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                <title>coal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>राजस्थान में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद योजना पर RERC की रोक, ग्रीन एनर्जी और बैटरी पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (RERC) ने 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद योजना को फिलहाल मंजूरी नहीं दी। आयोग ने कहा कि राज्य की वास्तविक बिजली जरूरत का नया आकलन जरूरी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rerc-ban-on-3200-megawatt-coal-based-power-purchase-scheme/article-154076"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(6)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (RERC) ने राज्य में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद की बड़ी योजना को फिलहाल मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में राज्य को वास्तव में कितनी अतिरिक्त बिजली की जरूरत होगी, इसका नए सिरे से विस्तृत आकलन किया जाना जरूरी है। यह मामला राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड (RUVITL) की उस योजना से जुड़ा है, जिसमें डिस्कॉम कंपनियों के लिए 25 वर्षों तक 4×800 मेगावाट यानी कुल 3200 मेगावाट कोयला आधारित राउंड द क्लॉक (RTC) बिजली खरीदने की अनुमति मांगी गई थी। कंपनी का तर्क था कि आने वाले वर्षों में बिजली की भारी मांग बढ़ सकती है, इसलिए अभी से दीर्घकालिक व्यवस्था आवश्यक है।</p>
<p>हालांकि, RERC ने कहा कि प्रस्तावित थर्मल और न्यूक्लियर परियोजनाओं, तेजी से बढ़ रही ग्रीन एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को ध्यान में रखे बिना इतनी बड़ी बिजली खरीद का फैसला उचित नहीं होगा। आयोग ने यह भी माना कि ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस, वर्चुअल नेट मीटरिंग और ग्रुप नेट मीटरिंग जैसी नई व्यवस्थाओं से उपभोक्ता खुद बिजली उत्पादन और स्टोरेज कर सकेंगे। इससे भविष्य में डिस्कॉम पर बिजली खरीद का दबाव कम हो सकता है। ऐसे में नई कोयला आधारित परियोजनाओं की जरूरत का पुनर्मूल्यांकन जरूरी बताया गया है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:30:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असम : कोयला खदान में अचानक भरा पानी , 15 मजदूर फंसे</title>
                                    <description><![CDATA[रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना से मदद मांगी गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंची हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/workers-trapped-due-to-sudden-flooding-in-assam-coal/article-99875"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/6622-copy17.jpg" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। असम के दीमा हसाओ जिले में सोमवार को 300 फीट गहरी कोयला खदान में अचानक पानी भर गया। रिपोर्टों के अनुसार करीब 15 मजदूर खदान में फंसे हुए हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खदान में फंसे मजदूरों का पता लगाया जा रहा है। घटना जिले के उमरंगसो एरिया में मौजूद असम कोयला खदान में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये रैट माइनर्स की खदान है। करीब 100 फीट तक पानी भर गया है। पानी को दो मोटर पम्प की मदद से निकाला जा रहा है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उमरंगसो में मजदूर कोयला खदान में फंस गए हैं। जिला कलेक्टर, एसपी और मेरे सहयोगी कौशिक राय घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना से मदद मांगी गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंची हैं।</p>
<p><strong>अचानक पानी आ गया </strong><br />मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि खदान में कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के मुताबिक पानी अचानक से आया। इसके कारण मजदूर खदान से नहीं निकल पाए। अधिकारियों ने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम,ए लोकल अधिकारियों और माइनिंग एक्सपर्ट की टीमों के साथ रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू कर दिया गया है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2025 15:29:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता, विद्युत कमी का कारण नहीं  </title>
                                    <description><![CDATA[कोयला मंत्रालय के अनुसार देश में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता है। बिजली की काफी अधिक मांग के बावजूद तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार 45 मीट्रिक टन से अधिक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/adequate-availability-of-coal-in-thermal-power-plants-is-not/article-80186"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के कई प्रदेशों में बिजली बार बार दाने से लोग परेशान हैं। कहा जाता है कि कोयला कम होने के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है। लेकिन कोयला मंत्रालय के अनुसार देश में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता है। बिजली की काफी अधिक मांग के बावजूद तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार 45 मीट्रिक टन से अधिक है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। यह भंडार 19 दिनों की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। मई 2024 के दौरान तापीय विद्युत संयंत्रों में औसत दैनिक कमी केवल 10,000 टन प्रतिदिन रही है। यह कोयले की आपूर्ति के लिए सुचारु और पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के कारण संभव हो पाया है। विद्युत मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, रेल मंत्रालय और बिजली उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधियों वाले उप समूह की व्यवस्था कुशल आपूर्ति शृंखला को बनाए रखने में अपनी प्रभावी भूमिका निभा रही है।</p>
<p>कोयला उत्पादन में बढ़ोतरी का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। खान पिट हेड में कोयले का भंडार 100 मीट्रिक टन से अधिक का है। इसके परिणामस्वरूप विद्युत क्षेत्र के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध है। रेल मंत्रालय ने रेलवे रेकों की दैनिक उपलब्धता पर 9 प्रतिशत की औसत बढ़ोतरी सुनिश्चित की है। इसके अलावा तटीय पोत परिवहन के माध्यम से निकासी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। क्योंकि पारंपरिक रूप से कोयले का परिवहन केवल पारादीप बंदरगाह के माध्यम से ही किया जाता था। अब कोयला लॉजिस्टिक्स नीति के अनुसार उचित समन्वय के परिणामस्वरूप धामरा और गंगावरण बंदरगाहों के माध्यम से भी कोयले की निकासी संभव हो गई है। रेल नेटवर्क में बुनियादी ढांचे के विस्तार ने सोन नगर से दादरी तक रेकों की तीव्र आवाजाही में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jun 2024 12:28:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में कोयला खदान ढहने से 5 लोगों की मौत, अन्य लापता</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्घटना में सुबह सात बजे तक मलबे से 5 शव निकाले जा चुके हैं और बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/5-peoples-killed-to-coal-mine-collapse-in-china--other-missing/article-72494"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत में एक कोयला खदान में गोदाम ढहने से 5 खनिकों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हैं। प्रांतीय अधिकारियों ने बताया कि हादसा झोंगयांग काउंटी के ताओयुआन शिनलोंग कोयला औद्योगिक निगम में रात करीब 10:45 बजे हुआ। दुर्घटना में सुबह सात बजे तक मलबे से 5 शव निकाले जा चुके हैं और बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Mar 2024 16:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में कोयला खदान में विस्फोट, 8 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी के अनुसार स्थानीय समय के अपराह्न 1:00 बजे तक खदान में बचे 45 लोगों में से आठ की मौत हो चुकी थी और 8 लापता थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/8-peoples-killed-in-coal-mine-explosion-in-china/article-66807"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/untitled-1-copy10.jpg" alt=""></a><br /><p>झेंगझोऊ। चीन में हेनान प्रांत के पिगडिंगशान स्थित एक कोयला खदान में अपराह्न में हुई दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हो गई और आठ लोग लापता हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी के अनुसार स्थानीय समय के अपराह्न 1:00 बजे तक खदान में बचे 45 लोगों में से आठ की मौत हो चुकी थी और 8 लापता थे। अन्य सभी लोग सुरक्षित हैं। </p>
<p>एजेंसी ने बताया कि हादसा अपराह्न 2:55 बजे हुआ। पिंगडिंगशान तियानान कोल माइनिंग कंपनी लिमिटेड की कोयला खदान में घटित हुई घटना की प्रारंभिक जांच में पता चला कि हादसा कोयला और गैस विस्फोट के कारण हुआ था। दुर्घटना के समय खदान में कुल 425 लोग काम कर रहे थे और उनमें से 380 लोगों को खदान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है। कोयला खदान के प्रभारी लोगों को सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jan 2024 13:18:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>9 से 10 रैक्स कोयले की आपूर्ति बाधित: सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[ पत्र में बताया गया है कि परसा ईस्ट और कांता बासन कोल ब्लॉक की मंजूरी मिल चुकी है। दूसरे चरण के लिए 1136 हैक्टेयर जमीन में खनन होना है, लेकिन 91 हेक्टेयर जमीन अभी नहीं मिली है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/9-to-10-rakes-coal-supply-disrupted-cm/article-55822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/13.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छत्तीसगढ़ में आवंटित कोयला खदान के सिलसिले में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। <br /><br />पत्र में बताया गया है कि परसा ईस्ट और कांता बासन कोल ब्लॉक की मंजूरी मिल चुकी है। दूसरे चरण के लिए 1136 हैक्टेयर जमीन में खनन होना है, लेकिन 91 हेक्टेयर जमीन अभी नहीं मिली है। गहलोत ने बघेल से राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम को यह जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है ताकि राजस्थान के थर्मल प्लांट्स को कोयले की सप्लाई जारी रहे। 4340 मेगावाट के थर्मल प्लांट के लिए कोयला कम पड़ रहा है। 9 से 10 रैक्स कोयले की आपूर्ति बाधित हो रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Aug 2023 09:45:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूएसए, रसिया एवं इंडोनेशिया से आयातित महंगे और मिलावटी कोल को चोरी कर भण्डार करने वाले 22 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि इन आरोपियों ने करीब 1000 करोड़ रुपए के आयातित कोयले की चोरी की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/22-arrested-for-stealing-expensive-and-adulterated-coal-imported-from/article-43404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(630-×-400-px)-(4).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुलिस मुख्यालय की सीआईडी सीबी टीम ने यूएसए, रशिया और इंडोनेशिया से आयातित महंगे कोल में बड़े पैमाने पर मिलावट कर चोरी करने के गोरखधंधे का खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच ने 7 जिलों में एक साथ 13 स्थानों पर छापा मार कर आयातित और मिलावटी 1850 टन कोयला समेत 30 वाहन और मशीनें बरामद कर 22 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अलग-अलग 11 मुकदमें दर्ज किए हैं।</p>
<p>एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि इन आरोपियों ने करीब 1000 करोड़ रुपए के आयातित कोयले की चोरी की है। उन्होंने बताया कि संगठित अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखबिर की सूचना पर सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को डीआईजी क्राइम डॉ. राहुल प्रकाश की मॉनिटरिंग में बाड़मेर, बीकानेर, जालौर, जोधपुर ग्रामीण, जोधपुर कमिश्नरेट और पाली जिले में स्थानीय पुलिस के सहयोग से 13 स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई। <br />एडीजी एमएन ने बताया कि यूएसए, रशिया और इंडोनेशिया से भारत आने के बाद माफिया बड़े पैमाने पर कोयले में मिलावट कर रहे थे। बुधवार शाम से गुरुवार सुबह तक चली रेड में पुलिस ने अवैध रूप से भंडार किया हुआ उच्च क्वालिटी व मिलावटी 1850 टन कोयला, 13 ट्रेलर, 4 एलएनटी, 5.5 जेसीबी व ट्रैक्टर लोडर, 2 स्कॉर्पियो और 1 कैम्पर गाड़ी के साथ 7 धर्म कांटे, 3 कटर मशीन, 2 डीजल मशीन सील व वायर पैकेट जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद 11 मुकदमें दर्ज कर 22 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p><strong>ऐसे हुई कार्रवाई </strong><br />डीआईजी क्राइम डॉ. राहुल प्रकाश ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम वर्मा के सुपरविजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्यारेलाल, यश्विनी, गोपाल स्वरूप मेवाड़ा, सुभाष शर्मा, हरिराम कुमावत और नेम सिंह के निर्देशन में मुख्यालय से टीमें गठित की गई। टीम ने बुधवार शाम से गुरुवार सुबह तक जिला पुलिस के सहयोग से अलग-अलग 13 स्थानों पर एक साथ दबिश दी। </p>
<p><strong>ये मुकदमें हुए दर्ज</strong><br />बाड़मेर जिले में 3 प्रकरण में 7 व्यक्ति, जालौर में 3 प्रकरण में 2 व्यक्ति, पाली में 1 प्रकरण में 5 व्यक्ति, जोधपुर ग्रामीण में 2 प्रकरण में 5 व्यक्ति, जोधपुर कमिश्नरेट में 1 प्रकरण दर्ज और बीकानेर में एक प्रकरण दर्ज कर 3 व्यक्ति डिटेन किए गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 10:49:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपियर घास से बनेगा कोयला, ग्रोथ सेंटर में लगेगा संयंत्र</title>
                                    <description><![CDATA[नैपियर घास उगाने के बाद पांच साल तक खेत को बार बार जोतने या निराई गुडाई की जरूरत नहीं होती। साथ ही रसायनिक खाद और कीटनाश की भी आवश्यकता नहीं होती। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/coal-will-be-made-from-napier-grass--plant-will-be-set-up-in-growth-center/article-35581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/nepiyer-ghaas-se-banega-koyla,-growth-center-mei-lagege-sanyantra.....jhalrapatan-news-jhalawar..23.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>झालरापाटन। झालरापाटन में जैविक ईंधन के क्षेत्र में काम करने वाली महाराष्ट्र की कंपनी एमसीएल की ओर से चंद्रावति ग्रोथ सेंटर में नेपियर घास से कोयला बनाने का संयत्र लगाया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन तीस टन कोयले का उत्पादन होगा। ग्रोथ सेंन्टर में करीब पांच हजार वर्गमीटर क्षेत्र में संयंत्र का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जिसमें नेपियर घास ( हाथी घास ) से कोयले का निर्माण किया जाएगा। प्लांट की शुरूआती उत्पादन क्षमता 30 टन प्रतिदिन होगी। प्लांट में कुशल अकुशल श्रमिकों सहित अन्य पदों पर 49 युवाओं को रोजगार मिलेगा। संयंत्र में 100 टन नेपियर घास कच्चे माल के रूपए में प्रतिदिन किसानों के खेतों से लाई जाएगी। इसके उत्पादन के लिए किसानों को कंपनी द्वारा उन्नत किस्म सुपर नेपियर का बीज मुहैया कराया जाएगा और उत्पादित नेपियर एक हजार रूपए प्रतिटन की दर से खरीदी जाएगी। जिससे प्रतिबीघा किसानों को एक वर्ष में करीब 80 हजार से एक लाख रूपए का लाभ होगा।</p>
<p><strong>क्या है नेपियर</strong><br />नेपियर घास चारे की ऐसी फसल है, जिसे किसान एक बार खेत में लगाने के बाद लगातार 5 वर्ष तक फसल देती है। एक बार कटाई के बाद इसकी ऊंचाई तीन माह में 12 से 15 फीट हो जाती है और प्रतिबीघा करीब 20 टन चारे की पैदावार एक कटाई में देती है। इसकी कटाई साल में 4 बार की जाती है। यह सर्वश्रेष्ठ पशु आहार भी हैै।</p>
<p><strong>जमीन होगी जैविक</strong><br />नैपियर घास उगाने के बाद पांच साल तक खेत को बार बार जोतने या निराई गुडाई की जरूरत नहीं होती। साथ ही रसायनिक खाद और कीटनाश की भी आवश्यकता नहीं होती। जिससे पांच साल तक खेतों में रासायनिक खाद और कीटनाशक का प्रयोग नहीं होने पर वह भूमि पूर्ण रूप से विषैले रसायनिक तत्वों से मुक्त हो जाएगी और बिना कोई नुकसान उठाए, किसान जैविक खेती कर सकेंगे।</p>
<p><strong>गिरधरपुरा में सेमिनार</strong><br />एमसीएल की ओर से शनिवार रात को झालरापाटन तहसील के गिरधरपुरा गांव में किसान सेमिनार आयोजित की गई।  जिसमें  किसानों को एमसीएल द्वारा लगाए जा रहे कोयला प्रोजेक्ट की जानकारी दी। इस अवसर पर एमपीओ रामस्वरूप ने परंपरागत खेती और उस पर रसायन खादों के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी। साथ ही एमकॉल प्रोजेक्ट लगने से झालरापाटन तहसील के गांवों में होने वाले आर्थिक बदलाव और नए रोजगार सृजन की जानकारी दी।  सेमिनार के होस्ट एमसीएल परिवार से प्ऱद्युम्न शर्मा रहे। ग्राम पंचायत सरपंच मोहन लाल मीणा ने सबका धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी किसानों को सहयोग करने का भरोसा दिलाया।</p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong></p>
<p> प्लांट की शुरूआती उत्पादन क्षमता 30 टन प्रतिदिन होगी। प्लांट में कुशल अकुशल श्रमिकों सहित अन्य पदों पर 49 युवाओं को रोजगार मिलेगा।<br /><strong>-कृष्ण मुरारी, बीडीए एमसीएल सीनियर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jan 2023 16:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयला खानों को मुख्य लाइन से जोड़ने की 19 और परियोजनाएं होंगी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्रालय ने 2020-21 में राष्ट्रीय पर्यावरण अनुसंधान संस्थान (नीरी), नागपुर के माध्यम से अध्ययन किया गया। नीरी की रिपोर्ट में कहा गया है ऐसी परियोजनाओं से वार्षिक कार्बन उत्सर्जन बचत और डीजल की बचत की बचत के 2100 करोड़ रु. की प्रति वर्ष बचत होती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/19-more-projects-to-connect-coal-mines-with-main-line/article-33978"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/kk1.jpg" alt=""></a><br /><p>एजेंसी/नवज्योति,नई दिल्ली। कोयला मंत्रालय 33 करोड़ टन उत्पादन क्षमता वाली कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के लिए सम्पर्क की पहली कड़ी (फएमसी) वाली 19 और परियोजनाएं शुरू करेगा। कोयला मंत्रालय के अनुसार इन परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार 18000 करोड़ रुपए के निवेश से 52.6 करोड़ टन वार्षिक क्षमता की 55 एफएमसी परियोजनाएं पहले ही शुरू कर चुका हैं। इनमें 44-सीआईएल, पांच-एससीसीएल और तीन-एनएलसीआईएल की हैं। जिनमें से 9.55 करोड़ टन क्षमता की आ परियोजनाएं (छह-सीआईएल और दो-एससीसीएल) चालू की जा चुकी हैं और शेष वित्त वर्ष 2025 तक चालू हो जाएंगी।   भविष्य में कुशल और पर्यावरण के अनुकूल कोयले की निकासी सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय कोयला खदानों के पास रेलवे साइडिंग के माध्यम से संपर्क की पहली कड़ी और कोयला क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को मजबूत करने सहित राष्ट्रीय कोयला लॉजिस्टिक योजना के विकास पर काम कर रहा है।  सरकार ने 2024-25 तक 1.31 अरब टन कोयले और तथा 2027-30 तक 1.5 अरब टन का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है। इस संदर्भ में, लागत प्रभावी, तेज और पर्यावरण अनुकूल तरीके से कोयला परिवहन का विकास महत्वपूर्ण है। <br /><br />मंत्रालय ने 2020-21 में राष्ट्रीय पर्यावरण अनुसंधान संस्थान (नीरी), नागपुर के माध्यम से अध्ययन किया गया। नीरी की रिपोर्ट में कहा गया है ऐसी परियोजनाओं से वार्षिक कार्बन उत्सर्जन बचत और डीजल की बचत की बचत के 2100 करोड़ रु. की प्रति वर्ष बचत होती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Jan 2023 11:46:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में कोयले के उत्पादन में बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[ कोयला मंत्रालय की जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार कोयला उत्पादक कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के उत्पादन की बढ़ोतरी भी अक्टूबर में 17 प्रतिशत से अधिक रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/coal-increased-in-india/article-30683"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/q-1-copy6.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में कोयले का उत्पादन अक्टूबर में 44.8 करोड़ टन रहा, जो पिछले वर्ष अक्टूबर से 18 प्रतिशत अधिक है। कोयला मंत्रालय की जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार कोयला उत्पादक कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के उत्पादन की बढ़ोतरी भी अक्टूबर में 17 प्रतिशत से अधिक रही। मंत्रालय ने इस माह के अंत तक घरेलू कोयले पर चलने वाले ताप बिजली आवासों में 3 करोड़ टन ईंधन का स्टॉक तैयार करने की योजना बनाई है। मंत्रालय ने कहा कि समुद्री मार्ग से कोयला ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, रेलवे और कोयला मंत्रालय मिलकर काम कर रहे है। कोयला उत्पादन अक्टूबर में 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ  44.8 करोड़ टन टन पहुंचा। </p>
<p>कोयला मंत्रालय ने इस माह के अंत तक घरेलू कोयला आधारित ताप बिजली संयंत्रों में 3 करोड़ टन का स्टॉक तैयार करने की योजना तैयार की है। बयान के अनुसार वर्ष 2022 के पहले सात महीनों में औसत रेक उपलब्धता में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है, जिससे कोयला ढुलाई बढ़ाकर स्टॉक सही करने में मदद मिली है। विद्युत मंत्रालय भी रेल और सड़क माध्यम से कोयले के परिवहन को बढ़ा रहा है। समुद्री मार्ग से कोयले के परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, रेलवे और कोयला मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। अभी महानदी कोलफील्ड्स लि (एमसीएल) से पारादीप तक कोयले की ढुलाई रेल द्वारा और उसके बाद पूर्वी तट पर बिजली संयंत्रों को रेल-समुद्र-रेल मार्ग के माध्यम से की जा रही है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/coal-increased-in-india/article-30683</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Nov 2022 10:20:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयला उत्पादन में बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[ आंकड़ों के अनुसार 25 कोयला खदानों में उत्पादन 100 फीसदी से भी अधिक रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/increase-in-coal-mines/article-25534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/p-13-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में कोयला उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आंकड़ों के अनुसार 25 कोयला खदानों में उत्पादन 100 फीसदी से भी अधिक रहा है। इस वजह से 12 फीसदी बढ़कर 57.93 मिलियन टन कोयला उत्पादन हुआ है। इससे विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर बिजली आपूर्ति सेवा मिल सकेगी। 25 फीसदी कोयला बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभी से कोयला उत्पादन कंपनियों ने तेजी दिखाना शुरू कर दिया है।</p>
<p><strong>सर्वाधिक उत्पादन सीआईएल ने किया</strong><br />कोयला मंत्रालय के अस्थाई आंकड़ों के अनुसार देश का कुल कोयला उत्पादन सितंबर 2021 के 51.72 फीसदी की तुलना में 12.01 प्रतिशत बढ़कर सितंबर 2022 के दौरान 57.93 मिलियन टन (एमटी) हो गया है। सबसे ज्यादा उत्पादन कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने 45.67 मीट्रिक टन किया है। इसके बाद एससीसीएल ने 4.93 मीट्रिक टन और अन्य खदानों ने 7.33 मीट्रिक टन उत्पादन किया है। </p>
<p><strong>25 खदानों में सौ फीसदी उत्पादन</strong><br />आंकड़ों के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) 12.35 फीसदी, एससीसीएल ने 8.43 फीसदी और अन्य खदानों ने कोयला उत्पादन में 12.37 फीसदी वृद्धि दर्ज की है। सितंबर में देश की शीर्ष 37 कोयला उत्पादक खानों में से 25 खदानों ने 100 फीसदी से अधिक कोयला उत्पादन किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/increase-in-coal-mines/article-25534</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Oct 2022 10:27:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>तीन कोयला रैक बढ़ाने पर बनी सहमति : भाटी</title>
                                    <description><![CDATA[ परसा ईस्ट व कांटे बासन (पीईकेबी) कोयला खदानों से खनन में आ रही बाधाओं के कारण वर्तमान में हो रही कोयले की कमी को दूर करने एवं राजस्थान के थर्मल विद्युत गृहों को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के लिए बैठक हुई। प्रमुख सचिव ऊर्जा भास्कर ए.सावंत, उत्पादन निगम एमडी आरके शर्मा, देवेन्द्र श्रृंगी के साथ केन्द्रीय कोल सचिव अनिल जैन और अन्य अफसर मौजूद रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/agreed-on-increasing-three-coal-rakes-bhati/article-23729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/q-92.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोयले की कमी से बढ़े बिजली संकट को देखते हुए ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी और विभागीय अफसरों ने दिल्ली में केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी और अफसरों से उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में राजस्थान में तीन रैक कोयला आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति बनी। ब्रिज लिंकेज के जरिए मिलने वाले कोयले के ट्रांसपोटेशन को लेकर भी वार्ता में रास्ता खुला। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि परसा ईस्ट व कांटे बासन (पीईकेबी) कोयला खदानों से खनन में आ रही बाधाओं के कारण वर्तमान में हो रही कोयले की कमी को दूर करने एवं राजस्थान के थर्मल विद्युत गृहों को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के लिए यह बैठक हुई। प्रमुख सचिव ऊर्जा भास्कर ए.सावंत, उत्पादन निगम एमडी आरके शर्मा, देवेन्द्र श्रृंगी के साथ केन्द्रीय कोल सचिव अनिल जैन और अन्य अफसर मौजूद रहे। बैठक में कोयले की उपलब्धता में कमी के मद्देनजर राजस्थान को एनसीएल, एसईसीएल एवं एमसीएल से तीन कोयले की रैक बढ़ाने पर सहमति बनी। अब राज्य के पावर प्लांट को एनसीएल से 6 कोयले की रैक और एसईसीएल से 4 कोयले की रैक रोजाना मिलेंगी। एमसीएल से भी वर्तमान में प्राप्त हो रही कोल रैक की आपूर्ति में बढ़ोतरी होगी।</p>
<p>केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने एमसीएल से कोयले का उठाव बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार से रेल समुद्र रेल मार्ग से भी कोल परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। भाटी ने कहा कि कोयले की तीन रैक बढ़ोतरी से राजस्थान पावर प्लांट में कोयले की समस्या का पूरा समाधान तो नहीं होगा, लेकिन हालातों से निपटने में मदद जरूर मिलेगी। भाटी ने श्रम शक्ति भवन में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मुलाकात कर राजस्थान में कोयला संकट को दूर करने, सौर ऊर्जा योजनाओं में आ रही समस्याओं, वंचित ग्रामीण ढाणियों में विद्युतीकरण कराने का आग्रह किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Sep 2022 13:15:05 +0530</pubDate>
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