलेंडर हो सकते हैं सस्ते, गैस कंपनियां कीमत में कर सकती है कमी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपए तक की राहत मिल सकती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/commercial-gas-cylinders-can-be-cheap-gas-companies-can-reduce/article-121431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/commercial--cylinder.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपए तक की राहत मिल सकती है। जानकारी के अनुसार तेल और गैस कंपनियां के द्वारा इस माह के अंत में दरों की समीक्षा करेगी। इस दौरान सिलेंडरों की कीमत में कमी की जा सकती है।</p>
<p>वर्तमान में कमर्शियल गैस सिलेंडर 1693.50 रुपए का मिल रहा है। अगर कंपनी सिलेंडरों की कीमत कम करती है, तो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी आएगी। इससे आम लोगों को राहत मिल सकती है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 19:00:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब किसानों को मिलेगी फसल की ज्यादा कीमत, सरकार ने की धान सहित 14 फसलों की एमएसपी में बढ़ोत्तरी, सबसे अधिक वृद्धि नाइजर सिड्स में</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 में खरीफ की फसल के लिए धान, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंगफली और सूरजमुखी बीज सहित 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/now-farmers-will-get-higher-price-of-crop/article-115718"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer48.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 में खरीफ की फसल के लिए धान, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंगफली और सूरजमुखी बीज सहित 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। </p>
<p>बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि नाइजरसीड में 820 रु., रागी में 596 रु., कपास में 589 रु.और तिल में 579 रुपए प्रति क्विंटल की गई है। धान ‘सामान्य’ का एमएसपी का 2300 रुपए से बढ़ाकर 2369 रुपए और धान ‘ए’ का 2320 रुपए से 2389 रु. प्रति क्विंटल, ज्वार ‘संकर’ का  3371 रुपए से 3699 रुपए प्रति क्विंटल और ज्वार ‘मालदंडी’ का 3421 रुपए से 3749 रुपए प्रति क्विंटल, बाजरा का 2625 रुपए से 2775 रुपए, रागी का 4290 रुपए से 4886 रुपए और मक्का का 2225 रुपए से 2400 रुपए प्रति क्विंटल, अरहर का एमएसपी 7550 रुपए से बढ़ाकर 8000 रुपए प्रति क्विंटल, मूंग का 8682 रुपए से 8786 रुपए प्रति क्विंटल और उड़द का 7400 रुपए से 7800 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।  </p>
<p>इसके अलावा मूंगफली का एमएसपी 6783 रुपए से बढ़ाकर 7263 रुपए प्रति क्विंटल, सूरजमुखी के बीज का 7280 रुपए से 7721 रुपए प्रति क्विंटल, सोयाबीन-पीला का 4892 रुपए से 5328 रुपए प्रति क्विंटल, तिल का 9267 रुपए से 9846 रुपए प्रति क्विंटल, नाइजर सीड 8717 रुपए से 9537 रुपए प्रति क्विंटल और कपास-मध्यम का 7121 रुपए से 7710 रुपए और कपास - लंबा 7521 रुपए से 8110 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।</p>
<p><strong>2025-26 के लिए संशोधित ब्याज छूट योजना को जारी रखने को मंजूरी :</strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित ब्याज छूट योजना (एमआईएसएस) के तहत ब्याज छूट (आईएस) घटक को जारी रखने और आवश्यक निधि व्यवस्था को मंजूरी दे दी। एमआईएसएस एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसका उद्देश्य किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को सस्ती ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। कैबिनेट का फैसला किसानों की आय को दोगुना करने, ग्रामीण ऋण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और समय पर और सस्ती ऋण पहुंच के माध्यम से कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 12:27:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्पोर्टी हैच गोल्फ जीटीआई की कीमत 52.99 लाख रुपए तय</title>
                                    <description><![CDATA[‘फौक्सवैगन पैसेंजर्स कार्स इंडिया’ ने भारत में बहुप्रतीक्षित नवीनतम एमके 8.5 गोल्फ जीटीआई के आमंत्रण एक्स शोरूम कीमत 52.99 लाख रुपए तय करने की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sporty-hatch-golf-gti-priced-at-rs-5299-lakh/article-115473"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। यात्री वाहन बनाने वाली कंपनी ‘फौक्सवैगन पैसेंजर्स कार्स इंडिया’ ने भारत में बहुप्रतीक्षित नवीनतम एमके 8.5 गोल्फ जीटीआई के आमंत्रण एक्स शोरूम कीमत 52.99 लाख रुपए तय करने की घोषणा की। कंपनी ने बयान में कहा कि इस प्रतिष्ति हॉट हैच को ग्राहकों ने हाथों हाथ लिया है और लॉन्च होने से पहले ही बिक गई है।  </p>
<p><strong>एक विरासत का विस्तार है  :</strong></p>
<p>फौक्सवैगन इंडिया के ब्रांड निदेशक नितिन कोहली ने कहा कि गोल्फ जीटीआई को भारत में लाना सिर्फ एक उत्पाद लाँच से कहीं ज़्यादा है। यह एक विरासत का विस्तार है। भारतीय ग्राहक प्रदर्शन प्रेमी बन गए हैं जो विरासत, डिज़ाइन और तकनीक को भी महत्व देते हैं। जीटीआई फौक्सवैगन की भावना का प्रतिनिधित्व करने वाले एक शानदार पैकेज में नवाचार, ड्राइविंग आनंद, गतिशील प्रदर्शन और स्पोर्टीनेस लेकर आयी है।</p>
<p><strong>100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार :</strong> नई गोल्फ जीटीआई एम के 8.5 को शुद्ध ड्राइविंग आनंद के लिए डिजाइन किया गया है। 2.0 लीटर टीएसआई टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन से लैस जीटीआई 265 पीएस पावर देता है, जो 5.9 सेकंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 May 2025 10:54:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कमर्शियल गैस सिलेंडर 40-50 रुपए हुआ सस्ता, घरेलू गैस सिलेंडर मिलेगा 806.50 रुपए प्रति सिलेंडर </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में पेट्रोलियम और गैस कंपनियों के गैस सिलेंडरों के दामों में रिव्यू कर दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/commercial-gas-cylinder-cheaper-rs-40-50/article-109328"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/554.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में पेट्रोलियम और गैस कंपनियों के गैस सिलेंडरों के दामों में रिव्यू कर दिया है। घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में कमी करके आम उपभोक्ता को रहती है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 40-50 रुपए की कमी आई है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर 806.50 रुपए प्रति सिलेंडर मिलेगा। जयपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 1790 रुपए में मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 18:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंडी के दोगुने भाव में बिक रहे हैं : 1600 रुपए प्रति दर्जन है अल्फांसों हापुस आम, बादाम और सिंदुरी ने भी दी दस्तक</title>
                                    <description><![CDATA[गुलाबी नगरी में रत्नागिरी (महाराष्ट्र) का हापुस आम (अल्फांसों) आया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/1600-rupees-per-dozen-rupees-are-being-sold-in-the/article-108249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(4)27.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगरी में रत्नागिरी (महाराष्ट्र) का हापुस आम (अल्फांसों) आया। शहर की अभी सिर्फ कुछ चुनिंदा दुकानों पर हापुस की बिक्री हो रही है। पिछले साल से बीस फीसदी से अधिक महंगे हापुस को आमजन से दुर कर दिया है। अभी जयपुर में रिटेल भाव 1600 रुपए प्रति दर्जन है। हापुस के साथ सफेदा और सिंदुरी भी बिक रहा है। सफेदा 150-200 रुपए प्रति किलो और सिंदुरी 250-300 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।<br />आम की शुरुआत दक्षिण भारत से होती है। हैदराबाद, वारांगल, केरल से सफेदा और सिंदुरी आता है। इसके बाद रत्नागिरी महाराष्टÑ से हापुस आता है। इसके बाद गुजरात से लंगड़ा, केसर और दशहरी आता है। इसके बाद यूपी से चौसा, फजली, लंगड़ा, तोतापुरी, सरोली, दशहरी, नीलम, डांगा जैसी अनेक वैराइटी आती है।<br /><strong>-वसीम कुरैशी, रिटेलर संजू फ्रूट सेंटर</strong></p>
<p><strong>मुहाना मंडी में आवक शुरू :</strong></p>
<p>मंडी में रोजना बीस से पच्चीस टन आम आ रहा है। अभी हापुस, सफेदा और सिंदुरी आ रहा है। मुहाना मंडी में हापुस 1200-1500 रुपए प्रति तीन किलो की पेटी बिक रही है। केरल का सिंदुरी 200 रुपए और सफेदा(बादाम) 90-130 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।</p>
<p><strong>अप्रैल से आएगी बम्पर आवक :</strong></p>
<p>आम जन की पहुंच के लिए फलों का राजा आम अप्रैल की शुरुआत के साथ आवक बढ़ जाएगी। अप्रैल के मध्य तक बम्पर आवक शुरू हो जाएगी। मई और जून में लगातार बढ़ती आवक से दामों में मंदी आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:51:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब थाली में सजने लगी सब्जियां, भाव आए जमीन पर </title>
                                    <description><![CDATA[हरी सब्जियों के ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-the-prices-of-vegetables-in-the-plate-have-started/article-100167"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अब सब्जियों के भाव जमीन पर आ गए हैं। थोक में सब्जियां दो से दस रुपए प्रति किलो बिक रही है। मुहाना मंडी में गोभी, पत्ता गोभी, टमाटर और गाजर दो रुपए से दस रुपए प्रति किलो तक बिक रहे हैं। शादी ब्याह की मांग नहीं है। हरी सब्जियों के भी ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ मुहाना मंडी अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया कि आवक भरपूर बनी हुई है। जयपुर के आस पास से सब्जियों की आवक लगातार बढ़ रही है।</p>
<p><strong>मुहाना मंडी में सब्जियों के भाव :</strong></p>
<p>पत्ता गोभी : 2 से 5 रुपए प्रति किलो <br />गोभी : 2 से 5 रुपए प्रति किलो <br />गाजर : दो से दस रुपए प्रति किलो <br />टमाटर : 2 से 10 रुपए प्रति किलो <br />घीया : 5 से 10 रुपए प्रति किलो <br />पालक : 5 से 10 रुपए प्रति किलो <br />मूली : 10 रुपए प्रति किलो <br />बथुआ : 30 से 40 रुपए प्रति किलो <br />शिमला मिर्च : 20 रुपए प्रति किलो <br />खीरा : 20 से 30 रुपए प्रति किलो <br />हरे प्याज : 20 रुपए प्रति किलो <br />आलू : 20 रुपए प्रति किलो <br />प्याज : 20 रुपए प्रति किलो <br />नींबू 50 से 70 रुपए प्रति किलो <br />बैंगन 30 रुपए प्रति किलो <br />कद्दू 30 रुपए प्रति किलो <br />हरा धनिया : 30 रुपए प्रति किलो <br />कच्ची हल्दी : 40 से 50 रुपए प्रति किलो <br />लाल मिर्च : 60 रुपए प्रति किलो <br />चुकंदर : 40 रुपए प्रति किलो <br />अदरक : 50 से 140 रुपए प्रति किलो <br />मटर : 30 से 50 रुपए प्रति किलो</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 15:12:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोना 400 रुपए महंगा, चांदी 400 रुपए सस्ती</title>
                                    <description><![CDATA[हाजिर बाजार में खरीदारी की रफ्तार धीमी चल रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gold-costlier-by-rs-400-silver-cheaper-by-rs-400/article-77627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/gold_silver_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लगातार तेजी पर सवार सोना चार सौ रुपए बढ़कर 74,900 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। जयपुर सर्राफा बाजार में जेवराती सोना चार सौ रुपए तेज होकर 70,900 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। इसके विपरीत चांदी चार सौ रुपए कम होकर 86,100 रुपए प्रति किलो रही। हाजिर बाजार में खरीदारी की रफ्तार धीमी चल रही है। </p>
<p><strong>जयपुर सर्राफा बाजार के अनुमानित भाव</strong> <br />चांदी 86,100<br />शुद्ध सोना 74,900<br />जेवराती सोना 70,300<br />18 कैरेट 60,100<br />14 कैरेट 49,100</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 May 2024 18:04:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लाल टमाटर : दाम की धीमी होने लगी आंच</title>
                                    <description><![CDATA[टमाटरों की बढ़ी कीमतों ने आम आदमी के बजट को हिलाकर रख दिया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/red-tomato--the-price-started-slowing-down/article-53965"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/laal-tamatar---dam-ki-dhimi-hone-lgi-aanch...kota-news-07-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पूरे देश में टमाटर को लेकर मचा हाहाकार अब थमने लगा है। रसोई में स्वाद के राजा टमाटर के दाम में कमी आने लगी है। कोटा शहर की प्रमुख मंडी में शनिवार को महाराष्टÑ से टमाटर की आवक अधिक होने से थोक में 100 रुपए किलो बिका। पिछले 24 घंटे में ही टमाटर के दाम 200 रुपए से टूटकर 100 रुपए किलो पर आ गए। अधिक आवक से खुदरा में भी टमाटर 120 से 130 रुपए किलो के बीच बेचा गया। एक-दो दिन में टमाटर के दामों में और कमी आएगी। कोटा शहर में पिछले कुछ दिनों से टमाटर की कीमतें आसमान छू रही थी। टमाटरों की बढ़ी कीमतों ने आम आदमी के बजट को हिलाकर रख दिया था। तमाम जगहों पर भारी बारिश के कारण सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके कारण टमाटर ही नहीं, बल्कि कई अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई थी। कोटा शहर में एक माह से टमाटर 160 रुपए  प्रति किलो में बिक रहा था। इसके बाद अचानक से इसके दाम में तेजी आई और कोटा शहर की प्रमुख मंडी में कुछ दिनों पहले टमाटर का दाम 200 रुपए किलो हो गया था। ऐसे में सब्जी मंडियों में टमाटर की बिक्री भी काफी कम हो गई थी।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />200 रुपए किलो पहले टमाटर का दाम<br />100 रुपए किलो अब टमाटर का दाम <br />600 से 700 कैरेट पहले माल की आवक<br />2000 कैरेट अब माल की आवक<br />80 रुपए किलो में सरकार ने बेचे </p>
<p><strong>अधिक आवक से टूटे दाम</strong><br />कोटा थोक फलसब्जी मंडी के व्यापारियों ने बताया कि महाराष्टÑ व हिमाचल  प्रदेश में असमय बारिश से टमाटर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। इस कारण पूरे देश में टमाटर की किल्लत हो गई थी। सभी जगह पर केवल बेंगलुरु से ही टमाटर की आपूर्ति हो रही थी। दूरदराज के कारण किराया ज्यादा लगने से इसके भाव में लगातार इजाफा हो रहा था। अब महाराष्टÑ में फसल तैयार होते ही टमाटर की बिक्री होने लगी है। ऐसे में कोटा मंडी में माल की आवक बढ़ते ही दाम में काफी गिरावट आ गई। इससे लोगों को अब काफी राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>तब सस्ता टमाटर लेने उमड़े थे ग्राहक</strong><br />टमाटर के दाम में भारी उछाल के चलते भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ( एनसीसीएफ) ने देश के विभिन्न राज्यों में सस्ती दर टमाटर की बिक्री शुरू की थी। राजस्थान में जयपुर और कोटा में वाहनों से माध्यम से टमाटर भेजे गए थे। कोटा शहर में भी गत 16 जुलाई से विभिन्न स्थानों पर वाहन खड़े कर 80 रुपए प्रति किलो में टमाटर बेचे गए थे। उस समय टमाटर का बाजार भाव 160 रुपए प्रति किलो था। ऐसे में सस्ती दर पर टमाटर बिकने की जानकारी मिलते ही ग्राहक लेने के लिए दौड़ पड़े थे। पहले दिन ग्राहकों ने कतारों में खड़े होकर टमाटर खरीदे थे। शहर में लगभग पांच दिन तक वाहनों के माध्यम से टमाटर बेचे गए थे। इसके बाद अचानक से इसकी बिक्री बंद कर दी गई थी।</p>
<p><strong>दो हजार कैरेट माल आया</strong><br />स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि टमाटर उत्पादक राज्यों में फसल खराब होने और खरीदारी कम रहने के कारण पिछले कुछ दिनों से टमाटर की आवक काफी कम हो रही थी। धानमंडी स्थित थोक फलसब्जी मंडी में केवल 600 से 700 कैरेट माल प्रतिदिन आ रहा था। महाराष्टÑ में फसल तैयार होते ही व्यापारियों ने काफी मात्रा में माल का आर्डर कर दिया था। इस कारण शनिवार को 2000 कैरेट माल आते ही टमाटर के दाम 50 प्रतिशत से टूट गए। शुक्रवार को 200 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर शनिवार को 100 रुपए किलो में बिका। वहीं खुदरा में भी टमाटर 120 से 130 रुपए के किलो के बीच बेचा गया।</p>
<p>टमाटर बाजार से गायब सा हो गया था। कुछ स्थानों पर टमाटर मिल रहा था लेकिन उसे ग्राहक नहीं खरीद रहे थे। सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसका  इस्तेमाल करते हैं। अब दाम घटने से काफी राहत मिलेगी। पहले दाम अधिक होने से घरेलू बजट गड़बड़ा रहा था। <br /><strong>- प्रियंका कुमारी, गृहिणी</strong></p>
<p>पहले केवल बैंगलुरु से टमाटर के कैरेट आ रहे थे। जिससे दाम में तेजी बनी हुई थी। अब महाराष्टÑ में फसल तैयार होने के बाद माल बिकने लगा है। जिससे शनिवार को मंडी में 2 हजार कैरेट माल आया। इससे दाम में कमी आ गई है। एक-दो दिन में दाम 80 से 90 रुपए किलो पर आ जाएंगे।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, महासचिव आदर्श कोटा थोक फू्रट एण्ड वेजीटेबल मर्चेंट यूनियन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2023 16:33:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>थोक में सस्ता, खुदरा में महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में रेट कम होने के बावजूद खुदरा व्यापारी  पुराना स्टॉक  बताकर महंगे दाम में माल बेचते है। जिससे आम आदमी को तेजी और मंदी का कोई फायदा नहीं मिलता है। पिछले साल की तुलना में खाद्य तेल महंगा ही है।  इससे गरीब और आम लोगों को आर्थिक झटका सहन करना पड़ रहा है।  कोटा में थोक से लेकर खुदरा तेल व्यापारी लोगों से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cheap-in-bulk--expensive-in-retail/article-39726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/thok-mei-sasta-khudra-mei-mehenga...kota-news..13.3.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मंडी में सरसों की आवक अच्छी होने के बावजूद अभी तक खाद्य तेलों के दाम में विशेष अंतर नहीं आया है। हालांकि पिछले माह की अपेक्षा इस माह सोयाबीन के टीन में 100 रुपए की कमी आई लेकिन आम आदमी को खुदरा में अभी महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। केंद्र सरकार ने पाम आयल के आयात से रोक हटाने के बावजूद दाम में खास अंतर नहीं आ रहा है। पिछले साल जहां सरसों 6 हजार रुपए क्विंटल बिकी वहीं इस बार सरसों 4500 रुपए क्विंटल बिक रही उसके बावजूद सरसों के तेल के दाम कम नहीं हो रहे है। खुदरा और होलसेल में तेल के दाम में पांच से दस रुपए का अंतर आ रहा है। इधर वादा कारोबार में भी तेलों के दामों में कमी आई लेकिन तेल व्यापारी आयात कम होने की दलीद लेकर दामों में मॉनोपोली बना रहे हैं। होलसेल में प्रतिदिन तेल के दाम कम ज्यादा होते रहते हैं। खुदरा में बाजार में दाम  स्थिर ही रहते हैं। बाजार में रेट कम होने के बावजूद खुदरा व्यापारी  पुराना स्टॉक  बताकर महंगे दाम में माल बेचते है। जिससे आम आदमी को तेजी और मंदी का कोई फायदा नहीं मिलता है। पिछले साल की तुलना में खाद्य तेल महंगा ही है।  इससे गरीब और आम लोगों को आर्थिक झटका सहन करना पड़ रहा है।  कोटा में थोक से लेकर खुदरा तेल व्यापारी लोगों से अधिक कीमत वसूल रहे हैं।  होली के बाद तेल का उठाव भी कमजोर पड़ा है।  दीपावली 2020 में सोयाबीन तेल का रेट 94 रुपए प्रति किलो था।  जो 2022 में  170 रुपए किलो पहुंच गया है। व्यापारियों की दलील है पहले   देश में तेल के आयात पर रोक होने से ऊंचे दाम थे अब सरकार ने आयात से रोक हटाई है अब एक दो माह में दाम कम होंगे। मूंगफली तेल अभी 195 रुपए किलो ही बिक रहा है।  कोटा में सभी प्रकार के खाद्य तेलों में से सर्वाधिक यानी 70 फीसदी बिक्री सोयाबीन तेल की होती है। फरवरी में 162 से 165 रुपए प्रति किलो के रेट पर बिक रहा था। पाम आयल आयात  शुरू होने के बाद 15 रुपए किलो की गिरावट आई है।  मार्च में 150 रुपए किलो बिक रहा है।  </p>
<p><strong>खाद्य तेल के होलसेल भाव</strong><br />सोया रिफाइंड फॉर्च्यून 2070, चंबल 2040, सदा बहार 1890, एलेक्सा 1790 दीप ज्योति1890, सरसों स्वास्तिक 2060,  तेल अलसी 2360 रुपए प्रति टीन। मूंगफली ट्रक 3190, स्वास्तिक निवाई 2830, कोटा स्वास्तिक 2790, सोना सिक्का 3080 प्रति टीन। </p>
<p><strong>तेलों के दाम होलसेल और खुदरा में </strong><br />तेल    होलसेल    खुदरा <br />मूंगफली ट्रक    212    220<br />स्वातिक कोटा    189    195<br />सोना सिक्का    205    210    <br />सोयाबीन फॉर्चुन    138    155<br />चंबल    136    150<br />सदाबहार    125    135<br />एलेक्सा    119    130<br />दीपज्योति                126    135<br />सरसों स्वास्तिक    137    155<br />अलसी तेल    158    175<br />सरसों स्वास्तिक           138    145   <br />[रुपए प्रति टिन]</p>
<p> <strong>उछाल का यह है कारण</strong><br />रूस व यूक्रेन दोनों सूरजमुखी उत्पादक देश हैं। यहां से सूरजमुखी का तेल आयात होता है, लेकिन युद्ध के कारण तेल का आयात नहीं हो पा रहा है जिसके चलते सरसों के तेल की डिमांड बढ़ी है। पिछले एक पखवाडेÞ में खाद्य तेलों के दामों में 100 रुपए टीन तक कमी आई है।  हाड़ौती के कई जिलों में सरसों की खेती बड़े स्तर पर होती है। इस बार बंपर उत्पादन हुआ है । अभी बाजार में नई सरसों आना शुरू हुई लेकिन दाम महंगे है। तेलों के लगातार दाम बढ़ने का दूसरा कारण यह है कि कोरोना के चलते दो साल से मलेशिया, इंडोनेशिय, वियतनाम, फिलिपिंस से पाम आयल का आयात नहीं हुआ है। सरकार ने अब आयात से रोक हटाई है। इसका असर आने में एक दो माह लगेंगे। <br /><strong>-दीपक दलाल, तेल कारोबारी  </strong></p>
<p><strong>दाम कम आने में चार साल का लगेगा समय</strong><br />सरकार ने तिलहन के मामले में आत्मनिर्भर होने की दिशा में पहल की है, लेकिन इसके लिए चार साल का वक्त लगेगा।  हालांकि केंद्र सरकार ने तेलों के दाम कम करने के लिए पाम आयल के आयात से रोक हटाने के बाद दामों में कमी आने की संभावनाए बनी है। पिछले डेढ़ साल से सरसों तेल, रिफाइंड आॅयल  और अन्य एडिबल आॅयल की कीमतों में काफी अधिक तेजी देखने को मिली है।  रूस-यूक्रेन की लड़ाई आगे बढ़ने के साथ ही भारत में क्रूड एडिबल आॅयल की सप्लाई पर असर पड़ा है। भारत अपनी खाद्य तेल की 70 फीसदी जरूरत इम्पोर्ट के जरिए पूरी करता है। ऐसे में तेलों के दामों लगातार इजाफा हो रहा है। अभी लोकल माल आने से दाम में कुछ कमी आई है लेकिन यह अस्थाई है। <br /><strong>-आकाश गर्ग, तेल व्यापारी </strong><br /><strong> </strong><br /><strong>तेल में लगी आग से पकवान पर ब्रेक</strong><br />तीज त्यौहारों का सीजन शुरू हो गया है लेकिन महंगाई है कि कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। राशन में लगातार बढ़ोतरी से रसोई का बजट बिगड़ा हुआ है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने से किचन का बजट और बिगड़ गया। हर चीज महंगी हो गई है। उस पर  खाद्य तेलों के दामों में आग लगी हुई है। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो रहा है।  सोयाबीन तेल में रोज हो रही बढ़ोत्तरी घर का बजट पूरा बिगड़ गया है। सोयाबीन 80 रुपए से बढ़कर 150 रुपए किलो पहुंच गया है।  नौकरी पेशा लोगों के वेतन में वृद्धि हो नहीं रही, महंगाई बेलगाम हो रही है। तीज त्यौहारों में मिठाईयां और पकवान ज्यादा बनते है और तेल के दाम बढ़े होने से इस बार पकवानों में कमी करनी पड़ रही है। बाजार में मिठाइयां नमकीन सब महंगे हो गए है। <br /><strong>-जया शर्मा, गृहिणी, आकाशवाणी कॉलोनी </strong></p>
<p><strong>मंडी में बंपर आवक फिर भी दाम नहीं हो रहे कम</strong><br />होल सेल में सरसों तेल 138 रुपए किलो में बिक रहा है लेकिन खुदरा में अभी सरसों तेल 165 रुपए किलो ही चल रहा है। वहीं मूंगफली तेल होलसेल में 188 रुपए किलो बिक रहा है वहीं खुदरा में 192 से 195 रुपए किलो बिक रहा है। सोयाबीन तेल होलसेल में 138 रुपए किलो है वहीं रिटेल में 150 रुपए किलो बिक रहा है। होलसेल और खुदरा दाम में 10 से 15 रुपए का अंतर चल रहा है। घर का पूरा बजट बिगड़ा हुआ है। मार्च में तेल सस्ता हो जाता है लेकिन इस बार दाम नीचे नहीं आए है। रसोई में समझो आग लगी है। घर परिवार का पूरा बजट प्रभावित हो रहा है। आम आदमी के लिए इतनी महंगाई ठीक नहीं। पता नहीं आने वाले दिनों में क्या होगा। दाल रोटी भी मिलेगी अथवा नहीं।<br /><strong>-सुनीता मीणा, गृहिणी, निवासी बालिता</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Mar 2023 16:00:26 +0530</pubDate>
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                <title>अब निवेश का बदला ट्रेंड चांदी की बढ़ रही चमक</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में सोने की तुलना में चांदी में ज्यादा निवेश किया जा रहा है। ऐसे में मांग बढ़ने के कारण चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं सोने के दामों में मामूली इजाफा हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-the-trend-of-investment-has-changed-and-the-luster-of-silver-is-increasing/article-30724"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/ab-nivesh-ka-badla-trend-chandi-ki-badh-rahi-chamak..kota-news..25.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बीते सालों में नोटबंदी और कोरोना काल के बाद निवेश का तौर तरीका बदलता जा रहा है। मुद्रा और शेयर बाजार में अनिश्चितता के कारण सोने-चांदी में निवेशकर्ताओं की तादाद में तेजी आई है। इन दिनों शादियों की धूम और मांग के चलते चांदी के दाम सोने की तुलना में ज्यादा बढ़ रहे हैं। इस कारण चांदी में  निवेशकर्ता ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि मांग के चलते चांदी के दाम 61 हजार को पार कर गए हैं। 24 घंटे में ही गुरुवार को चांदी के दाम में छह सौ रुपए का उछाल आया।सर्राफा व्यापारियों के अनुसार बाजार में कीमती धातुओं के तौर पर सोना-चांदी के प्रति लोगों में जबरदस्त आकर्षण बढ़ा है। पिछले साल की तुलना में सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी इसमें ज्यादा निवेश करने लगे हैं। वर्तमान में सोने की तुलना में चांदी में ज्यादा निवेश किया जा रहा है। ऐसे में मांग बढ़ने के कारण चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं सोने के दामों में मामूली इजाफा हो रहा है। </p>
<p><strong>इस समय चांदी में निवेश लाभकारी</strong><br />निवेश विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ माह से सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। वर्तमान में सोने की बजाय चांदी में निवेश करना लोगों के लिए फायदे का सौदा बन रहा है। क्योकि सोने की बजाय चांदी के दाम ज्यादा तेज गति से बढ़ रहे हैँ। इस कारण निवेशकर्ताओं को चांदी में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा मिल रहा है। आमतौर पर संतान की शादी के लिए ज्वैलरी में निवेश होता है लेकिन कई बार संतान के शादी लायक होने तक डिजाइन में बदलाव आ जाता है। ऐसे में चांदी की डली में निवेश करना ज्यादा लाभकारी माना जा रहा है। </p>
<p><strong>ये भी हैं निवेश के कारण</strong><br />चांदी की आधी डिमांड औद्योगिक क्षेत्र से रहती है। इसका इस्तेमाल स्मार्टफोन, टैबलेट, सोलर पैनल से लेकर इलेक्ट्रिक गाडिय़ों तक में होता है। शेयर बाजार में निवेश दस्तावेजी होता है। सरकारी पॉलिसी के आधार पर मार्केट में उतार-चढ़ाव आता है। सरकारी घोषणा के आधार पर लाभ-हानि होते है। अन्य सभी तरह के निवेश में घाटे की आशंका जताई जा सकती है, लेकिन चांदी में निवेश को निकट भविष्य में नुकसान की आशंका नहीं है। आमतौर पर बैंक से मिलने वाले ब्याज और अन्य तरह के निवेश की तुलना में सोने-चांदी की खरीद-फरोख्त पर ज्यादा मुनाफा मिलता रहा है। पुराने सोने-चांदी की बिक्री करने पर भी बेहतर रिटर्न मिलता है, जिससे भविष्य की जरूरतों के मुताबिक खरीद-बिक्री करने पर ज्यादा नुकसान नहीं होता।</p>
<p><strong>इस साल ऐसे रहे चांदी के भाव</strong><br /><strong>चांदी टंच प्रति किलोग्राम</strong><br />22 जनवरी    62980<br />22 फरवरी    64550<br />22 मार्च    67350<br />22 अप्रेल    69780<br />22 मई     63370<br />22 जून     62660<br />22 जुलाई    57230<br />22 अगस्त    58750<br />22 सितम्बर    58000<br />22 अक्टूबर    58600<br />22 नवम्बर    60500</p>
<p>पिछले कुछ माह से सोने-चांदी में निवेशकर्ताओं की मात्रा बढ़ी है, लेकिन वर्तमान में चांदी ज्यादा मुनाफा कमा कर दे रही है। अब शादियों में भी चांदियों की ज्वैलरी का चलन ज्यादा होने लगा है। इस कारण चांदी के दाम सोने की तुलना में ज्यादा बढ़ रहे हैं। <br /><strong>-संजय गोयल, सर्राफा व्यापारी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Nov 2022 15:32:28 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारी उदासीनता की चक्की में पिस रहा अन्नदाता</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार ने समर्थन मूल्य तो घोषित कर दिया है, लेकिन खरीद केन्द्र शुरू नहीं होने के कारण किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिले में इस बार करीब एक हजार हैक्टेयर में मूंग की फसल की गई है। अच्छी बारिश के कारण मूंग का उत्पादन व गुणवत्ता अच्छी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/annadata-is-being-crushed-in-the-mill-of-government-apathy/article-26309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/sarkari-udaasenta-ki-chakki-mei-pis-raha-annadata..kota-news-12.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। भामाशाहमंडी में मूंग की फसल एक अक्टूबर से आनी शुरू हो चुकी है। मंडी में दाम कम मिलने से किसानों को नुकसान हो रहा है। समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने के कारण मूंग को कम दाम में बेचना पड़ रहा है। सरकारी खरीद में विलंब होने के कारण किसान बाजार में मूंग की बिक्री कर रहे हैं जिससे उन्हें 2000 से 2500 रुपए प्रति क्विंटल तक आर्थिक नुकसान हो रहा है। इन दिनों में भामाशाहमंडी में मूंग का भाव 5000 से 6300 रुपए प्रति क्विंटल तक चल रहा है जबकि सरकार ने इस बार मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7755 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया है। सरकार ने समर्थन मूल्य तो घोषित कर दिया है, लेकिन खरीद केन्द्र शुरू नहीं होने के कारण किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिले में इस बार करीब एक हजार हैक्टेयर में मूंग की फसल की गई है। अच्छी बारिश के कारण मूंग का उत्पादन व गुणवत्ता अच्छी है।</p>
<p><strong>सरकार ने बढ़ाया समर्थन मूल्य</strong><br />केन्द्र सरकार ने इस बार मूंग का समर्थन मूल्य में 480 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा कर 7775 रुपए प्रति क्विंटल किया है। पिछले वर्ष मूंग का समर्थन मूल्य 7275 रुपए प्रति क्विंटल था। किसानों का कहना है कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य काफी समय पहले घोषित कर दिया था। इसके बावजूद अभी तक खरीद के लिए केन्द्र ही नहीं बनाए हैं। इस कारण किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p><strong>भामाशाहमंडी में आ रही डेढ़ सौ बोरी</strong><br />जिले में सोयाबीन की फसल का उत्पादन अधिक होता है। इसके बावजूद कई किसान अच्छे भाव मिलने के कारण उड़द के साथ मूंग की फसल भी करते हैं। इस बार मूंग का उत्पादन अच्छा होने के कारण भामाशाहमंडी में एक अक्टूबर से मूंग की आवक होने लग गई थी। मंडी के प्रमुख व्यापारी महेश खंडेलवाल ने बताया कि वर्तमान में मूंग की 150 बोरी की आवक हो रही है। यहां पर इसके दाम 5000 से 6300 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बोले जा रहे हैं। फसल की गुणवत्ता के हिसाब से दाम कम-ज्यादा होते रहते हैं। अभी तक यहां पर खरीद केन्द्र शुरू नहीं किया गया है। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />    मूंग की प्रति क्विंटल एमएसपी-7755 रुपए<br />    मूंग का बाजार भाव-5000 से 6300 रुपए<br />    मूंग की बुवाई-एक हजार हैक्टेयर<br />    मूंग की भामाशााहमंडी में आवक-150 क्विंटल</p>
<p><br /><strong>इनका कहना है...</strong><br />जिले में मूंग की फसल कम ही किसान करते हैं। इस बार उसने दस बीघा में मूंग की फसल की है। गुणवत्ता भी अच्छी है, लेकिन अभी तक यहां पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं हो पाई है। दीपावली का त्योहार आने वाला है। इसलिए वह अपनी फसल को अच्छे दाम में बेचना चाहता है, लेकिन मंडी में कम ही दाम मिल रहे हैं। वह भी खरीद केन्द्र शुरू होने का इंतजार कर रहा है।<br /><strong>-लक्ष्मीचंद धाकड़, किसान अयानी </strong></p>
<p> मूंग फसल का उत्पादन व गुणवत्ता अच्छी है। मूंग की सरकारी खरीद के लिए शीघ्र ही केंद्र बनाए जाएंगे। इसके लिए किसान को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। <br /><strong>-रणवीर कुमार, कार्यालय प्रभारी राजफैडे</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 12 Oct 2022 14:44:48 +0530</pubDate>
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