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                <title>hariyalo rajasthan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हरियालो राजस्थान अभियान : स्टूडेंट्स और शिक्षक ग्रीष्मावकाश पर, पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खोदेगा कौन</title>
                                    <description><![CDATA[अवकाश के बीच पौधारोपण की तैयारी , 21 जून तक ग्रीष्मावकाश, शिक्षक-विद्यार्थी असमंजस में।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-hariyalo-rajasthan--campaign--with-students-and-teachers-on-summer-vacation--who-will-dig-the-pits-for-tree-plantation/article-156168"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)24.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधरोपण को लेकर शिक्षा विभाग के एक पत्र ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच शिक्षकों व विद्यार्थियों की नींद उड़ा दी है। पत्र के अनुसार 20 जून से पहले स्कूल परिसर, खेल मैदान व आसपास खाली जगहों पर पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खुदवाए जाने हैं। विभाग का यह आदेश आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी भी असमंजस में पड़ गए। दरअसल, विभाग मानसून से पूर्व स्कूल परिसर, खेल मैदानों में पौधे लगाने के लिए गड्ढ़े खुदवाने के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ताकि, मानसून में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जा सके।इधर, शिक्षक संघों ने विभाग के इस आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब स्कूलों में 21 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश है तो 20 जून से पहले पौधरोपण के लिए गड्ढ़े कौन खोदेगा।</p>
<p><strong>उप शासन सचिव व निदेशक ने जारी किए निर्देश</strong><br />शिक्षा (ग्रुप-1) उप शासन सचिव आलोक जैन ने स्कूल शिक्षा परिषद के आयुक्त एवं शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर जिलावार चिह्नित स्थान एवं पौधारोपण अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद शिक्षा निदेशक ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशक व सीडीईओ को अभियान के क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश दिए हैं, कि सरकारी स्कूलों में पौधरोपण के लिए 20 जून से पहले ही गड्ढ़े तैयार करवा लें, ताकि मानसून शुरू होते ही बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जा सके।</p>
<p><strong>तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, देखरेख की जिम्मेदारी भी मिलेगी</strong><br />पौधरोपण के बाद पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए 'नो-बैग डे' पर विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे पौधों के संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। निदेशालय ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों से जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधों की उपलब्धता, नर्सरियों की पहचान तथा पौधरोपण के लिए चयनित स्थलों का विवरण निर्धारित प्रारूप में तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>यहां से होगी पौधों की उपलब्धता</strong><br />अभियान के लिए पौधों की व्यवस्था वन विभाग की नर्सरियों, स्थानीय पंचायतों, नगर निकायों, कॉपोर्रेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूलों के इको क्लब तथा अन्य उपलब्ध स्रोतों से की जाएगी।</p>
<p><strong>संस्था प्रधान एवं शिक्षक असमंजस में</strong><br />20 जून तक सभी सरकारी स्कूलों में पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने हैं। वर्तमान में स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण ना तो शिक्षक और ना ही विद्यार्थी आ रहे हैं। ऐसे में यह गड्ढ़े कौन खोदेगा। इसको लेकर संस्था प्रधान एवं शिक्षक परेशान हैं।</p>
<p><strong>अभिभावक बोले-शैक्षणिक दिनों में हो गतिविधियां</strong><br />अभिभावकों का मानना है कि पौधरोपण अभियान बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेगा, लेकिन इसके लिए गतिविधियां अवकाश के बजाय नियमित शैक्षणिक दिनों में आयोजित की जानी चाहिए ताकि अधिकतम विद्यार्थी शामिल हो सकें।</p>
<p><strong>ग्रीष्मावकाश के बाद करवाएं गड्ढ़े</strong><br />वर्तमान में सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण स्कूल बंद हैं। ऐसे में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण के लिए 20 जून तक गड्ढ़े तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके कारण असमंजस की स्थिति बन गई है। इस तिथि को आगे बढ़ाया जाएं ताकि सभी शिक्षक व विद्यार्थी हरियालो राजस्थान अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके और अधिक से अधिक पौधे लगाएं जा सकें।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p><strong>सिर्फ लक्ष्य नहीं, संसाधन भी जरूरी</strong><br />पौधरोपण के लिए गड्ढ़े तैयार करना, पौधे जुटाना, उनकी सुरक्षा और सिंचाई सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना और संसाधनों की आवश्यकता है। सरकार का प्रयास सराहनीय है लेकिन इसे व्यवहारिक बनाने के लिए यह तैयारी ग्रीष्मावकाश के बाद से की जानी चाहिए ताकि, शिक्षक व विद्यार्थी सामूहिक रूप से अभियान का हिस्सा बन सके।<br /><strong>-नवल सिंह, शिक्षक</strong></p>
<p><strong>विद्यार्थी बोले-अभियान से जुड़ने का मिले मौका</strong><br />पौधरोपण जैसे अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यदि, स्कूल खुलने के बाद पौधरोपण की तैयारी हो हमें भी अभियान से जुड़ने का अवसर मिलेगा। लेकिन, ग्रीष्मावकाश के दौरान अधिकांश छात्र बाहर छुट्टियों पर हैं। ऐसे में पौधरोपण से पूर्व की तैयारियों में भाग लेने के लिए जरूरी है कि यह प्रक्रिया ग्रीष्मावकाश के बाद की जाए।<br /><strong>-नरेंद्र प्रजापति, छात्र नयापुरा</strong></p>
<p>पौधरोपण केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति से जुड़ने का अवसर है। यदि विद्यार्थियों को पौधे लगाने, उनकी वृद्धि मापने और संरक्षण की जिम्मेदारी दी जाए तो यह व्यवहारिक शिक्षा का भी हिस्सा बन सकता है। लेकिन, यह काम गर्मियों की छुट्टियों के बाद होना चाहिए।<br /><strong>-पवन नागर, पंकज कुश्वाह, छात्र बोरखेड़ा</strong></p>
<p>कोटा जिले को 3 लाख 84 हजार 600 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। 20 जून से पूर्व गड्ढ़े तैयार करने के लिए ग्राम पंचायत, शिक्षक, विभाग के मंत्रालिक कर्मचारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। ग्रीष्मावकाश चल रहा है, किसी पर कोई दबाव नहीं है, स्कूल के आसपास रहने वाले विद्यार्थी स्वेच्छा से आकर श्रमदान कर सकते हैं।<br /><strong>-आशा मंडावत, संभागीय संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग</strong></p>
<p>विद्यालय के आसपास रहने वाले विद्यार्थी, स्काउट-गाइड, एनएसएस के बच्चे स्वेच्छा से आकर श्रमदान कर सकते हैं। वहीं, अभिभावकों, स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सम्पर्क कर सहयोग लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग से प्रस्ताव लेकर मनरेगा श्रमिकों की मदद से भी गड्ढ़े तैयार करवाए जा सकते हैं।<br /><strong>-स्नेहलता शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी कोटा शहर</strong><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:12:37 +0530</pubDate>
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                <title>6वां राज्यस्तरीय वन महोत्सव : हरियालो राजस्थान मिशन के अंतर्गत इस वर्ष लगेंगे 10 करोड़ पौधें, मुख्यमंत्री ने कहा- भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप हमने मन, वचन और कर्म से सदैव पर्यावरण की सुरक्षा की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-6th-state-level-van-mahotsav-hariyalo-rajasthan-mission-will/article-121811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/photo-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप हमने मन, वचन और कर्म से सदैव पर्यावरण की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव पर्यावरण एवं वृक्षों के संरक्षण के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इसे हम जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। प्रत्येक प्रदेशवासी अपनी मां के नाम कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, उसे परिवार का सदस्य मानकर देखभाल करें और हरियालो राजस्थान मिशन में सक्रिय भूमिका निभाएं। </p>
<p>शर्मा रविवार को जयपुर के मदाऊ स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में 76वें वन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां पार्वती और भगवान शिव को समर्पित हरियाली तीज पर वन महोत्सव मनाने का शुभ अवसर मिला है। हरियाली तीज ही नहीं, बल्कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना और उपासना से जुड़ा है। बाबा भोलेनाथ की विशेष कृपा से हमारे प्रदेश और देश में खूब बारिश हो रही है, जिससे चारों तरफ हरियाली है और खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। प्रदेश में आधे से ज्यादा बांध भर चुके हैं। यह पहली बार हुआ है कि बीसलपुर बांध जुलाई माह में ही भर गया। उन्होंने कहा कि आज किसान, मजदूर सहित सभी वर्ग खुशहाल हो रहे हैं और हमारा राजस्थान समृद्ध हो रहा है। </p>
<p>भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व<br />उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व है। प्रभु श्रीराम का सीता माता एवं लक्ष्मण जी के साथ चौदह वर्ष तक वन में रहना प्रेरणादायी है। पांडवों ने वनवास के दौरान वन में आश्रय लिया और अपनी सभी जरूरतों को वनोपजों से पूरा किया। मनुष्य किसी भी परिस्थिति में हो, वृक्षों के संग रहकर कुशल जीवनयापन कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्कंदपुराण में भी पेड़ों की महत्ता को दर्शाते हुए एक वृक्ष को दस पुत्रों के बराबर माना गया है।</p>
<p>एक दिन में ढाई करोड़ पौधें लगाने का रिकॉर्ड <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने पिछले साल हरियाली तीज के पर्व पर मिशन हरियालो राजस्थान का शुभारंभ किया था। गत वर्ष हमनें 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आज हरियाली तीज के पावन पर्व पर हम एक दिन में ढाई करोड़ पौधे लगाकर एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियालो मिशन के तहत 5 साल में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। </p>
<p>जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत अग्रणी<br />शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी हरित पहलों के माध्यम से क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लड़ाई में भारत को अग्रणी बनाने का काम किया है। भारत ने फ्रांस के साथ इंटरनेशनल सोलर अलायंस बनाकर एक सूर्य, एक दुनिया, एक ग्रिड परियोजना की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पंचामृत की सौगात दी है, जिसमें भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा की आधी जरूरतें अक्षय ऊर्जा से पूरा करने का लक्ष्य रखा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सामाजिक सरोकार के कार्य किए जा रहे हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन और एक पेड़ मां के नाम अभियान जनता से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को स्वस्थ रखने में पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम नई पीढ़ी को पर्यावरण से जोड़ने के लिए अनवरत कार्य कर रहे हैं। </p>
<p>पर्यावरण संरक्षण में राजस्थान एक मिसाल <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में जल और पर्यावरण संरक्षण की परम्परा पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। मां अमृता देवी ने अपनी तीन बेटियों समेत 363 लोगों के साथ वृक्षों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहूति दी थी। हम उनकी इस धरोहर को संरक्षित करने के लिए जोधपुर के खेजड़ली में अमृतादेवी इंडिजिनस प्लांट म्यूजियम बनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में शुद्ध प्राणवायु के लिए नगर वन भी स्थापित किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार से 22 नगर वन स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा 18 अन्य नगर वनों की स्थापना के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भिजवाए गए हैं।<br /> <br />ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए उठा रहे महत्वपूर्ण कदम<br />शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में ग्रीन कवर बढ़़ाने के क्रम में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 3 हजार 500 से अधिक स्थानीय व्यक्तियों को वन मित्र बनाया गया है। वहीं, अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और इसे हरा-भरा बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना प्रारम्भ की है। हमने हरित राजस्थान बनाने के साथ पहली बार प्रदेश में ग्रीन बजट भी पेश किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के माध्यम से जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इसके अन्तर्गत 42 हजार से ज्यादा जल स्रोतों की सफाई हुई। वहीं, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान चलाकर 45 हजार जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने ड्रोन से किया बीजारोपण<br />समारोह में मुख्यमंत्री ने सिंदूर का पौधा लगाया और ड्रोन के माध्यम से बीजारोपण भी किया। उन्होंने वन विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और रोहिड़ा पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया। उन्होंने अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार और इनोवेशन अवॉर्ड का वितरण किया। शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में जगद्गुरू रामानंदाचार्य की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के राजकीय विद्यालय में हृदय विदारक घटना हुई है। ऐसी दुखांतिका की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं पर भी जर्जर भवन दिखाई दे तो संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचना दें, ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। कार्यक्रम में पीपलोदी दुर्घटना पर दो मिनट का मौन रखा गया। </p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान को हरियाला बनाने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश एक हरित क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने कहा कि हम पौधे को लगाने के साथ ही उसके संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं, जिससे वे वृक्ष का आकार ले सके। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत ने प्रदेशभर में हरियालो राजस्थान के अंतर्गत किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। </p>
<p>समारोह में सांसद मंजू शर्मा, विधायक कैलाश चन्द वर्मा, जिला प्रमुख रमा देवी चौपड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) पवन कुमार उपाध्याय, जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. रामसेवक दुबे, राम रिछपाल दास जी महाराज, जनप्रतिनिधिगण, एनसीसी व स्कॉउट कैडेट्स, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Jul 2025 18:32:09 +0530</pubDate>
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                <title>हरियालो राजस्थान में नया कीर्तिमान : हेरिटेज निगम ने लगाए 1.94 लाख पौधे, एक पेड़ मां के नाम’ से अभियान को मिली नई ऊर्जा</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर नगर निगम हेरिटेज ने 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत नया कीर्तिमान स्थापित किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hariyalo-heritage-heritage-corporation-in-hariyalo-rajasthan-provided-new-energy/article-121782"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rajasthan-(2).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर नगर निगम हेरिटेज ने 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ प्रेरणा से निगम अब तक 1.94 लाख पौधे लगा चुका है, जिससे यह राज्यभर में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महापौर कुसुम यादव और आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने 1.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय कर टीम के साथ दो दिन की योजना बनाकर कार्य किया।</p>
<p>सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा की उपस्थिति में वार्ड 50 स्थित खड्डा पार्क में पौधरोपण हुआ। चेयरमैन पवन शर्मा, पूनम शर्मा, निगम अधिकारी, इंजीनियरों और स्वच्छता प्रहरियों समेत 4,000 से अधिक सफाईकर्मी, 300 कंप्यूटर ऑपरेटर और 500 से ज्यादा एजेंसी कार्मिकों ने भाग लिया। आयुक्त डॉ. निधि पटेल के आव्हान पर बड़ी संख्या में नागरिक भी अभियान से जुड़े हैं। चारों जोनों में पौधरोपण कार्य जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Jul 2025 16:16:13 +0530</pubDate>
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                <title>सीएस कॉन्फ्रेंस : विभागों को कार्यपालना रिपोर्ट और नवाचारों पर निर्देश, विभागों की तैयारियों का किया गया मूल्यांकन </title>
                                    <description><![CDATA["हरियालो राजस्थान" अभियान और जल शक्ति अभियान के तहत विभागों की तैयारियों का मूल्यांकन किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cs-conference-departments-instructions-on-executive-report-and-innovation/article-113210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/sudhansh-panth.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने हाल ही में आयोजित चौथी राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा के लिए विभागों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने संपर्क पोर्टल और CPGRAM पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण, लंबित विधानसभा प्रश्नों और आश्वासनों की स्थिति का तुलनात्मक आकलन किया। सीएस ने विभागों को जन सामान्य सेवाओं में नवाचार और त्वरित सेवाओं की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देने के निर्देश दिए। बैठक में 18 अप्रैल से 5 मई तक लंबित और निस्तारित ई-पत्रावलियों की प्रगति, पेंडिंग कैबिनेट नोट्स, PLS/क्लीयर्स में पेंडिंग मामलों, और नई नीतियों से संबंधित घोषणाओं की समीक्षा की गई।</p>
<p>इसके अलावा, "हरियालो राजस्थान" अभियान और जल शक्ति अभियान के तहत विभागों की तैयारियों का मूल्यांकन किया गया। सीएस ने परफॉर्मेंस इंडेक्स की विभागवार प्रगति पर विशेष जोर देते हुए इसकी समीक्षा की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि जल्द ही एक विशेष बैठक आयोजित कर कार्यपालना की समग्र प्रगति पर चर्चा की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 15:26:48 +0530</pubDate>
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