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                <title>crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>भाजपा ने हरियाणा की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को संकट में धकेला : निजीकरण की ओर बढ़ाये जा रहे कदम, सैलजा ने भाजपा पर लगाए आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा में सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर स्कूलों को कमजोर कर निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 16 हजार से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं, 968 प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और सैकड़ों गांव स्कूल सुविधाओं से वंचित हैं। सैलजा ने तत्काल भर्ती और लंबित विकास कार्य पूरे करने की मांग की।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-has-pushed-haryanas-government-education-system-into-crisis-steps/article-158488"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/kumari.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चंडीगढ़। हरियाणा में सिरसा लोकसभा सीट से सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर सरकारी शिक्षा को कमजोर करने और निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 5,573 वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षक, 8,449 प्राथमिक शिक्षक तथा 2,413 माध्यमिक शिक्षक पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। शिक्षक भर्ती में लगातार हो रही देरी का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सांसद ने कहा कि प्रदेश के 968 सरकारी प्राथमिक विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि 22.1 प्रतिशत विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात निर्धारित मानकों से भी खराब है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है। कुमारी सैलजा ने कहा कि आज भी 63 बस्तियां प्राथमिक विद्यालय, 112 बस्तियां उच्च प्राथमिक विद्यालय, 132 गांव माध्यमिक विद्यालय तथा 215 गांव वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के दावों के बावजूद 691.88 करोड़ रुपये के विकास कार्य लंबित पड़े हैं। विद्यालयों में शिक्षक, भवन और मूलभूत सुविधाओं की कमी से बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों के बजाय केवल प्रचार और विज्ञापनों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सभी रिक्त पदों पर नियमित शिक्षकों की समयबद्ध भर्ती करने, लंबित विकास कार्य पूरे करने तथा प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा उपलब्ध कराने की है। उन्होंने राज्य सरकार से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने की मांग की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 15:44:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>फ्रांस में भीषण गर्मी का कहर: एक हफ्ते में 1000 से अधिक लोगों की जान गई, पूरे यूरोप में हाहाकार</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांस सहित पूरे यूरोप में जानलेवा गर्मी के कारण आपातकाल जैसी स्थिति है। 24 जून से अब तक फ्रांस में रिकॉर्ड 1,000 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 85% बुजुर्ग हैं। पेरिस में पर्यटकों और सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। स्पेन और जर्मनी में भी पारा 40°C पार पहुंच चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/extreme-heat-wreaks-havoc-in-france-more-than-1000-people/article-158299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/europe.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस में इस हफ्ते भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं पर अधिक बेहद बढ़ गया है और 24 जून से अब तक देश में करीब 1,000 लोगों की मौतें हुई है। देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच जाने से इमरजेंसी कॉल में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गयी है। 'पब्लिक हेल्थ फ्रांस' ने रविवार को बयान जारी कर बताया कि बुधवार (24 जून) से अब तक देश में सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 1,000 से अधिक अतिरिक्त मौतें दर्ज की गयी हैं। एजेंसी के अनुसार, इस आपदा का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में देखा गया जो 'रेड हीट अलर्ट' पर थे। इनमें इले-डी-फ्रांस, नुवेल-अकिटेन, ब्रिटनी, सेंटर-वैल डी लॉयर, नॉर्मंडी और पेस डी ला लॉयर शामिल हैं। इनमें से करीब 85 प्रतिशत मौतें 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों की हुई हैं।</p>
<p>इस हफ्ते फ्रांस के 30 से अधिक विभागों में 'रेड हीट अलर्ट' लागू रहा। बुधवार को सबसे गर्म दिन के रूप में दर्ज किया गया था, जब 24 घंटे का औसत तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। पेरिस में आपातकालीन सेवाओं पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश पर सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर रोक लगा दी थी। यही नहीं, शनिवार को होने वाले 'पेरिस प्राइड मार्च' को भी आगे के लिए टाल दिया गया है। गर्मी के चलते एफिल टॉवर और लौवरे म्यूजियम जैसी मशहूर जगहों को भी तय समय से पहले बंद किया जा रहा है।</p>
<p>चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए पूरे हफ्ते लोग पार्कों और नहरों के किनारे इकट्ठा होते रहे। लेकिन प्रशासन ने बिना निगरानी वाली जगहों पर तैरने के खतरों को लेकर सख्त हिदायत जारी की है। गर्मी का यह प्रचंड रूप इस समय पूरे यूरोप में देखा जा रहा है। ब्रिटेन में भी शुक्रवार का दिन सबसे गर्म दिन रहा, जहां सफोल्क के सेंटन डाउनहैम गांव में तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा स्पेन और जर्मनी में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:36:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान के कथित ड्रोन हमले का अमेरिका ने दिया करारा जवाब, 10 ठिकाने तबाह करने का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[कमर्शियल तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सीज़फायर का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी कि यदि ईरान नहीं सुधरा, तो उसका अस्तित्व खत्म कर दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increased-in-the-strait-of-hormuz-america-gave-a/article-158265"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिका की सेना ने शनिवार रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आस-पास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह कार्रवाई एक वाणिज्यिक जहाज़ पर ईरान के कथित हमले के जवाब में की गई। कमांड ने ‘एक्स’ पर कहा, "अमेरकी नेवी और वायु सेना के लड़ाकू जहाजों ने आज रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आस-पास कई जगहों पर ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ये हमले एम/टी किकू पर ईरान के ड्रोन हमले के जवाब में किए गए।"</p>
<p>सेंटकॉम ने इन हमलों का फ़ुटेज भी जारी किया। सेंटकॉम ने पहले दावा किया था कि शनिवार सुबह 4:30 बजे होर्मुज़ जलडमरूमध्य में पनामा के झंडे वाले टैंकर 'किकू’ पर एक ईरानी ड्रोन ने हमला किया था। इस टैंकर में 20 लाख बैरल से ज़्यादा तेल लदा हुआ था। सेंटकॉम ने आगे कहा, "होर्मुज़ जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाज़ों का आना-जाना जारी है।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए हैं। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, "अमेरिकी विमानों ने अभी-अभी ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर हमले किए हैं।" उन्होंने इसे "सीज़फायर समझौते का फिर से उल्लंघन" करने का जवाब बताया।</p>
<p>अमेरिकी नेता ने चेतावनी दी, "एक समय ऐसा आ सकता है जब हम और ज़्यादा समझदारी से काम न ले पाएं और हमें उस काम को सैन्य तरीके से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था। अगर ऐसा हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा!" इससे पहले, ईरानी मीडिया ने ईरान के केशम द्वीप और सिरिक शहर के पास, साथ ही देश के दक्षिण में बंदर-ए-लेंघे बंदरगाह शहर के पास हमलों की खबर दी थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक कमर्शियल जहाज़ पर ईरान के कथित हमले के जवाब में ईरान में कई ठिकानों पर हमले की पुष्टि की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 10:19:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भूंकप से थर्राया वेनेजुएला: 32 मौतें, 700 घायल, राष्ट्रपति ने घोषित किया आपातकाल</title>
                                    <description><![CDATA[वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दोहरे भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है और 700 घायल हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल लागू कर टास्क फोर्स गठित की है। स्कूल, ट्रेन और हवाई अड्डे बंद कर दिए गए हैं। अमेरिका और अन्य देशों ने तुरंत मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/venezuela-shaken-by-earthquake-32-dead-700-injured-president-declared/article-158055"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>काराकास। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आये भूकंप के कारण हुए हादसों में 32 हो गयी है, जबकि करीब 700 लोग घायल हुए हैं। इस हादसे में हताहत लोगों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका है। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने हादसे की व्यापकता को देखते हुए देश में इमरजेंसी लगा दी है। अमेरिकी संस्था यूएसजीएस ने बताया कि कहा कि एक भूकंप के तुरंत बाद ही दूसरा भूकंप आया। ये दो भूकंप वेनेजुएला के मोरोन शहर से 16 किलोमीटर और सैन फेलिप से 24 किलोमीटर दूर बुधवार शाम 6:04 बजे (भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के 3:34 बजे) आये। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 7.2 और 7.5 मापी गयी। इससे राजधानी काराकस सहित कई इलाकों में भारी तबाही हुई है भूकंप के झटके पूरे देश में और कोलंबिया सहित लैटिन अमेरिका के अन्य हिस्सों में भी महसूस किये गये। अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्रों के अनुसार, अब सुनामी का कोई खतरा नहीं है।</p>
<p>राष्ट्रपति रोड्रिगेज के अनुसार, राजधानी काराकस से लेकर तटीय शहर कैटिया ला मार तक पूरे देश में इमारतें गिरने की खबर है। वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष के अनुसार, अब तक तटीय राज्य ला गुएरा सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुश्री रोड्रिगेज ने खोज और बचाव के लिए एक विशेष टास्क फोर्स की घोषणा की। देश भर में स्कूलों में कक्षाएं एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गयी हैं, और रेल सेवाएं और गैर-जरूरी गतिविधियां अस्थायी रूप से रद्द कर दी गयी हैं। काराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अस्थायी रूप से बंद है। वेनेजुएला के सुरक्षा बलों सहित सैकड़ों कर्मचारी अब संकट से निपटने के लिए मौके पर मौजूद हैं।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ‘मदद के लिए तैयार और सक्षम है।’ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ‘तुरंत वेनेजुएला में खोज और बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता भेज रहा है।’ कोलंबिया, मैक्सिको, पेरू, अर्जेंटीना, तुर्की और पनामा सहित कई अन्य देशों ने संवेदना और सहायता की पेशकश की है। रोड्रिगेज के मुताबिक अमेरिका, पनामा, कतर, क्यूबा, निकारागुआ, तुर्की, जॉर्डन, कोलंबिया, बारबाडोस, इंगलैंड, ब्राजील और मेक्सिको तुरंत वेनेजुएला का सहयोग करने के लिए आगे आये। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी वेनेजुएला सरकार से संपर्क किया और प्राकृतिक आपदा से निपटने में मदद करने का आश्वासन दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:24:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बड़ी खबर: शिवसेना (यूबीटी) में टूट की पुष्टि, छह सांसदों ने किया शिंदे खेमे का समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र की राजनीति में भारी उलटफेर के तहत शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों ने पाला बदल लिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर एकनाथ शिंदे गुट में विलय की मांग की। उद्धव ठाकरे के पास अब केवल 3 सांसद बचे हैं, जिससे पार्टी का संकट गहरा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-news-shiv-sena-confirms-split-in-ubt-six-mps/article-157343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/mah.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र के प्रमुख सियासी दल और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक और विभाजन की गुरुवार को उस समय प्रभावी रूप से पुष्टि हो गई, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर अपने समूह का महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय करने की मांग की। इन छह बागी सांसदों में संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय जाधव (परभणी), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी-अजा) और ओमप्रकाश उर्फ ओम राजे निंबालकर (उस्मानाबाद) शामिल हैं। इस गुट के बगावत के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) में श्री उद्धव ठाकरे के प्रति वफादार रहने वाले तीन सांसद अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) और राजाभाऊ वाजे (नासिक) ही बचे हैं।</p>
<p>इस राजनीतिक संकट के बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व ने पार्टी के संसदीय विंग पर नियंत्रण का दावा करने के बागियों के प्रयास का मुकाबला करने के लिए तेजी से कदम बढ़ाया। शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य सचेतक ने संसदीय दल की बैठक बुलाई है। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और संसदीय दल के नेता संजय राउत ने सावंत और देसाई के साथ बुधवार को बिरला से मुलाकात की थी। इस बैठक में ओम बिरला से इन बागियों की अनदेखी करने का अनुरोध किया गया था। इसके अलावा सावंत ने बिरला को लिखे एक पत्र में अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे पार्टी की आधिकारिक स्थिति सुने बिना किसी भी अलग हुए गुट को मान्यता न दें। </p>
<p>उन्होंने लिखा: "शिवसेना (यूबीटी) सदन में अपने विधिवत अधिकृत नेता और सचेतक के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने वाले एक एकल राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्राप्त करना जारी रखे हुए है, और पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित गुट या अलग हुए समूह को कोई अलग मान्यता, दर्जा, विशेषाधिकार या सुविधा न दी जाए; यदि ऐसा कोई अनुरोध प्राप्त होता है, तो शिवसेना (यूबीटी) को आपके कार्यालय के समक्ष अपनी प्रस्तुतियाँ देने का अवसर दिए बिना उस पर कोई निर्णय न लिया जाए।" इसके अलावा पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने आज संसदीय दल की बैठक बुलाई है, इस कदम को व्यापक रूप से विद्रोह के बीच वफादारी की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी ने इससे पहले 2022 में भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक बड़े विभाजन का सामना किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:21:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आरपी सिंह का निशाना: पंजाब को खोखले दावों की जरूरत नहीं, बोले-सरकार ने राज्य के युवाओं को पूरी तरह से ड्रग माफिया के हवाले कर दिया</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने पंजाब की मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खोखले दावों के बीच ड्रग माफिया बेखौफ हैं, जिससे तंग आकर कोटकपुरा में लोग पलायन को मजबूर हैं। जेलों से लाइव ड्रग्स सेवन के वीडियो तंत्र की 'अभूतपूर्व विफलता' को उजागर करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rp-singhs-target-is-that-punjab-does-not-need-empty/article-156998"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने नशीले पदार्थों के मुद्दे पर पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य को खोखले दावों, कॉमेडी-शो जैसे कार्यक्रमों से ध्यान भटकाने वाले कामों या दिखावटी फोटो-ऑप्स की ज़रूरत नहीं है, बल्कि ऐसी सरकार की जरूरत है जो सचमुच शासन करे। सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खोखले वादे पंजाब की भयानक ज़मीनी हकीकत के बोझ से आधिकारिक तौर पर ढह गये हैं। जो प्रशासन कुछ ही महीनों में ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के बड़े-बड़े और नाटकीय दावों के दम पर सत्ता में आया था, उसने शासन चलाने में ‘अभूतपूर्व विफलता’ दिखाई है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस शासन के तहत आम नागरिकों की बेबसी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोटकपुरा की राम बस्ती में कानून का पालन करने वाले आम परिवारों को अपनी दीवारों पर ‘घर बिक्री के लिए है’ के पोस्टर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। भाजपा नेता ने कहा कि यह आर्थिक कारणों से किया गया पलायन नहीं है। यह जीवित रहने के लिए की गयी एक हताश कोशिश है। भगवंत मान के शासन कार्यकाल में खुलेआम ड्रग्स की तस्करी इतनी बढ़ गयी है कि माता-पिता अपने बच्चों को ‘चिट्टा’ की सर्वव्यापी पकड़ से बचाने के लिए अपने पुश्तैनी घर आधी कीमत पर बेचने को तैयार हैं। इन परिवारों की रक्षा करने के बजाय प्रशासन का तंत्र जनसम्पर्क (पीआर) इकाई की तरह काम करता है। स्थानीय पुलिस इस त्रासदी को महज ‘निजी विवाद’ बताकर कमतर दिखाने की कोशिश करती है ताकि सरकार को राजनीतिक शर्मिंदगी से बचाया जा सके।</p>
<p>आरपी सिंह ने कहा कि यह नशा सड़कों से लेकर राज्य के सबसे सुरक्षित इलाकों तक फैली हुई है। होशियारपुर केंद्रीय कारागार का एक कैदी जेल के अंदर से लाइव वीडियो ब्रॉडकास्ट करने में कामयाब रहा, जिसमें उसने खुलेआम ‘आईसीई’ (मेथामफेटामाइन) जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए दिखया और आरोप लगाया कि जेल अधिकारी खुद ही आपूर्ति श्रृंखला चेन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय कार्टेल और स्थानीय तस्कर सरकारी जेलों के अंदर से आसानी से अपने काम को स्ट्रीम कर सकते हैं, तो स्पष्ट है कि राज्य सरकार बहुत प्रचारित ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान महज एक बेअसर मीडिया स्टंट है।</p>
<p>भाजपा नेता ने कहा कि आप सरकार ने संरचनात्मक क्रांति का वादा किया था लेकिन उसने केवल एक दुखद स्थिति दी है जहाँ ड्रग माफिया बिना किसी डर के काम करते हैं जबकि आम नागरिक डर के साये में जीते हैं। फरीदकोट की सड़कों के कोनों से लेकर होशियारपुर के उच्च सुरक्षा वाले बैरकों तक मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाले राज्य तंत्र ने राज्य के युवाओं को पूरी तरह से ड्रग माफिया के हवाले कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:07:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टीएमसी को बड़ा झटका: अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, उच्च सदन में तृणमूल के बचे सिर्फ 9 सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच प्रसिद्ध अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के बाद यह चौथा बड़ा इस्तीफा है। इस सियासी संकट से उच्च सदन में टीएमसी की संख्या घटकर महज 9 रह गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/koel-mullick.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक अनिश्चितता और उथल-पुथल के बीच मशहूर अभिनेत्री और नेता कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मल्लिक के इस कदम से पहले राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय और सुस्मिता देव भी उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, आज ही सुबह एक और टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपा था। बड़ाइक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी की सदस्य संख्या घटकर 10 रह गई थी, जो दोपहर बाद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही अब गिरकर महज 9 पर आ गई है।</p>
<p>बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को टीएमसी नेतृत्व द्वारा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इसे पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा गया था। सांसद बनने के बाद कोयल अपने पिता व दिग्गज अभिनेता रंजित मल्लिक और परिवार के साथ नई दिल्ली में नए संसद भवन भी गई थीं और उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी चौतरफा राजनीतिक चुनौतियों और लगातार लग रहे झटकों का सामना कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री पिछले कुछ समय से चल रहे राजनीतिक विवादों से खुद को दूर रखना चाहती थीं और उन्होंने इस बढ़ती सियासी हलचल में उलझने के बजाय गरिमापूर्ण तरीके से पद छोड़ना बेहतर समझा। विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष के सुर उभरने लगे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है और आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इसी राह पर चल सकते हैं। </p>
<p>हालांकि, पार्टी ने अभी तक इन सामूहिक इस्तीफों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पद छोड़ने वाले अधिकांश नेताओं ने भी अभी तक अपने भविष्य के राजनीतिक पत्तों को नहीं खोला है। सांसद पद की शपथ लेते समय देश सेवा का संकल्प दोहराने वाली कोयल मल्लिक का महज कुछ महीनों के भीतर ही इस्तीफा दे देना, राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी के घटते प्रभाव और पार्टी के भीतर चल रहे गहरे आंतरिक संकट की ओर साफ इशारा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:18:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ग्राउंड रिपोर्ट: क्या हादसाें के बाद ही जागने की रीत कभी तोड़ी जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[ बिना जांच 'अवैध टैंकरों' से सप्लाई हो रहा हजारों लीटर पानी,नई कॉलोनियों में मंडराया संकट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ground-report--will-the-pattern-of-waking-up-only-after-a-tragedy-occurs-ever-be-broken/article-156433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकारी स्तर पर संकट से निपटने के लिए कोटा शहर में 12 हाइड्रेंट/बोरिंग पॉइंट्स अनुबंधित (पूरी तरह टेस्टेड) किए गए हैं। इसी तरह रामगंजमंडी में 16 कुएं और सांगोद में 3 से 4 ट्यूबवेल रिजर्व रखे गए हैं, जहां से पूरी तरह जांचा हुआ पानी ही टैंकरों में भरा जाता है।<br />शिक्षा नगरी कोटा में भीषण गर्मी के बीच एक बड़ा जल-संकट और छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। एक तरफ जहां जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की कोटा लैब सरकारी स्तर पर लक्ष्य से आगे बढ़कर पानी की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर के पॉश और घने कोचिंग इलाकों सहित बाहरी कॉलोनियों में अवैध और बिना जांचे पानी के टैंकरों का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। रोजाना हजारों छात्र और स्थानीय नागरिक इस अनियंत्रित पानी को पीने और इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, जिससे किसी बड़ी महामारी के फैलने का अंदेशा पैदा हो गया है।</p>
<p><strong>जवाहर नगर हादसे' की याद हुई ताजा</strong><br />शहर में पानी की मॉनिटरिंग को लेकर बरती जा रही यह लापरवाही सीधे तौर पर मासूमों की जान से खिलवाड़ है। विज्ञान नगर इलाके में दुषित पानी की सप्लाई के बाद वर्तमान स्थिति को देखकर कुछ साल पहले जवाहर नगर क्षेत्र में एक साथ फैली उस महामारी की याद ताजा हो जाती है, जब दूषित पानी की समस्या के चलते 70 से अधिक कोचिंग छात्रों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा था।<br /><strong>-मनू सोलंकी निवासी जवाहर नगर</strong></p>
<p><strong>निजी वाटर सप्लाई पर नहीं है कोई निगरानी</strong><br />उस बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। आज भी स्थिति यह है कि केवल कच्ची बस्तियां ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े कोचिंग इलाकों और हॉस्टल्स में भी पानी की मॉनिटरिंग या उसकी नियमित जांच करवाने की कोई कानूनी बाध्यता तय नहीं की गई है। आखिर पानी जैसी बेहद बुनियादी लेकिन सबसे जरूरी चीज के लिए कोटा में एक 'प्रोपर और जिम्मेदार' सिस्टम आज तक क्यों नहीं बन पाया?<br /><strong>-सीता प्रजापित निवासी कोरल पार्क</strong></p>
<p><strong>बिना जांच सीधे पेट तक पहुंच रहा पानी</strong><br />आवासीय और कोचिंग जैसे बेहद संवेदनशील इलाकों में बिना किसी केमिकल या बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्ट के पानी की लगातार सप्लाई हो रही है, लेकिन इन टैंकरों पर विभाग की कोई मॉनिटरिंग नहीं है। यह पानी बस्ती वासियों के रोजमर्रा के काम से लेकर उनके पेट तक पहुंच रहा है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि न तो चिकित्सा विभाग (CMHO) के पास और न ही जलदाय विभाग के पास इन हॉस्टल्स और निजी स्रोतों की पूरी स्क्रीनिंग का कोई डेटा उपलब्ध है।</p>
<p><strong>हॉस्टल्स और घनी आबादी 'टैंकर माफिया' के भरोसे</strong><br />जिन क्षेत्रों में जलदाय विभाग की सीधी पाइपलाइन नहीं है, वहां निजी स्रोतों के नाम पर टैंकर माफियाओं का राज चल रहा है। शहर के सबसे संवेदनशील और वीआईपी माने जाने वाले कोचिंग हब इस समय पूरी तरह निजी टैंकरों के जाल में हैं। कोरल पार्क और लैंडमार्क सिटी जैसे अत्यधिक घनी आबादी वाले हॉस्टल क्षेत्रों में हजारों कोचिंग छात्र रह रहे हैं। यहां रोजाना बिना किसी शुद्धता जांच के धड़ल्ले से टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है।</p>
<p><strong>आवासीय बस्तियों व निजी कॉलोनियों मेेें बडा खेल</strong><br />नयागांव, आंवली, रोजड़ी, नांता के करणी नगर,बरड़ा, अनन्तपुरा के भीतरी इलाके,क्रेशर बस्ती, बृज धाम, मान सरोवर, प्रताप नगर पुनम कॉलोनी, श्री विहार, रायपुर की कॉलोनियां, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, बूंदी रोड और बालिता की कॉलोनियां पूरी तरह इन निजी टैंकरों के भरोसे चल रही हैं। यहां निजी काॅलोनियां ताे विकसीत हो गयी लेकिन पानी जैसी बुनियादि जरूरत के लिये या तो घर के भीतर बने बोरिंग या फिर महंगे बोरिग सप्लाई के साथ टेन्करों की सप्लाई पर निर्भर है। यही नही इनके बदले पानी के इन सौदागरों की मोटी कमाई भी बडी है।</p>
<p><strong>पीएचईडी लाचार, गेंद सीएमएचओ के पाले में</strong><br />पीएचईडी के सीनियर केमिस्ट तरुण कुमार जैन ने बताया कि विभाग निजी स्रोतों और टैंकरों के पानी की जांच के लिए मात्र 297:रूपये की नॉमिनल फीस लेता है, जिसमें 48 घंटे में बैक्टीरियोलॉजिकल और केमिकल टेस्ट की रिपोर्ट आ जाती है। लेकिन सबसे बड़ा पेंच नियमों का है PHED लैब के पास प्राइवेट ट्यूबवेल या अवैध रूप से चल रहे टैंकर्स पर सीधे कानूनी कार्रवाई या जब्ती का अधिकार नहीं है। यदि पानी दूषित भी पाया जाता है, तो उस पर सीधे कार्रवाई करने का अधिकार केवल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के पास होता है। ऐसे में दोनों विभागों के बीच तालमेल की कमी का फायदा टैंकर संचालक उठा रहे हैं।</p>
<p><strong>हर 6 महीने में जांच है जरूरी</strong><br />जलदाय विभाग के जानकारों के अनुसार, आमतौर पर लोग एक बार पानी की जांच करवाकर निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए हर 6 महीने में दोबारा जांच करवानी चाहिए। विशेषकर प्री-मानसून (बारिश से पहले) और पोस्ट-मानसून (बारिश के बाद) जांच अनिवार्य है, क्योंकि बारिश के दिनों में भूजल में खतरनाक बैक्टीरिया पनपने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।</p>
<p><strong>यह है कोटा में पानी की कहानी</strong><br />कोटा शहर में चंबल नदी से पानी लिफ्ट कर सकतपुर (130 व 70 MLD), अकेलगढ़ (64 MLD की 3 और 75 MLD की 1 यूनिट) तथा श्रीनाथपुरम (50 MLD) प्लांट्स से शुद्ध पानी सप्लाई किया जा रहा है। हमारे पास पानी की पयार्प्त व्यवस्था है। जहां कमी हो वहां टैंकर भेजते हैं।<br /><strong>-दीपक झा, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता पीएचईडी</strong></p>
<p>यदि आपके क्षेत्र में नल से बदबूदार या गंदा पानी आ रहा है, तो बीमारी फैलने का इंतजार न करे। तुरंत संबंधित अधिकारीयों को सूचित करें। निजी स्रोतों का उपयोग करने वाले नागरिक बीमारी को न्योता न दें और नजदीकी पीएचईडी लैब में अपने पानी के सैंपल की जांच अवश्य करवाएं।<br /><strong>-तरूण कुमार जैन ,सीनीयर केमिस्ट पीएचईडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ground-report--will-the-pattern-of-waking-up-only-after-a-tragedy-occurs-ever-be-broken/article-156433</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 14:14:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी का तीखा प्रहार, बोले- केंद्र सरकार में शिक्षा व्यवस्था हुई बर्बाद, आकांक्षा की मौत इसी विफलता का परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने छात्रा आकांक्षा की मृत्यु पर गहरा दुख जताते हुए इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि लगातार लीक होते पेपरों और प्रशासनिक विफलता का नतीजा बताया। राहुल ने कहा कि इस टूटी व्यवस्था की कीमत पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-sharp-attack-said-the-education-system-in/article-155967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhi2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट परीक्षा गड़बड़ी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाली आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि एक भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था का परिणाम है। राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। उसके पिता किसान हैं, जिन्होंने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपये का कर्ज लिया और नागपुर में रसोइए की नौकरी की, ताकि वह कोचिंग कर सके।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि एक पिता ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया, लेकिन नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद पैदा हुई अनिश्चितता के बीच आकांक्षा हमें छोड़कर चली गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह केवल एक छात्रा की त्रासदी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री अब भी पद पर बने हुए हैं और सरकार की ओर से केवल समितियां गठित करने, अधिकारियों के तबादले करने तथा जांच की घोषणा करने तक ही कार्रवाई सीमित है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस स्थिति में पहुंचाया गया है, उसकी कीमत देश की पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले परीक्षा विवादों, पेपर लीक और प्रशासनिक अव्यवस्था ने छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।</p>
<p><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:51:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इज़रायली बमबारी से गाजा बना कब्रिस्तान: 72 हजार से ज्यादा लोगों की मौत, नहीं थम रहा मासूमों की मौत का सिलसिला</title>
                                    <description><![CDATA[गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में अब तक 72,938 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है और 1,72,919 लोग घायल हुए हैं। हमास के साथ युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायल ने हमले जारी रखे हैं, जिससे पिछले 48 घंटों में ही कई नागरिक हताहत हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gaza-became-a-graveyard-due-to-israeli-bombing-more-than/article-155731"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/gaza.png" alt=""></a><br /><p>गाजा। फ़िलिस्तीन के गाजा पट्टी क्षेत्र पर इजरायल के हमले निरंतर जारी है और इन हमलों से गाजा में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 72,938 पहुंच गयी है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि पिछले 48 घंटों के दौरान सात शवों और 25 घायलों को गाजा के अस्पतालों में लाया गया है। मंत्रालय के अनुसार पिछले साल 11 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक गाजा में 929 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,811 अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा मलबे के नीचे से 781 शवों को भी निकाला गया है।</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सात अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में मृतकों की कुल संख्या 72,938 और घायलों की संख्या 172,919 तक पहुंच गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल ने अमेरिका के समर्थन से सात अक्टूबर 2023 को गाजा पट्टी के निवासियों के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया था। हालांकि, वह हमास आंदोलन को समाप्त करने और इजरायल के बंदियों की वापसी सुनिश्चित करने के अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहा और अंततः हमास के साथ युद्धविराम पर सहमत होना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायल ने इसके कुछ प्रावधानों को लागू करने से इनकार किया है और गाजा पट्टी पर अपने सैन्य अभियान जारी रखे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:35:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यूक्रेन पर रूस का बड़ा हवाई हमला : 13 लोगों की मौत, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने लगाई अमेरिका से मदद की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[रूस ने यूक्रेन पर 73 मिसाइलें और 656 ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है, जिसमें कीव और निप्रो में 13 नागरिकों की मौत हो गई। राजधानी में बिजली गुल है और इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका से तत्काल पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली की आपूर्ति की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russias-major-air-attack-on-ukraine-kills-13-president-zelensky/article-155739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ukraine-1.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गयी है। इनमें से नौ लोग निप्रो में और चार राजधानी कीव में मारे गये। यह हाल के महीनों में मॉस्को की ओर से किये गये सबसे बड़े हमलों में से एक है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रात भर हुए इन हवाई हमलों में आवासीय इमारतें मलबे में तब्दील हो गयीं, जिसमें कई बच्चों सहित दर्जनों लोग घायल हुए हैं। आपातकालीन दल कीव में मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तेजी से काम कर रहा है। मंगलवार तड़के यूक्रेन के अधिकतर हिस्सों में हवाई हमले के अलर्ट जारी कर दिये गये थे।</p>
<p>मंगलवार को राजधानी कीव के केंद्र से धुएं के बड़े गुबार उठते देखे गये, जहां सैन्य प्रशासन प्रमुख ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की चेतावनी दी। वहीं, कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने निवासियों से शेल्टरों में ही रहने का आग्रह किया। सुबह-सुबह हुए इन हमलों के दौरान एक के बाद एक दर्जन से अधिक तेज विस्फोटों की आवाजों के बीच ड्रोनों की गूंज सुनी जा सकती थी। मेयर क्लिट्स्को ने बताया कि इस हमले के कारण एक पेट्रोल पंप, एक निर्माण स्थल, कई अपार्टमेंट ब्लॉकों और दो घरों के पास आग लग गयी। पूरे शहर में बिजली गुल होने की भी रिपोर्टें हैं।</p>
<p>रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को यूक्रेन के पिछले हमलों का जवाब बताते हुए एक बयान में कहा कि इस 'हमले के सभी उद्देश्य' पूरे कर लिये गये हैं। पिछले हफ्ते पूर्वी यूक्रेन के कब्जे वाले हिस्से में एक छात्र छात्रावास पर हुए घातक हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराते हुए रूस ने 'व्यवस्थित हमला' शुरू करने की चेतावनी दी थी। वहीं, यूक्रेन का कहना था कि उसने रूस की एक सैन्य इकाई को निशाना बनाया था।</p>
<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार रात अपने वीडियो संबोधन में ही एक 'बड़े हमले' की आशंका जताते हुए निवासियों से हवाई हमले के अलर्ट पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया था। मंगलवार सुबह जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रात भर चले इस हमले में 656 स्ट्राइक ड्रोन और बैलिस्टिक, क्रूज व एंटी-शिप सहित विभिन्न प्रकार की 73 मिसाइलें दागी हैं। रूसी मिसाइलों को रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाले इंटरसेप्शन हार्डवेयर का जिक्र करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, "हमें पैट्रियट सिस्टम के लिए मिसाइलों की आपूर्ति के लिए अमेरिका से तत्काल मदद की आवश्यकता है।"</p>
<p>अमेरिका-इजराइल के ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण पैट्रियट मिसाइलों की भारी कमी हो गयी है। पिछले साल सत्ता में आने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूक्रेन को सीधी आपूर्ति रोक दी है, जिसके चलते यूक्रेन के यूरोपीय सहयोगी देश अब अमेरिका से इन्हें खरीदकर यूक्रेन भेज रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 15:31:24 +0530</pubDate>
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                <title>जल संकट के खिलाफ कांग्रेस का जल सत्याग्रह मार्च, खाली मटकी लेकर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में बढ़ते जल संकट और टैंकर माफिया के खिलाफ कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ ने 'जल सत्याग्रह मार्च' निकाला। प्रदेश अध्यक्ष योगिता शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिर पर खाली मटके रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने रामगढ़ बांध से अतिक्रमण हटाने और पेयजल समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congresss-water-satyagraha-march-against-water-crisis-workers-took-to/article-155596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी में जल संकट और टैंकर माफिया के मुद्दे के खिलाफ  रविवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के तत्वावधान में जल सत्याग्रह मार्च निकाला गया। प्रदेश अध्यक्ष योगिता शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांधी सर्किल से अल्बर्ट हॉल तक सिर पर खाली मटकी रखकर पैदल मार्च किया। शर्मा ने कहा कि नल सूखे हैं, सरकार मौन है और टैंकर माफिया 500 रुपए का पानी 1500 रुपए में बेच रहा है। सरकार सिर्फ  घोषणाएं करती है, लेकिन स्थाई समाधान पर मौन है। जयपुर की जीवनरेखा रहे रामगढ़ बांध, कूकस बांध और मावठा बांध आज अतिक्रमण और अवैध खनन की भेंट चढ़ गए हैं।</p>
<p>यदि इन बांधों के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाकर पुनर्जीवन किया जाए तो रामगढ़ बांध में पर्याप्त जल भराव संभव है और पूरे जयपुर शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। शर्मा ने कहा कि जल संकट का समाधान नहीं होने पर सात दिन हम इंतजार करेंगे और उसके बाद आगामी रणनीति बनाएंगे। इस अवसर पर कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण सूद, महासचिव गौरी शंकर, प्रदेश सचिव मोनू शर्मा, श्रेयांश जोशी, नितिन बगरीया, दीपक धीर, कैलाश मीणा आदि मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 11:46:39 +0530</pubDate>
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