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                <title>बिजली संकट पर रार : केंद्र की जिम्मेदारी, राज्यों को बिजली संकट से निकाले: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में सरकार ने समय पर कोयला नहीं उठाया इसलिए बिजली का संकट गहराया: सतीश पूनिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B0---%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80--%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87--%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-1608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok-gehlot_satish-puniya.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश में बिजली संकट को लेकर सियासी रार भी देखने को मिल रही है। नेता आरोप-प्रत्यारोप से एक दूसरे को निशाने पर ले रहे है। बिजली संकट को लेकर जहां सीएम गहलोत ने जयपुर स्थित शासन सचिवालय में बयान दिया वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने जोधपुर में पूरे मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।</p>
<p>राजस्थान में बिजली संकट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार को राजस्थान की स्थिति से अवगत करवा दिया है। राज्य के अफ़सर लगातार केंद्र के संपर्क में है। सचिवालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि खदानों में पानी भरना महज एक कारण हुआ है। मुझे जानकारी मिली है कि जो प्लांट में ठेकेदार थे, वही फेल हो गए हैं। यह संकट कई राज्यों में है। राजधानी दिल्ली में भी स्थितियां खराब है। चीन और यूरोप में भी संकट है। दाम बढ़ गए हैं,फिर भी कोयला उपलब्ध नहीं है। स्थितियां अजीबोगरीब बन रही है और सुनकर भी आश्चर्य होता है। केंद्र की जिम्मेदारी है राज्यों को इस संकट से निकाले। 500 या 600 करोड़ बकाया है, यह सब मामूली बातें हैं। अरबो रुपए के कोयले बिकते हैं तो 500 करोड़ के क्या मायने है। मुझे उम्मीद है केंद्रीय ऊर्जा मंत्री इस संकट का हल निकालेंगे। कोई कमी नहीं है कोयले की। यह कहकर केंद्र का राज्यों पर जिम्मेदारी डालना सही है।<span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong><br /> </strong></span></span></span></p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>राजस्थान में सरकार ने समय पर कोयला नहीं उठाया इसलिए बिजली का संकट गहराया: सतीश पूनिया</strong></span></span><br /> जोधपुर। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने प्रदेश में गहराई बिजली संकट के लिए राजस्थान सरकार को दोषी करार देते हुए कहा है कि राजस्थान में सरकार ने समय पर कोयला लिफ्ट नहीं किया जिसकी वजह से अब बिजली उत्पादन यूनिटों में बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा है । पूरे देश भर में कोयले की कमी है लेकिन राजस्थान में कोयले की आपूर्ति जब हो रही थी । उस वक्त इन्होंने कोयला लेने में लापरवाही बरती । उन्होंने कहा कि राजस्थान में 50 साल तक कांग्रेस का राज रहा है बावजूद उसके पश्चिमी राजस्थान को सोलर ऊर्जा का  नहीं बनाया जा सका है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <title>टेंशन : त्योहारी सीजन से बढ़ी अफसरों की चिंता, डिमांड और सप्लाई में असंतुलन का डर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में फिर बिजली संकट, ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती से हो रही बिजली गुल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615ea56958a39/article-1482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/bijli-power-tower.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश के कुछ बिजली उत्पादन इकाइयों में महज चार- पांच दिन का कोयला ही शेष रहने से प्रदेश में फिर से बिजली संकट गहरा गया है। बिजली डिमांड और सप्लाई में अंतर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बढ़ गई है, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई-कई घंटे तक बिजली गुल हो रही है। वहीं ऊर्जा मंत्री ने बिजली कटौती में एक सप्ताह के अंदर सुधार होने का दावा किया है।  कोयला संकट की आहट को देखते हुए 2500 हजार मेगावाट के प्लांट में उत्पादन ठप हुआ है। कुछ प्लांट में तो महज चार से छह दिन का कोयला ही बचा है। चिंता यह है कि नवरात्रा, दीपावली जैसे आयोजनों में बिजली उपलब्धता भी रखनी होगी। फिलहाल बिजली संकट के समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई है, जिस कारण सैकड़ों गांवों में 24 घंटे के अंदर टुकड़ों में छह से सात घंटे तक बिजली गुल हो रही है।<br /> <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>अघोषित कटौती के मौखिक आदेश</strong></span></span><br /> ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती की बात भले ही अफसर नहीं स्वीकार रहे, लेकिन कुछ इलाकों में एक-एक घंटे की कटौती जरूर मान रहे हैं। जबकि ग्रामीणों का जमकर कटौती होने के आरोप हैं। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के लोड डिस्पेच सेंटर से प्रदेशभर में जीएसएस पर मौखिक रूप से अघोषित कटौती के मैसेज दिए जा रहे हैं। चूंकि प्रदेश में अभी बिजली की मांग दो हजार लाख यूनिट के आसपास है, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए मांग और बढ़ेगी। कोयला संकट को लेकर अफसरों का कहना है कि जिन बिजलीघरों में कोयला स्टॉक कम रह गया है, वहां उत्पादन घटा दिया गया है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दो महीने पहले भी आई थी किल्लत</strong></span></span><br /> राजस्थान में दो महीने पहले भी कोयले की किल्लत सामने आई थी। उस दौरान बिजली घरों में मात्र एक दिन का कोयला रहने पर ग्रामीण इलाकों में कटौती करनी पड़ी थी और एक्सचेंज से महंगे दामों में बिजली खरीदना मजबूरी बन गया था। वैसे ही हालात अब दिखाई दे रहे हैं। संकट के चलते खुद ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला दिल्ली जाकर बात करने पहुंचे थे। बिजली संकट के पीछे अफसरों का यह भी तर्क है कि कोयले की कीमतें बढ़ी हैं और ट्रांसपोर्टेशन में काफी रुकावटें आई हैं। <br /> <br /> एक सप्ताह के अंदर बिजली कटौती सुधर जाएगी। भारी बारिश के चलते कोयले की खदानों में पानी भरा हुआ है, इसलिए राजस्थान सहित देशभर में कोयले की कमी बनी हुई है। प्रदेश में भी कोयले की आपूर्ति बाधित होने से बिजली संकट गहराया है।<br /> <strong>- बी.डी.कल्ला, ऊर्जा मंत्री</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Oct 2021 14:18:47 +0530</pubDate>
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