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                <title>सीएम योगी के सिंगापुर दौरे का पहला दिन सफल: 6,650 करोड़ रुपये के तीन एमओयू किए हस्ताक्षर, रोजगार के अवसर होंगे सृजित </title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश को 6,650 करोड़ रुपये का निवेश मिला। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ हुए तीन समझौतों से टाउनशिप, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर क्षेत्रों में 20,000 रोजगार सृजित होंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/first-day-of-cm-yogis-singapore-tour-successful-three-mous/article-144299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/cm-yogi-singapur-visit.png" alt=""></a><br /><p>सिंगापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन प्रदेश को बड़ी निवेश उपलब्धि हासिल हुई है। सिंगापुर स्थित युनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपये के तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। अधियाकारियों के अनुसार ये निवेश ग्रुप हाउंंसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं।</p>
<p>सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से 20 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य सरकार की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे की जानकारी दी तथा हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया।</p>
<p>पहले एमओयू के तहत यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निकट 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 12,000 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। परियोजना को वर्ष 2027 में शुरू करने की योजना है।</p>
<p>दूसरे समझौते के अंतर्गत कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। 650 करोड़ रुपये के निवेश से प्रस्तावित इस परियोजना से करीब 7,500 रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसे भी वर्ष 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>तीसरे एमओयू के तहत नोएडा/ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। 2,500 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से लगभग 1,500 रोजगार सृजित होंगे। इसे वर्ष 2028 में शुरू किए जाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब तथा औद्योगिक निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।</p>
<p>सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये समझौते प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, शहरी विकास को नई दिशा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 18:18:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी 14 फरवरी को देंगे पूर्वोत्तर को पहले राजमार्ग आधारित रनवे की सौगात: राफेल, सुखोई और तेजस जेट समेत भारतीय वायुसेना के 16 लड़ाकू विमान उतरेंगे और भरेंगे उड़ान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम में एईएलएफ रनवे, ब्रह्मपुत्र पुल, आईआईएम परिसर व हाइपरस्केल डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। 100 ईवी-सीएनजी बसें भी समर्पित करेंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-will-gift-the-first-highway-based-runway-to-the/article-142755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शनिवार को असम में कई अवसंचना परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए एक दिन के दौर पर  आने का अनुमान है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ के चबुआ हवाई अड्डा पर पहुंचेंगे और उन्नत आपातकालीन लैंडिंग रनवे (एईएलएफ) का उद्घाटन करने के लिए मोरन जाएंगे। यह पूर्वोत्तर में पहला राजमार्ग आधारित एईएलएफ है। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (एनएच-2) के 4.2 किलोमीटर हिस्से पर बनी यह सुविधा एक रणनीतिक उपयोग के लिए दोहरे बुनियादी ढांचे के तौर पर काम करेगी। इसे लड़ाई या आपदा के दौरान विमानों की लैंङ्क्षडग के लिए तैयार किया गया है, जिससे चीन सीमा के पास सुरक्षा बढ़ती है। </p>
<p>सीएम सरमा ने कहा कि उद्घाटन के बाद मोरन केंद्र से राफेल, सुखोई और तेजस जेट समेत भारतीय वायुसेना के 16 लड़ाकू विमान उतरेंगे और उड़ान भरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद पीएम मोदी मोरन से गुवाहाटी के लिए उड़ान भरेंगे। उन्होंने कहा, गुवाहाटी में, प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच बने पुल का उद्घाटन करेंगे, जो वास्तुकला का एक बेजोड़ उदाहरण है। वह गुवाहाटी के लाचित घाट से भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) गुवाहाटी के अस्थायी परिसर का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उसी दिन गुवाहाटी के अमिंमगाँव में बने एक हाइपर स्केल डेटा सेंटर का भी उद्घाटन करेंगे और असम के लोगों को लगभग 100 ईवी और सीएनजी बसें समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा, इस उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री बीजे बूथ संमिलानी को संबोधित करने के लिए खानापारा के वेटनरी फील्ड ग्राउंड जाएंगे, जहाँ बीजे के लाखों बूथ स्तरीय के सदस्य पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी उसी शाम नयी दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:21:30 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>भारत के टेक फ्यूचर की झलक ‘2NM चिप’: भारत पहली बार टेक्नोलॉजी के डिजाइन मैप पर मजबूती से उभरा, अश्विनी वैष्णव की उंगलियों के बीच दिखी 2ल्ले चिप  </title>
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                        <![CDATA[केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2एनएम चिप दिखाई। क्वालकॉम द्वारा भारत में डिजाइन यह उपलब्धि देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/glimpse-of-indias-tech-future-2nm-chip-india-emerged-strongly/article-142394"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)7.png" alt=""></a><br /><div>नई दिल्ली। हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की एक तस्वीर ने भारत के तकनीकी क्षेत्र में एक नई दिशा को चिह्नित किया है, जिसमें उनकी दो उंगलियों के बीच एक छोटी सी 2 नैनोमीटर चिप को देखा जा सकता है। यह चिप भारत के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी मील का पत्थर साबित हो सकती है, खासकर तब जब इसे दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निमार्ता कंपनियों में से एक, क्वालकॉम द्वारा बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित अपने इंजीनियरिंग केंद्रों में डिजाइन किया गया है। इस चिप के डिजाइन का सफल टेप-आउट (अंतिम डिजाइन चरण) हाल ही में घोषित किया गया है, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।</div>
<div> </div>
<div><strong>2एनएम चिप क्या है और क्यों है खास?</strong></div>
<div> </div>
<div>2एनएम चिप को नेक्स्ट-जेनरेशन सेमीकंडक्टर तकनीकी के रूप में जाना जा रहा है। यह चिप ट्रांजिस्टर डेंसिटी (ट्रांजिस्टर की संख्या) के मामले में अत्यधिक प्रभावी हैं, जिससे अधिक डेटा प्रोसेसिंग और कम ऊर्जा खपत संभव होती है। विशेष रूप से, यह चिप्स मौजूदा 5एनएम और 3एनएम चिप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। आधिकारिक तौर पर दावा किया जा रहा है कि 2एनएम चिप का उपयोग होने के बाद ऊर्जा खपत में 45% तक की कमी आएगी। यह चिप न केवल स्मार्टफोन्स, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (अक), इंटरनेट ऑफ थिंग्स और अन्य स्मार्ट गैजेट्स में भी इस्तेमाल हो सकती हैं। </div>
<div> </div>
<div><strong>भारत के लिए यह सफलता क्यों महत्वपूर्ण है?</strong></div>
<div> </div>
<div>क्वालकॉम द्वारा 2एनएम चिप का विकास भारत में करना एक बहुत बड़ा कदम है। भारत, जो पहले से ही वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर अग्रसर है, अब सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग में भी खुद को स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है। क्वालकॉम के अनुसार, भारत में स्थित बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई उनके लिए अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा इंजीनियरिंग टैलेंट पूल है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का मानना है कि यह भारत के डिजाइन इकोसिस्टम की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।</div>
<div> </div>
<div><strong>इस चिप का प्रभाव</strong></div>
<div> </div>
<div>आने वाले समय में 2एनएम चिप का प्रभाव सिर्फ स्मार्टफोन्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनका उपयोग कई अन्य क्षेत्रों में भी होगा:</div>
<div>स्मार्टफोन्स: आगामी प्रीमियम स्मार्टफोन्स में इन चिप का उपयोग किया जाएगा।</div>
<div>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (अक): एआई ऐप्लिकेशंस के लिए यह चिप बहुत कारगर साबित हो सकती हैं, क्योंकि वे बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग में मदद करती हैं।</div>
<div>इंटरनेट ऑफ थिंग्स : स्मार्ट होम डिवाइस, स्मार्ट वियरेबल्स और अन्य उपकरणों में भी इन चिप का प्रभावी उपयोग होगा।</div>
<div>ऑटोमोटिव इंडस्ट्री: स्वचालित वाहन और कनेक्टेड कारों में भी इन चिप का इस्तेमाल हो सकता है, जो इन तकनीकों को और अधिक सक्षम बनाएगा।</div>
<div>डेटा सेंटर: 2एनएम चिप की ऊर्जा दक्षता और प्रोसेसिंग स्पीड डेटा सेंटर   ऑपरेशंस को अधिक प्रभावी बनाएगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>भारत की तकनीकी क्रांति</strong></div>
<div> </div>
<div>भारत का सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग क्षेत्र एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। क्वालकॉम जैसी कंपनियों के बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में स्थापित इंजीनियरिंग केंद्रों में इस तकनीक का विकास भारत के बढ़ते तकनीकी सामर्थ्य का प्रतीक है। भारत के पास अब विश्व स्तरीय डिजाइनिंग टैलेंट, उच्च गुणवत्ता वाली इंजीनियरिंग टीम और विशाल मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जो उसे वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में प्रमुख खिलाड़ी बना सकता है। अगर भारत इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करता है, तो वह न केवल अमेरिका और चीन के समकक्ष खड़ा हो सकता है, बल्कि सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभर सकता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>2एनएम चिप अब तक कहाँ बन रही हैं?</strong></div>
<div> </div>
<div>2 नैनोमीटर चिप एक नई तकनीक हैं, जो सेमीकंडक्टर उद्योग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं। अभी तक इस तकनीक पर काम कर रही कुछ प्रमुख कंपनियां और उनकी फैक्ट्रियां हैं, जहां यह चिप्स विकसित या निर्माण की प्रक्रिया में हैं।</div>
<div> </div>
<div>दुनिया की नंबर-1 चिप मैन्युफैक्चरर</div>
<div>लोकेशन: ताइवान</div>
<div>स्टेटस: सबसे आगे</div>
<div>उत्पादन: 2025 से</div>
<div>क्लाइंट्स लाइन में माना जा रहा है कि 18 के प्रोसेसर यहीं बनेंगे</div>
<div> </div>
<div><strong>दक्षिण कोरिया</strong></div>
<div> </div>
<div>टेक्नोलॉजी पर फोकस</div>
<div>लोकेशन: साउथ कोरिया</div>
<div>उत्पादन लक्ष्य: 2025</div>
<div> </div>
<div><strong>अमेरिका और यूरोप</strong></div>
<div> </div>
<div>अपनी 2एनएम तकनीक को 20ए / 18ए नाम से पेश कर रहा है</div>
<div> </div>
<div>लोकेशन: अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड</div>
<div>फोकस: हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, सर्वर और अक</div>
<div>स्टेटस: एडवांस टेस्टिंग स्टेज</div>
<div> </div>
<div><strong>अमेरिका - रिसर्च लेवल</strong></div>
<div> </div>
<div>कइट ने सबसे पहले 2ल्ले चिप का प्रोटोटाइप दिखाया</div>
<div>लोकेशन: न्यूयॉर्क रिसर्च लैब</div>
<div>उत्पादन नहीं, सिर्फ टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट</div>
<div>कइट की रिसर्च का फायदा ळरटउ और रें२४ल्लॅ को भी मिलता है</div>
<div>भारत में 2एनएम चिप कहां बन रही है?</div>
<div> </div>
<div>भारत में मैन्युफैक्चरिंग नहीं, लेकिन डिजाइन हो रहा है</div>
<div> </div>
<div>लोकेशन: बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई</div>
<div>काम: 2एनएम चिप का डिजाइन और टेप-आउट</div>
<div>मैन्युफैक्चरिंग: ताइवान या साउथ कोरिया में होगी</div>
<div>यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है</div>
<div>2एनएम चिप बनाना इतना मुश्किल क्यों है?</div>
<div> </div>
<div><strong>टेक्नोलॉजी चैलेंज</strong></div>
<div> </div>
<div>एक मशीन की कीमत: 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा</div>
<div>एक फैब प्लांट की लागत: 20-25 लाख करोड़।</div>
<div> </div>
<div><strong>2एनएम चिप के निर्माण की चुनौतियां</strong></div>
<div> </div>
<div>2एनएम चिप्स का निर्माण अत्यधिक जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि इस तकनीक में बहुत छोटे ट्रांजिस्टर होते हैं जो मौजूदा तकनीकी प्रक्रियाओं की तुलना में बहुत अधिक सटीकता और अत्याधुनिक उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, जैसे कि हाई-प्रीसीजन मटेरियल और उन्नत पैटर्निंग तकनीक, चिप्स की निर्माण प्रक्रिया को और भी जटिल बनाती हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>भारत में 2एनएम चिप कब बनेगी?</strong></div>
<div> </div>
<div>भारत में अभी 2एनएम चिप नहीं बन रही, फिलहाल यह डिजाइन, टेस्टिंग में मजबूत हो रहा है</div>
<div>मैन्युफैक्चरिंग में आने में 5-7 साल लग सकते हैं।</div>
<div>अभी यह चिप केवल ताइवान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका में बन रही है।</div>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 11:32:40 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर में बनेगा डेटा सेंटर, एआई स्किल से 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिग : अश्विनी वैष्णव</title>
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                        <![CDATA[सीतापुरा स्थित जेइसीसी में 'राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026' का भव्य समापन हुआ। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि जयपुर में जल्द ही एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की नई एआई-एमएल पॉलिसी 2026 भी लॉन्च की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/data-center-will-be-built-in-jaipur-10-lakh-youth/article-138632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/digifest.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को जेइसीसी सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डीजीफेस्ट कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़ते हुए कहा कि जयपुर में जल्दी ही बड़ा डेटा सेंटर बनेगा, जिसका भूमि पूजन भी जल्दी किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्किलिंग के जरिए 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने का काम आज राजस्थान से शुरू हो गया है।</p>
<p>सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में तीन दिवसीय राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 का आज भव्य समापन हुआ। यह आयोजन राज्य सरकार और टाई राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 4 से 6 जनवरी तक चला, जिसमें 10 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। समिट का मुख्य फोकस डिजिटल इनोवेशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर रहा। समापन दिवस पर राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ, जो भारत की राष्ट्रीय एआई रणनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।समापन कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026 का औपचारिक लॉन्च शामिल रहा। </p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस पॉलिसी को जारी किया, जिसका उद्देश्य एआई को गवर्नेंस, उद्योग और इनोवेशन में एकीकृत करना है। पॉलिसी के तहत साइबर सिक्योरिटी मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा, सेक्टोरल सेशंस में फिनटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक, प्रॉपटेक और डीप टेक जैसे क्षेत्रों पर गहन चर्चाएं हुईं। स्टार्टअप पिचेस, हैकाथॉन और एक्सपो में 114 से अधिक राजस्थानी स्टार्टअप्स ने अपनी इनोवेशंस प्रदर्शित कीं, जिससे 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के अवसर पैदा हुए।कार्यक्रम में जयपुर कॉमिक कॉन और फिल्म फेस्टिवल जैसे कल्चरल इवेंट्स भी आयोजित हुए, जो युवाओं में क्रिएटिविटी को प्रोत्साहित करने के लिए थे। </p>
<p>हाई-वैल्यू नेटवर्किंग सेशंस और फायरसाइड चैट्स में वैश्विक विशेषज्ञों ने भाग लिया। समापन की शाम को ताज रामबाग पैलेस में टीजीएस अवॉर्ड्स सेरेमनी आयोजित की गई, जहां उत्कृष्ट स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह समिट राजस्थान को आईटी और स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। एआई पॉलिसी से हम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को नई गति देंगे और युवा उद्यमियों को वैश्विक मंच प्रदान करेंगे। </p>
<p>उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन से डिजिटल टेक्नोलॉजी ई-गवर्नेंस, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है। डिजीफेस्ट स्टार्टअप्स, सरकार और इंडस्ट्री को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल है। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने समिट के दौरान कहा कि राजस्थान में एग्रीटेक, मेडिटेक और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में अपार अवसर हैं, जो दुनिया के कई देशों से अधिक हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 18:20:53 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी : राजस्थान बनेगा डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए पसंदीदा राज्य, 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना</title>
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                        <![CDATA[डेटा सेंटर्स की इस बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए राजस्थान में निजी क्षेत्र में डेटा सेंटर्स की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 लागू की है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/data-center-policy-will-become-to-set-up/article-110625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy67.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वर्तमान डिजिटल युग में सूचना प्रौद्योगिकी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, बैंकिंग और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में आईटी की भूमिका बढ़ती जा रही है। पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन देने में भी ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं का योगदान उल्लेखनीय है। डिजिटल संसार की इन सभी गतिविधियों के सुरक्षित और निर्बाध संचालन का डेटा सेंटर्स प्रमुख आधार है। इस नीति के क्रियान्वयन के पश्चात राज्य में आगामी पांच वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश होने की संभावना है। साथ ही युवाओं के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेटा सेंटर्स की इस बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए राजस्थान में निजी क्षेत्र में डेटा सेंटर्स की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 लागू की है।</p>
<p><strong>राजस्थान को मुख्य केन्द्र बनाने का लक्ष्य</strong><br />राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 का लक्ष्य राज्य में एक विश्व स्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित कर राजस्थान को डेटा सेंटर क्षेत्र का प्रमुख केन्द्र बनाना है। यह नीति राज्य में स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स की गतिविधियों की दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्रभावशाली बनाएगी। साथ ही राज्य में डेटा प्रबंधन, प्रदर्शन और सुरक्षा के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देशों को निर्धारित करने में भी मदद करेगी। इस क्षेत्र में बढ़ रहे निवेश से भारत तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजार के रूप में स्थापित हुआ है। वर्ष 2024 में भारतीय डेटा सेंटर बाजार की अनुमानित क्षमता 2 हजार मेगावाट थी, जो वर्ष 2029 तक बढ़कर 4 हजार मेगावाट से अधिक होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रावधान</strong><br />इस नीति के तहत डेटा सेंटर सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं, जिनमें 10 वर्षों तक 10-20 करोड़ रुपए वार्षिक एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले पहले 3 डेटा सेंटर्स को 25 प्रतिशत अतिरिक्त सनराइज इंसेंटिव, 5 वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, बैंकिंग, ट्रांसमिशन व व्हीलिंग शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, भूमि संबंधी फ्लेक्सिबल भुगतान सुविधा, स्टांप ड्यूटी, भू-रूपांतरण व विद्युत शुल्क में छूट, तथा 10 करोड़ रुपए तक बाह्य विकास शुल्क से छूट शामिल हैं।</p>
<p><strong>पर्यावरण संरक्षण और कर्मचारियों की दक्षता वृद्धि पर भी जोर</strong><br />नवीन नीति में पर्यावरण संरक्षण तथा कार्मिकों की दक्षता में वृद्धि पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत डेटा सेंटर कर्मचारियों की कार्यकुशलता सुधार के लिए व्यय की गई राशि का 50 प्रतिशत पुनर्भरण, ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के रूप में 12.5 करोड़ तक 50 प्रतिशत पुनर्भरण, जीआई टैग, पेटेंट, कॉपीराइट व ट्रेडमार्क  पंजीयन पर एक करोड़ तक 50 प्रतिशत सहायता, बिल्डिंग बायलॉज में छूट व सतत विद्युत आपूर्ति के प्रावधान शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Apr 2025 15:01:04 +0530</pubDate>
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