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                <title>social justice - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>social justice RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महिला आरक्षण पर कमलनाथ का केंद्र सरकार पर निशाना : आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप, विशेष सत्र पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की कि 33% आरक्षण इसी संसद सत्र से लागू होना चाहिए। कमलनाथ ने चेतावनी दी कि परिसीमन के बहाने दक्षिण भारत के साथ अन्याय न हो और सरकार महंगाई व बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों पर ध्यान दे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kamal-nath-targets-central-government-on-womens-reservation-accuses-it/article-151847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kamal-nath.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि संसद में आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने ट्वीट में कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है और उस समय कांग्रेस ने इसका समर्थन भी किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी मौजूदा संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन के माध्यम से दक्षिण भारत के राज्यों के साथ अन्याय करने की मंशा रखती है और इसी तथ्य को छुपाने का प्रयास कर रही है। कमलनाथ ने सवाल किया कि यदि भाजपा की नीयत वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देने की है, तो वर्तमान संसद में ही इसे लागू करने में क्या दिक्कत है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर चर्चा करने के बजाय सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाना चाहिए था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:54:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महिला कांग्रेस ने हैदराबाद में शुरू किया पोस्टकार्ड अभियान: महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू करने की मांग, छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना महिला कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू करने के लिए पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है। अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने आरक्षण को परिसीमन से अलग करने और 2029 चुनावों से ही प्रभावी बनाने की मांग की। कांग्रेस ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने हेतु इसमें ओबीसी उप-कोटा और जाति जनगणना की आवश्यकता पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress1.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी भवन में पोस्टकार्ड हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया। जिसमें महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को तुरंत लागू करने की मांग की गई। "महिला आरक्षण विधेयक: आज करो, अभी करो" नारे के तहत आयोजित इस अभियान में प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्टकार्ड भेजकर मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का आग्रह किया।</p>
<p>सभा को संबोधित करते हुए तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने कहा कि संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आरक्षण मौजूदा लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए और 2029 के आम चुनावों से प्रभावी हो। उन्होंने अधिनियम के कार्यान्वयन को नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का विरोध किया और आरोप लगाया कि ऐसा करने से दक्षिणी और छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जाति जनगणना की भी मांग की।</p>
<p>स्वर्ण ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए प्रावधानों के अलावा, 33 प्रतिशत आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए उप-कोटा की भी मांग की और कहा कि नीति में सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से देरी किये जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अधिनियम के कार्यान्वयन को स्थगित करना महिला सशक्तिकरण को कमजोर करता है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी देश भर की महिलाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप कानून को तत्काल लागू करने के लिए दबाव बनाना जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:25:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान : महागठबंधन में शामिल पार्टियों के खिलाफ 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में निकालेगी धिक्कार मार्च</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिलों में धिक्कार मार्च निकालेगा। प्रदेश प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने कांग्रेस और महागठबंधन पर महिला आरक्षण विधेयक रोकने का आरोप लगाया। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का दावा है कि विपक्ष ने परिसीमन सुधार का विरोध कर महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-announcement-of-rashtriya-lok-morcha-that-it-will-take/article-151003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bihr.png" alt=""></a><br /><p>पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो)संसद में महिला आरक्षण विधेयक एवं संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के विरोधी महागठबंधन में शामिल पार्टियों के खिलाफ 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में धिक्कार मार्च निकालेगी। रालोमो के प्रदेश प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने रविवार को बताया कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक एवं संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के विरोध में वोट देकर कांग्रेस एवं महागठबंधन की पार्टियों ने देश की आधी आबादी को लोकसभा एवं विधानसभाओ में जाने से रोका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिल रहे अधिकारों से उनको वंचित किया है।</p>
<p>सिन्हा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद उपेंद्र कुशवाहा पार्टी की ओर से संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के तहत बिहार में आवाज बुलंद करते रहे है, लेकिन इस अभियान को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विपक्षी दलों ने संसद में इसका विरोध कर रोक दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल कानून का रूप लेता तो बिहार में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ जाती। यदि संसद में यदि विपक्ष का सहयोग मिलता तो 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाएं सासंद और विधायक बनती, लेकिन महागठबंधन के सांसदों ने ऐसा नहीं होने दिया।संसद में विपक्ष की इस रवैया के खिलाफ राष्ट्रीय लोक मोर्चा 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में धिक्कार मार्च निकालेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:08:02 +0530</pubDate>
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                <title>सरकार परिसीमन की आड़ में देश का निर्वाचक मानचित्र बदलना चाहती है : राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने परिसीमन विधेयक का पुरजोर विरोध करते हुए इसे ओबीसी और दलितों के हितों पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है और चुनावी लाभ के लिए भारत का चुनावी नक्शा बदलना चाहती है। राहुल ने इसे 'मनुवाद' का प्रयास करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-government-wants-to-change-the-electoral-map-of-the/article-150845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi-on-mnerga.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार परिसीमन की आड़ में भारत का निर्वाचक मानचित्र बदल देना चाहती है लेकिन इससे महिलाओं का सशक्तीकरण नहीं होने वाला है। राहुल गांधी ने संसदीय सीटों के परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह 'देश द्रोह' है और विपक्ष इसे किसी कीमत नहीं होने देगा। राहुल गांधी ने परिसीमन विधेयक 2026, संविधान ( एक सौ इकतीसवां संशोधन ) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर हो रही चर्चा में शामिल होते हुए यह भी कहा कि सरकार लोक सभा सीटों का परिसीमन और विधायिका में महिलाओं का आरक्षण जिस तरह से देना चाहती है, वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) , दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों पर हमला है। विपक्षी सदस्य इसका कड़ा विरोध करते हैं।</p>
<p>उन्होंने सत्ता पक्ष से कहा, "आप ओबीसी को, दलितों को हिन्दू तो कहते हैं लेकिन सत्ता में उन्हें स्थान नहीं देते। आप इन्हें हिन्दू तो कहते हैं, लेकिन इन्हें कोई स्थान नहीं देते। कार्पोरेट में ओबीसी, दलित कहां हैं, शिक्षा क्षेत्र में वंचित वर्ग कहां है, निजी क्षेत्र में ओबीसी-दलित कहां हैं। सार्वजनिक क्षेत्र से वंचित वर्गों को हटाया जा रहा है।" राहुल गांधी ने सरकार से कहा कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने वाला पुराना विधेयक लाइये, वह उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि अतीत में ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यकों के लोगों के साथ बहुत क्रूर बर्ताव किया गया। अब यह विधेयक लाकर उनके साथ बिल्कुल वही काम किया जा रहा है। ऐसा काम किया जा रहा है, जिससे पिछड़ों और दलितों के हाथ में सत्ता कभी न आने दी जाये। उन्होंने कहा, " मनुवाद संविधान पर हावी है। "</p>
<p>विपक्ष के नेता ने कहा कि सरकार जनता को भ्रमित करना चाहती है, वह जानती है कि संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होगा। वह महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के नाम पर चुनावी लाभ लेना चाहती है। अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि वह ऐसा कुछ नहीं कहें, जो सदन की गरिमा और मर्यादा के खिलाफ हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:06:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अखिलेश यादव ने साधा निशाना : संविधान संशोधन विधेयक के सहारे सत्ता की राजनीति कर रही सरकार, एसआईआर के जरिए वोट काटने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में सरकार पर तीखा हमला करते हुए महिला आरक्षण को परिसीमन लागू करने की 'साजिश' बताया। उन्होंने जातिगत जनगणना और मुस्लिम व पिछड़ी महिलाओं के लिए 'कोटे में कोटा' की मांग की। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार वोट बैंक के लिए संवैधानिक संशोधन का सहारा ले रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/akhilesh-yadav-targeted-the-government-which-is-doing-power-politics/article-150711"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/akhilesh-yadav2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। समाजवाद पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि केंद्र सरकार सत्ता में बने रहने के लिए संविधान में 131वें संशोधन के जरिए वह महिला आरक्षण विधेयक के सहारे परिसीमन संबंधी विधेयक को पारित करवाना चाहती है। अखिलेश यादव ने गुरुवार को लोकसभा में "संविधान 131 वां संशोधन विधेयक 2026" पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार आरक्षण विरोधी है इसलिए वह एसआईआर के जरिए घपले करवा कर सत्ता में बना रहना चाहती है। एसआईआर के माध्यम से वोट काटे जा रहे हैं और जब पकड़े जा रहे हैं तो फिर नयी तरकीब लगा कर वोट काटे जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार एसआईआर के जरिए लोगों के वोट कटवा रही है और ऐसा कर केंद्र सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट बैंक सुरक्षित करने की राजनीति कर रही है। उनका यह भी कहना था कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर के जरिये वोट काटे गए और जब पकड़े गए तो फॉर्म 7 लेकर उसमें नकली दस्तखत करवाए गये लेकिन इसमें भी पकड़े गए तो फॉर्म 7 का इस्तेमाल ही बंद करवा दिया गया। अब केंद्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक के जरिए महिलाओं के वोट पाकर सत्ता में बना रहना चाहती है और अपने खोए वोट को वापस पाना चाहती है लेकिन उसे मालूम होना चाहिए कि देश की महिलाएं महंगाई से त्रस्त हैं और अब एलपीजी सिलेंडर ने उनकी नाराजगी और बढ़ा दी है इसलिए महिलाओं को रिझाकर उनका वोट हासिल करने का उनका षड्यंत्र भी बेकार हो गया है।</p>
<p>सपा नेता ने कहा कि अगर केंद्र सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील है तो उसे मेरठ और नोएडा की आंदोलन कर रही महिलाओं की समस्याओं की समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने चाहिए और इस तरह का संकट महिलाओं के सामने फिर ना आए विधेयक में इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार महिला आरक्षण के सहारे रणनीतिक तरीके से राजनीतिक लाभ पाने के लिए परिसीमन के वास्ते संविधान संशोधन विधयेक लेकर आई है।</p>
<p>सपा नेता ने कहा कि पहले जाति के आधार पर जनगणना आवश्यक है यदि जनगणना होती है तो उसके आधार पर आरक्षण की व्यवस्था की जा सकती है लेकिन सरकार आरक्षण नहीं देना चाहती इसलिए वह जनगणना जाति के आधार पर नहीं करना चाहती है। वह अल्पसंख्यकों और खासकर मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं देना चाहती है। यदि जनगणना जाति के आधार पर होती है तो पिछड़े वर्ग तथा अल्पसंख्यक महिलाओं को इसका वाजिब लाभ मिल सकता है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार जनगणना जाति के आधार पर नहीं करती है तो फिर महिला आरक्षण विधेयक धोखा है। उनका कहना था कि विधेयक में महिलाओं के हित के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं है और पिछड़े अल्पसंख्यक महिलाओं को आरक्षण मिले बिना आरक्षण विधेयक का कोई मतलब नहीं रह जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 18:19:33 +0530</pubDate>
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                <title>महिला आरक्षण विधेयक के साथ परिसीमन विधेयक को जोड़ना केंद्र की बड़ी साजिश : कविता की चेतावनी-राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कम करने वाले कदम से जन आंदोलन का होगा जन्म </title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना जागृति अध्यक्ष के. कविता ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को केंद्र की 'बड़ी साजिश' बताया है। उन्होंने चिंता जताई कि इससे तेलंगाना का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। कविता ने चेतावनी दी कि यदि राज्य के हकों से समझौता हुआ, तो तेलंगाना के गठन जैसा एक और जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/linking-the-delimitation-bill-with-the-womens-reservation-bill-is/article-150618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kalvakuntla-kavitha.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना जागृति पार्टी की अध्यक्ष कलवकुंतला कविता ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को महिला आरक्षण विधेयक के साथ जोड़ना केंद्र की एक 'बड़ी साजिश' है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेलंगाना के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कम करने वाला कोई भी कदम राज्य में एक और जन आंदोलन को जन्म दे सकता है। बंजारा हिल्स स्थित तेलंगाना जागृति कार्यालय से जारी एक वीडियो बयान में कविता ने कहा कि हालांकि संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है लेकिन इसे परिसीमन के साथ जोड़ने का प्रयास भ्रामक और राजनीति से प्रेरित है।</p>
<p>कविता ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन दो अलग-अलग मुद्दे हैं। उन्होंने केंद्र पर परिसीमन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए 'महिलाओं को ढाल के रूप में उपयोग करने' का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने टिप्पणी की, "वे प्रभावी रूप से महिलाओं के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं।" कविता ने संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हालांकि यह निष्पक्ष लग सकता है लेकिन इसका तेलंगाना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्यों की तुलना में तेलंगाना की सीटों की हिस्सेदारी असमान रूप से कम हो सकती है, जिससे उसका राजनीतिक महत्व कम हो जाएगा।</p>
<p>जागृति नेता ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में संसद में तेलंगाना का प्रतिनिधित्व 3.13 प्रतिशत है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परिसीमन के बाद भी यह हिस्सा अपरिवर्तित रहे, चाहे कोई भी मानदंड अपनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी, "यदि तेलंगाना के राजनीतिक महत्व को कम किया गया, तो राज्य के गठन के आंदोलन जैसा ही एक और आंदोलन अनिवार्य हो जाएगा।" कविता ने देय धनराशि जारी न करने और प्रमुख राज्य पहलों को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा न देने के लिए भी केंद्र की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्व में और कमी आने से स्थिति और खराब हो जाएगी। जागृति नेता ने कहा कि परिसीमन को महिला आरक्षण विधेयक से जोड़ने के बजाय, केंद्र को वास्तविक सामाजिक न्याय प्राप्त करने के लिए महिला कोटे के भीतर पिछड़े वर्गों (बीसियों) के लिए उप-कोटा सुनिश्चित करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:49:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार की नीयत पर कांग्रेस ने उठाया सवाल : जातिगत जनगणना से बचने का लगाया आरोप, 16 अप्रैल से शुरू होगा संसद का विशेष सत्र</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ओबीसी चेयरमैन डॉ. अनिल जय हिंद ने महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग की है। उन्होंने सरकार पर जातिगत जनगणना से बचने का आरोप लगाया और कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण अधूरा है। जय हिंद ने राहुल गांधी की यात्रा के प्रभाव का जिक्र करते हुए ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटे पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-raised-questions-on-the-intention-of-the-central-government/article-150501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन डॉ अनिल जय हिंद ने कहा है कि लोक सभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण चर्चा का नहीं, बल्कि उसके तत्काल क्रियान्वयन का मामला है। उन्होंने बताया कि सरकार 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुला रही है, जिसमें संविधान संशोधन लाने की तैयारी है। जय हिंद के अनुसार, पहले सरकार ने 2027 में जातिगत जनगणना, उसके बाद परिसीमन और फिर महिला आरक्षण लागू करने का रोडमैप बनाया था, लेकिन अब 2011 की जनगणना के आधार पर इसे लागू करने की बात कही जा रही है, जो मौजूदा जनसंख्या बदलावों के अनुरूप नहीं है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जातिगत जनगणना से बचना चाहती है। इस संदर्भ में 2021 में संसद दिये गये आश्वासन और उच्चतम न्यायालय में दिये गये हलफनामों का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के बाद दबाव में सरकार ने रुख बदला। उन्होंने केंद्र सरकार पर ओबीसी महिलाओं को आरक्षण से वंचित रखने का आरोप लगाया और साथ ही याद दिलाया कि राजीव गांधी सरकार की ओर से लाये गये 73वें और 74वें संविधान संशोधनों में ओबीसी आरक्षण का प्रावधान पहले से मौजूद है। जय हिंद ने कहा कि बड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व से दूर रखना लोकतंत्र के खिलाफ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:28:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को अर्पित की श्रद्धांजलि : नोएडा की घटना के लिए राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेदार, सत्ता परिर्वतन की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बाबा साहब को नमन करते हुए नोएडा घटना पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे इंटेलिजेंस फेलियर बताते हुए 'संवैधानिक मूल्यों' की रक्षा का संकल्प लिया। अखिलेश ने सत्ता पक्ष पर सामाजिक न्याय की अनदेखी का आरोप लगाया और 2027 में जनता द्वारा बदलाव का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadav-paid-tribute-to-baba-saheb-bhimrao-ambedkar-held/article-150339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/akhilesh-yadav1.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौक़े पर उन्होंने नोएडा में हुई घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि इंटेलिजेंस पूरी तरह फेल रही और प्रशासन को पहले से जानकारी होने के बावजूद घटना को होने दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर यह कोई बड़ी साजिश है तो इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार पर आती है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में सत्तारूढ़ पार्टी को हटाया जाएगा और उनकी पार्टी बाबा साहब के संविधान पर आधारित समाज की स्थापना करेगी।</p>
<p>अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि उनसे बड़ा झूठ बोलने वाला कोई “संत” नहीं है। उन्होंने उन्हें “नकली संत” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार का संविधान से कोई सरोकार नहीं है। सपा प्रमुख ने कहा कि राज्य सरकार के नेता हार के डर से भूमिगत हो गए हैं, लेकिन जनता मिलकर उन्हें हराने और सत्ता से हटाने का काम करेगी। उन्होंने भीमराव अंबेडकर के संविधान को “लोहे की तलवार” बताते हुए कहा कि यह देश के लोगों को न्याय और सम्मान दिलाने का माध्यम है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दौरान बाबा साहब की प्रतिमाओं को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया गया है और चुनाव से पहले बजट के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश की जाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और पीडीए वर्ग के खिलाफ भेदभाव जारी है, हालांकि जनता अब इन साजिशों को समझ चुकी है। अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा 400 से अधिक सीटें जीतने और संविधान बदलने के दावे किए गए थे, लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता ने मतदान के जरिए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 12:52:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संविधान निर्माण में डॉ. अम्बेडकर की भूमिका है अतुल्य : वासुदेव देवनानी</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए 'संविधान का मुख्य वास्तुकार' बताया। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान न केवल लोकतांत्रिक नींव है, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के स्वाभिमान की झलक भी समाहित है। देवनानी ने बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dr-ambedkars-role-in-the-making-of-the-constitution-is/article-150282"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/vasudev-devnani.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती पर नमन किया है। देवनानी ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के जरूरतमंद, पिछडे, उपेक्षित और निर्बल वर्गा को उन्नत करने में लगाया। डॉ. अम्बेडकर ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वतन्त्र भारत को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाने के लिए संविधान निर्माण में उन्होंने अतुल्य भूमिका निभाई। बाबा साहेब ने पिछड़े और कमजोर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। डॉ. अम्बेडकर के सामाजिक स‌द्भाव, समानता, सामाजिक न्याय के विचार आज भी प्रासंगिक</p>
<p>देवनानी ने कहा कि संविधान के बाईस भागों के मुख पृष्ठ पर भारत की संस्कृति और स्वाभिमान को दिखाती हुई तस्वीरें है। उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों में भारत की प्राचीन सभ्यता मोहेंजोदडो से लेकर महाभारत में कुरुक्षेत्र और कृष्ण द्वारा दिए गए गीता के ज्ञान, भगवान श्री राम की लंका विजय, भगवान बुद्ध का जीवन चरित्र, महान सम्राट अशोक, उज्जैन के न्यायप्रिय महाराज विक्रमादित्य के राजदरबार, प्राचीन वैदिक गुरुकुल, नालंदा विश्ववि‌द्यालय, भगवान नटराज, रामभक्त हनुमान के साथ ही झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, छत्रपति वीर शिवाजी और गुरु गोविन्द सिंह को प्रदर्शित किया गया है। देवनानी ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे लम्बा और लिखित संविधान है। यह हमारे लोकतांत्रिक गणराज्य की नींव है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का इतिहास उन लाखों भारतीयों के संघर्षों और स्वतंत्र होने की आशाओं में निहित है जो स्वतंत्रता, न्याय एवं समानता के लिए तरस रहे थे। महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, बाबा साहब अम्बेडकर, वीर सावरकर जैसे महापुरुषों के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत के लिए आशा की चिंगारी जलाई थी। कहा कि डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, जिन्हें संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान अ‌द्भुत तार्किकता, दूरदर्शिता, संवेदनशीलता से युक्त एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें विश्व के विभिन्न संविधानों के सर्वोतम तत्वों को शामिल किया गया था, साथ ही यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और दार्शनिक परम्पराओं का प्रतिनिधित्व करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:11:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भाजपा की बृहद संगोष्ठी, महिलाओं का मिला व्यापक समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर भाजपा कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भव्य संगोष्ठी हुई। सांसद मंजू शर्मा और जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने 33% महिला आरक्षण को ऐतिहासिक बताया। डॉ. सौम्या गुर्जर ने मिस्ड कॉल अभियान के जरिए महिलाओं को नीति निर्माण और राजनीतिक नेतृत्व से जोड़ने का आह्वान किया। सैकड़ों संगठनों ने इस कदम को महिला सशक्तिकरण की नई दिशा करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjps-mega-seminar-women-received-widespread-support-in-support-of/article-150278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/amit-goyal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भाजपा की बृहद संगोष्ठी, महिलाओं ने जताया समर्थन भाजपा जयपुर शहर जिला कार्यालय में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बृहद संगोष्ठी आयोजित हुई। जिला अध्यक्ष अमित गोयल के सानिध्य में हुए कार्यक्रम में सैकड़ों महिला संगठनों की प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि 2023 में पारित यह संवैधानिक संशोधन महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें नीति निर्माण में भागीदारी का अवसर देगा। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया।</p>
<p>अमित गोयल ने कहा कि नारी शक्ति देश की आधारशिला रही है और यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में आगे बढ़ाने का अवसर देगा। डॉ. सौम्या गुर्जर ने महिलाओं से समर्थन में मिस्ड कॉल करवाते हुए महिला आधारित विकास पर जोर दिया। कुसुम यादव ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। रेखा राठौड़ ने इसे महिलाओं की दशा-दिशा बदलने वाला कदम बताया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। “नारी शक्ति जिंदाबाद” के नारों से वातावरण गूंज उठा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:06:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना : कोविड़ जैसी अव्यवस्था अब एलपीजी संकट में भी, दिहाड़ी श्रमिकों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एलपीजी संकट की तुलना कोविड कुप्रबंधन से की है। उन्होंने कहा कि "नीति शून्य" सरकार के कारण गरीब और प्रवासी श्रमिक पलायन को मजबूर हैं। राहुल ने इसे कूटनीतिक चूक और विनिर्माण क्षेत्र की बर्बादी बताते हुए जनता से चुप्पी तोड़ने का आह्वान किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-target-on-the-center-is-chaos-like-covid/article-149249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि केंद्र के पास रसोई गैस (एलपीजी) संकट से निपटने की कोई नीति नहीं है और इस समय भी वही अवस्था देखने को मिल रही है जो देश के लोगों ने कोविड के समय देखी थी। राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "केंद्र सरकार ने कहा था-एलपीजी संकट को कोविड की तरह हैंडल करेंगे और सच में वही किया। बिल्कुल कोविड के जैसे ही नीति शून्य, घोषणा बड़ी और बोझ गरीबों पर। हर रोज 500-800 की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात को घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा शहर छोड़ो, गाँव भागो।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि जो मज़दूर कपड़ा मिल्स और फैक्टरियों की रीढ़ हैं, आज वही टूट रहे हैं। कपड़ा क्षेत्र पहले से ही गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में है। विनिर्माण क्षेत्र दम तोड़ रहा है। राहुल गांधी ने इस संकट की वजह बताते हुए कहा "और यह संकट आया कहाँ से। कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती। जब अहंकार नीति बन जाए तो अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है।"</p>
<p>उन्होंने संकट के समय लोगों को चुप नहीं रहने का आह्वान करते हुए कहा कि सवाल एक ही है कि हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है। चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 16:01:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी ने जगजीवन राम को अर्पित की श्रद्धांजलि : समानता तथा सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को किया याद, बोले-राष्ट्र के लिए उनका अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 'बाबूजी' के नाम से प्रसिद्ध जगजीवन राम को सामाजिक न्याय और समानता के प्रति उनके अटूट समर्पण के लिए याद किया गया। राष्ट्र निर्माण, रक्षा और कृषि क्षेत्रों में उनके अमूल्य योगदान को पीएम ने समावेशी शासन की प्रेरणा बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-paid-tribute-to-jagjivan-ram-and-remembered-his/article-149162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और समानता तथा सामाजिक न्याय के प्रति उनकी जीवनभर की प्रतिबद्धता को याद किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने अपना जीवन समानता और सामाजिक न्याय के उद्देश्य के लिए समर्पित कर दिया। राष्ट्र के लिए उनका अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।"</p>
<p>वर्ष 1908 में जन्मे जगजीवन राम को लोग प्यार से 'बाबूजी' कहकर पुकारते थे। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आजादी के बाद भी जीवन भर सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने आजादी के बाद रक्षा, कृषि और श्रम सहित कई प्रमुख मंत्रालय संभाले और उप-प्रधानमंत्री के रूप में भी काम किया। अपने कार्यों से वह जनसेवा और सुधार की एक स्थायी विरासत छोड़ गये। उन्होंने कहा कि हाशिए पर रहने वाले समुदायों के अधिकारों की वकालत के लिए जाने जाने वाले जगजीवन राम ने सामाजिक असमानताओं को दूर करने और समावेशी शासन को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किया। नीति निर्धारण और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को राजनीतिक हलकों में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि भारत के लोकतांत्रिक और सामाजिक ढांचे पर जगजीवन राम के स्थायी प्रभाव को दर्शाती है। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज में समानता, न्याय और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने में बाबूजी की भूमिका को याद किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 15:08:11 +0530</pubDate>
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