<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/generation/tag-5524" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>generation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5524/rss</link>
                <description>generation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>युवा पीढ़ी तक पहुंचे गांधी दर्शन, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी : शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[शांति और अहिंसा निदेशालय के निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि गांधी दर्शन नई पीढ़ी तक पहुंचे, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शर्मा मंगलवार को शांति और अहिंसा निदेशालय द्वारा गंगाशहर क्षेत्र के डागा पैलेस में शुरू हुए तीन दिवसीय संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/gandhi-philosophy-reaches-the-younger-generation-it-is-our-collective/article-12757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qqqqqqq.gif" alt=""></a><br /><p><strong>बीकानेर।</strong> शांति और अहिंसा निदेशालय के निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि गांधी दर्शन नई पीढ़ी तक पहुंचे, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शर्मा मंगलवार को शांति और अहिंसा निदेशालय द्वारा गंगाशहर क्षेत्र के डागा पैलेस में शुरू हुए तीन दिवसीय संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांधी दर्शन में समाज के हर वर्ग को साथ लेकर समाजिक उत्थान की क्षमता है। शर्मा ने प्रतिभागियों से अनुशासन के साथ गांधी दर्शन अपने जीवन में उतारने की अपील की।</p>
<p>समारोह में गांधीवादी विचारक प्रो. सतीश राय ने कहा कि गांधीजी सर्वकालिक रूप से प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि दुनिया गांधी को महात्मा के रूप में जानती है क्योंकि गांधी ने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों से जीवन जीकर दुनिया के सामने इन्हें जीवन्त रूप में रखा। गांधीवादी विचारक डॉ. बी. एम. शर्मा ने कहा कि आज एक बार फिर महात्मा गांधी के सिद्धांतों को पढ़ने और आत्मसात करने की आवश्यकता है। शिविर के उद्घाटन समारोह में संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के माध्यम से क्रांतिदूत बन कर निकलें और विपरीत परिस्थितियों में भी प्रेम और दया का संचार कर सर्वोदय के सूत्रधार बनें। <br />कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने कहा कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य महात्मा गांधी के जीवन के सिद्धांतों को आमजन से जोड़ना है। समाज की विषमताओं को कम किया जा सके। चूरू कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने गांधी दर्शन पर आधारित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर के प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित करें। गांधी समिति के जिला समन्वयक संजय आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। अहिंसा प्रकोष्ठ के समन्वयक राजेन्द्र जोशी ने आभार जताया। संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया। कार्यक्रम में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नित्या के., एडीएम प्रशासन ओमप्रकाश, एडीएम सिटी पंकज शर्मा, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के गांधी स्टडियन सेंटर के डॉ. बिट्ठल बिस्सा, संजय पुरोहित, चूरू के जिला संयोजक दुलाराम, हनुमानगढ़ के सरवन तंवर, गंगानगर के प्रवीण गौड़,  सहित संभाग सभी जिलों से 240 प्रतिभागी उपस्थित रहे।<br />वाल्मीकि बस्ती में किया श्रमदान : तीन दिवसीय संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को प्रतिभागियों ने गंगाशहर स्थित वाल्मीकि बस्ती में श्रमदान किया। श्रमदान में नगर निगम आयुक्त गोपाल राम बिड़दा व स्काउट गाइड ने भागीदारी निभाई। इससे पूर्व प्रभात टोली द्वारा प्रात: जागरण के साथ शुरू शिविर शुरू हुआ।   <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/gandhi-philosophy-reaches-the-younger-generation-it-is-our-collective/article-12757</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/gandhi-philosophy-reaches-the-younger-generation-it-is-our-collective/article-12757</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Jun 2022 12:51:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/qqqqqqq.gif"                         length="178183"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> प्रदेश की बिजली व्यवस्था आज हो सकती है ठप, बिजली अभियंताओं का विद्युत भवन पर महापड़ाव शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंताओ ने वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर सोमवार से विद्युत भवन परिसर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया है। इसमें तीनों विद्युत वितरण कंपनी, विद्युत उत्पादन निगम और प्रसारण निगम के कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/today-the-power-system-of-the-state-may-come-to-a-standstill--the-power-engineers-started-a-big-halt-on-the-power-building/article-11996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ee2.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p>जयपुर।बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंताओ ने वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर सोमवार से विद्युत भवन परिसर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया है। इसमें तीनों विद्युत वितरण कंपनी, विद्युत उत्पादन निगम और प्रसारण निगम के कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं।इससे प्रदेश में बिजली उत्पादन से लेकर सप्लाई तक प्रभावित होने की आशंका बन गई है। अभियंताओं की ऊर्जा विभाग और डिस्कॉम्स प्रबंधन से रविवार को वार्ता भी हुई, लेकिन किसी तरह का सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ सका।<br /><br />इसके बाद पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने प्रदेशवासियों के नाम अपील जारी की। इसमें बताया गया कि उन्हें मजबूरन महापड़ाव करना पड़ रहा है। ऐसे में विद्युत उत्पादन और सप्लाई में व्यवधान होता है तो प्रबंधन जिम्मेदार होगा।बिजली कंपनियों में 5192 कनिष्ठ अभियंता हैं। एसोसिएशन ने दावा किया है कि महापड़ाव में अधिकतर कनिष्ठ अभियंता शामिल होंगे और जो जयपुर नहीं आ पाएंगे वे अपने कार्यस्थल पर ही कार्य बहिष्कार करेंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियो के अनुसार राजनीतिक दलों ने वेतन विसंगति दूर करने का वादा किया था। यहां तक कि तत्कालीन और मौजूदा मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री से भी आश्वासन मिला, लेकिन हुआ कुछ नहीं। ऐसे में मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है। वही विभाग के आलाधिकारियों और मंत्री से आज भी एसोसिएशन के पदाधिकारियों की वार्ता हो सकती है।<br /><br /> </p>
<p></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/today-the-power-system-of-the-state-may-come-to-a-standstill--the-power-engineers-started-a-big-halt-on-the-power-building/article-11996</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/today-the-power-system-of-the-state-may-come-to-a-standstill--the-power-engineers-started-a-big-halt-on-the-power-building/article-11996</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 13:13:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/ee2.jpg"                         length="39280"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकाज </title>
                                    <description><![CDATA[चर्चा में रम और गम के पटाखे : चिन्ता दूसरी पीढ़ी की : तैयारी ढाई साल की : चांस ब्रेक लगने के : दिल है कि मानता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/-draft--add-your-title/article-1735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajkaj.jpg-13091.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चर्चा में रम और गम के पटाखे</strong></span></span><br /> सूबे में इन दिनों हाथ वाले भाई लोगों में पटाखों को लेकर काफी चर्चा है। इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने पर ग्रीन पटाखों की नहीं बल्कि रम और गम के पटाखों की चर्चा कुछ ज्यादा ही हैं। यहां आने वाला हर कोई वर्कर बतियाता है कि कई भाई लोगों के सपने थे कि इस बार दीपावली पर तो पटाखे छोड़े बिना नहीं रहेंगे, मगर शनि को दिल्ली से छन-छनकर आई खबरों के बाद उनके मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ठिकाने पर सालों से आ रहे बुजुर्गवार की मानें, तो जोधपुर वाले अशोक जी भाईसाहब अपने हिसाब से दीपावली के बाद आने देवउठनी एकादश के बाद बम पटाखे छोड़ेंगे, जिनकी आवाज दूर तलक जाए बिना नहीं रहेगी। कुर्सी के लिए दिन में सपने देखने वाले भाई लोग अभी तो लम्बी सांस के साथ गम और रम के पटाखे छोड़ते नजर आ रहे हैं। अब समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चिन्ता दूसरी पीढ़ी की</strong></span></span><br /> इन दिनों राज के कुछ रत्न अपनी दूसरी पीढ़ी के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। उनके लिए वे न रात देख रहे हैं और न ही दिन। रात को काम करने के लिए भी पसीने बहा रहे हैं। उनके उलटे सीधे कामों को ढाकने के लिए खाकी वालों तक के हाथ-पैर जोड़ रहे हैं। इस मामले में पिंकसिटी से ताल्लुकात रखने वाले एक रत्न तो दो कदम आगे हैं। पुत्र मोह में फंसे भाईसाहब न आगा देख रहे हैं और न ही पीछा। पुत्र भी काफी स्याणा है, जो रात दिन जमीन से ही जुड़ा रहता है। राज का काज करने वाले लंच केबिनों में बतियाते हैं कि पुत्र मोह में फंसे भाई साहब की मजबूरी है, वरना वो भी जानते है कि यह पब्लिक है, सब जानती है और सब पहचानती है कि उसको आगे क्या करना है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>तैयारी ढाई साल की</strong></span></span><br /> दिल्ली की सरकार के लिए जंग तो ढाई साल बाद होगी, लेकिन नेताओं ने अभी से पसीने बहाने शुरू कर दिए है। भारती भवन वालों ने तो बैठकों में चिंतन-मंथन का कलैण्डर तक बना लिया। अब देखो ना सूबे में उपचुनावों की आड़ में आगे की रणनीति पर काम भी शुरू हो गया। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर चर्चा है कि स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मैडम का नाम देखकर ही समझ गए कि सूबे में 2023 की जंग जीतने का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा। अब सोचने वाले तो आगे तक की भी सोच रहे हैं कि हाथ वालों की ओर से प्रियंका के आगे आने पर भगवा वाले भी अपनी रणनीति बदले बिना नहीं रहेंगे और अपनी ओर से सूबे वाली मैडम को ही आगे करेंगे, चाहे वह नंबर वन कुर्सी पर ही विराजमान हो।</p>
<p><strong><br /> </strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चांस ब्रेक लगने के</strong></span></span><br /> आजकल राज का काज करने वाले भाई लोगों के दिलों में एक डर बैठा हुआ है। उनका यह डर लंच टेबिलों पर कभी कभार वह जुबान पर आ ही जाता है। मामला भी गाड़ियों से जुड़ा है। जोधपुर वाले भाईसाहब कभी भी 17 साल पहले किए अपने एक फैसले का फरमान जारी कर सकते हैं। अब बीस गुणा ज्यादा बढ़ चुकी सरकारी गाड़ियों की स्पीड पर पेट्रोल की बढ़ती कीमत और मितव्ययता की आड़ में ब्रेक लगाने के चांस कुछ ज्यादा ही हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दिल है कि मानता</strong></span></span><br /> दिल तो दिल ही होता है। मान जाए, तो ठीक है, नहीं माने तो उस पर किसी का वश नहीं होता। कमल वाली पार्टी में वल्लभनगर और धरियावद के उपचुनाव के लिए उच्च स्तर पर दिल मिलाने की लाख कोशिशें की गई। लेकिन दिल केवल टिकट बांटने तक राजी हुआ। मैदान में प्रचार-प्रसार के लिए उदयपुर वाले भाईसाहब का दिल अभी तैयार ही नहीं है। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में चर्चा आम है कि दिलों में अभी भी दरार है। समझौता केवल दिखावटी है। दिल नहीं मिलने से वोटर भी मझदार में है। उन्होंने भी बिना दल वालों से दिल मिलाने की ठान ली है।</p>
<p> <strong>     एल एल शर्मा<br /> (यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://dainiknavajyoti.com/-draft--add-your-title/article-1735</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/-draft--add-your-title/article-1735</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 10:40:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/rajkaj.jpg-13091.jpg"                         length="62834"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट के बीच कुछ राहत</title>
                                    <description><![CDATA[कालीसिंध तापीय विद्युतगृह में उत्पादन शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-1555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/kota-tharmal.jpg-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। राज्य की कालीसिंध तापीय विद्युतगृह की 600 मेगावाट उत्पादन क्षमता की बंद इकाई में शनिवार से उत्पादन शुरु हो गया है। ऐसे में प्रदेश में गहराए बिजली संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य के कोल ब्लॉक्स से पिछले दिन की तुलना में कोयले की करीब ढाई रेक अधिक डिस्पेच हुई है जो रविवार तक पहुंचने की संभावना है। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोल ब्लॉक से इससे पहले सात से साढ़े सात रेक कोयला आ रहा था। कोल इंडिया से भी कोयले की आपूर्ति बढ़वाने के उच्च स्तर पर प्रयास जारी है। डॉ. अग्रवाल ने शनिवार को विद्युत भवन में बिजली निगमों के उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के कोयला सचिव अनिल जैन से दूरभाष पर चर्चा कर विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम परसा ईस्ट एवं कांता बासन कोल ब्लॉक से कोयले की अधिक आपूर्ति के लिए सहमति हो गई है जिससे आने वाले दिनों में इन ब्लाकों से अधिक कोयला मिलने लगेगा। उन्होंने बताया कि शटडाउन या अन्य कारणों से बंद इकाइयों में भी शीघ्र ही उत्पादन शुरु करवाया जा रहा है।</p>
<p><strong><br /> एक अधिकारी को भेजा बिलासपुर</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने एक अधिकारी एसपी अग्रवाल को बिलासपुर भेजा गया है। इससे पहले कई अधिकारियों को बिलासपुर भेजा गया है ताकि वहां से कोयले की आपूर्ति के लिए समन्वय बनाकर कोयले की रेक रवानगी करा सके। अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा रोस्टर के आधार पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विद्युत कटौती की जा रही है और इसकी पूर्व सूचना दी जा रही है।</p>
<p><strong><br /> 12650 मेगावाट बिजली की रही मांग</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को प्रदेश में ओसत 10267 मेगावाट व अधिकतम 12650 मेगावाट बिजली की मांग रही। राज्य में 8657 मेगावाट की उपलब्धता रही। <br /> <br /> <strong>लगातार कोयले की रैक मिलने से जारी है बिजली उत्पादन : कोटा थर्मल भी बना प्रदेश का संकट मोचक</strong><br /> राजस्थान में कोयले की कमी के चलते कई बिजली घरों में यूनिटें बंद हो रही हैं। बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है लेकिन कोटा थर्मल पावर स्टेशन में 6 यूनिटों में लगातार उत्पादन हो रहा है। कोटा थर्मल में अभी  1000 मेगावाट उत्पादन हो रहा है, जो प्रदेश को ग्रिड से करीब एक तिहाई बिजली उपलब्ध करवा रहा है।  अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में आ रही रैक और स्टॉक को मिलाकर बात की जाए तो कोटा थर्मल के पास चार दिन का स्टॉक पड़ा हुआ है। रोज रैक आ रही है। हालांकि यहां पर भी कब कोयले की कमी का असर दिखने लग जाए कहा नहीं जा सकता। खुद थर्मल के अधिकारी मानते हैं कि अभी तो काम चल रहा है आगे का कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन वर्तमान में बिजली घरों में संकटमोचक की भूमिका कोटा थर्मल निभा रहा है। कोयले की उपलब्धता, स्टॉक और डिमांड व उत्पादन को देखते हुए कोटा थर्मल भी सुपर क्रिटिकल स्थिति में है।  लेकिन अभी मात्र 4 दिन का कोयला यहां पर बाकी है।  रोज कोयले की चार से पांच रैक यहां पहुंच रही हैं। रोज रैक मिलने के चलते स्टॉक बचा हुआ है। जिससे लगातार बिजली की जितनी खपत हो रही उतनी ही मात्रा में यहां कोयला उपलब्ध हो रहा है।<br /> <br /> <strong>130 गाड़ियों का एलॉटमेंट</strong><br /> कोटा थर्मल में इस महीने कोयले की 130 माल गाड़ियों का एलॉटमेंट है। ऐसे में कोटा थर्मल पावर प्लांट के पास 47 हजार मैट्रिक टन से ज्यादा कोयला उपलब्ध है। कोटा थर्मल सुपरक्रिटिकल स्थिति में होने के बाद भी लगातार उत्पादन कर रहा है और कोयले का संकट फिलहाल यहां नजर नहीं आ रहा है।</p>
<p><br /> <strong>एक यूनिट है बंद</strong><br /> थर्मल की 6 नंबर यूनिट सालाना रखरखाव के लिए बंद है। 195 मेगावाट की यूनिट 15 दिनों से बंद है। अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार ने 3 दिन में इस यूनिट को भी चालू करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इसे भी जल्द लाइटप कर उत्पादन शुरू किया जाएगा।<br /> <br /> <strong>स्टॉक हो रहा है सरप्लस</strong><br /> अधिकारियों के अनुसार थर्मल में जैसे ही कोयले की रैक आ रही है अधिकतर को बंकरों में ही खाली करवाया जा रहा है। रोज 17 हजार मैट्रिक टन कोयले की खपत हो रही है लेकिन करीब 28 हजार मैट्रिक टन कोयला रोज मिल रहा है। ऐसे में स्टॉक मेटेंन रहने के साथ साथ बढ़ भी रहा है।</p>
<p><br /> <strong>इनका कहना है</strong><br /> हमे रोज रैक मिल रही है इसलिए दिक्कत नहीं आई। स्टॉक हमारे पास है, पूरी क्षमता से उत्पादन भी कर रहे हैं। एक यूनिट वार्षिक शटडाउन पर है । उसे भी जल्द लाइटअप कर चालू कर दिया जाएगा। आगे के बारे में तो कह नहीं सकते, लेकिन अभी हमारे पास उत्पादन के अनुरूप कोयला आ रहा है।<br /> -वीके गोलानी, चीफ इंजीनियर, थर्मल <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-1555</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-1555</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 11:11:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/kota-tharmal.jpg-mks.jpg"                         length="235296"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेंशन : त्योहारी सीजन से बढ़ी अफसरों की चिंता, डिमांड और सप्लाई में असंतुलन का डर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में फिर बिजली संकट, ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती से हो रही बिजली गुल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615ea56958a39/article-1482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/bijli-power-tower.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश के कुछ बिजली उत्पादन इकाइयों में महज चार- पांच दिन का कोयला ही शेष रहने से प्रदेश में फिर से बिजली संकट गहरा गया है। बिजली डिमांड और सप्लाई में अंतर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बढ़ गई है, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई-कई घंटे तक बिजली गुल हो रही है। वहीं ऊर्जा मंत्री ने बिजली कटौती में एक सप्ताह के अंदर सुधार होने का दावा किया है।  कोयला संकट की आहट को देखते हुए 2500 हजार मेगावाट के प्लांट में उत्पादन ठप हुआ है। कुछ प्लांट में तो महज चार से छह दिन का कोयला ही बचा है। चिंता यह है कि नवरात्रा, दीपावली जैसे आयोजनों में बिजली उपलब्धता भी रखनी होगी। फिलहाल बिजली संकट के समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई है, जिस कारण सैकड़ों गांवों में 24 घंटे के अंदर टुकड़ों में छह से सात घंटे तक बिजली गुल हो रही है।<br /> <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>अघोषित कटौती के मौखिक आदेश</strong></span></span><br /> ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती की बात भले ही अफसर नहीं स्वीकार रहे, लेकिन कुछ इलाकों में एक-एक घंटे की कटौती जरूर मान रहे हैं। जबकि ग्रामीणों का जमकर कटौती होने के आरोप हैं। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के लोड डिस्पेच सेंटर से प्रदेशभर में जीएसएस पर मौखिक रूप से अघोषित कटौती के मैसेज दिए जा रहे हैं। चूंकि प्रदेश में अभी बिजली की मांग दो हजार लाख यूनिट के आसपास है, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए मांग और बढ़ेगी। कोयला संकट को लेकर अफसरों का कहना है कि जिन बिजलीघरों में कोयला स्टॉक कम रह गया है, वहां उत्पादन घटा दिया गया है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दो महीने पहले भी आई थी किल्लत</strong></span></span><br /> राजस्थान में दो महीने पहले भी कोयले की किल्लत सामने आई थी। उस दौरान बिजली घरों में मात्र एक दिन का कोयला रहने पर ग्रामीण इलाकों में कटौती करनी पड़ी थी और एक्सचेंज से महंगे दामों में बिजली खरीदना मजबूरी बन गया था। वैसे ही हालात अब दिखाई दे रहे हैं। संकट के चलते खुद ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला दिल्ली जाकर बात करने पहुंचे थे। बिजली संकट के पीछे अफसरों का यह भी तर्क है कि कोयले की कीमतें बढ़ी हैं और ट्रांसपोर्टेशन में काफी रुकावटें आई हैं। <br /> <br /> एक सप्ताह के अंदर बिजली कटौती सुधर जाएगी। भारी बारिश के चलते कोयले की खदानों में पानी भरा हुआ है, इसलिए राजस्थान सहित देशभर में कोयले की कमी बनी हुई है। प्रदेश में भी कोयले की आपूर्ति बाधित होने से बिजली संकट गहराया है।<br /> <strong>- बी.डी.कल्ला, ऊर्जा मंत्री</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615ea56958a39/article-1482</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615ea56958a39/article-1482</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Oct 2021 14:18:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/bijli-power-tower.jpg"                         length="233530"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        