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                <title> womens engineering college ajmer - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> womens engineering college ajmer RSS Feed</description>
                
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                <title>महिला इंजीनियरिंग कॉलेज : डीआर और एआर से अब तक नहीं हुई वसूली, प्राचार्य ने बीटीयू को भेजा अब तक की कार्यवाही का बिंदुवार जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[इधर कॉलेज के सहायक कुलसचिव शिवपाल यादव तीन साल के लिए उच्च अध्ययन अवकाश पर रहने के बावजूद नियमित मासिक वेतन भी उठाते रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/womens-engineering-college-dr-and-ar-have-not-yet-recovered/article-124651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(8)16.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय बीकानेर(बीटीयू) के संघटक कॉलेज माखुपुरा स्थित राजकीय महिला इंजीनियरिंग कॉलेज में नियम विरुद्ध हुए पे-रेक्टिफिकेशन का लाभ लेने वाले उप कुलसचिव पुष्पेन्द्र कुमार सिंह और सहायक कुलसचिव शिवपाल यादव पर अन्य मामलों में भी लाखों रुपए की वसूली बकाया है, जिसे अब तक वसूल नहीं किया जा सका हैं। अशैक्षणिक कार्मिकों ने डीआर सिंह पर विभिन्न मामलों में किए गए भ्रष्टाचार की बीटीयू को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। इसमें डीआर द्वारा पांच से हॉस्टल मैस का टेण्डर जारी नहीं करने, छात्राओं से प्राप्त हॉस्टल शुल्क जमा नहीं कराने सहित अन्य शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि वर्ष 2019 से 2024 तक हॉस्टल मद में प्राप्त आय-व्यय को लेखा-शाखा द्वारा वार्षिक बजट में नहीं दिखाया गया हैं।</p>
<p>कॉलेज द्वारा वर्ष 2024 तक सीए से ऑडिट करवाई गई हैं। वर्ष 2024 तक बीटेक द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत छात्राओं व अध्ययन पूर्ण कर चुकी छात्राओं की कुल 35 लाख 67 हजार 650 रुपए शुल्क तथा छात्रावास में निवासरत छात्राओं से 65 लाख 47 हजर 780 रुपए बकाया चल रहे थे जिसे प्राचार्य के प्रयासों से लगभग रिकवरी की जा चुकी हैं, शेष जारी हैं। जबकि वर्ष 2019-20 में अब्दुल मोहित के नाम पर पानी टेंकर के बिलों का 65 हजार 160 रुपए  की राशि वसूल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा 5 साल से हॉस्टल मैस टेण्डर नहीं किया गया और वर्ष 2022 से 10 मार्च 2025 तक संचालित स्टेशनरी व कैंटीन से संबंधित कोई भी राशि जमा नहीं कराई गई ।</p>
<p><strong>तीन साल अवकाश पर, उठा लिया वेतन</strong><br />इधर कॉलेज के सहायक कुलसचिव शिवपाल यादव तीन साल के लिए उच्च अध्ययन अवकाश पर रहने के बावजूद नियमित मासिक वेतन भी उठाते रहे। मामले का खुलासा होने के बाद रिकवरी के आदेश भी हो गए, लेकिन रिकवरी अब तक नहीं हो सकी। रिकवरी देय वेतनमान में से ही करने के आदेश किए गए थे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 12:40:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के अशैक्षणिक कार्मिकों ने उठाया मामला : पे-रेक्टिफिकेशन के मामले में दोषियों पर हो कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[कॉलेज प्रशासन द्वारा लोकसभा आम चुनाव 2024 की आदर्श आचार संहिता में जूनियर कार्मिक शिवपाल यादव को विभागीय पदोन्नति देकर उनको वित्तीय लाभ वेतन भुगतान माह अप्रैल 2024 देय मई 2024 में दे दिया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/academic-personnel-of-womens-engineering-college-raised-the-matter-to/article-110936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(6)15.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के अशैक्षणिक कार्मिकों ने करीब एक वर्ष पूर्व कॉलेज में हुई नियम विरुद्ध पे-रेक्टिफिकेशन के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्मिकों ने केन्द्र व राज्य सरकार को एक बार फिर मामले से अवगत कराते एक वर्ष बीत जाने और जांच कार्य भी पूर्ण हो जाने के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई करने में की जा रही देरी पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। अशैक्षणिक कार्मिकों की ओर से भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि जब एक उप कुलसचिव और चार सहायक कुलसचिव के पे-रेक्टिफिकेशन लागू किया, तब देशभर में लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता जारी थी और नियम विरुद्ध आचार संहिता में पे-रेक्टिफिकेशन लागू किया गया जो गलत है। कॉलेज प्रशासन द्वारा लोकसभा आम चुनाव 2024 की आदर्श आचार संहिता में जूनियर कार्मिक शिवपाल यादव को विभागीय पदोन्नति देकर उनको वित्तीय लाभ वेतन भुगतान माह अप्रैल 2024 देय मई 2024 में दे दिया गया। जबकि राजस्थान राज्य में 16 मार्च 2024 से ही आचार संहिता लागू थी।</p>
<p><strong>आदर्श आचार संहिता के दौरान दिया वित्तीय लाभ</strong><br /> जांच में संबंधित कार्मिक की सर्विस बुक की छायापति के अनुसार सर्विस बुक में अंतिम इंद्राज एल 15 हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित कार्मिक को वेतन भुगतान माह मार्च 2024 देय अप्रैल 2024 में एल 15 एवं अप्रैल 2024 देय मई 2024 में एल 19 के अनुसार दिया गया हैं। इससे स्वत: ही सिद्ध होता हैं कि अप्रैल 2024 में आदर्श आचार संहिता के दौरान वित्तीय लाभ दिया गया।इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं उपकुल सचिव द्वारा जो विभागीय प्रमोशन दिया गया हैं उससे संबंधित सृजित पद के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दे रखी हैं। 29 मई 2024 को तकनीकी शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार को भेजे गए पत्र में गलत तथ्य देकर यह बताया गया कि अब तक कोई विभागीय प्रमोशन नहीं हुआ हैं। ऐसे में यदि विभागीय प्रमोशन नहीं हुआ तो यह कैसे हो सकता हैं कि एक कार्मिक को एल 19 से वेतन भुगतान किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 14:53:42 +0530</pubDate>
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