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                <title>असर खबर का - कृषि अवशेष जलाए तो अब वसूलेंगे जुर्माना, कृषि विभाग ने शुरू की कवायद</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने प्रमुखता से किया था समाचार प्रकाशित।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-a-fine-will-be-levied-if-agricultural-residue-is-burnt--agriculture-department-has-started-the-exercise/article-112716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कृषि अवशेषों में आग लगाने के मामलों में कृषि विभाग ने सख्ती करने का निर्णय किया है। अब खेतों में कृषि अवशेष जलाने पर सम्बंधित किसान से जुर्माना वसूल किया जाएगा। वहीं विभाग की ओर से इस सम्बंध में किसानों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ शुरू किया है, जो जिले के गांवों में घूमकर कृषि अवशेषों को नहीं जलाने के सम्बंध में समझाइश करेगा। इस दौरान गांवों में गोष्ठियां भी आयोजित की जाएगी। जिसमें किसानों को फसल अवशेषों के उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। गेहूं फसल की कटाई के बाद खेत खाली हो चुके हैं। इसके बाद किसान फसलों अवशेषों को जलाने में जुट जाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण की मात्रा भी बढ़ जाती है। अब कृषि विभाग ने इस सम्बंध में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय किया है। </p>
<p><strong>296 गांवों में घूमेगा जागरूकता रथ</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार कार्बनिक पदार्थ मृदा का एक महत्वपूर्ण घटक है जो मृदा में सूक्ष्म जीवों के लिए भोजन, नाइट्रोजन एवं सल्फर का प्राकृतिक स्त्रोत एवं मृदा की जल धारण क्षमता में वृद्धि के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। फसल अवशेषों को जलाने से यह अमूल्य पदार्थ नष्ट हो जाता है। साथ ही मृदा का तापमान बढ़ने से लाभदायक सूक्ष्म जीव मर जाते हैं एवं फसल अवशेष जलाने से भारी मात्रा में हानिकारक गैस्ंो जैसे मीथेन, कार्बन-डाई-आॅक्साइड, सल्फर डाई आॅक्साइड आदि गैसों का उत्सर्जन होता है। इसलिए फसल अवशेषों के समुचित प्रबंधन एवं फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ से कृषकों को जागरूक करने के लिए आईटीसी मिशन सुनहरा कल, संस्था एनसीएचएसई के सहयोग से जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। यह रथ अगले 15 दिनों तक जिले के 296 गांव में घूम कर लोगों को फसल अवशेष नहीं जलाने के लिए जागरूक करेगा।</p>
<p><strong>फिर भी नहीं माने तो वसूलेंगे जुर्माना </strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार कृषि अवशेषों में आग लगाने के मामलों में अब सरकार ने सम्बंधित किसानों पर जुर्माना राशि दोगुना कर दी है। अब यदि किसान फसल अवशेष जलाते हुए पाए जाते हैं तो प्रदुषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम के तहत फसल अवशेषों को जलाने पर भूमि स्वामित्व के अनुसार 5 हजार रुपए (एक एकड से कम) पर, 10 हजार रुपए, (दो से पांच एकड) पर एवं 30 हजार रुपए (पांच एकड से अधिक) पर जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए गांवों में टीमें भेजकर मॉनिटरिंग करवाई जाएगी। इस दौरान कहीं पर भी फसल अवशेष जलाने की तस्दीक होने पर कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />कृषि अवशेषों में आग लगाने के मामलों में यूं तो राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने संबंधित किसानों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश जारी कर रखे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों की पालना नहीं हो रही है। दैनिक नवज्योति में 30 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर बताया था कि खेतों की सफाई के नाम पर आए दिन किसान खेतों की नौलाइयों (फसल अवशेष) में आग लगा रहे है। जिससे दमकलकर्मियों के साथ पुलिस एवं प्रशासन की भी मशक्कत बढ़ रही है। पूर्व में ऐसे मामलों में प्रशासन ने काफी सख्ती दिखाई थी, अब कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। ऐसे में किसानों द्वारा धड़ल्ले से नौलाइयां जलाई जा रही है। नौलाइयों का धुआं स्वच्छ वायु को भी प्रदूषित कर रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>अब खेतों में कृषि अवशेष जलाने पर सम्बंधित किसान से जुर्माना वसूल किया जाएगा। वहीं विभाग की ओर से इस सम्बंध में किसानों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ शुरू किया है, जो जिले के गांवों में घूमकर कृषि अवशेषों को नहीं जलाने के सम्बंध में समझाइश करेगा।<br /><strong>- आतिश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 15:44:06 +0530</pubDate>
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