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                <title>एचएमएसआई ने बेची 5 लाख से अधिक युनिट्स </title>
                                    <description><![CDATA[कंपनी ने सितम्बर 2023 के दौरान डोमेस्टिक मार्केट में 4,91,802 युनिट्स बेची, वहीं निर्यात में 19% की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 35,196 युनिट्स बेची। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/hmsi-sold-more-than-5-lakh-units/article-58702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(7)1.png" alt=""></a><br /><p>गुरुग्राम। त्योहारों के सीजन की शुरुआत के साथ होण्डा मोटरसाइकिल एण्ड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने सितम्बर 2023 में 5 लाख युनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है-जो वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अधिकतम है। सितम्बर 2022 से दो फीसदी बढ़ोतरी दर्ज करते हुए होण्डा ने साल के इस महीने में कुल 5,26,998 युनिट्स बेची हैं। कंपनी ने सितम्बर 2023 के दौरान डोमेस्टिक मार्केट में 4,91,802 युनिट्स बेची, वहीं निर्यात में 19% की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 35,196 युनिट्स बेची। </p>
<p>कॉर्पोरेट: एचएमएसआई ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2023-24 के लिए 11 महीनों की अवधि के लिए भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब्स में से एक मोहन बागान सुपर जायन्ट्स (एमबीएसजी) के साथ एसोसिएट स्पॉन्सर के रूप में साझेदारी की घोषणा की। प्रीमियम मोटरसाइकिल गोल्ड विंग टूर का लॉन्च किया और इसकी बुकिंग्स शुरू करने की घोषणा की।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Oct 2023 10:40:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट बढ़ने की आंशका, 6 उत्पादन इकाइयां ठप </title>
                                    <description><![CDATA[बिजली उत्पादन की 6 यूनिट में से 3 सुपर क्रिटिकल यूनिट हैं। विद्युत उत्पादन निगम की कुल 23 इकाइयों में से 17 इकाइयों(4890 मेगावाट) में उत्पादन जारी है, जबकि 6 इकाइयों(2690 मेगावाट) बंद हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/fear-of-increasing-electricity-crisis-6-production-units-closed/article-21322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/45465465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानसून के बाद अब फिर से बिजली संकट बढ़ने की आंशका है। राजस्थान की 6 बिजली उत्पादन इकाइयां ठप होने से 2690 मेगावाट बिजली उत्पादन कम हो गया है। इसे देखते हुए बिजली कम्पनियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती शुरू करने की तैयारी कर ली है। बिजली उत्पादन की 6 यूनिट में से 3 सुपर क्रिटिकल यूनिट हैं। विद्युत उत्पादन निगम की कुल 23 इकाइयों में से 17 इकाइयों(4890 मेगावाट) में उत्पादन जारी है, जबकि 6 इकाइयों(2690 मेगावाट) बंद हो गई है। निगम अधिकारियों का कहना है कि 6 इकाइयों में से 1320 मेगावाट क्षमता की छबड़ा व सूरतगढ़ में एक-एक सुपर क्रिटिकल इकाइयों की तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए कुछ समय के लिए बंद किया है, जो एक-दो दिन में ठीक हो जाएगी। दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों से फिर से उत्पादन शुरू होने पर संचालित इकाइयों की संख्या 19 और उत्पादन क्षमता 6210 मेगावाट होगी। </p>
<p>शेष 1370 मेगावाट क्षमता की चार इकाइयां बड़े फाल्ट के कारण लंबे समय से बंद हैं। सूरतगढ़ की दो 660 मेगावाट और 250 मेगावाट, छबड़ा की एक 250 मेगावाट और कोटा की एक 210 मेगावाट यूनिट इनमें शामिल है। इन इकाइयों को ठीक करने के प्रयास तेज कर दिए हैं, ये सितम्बर या अक्टूबर में शुरू हो सकती हैं।</p>
<p><strong>शहरों में कटौती</strong><br />मानसून कम होने के बाद तापमान में बढ़ोतरी से बिजली खपत इन दिनों बढ़ गई है। अब 6 उत्पादन इकाइयां यदि लम्बे समय तक बंद रही, तो निगम ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती शुरू करने की तैयारी में लगा हुआ है। जरूरत पड़ने पर कस्बों और शहरी क्षेत्रों में भी बिजली कटौती की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Sep 2022 10:08:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट : कोयला संकट के बीच पांच उत्पादन इकाइयां ठप, महंगी बिजली से सप्लाई जारी</title>
                                    <description><![CDATA[कोयला संकट का अभी तक कोई ठोस निदान नहीं होने से बिजली मांग और आपूर्ति में अंतर बना हुआ है। ऊर्जा विभाग अन्य राज्यों से बिजली खरीदकर सप्लाई कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-5--production-units-stalled-between-power-crisis/article-11492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/el-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोयला संकट का अभी तक कोई ठोस निदान नहीं होने से बिजली मांग और आपूर्ति में अंतर बना हुआ है। ऊर्जा विभाग अन्य राज्यों से बिजली खरीदकर सप्लाई कर रहा है। अभी प्रदेश में पांच बिजली उत्पादन इकाइयां ठप पड़ी हैं, लिहाजा अभी बाहर से बिजली खरीदकर सप्लाई का काम जारी रहेगा। बिजली खरीद में बाधाएं दूर होने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती समय में कुछ राहत जरूर मिल रही है। बिजली संकट के बीच पांच थर्मल उत्पादन इकाइयां ठप पड़ी हैं। कोयले की कमी से पहले ही उत्पादन कम हो रहा है। तेज गर्मी से बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं को सप्लाई जारी है। विद्युत उत्पादन निगम की सूरतगढ़ सबक्रिटिकल थर्मल की 250-250 मेगावाट क्षमता की दो इकाई, छबड़ा की 250 मेगावाट क्षमता वाली इकाई, सूरतगढ़ की 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल इकाई और कालीसिंध की 600 मेगावाट की थर्मल इकार्इं फिलहाल बंद पड़ी है। सूरतगढ़ थर्मल की पांच इकाइयों में रविवार को उत्पादन बंद हो गया था, लेकिन उनमें से चार इकाइयों में दोपहर बाद उत्पादन शुरू हो गया।</p>
<p><strong>बिजली कटौती में हल्की राहत</strong><br />उत्तरी भारत के कई राज्यों में बिजली की मांग में कमी आने से बाजार में बिजली उपलब्ध है। इसलिए राजस्थान में बिजली खरीद में आ रही बाधाएं अब कम हो गई हैं और राजस्थान को आसानी से खरीद में बिजली उपलब्ध हो रही है। बिजली उपलब्धता के चलते जारी सप्लाई से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कटौती में भी कुछ घंटे की राहत मिल गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 6 से आठ घंटे की तुलना में अब 4 से छह घंटे की कटौती हो रही है, वहीं शहरी क्षेत्रों में दो से तीन घंटे की जगह अब एक घंटे की कटौती जारी है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 10:29:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोयला संकट के बीच 5 उत्पादन इकाइयां ठप</title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट फिलहाल टलने के आसार नजर नहीं आ रहे। कोयले की कमी और तकनीकी कारणों से प्रदेश में 1970 मेगावाट क्षमता की पांच बिजली उत्पादन इकाइयां बंद है, जबकि शेष इकाइयों में महज चार से पांच दिन का कोयला स्टॉक है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-5-production-units-stalled-amid-coal-crisis/article-9450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/46565465465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट फिलहाल टलने के आसार नजर नहीं आ रहे। कोयले की कमी और तकनीकी कारणों से प्रदेश में 1970 मेगावाट क्षमता की पांच बिजली उत्पादन इकाइयां बंद है, जबकि शेष इकाइयों में महज चार से पांच दिन का कोयला स्टॉक है। लिहाजा सभी श्रेणी उपभोक्ताओं को आगामी दिनों में भी बिजली कटौती से राहत मिलने की संभावना कम ही है। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम की बंद पड़ी पांच इकाइयों में 600 मेगावाट की सूरतगढ़ थर्मल सुपर क्रिटिकल, 600 मेगावाट की कालीसिंध, 210 मेगावाट की कोटा थर्मल और 250 मेगावाट क्षमता की सूरतगढ़ थर्मल व छबड़ा थर्मल इकाई शामिल है। सूत्रों के अनुसार 250 मेगावाट क्षमता की सूरतगढ़ थर्मल इकाई दो-तीन दिनों में शुरू होने और 600 मेगावाट की कालीसिंध थर्मल इकाई में 15 मई तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।</p>
<p><strong>18 इकाइयों में भी कम उत्पादन</strong><br />विद्युत उत्पादन निगम की प्रदेश में कुल 23 उत्पादन इकाइयां हैं, जिसमें से वर्तमान में 18 इकाइयों में बिजली उत्पादन जारी है। इन इकाइयों की क्षमता महज 5610 मेगावाट है, लेकिन इनसे भी तीन से चार हजार मेगावाट उत्पादन रोजाना हो पा रहा है। इन उत्पादन इकाइयों में भी चार से पांच दिन का कोयला ही बचा है, जबकि नियमानुसार 26 दिन का स्टॉक रहना चाहिए। देशव्यापी कोयला संकट के बावजूद राजस्थान को 22 रैक कोयला मिल रहा है, लेकिन यह भी जरूरत की तुलना में कम है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 09:53:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओला ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की 1,441 यूनिट्स को वापस लेने का किया फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[ओला इलेक्ट्रिक ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की 1,441 यूनिट्स को वापस लेने का फैसला किया है। स्कूटरों में आग लगने के हादसों के बाद यह फैसला किया गया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/ola-decides-to-withdraw-1-441-units-of-electric-scooter/article-8493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/465456456465.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ओला इलेक्ट्रिक ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की 1,441 यूनिट्स को वापस लेने का फैसला किया है। स्कूटरों में आग लगने के हादसों के बाद यह फैसला किया गया गया है। कंपनी ने कहा कि पुणे में लगे स्कूटर में आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।</p>
<p>कंपनी ने कहा कि वह इस खेप के 1,441 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को वापस मांगया जा रहा है। कंपनी ने दावा किया कि उसके स्कूटर का सिस्टम बेहतर है। इसमें सभी मानकों को पूरा किया गया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Apr 2022 14:13:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने पोलैंड में 2 पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली इकाइयां तैनात की</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने पोलैंड में पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की दो इकाइयां तैनात की हैं। अमेरिका यूरोपियन कमांड के प्रवक्ता ने बताया कि रक्षा मंत्री के निर्देश पर तथा पोलैंड सहयोगियों के निमंत्रण पर अमेरिकी यूरोपीय कमांड के कमांडर जनरल वोल्टर्स ने अमेरिकी सेना को पोलैंड में दो पैट्रियट इकाइयां भेजने का निर्देश दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-deploys-2-patriot-air-defense-system-units-in-poland/article-5755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/06-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका ने पोलैंड में पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की दो इकाइयां तैनात की हैं। अमेरिका यूरोपियन कमांड के प्रवक्ता ने बताया कि रक्षा मंत्री के निर्देश पर तथा पोलैंड सहयोगियों के निमंत्रण पर अमेरिकी यूरोपीय कमांड के कमांडर जनरल वोल्टर्स ने अमेरिकी सेना को पोलैंड में दो पैट्रियट इकाइयां भेजने का निर्देश दिया है।</p>
<p>यह एक दूरदर्शी सैन्य सुरक्षा उपाय है, जो अनुच्छेद पांच के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और किसी भी तरह से किसी भी आक्रामक कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 10:58:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपणो बजट: अब राजस्थान में भी 100 यूनिट प्रतिमाह बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 50 फीसदी नि:शुल्क बिजली मिलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[मस्त घरेलू उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक 3 रुपए प्रति यूनिट अनुदान मिलेगा। जबकि 150 यूनिट से 300 यूनिट तक प्रतिमाह बिजली उपयोग पर 2 रुपए अनुदान मिलेगा। इसी तरह 300 यूनिट प्रतिमाह से अधिक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को भी स्लेब के अनुसार अनुदान दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aapno-budget--now-in-rajasthan-also-consumers-using-100-units-of-electricity-per-month-will-get-50-percent-free-electricity/article-4857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ashok_power.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा में बिजली को लेकर बड़ी घोषणा की है। अब राजस्थान में भी 100 यूनिट प्रतिमाह बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 50 फीसदी नि:शुल्क बिजली मिलेगी। वहीं समस्त घरेलू उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक 3 रुपए प्रति यूनिट अनुदान मिलेगा। जबकि 150 यूनिट से 300 यूनिट तक प्रतिमाह बिजली उपयोग पर 2 रुपए अनुदान मिलेगा। इसी तरह 300 यूनिट प्रतिमाह से अधिक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को भी स्लेब के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। इससे 4 हजार 500 करोड़ से अधिक का भार आएगा।<br /><br />मुख्यमंत्री ने बजट में बिजली उत्पादन क्षमता बढाने तथा उर्जा तंत्र का सुद्दढीकरण का काम करने की घोषणा की है। बिजली उत्पादन की लागत में कमी लाने की दृष्टि से छबड़ा तापीय विद्युतघर का विस्तार किया जाएगा। कालीसिंध, झालावाड़ तापीय विद्युत परियोजना का विस्तार करते हुए अल्टासुपर क्रिटीकल तकनीकी आधारित 800 मेगावाट की तीसरी इकाइ स्थापित की जाएगी। गुढा बिकानेर में 950 करोड की 125 मेगावाट की लिग्नाइट कोयला आधारित तापीय विद्युत परियोजना स्थापित की जाएगी। प्रदेश के विद्युत वितरण तंत्र में परिचालन हानि एटीएनसी की ओर से कमी लाने के लिए कई काम करवाए जाएंगे। इसमें 3565 करोड रुपए खर्च कर 48 लाख उपभोक्ताओं के प्री पेड मीटर लगाए जाएंगे। विद्युत वितरण के बुनियादी ढाचे को अधिक सुद्दढ करने की दृष्टि से करीब 3 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Feb 2022 14:37:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दस दिन में 300 लाख यूनिट की बढ़ी डिमांड</title>
                                    <description><![CDATA[कालीसिंध और सूरतगढ़ थर्मल में एक-दो दिन का ही कोयला बचा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A4%B8-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-300-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1/article-1622"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/bijli-transfer.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। कोयले की कमी से बढ़ता बिजली संकट प्रदेश में गहराता जा रहा है। बिजली कटौती के बावजूद बढ़ती डिमांड की तुलना में सप्लाई के आंकड़ों ने ऊर्जा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि प्रदेश में जहां दस दिन में करीब 300 लाख यूनिट बिजली की डिमांड बढ़ गई है, वहीं बिजली उत्पादन इकाइयों में भी कोयला संकट बढ़ता जा रहा है। कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट और सूरतगढ़ थर्मल में तो महज एक या दो दिन का कोयला ही बचा है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश मे एक अक्टूबर को 2153 लाख यूनिट खपत रही तो दस अक्टूबर तक यह आंकड़ा 2478 लाख यूनिट तक पहुंच गया। हालांकि 11 अक्टूबर को डिमांड में कुछ कमी आते हुए यह आंकडा 2395 लाख यूनिट रहा,जबकि उपलब्धता का आंकडा करीब 2232 लाख यूनिट रहा। मांग और आपूर्ति के बीच अभी भी मैनेजमेंट गडबडाया हुआ है, इसलिए प्रदेशभर में बिजली कटौती जारी है। कोयला संकट अगर जल्दी दूर नहीं हुआ तो आगामी दिनों में भी बिजली कटौती जारी रहेगी। बिजली उत्पादन इकाइयों में कोयला स्टॉक की बात करें तो कोटा थर्मल में महज तीन से चार दिन, सूरतगढ़ थर्मल में एक या दो दिन, छबड़ा थर्मल में छह दिन, छबड़ा सुपर क्रिटिकल में तीन से चार दिन, कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट में एक या दो दिन तथा सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल में तीन से चार दिन का कोयला ही बचा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 10:44:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टेंशन : त्योहारी सीजन से बढ़ी अफसरों की चिंता, डिमांड और सप्लाई में असंतुलन का डर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में फिर बिजली संकट, ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती से हो रही बिजली गुल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615ea56958a39/article-1482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/bijli-power-tower.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश के कुछ बिजली उत्पादन इकाइयों में महज चार- पांच दिन का कोयला ही शेष रहने से प्रदेश में फिर से बिजली संकट गहरा गया है। बिजली डिमांड और सप्लाई में अंतर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बढ़ गई है, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई-कई घंटे तक बिजली गुल हो रही है। वहीं ऊर्जा मंत्री ने बिजली कटौती में एक सप्ताह के अंदर सुधार होने का दावा किया है।  कोयला संकट की आहट को देखते हुए 2500 हजार मेगावाट के प्लांट में उत्पादन ठप हुआ है। कुछ प्लांट में तो महज चार से छह दिन का कोयला ही बचा है। चिंता यह है कि नवरात्रा, दीपावली जैसे आयोजनों में बिजली उपलब्धता भी रखनी होगी। फिलहाल बिजली संकट के समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई है, जिस कारण सैकड़ों गांवों में 24 घंटे के अंदर टुकड़ों में छह से सात घंटे तक बिजली गुल हो रही है।<br /> <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>अघोषित कटौती के मौखिक आदेश</strong></span></span><br /> ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती की बात भले ही अफसर नहीं स्वीकार रहे, लेकिन कुछ इलाकों में एक-एक घंटे की कटौती जरूर मान रहे हैं। जबकि ग्रामीणों का जमकर कटौती होने के आरोप हैं। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के लोड डिस्पेच सेंटर से प्रदेशभर में जीएसएस पर मौखिक रूप से अघोषित कटौती के मैसेज दिए जा रहे हैं। चूंकि प्रदेश में अभी बिजली की मांग दो हजार लाख यूनिट के आसपास है, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए मांग और बढ़ेगी। कोयला संकट को लेकर अफसरों का कहना है कि जिन बिजलीघरों में कोयला स्टॉक कम रह गया है, वहां उत्पादन घटा दिया गया है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>दो महीने पहले भी आई थी किल्लत</strong></span></span><br /> राजस्थान में दो महीने पहले भी कोयले की किल्लत सामने आई थी। उस दौरान बिजली घरों में मात्र एक दिन का कोयला रहने पर ग्रामीण इलाकों में कटौती करनी पड़ी थी और एक्सचेंज से महंगे दामों में बिजली खरीदना मजबूरी बन गया था। वैसे ही हालात अब दिखाई दे रहे हैं। संकट के चलते खुद ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला दिल्ली जाकर बात करने पहुंचे थे। बिजली संकट के पीछे अफसरों का यह भी तर्क है कि कोयले की कीमतें बढ़ी हैं और ट्रांसपोर्टेशन में काफी रुकावटें आई हैं। <br /> <br /> एक सप्ताह के अंदर बिजली कटौती सुधर जाएगी। भारी बारिश के चलते कोयले की खदानों में पानी भरा हुआ है, इसलिए राजस्थान सहित देशभर में कोयले की कमी बनी हुई है। प्रदेश में भी कोयले की आपूर्ति बाधित होने से बिजली संकट गहराया है।<br /> <strong>- बी.डी.कल्ला, ऊर्जा मंत्री</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Oct 2021 14:18:47 +0530</pubDate>
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