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                <title>उड़ी हॉफ के आदेशों की धज्जियां </title>
                                    <description><![CDATA[बारां की शाहबाद रेंज में प्लांटेशन के धड़ाधड़ करवाए जा रहे काम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/uri-hoff-s-orders-being-flouted/article-112315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)42.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बारां वनमंडल के अधिकारियों द्वारा वन विभाग के मुखिया हॉफ के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। कागजों में बताए गए प्लांटेशनों के कार्यों को धरातल पर पूरा दिखाने के लिए धड़ाधड़ काम करवाया जा रहा है। कहीं जेसीबी से ट्रैंचे खुदवाई जा रही तो कहीं कच्ची सुरक्षा दीवार बनवाई जा रही है। इससे यह जगजाहिर हो रहा कि उच्चाधिकारियों की कार्रवाई का डर अधिनस्त अधिकारियों में समाप्त हो चुका है। इसी का नतीजा है कि हॉफ के आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं। इधर, पर्यावरण प्रेमी एवं एडवोकेट शेलेष महता का कहना है कि बारां वनमंडल के प्लांटेशनों में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायत मिलने पर वन विभाग के सर्वोच्च अधिकारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) ने 8 अप्रेल को बारां वनमंडल की विभिन्न रेंजों में करवाए जा रहे विकास कार्यों को तुरंत प्रभाव से बंद करवाने के आदेश जारी किए थे। यह आदेश मुख्य वनसंरक्षक कोटा  को दिए गए थे। लेकिन, बारां डीएफओ द्वारा काम बंद करना तो दूर आदेशों की अवहेलना में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।   </p>
<p><strong>हॉफ ने यह दिए थे आदेश </strong><br />प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) अरिजीत बनर्जी ने गत 8 अप्रेल को मुख्य वन संरक्षक कोटा को आदेश जारी किए थे। जिसमें बताया कहा गया था कि बारां वनमंडल में राज्य योजना, नाबार्ड, कैम्पा, आरएफबीडीपी एवं सीएसएस योजना के तहत उप वन संरक्षक बारां द्वारा अब तक सम्पादित वन विकास कार्यों पेटे भुगतान तुरंत बंद करवाकर वर्तमान में चल रहे या सम्पादित किए जाने वाले समस्त वन विकास कार्यों को आगामी आदेशों तक तुरंत बंद करवाने की कार्रवाई करें।</p>
<p><strong>आदेश के बाद से इन वनखंडों में हुए कार्य</strong><br />पर्यावरणविद् रामचरण माली व हरिशंकर शर्मा ने बताया कि वन बल प्रमुख हॉफ के गत 8 अप्रेल को प्लांटेशनों के कार्य बंद किए जाने के आदेश जारी होने के बाद से शाहबाद रेंज के विभिन्न वनखंडों में लगातार काम किए गए। जिसमें सुमेरा बांयाल, कुंडा कोटडा, संडोकरा-बी, कुंडा कोटड़ा-ए, कुंडा कोटड़ा-बी, राजपुर-बी तथा किशनगढ़ रेंज के कुंजी सवास वनखंड में लगातार वन विकास कार्य करवाए गए हैं। इन वनखंडों में  प्लांटेशन वॉल, लूज स्टोन, ट्रैंचों की खुदाई सहित पौधरोपण के लिए गड्ढ़े करवाए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>शाहबाद रेंज के इन वनखंडों में चल रहे कार्य</strong><br />एडवोकेट शेलेष मेहता व भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूलाल नागर ने बताया कि बारां वनमंडल की शाहबाद रेंज के विभिन्न वनखंडों में प्लांटेशन से संबंधित कार्य धड़ाधड़ पूरे करवाए जा रहे हैं। शाहबाद रेंज के वनखंड राजपुर-बी में कच्ची सुरक्षा दीवार बनवाई जा रही है। वहीं, वनखंड मुंडियार-ए में जेसीबी की सहायता से ट्रेंचे व गड्ढ़े खुदवाए जा रहे हैं। इसके अलावा इसी वनखंड में प्लांटेशन की कच्ची दीवार (लूज स्टोन) श्रमिकों द्वारा बनाई जा रही है। इसके लिए चूने की लाइनें की गई है। इधर, शाहबाद रेंज के ही वनखंड राजपुर-बी में श्रमिकों द्वारा सुबह से शाम तक कच्ची दीवार बनवाने का कार्य किया गया। जबकि, यह काम कागजों में वित्तीय वर्ष 2024-25 की समाप्ती से पहले ही पूरा होना दर्शा दिया गया है।</p>
<p><strong>छबड़ा विधायक ने सीएम को पत्र भेज की शिकायत </strong><br />बारां वनमंडल में सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत करवाए जा रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंधवी ने 6 अप्रेल को सीएम भजनलाल शर्मा को पत्र भेज की थी। उन्होंने पत्र में कहा था कि लगातार शिकायतों से सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने पत्र में कहा कि बारां डीएफओ अनिल यादव द्वारा अपने पूर्व के पदस्थान उप वन संरक्षक (वन्यजीव) राष्ट्रीय चम्बल घडियाल अभ्यारण, धौलपुर के दौरान भी इसी तरह भ्रष्टाचार किया गया है, जिसका जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद एस.आई.टी. द्वारा जांच की जा रही है। ऐसे में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत बारां डीएफओ द्वारा करवाए गए वन विकास के सभी कार्यों की अविलम्ब तृतीय पक्ष से जांच करवाएं तथा रिपोर्ट आने तक सभी कार्यों के भुगतान पर रोक लगवाई जाए। </p>
<p><strong>बारां डीएफओ ने मोबाइल किया स्वीच ऑफ</strong><br />दैनिक नवज्योति ने इस संबंध में बारां डीएफओ अनिल यादव को पांच से छह बार फोन कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कॉले अटैंड नहंी किए। इसके बाद उन्हें मैसेज किए, जिनका भी जवाब नहीं दिया गया। देर शाम को फिर से कॉल दिया तो उन्होंने मोबाइल  स्वीच आॅफ कर लिया। </p>
<p>इस संबंध में सीसीएफ जयपुर राजीव चतुर्वेदी द्वारा जांच की जा रही है। प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (हॉफ) के आदेश मिलते ही मैंने बारां डीएफओ को चिट्टी भेज दी थी। इस पर डीएफओ ने लिखित में दिया था कि उन्होंने काम बंद करवा दिए हैं। यदि फिर भी काम चल रहे हैं तो इसके साक्ष्य जांच अधिकारी को भेजेंगे।</p>
<p>सोनल जोरिहार, सीसीएफ वनमंडल कोटा <br />इस संबंध में यदि कोई ऐसे तथ्य है तो हमें भेजें, उनका परीक्षण करवाकर जो भी उचित कार्रवाई होगी वो की जाएगी। <br /><strong>- राजीव चतुर्वेदी, सीसीएफ एवं जांच अधिकारी जयपुर</strong></p>
<p>कोटा सीसीएफ भी हॉफ के आदेशों की पालना नहीं करवा पा रहीं। वन बल प्रमुख (हॉफ) के आदेशों की अवमानना करना उप वन संरक्षक की मजबूरी हो गई हैं, क्योंकि उनके द्वारा सभी विकास कार्य गत वित्तीय वर्ष 31 मार्च को ही कागजों में करवाए जा चुके हैं। अब जांच के डर से उनको मौके पर कार्य करवाने पड़ रहे हैं और उच्चाधिकारी उनके विरुद्ध कार्रवाई को विलंब करके कार्य करवाने का पूरा समय दे रहे हैं।  <br /><strong>- तपेश्वर सिंह भाटी, पर्यावरणविद् एवं एडवोकेट</strong></p>
<p>बारां डीएफओ का भ्रष्टाचार जगजाहिर हो गया फिर भी वन विभाग के आला अधिकारियों द्वारा उन्हें फर्जी बिलों वाले कामों को पूरा करने का मौका दिया जा रहा है। पाबंदी के बावजूद वन सुरक्षा समितियों के कार्यों को प्रतिबंधित मशीनों द्वारा करवाए जा रहे हैं। इसके बावजूद उच्चाधिकारियों की खामोशी समझ से परे है। <br /><strong>- नितिन नागर, वन्यजीव प्रेमी बारां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 17:48:31 +0530</pubDate>
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