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                <title>मायावती का राज्य सरकार पर निशाना : बिजली संकट पर जताई चिंता, बोली- आमजन को निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाए सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और भारी बिजली कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट से किसान, गरीब और छोटे व्यापारियों का जीवन कष्टदायी हो गया है। मायावती ने सरकार से तत्काल निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और नए बिजलीघर बनाने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mayawati-targets-state-government-expresses-concern-over-power-crisis-says/article-154649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/mayawati-759.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर चिंता जताते हुये कहा कि सरकार को बिजली संकट से आमजन को निजात दिलाने के त्वरित उपाय करने चाहिये। मायावती ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि बिजली संकट से गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारी और करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बन गया है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की कम आपूर्ति व कटौती आदि की आम शिकायतों व उसको लेकर विशेषकर गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारियों व अन्य करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बना हुआ है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसको लेकर लोग विभिन्न रूपों में अपना आक्रोश भी प्रकट कर रहे हैं, जिसकी चर्चा समाचार माध्यमों में भी काफी व निरन्तर रहती है। सरकार से अपील है कि वह बिजली आपूर्ति सम्बंधी लोगों के कष्ट व परेशानियों को ध्यान में रखते हुये जरूरी उपाय तत्काल सुनिश्चित करे। साथ ही, नये बिजलीघर आदि के माध्यम से भी आगे के लिये बिजली आपूर्ति की स्थिति को सुधारने का प्रयास करे तो यह व्यापक जनहित में उचित होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच कई जिलों से अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। विपक्ष लगातार बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:36:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नए सिरे से होगा बिजली की जरूरत का आंकलन, राजस्थान में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद योजना पर आरईआरसी की रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (RERC) ने 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की योजना को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने कहा कि ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज के दौर में भविष्य की जरूरतों का नए सिरे से मूल्यांकन जरूरी है। इस फैसले से डिस्कॉम पर दीर्घकालिक बिजली खरीद का दबाव कम होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rerc-ban-on-3200-mw-coal-based-power-purchase-scheme/article-154105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/electricity-6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (आरईआरसी) ने राज्य में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद की बड़ी योजना को फिलहाल मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में राज्य को वास्तव में कितनी अतिरिक्त बिजली की जरूरत होगी, इसका नए सिरे से विस्तृत आंकलन किया जाना जरूरी है। यह मामला राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड की उस योजना से जुड़ा है, जिसमें डिस्कॉम कंपनियों के लिए 25 वर्षों तक 4 गुणा 800 मेगावाट यानी कुल 3200 मेगावाट कोयला आधारित राउंड द क्लॉक बिजली खरीदने की अनुमति मांगी गई थी। कंपनी का तर्क था कि आने वाले वर्षों में बिजली की भारी मांग बढ़ सकती है, इसलिए अभी से दीर्घकालिक व्यवस्था आवश्यक है। </p>
<p>हालांकि आरईआरसी ने कहा कि प्रस्तावित थर्मल और न्यूक्लियर परियोजनाओं, तेजी से बढ़ रही ग्रीन एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ध्यान में रखे बिना इतनी बड़ी बिजली खरीद का फैसला उचित नहीं होगा। आयोग ने यह भी माना कि ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस, वर्चुअल नेट मीटरिंग और गु्रप नेट मीटरिंग जैसी नई व्यवस्थाओं से उपभोक्ता खुद बिजली उत्पादन और स्टोरेज कर सकेंगे। इससे भविष्य में डिस्कॉम पर बिजली खरीद का दबाव कम हो सकता है। ऐसे में नई कोयला आधारित परियोजनाओं की जरूरत का पुनर्मूल्यांकन जरूरी बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 10:15:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : विद्युत निगम ने समय रहते खतरा हटाकर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई</title>
                                    <description><![CDATA[यह झुकाव पिछले बारिश के समय से बना हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--electricity-corporation-provides-relief-to-consumers-by-timely-eliminating-hazard/article-153795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)30.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के मानपुरा मार्ग स्थित बांसी जीएसएस पर पहुंच रही 33 केवी विद्युत लाइन के झुकाव की समस्या समाचार प्रकाशित होने के बाद दूर कर दी गई। संबंधित निगम के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार दोपहर झुके हुए पोल को बदलकर लाइन को सुरक्षित दूरी पर स्थापित कराया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार जयपुर विद्युत वितरण निगम की नैनवां से बांसी जीएसएस तक पहुंचने  वाली 33 केवी लाइन का एक पोल डोडी फीडर की 11 केवी लाइन की ओर झुक गया था। दोनों लाइनों  के बीच दूरी कम होने से क्षेत्र में हादसे की आशंका बनी हुई थी। यह झुकाव पिछले बारिश के समय से बना हुआ था। मानपुरा-उंरासी सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण एवं  राहगीर इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि लाइन का झुकाव कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति पत्र ने 13 मई,  बुधवार को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए झुकी हुई लाइन को बदलवाया। लाइन दुरुस्त होने से क्षेत्रीय उपभोक्ताओं एवं बांसी जीएसएस कर्मचारियों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने त्वरित समाधान के लिए विद्युत निगम एवं समाचार पत्र की सराहना करते हुए आभार जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:25:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमनाथ का पुनर्निर्माण: भारत की स्वतंत्र चेतना और प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना का उद्घोष, पीएम मोदी ने खुद को बताया दादा सोमनाथ का अनन्य भक्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर इसे भारत की स्वतंत्र चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मंदिर को सनातन गौरव का केंद्र कहा। पीएम ने 11 मई को पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ पर भारत की वैज्ञानिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति को भी नमन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/reconstruction-of-somnath-proclamation-of-indias-independent-consciousness-and-restoration/article-153407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/photoo.png" alt=""></a><br /><p>सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 75 वर्ष पहले शुरू हुआ सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत की स्वतंत्र चेतना और प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना का उद्घोष था। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में विग्रह प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित 'अमृत महोत्सव' को संबोधित करते हुए कहा कि "समय खुद जिनकी इच्छा से प्रकट होता है, जो स्वयं कालातीत हैं और काल स्वरूप हैं, आज उन देवाधिदेव महादेव की विग्रह प्रतिष्ठा के हम 75 वर्ष मना रहे हैं।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि सोमनाथ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सनातन चेतना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा, "ये सृष्टि जिनसे सृजित होती है, जिनमें लय हो जाती है, आज हम उनके धाम के पुनर्निर्माण का उत्सव मना रहे हैं। जो हलाहल पीकर नीलकंठ हो गए, उन्हीं की शरण में आज सोमनाथ अमृत महोत्सव हो रहा है।" पीएम मोदी ने स्वयं को "दादा सोमनाथ का अनन्य भक्त" बताते हुए कहा कि वह अनेक बार यहां आ चुके हैं, लेकिन इस बार यहां पहुंचते हुए उन्हें "समय की यात्रा" का विशेष अनुभव हुआ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक था। पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने 500 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत की नींव रखी और सोमनाथ के पुनर्निर्माण के माध्यम से दुनिया को संदेश दिया कि भारत केवल स्वतंत्र ही नहीं हुआ है, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करने के मार्ग पर भी अग्रसर है। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया गया था और अब प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे "हजार वर्षों की अमृत यात्रा" का अनुभव बताया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का भी महोत्सव है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने देशवासियों और भगवान सोमनाथ के करोड़ों भक्तों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 मई का दिन एक और कारण से भी विशेष है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किए गए थे। उन्होंने कहा कि भारत ने 11 मई को तीन परमाणु परीक्षण कर अपनी क्षमता और सामर्थ्य का परिचय दुनिया को दिया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि परीक्षणों के बाद विश्व की अनेक शक्तियों ने भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया और आर्थिक प्रतिबंध लगाए, लेकिन इसके बावजूद 13 मई को दो और परमाणु परीक्षण किए गए, जिससे दुनिया को भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय मिला।<br />श्री मोदी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्र सर्वोपरि है और दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती। उन्होंने कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण को "ऑपरेशन शक्ति" नाम दिया गया था, क्योंकि भारत की परंपरा शिव और शक्ति की आराधना से जुड़ी रही है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि शिव और शक्ति की यह आराधना देश की वैज्ञानिक प्रगति के लिए भी प्रेरणा बनेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:46:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु में सत्ता बनने पर संशय: टीवीके बहुमत के लिए प्रयासरत, कांग्रेस के समर्थन से टीवीके को मिला बूस्टर</title>
                                    <description><![CDATA[अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने तमिलनाडु की राजनीति में धमाकेदार दस्तक दी है। बहुमत से कुछ कदम दूर विजय का 'पावर शेयरिंग' फॉर्मूला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ, जिससे कांग्रेस ने 10 साल पुराना द्रमुक का साथ छोड़ TVK से हाथ मिला लिया। 60 साल बाद राज्य में पहली बार गठबंधन सरकार बनने जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/doubt-over-coming-to-power-in-tamil-nadu-for-the/article-152993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/tvk-3.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। नवगठित पार्टी 'तमिलगा वेत्री कषगम' (टीवीके) के संस्थापक विजय ने जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले यह दांव चला था कि उनकी पार्टी गठबंधन और सत्ता में हिस्सेदारी के लिए तैयार है, तो किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें अनुभवहीन राजनीतिज्ञ मानकर खारिज कर दिया था। लेकिन चुनावी नतीजों ने सभी एग्जिट पोल के अनुमानों को गलत साबित कर दिया और उन्होंने राजनीतिक पटल पर धमाकेदार दस्तक दी। अभिनेता विजय की पार्टी ने हालांकि अपने दम पर सरकार बनाने के लिए साधारण बहुमत हासिल करने में विफल रही, जिससे तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार गठबंधन सरकार बनने की उम्मीदें जग गयी हैं।</p>
<p>इस पृष्ठभूमि में, अभिनेता ने आवश्यक संख्या बल जुटाने के लिए कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और वामपंथी दलों से संपर्क साधा। इस परिदृश्य में, सत्ता के बंटवारे का उनका चुनाव-पूर्व दांव 'मास्टरस्ट्रोक' साबित हुआ। चुनावी नतीजों की घोषणा के मात्र दो दिन बाद ही कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ अपना 10 साल पुराना गठबंधन अचानक खत्म कर दिया और टीवीके के साथ हाथ मिला लिया। कांग्रेस ने अपने पांच नवनिर्वाचित विधायकों का समर्थन पत्र सौंप दिया है, ताकि सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखने के लिए एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनायी जा सके। साथ ही, कांग्रेस ने भविष्य के चुनावों, 2029 के लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों, तक इस रिश्ते को जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी है।</p>
<p>कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन ने न केवल टीवीके के लिए 'बूस्टर' का काम किया है, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के इतिहास में पहली बार चुनाव के बाद पुनर्गठन को भी जन्म दिया है। यह अवधारणा 2006 में भी नहीं देखी गयी थी, जब द्रमुक बहुमत पाने में विफल रही थी, लेकिन कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के बाहरी समर्थन से पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। उस समय कांग्रेस द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी, इसलिए चुनाव बाद गठबंधन का सवाल ही नहीं उठा था।</p>
<p>दो दशक बाद लेकिन अब परिदृश्य अलग है और राष्ट्रीय पार्टी ने पहल करते हुए विजय के साथ गठबंधन किया है, जिससे हार से जूझ रही द्रमुक खेमे में भारी नाराजगी है। इसी राह पर चलते हुए थोल थिरुमावलवन की वीसीके और दो वामपंथी दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के भी ऐसा ही निर्णय लेने की उम्मीद है, जिससे द्रमुक मोर्चे में और अधिक बिखराव हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला शुक्रवार तक पता चलने की उम्मीद है।</p>
<p>कांग्रेस, जो 2016 के विधानसभा चुनाव से द्रमुक के साथ गठबंधन में थी, उसने इस चुनाव के लिए टीवीके के साथ गठबंधन करने में रुचि दिखायी थी, विशेष रूप से विजय के सत्ता में हिस्सेदारी के खुले प्रस्ताव के संदर्भ में। चीजें तब उम्मीद के मुताबिक नहीं रहीं और राष्ट्रीय पार्टी अधिक सीटों और दो राज्यसभा सीटों की मांग पूरी न होने पर भी अनिच्छा से द्रमुक के साथ ही टिकी रही थी। कड़ी सौदेबाजी के बाद कांग्रेस ने 2021 में लड़ी गई 25 सीटों के मुकाबले 39 की मांग की थी, लेकिन अंत में द्रमुक के 28 सीटों और एक राज्यसभा सीट के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने गठबंधन के अन्य दलों को भी कम सीटों पर राजी करने के लिए काफी दबाव झेला था। स्टालिन ने इस कठिन दौर को कुशलता से संभाला और सहयोगियों को यह कहकर मनाया कि गठबंधन में नये दलों को जगह देनी है।</p>
<p>द्रमुक गठबंधन के इन दलों ने शुरुआत में विजय के सत्ता साझा करने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था और द्रविड़ प्रमुख के साथ चुनाव लड़ा। यह गठबंधन 2017 से लगातार चुनाव जीत रहा था, लेकिन इस बार टीवीके की लहर में उसे अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा।<br />विजय के पक्ष में लहर ऐसी थी कि तमिलनाडु में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनी। टीवीके न केवल सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, बल्कि उसने दोनों प्रमुख दलों के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगायी। यहां तक कि श्री स्टालिन खुद अपने गढ़ कोलाथुर सीट से हार गये, जहां से वे पिछले तीन बार से लगातार जीत रहे थे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है और टीवीके इस आंकड़े से 11 सीटें दूर रह गई। ऐसे में विजय ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दलों तक पहुंच बनाई। कांग्रेस ने 'अवसर का लाभ उठाते हुए' तुरंत टीवीके को समर्थन दे दिया, जिससे 1967 के बाद पहली बार उसे राज्य मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय हो गया है। वीसीके और वामपंथी दलों के पास कुल छह विधायक हैं, और उनके भी पाला बदलने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>तकनीकी रूप से टीवीके के पास 107 विधायक हैं, क्योंकि विजय ने दो सीटों पर जीत हासिल की है। ऐसे में उन्हें 11 और विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के पांच विधायकों के बाद अब सबकी नजरें वीसीके और वामपंथी दलों पर टिकी हैं। इसी बीच, टीवीके द्वारा अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से संपर्क की खबरें भी आईं, जिसके पास 47 विधायक हैं। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता के पी मुनुसामी ने हालांकि इन खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि एडप्पादी के पलानीस्वामी की सहमति से वे यह कह रहे हैं कि पार्टी विजय को कोई समर्थन नहीं देगी। अब देखना यह होगा कि क्या यह पहला चुनाव बाद का पुनर्गठन और गठबंधन शासन तमिलनाडु की राजनीति में एक नया चलन बनेगा और भविष्य के चुनावों में भी कायम रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 15:55:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस - नारी है शक्ति, नारी है ज्योति, नारी बिना ये दुनिया है खोती ....</title>
                                    <description><![CDATA[महिला अगर हम ठान लें तो हर चुनौती को पार कर सफ लता की नई कहानी लिख सकती हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/international-women-s-day---woman-is-power--woman-is-light--without-woman-this-world-is-lost/article-106839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer47.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  नारी शक्ति अगर ठान ले तो हर मुकाम पर अपना परचम लहरा देती है। आज के युग में महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। वे अपनी आत्मनिर्भरता, जोश और जज्बे से अपने सपने साकार कर रही है। शिक्षा, व्यवसाय, उच्च सरकारी पद, खेल, बिजनेस, राजनीति जैसे हर क्षेत्र में कामयाबी के शिखर पर पहुंच रही है। अंतरराष्टÑीय महिला दिवस पर हम ऐसे ही हाड़ौती की महिलाओं से आपको मुखातिब करवा रहे है। इन महिलाओं का कहना है कि बेटियों को सपने देखने दीजिए। उन्हें उड़ने दीजिए। अगर सही दिशा और अवसर मिले, तो वे हर मंजिÞल को हासिल कर सकती हैं। हर महिला में असीम शक्ति है। अगर हम ठान लें तो हर चुनौती को पार कर सफ लता की नई कहानी लिख सकते हैं। </p>
<p>मेहनत से सफलता तक अपनी कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी से प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बनाई। माता-पिता एवं परिवार की प्रेरणा से मैंने अपनी क्षमताओं को निखारा। शिक्षा, आत्मनिर्भरता और संकल्प ही सफलता की कुंजी हैं। जब एक महिला ठान लेती है, तो हर चुनौती छोटी हो जाती है। एक सुरक्षित समाज ही महिला सशक्तिकरण की नींव है। जागरूकता, सशक्त कानून और समाज की सकारात्मक सोच से महिलाएं निर्भय होकर आगे बढ़ सकती हैं। कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से हर महिला अपने लक्ष्य को हासिल कर सकती है। महिला शक्ति, समाज की असली ताकत है। <br /><strong>-भावना सिंह,एसडीएम  लाखेरी </strong></p>
<p><strong>निरंतर मेहनत पर ही अपनी मंजिल मिल सकती है</strong><br /> शुरू से ही परिवार का सहयोग रहा तो संघर्ष तो नही करना पड़ा लेकिन मेहनत बहुत करनी पड़ी है। जो भी  महिला जीवन मे कुछ करना चाहती है वो लक्ष्य निर्धारित कर के निरंतर मेहनत कर अपनी मंजिल को हासिल कर सकती है। महिला मजूबत और सफल हो सके इसके लिए जरूरी हो कि महिला अंदर से मजबूत हो अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हो, क्योंकि जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आ जाए हमे हमारी नाकामी के पीछे परिस्थियों का हवाला नही देना चाहिए।  सकारात्मक ऊर्जा के साथ परिस्थितियों का सामने करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। समाज में महिला अपने आप को सुरक्षित महसूस करे इसके लिए जरूरी है कि लोग अपने लड़के और लड़कियों की परवरिश समानता के साथ करे। उनमें किसी प्रकार का भेदभाव नही करें। क्योंकि अगर माता पिता अपनी लड़कियों के साथ ही लड़कों को भी सही संस्कार देंगे तो समाज मे निश्चित ही महिलाएं सुरक्षित माहौल को महसूस करेंगी।<br /><strong>-सपना कुमारी, उपखण्ड अधिकारी सांगोद</strong></p>
<p><strong>बदलाव लाने के लिए सिर्फ  इच्छा ही नहीं , निरंतर प्रयास भी जरूरी हैं</strong><br />आशा शर्मा जो कभी एक साधारण गृहिणी थीं। उन्होंने अपने संघर्ष और संकल्प के बल पर लाखेरी नगर परिषद की चेयरमैन बनने का गौरव हासिल किया। पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी उन्होंने समाज सेवा को प्राथमिकता दी और यह साबित किया कि इच्छाशक्ति से हर सपना साकार किया जा सकता है। चेयरमैन बनने के बाद आशा शर्मा ने शहर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का दृढ़ निश्चय किया। उन्होंने स्वच्छता, विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनका मानना है कि बदलाव लाने के लिए सिर्फ  इच्छा ही नहीं बल्कि निरंतर प्रयास भी जरूरी हैं। अंतरराष्टीय महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने युवा छात्राओं और महिलाओं को संदेश दिया कि महिला शक्ति आज किसी से कम नहीं है। आशा शर्मा ने कहा हर महिला में असीम शक्ति है। अगर हम ठान लें तो हर चुनौती को पार कर सफ लता की नई कहानी लिख सकते हैं। आशा शर्मा हर उस महिला के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करना चाहती है। उनका संघर्ष और सफ लता यह साबित करता है कि अगर हौसला बुलंद हो तो कोई भी मुकाम दूर नहीं। <br /><strong>-आशा शर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका लाखेरी</strong></p>
<p>उन्हें देखकर जनसेवा का जज्बा जगा। पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सिंधिया का विधानसभा क्षेत्र हैं । वो भी एक महिला है तो उनसे प्रेरित होकर राजनीति के जरिए जनसेवा का मौका मिला। अपने पालिकाध्यक्ष के कार्यकाल में लोगों के लिए जी जान से विकास कार्य किए। जिस मुकाम पर मैं हू वह परिवार के सहयोग से ही सम्भव हो पाता है। समय का बेहतर प्रबंधन दोनों कार्य मे सफलता दिलाता है और परिवार के सहयोग से ऊर्जा मिलती है। समाजसेवा हो या राजनीति, संघर्ष तो कदम कदम पर हर होते है, विरोध भी होते है खासकर जब आप महिला है तो हौसला तोड़ने वाले भी मिलते है लेकिन जनता के प्यार से हौसला और ताकत मिलती रहती है।<br /><strong>-वर्षा मनीष चांदवाड़, नगरपालिका अध्यक्ष, झालरापाटन</strong><br /><strong> </strong><br /><strong> डर को छोडो, हौसले को पकडो</strong><br />बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। परंतु समाज में बेटियों की पढाई लिखाई पर खर्चा व्यर्थ समझा जाता था फि र भी मेरे माता पिता के बेटे बेटी को समान शिक्षा प्रदान करने के विचार व मेरे अथक परिश्रम व लगन के चलते मैंने एसएमएस मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया।  इन्द्रगढ कस्बे से पहली महिला डॉक्टर बनी।  नीट परीक्षा की तैयारी के लिए दिन में 14 से 15 घंटे तक अध्ययन किया। शारिरीक विकलांगता होने के बावजूद मैंने कभी इसे अपनी कमजोरी नही माना और निरंतर मेहनत की। अपने अथक प्रयासों के दम पर ये मुकाम हासिल किया। पिता बैंक मैनेजर और माता गृहिणी है। जिनका मेरी इस सफ लता में अहम योगदान है। मेरे तीन छोटे भाई बहिन भी डॉक्टरी की तैयारी कर रहे है तथा एक बहिन आईएएस की तैयारी कर रही है। बाद में मेरे पति डॉ0 चन्दन मीना के प्रोत्साहन से पीजी की पढाई पूरी कर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के रूप में अपने कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अपनी सेवाएं दे रही हूं। महिला सुरक्षा समान कानून और व्यक्तिगत जागरूकता से जुडा मुद्दा है। सख्त कानून आत्मरक्षा शिक्षा व जागरुकता से इसे मजबूत किया जा सकता है। महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने में समाज की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। महिला सशक्तिकरण का मतलब सिर्फ अधिकार हासिल करना नही बल्कि अपने आत्मविश्वास स्वाभिमान और काबिलियत को पहचानना भी है। महिला दिवस पर सभी महिलाओं व बालिकाओं को मेरा संदेश है कि  डर को छोडा, हौसले को पकड़ो। शिक्षा तुम्हारा सबसे बडा हथियार है, इसे कभी मत छोड़ो। आर्थिक स्वतंत्रता तुम्हे आत्मनिर्भर बनाएगी इसे अपनाओ। गलत के खिलाफ आवाज उठाओ, क्योंकि चुप्पी भी अन्याय को बढ़ावा देती है।<br /><strong> -डॉ. प्रियंका मीना महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p><strong>सही दिशा और अवसर मिले तो बेटियां हर मंजिÞल को हासिल कर सकती हैं</strong><br />छीपाबड़ौद कस्बे के ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की लेकिन  सपना इससे कहीं आगे था।  एमबीबीएस की तैयारी के लिए कोटा जाने की इच्छा जताई तो समाज ने सवाल उठाए। लड़की को इतना पढ़ाने की क्या जरूरत। इतनी दूर भेजकर क्या करेंगे? लेकिन  माता-पिता ने समाज की परवाह किए बिना उन्हें पूरा समर्थन दिया। कोटा में  दिन-रात मेहनत की। 16-16 घंटे पढ़ाई की। न मनोरंजन देखा, न पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लिया। एक ही लक्ष्य था डॉक्टर बनकर अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए कुछ करना। लगातार पांच वर्षों की मेहनत के बाद विजय लक्ष्मी का चयन अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुआ। जहां से उन्होंने स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उनका सरकारी नौकरी में चयन हुआ और 2021 में छीपाबड़ौद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपनी सेवाएं शुरू कीं। लड़कियों को सिर्फ  स्कूल भेजना काफ ी नहीं है, उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना और सही संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है। महिला सुरक्षा को लेकर वे कहती हैं। सरकार को सख्त कानून लागू करने चाहिए और पुलिस को महिलाओं की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। आज भी कई महिलाओं के साथ हिंसा होती है। हर लड़की के माता-पिता से यह कहना है कि बेटियों को सपने देखने दीजिए। उन्हें उड़ने दीजिए। अगर सही दिशा और अवसर मिले, तो वे हर मंजिÞल को हासिल कर सकती हैं।<br /><strong>-डॉ विजय लक्ष्मी चौरसिया, स्त्री एवं प्रसूति विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छीपाबडौद</strong></p>
<p>मैं पेशे से एक ब्यूटीशियन है। पिछले 4 सालों में लगभग 500 से ज्यादा युवतियों व महिलाओं को ब्यूटीपार्लर का कोर्स करवा कर हुनरमंद बनाया है। ब्यूटी कोर्स का कोई चार्ज नही लिया, यह बिल्कुल निशुल्क है। जो आज भी अनवरत जारी है। स्कूल व कॉलेज की युवतियों के लिए यह फ्री ब्यूटी कोर्स समर वेकेशन के समय करवाया जाता है। यह सब नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक अच्छा कदम है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के कौशल विकास व आत्मनिर्भर भारत, नारी सशक्तिकरण जैसे ध्येय को भी बढ़ावा दे रही है। हर महिला को अपनी जिद और जुनून से अपने जीवन की कहानी खुद लिखनी चाहिए। मैं  इंदौर जैसे बड़े शहर की रहने वाली थी, शादी भवानीमंडी में हुई। एक बेटी का अपने पापा के प्रति अटूट विश्वास ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। सब में उनके माता-पिता व पति का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। <br /><strong>-सविता घुता -ब्यूटीशियन, भवानीमंडी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:00:02 +0530</pubDate>
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                <title>बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट, अचानक सड़क से निकलने लगी आग</title>
                                    <description><![CDATA[ बिजली की लाइन में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वायरिंग को रिपेयर कर चालू कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/short-circuit-in-power-suddenly-fire-started-coming/article-100471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/6622-copy37.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी के टोंक रोड स्थित जयपुर नगर निगम ग्रेटर ऑफिस के सामने वाली रोड पर करीब 12.30 बजे अचानक सड़क से आग निकलने लगी। मौके पर अफवाह फैल गई कि सीएनजी की लाइन में आग लग गई। सूचना मिलने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और गांधी नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में पता चला कि सड़क के नीचे बिजली की लो टेंशन लाइन है। बिजली की लाइन में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वायरिंग को रिपेयर कर चालू कर दिया।</p>
<p><strong>400 वॉल्ट की है लाइन</strong><br />डिस्कॉम के कर्मचारियों ने बताया कि यहां से 400 वॉल्ट की लाइन गुजर रही है, जो कट गई थी। सुबह बारिश का पानी इस लाइन के संपर्क में आया तो लाइन में फॉल्ट हो गया। चिंगारी निकलने के बाद बिजली सप्लाई बंद हो गई। बिजली वायर जलने लगा और रोड के नीचे से आग निकलते दिखाई देने लगी, जिसे ठीक कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2025 10:29:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>दुनिया की 8 महाशक्तियों की लिस्ट में भारत का बजा डंका, ब्रिटेन और फ्रांस को पछाड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[रिपोर्ट के मुताबिक चीन की बढ़त के बाद भी अमेरिका दुनिया का का सबसे ताकतवर देश बना हुआ है। चीन ने जहां दूसरे नंबर पर है, वहीं रूस तीसरे स्थान पर बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-beats-britain-and-france-in-the-list-of-worlds-power/article-97849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/6633-copy.jpg1.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। दुनिया में तेजी से अपनी धाक बना रहे भारत ने विश्व की 8 महान शक्तियों की लिस्ट में अपना डंका बजाया है। साल 2024 के खत्म होते-होते जारी इस ताजा लिस्ट में भारत ने ब्रिटेन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। इस लिस्ट को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक प्रभाव, राजनीतिक स्थिरता और सैन्य ताकत के आधार पर बनाया गया है। द एट ग्रेट पावर्स के नाम से जारी इस लिस्ट में सुपरपावर अमेरिका को पहला, चीन को दूसरा, रूस को तीसरा, जापान को चौथा, भारत को पांचवां, फ्रांस को छठवां, ब्रिटेन को सातवां और दक्षिण कोरिया को आठवां नंबर मिला है। </p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक चीन की बढ़त के बाद भी अमेरिका दुनिया का का सबसे ताकतवर देश बना हुआ है। चीन ने जहां दूसरे नंबर पर है, वहीं रूस तीसरे स्थान पर बरकरार है। भारत को भी इस लिस्ट में एक बड़े ग्लोबल पावर के रूप में पेश किया गया है। इस पूरी लिस्ट में खास बात यह है कि एशिया के दबदबा है और 4 देशों को इसमें जगह मिली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया का दबदबा यह दर्शाता है कि वैश्विक ताकत अब यूरो अटलांटिक क्षेत्र से हटकर हिंद प्रशांत क्षेत्र की ओर बढ़ रही है।</p>
<p><strong>सुपरपावर अमेरिका और चीन के बारे में क्या कहा?</strong><br />पिछले 500 सालों में पश्चिमी देशों ने वैश्विक ताकत में मुख्य रूप से अपना प्रभाव रखा। पिछली सदी में अमेरिका ने जहां निर्णायक भूमिका निभाई लेकिन वह एक अटलांटिक महाशक्ति है। वहीं अगर इस सदी में भी अमेरिका निर्णायक भूमिका निभाएगा तो यह हिंद प्रशांत क्षेत्र होगा। इस रैंकिंग में कहा गया है कि अमेरिका के पास दुनिया के सबसे घातक और व्यापक रक्षा प्रतिष्ठान है। अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है जो किसी भी समय दुनिया के किसी भी महाद्वीप में सैन्य कार्रवाई करने की ताकत रखता है। इसमें चीन को दूसरे नंबर पर जगह दी गई है लेकिन जनसंख्या में आ रही गिरावट का उस पर बुरा असर पड़ा है। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि चीन और अमेरिका के बीच तकनीकी खाई कम हो रही है और ड्रैगन लगातार अपनी अर्थव्वस्था और रक्षा औद्योगिक आधार को बढ़ा रहा है।</p>
<p><strong>भारत लिस्ट में बना न्यूकमर</strong><br />भारत को 5वीं रैकिंग मिली है और उसे इसे लिस्ट में न्यूकमर का दर्जा मिला है। इसमें कहा गया है कि भारत के पास बहुत अच्छी जनसंख्या है और उसकी आर्थिक प्रगति की दर इस लिस्ट में शामिल किसी अन्य देश से ज्यादा है। भारत का राजनीतिक सिस्टम खुला है और इससे तकनीकी कंपनियों को नई खोज करने के लिए प्रेरित करता है। भारत का ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका और रूस के साथ बहुत अच्छा रक्षा संबंध है। इससे भारत को सबसे आधुनिक सैन्य तकनीक आसानी से मिल जाती है। हालांकि भारत को पाकिस्तान लगातार प्रभावित कर रहा है जिससे नई दिल्ली का व्यापक अंतरराष्ट्रीय असर प्रभावित हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 10:45:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठरको म्हारा सरकारी अफसरां को </title>
                                    <description><![CDATA[कभी एम्बेसडर कार अधिकारियों की पहचान होती थी लेकिन आज सरकारी दफ्तरों में फोर्च्यूनर से लेकर स्कॉर्पियो तक अधिकारियों की सवारी लिस्ट में शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/stop-my-government-officers/article-63994"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/sd.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश और राज्य की सत्ता को चलाने की जिम्मेदारी सरकारी अफसरों की होती है जो सरकार के हर छोटे बड़े फैसले को धरातल पर क्रियान्वित कराते हैं। वहीं इस बात में कोई दो राय नहीं हैं कि सरकार के कामकाज को ठीक तरह से चलाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं अफसरों की होती है। अफसर जिस वाहन में सवारी करते हैं उसकी भी एक शान होती है। अपनी अफसरी की शान बनाए रखने को अधिकारी अब लक्जरी गाड़ियों की मांग करने लगे हैं। हालांकि सरकार भी अपने अधिकारियों के ठाट बाट में कोई कमी नहीं आने देती। बंगला गाड़ी से लेकर नौकर चाकर तक अधिकारियों को हर तरह की सुविधा दी जाती है। अपनी इन्हीं सुविधाओं में अधिकारी भी दो कदम आगे बढ़ते हुए अब लग्जरी कारों की सवारी करने लगे हैं। कभी एम्बेसडर कार अधिकारियों की पहचान होती थी लेकिन आज सरकारी दफ्तरों में फोर्च्यूनर से लेकर स्कॉर्पियो तक अधिकारियों की सवारी लिस्ट में शामिल हैं।</p>
<p><strong>किसी के पास फोर्च्यूनर तो किसी के पास मिड साइज एसयूवी </strong><br />कोटा में दर्जन भर आईएस, आईपीएस के अलावा कई सारे आरएएस और आरपीएस अधिकारी तैनात हैं। बता दें कि इन अधिकारियों के आवागमन और कार्य की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा इन्हें वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। जो या तो अनुबंध पर होते हैं या विभाग द्वारा ही खरीदे जाते हैं। इन वाहनों में कोटा कलेक्टर के पास फोर्च्यूनर और एसपी के पास स्कॉर्पियो मौजूद है। यह दोनों ही वाहन मिड साइज एसयूवी की कैटेगरी  में आते हैं। दूसरी ओर कोटा के सभी एडीएम और एसडीएम को बोलेरो कैम्पर कार दी हुई है। इसके अलावा कोटा में पुलिस विभाग में तैनात सभी उप पुलिस अधिक्षक व अतिरिक्त पुलिस अधिकक्ष को महिंद्रा की टीयूवी 300 कार दी गई है। गौरतलब है कि कोटा में अधिकारियों को दिए गए ये सभी वाहन लग्जरी श्रेणी के वाहन हैं जिनकी कीमत 15 लाख से 40 लाख तक है। वहीं इसके अलावा द्वितीय स्तर के दफ्तर व अधिकारियों को भी लग्जरी सिडान कारें मुहैया कराई गई हैं। जिनमें स्वीफ्ट डिजायर से लेकर मारूती की सियाज मौजूद हैं।</p>
<p><strong>कुछ विभागों में बिना टैक्सी नंबर चल रहे वाहन</strong> <br />सरकारी अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराना सरकार का कार्य है जिसमें विभाग की आवश्यकतानुसार वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं अनुबंध के तहत लगने वाले वाहनों के लिए सरकार द्वारा दिशा निर्देश जारी हैं लेकिन उन निर्देशों की पालना में कुछ विभाग विफल नजर आए। सरकार के निर्देशानुसार अनुबंध के तहत लगने वाले वाहनों को कमर्शियल रजिस्ट्रेशन होने के साथ ही उनकी आयु 7 वर्ष से कम होनी जरूरी है लेकिन जिले मेंदोनों नगर निगमों, जलदाय विभाग, जिला परिषद जैसे कई विभागों में अनुबंध के तहत लगाए गए वाहन में कई वाहन बिना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के ही अनुबंधित हैं। जिससे सरकार को लाखों रु. के राजस्व का नुकसान हो रहा है। </p>
<p><strong>लग्जरी वाहनों से सरकारी वाहन की पहचान हो रही कम</strong><br />जिले में सरकारी अधिकारियों के लिए तैनात वाहनों के लग्जरी होने से उनकी सरकारी पहचान भी कम हो रही है। अगर किसी पर नेमप्लेट ना लगा हो तो किसी भी अधिकारी के वाहन को आसानी से नहीं पहचाना जा सकता। अधिकारियों के पास मौजूद ये लग्जरी वाहन किसी निजी वाहनों की तरह प्रतीत होते हैं। </p>
<p>विभागों में लगे वाहनों का रजिस्ट्रेशन कमर्शियल होना जरूरी है ताकी भुतान करने में आसानी रहे कई बार वाहन मालिक अनुबंधित वाहन के स्थान पर दूसरा वाहन भी ले आता है। बिना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के वाहन लगाने के लिए अनुमति जरूरी है अगर ऐसा नहीं है तो नियमानुसार गलत है।<br /><strong>- आशीष शर्मा, कोषाधिकारी</strong></p>
<p>विभाग के सभी वाहन नियमानुसार व परमिशन लेकर ही लगे हुए हैं, रजिस्ट्रेशन कमर्शियल होना नहीं होना इसकी जानकारी नहीं है ये जिम्मेदारी राजकोष विभाग की हैं क्योंकि इनका भुगतान राजकोष विभाग से ही किया जाता है।<br /><strong>- महेश जांगिड़, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जलदाय विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Dec 2023 19:35:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>मानसून के चलते बिजली की मांग में कमी, 3 महीने बाद बढ़ सकता है संकट</title>
                                    <description><![CDATA[कोयले की कमी से राजस्थान में बिजली का संकट बरकरार है। कटौती के जरिए बिजली मैनेजमेंट के बीच बदलते मौसम ने भले ही कुछ दिनों के लिए संकट स्थगित कर दिया है, लेकिन 3 महीने बाद बिजली संकट फिर गहरा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-power-crisis-may-be-increased/article-13940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/4546546520.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोयले की कमी से राजस्थान में बिजली का संकट बरकरार है। कटौती के जरिए बिजली मैनेजमेंट के बीच बदलते मौसम ने भले ही कुछ दिनों के लिए संकट स्थगित कर दिया है, लेकिन 3 महीने बाद बिजली संकट फिर गहरा सकता है। ऊर्जा विभाग अभी से अक्षय ऊर्जा के जरिए बिजली के व्यवस्था में लग गया है। प्रदेश में कोयला संकट के चलते प्रदेश की 23 बिजली उत्पादन इकाइयों में करीब 6 में उत्पादन बंद पड़ा है। शेष उत्पादन इकाइयों में कोयले की कम आपूर्ति के कारण पर्याप्त क्षमता से उत्पादन नहीं हो पा रहा।संकट के बीच छत्तीसगढ़ सरकार से बातचीत नहीं बनने के कारण राजस्थान को आवंटित दो खान ब्लॉक से भी खनन समय पर अभी तक शुरू नहीं हुआ। सरकार को आम उपभोक्ताओं के साथ किसानों को फसली सीजन में बिजली देने की चुनौती बनी हुई है। ऊर्जा विभाग की चिंता यह भी है कि कोयला उत्पादित इकाइयों पर निर्भरता के चलते अक्टूबर के बाद बिजली संकट और गहरा सकता है।</p>
<p>अभी मानसून के चलते तापमान में जारी गिरावट से बिजली की डिमांड में कमी बनी हुई है। किसान के पास भी अभी खेतों में काम नहीं है। संकट थोड़ा कम नजर आ रहा है। अक्टूबर के बाद स्थितियों में बदलाव होगा, क्योंकि बारिश सीजन के बाद फसली सीजन शुरू होगा, तो किसानों में बिजली की डिमांड बढ़ेगी। ऐसे में प्रदेश में पर्याप्त कोयला नहीं मिला, तो बिजली का संकट खड़ा होगा। इसी वजह से ऊर्जा विकास निगम ने अभी से अक्षय ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन इकाइयों से सस्ती बिजली खरीद प्रक्रिया तेज कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 12:43:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंतर-मंतर पर योग: हमारी आत्मिक शक्ति में वृद्धि करता है योग</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पुरातत्व विभाग की ओर से जंतर-मंतर पर योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस पर संबोधन को सुनने के बाद सभी ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yoga-at-jantar-mantar-yoga-increases-our-spiritual-power/article-12706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sdfgsd.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पुरातत्व विभाग की ओर से जंतर-मंतर पर योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस पर संबोधन को सुनने के बाद सभी ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया।<br /><br />कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री अर्जुन मेघवाल ने योग के महत्व को बताते हुए कहा की योग में हम आसन, प्राणायाम, व ध्यान को सम्मिलित करते है योग हमारी आत्मिक शक्ति को बढ़ाता है। मानवता के लिए योग इस वर्ष की थीम को ध्यान में रखकर दुनियाभर में लोग योगाभ्यास, ध्यान, प्राणायाम इत्यादि कर रहे हैं और भारत के लिए गर्व का विषय है कि पूरी दुनिया उसे देखकर स्वस्थ रहने के लिए संकल्पित हो रही है।<br /><br />बीएसएफ के डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि योग को दुनिया के सामने लाने में भारत का बहुत बड़ा योगदान रहा है।बार्डर एरियाज में देखिए 50 डिग्री तापमान में भी हमारे जवान योग करके खुद को फिट रख रहे हैं। उनकी ड्यूटी के समय में भी योग को जोड़ दिया गया है जिससे जवान जो ड्यूटी करते है वह तनावमुक्त रहकर दुश्मन पर पैनी नजर रख सके।<br /><br />संस्थान के कुलपति प्रोफ़ेसर संजीव शर्मा ने बताया की आठवें अंन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम की श्रृंखला में जयपुर में पिछले 100 दिनो से कुछ ना कुछ स्वास्थ्य वर्धक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इस शृंखला  में 2 मई को जलमहल पर, 17 जून को हवामहल पर योग प्रदर्शन किया गया। 18 जून  को जवाहर सर्कल पर योग प्रोटकॉल का अभ्यास करवाया गया और दिनांक 20 जून को योग जागरूकता रैली व जुम्बा डान्स पर्फ़ोर्मन्स जैसे अनेक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में युवाओं और शहरवासियों ने भाग लेकर योग के महत्व को जाना है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य जन-जन में यह संदेश पहुंचना है की योग हमारे शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य एवं दीर्घ निरोग आयु के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। <br /><br />कार्यक्रम में बीएसएफ के अधिकारियों, जवानों, पुरातत्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ साथ सीआरपीएफ, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के शिक्षकों , छात्र, कर्मचारी, एपेक्स विश्वविद्यालय के छात्र, प्रतिनिधि,  नेहरू युवा केंद्र, अन्य सामाजिक संगठनों एवं आमजन ने मिलकर योगाभ्यास किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 14:57:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>CM गहलोत बोले......फासिस्ट लोग सत्ता में बैठे हैं, उनको सत्याग्रह का मीनिंग ही नहीं मालूम है   </title>
                                    <description><![CDATA[  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की अग्निपथ और राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर कहा कि  ये ऐसे लोग (भाजपा) फासिस्टी लोग सत्ता में बैठे हैं, उनको सत्याग्रह का मीनिंग ही नहीं मालूम है, सत्याग्रह सत्य के लिए आग्रह होता है, जिसमें हिंसा नहीं होती है, तनाव नहीं होता है और अपनी बात कहने का तरीका होता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gehlot-said-that-fascist-people-are-sitting-in-power--they-do-not-even-know-the-meaning-of-satyagraha/article-12667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ashok-j.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की अग्निपथ और राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर कहा कि  ये ऐसे लोग (भाजपा) फासिस्टी लोग सत्ता में बैठे हैं, उनको सत्याग्रह का मीनिंग ही नहीं मालूम है, सत्याग्रह सत्य के लिए आग्रह होता है, जिसमें हिंसा नहीं होती है, तनाव नहीं होता है और अपनी बात कहने का तरीका होता है।<br /><br /> गहलोत सोमवार को नई दिल्ली में जंतर मंतर पर दुर्भाग्य से जो अभी सत्ता में बैठे हुए लोग हैं, ये गांधी जी का सत्याग्रह था, उनकी भावनाओं को समझ नहीं पा रहे हैं, इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार ये चौथा दिन है, जब शांति से, सद्भावना से बैठे हुए हैं या अरेस्ट दे रहे हैं अपने आपको जो कायदा होता है लोकतंत्र के अंदर, परंतु ये लोग जो हैं, पुलिस जो है वो उल्टा अत्याचार कर रही है कार्यकर्ताओं पर, उलटा हो रहा है। कल ही मैंने कहा था कि कार्यकर्ता तो शांति से हैं, सद्भावना से बैठे हैं और ये पुलिस अत्याचार कर रही है कार्यकर्ताओं पर, जगह-जगह रोक रही है। हां, अगर हिंसा हो, पत्थरबाजी हुई हो कहीं पर, आगजनी हुई हो, तो आपका हक है कि आप अरेस्ट करो, उनको रोको, कार्रवाई करो, मुकदमा दर्ज करो, ये कुछ हो ही नहीं रहा है, ये ऐसा उदाहरण आपके सामने है जहाँ बिल्कुल शांति-सद्भावना से सब बैठे हुए हैं, अपनी बात कह रहे हैं, राहुल गांधी जी और सोनिया गांधी जी पर जो ईडी के नोटिस दिए गए हैं गलत तरीके से, जब हम बार-बार कहते हैं कि वो कंपनियां ऐसी हैं, जो नॉन-प्रॉफिट वाली हैं, जिसमें 1 रुपया ले नहीं सकता आदमी, चाहे तो नहीं ले सकता है, वो कंपनियां कानून के अंतर्गत बनी हुई हैं, उसमें मनी लॉन्ड्रिंग कैसे हो सकती है? पूरा देश समझ रहा है, सभी कार्यकर्ता समझ रहे हैं, पूरे देश के कार्यकर्ताओं में इतना भयंकर आक्रोश है कि सरकार को अहसास नहीं है, अहसास करवाने के लिए ही कार्यकर्ता आए हैं और मैं ये समझता हूं कि अल्टीमेटली सत्य की जीत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 15:49:39 +0530</pubDate>
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