<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/girls/tag-5481" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>girls - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5481/rss</link>
                <description>girls RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रतिभा और मेहनत के दम पर प्रेरणा का स्त्रोत बनी बालिकाएं</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशिक्षण देने वाली संस्थान की निदेशक ने बताया कि बच्चियां बेहद जिज्ञासु और मेहनती हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-girls-have-become-a-source-of-inspiration-on-the-basis-of-talent-and-hard-work/article-126442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संघर्ष भले कठिन हो, लेकिन संकल्प और मेहनत से हर सपना पूरा किया जा सकता है इन पंक्तियों को चरितार्थ कर रही नारी निकेतन संस्थान अधीक्षक अंशुल मेहंदीरत्ता जो कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित नांता स्थित नारी निकेतन में रह रही बालिकाएं अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई है। निकेतन की बच्चियां अनुशासन और नियमित प्रशिक्षण से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं बल्कि वेस्ट मटेरियल को उपयोगी वस्तुओं में बदलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही हैं। अधीक्षक ने बताया कि नारी निकेतन में रहने वाली बालिकाओं को विभिन्न संस्थाओं और प्रशिक्षण केंद्रों की मदद से सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग व हस्ताकला जैसे अन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। इन प्रशिक्षणों के दौरान बच्चियां अपनी रुचि व स्टॉफ की मदद से हुनर सीखकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।</p>
<p><strong>वेस्ट मटेरियल से ये बना रहे आइटम </strong><br />कांच की बोतल पर पेंटिंग करके उसको घर पर सजावट के काम में लाना, वेस्ट कपड़े से मांगलिक कार्यों में दिए जाने वाले लिफाफे बनाया, कपड़े से विभिन्न प्रकार के दीवार हैंगिंग, साइट बैग, टोकरियां, शो-पीस, दीवार हैंगिंग, बैग और सजावटी सामान सहित आकर्षक व उपयोगी वस्तुएं तैयार कर रही हैं।</p>
<p><strong>इन प्लेटफॉर्म पर बेचा जाता है </strong><br />अधीक्षक ने बताया कि इन वस्तुओं की प्रदर्शनी समय-समय पर शहर में आयोजित होने वाले विभिन्न त्यौहार जिनमे रक्षाबंधन, दीपावली और दशहरे सहित अन्य विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनी के दौरान बेचे जाते है। बनाए सामान प्रदर्शनी में खरीददारी करने आने वाले देखकर आश्चर्यचकित हो जाते है और जमकर सराहना करते है। प्रशिक्षण देने वाली संस्थान की निदेशक भारतीय कौल ने बताया कि बच्चियां बेहद जिज्ञासु और मेहनती हैं। उन्हें थोड़ी सी दिशा मिलते ही वे नए-नए डिजाइन और आइडिया पर काम करने लगती हैं। कुछ बच्चियां तो मोबाइल पर विभिन्न प्रकार की डिज्ञाइन देखकर भी सामान बनाती है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद बालिकाएं शादी होने के बाद भी सामान बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />नारी निकेतन की बालिकाएं किसी भी रूप से सामान्य बच्चियों से कम नहीं हैं। बस उन्हें अवसर और मार्गदर्शन की जरूरत होती है। <br /><strong>- अंशुल मेहंदीरत्ता, नारी निकेतन संस्थान अधीक्षक </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-girls-have-become-a-source-of-inspiration-on-the-basis-of-talent-and-hard-work/article-126442</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-girls-have-become-a-source-of-inspiration-on-the-basis-of-talent-and-hard-work/article-126442</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 16:24:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/copy-of-news-%281%299.png"                         length="506970"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संस्कृत व इंग्लिश में एक भी एडमिशन नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[झालावाड़ को छोड़ कोटा व बूंदी जिले के नवीन गर्ल्स कॉलेजों में संस्कृत व अंग्रेजी साहित्य विषय लेने में रुचि नहीं दिखाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-a-single-admission-in-sanskrit-and-english/article-124287"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/7852014.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुख्यमंत्री बजट घोषणा में छात्राओं के लिए खोले गए राजकीय कला कन्या महाविद्यालयों में छात्राओं का एडमिशन लेने में रुझान नहीं दिखा। कैथून व सुकेत में बीए प्रथम वर्ष में एक भी छात्रा ने संस्कृत विषय नहीं लिया है। जबकि, सुकेत महाविद्यालय में तो इंग्लिश लिक्टेचर में भी शुन्य नामांकन है।  वहीं, बूंदी जिले के डाबी में 5 छात्राओं  ने जी संस्कृत विषय लिया है। लेकिन, आयुक्तालय के नियमानुसार  प्रत्येक विषय में 10 छात्राओं का नामांकन होने पर ही उसकी कक्षाएं संचालित की जा सकती है। ऐसे में इन छात्राओं में संस्कृत की कक्षा संचालन को लेकर असमंजस बना हुआ है।  स्थानीय छात्राओं व अभिभावकों का तर्क है कि आयुक्तालय ने नए कॉलेजों को विषय आवंटन में क्षेत्र की मांग को नजरअंदाज किया है।  जबकि, यहां उर्दू व होम साइंस की डिमांड थी।  दरअसल, वर्ष 2025 में सरकार ने कोटा-बंूदी व झालावाड़ में कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के अधीन चार राजकीय कला कन्या महाविद्यालय खोले थे। जिसमें झालावाड़ को छोड़ कोटा व बूंदी जिले के नवीन गर्ल्स कॉलेजों में संस्कृत व अंग्रेजी साहित्य विषय लेने में रुचि नहीं दिखाई।</p>
<p><strong>संस्कृत व अंग्रेजी साहित्यके प्रति बेरुखी </strong><br />राजकीय कन्या कला महाविद्यालय कैथून में एक भी छात्रा  ने संस्कृत विषय नहीं लिया। हालांकि, नोडल जेडीबी आर्ट्स महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्राओं द्वारा सब्जेक्ट चेंज करने की एप्लीकेशन दी जा रही है। वहीं, सुकेत महाविद्यालय में तो संस्कृत के साथ अंग्रेजी साहित्य में भी एक भी बालिका ने दाखिला नहीं लिया। ऐसे में यहां इन दोनों विषयों की कक्षाएं संचालित नहीं हो सकेगी। </p>
<p><strong>डाबी कॉलेज : छात्राओं में असमंजस</strong><br />आयुक्तालय के नियमानुसार, किसी भी विषय की कक्षा के संचालन के लिए 10 विद्यार्थियों का होना आवश्यक है। ऐसे में यहां संस्कृत व अंगे्रजी साहित्य में बालिकाओं की संख्या दस से कम है। ऐसे में जिन्होंने इन विषयों में दाखिला लिया है, उनमें अब कक्षा संचालन को लेकर असमंजस बना हुआ है। इधर, कॉलेज प्रशासन का कहना है, नए महाविद्यालय होने के नाते 5 स्टूडेंट पर भी आयुक्तालय द्वारा कक्षा संचालन की अनुमति दे सकता है।  </p>
<p><strong>4 बार एडमिशन का मौका फिर भी सीटें खाली</strong><br />कॉलेज आयुक्तालय द्वारा 4 बार आॅनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर छात्राओं को एडमिशन का मौका दिया था। इसके बावजूद बालिकाओं ने नए कॉलेजों में दाखिला लेने के बजाए पुराने स्थापित महाविद्यालयों में ही रुचि दिखाई। नतीजन, कोटा, बूंदी के तीन राजकीय कला कन्या महाविद्यालयों में 600 में से 400 से ज्यादा सीट्स खाली रह गई। हालांकि, आयुक्तालय द्वारा रिक्त सीटों को भरने के लिए आॅफलाइन आवेदन भी लिए जा रहे हैं। इसके बावजूद इन तीनों महाविद्यालय में सीटें खाली रहेंगी। </p>
<p><strong>नामांकन घटने का कारण </strong><br />नाम न छापने की शर्त पर राजकीय महाविद्यालय कोटा के प्रोफेसर ने बताया कि नवीन गर्ल्स कॉलेजों में घटते नामांकन के पीछे कई कारण हैं, जो इस प्रकार है। <br />- आवश्यकता से अधिक गर्ल्स कॉलेज खोलना।<br />- नए कॉलेजों के पास न खुद का भवन व न ही स्थाई फैकल्टी।<br />- दो-दो कमरों में कॉलेज संचालित करना। भौतिक संसाधनों की कमी। <br />- क्षेत्र की आवश्यकता के विपरीत सब्जेक्ट आवंटित करना। <br />- नए कॉलेजों का प्रचार-प्रसार का अभाव।<br />- नए महाविद्यालयों में सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर आशंकाएं। </p>
<p><strong>कब-कब बड़ी आवेदन की अंतिम तिथि </strong><br />- राजकीय महाविद्यालयों में गत 4 जून से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई थी। <br />- दूसरी बार अंतिम तिथि 16 जून से बढ़ाकर 20 जून कर दी गई। <br />- तीसरी बार में 5 दिन और बढ़ाकर अंतिम तिथि 25 जून कर दी गई। <br />- सीटों के मुकाबले आवेदन नहीं आने पर फिर से लास्ट डेट बढ़ाकर 3 जुलाई कर दी गई। <br />- 7 जुलाई को प्रथम वरियता सूची जारी की गई। <br />- 16 जुलाई को विभिन्न श्रेणियों में रिक्त रही सीटों पर फिर से आवेदन मांगे गए। <br />- अब गत 18 अगस्त से 23 अगस्त तक खाली रह गई सीटों पर आॅफलाइन एडमिशन देने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।  </p>
<p><strong>क्या कहती हैं छात्राएं व अभिभावक</strong><br />सरकार ने नए कॉलेज तो खोल दिए लेकिन बिल्डिंग व फैकल्टी भी स्थाई नहीं है। गत वर्ष भी राजसेस महाविद्यालयों में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने के एक से डेढ़ माह पहले ही शिक्षकों को हटा दिया था। इस बार भी ऐसी  स्थिति रहने की आशंका के चलते बूंदी गर्ल्स कॉलेज में दाखिला लेना ज्यादा मुनासिब लगा। <br /><strong>-अहिल्या कंवर, छात्रा डाबी</strong></p>
<p>कस्बे में नया कॉलेज खुला तो खुशी थी लेकिन ऐसे विषय अलॉट कर दिए, जो छात्राओं के लिए रुचिकर नहीं है। यहां होम साइंस व उर्दू विषय दिया जाना चाहिए था। इसलिए सुकेत कॉलेज में दाखिला लेने की बजाए रामगंजमंडी महाविद्यालय की ओर रुख करना ज्यादा सही लगा। <br /><strong>-पार्वती कुमारी,  रेहाना, (परिवर्तित नाम) सुकेत </strong></p>
<p>कस्बे का कॉलेज राजकीय सीनियर सैकंडरी स्कूल के तीन कमरोें में चल रहा है।  क्षेत्र की आवश्यकतानुसार सब्जेक्ट नहीं होना नामांकन में कटौती का मुख्य कारण है। यहां उर्दू, जीपीएम व होम साइंस विषय नहीं खोला गया। बीए में तीन आॅफनल सब्जेक्ट लेने होते हैं। ऐसे में छात्राओं ने कस्बे से बाहर शहर के कॉलेजों में दाखिला लिया है।  <br /><strong>- मोहम्मद अख्तर, बंशीलाल, अभिभावक कैथून </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अभी यह कॉलेज नए हैं। सुविधाएं विकसित होने में थोड़ा समय लगेगा। यदि, छात्राओं की ओर से विषयों को लेकर कोई कम्पलेन आती है तो उसे आयुक्तालय भिजवाकर समाधान करवाया जाएगा। <br /><strong>-डॉ. विजय पंचौली, क्षेत्रीय सहायक निदेशक आयुक्ताल कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-a-single-admission-in-sanskrit-and-english/article-124287</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/not-a-single-admission-in-sanskrit-and-english/article-124287</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 15:00:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/7852014.png"                         length="593497"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉलेज एडमिशन में लाडलियों को मिला रिजर्वेशन, ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में होगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में तीन गर्ल्स कॉलेज हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कन्या महाविद्यालय नहीं हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laadlis-get-reservation-in-college-admission/article-116845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer52.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय महाविद्यालयों में एडमिशन लेने वाली छात्राओं के लिए खुशखबरी है। कॉलेज आयुक्तालय ने सह शिक्षा (कोएड) गवर्नमेंट कॉलेजों में 30 प्रतिशत सीटें बालिकाओें के लिए आरक्षित की है। ताकि, उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ सके। यह सुविधा बालिकाओं को इसी सत्र से मिलेगी। हालांकि, तीस प्रतिशत सीटें रिर्जव रखी जाने से छात्रों को सीट मिलने के अवसर कम हो जाएंगे। क्योंकि, बालिकाएं एडमिशन के लिए आवेदन राजकीय कन्या महाविद्यालय के साथ कोएड कॉलेजों में भी करती हैं। ऐसे में गर्ल्स कॉलेज में एडमिशन नहीं होने पर उनका रुख कोएड कॉलेजों में होगा और उनकी परसेंटेज लड़कों के मुकाबले अधिक होती है। ऐसे में नियमित प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक रह सकती है। </p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में होगा फायदा</strong><br />हाल ही में जारी हुए 12वीं बोर्ड के परिणाम में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले विद्यार्थियों में लड़कियों की संख्या अधिक है। ऐसे में कॉलेजों में कटऑफ का लेवल हाई रहने से एडमिशन की मारामारी बनी रहेगी। शहर में तीन गर्ल्स कॉलेज हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कन्या महाविद्यालय नहीं हैं। ऐसे में राजकीय कोएड कॉलेजों में बालिकाओं के लिए सीट मिलने के अवसर बढ़ जाएंगे।</p>
<p><strong>सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ</strong><br />कॉलेज शिक्षकों का कहना है, सह शिक्षा वाले सरकारी कॉलेजों में एडमिशन में बालिकाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें रिजर्व करने से उच्च शिक्षा में उनकी संख्या बढ़ेगी। शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में गर्ल्स कॉलेज नहीं होने से अभिभावक छात्राओं को रेगुलर एडमिशन नहीं दिलाते। जिसकी वजह से वे सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में सरकार ने एडमिशन में तीस प्रतिशत सीटें आरक्षित कर देने से अभिभावकों का रुझान बढ़ेगा। बालिकाओं को आसानी से एडमिशन मिलने से उनकी संख्या में इजाफा होने के साथ स्कॉलरशिप सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।  </p>
<p><strong>शहरी कॉलेजों में हाई रहेगा कटऑफ का पारा </strong><br />जिले में राजकीय कन्या महाविद्यालय 6 हैं। इनमें दो इसी वर्ष नए खुले हैं। जिनमें कैथून व सुकेत शामिल हैं। नवीन कन्या महाविद्यालयों में इसी सत्र से एडमिशन दिए जाएंगे। हालांकि, कैथून, सुकेत व रामपुरा कॉलेज के मुकाबले जेडीबी आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स गर्ल्स कॉलेज साधन संसाधनों में मजबूत स्थिति में है। ऐसे में छात्राओं इन कॉलेजों में एडमिशन लेने में प्राथमिकता रहेगी  लेकिन कटऑफ अधिक होने के कारण छात्राओं का रुख शहर के कोएड कॉलेजों की ओर बढ़ेगा। जिससे कटऑफ का लेवल अधिक  होने से छात्रों के लिए सीटें मिलना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि,गर्ल्स कॉलेज में छात्र आवेदन नहीं कर सकते लेकिन छात्राएं कोएड कॉलेज में एडमिशन के लिए एप्लाई कर सकतीं हैं। ऐसे में छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित होने से छात्रों के अवसर कम हो जाएंगे।  </p>
<p><strong>क्या कहती हैं छात्राएं</strong><br />कॉलेजों में सीटों की संख्या के मुकाबले दोगुने आवेदन आते हैं। परसेंटेज अधिक होने के बावजूद एडमिशन नहीं मिल पाता है। ऐसे में सरकार ने कुल सीटों में से 30 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित कर देने से एडमिशन की राह आसान कर दी है। <br /><strong>- वैशाली नागर, छात्रा, आकशवाणी </strong></p>
<p>12वीं बोर्ड आर्ट्स में मेरी 85% बनी है। रिजल्ट अच्छा रहने से कटऑफ अधिक रहेगी। ऐसे में हमारे लिए तीस प्रतिशत सीटे आरक्षित रहने से रेगुलर एडमिशन मिलने की संभावना बढ़ गई है। <br /><strong>- प्रियंका गोचर, छात्रा बोरखेड़ा</strong></p>
<p>सरकार ने बालिका शिक्षा बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कदम उठाया है। उच्च शिक्षा में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए राजकीय महाविद्यालयों (कोएड) में छात्राओं को प्रवेश में 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई है। इसका फायदा ग्रामीण अंचल के महाविद्यालयों में नजर आएगा। छात्राओं का रेगुलर एडमिशन होगा तो उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।<br /><strong>- प्रो. रोशन भारती, प्रिंसिपल गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laadlis-get-reservation-in-college-admission/article-116845</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laadlis-get-reservation-in-college-admission/article-116845</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 15:51:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/rtroer52.png"                         length="593273"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने किया मेहराना विद्यालय का निरीक्षण, दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[विद्यालय का नाम नया होना चाहिए और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---block-education-officer-inspected-mehrana-school--gave-instructions/article-103572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>गुडली। मेहराना विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं और परिसर में जगह-जगह फैल रही गंदगी को लेकर दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के एक दिन बाद ही हरकत में आते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के आदेश जारी किए। जानकारी के अनुसार दैनिक नवज्योति में एक दिन पहले ही विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम शीर्षक से प्रमुखता के साथ प्रकाशित हुई थी। शुक्रवार दोपहर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अर्चना कुमारी तंवर विद्यालय पहुंची और निरीक्षण किया। विद्यालय की प्रिंसिपल शालिनी सोनी को निर्देश दिए। कहा कि विद्यालय में बालक और बालिकाओं के लिए अलग से टॉयलेट होना चाहिए। वह भी साफ सुथरा और टाइल्स लगी होनी चाहिए। विद्यालय की पुताई होनी चाहिए।</p>
<p>विद्यालय का नाम नया होना चाहिए और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं मेहराना विद्यालय की रंगाई पुताइ के काम में सिंता सरपंच सुनीता मीणा भी भामाशाह के  रूप में बड़ा सहयोग कर रही हैं। मेहराना गांव के युवाओं ने एक संगठन बनाकर विद्यालय के विकास के लिए पैसे जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने पोषाहार प्रभारी, विद्यालय प्रिंसिपल, शिक्षिका को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द काम किया जाना चाहिए। इसके आदेश जारी किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---block-education-officer-inspected-mehrana-school--gave-instructions/article-103572</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---block-education-officer-inspected-mehrana-school--gave-instructions/article-103572</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Feb 2025 14:06:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/news-%281%294.png"                         length="560275"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बालिकाओं के साथ भेदभाव समाप्त करने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है केंद्र सरकार, मोदी ने कहा - उनके सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कदमों का दिख रहा परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा, प्रौद्योगिकी, कौशल, स्वास्थ्य देखभाल आदि क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिन्होंने बालिकाओं को सशक्त बनाने में योगदान दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/center-government-is-determined-to-end-discrimination-against-girls/article-101931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार बालिकाओं के साथ किसी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है और उनके सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कदमों का परिणाम दिख रहा है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बालिकाओं के लिए व्यापक अवसर सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हम बालिकाओं को सशक्त बनाने और उनके लिए व्यापक अवसर सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। भारत को सभी क्षेत्रों में बालिकाओं की उपलब्धियों पर गर्व है। उनके कारनामे हम सभी को प्रेरणा देते रहते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा, प्रौद्योगिकी, कौशल, स्वास्थ्य देखभाल आदि क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिन्होंने बालिकाओं को सशक्त बनाने में योगदान दिया है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए समान रूप से दृढ़ हैं कि बालिकाओं के खिलाफ कोई भेदभाव न हो।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/center-government-is-determined-to-end-discrimination-against-girls/article-101931</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/center-government-is-determined-to-end-discrimination-against-girls/article-101931</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 14:18:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/pm-modi.png"                         length="336292"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफलता की मिसाल बनी लाडो : 58 में से 43 गोल्ड मेडल पर बेटियों का कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[बालिका दिवस पर दीक्षांत समारोह में होगा बालिकाओं का सम्मान ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laado-becomes-an-example-of-success--43-out-of-58-gold-medals-are-won-by-girls/article-101832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सामाजिक ताने-बाने के बंधनों व घर-परिवार की बंदिशों से आजादी मिली तो बेटियों ने आसाान की बुलंदियों पर कामयाबी का परचम लहरा दिया। हौसलों और मजबूत इरादों से संघर्ष और चूनौतियों से भरा दरिया पार कर सफलता की मिसाल बन गई। बुनियादी शिक्षा हो या उच्च शिक्षा, हर जगह दीमागी प्रतिस्पर्द्धा में बेटियां ही अव्वल रहीं। जिसका प्रत्यक्ष उदारहण हर साल आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में देखने को मिल रहे हैं। पिछले 7 सालों से कोटा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक गोल्ड मेडल बेटियों के ही नाम रहे। इस बार भी स्वर्ण पदक पर बालिकाओं का ही कब्जा रहेगा। दरअसल, 24 जनवरी को केडीए ओडिटोरियम में आयोजित हो रहे कोटा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में कुल 58 स्वर्ण पदकों में से 43 गोल्ड मेडल बेटियों को मिलेंगे। खास बात यह है, लाडों को यह सम्मान राष्टÑीय बालिका दिवस पर मिलेगा।  खास बात यह है, दीक्षांत समारोह राष्टÑीय बालिका दिवस पर होने से लाडों को मिलने वाला सम्मान माता-पिता के लिए और विशेष रहेगा। </p>
<p><strong>56 गोल्ड मेडल में से 41 बेटियों के नाम </strong><br />कोटा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में इस बार 56 गोल्ड मेडल प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को वितरित किए जाएंगे। जिसमें से 41 स्वर्ण पदक बेटियों को मिलेंगे। जबकि, बेटों की संख्या मात्र 15 ही है। यदि,  गत वर्ष की बात करें तो वर्ष 2023 में कुल 60 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया था। जिसमें  से 42 स्वर्ण पदक बेटियों को मिले थे। </p>
<p><strong>58 में से 36 पीएचडी उपाधियां छात्राओं को </strong><br />अनुसंधान के क्षेत्र में भी बेटियां अपना लौहा मनवा रही है। इस बार कोटा विवि के दीक्षांत समारोह में कुल 58 पीएचडी उपाधियां अर्वाड होंगी। जिसमें से सर्वाधिक 36 डिग्रियां बालिकाओं को दी जाएंगी। जबकि, छात्रों की संख्या मात्र 22 ही है। पीएचडी उपाधियां विभिन्न संकाय कला, समाज विज्ञान, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, शिक्षा, जीव विज्ञान में वितरित की जाएगी। </p>
<p><strong>चांसलर व वाइस चांसलर गोल्ड पर भी  कब्जा</strong><br />दीक्षांत समारोह में पिछले साल की तरह इस बार भी कुलाधिपति व कुलपति गोल्ड मेडल पर लाडों का ही कब्जा रहेगा। इस बार समाज विज्ञान संकाय में अधिकतम अंक अर्जित करने वाली पीजी की छात्रा हिमांगी अग्रवाल तथा कुलपति स्वर्ण पदक कला संकाय में सर्वोच्चय अंक हासिल करने वाली यूजी की छात्रा शालिनी मालव को दिया जाएगा। जबकि, गत वर्ष 2023 में विज्ञान संकाय की पीजी छात्रा साक्षी जैन को कुलाधिपति पदक एवं समाज विज्ञान संकाय यूजी में पूजा साहू को कुलपति पदक मिला था। </p>
<p><strong>गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या</strong><br /><strong>संकाय    छात्र    छात्राएं    कुल</strong><br />कला    02    07    09<br />समाज विज्ञान    03    08    11<br />विज्ञान    05    06    11<br />वाणिज्य    01    08    09<br />विधि    01    01    02<br />शिक्षा    02    07    09<br />जीव विज्ञान    01    04    05</p>
<p><strong>पीएचडी उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या</strong><br /><strong>संकाय    छात्र    छात्राएं    कुल</strong><br />कल    04    15    19<br />समाज विज्ञान    08    06    14<br />विज्ञान    07    09    16<br />वाणिज्य    01    05    06<br />विधि    01    01    02<br />शिक्षा    01    -    01<br />जीव विज्ञान    -    -    -</p>
<p><strong>92,192 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्रियां </strong><br />कोटा विवि के दीक्षांत समारोह में वर्ष 2022 सत्र की विभिन्न संकायों में 92 हजार 192 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की जाएगी। जिसमें कला में 61,335, समाज विज्ञान में 6878, विज्ञान में 8458, वाणिज्य में 4401, विधि में 400, शिक्षा में 10634 तथा जीव विज्ञान में 92 विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> कोटा विवि का 11वां दीक्षांत समारोह 24 जनवरी को केडीए के ओडिटोरियम में होगा। जिसमें वर्ष 2022 की कुल 92,192 डिग्रियां वितरित की जाएगी। इसमें 56 गोल्ड मेडल व 58 पीएचडी डिग्रियों से प्रतिभाओं को नवाजा जाएगा। दीक्षांत समारोह की रिहर्सल गुरुवार को की जाएगी।<br /><strong>- प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laado-becomes-an-example-of-success--43-out-of-58-gold-medals-are-won-by-girls/article-101832</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laado-becomes-an-example-of-success--43-out-of-58-gold-medals-are-won-by-girls/article-101832</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 15:47:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/257rtrer-%281%2933.png"                         length="403837"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एचएच महाराजा हनुवन्त सिंह मैमोरियल गर्ल्स कॉलेज में मनाया गया उपभोक्ता सप्ताह</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (24 दिसंबर) के अवसर पर उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, रूचिकर कार्यक्रमों के माध्यम से उपभोक्ताओं को विभाग से जोड़ने के कार्यक्रम आयोजित किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/consumer-week-celebrated-at-hh-maharaja-hanumanth-singh-memorial-girls/article-98236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (24 दिसंबर) के अवसर पर उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, रूचिकर कार्यक्रमों के माध्यम से उपभोक्ताओं को विभाग से जोड़ने, महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 से संबंधित जानकारी दी। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस को उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार द्वारा निर्धारित थीम ‘वर्चुअल हियरिंगस एंड डिजिटल एक्सेस टू कंज्यूमर जस्टिस’ के आलोक में समारोह पूर्वक मनाए जाने वाले उपभोक्ता सप्ताह के अन्तर्गत बुधवार को भाषण प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन एचएच महाराजा हनुवन्त सिंह मैमोरियल गर्ल्स कॉलेज  में पुष्पराज पालीवाल जिला रसद अधिकारी (प्रथम) जोधपुर की अध्यक्षता में किया गया।</p>
<p>इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक रामसिंह मेडतिया, रसद विभाग के  लेखाधिकारी रविन्द्र शर्मा, प्रवर्तन अधिकारीगण मानवेन्द्र, राधेश्यामदास, प्रवर्तन निरीक्षकगण विक्रमदेवीदास, राजकरण बारहठ, महिमा जैन, वरिष्ठ सहायक परमवीर चावडा उपस्थित रहे। भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाली बालिकाओं में अम्बिका सान्दू प्रथम स्थान, गुर्जन चम्पावत एवं प्रतिष्ठासिंह संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान तथा पूर्वी शेखावत तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता में नेहा तथा गुंजन चम्पावत ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पूर्वी शेखावत ने द्वितीय स्थान, पूनम कवंर तथा डिम्पल राठौड ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/consumer-week-celebrated-at-hh-maharaja-hanumanth-singh-memorial-girls/article-98236</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/consumer-week-celebrated-at-hh-maharaja-hanumanth-singh-memorial-girls/article-98236</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 19:05:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/5554-%287%296.png"                         length="251351"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बालिकाओं की सुरक्षा के साथ होगी पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[वहीं छात्राओं के साथ आए दिन होने वाली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विभाग सुरक्षा के साथ पढ़ाई करवाने पर फोकस कर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/girls-will-now-study-with-safety-in-government-schools-of-state/article-93408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बेटियों की सुरक्षा के साथ बेहतर पढ़ाई की जाएगी। जिससे की प्रदेश की बेटिया पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करते हुए स्कूलों में पढ़ सकेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से तैयारियां करने में लगी हुई है। वहीं छात्राओं के साथ आए दिन होने वाली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विभाग सुरक्षा के साथ पढ़ाई करवाने पर फोकस कर रहा है। </p>
<p><strong>मिलेगी पूरी जानकारी अप टू डेट </strong><br />शिक्षा विभाग अपने स्कूलों का पूरा डेटा अप टू डेट रखने के लिए नियमित रूप से प्रयास कर रहा है। राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों के ऑनलाइन डेटा नियमित अपडेट हो, इसको लेकर अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते रहते है। विभाग ने जिला अधिकारियों को जिलों में अवसंरचना से संबंधित तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बालिका विद्यालयों से आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव अविलम्ब भेजने के निर्देश दिए। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- प्रदेश में 69 हजार सरकारी स्कूलों में करीब 90 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हंै।<br />- स्कूल शिक्षा विभाग में 4,05,633 कार्मिक कार्यरत। 30 फीसदी महिला यानी सवा लाख है। <br />- प्रतिबंधित जिलों में 70 हजार से ज्यादा थर्ड ग्रेड शिक्षक है।<br />- प्रदेश में 2 लाख से ज्यादा तृतीय श्रेणी शिक्षक है। <br />राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बेटियों की सुरक्षा में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है। साथ ही राजकीय विद्यालयों के ऑनलाइन डेटा नियमित अपडेट किए जाएंगे, जिससे की बच्चों की पूरी जानकारी सभी के सामने होगी।’<br />-अविचल चतुर्वेदी, आयुक्त, स्कूल शिक्षा परिषद्, राजस्थान </p>
<p><strong>यह दिए निर्देश </strong><br />विभाग ने जिले के अधिकारियों से शाला दर्पण पर सूचनाओं के और आॅनलाइन डेटा के अपडेशन के निर्देश दिए। साथ ही साथ जिलावार राजकीय विद्यालयों में मूलभूत आवश्यकताओं यथा लैब, स्मार्ट क्लास आदि की सूची प्रेषित करने और कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करने व बालिकाओं की सुरक्षा में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। वहीं एपी एएआरआईडी और यूडाईस डेटा अपडेशन के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी करने होंगे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/girls-will-now-study-with-safety-in-government-schools-of-state/article-93408</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/girls-will-now-study-with-safety-in-government-schools-of-state/article-93408</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Oct 2024 12:01:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/shiksha-sankul-%282%29.jpg"                         length="259954"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीण महिला दिवस पर विशेष: बीकानेर के ढींगसरी गांव की लड़कियां बनीं फुटबाल में चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[खेती-बाड़ी, मजदूरी और मवेशी चराने वालों की बेटियां सामाजिक बंधनों को तोड़ खेलों में कर रही हैं नाम रोशन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-on-rural-womens-day-girls-from-dhingsari-village-of/article-93099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बाल विवाह, पर्दाप्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों में जकड़ी ग्रामीण महिलाएं अब इन सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए खेलों में भी पुरुषों की तरह अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। इसकी एक मिसाल बीकानेर जिले की नोखा तहसील के छोटे से गांव ढींगसरी में देखी जा सकती है।</p>
<p>पूर्व भारतीय फुटबाल कप्तान और अर्जुन अवार्डी मगन सिंह राजवी के इस गांव में मात्र चार साल के भीतर जो बदलाव आया है, वह खेलों में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी की एक मिसाल बन रहा है। मगन सिंह ने गांव में फुटबाल की ऐसी अलख जगाई है कि खेती-बाड़ी, मजदूरी और मवेशी चराकर आजीविका चलाने वाले लोगों की बेटियां आज फुटबाल में राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनकर उभरी हैं। इस गांव में फुटबाल का ऐसा माहौल बना है कि दो सौ से ज्यादा बच्चियां सुबह-शाम यहां प्रैक्टिस करती नजर आती हैं।</p>
<p><strong>साधारण परिवार की हैं सभी लड़कियां</strong><br />ढींगसरी गांव की इस एकेडमी में अधिकांश लड़कियां ऐसी हैं, जिनका परिवार खेती-बाड़ी, मजदूरी और मवेशी चराकर आजीविका चला रहा है। यही नहीं ये लड़कियां भी परिवार के खेती, मजदूरी और बकरियां चराने के काम में मदद करती रही हैं। सभी लड़कियां बेहद साधारण परिवार से हैं।</p>
<p>एकेडमी के कोच और मगन सिंह के बेटे विक्रम राजवी ने बताया कि संजू कंवर की मां नहीं है। पिता छोटा-मोटा काम करते हैं, वहीं पिता का साया उठने के बाद हंसा और किरण कंवर की मां दोनों बेटियों का पालन कर रही है। मंजू और दुर्गा हों या भावना, दसु कंवर और मुन्नी भांभू, किसी के पिता खेती कर रहे हैं तो किसी के पिता बकरी चराकर गुजारा कर रहे हैं। </p>
<p><strong>जन सहयोग से चल रहा है ग्राउण्ड का काम</strong><br />विक्रम ने बताया कि पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ग्राउण्ड तैयार कराने में एकेडमी की मदद कर रहे हैं। देवी सिंह भाटी ने जन सहयोग से 18 लाख रुपए की राशि एकेडमी को दी है, जिससे ग्राउण्ड पर नई घास लगाने और ट्यूबवैल लगाने का कार्य चल रहा है।</p>
<p><strong>ढींगसरी से बनती है बीकानेर की पूरी टीम</strong><br />एकेडमी की शुरुआत कोरोना काल में हुई। गांव की गोचर भूमि को समतल कर ग्राउण्ड तैयार किया गया। गांव के रीतिरिवाज और सामाजिक दबाव के चलते लड़कियों को जोड़ना बेहद कठिन था। लड़कियों ने शार्ट्स पहनकर खेलना शुरू किया तो गांव के लोगों ने ही विरोध कर दिया। तब पूर्व भारतीय कप्तान मगन सिंह राजवी और राजस्थान फुटबाल संघ के सचिव दिलीप सिंह शेखावत ने लोगों को समझाया।</p>
<p>विक्रम ने बताया कि 2022 में भीलवाड़ा में हुई अंडर-14 स्टेट चैंपियनशिप में बीकानेर की पूरी टीम ढींगसरी की बच्चियों की थी और ये टीम 2023 में बीकानेर में स्टेट चैंपियन बनी। इसी साल झुंझुनूं में अंडर-17 में बीकानेर विजेता रही और 2024 में तो खेलो इंडिया की अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-17 तीनों वर्गों में ढींगसरी एकेडमी की टीम चैंपियन बनी। विक्रम ने बताया कि 2023 में जयपुर में हुई अंडर-17 नेशनल में कप्तान संजू कंवर समेत राजस्थान की 9 खिलाड़ी ढींगसरी की थीं, वहीं इसी साल वेलगांव (कर्नाटक) में हुई जूनियर नेशनल में चैंपियन बनी राजस्थान टीम में इस गांव की 12 खिलाड़ी शामिल थीं। </p>
<p><strong>खुद फुटबालर रहे हैं विक्रम</strong><br />रेलवे में कार्यरत विक्रम राजवी खुद राष्ट्रीय स्तर के फुटबालर रहे हैं। विक्रम राष्ट्रीय स्तर पर जेसीटी फगवाड़ा से खेले और इसी लिए गांव छोड़कर पंजाब चले गए। विक्रम ने 1990 से 2000 तक डूरंड कप और डीसीएम फुटबाल जैसे बड़े टूर्नामेंटों में खेला और संतोष ट्रॉफी राष्ट्रीय फुटबाल में हमेशा राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। विक्रम ने होमगार्ड बीकानेर के लिए भी फुटबाल खेली। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-on-rural-womens-day-girls-from-dhingsari-village-of/article-93099</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-on-rural-womens-day-girls-from-dhingsari-village-of/article-93099</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 12:28:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/4427rtrer-%283%2911.png"                         length="460716"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुद से की महिलाओं और लड़कियों के अखाड़े में आने की शुरूआत</title>
                                    <description><![CDATA[हर अनंत चतुर्दशी और डोल एकादशी से पहले व्यायामशाला में मानो जश्न सा माहौल बन जाता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/she-herself-started-the-entry-of-women-and-girls-in-the-arena/article-90461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अपने करतब में ऐसी धार की देखने वालों को सोचने पर मजबूर कर दे, तलवार को इस तरह से चलाना जैसे चाकू को घुमा रही हो। वो हर उस कलाबाजी को यूं दिखाती हो जैसे उसके बाएं हाथ का खेल हो। ऐसी महिलाएं और लड़कियां तैयार होती हैं छावनी स्थित हरदौल व्यायामशाला में जहां इन महिलाओं और लड़कियों एक से बढ़कर एक करतब दिखाने की हौड़ लगी रहती है। व्यायामशाला में जब ये लड़कियां शस्त्र लेकर उतरती हैं तो पुरूष और लड़के सिर्फ देखने के लिए ही खड़े रहते हैं। हर अनंत चतुर्दशी और डोल एकादशी से पहले व्यायामशाला में मानो जश्न सा माहौल बन जाता है हर शख्स इन लड़कियों के करतब देखने के लिए उमड़ पड़ता है।</p>
<p><strong>खुद से की शुरूआत फिर लड़कियों को जोड़ा</strong><br />हरदौल व्यायामशाला की खिलाड़ी और कलाबाज संगीता कश्यप ने ही इस अखाड़े में महिलाओं और लडकियों को आने की शुरूआत की थी। संगीता बताती हैं कि आज से आठ साल पहले इस व्यायामशाला में केवल लड़के और पुरूष ही अखाड़ा खेलते थे। जिसे देखकर हम भी खेलने को लेकर प्रेरित होने लगे, जिसके बाद सबसे पहले मैं मेरी दोस्तों के साथ इस अखाड़े में पहुंच गई। हालांकि शुरूआत में थोड़ा मुश्किल लगा लेकिन धीरे धीरे सबकुछ आसान लगने लगा। मौहल्ले और परिवार के लोग भी कई बार कहते थे कैसे करोगी। लेकिन मन में जुनून रखा और आगे बढ़ते रहे। संगीता बताती हैं कि अखाड़े में सबसे ज्यादा मजा तलवार बाजी में आता है क्योंकि उसे चलाने में इंसान को बहुत सावधानी रखनी होती है। उसी सावाधानी को चैलेंज बनाकर तलवारबाजी करने पर सब तालियां बजाने पर मजबूर हो जाते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते कई समस्या आती है और सब कुछ अपने दम पर ही करना पड़ता है। संगीता बताती है कि वो तलवारबाजी में भविष्य बनाना चाहती हैं, और देश के लिए पदक जीतना चाहती हैं।</p>
<p><strong>बच्चों को देखकर अखाड़ा सीखा, अब संचालक</strong><br />हरदौल व्यायामशाला की संचालक मीना प्रजापति बताती हैं कि उन्होंने बच्चों को देखकर अखाड़ा खेलना सीखा इससे पहले वो केवल गृहिणी थी। करीब 8 साल से मीना प्रजापति अखाड़े में आती हैं। जहां लड़कियों को अखाड़ा सिखाने के साथ उन्हें खेलों में जाने के लिए भी प्रेरित करती हैं। शुरूआत में अखाड़े में आते समय करतब करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा कई बार चोटें लग जाती थी। लेकिन लड़कियों को सिखाने और उनके बीच जोश लाने के लिए हमेशा करतब करती रही। मीना बताती हैं कि अखाड़े के लिए उन्हें परिवार और समाज की ओर से हमेशा सहयोग रहा। व्यायामशाला में आने वाली हर लड़की आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं। ये सभी लड़कियां अपने बलबूते पर ही सभी प्रकार के खर्चे उठाती हैं। वहीं व्यायामशाला से कई लड़कियां राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज करा चुकी हैं। </p>
<p><strong>आत्मनिर्भर और खुदकी सुरक्षा के लिए जरूरी अखाड़ा</strong><br />अखाड़े के संचालक लोकेश बताते हैं कि आज से करीब आठ साल पहले संगीता और अन्य लड़कियां अखाड़ा सीखने को लेकर व्यायामशाला आई थी। जिसके बाद से ही यहां महिलाओं के लिए करतब सिखाना शुरू किया। इन्हें देखते हुए और भी लड़कियां आने लगी और आज करीब 100 लड़कियां व्यायामशाला में अपने करतब दिखाती हैं। कई बालिकाएं अखाड़े में ऐसी भी हैं जो दिन में अपनी जॉब करती हैं और शाम को यहां आकर अभ्यास करती हैं। क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से घर में भी सहायता देनी पड़ती है। व्यायामशाला से हर साल मलखंभ के लिए प्रतिभागी जाते हैं और हर बार जीतकर आते हैं। अखाड़ा और व्यायामशाला में अभ्यास लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही खुदकी सुरक्षा करने के काबिल बनाता है ताकि वो मुसीबत के समय खुदकी रक्षा खुद कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/she-herself-started-the-entry-of-women-and-girls-in-the-arena/article-90461</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/she-herself-started-the-entry-of-women-and-girls-in-the-arena/article-90461</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Sep 2024 16:11:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/2rtrer-%281%299.png"                         length="449036"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि की दुनिया में प्रतिभा का लौहा मनवा रहीं बेटियां </title>
                                    <description><![CDATA[उम्मेदगंज कृषि महाविद्यालय में 90 से ज्यादा छात्राओं को मिल रहा लाभ। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vgirls-are-getting-recognition-for-their-talent-in-the-world-of-agriculture/article-85510"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>कोेटा। कृषि की दुनिया में बेटियां अपनी प्रतिभा से लौहा मनवा रही है। सरकार ने प्रोत्साहन दिया तो छात्राओं ने भी दिमागी प्रतिस्पर्दा में मुकाम हासिल कर बेंचमार्क स्थापित किया है। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कोटा में बेटियों को बीएससी से पीचएडी तक की शिक्षा मुफ्त मिल रही है। जिससे कृषि में बालिकाओं का रूझान इस कदर बढ़ा की अनुसंधान से लेकर कृषि वैज्ञानिक तक का मुकाम हासिल किया है। दरअसल, कृषि शिक्षा में बालिकाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रोत्साहन राशि दे रही है। यह राशि इतनी अधिक है कि बेटियों की बीएससी से पीचएडी तक की शिक्षा पूरा खर्च निकल जाता है। यानी कि, छात्राएं एडमिशन के दौरान जितनी फीस देती हैं, उतनी ही राशि सरकार प्रोत्साहन राशि के रूप में वापस लौटा देती है। इस तरह बेटियों की पढ़ाई पूरी तरह से मुफ्त हो जाती है। </p>
<p><strong>बीएससी-एमएससी में 25 व पीएचडी में 40 हजार मिलती राशि</strong><br />उम्मेदगंज कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. मूलचंद जैन ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज में यूजी से लेकर पीएचडी तक करीब 90 छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिन्हें प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। बीएससी में छात्राओं को प्रतिवर्ष 25 हजार प्रोत्साहन राशि मिलती है। इसी तरह पीचडी में प्रतिवर्ष 40 हजार रुपए मिलते हैं। वहीं, उच्च शिक्षा में बेटियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। गोल्ड मेडल में बेटियां अव्वल: कृषि महाविद्यालय के 25 जून को हुए दीक्षांत समारोह में कुल 10 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिए गए थे। जिसमें सर्वाधिक 6 छात्राएं शामिल थीं। जबकि, छात्रों की संख्या 4 ही थी। इतना ही नहीं, दो बड़े पदक चांसलर व वाइस चांसलर गोल्ड मेडल पर भी दो छात्राओं का ही कब्जा रहा। </p>
<p><strong>पीचएडी तक यूं हो रही शिक्षा फ्री</strong><br />डीन डॉ. जैन ने बताते हैं, कृषि में बीएससी 4 साल की होती है, जिसमें कुल 8 सेमेस्टर होते हैं। प्रत्येक सेमेस्टर की फीस 10 हजार है। इस तरह कुल फीस 80 हजार रूपए होती है। जबकि, छात्राओं को प्रतिवर्ष 25 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलती है। ऐसे में बालिकाओं को 4 साल में कुल 1 लाख रुपएप्रोत्साहन राशि के रूप में मिल जाते हैं। यानी, बीएससी की कुल फीस से 20 हजार रुपए अधिक मिलते हैं।  इसी तरह एमएससी की कुल फीस 60 है और 50 हजार प्रोत्साहन के रूप में मिल जाते हैं। वहीं, तीन वर्षीय पीएचडी की कुल फीस 1 लाख 20 हजार है, जबकि प्रतिवर्ष 40 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में पूरी फीस वापस लौटा देती है। इस तरह बेटियों की एग्रीकल्चर बीएससी से पीएचडी तक की शिक्षा फ्री हो जाती है। </p>
<p><strong>कृषि वैज्ञानिक अधिकारी बनी बेटियां</strong><br />कोटा कृषि विश्वविद्यालय की गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा रितिका हाड़ा ने आलू की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले अगेती अंगमारी रोग से किसानों को राहत दिलाने के लिए अनुसंधान किया। जिससे फसल पर बायोलॉजिकल बदलाव से आलू रोग मुक्त हुआ। रितिका वर्तमान में उदयपुर में कृषि अधिकारी है। इसी तरह गोल्ड मेडलिस्ट नीलम नामा ने अपनी रिसर्च के दम पर गर्मियों में भी मूंग की फसल होना संभव कर दिखाया। नीलम  वर्तमान में बारां जिले में कृषि अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, कोटा की उदिती धाकड़ ने वर्ष 2023 के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ ब्रांच टॉपर रहने पर दो गोल्ड मेडल हासिल किए थे।  </p>
<p>बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रोत्साहन राशि योजना कारगर साबित हो रही है। कृषि शिक्षा के प्रति बेटियों का जबरदस्त रुझान बढ़ा है। कृषि सेक्टर में बेटियां अपना कॅरियर संवार रहीं है। एग्रीकल्चर कॉलेजों में 30 प्रतिशत आरक्षण से ज्यादा आवेदन एडमिशन के आने लगे हैं। पिछले दो दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल हासिल करने वालों में लड़कियों की संख्या अधिक है। फसल सुधार, फसल उत्पादन, पौध संरक्षण, बीजों की नई किस्म ईजाद करना सहित कई अनुसंधान में छात्राओं की भूमिका अहम रही है।   <br /><strong>- डॉ. मूलचंद जैन, डीन कृषि उम्मेदगंज कॉलेज कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vgirls-are-getting-recognition-for-their-talent-in-the-world-of-agriculture/article-85510</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vgirls-are-getting-recognition-for-their-talent-in-the-world-of-agriculture/article-85510</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 15:00:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/photo-size-%281%2918.png"                         length="491509"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग बालिकाओं की खरीद फरोख्त के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[ बिहार एवं अन्य राज्यों से नाबालिग बालिकाओं को 20-30 हजार रुपए में खरीदकर कोटा लाते और दो-ढाई लाख रुपये में बेच देते थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/one-more-accused-arrested-in-the-case-of-buying-and-selling-minor-girls/article-81946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(10)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उद्योग नगर पुलिस ने बिहार एवं अन्य राज्यों की नाबालिग बालिकाओं को बेचने के आरोप में फरार चल रहे एक और आरोपी को गया (बिहार) से गिरफ्तार किया। आरोपी त्रिलोकचन्द को कोर्ट में पेश किया वहां से न्यायालय ने पूछताछ के लिए पांच दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। आरोपी त्रिलोकचन्द मालपानी (66) मूलत:  छीपाबड़ौद(बारां) का निवासी है। पुलिस ने उद्योग नगर क्षेत्र के प्रेम नगर अफोर्डेबल योजना से बालिकाओं की खरीद फरोख्त के बारे में उससे पूछताछ की उसमें सामने आया कि आरोपी बिहार एवं अन्य राज्यों से नाबालिग बालिकाओं को बीस-तीस हजार रुपए में खरीदकर कोटा लेकर आते और दो-ढाई लाख रुपये में बेच देते थे। कोटा व अन्य जिलों में नाबालिग बालिकाओं की शादी कर देते हैं। इस मामले में पुलिस अब तक इस मामले 4 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा चुकी है। <br />      <br />पुलिस अधीक्षक  डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि 15 जून 2024 को बाल कल्याण समिति कोटा  ने  ई-मेल भेजा था। जिसमें बताया कि उनके पास आई नाबालिग बालिकाओं ने काउंसलिंग से जानकारी दी कि उद्योग नगर थाना क्षेत्र में बिहार व अन्य राज्यों से नाबालिग बालिकाओं को खरीद कर लाया जा रहा है और उन्हें अच्छे दामों में कोटा व अन्य जिलों में शादी के नाम से बेचा जा रहा है। इस शिकायत पर उद्योग नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पूर्व में इस मामले नाबालिग बालिकाओं  की खरीद फरोख्त के गिरोह का पदार्फाश करते हुए आरोपी दीपिका, गीता सिंह, देवकी नन्दन व सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इस मामले में शामिल आरोपी त्रिलोकचन्द मालपानी फरार था। 14 जून को आरोपी त्रिलोकचन्द मालपानी जो फिलहाल प्रेम नगर अफोर्डेबल योजना कोटा में रह रहा था को बिहार से गिरफ्तार करके कोटा लाए।  </p>
<p>डिप्टी एसपी योगेश शर्मा ने बताया कि आरोपी मालपानी दीपिका के साथ मिलकर बालिकाओं को लाता था। वह पूर्व में मैरिज ब्यूरो चलाता था।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/one-more-accused-arrested-in-the-case-of-buying-and-selling-minor-girls/article-81946</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/one-more-accused-arrested-in-the-case-of-buying-and-selling-minor-girls/article-81946</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Jun 2024 16:14:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/uu11rer-%2810%293.png"                         length="287133"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        