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                <title>anti naxal operation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>anti naxal operation RSS Feed</description>
                
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                <title>बीजापुर में 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: 54 लाख रुपये का ईनाम था घोषित, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी सुपुर्द की</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ की पूना मारगेम नीति से प्रभावित 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। हथियार- विस्फोटक सौंपे। सभी पर 54 लाख का इनाम था। पुनर्वास सहायता दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/12-naxalites-surrendered-in-bijapur-a-reward-of-rs-54/article-142072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)4.png" alt=""></a><br /><p>बीजापुर। छत्तीसगढ़ सरकार की पूना मारगेम पुनर्वास नीति के गुरुवार को साउथ सब जोनल ब्यूरो से संबंधित 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर उनके पद और संगठनात्मक भूमिका के अनुसार कुल 54 लाख रुपये का ईनाम घोषित था। </p>
<p>आत्मसमर्पण करने वाले कैडर में आठ महिला और चार पुरुष शामिल हैं, जिन्होंने आत्मसमर्पण करते समय तीन स्वचालित हथियार और अन्य सामग्री सुरक्षा बलों को सौंपी। यह कदम राज्य की नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद तथा विकास पर केंद्रित प्रयासों का सीधा परिणाम बताया जा रहा है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, इन कैडरों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी सुपुर्द की, जिसमें 250 जिलेटीन स्टिक, 400 डेटोनेटर, एक प्लास्टिक ड्रम गन पाउडर और एक बंडल कार्डेक्स वायर शामिल है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को 50,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। बीजापुर जिले में 01 जनवरी 2024 से अब तक 888 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जबकि 1163 गिरफ्तार और 231 विभिन्न मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। यह आंकड़ा नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की प्रगति को दर्शाता है।</p>
<p>बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि पूना मारगेम नीति लौटने वाले कैडरों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, सुंदरराज पी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि माओवादी संगठन लगातार सिमट रहा है। उन्होंने शेष माओवादियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और शांति के मार्ग पर चलने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 18:25:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ओडिशा पुलिस को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी: माओवादी कमांडर सुखराम मरकाम ने किया आत्मसमर्पण, 25 लाख का ईनाम था घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[मलकानगिरि में सीपीआई (माओवादी) कमांडर सुखराम मरकाम ने हथियार-विस्फोटकों सहित आत्मसमर्पण किया। पुलिस ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/chhattisgarh-police-got-a-big-success-against-naxalism-maoist-commander/article-141913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/naxali.jpg" alt=""></a><br /><p>मलकानगिरि। मलकानगिरि पुलिस को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। सीपीआई (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदस्य एवं कांगेरघाटी क्षेत्र के कमांडर सुखराम मरकाम ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। उसने एक एसएलआर राइफल, 12 राउंड गोला-बारूद, दो आईईडी डिवाइस, विस्फोटक वायर, माओवादी वर्दी और प्रचार साहित्य सहित कुल 15 प्रकार की सामग्री पुलिस को सौंपी है। यह एकल आत्मसमर्पण में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक मानी जा रही है।</p>
<p>सुखराम मरकाम का संगठन से सफर 15 साल पुराना है। वह जून 2010 में बालसभा गठन के सदस्य के रूप में शामिल हुआ और धीरे-धीरे कांगेरघाटी क्षेत्र का कमांडर बना। उसे अगस्त 2014 में 15 दिन का बुनियादी प्रशिक्षण और जून 2019 से जनवरी 2020 तक माओवादी विचारधारा, मानचित्र पठन आदि का उन्नत प्रशिक्षण मिला। बाद में उसे दुर्भा डिवीजन की मोबाइल अकादमिक स्कूल टीम में ग्रामीणों को भर्ती करने का जिम्मा दिया गया।</p>
<p>पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुखराम पिछले एक दशक में कम से कम 12 गंभीर घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इनमें 11 अप्रैल 2015 को माथिली थानांतर्गत बारा गांव के ग्रामीणों पर हमला, 23 नवंबर 2015 को बेंगपाल मोड़ पर पुलिस के साथ मुठभेड़, 4 मार्च 2016 को कुमाकोलेंग क्षेत्र में सशस्त्र डकैती, 4 नवंबर 2016 को सौतानार गांव में एक नागरिक की हत्या और सितंबर 2017 में दलदली गांव के पास आईईडी विस्फोट शामिल हैं। इसके अलावा 5 जुलाई 2018 को दामनकोंटा गांव के पास नागरिक हत्या, नवंबर 2018 में दंतेवाड़ा में पुलिस मुठभेड़, 2 अक्टूबर 2019 को दंदीपदार जंगल में पुलिस गश्ती दल पर विस्फोट, 14 सितंबर 2021 को नयापारा क्षेत्र में अपहरण व हत्या, 17 जनवरी 2022 को दलदली क्षेत्र में नागरिक हत्या और मार्च 2023 में सुकमा जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ की घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता बताई गई है।</p>
<p>इस आत्मसमर्पण के पीछे ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पुलिस प्रशासन की लगातार अपील, सुरक्षा बलों का बढ़ा दबाव, संगठन की विचारधारा से मोहभंग, स्थानीय समर्थन में कमी और राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति को प्रमुख कारण माना जा रहा है। ओडिशा सरकार की नीति के तहत सुखराम मारकम को कुल 21 लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी। उसे पहले ही 25,000 रुपये की तात्कालिक राहत राशि दी जा चुकी है। भविष्य में अंत्योदय गृह योजना के तहत आवास, 25,000 रुपये का विवाह प्रोत्साहन, नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण के साथ 36 माह तक 10,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य बीमा और सब्सिडी वाला राशन जैसे लाभ भी मिलेंगे।</p>
<p>ओडिशा पुलिस के महानिदेशक ने इस अवसर पर अन्य भूमिगत माओवादियों से भी शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को पूर्ण सुरक्षा और पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। इस आत्मसमर्पण को मलकानगिरि जिले को नक्सल-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 14:46:49 +0530</pubDate>
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                <title>सुरक्षा बलों द्वारा बड़े स्तर पर चलाया जा रहा नक्सल-विरोधी ऑपरेशन, मुठभेड़ में 22 नक्सलियों को किया ढेर </title>
                                    <description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ के बीजापुर की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर जारी ‘नक्सल उन्मूलन ऑपरेशन’ के 16वें दिन बुधवार को सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/anti-naxal-operations-being-carried-out-by-security-forces-security-forces/article-113357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/naxli-2.png" alt=""></a><br /><p>बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर जारी ‘नक्सल उन्मूलन ऑपरेशन’ के 16वें दिन बुधवार को सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। उन्होंने मुठभेड़ में 20 से 22 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया। इनमें से अब तक 18 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। नक्सलियों के मूवमेंट की पुष्टि ड्रोन कैमरे से लिए फोटो में भी हो रही है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आखिरी गढ़ कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर जमा नक्सलियों को सुरक्षाबलो ने चौतरफा घेरे हुए हैं। इस ऑपरेशन पर दिल्ली से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक (डीजी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भी नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p>इसके अलावा छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) (नक्सल ऑप्श) विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (आईजी) राकेश अग्रवाल व बस्तर के आईजी पी. सुंदरराज भी मुठभेड़ की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उम्मीद है शाम तक जवान ऐतिहासिक सफलता की ओर बढ़ सकते हैं। नक्सलियों को उनके मांद में डीआरजी कोबरा, सीआरपीएफ और एसटीएफ़ के बहादुर जवान मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ी के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ अभी जारी है। सुरक्षा बलों द्वारा बड़े स्तर पर नक्सल-विरोधी ऑपरेशन चलाया जा रहा है।</p>
<p>बीजापुर जिले और उससे सटे तेलंगाना सीमा पर पिछले 16 दिनों नक्सली अभियान जारी है। इस अभियान के तहत बुधवार सुबह से पुलिस और नक्सलियों के बीच भारी गोलाबारी हो रही है। छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि अब तक पुलिस ने 18 नक्सलियों के शव बरामद किए है। गोली बारी जारी है। इधर बस्तर रेंज के आईजी पी सुंदरराज ने जारी बयान में कहा है कि आज ऑपरेशन संकल्प के अच्छे परिणाम की अपेक्षा है। सभी सुरक्षाबल सुरक्षित हैं और बस्तर क्षेत्र को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। चूंकि ऑपरेशन प्रगति पर है सुरक्षा कारणों से इस समय संपूर्ण जानकारी साझा नहीं की जा सकती। उपयुक्त समय पर अधिकृत पदाधिकारी आवश्यक जानकारी साझा करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 May 2025 18:55:41 +0530</pubDate>
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